रायपुर। नवा रायपुर के नकटी गांव में तोड़फोड़ और विस्थापन के मुद्दे पर कांग्रेस ने अपना अगला कदम तय कर लिया है। इस मामले को लेकर गठित कांग्रेस समिति की बैठक में चार अहम फैसले लिए गए। पार्टी ने प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए राज्यपाल को दोबारा अनुरोध पत्र भेजने, कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और विस्थापितों को उसी स्थान पर मकान देने की मांग दोहराई है।
बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि घटना को लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन राज्य सरकार अब तक प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और राहत को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं ले सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार कलेक्टर, राज्यपाल और सरकार के मंत्रियों तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं। लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बारिश के मौसम में कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
दीपक बैज ने बताया कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पहले भी प्रभावित परिवारों के साथ राज्यपाल से मिला था। उस समय राज्यपाल ने विधानसभा सत्र के बाद मुख्यमंत्री से चर्चा कर समाधान निकालने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई।
कांग्रेस समिति के चार प्रमुख फैसले
बैठक में तय किया गया कि नकटी विस्थापन मामले के समाधान के लिए राज्यपाल को दोबारा अनुरोध पत्र भेजा जाएगा। प्रभावित परिवारों की कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए कांग्रेस के विधि विभाग की पांच सदस्यीय टीम गठित की जाएगी, जो पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक पहलुओं पर काम करेगी।
इसके अलावा पार्टी ने मांग की है कि जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें उसी स्थान पर दोबारा आवास उपलब्ध कराया जाए। कांग्रेस ने नकटी गांव और आसपास की जमीनों की राजस्व ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई है।
दीपक बैज का कहना है कि राजस्व ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक होने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि उस क्षेत्र में किन प्रभावशाली लोगों की जमीन है और किन परिस्थितियों में गरीब परिवारों के घरों पर कार्रवाई की गई।
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