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भरतपुर: REET में पास कराने के नाम पर लिए 5 लाख, पैसे वापस मांगने पर ठेकेदार की हत्या; 14 महीने बाद हुआ खुलासा

भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में करीब 14 महीने पहले लापता हुए ठेकेदार प्रहलाद बैरवा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, REET-2021 परीक्षा में प्रहलाद की पत्नी को पास कराने का झांसा देकर 5 लाख रुपये लेने के बाद जब आरोपी रकम लौटाने के दबाव में आए तो उन्होंने प्रहलाद की हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर धौलपुर के जंगल से शव के अवशेष भी बरामद किए गए हैं। कोर्ट जाते समय हुए थे लापता भरतपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश मीणा ने बताया कि वैर निवासी ठेकेदार प्रहलाद बैरवा 26 मार्च 2025 को कोर्ट जाने के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। अगले दिन उनकी पत्नी पूनम बैरवा ने वैर थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया था। मामले की जांच के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गईं, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इस दौरान परिजनों ने कई बार प्रदर्शन कर मामले के खुलासे की मांग भी की थी। REET में पास कराने का झांसा बना हत्या की वजह पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 में पूनम बैरवा REET परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान आरोपी धर्मेंद्र जाखड़ ने परीक्षा में पास कराने का दावा करते हुए प्रहलाद से 5 लाख रुपये ले लिए। जब परीक्षा का परिणाम आया और पूनम सफल नहीं हुईं तो प्रहलाद ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, लगातार पैसों की मांग से परेशान होकर धर्मेंद्र ने अपने साथी विनोद मीणा के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। अपहरण के बाद जंगल में की हत्या पुलिस के अनुसार, 26 मार्च 2025 को आरोपियों ने प्रहलाद का कथित रूप से अपहरण कर उन्हें धौलपुर के जंगल में ले गए, जहां गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में दफना दिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से शव के अवशेष बरामद किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद खुला राज जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की, लेकिन वे लगातार गुमराह करते रहे। इसके बाद पॉलीग्राफ टेस्ट कराया गया। पुलिस का कहना है कि टेस्ट के बाद आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार की, जिसके आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अन्य लेन-देन की भी जांच जारी पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आर्थिक लेन-देन के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। वहीं, करीब 25 दिन पहले एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान प्रहलाद की पत्नी पूनम बैरवा ने आरोप लगाया था कि उनके पति ने धर्मेंद्र जाखड़ को 4.50 लाख रुपये और राजेश कुमार गर्ग को 15 लाख रुपये उधार दिए थे। उन्होंने दावा किया कि रकम वापस मांगने को लेकर पहले से विवाद चल रहा था और इस संबंध में धोखाधड़ी का मामला भी अदालत में विचाराधीन है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। राजस्थान, अपराध और देश की ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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बस्तर: रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने आरोपी से जेल में रचाई शादी, कोर्ट की अनुमति से लिए सात फेरे

