Kolkata में भगदड़ की घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस हादसे में 19 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि 5 लोग ICU में भर्ती हैं। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
गृह मंत्री अमित शाह भी घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे। वहीं, इस घटना के बाद पंडाल की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जिस पंडाल में यह हादसा हुआ, उसे घटना से दो दिन पहले ही राज्य सरकार की ओर से अवॉर्ड दिया गया था।
क्या है Kolkata Stampede की वजह?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 17 अक्टूबर की शाम उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ के बीच भगदड़ मची। उस समय बारिश भी हो रही थी। बताया जा रहा है कि प्रवेश और निकास के रास्तों पर भीड़ बढ़ने से स्थिति बिगड़ गई। एक घोषणा के बाद लोगों में घबराहट फैलने की बात भी सामने आई है। हालांकि, हादसे के सही कारणों की जांच जारी है।
7 लोगों की गिरफ्तारी, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
पुलिस ने मामले में पूजा समिति से जुड़े पदाधिकारियों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पंडाल निर्माण, भीड़ प्रबंधन और निजी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोग भी शामिल हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं।
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घायलों से मिले अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचकर घायलों से मिले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों तथा घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। राज्य सरकार ने भी पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और घटना की जांच कराने की बात कही है।
दो दिन पहले मिला था पंडाल को अवॉर्ड
इस हादसे के बाद चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल को लेकर एक और अहम जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार ने घटना से पहले इस पूजा आयोजन को ‘देवी दुर्गा सम्मान 2026’ से सम्मानित किया था। अब हादसे के बाद पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन से जुड़े इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं।










































