मध्यप्रदेश को गुरुवार को अपना पहला डबल लेयर फ्लाईओवर मिल गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के लवकुश चौराहा स्थित 175 करोड़ रुपये की लागत से तैयार डबल लेयर फ्लाईओवर की पहली भुजा का लोकार्पण किया। इसके साथ ही अरविंदो क्षेत्र से बाणगंगा की ओर वाहनों का आवागमन शुरू हो गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है और विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह फ्लाईओवर इंदौर-उज्जैन मार्ग पर बढ़ते यातायात को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में तेजी से अधोसंरचना का विकास हो रहा है। इस फ्लाईओवर से यात्रा का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी, ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और लोगों को सुरक्षित व सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलेगी।
तीन स्तर की यातायात व्यवस्था
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी त्रिस्तरीय यातायात व्यवस्था है। पहले स्तर पर सामान्य सड़क यातायात, दूसरे स्तर पर मौजूदा फ्लाईओवर और मेट्रो कॉरिडोर, जबकि तीसरे स्तर पर नया डबल लेयर फ्लाईओवर बनाया गया है। इससे लवकुश चौराहे पर वाहनों का दबाव काफी कम होगा।
1450 मीटर लंबा फ्लाईओवर
इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा निर्मित यह फ्लाईओवर करीब 1450 मीटर लंबा है। इसके निर्माण में 22 मीटर की ऊंचाई पर 65 मीटर लंबे और 24 मीटर चौड़े स्पान पर दो-दो 400 टन वजनी स्टील बो-स्ट्रिंग गर्डर लगाए गए हैं। परियोजना में कुल 800 टन स्टील का उपयोग किया गया है, जो इसे प्रदेश की प्रमुख इंजीनियरिंग उपलब्धियों में शामिल करता है।
दूसरी भुजा अंतिम चरण में
फिलहाल फ्लाईओवर की एक भुजा यातायात के लिए खोल दी गई है। दूसरी भुजा का निर्माण अंतिम चरण में है और इसके पूरा होते ही दोनों दिशाओं में यातायात पूरी तरह सुचारु हो जाएगा।
सिंहस्थ-2028 को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फ्लाईओवर केवल वर्तमान ट्रैफिक की समस्या को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुसार बनाया गया है। सिंहस्थ-2028 के दौरान इंदौर और उज्जैन के बीच श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
UCC पर भी बोले मुख्यमंत्री
लोकार्पण के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता (UCC) पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि UCC लागू होने के बाद विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था होगी। इसका उद्देश्य संविधान की भावना के अनुरूप सभी को समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने UCC पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए करीब दो महीने तक अभियान चलाया, जिसमें साढ़े तीन करोड़ से अधिक लोगों से सुझाव लिए गए।
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