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने बाद में उसी युवक से कोर्ट की अनुमति के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल में विवाह कर लिया। शादी वैदिक रीति-रिवाजों से जेल परिसर में कराई गई, जिसमें दोनों परिवारों के सदस्य, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और जेल प्रशासन मौजूद रहे। हालांकि, विवाह के बाद भी युवक को जेल से रिहाई नहीं मिली है। वह न्यायिक हिरासत में रहेगा और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उसकी रिहाई पर फैसला होगा। प्रेम संबंध से शुरू हुई कहानी, कानूनी विवाद तक पहुंची जानकारी के अनुसार, मनमती कश्यप और सुरेश सेठिया जगदलपुर के एक पेट्रोल पंप पर साथ काम करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों विवाह करना चाहते थे, लेकिन युवक के परिजनों ने इस रिश्ते का विरोध किया। युवती का आरोप है कि सुरेश ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में परिवार के दबाव में शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद युवती ने परपा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवक को गिरफ्तार किया। SC/ST एक्ट सहित अन्य धाराएं लगने के कारण वह पिछले सात महीने से जेल में बंद है। जेल में भी मिलती रही युवती जेल में बंद रहने के दौरान मनमती कई बार सुरेश से मिलने पहुंची। दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने और विवाह करने का निर्णय लिया। इसके बाद युवती ने अधिवक्ता की मदद से अदालत में आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि दोनों अपनी इच्छा से विवाह करना चाहते हैं। अदालत ने आवेदन पर सुनवाई के बाद जेल प्रशासन को नियमों के अनुसार विवाह कराने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश पर जेल में सजा मंडप कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल परिसर में विवाह की तैयारियां की गईं। जेल प्रशासन ने मंडप बनवाया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोनों का विवाह संपन्न कराया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। विवाह समारोह में दोनों परिवारों के सदस्य, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। युवती बोली- समाज में सम्मान बचाने के लिए दर्ज कराई थी FIR मनमती कश्यप ने बताया कि जब सुरेश ने शादी से इनकार किया तो समाज में उनकी बदनामी हुई और इसी कारण उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बाद में दोनों के बीच बातचीत हुई और उन्होंने आपसी सहमति से विवाह करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि अब उनकी इच्छा है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके पति जल्द जेल से बाहर आएं। युवक ने कहा- अब दोनों ने मिलकर लिया फैसला सुरेश सेठिया ने कहा कि पारिवारिक विरोध के कारण स्थिति बिगड़ गई थी। बाद में दोनों ने बातचीत कर विवाद सुलझाया और अदालत की अनुमति से शादी कर ली। उन्होंने कहा कि अब वे कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। जेल अधीक्षक बोले- पहली बार हुआ ऐसा विवाह जगदलपुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक एस.एल. नायर ने बताया कि जेल में विवाह का यह पहला मामला है। अदालत के आदेश और जेल नियमावली के तहत सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर विवाह कराया गया। वहीं, अधिवक्ता अवधेश झा ने बताया कि दोनों बालिग हैं और संयुक्त आवेदन के आधार पर विशेष न्यायालय ने विवाह की अनुमति दी थी। छत्तीसगढ़, बस्तर और देश की ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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गुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में दो चोरी की वारदात, यात्रियों के लाखों के सामान पर हाथ साफ

गुना। मध्य प्रदेश के गुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में चोरी की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। दोनों मामलों में अज्ञात चोर यात्रियों के सिरहाने रखे लेडीज पर्स चोरी कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर जीआरपी थाना गुना ने दोनों प्रकरणों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना: लाखों के जेवर, मोबाइल और नकदी चोरी पहली घटना में रीवा जिले के बदराव निवासी पंकज चतुर्वेदी अपनी पत्नी अपर्णा और बच्चों के साथ ट्रेन संख्या 08611 से दमोह से कोटा (सोगरिया) की यात्रा कर रहे थे। बताया गया कि तड़के करीब 4:15 बजे, जब ट्रेन गुना रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी बी-1 कोच की सीट नंबर 7 पर सो रही उनकी पत्नी के सिरहाने रखा लेडीज पर्स चोरी हो गया। पीड़ित के अनुसार पर्स में सोने की एक चेन, तीन सोने की अंगूठियां, तीन मोबाइल फोन, एक हाथ घड़ी और 6 हजार रुपये नकद रखे थे। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार चोरी गए सामान की कीमत करीब 2.75 लाख रुपये आंकी जा रही है। वहीं एफआईआर में सोने की चेन, तीन अंगूठियों की कीमत 62 हजार रुपये तथा नकदी का उल्लेख किया गया है। चोरी हुए मोबाइल में वनप्लस 9 प्रो, ओप्पो और वीवो कंपनी के फोन शामिल हैं। पीड़ित ने पहले कोटा जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई थी। घटना गुना रेलखंड की होने के कारण मामला जीआरपी थाना गुना को स्थानांतरित कर दिया गया। दूसरी घटना: नकदी और मोबाइल लेकर फरार हुए चोर दूसरे मामले में भिंड निवासी धर्मेंद्र सिंह मौर्य (39) अपनी पत्नी के साथ ट्रेन संख्या 11085 के एस-1 कोच में ग्वालियर की यात्रा कर रहे थे। गुना स्टेशन के पास उनकी नींद खुली तो सिरहाने रखा लेडीज पर्स गायब मिला। पर्स में करीब 16 हजार रुपये कीमत के दो मोबाइल, 7,200 रुपये नकद और कई जरूरी दस्तावेज रखे थे। इस मामले में पहले ग्वालियर जीआरपी में शून्य एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे बाद में जांच के लिए जीआरपी थाना गुना भेज दिया गया। जीआरपी ने शुरू की जांच जीआरपी थाना गुना ने दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(सी) के तहत प्रकरण दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में लगे सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। मध्य प्रदेश, गुना और रेलवे से जुड़ी ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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जबलपुर में साले ने जीजा को मारा चाकू:पीठ में जाकर धंसा, अस्पताल पहुंचा घायल;डॉक्टर ने ऑपरेशन कर निकाला बाहर, आरोपी फरार

