रायपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद राजधानी रायपुर में छात्र-युवाओं ने खुशी जाहिर करते हुए जश्न मनाया। डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर एकत्रित प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इसे लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत बताया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देशभर के छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही मांग आखिरकार सरकार तक पहुंची। उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति की हार या जीत नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लाखों छात्रों और युवाओं की आवाज की जीत है।
छात्रों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग लगातार उठाई जाती रही है। उनका मानना है कि यह घटनाक्रम छात्रों के लंबे संघर्ष का महत्वपूर्ण परिणाम है।
पहले भी हुआ था आंदोलन और भूख हड़ताल
रायपुर में हाल ही में विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया था। इस दौरान एनएसयूआई के पांच कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे थे।
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने खून से “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” लिखकर विरोध दर्ज कराया था। उस समय केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग आंदोलन का प्रमुख मुद्दा रही।
अब शिक्षा सुधार की मांग तेज
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल इस्तीफा नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार सुनिश्चित करना है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाएं, परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी एवं ठोस कदम उठाए जाएं।
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