शहर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। 28 वर्षीय युवक पर उसके ही सगे साले ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। चाकू युवक की पीठ में धंस गया, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पीठ में धंसे चाकू के साथ घायल को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने चाकू निकालकर उसकी जान बचाई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। रास्ते में रोका, फिर चाकू से किया हमला लॉर्डगंज थाना क्षेत्र के यादव कॉलोनी से आगे कछपुरा ओवरब्रिज के पास गुरुवार रात शिवनगर निवासी संतोष ठाकुर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनके सगे साले पीयूष ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। दोनों के बीच पहले कहासुनी और गाली-गलौज हुई। विवाद बढ़ने पर पीयूष ने चाकू निकालकर संतोष की पीठ पर वार कर दिया। हमला इतना जोरदार था कि चाकू पीठ में ही फंस गया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया घटना के बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। लॉर्डगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो संतोष गंभीर रूप से घायल थे और उनकी पीठ में चाकू धंसा हुआ था। लगातार खून बह रहा था। पुलिस ने बिना देर किए घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर चाकू निकाल दिया। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल घायल की हालत खतरे से बाहर है। परिवारिक विवाद बनी वजह पुलिस के मुताबिक संतोष ठाकुर शिवनगर के निवासी हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किसी पारिवारिक विवाद को लेकर साले और जीजा के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद पीयूष ने हमला कर दिया। आरोपी की तलाश जारी लॉर्डगंज थाना पुलिस ने घायल की शिकायत पर आरोपी पीयूष के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपी की तलाश कर रही है। जबलपुर में एक 28 वर्षीय युवक को उसके ही सगे साले ने चाकू से हमला कर गंभीर घायल कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तो मौके से फरार हो गया, पर घायल ने हिम्मत नहीं हारी और पीठ में फंसे चाकू के साथ थाने पहुंचा, जिसे पुलिस फौरन इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आई, जहां आपरेशन के बाद उसके शरीर से डाक्टरों की टीम ने चाकू निकालकर उसकी जान बचाई। इधर पुलिस ने घायल की शिकायत पर हमलावर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
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गुना में खिलौना व्यापारी के बेटे का 12 घंटे में रेस्क्यू, अपहरण के दो आरोपी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के गुना में खिलौना व्यापारी के बेटे के अपहरण के मामले में कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर युवक को सकुशल मुक्त करा लिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार भी जब्त कर ली है। उधारी के बहाने बुलाकर किया अपहरण पुलिस के अनुसार महालक्ष्मी नगर निवासी वीर सिंह रजक ने 21 जुलाई को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनका 24 वर्षीय बेटा नीतेश रजक खिलौनों का कारोबार करता है और राजस्थान के धौलपुर स्थित एक फैक्ट्री से माल मंगाता था। इसी सिलसिले में उसका धौलपुर निवासी शिवम शर्मा से पैसों का लेनदेन था। आरोप है कि 20 जुलाई की रात शिवम शर्मा ने उधारी का हिसाब चुकाने के बहाने नीतेश को जयस्तंभ चौराहे पर बुलाया। वहां शिवम और उसके साथी ने उसे जबरन कार में बैठाकर अपहरण कर लिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 140(3) के तहत मामला दर्ज किया। एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हितिका वासल ने तत्काल विशेष टीम का गठन किया। कोतवाली थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से तलाश शुरू की। सटीक सूचना मिलने पर पुलिस ने 21 जुलाई की रात ही कार्रवाई कर नीतेश रजक को सकुशल बरामद कर लिया। दो आरोपी गिरफ्तार, कार जब्त पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धौलपुर (राजस्थान) निवासी शिवम शर्मा (28) और गंजबासौदा (विदिशा) निवासी यशवंत सिंह दांगी (35) के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार (एमपी-07-सीजे-6951) भी जब्त कर ली गई है। पुलिस मामले में आगे की पूछताछ कर रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा, एएसआई हरिचरण मीना, प्रधान आरक्षक दिलीप सेन तथा आरक्षक अजय सिकरवार और हाकिम सिंह की अहम भूमिका रही।
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भोपाल के 30 इलाकों में आज 2 से 6 घंटे तक बिजली कटौती, मेंटेनेंस के चलते रहेगी सप्लाई बाधित

भोपाल के करीब 30 इलाकों में शुक्रवार को 2 से 6 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। मध्य प्रदेश बिजली वितरण कंपनी द्वारा निर्धारित मेंटेनेंस कार्य के चलते अलग-अलग क्षेत्रों में तय समय के अनुसार बिजली बंद रहेगी। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे बिजली से जुड़े जरूरी काम पहले ही निपटा लें। बिजली कटौती का असर राजीव नगर, वाल्मी, भवानी धाम, आकृति ईको सिटी, सागर एवेन्यू, टेक्नोलॉजी पार्क, झील नगर, वर्धमान ग्रीन सिटी समेत कई प्रमुख इलाकों पर पड़ेगा। इन इलाकों में रहेगी बिजली बंद बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि मेंटेनेंस कार्य पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
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इंदौर को मिला मध्यप्रदेश का पहला डबल लेयर फ्लाईओवर, CM मोहन यादव ने किया लोकार्पण

मध्यप्रदेश को गुरुवार को अपना पहला डबल लेयर फ्लाईओवर मिल गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के लवकुश चौराहा स्थित 175 करोड़ रुपये की लागत से तैयार डबल लेयर फ्लाईओवर की पहली भुजा का लोकार्पण किया। इसके साथ ही अरविंदो क्षेत्र से बाणगंगा की ओर वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है और विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह फ्लाईओवर इंदौर-उज्जैन मार्ग पर बढ़ते यातायात को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में तेजी से अधोसंरचना का विकास हो रहा है। इस फ्लाईओवर से यात्रा का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी, ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और लोगों को सुरक्षित व सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलेगी। तीन स्तर की यातायात व्यवस्था इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी त्रिस्तरीय यातायात व्यवस्था है। पहले स्तर पर सामान्य सड़क यातायात, दूसरे स्तर पर मौजूदा फ्लाईओवर और मेट्रो कॉरिडोर, जबकि तीसरे स्तर पर नया डबल लेयर फ्लाईओवर बनाया गया है। इससे लवकुश चौराहे पर वाहनों का दबाव काफी कम होगा। 1450 मीटर लंबा फ्लाईओवर इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा निर्मित यह फ्लाईओवर करीब 1450 मीटर लंबा है। इसके निर्माण में 22 मीटर की ऊंचाई पर 65 मीटर लंबे और 24 मीटर चौड़े स्पान पर दो-दो 400 टन वजनी स्टील बो-स्ट्रिंग गर्डर लगाए गए हैं। परियोजना में कुल 800 टन स्टील का उपयोग किया गया है, जो इसे प्रदेश की प्रमुख इंजीनियरिंग उपलब्धियों में शामिल करता है। दूसरी भुजा अंतिम चरण में फिलहाल फ्लाईओवर की एक भुजा यातायात के लिए खोल दी गई है। दूसरी भुजा का निर्माण अंतिम चरण में है और इसके पूरा होते ही दोनों दिशाओं में यातायात पूरी तरह सुचारु हो जाएगा। सिंहस्थ-2028 को मिलेगा लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फ्लाईओवर केवल वर्तमान ट्रैफिक की समस्या को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुसार बनाया गया है। सिंहस्थ-2028 के दौरान इंदौर और उज्जैन के बीच श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। UCC पर भी बोले मुख्यमंत्री लोकार्पण के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता (UCC) पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि UCC लागू होने के बाद विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था होगी। इसका उद्देश्य संविधान की भावना के अनुरूप सभी को समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने UCC पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए करीब दो महीने तक अभियान चलाया, जिसमें साढ़े तीन करोड़ से अधिक लोगों से सुझाव लिए गए। Read More:deshharpal.com
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इंदौर में छात्र आंदोलन को मिला कांग्रेस का समर्थन, दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी धरने में पहुंचे

इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर चल रहे छात्र आंदोलन को बुधवार रात कांग्रेस का खुला समर्थन मिला। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी धरना स्थल पहुंचे और छात्रों के बीच बैठकर उनके आंदोलन में शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। टंट्याभील चौराहे पर पिछले कई दिनों से छात्र शिक्षा व्यवस्था, कथित पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद इंदौर में भी आंदोलन तेज हो गया है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र धरना स्थल पर पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार रात दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी ने छात्रों के बीच बैठकर आंदोलन का समर्थन किया। उनके साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पिछले 25 दिनों से यह मांग उठा रही है और उन्होंने स्वयं 21 जून को भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी थी। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री की 17 करोड़ की संपत्ति का खुलासा, लोकायुक्त जांच में आय से 627% अधिक संपत्ति मिली

मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के खिलाफ लोकायुक्त की जांच में आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़े खुलासे हुए हैं। इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना समेत 9 ठिकानों पर हुई छापामार कार्रवाई के बाद लोकायुक्त ने प्रारंभिक जांच में उनके और उनके परिवार के नाम पर करीब 17 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति और निवेश का पता लगाया है। लोकायुक्त के अनुसार, शिवराम सेमिल ने 33 वर्षों की सरकारी सेवा में लगभग 2 करोड़ रुपये की वैध आय अर्जित की, जबकि अब तक सामने आई संपत्तियों और निवेश का मूल्य करीब 17 करोड़ रुपये आंका गया है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह उनकी वैध आय से लगभग 627 प्रतिशत अधिक है। जांच के दौरान पीथमपुर सेक्टर-3 स्थित ‘शुभम इलेक्ट्रिकल’ नामक ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई मिली, जिसकी अनुमानित कीमत 1.06 करोड़ रुपये है। इसी क्षेत्र में एक अन्य औद्योगिक इकाई (करीब 71 लाख रुपये) और धार जिले के उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र में एसएस इलेक्ट्रिकल्स नामक फैक्ट्री भी मिली, जिसकी अनुमानित कीमत 2.06 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा कृष्णा पावर नाम से निर्माणाधीन फैक्ट्री में भी करीब 10 लाख रुपये का निवेश सामने आया है। लोकायुक्त को इंदौर के अंजली नगर में फैक्ट्री और कार्यालय परिसर, पीथमपुर में मशीनरी व औद्योगिक निवेश, मुरैना में मकान, इंदौर की सिलिकॉन सिटी में आलीशान तीन मंजिला मकान, एक अन्य निर्माणाधीन भवन, लग्जरी कार और अन्य अचल संपत्तियों की जानकारी भी मिली है। सिलिकॉन सिटी स्थित निर्माणाधीन भवन पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक आकलन है। संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और दस्तावेजों का विस्तृत सत्यापन अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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भोपाल में अरेरा हिल्स थाना प्रभारी और आरक्षक निलंबित, महिला से अनैतिक संबंध के आरोपों पर विभागीय जांच शुरू

भोपाल पुलिस कमिश्नर ने अरेरा हिल्स थाना प्रभारी सुनील शर्मा और आरक्षक नंदकिशोर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्रवाई एक युवक की शिकायत के बाद की गई, जिसमें थाना प्रभारी पर शिकायतकर्ता की पत्नी से कथित अनैतिक संबंध रखने, पद का दुरुपयोग करने और आरक्षक पर सहयोग करने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायतकर्ता ने पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत के साथ कुछ कथित साक्ष्य भी सौंपे थे। प्रारंभिक परीक्षण में मामला गंभीर और दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरक्षक नंदकिशोर को थाना प्रभारी की गतिविधियों की जानकारी थी और उसने महिला पर दबाव बनाने में भी कथित भूमिका निभाई। इन आरोपों की सत्यता की जांच अब विभागीय स्तर पर की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सुनील शर्मा के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। जांच में पुलिस आचरण नियमों के उल्लंघन, पद के दुरुपयोग और अन्य आरोपों की विस्तृत पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। डीसीपी विकास सेहवाल ने बताया कि महिला के पति की शिकायत पर प्रारंभिक जांच में दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।
BSF

BSF Action: कच्छ के Sir Creek में पकड़े गए 4 Pakistani Fishermen

गुजरात के कच्छ से भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सर क्रीक के संवेदनशील इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ लिया। इस दौरान उनकी फाइबर से बनी मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चारों मछुआरे कथित तौर पर केकड़े पकड़ने के लिए भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुए थे। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई। घटना के बाद एक बार फिर कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मछुआरों के भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। BSF ने कैसे पकड़े चार पाकिस्तानी मछुआरे? India Today की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, BSF को सूचना मिली थी कि कुछ पाकिस्तानी मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद जवानों ने सर क्रीक इलाके में कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए मछुआरों की पहचान कादिर थैमोर, मुहम्मद मूसा, अजगर थैमोर और अहसान जाट के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चारों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान उनकी फाइबर की नाव भी जब्त की गई। फिलहाल, पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। आखिर क्या है मछुआरों का अपराध? इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि चारों मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में क्यों पहुंचे थे। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि वे केकड़े पकड़ने के लिए सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। भारत के जलक्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना या वहां अवैध रूप से मछली पकड़ना संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तय होगी। अभी तक सामने आई रिपोर्ट में चारों मछुआरों के जासूसी या किसी अन्य गंभीर गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को लेकर किसी अपुष्ट दावे को तथ्य मानना सही नहीं होगा। कच्छ का Sir Creek इलाका क्यों है संवेदनशील? गुजरात का कच्छ क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा के पास स्थित है। सर क्रीक एक ज्वारीय जलमार्ग है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और दलदली इलाके के कारण सीमा पर निगरानी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए नावों की आवाजाही होती है। समुद्री सीमा के आसपास होने के कारण किसी दूसरे देश की नाव का भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन जाता है। BSF यहां नियमित गश्त और निगरानी करती है। संदिग्ध नाव या गतिविधि दिखाई देने पर जवान संबंधित लोगों से पूछताछ करते हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। Kutch Border पर हाल की घटनाओं से बढ़ी निगरानी कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में अक्टूबर 2026 के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों और नावों से जुड़े दूसरे मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं। 19 अक्टूबर को कोटेश्वर के पास क्रीक क्षेत्र में गश्त के दौरान BSF ने एक पाकिस्तानी नागरिक को नाव के साथ पकड़ा था। शुरुआती जांच में नाव से मछली पकड़ने के उपकरण मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाए जाने की खबर भी सामने आई। 20 अक्टूबर को कच्छ के लखपत और आसपास के क्रीक क्षेत्र से जुड़ी अन्य घटनाओं की भी रिपोर्ट आई थी। इन मामलों में नावों, पाकिस्तानी नागरिकों और तलाशी अभियान का जिक्र किया गया था। हालांकि, ये अलग-अलग घटनाएं हैं और इन्हें 25 अक्टूबर को पकड़े गए चार मछुआरों के मामले से अलग समझना जरूरी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच समुद्री सीमा पर निगरानी का महत्व बढ़ जाता है। फिर भी, केवल इन घटनाओं के आधार पर किसी बड़ी साजिश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। क्या पाकिस्तानी नाव से कोई संदिग्ध सामान मिला? 25 अक्टूबर की घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्ट में फाइबर की नाव जब्त किए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, नाव से किसी हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामान की बरामदगी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल ऐसी किसी बरामदगी का दावा नहीं किया जा सकता। आगे की जांच में नाव, मछुआरों की गतिविधियों और भारतीय जलक्षेत्र में उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है। अब आगे क्या होगा? चारों मछुआरों को पकड़े जाने के बाद अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित अधिकारी उनकी पहचान, भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश की परिस्थितियों और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BSF ने गुजरात के कच्छ स्थित सर क्रीक इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा है और उनकी नाव जब्त की है। वे भारतीय जलक्षेत्र में किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में BSF की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। मामले में आधिकारिक अपडेट आने पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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