भोपाल। राजधानी भोपाल में चोरों ने ट्रैफिक ACP विजय दुबे के घर को निशाना बनाकर करीब 10 लाख रुपए का माल चोरी कर लिया। वारदात के समय ACP ड्यूटी पर थे, जबकि उनके परिवार के सदस्य उज्जैन गए हुए थे। चोर घर से नकदी और सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए।
मामला कोलार थाना क्षेत्र के डीके-2 इलाके का है। पुलिस के मुताबिक, बदमाश कार से पहुंचे थे और घर के बाहर लगे गेट का ताला तोड़ने के बाद अंदर दाखिल हुए।
दो गेट के ताले तोड़कर घर में घुसे चोर
एसीपी आलोक श्रीवास्तव के मुताबिक, बदमाशों ने पहले घर के बाहरी गेट का ताला तोड़ा। इसके बाद अंदर के गेट का लॉक तोड़कर मकान में प्रवेश किया।
घर में घुसने के बाद बदमाशों ने कमरों और अलमारियों की तलाशी ली। इसके बाद नकदी और सोने-चांदी के जेवर समेटकर मौके से फरार हो गए।
देर रात ड्यूटी से लौटे ACP विजय दुबे ने घर का ताला टूटा देखा। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
CCTV फुटेज में संदिग्ध नजर आए
पुलिस ने घटनास्थल की जांच के साथ फोरेंसिक टीम को भी बुलाया। टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट सहित अन्य साक्ष्य जुटाए हैं।
आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने पर कुछ संदिग्ध नजर आए हैं। पुलिस उनकी पहचान करने का प्रयास कर रही है।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरों ने वारदात से पहले घर की रेकी की थी या उन्हें परिवार के घर से बाहर होने की जानकारी पहले से थी।
कैश में लोन से बची रकम भी शामिल
पुलिस के अनुसार, घर से चोरी हुई नकदी में करीब 6 लाख रुपए ऐसी रकम थी, जो पर्सनल लोन से बची हुई थी। बताया गया है कि ACP विजय दुबे ने कुछ महीने पहले करीब 20 लाख रुपए का पर्सनल लोन लिया था।
पुलिस अब इस नकदी से जुड़े दस्तावेज और अन्य जानकारी भी जुटा रही है, ताकि चोरी हुई रकम की पुष्टि की जा सके।
रिश्तेदारों के जेवर भी चोरी
चोर सिर्फ ACP और उनके परिवार के जेवर ही नहीं ले गए, बल्कि घर में रखे भाई-भाभी और ससुराल पक्ष के सदस्यों के आभूषण भी चोरी कर ले गए।
चोरी हुए सामान में सोने और चांदी के जेवर शामिल हैं। इनकी वास्तविक कीमत का आकलन संबंधित बिल और अन्य दस्तावेज मिलने के बाद किया जाएगा।
VIP ड्यूटी की जानकारी थी या पहले से की गई थी रेकी?
वारदात के समय ACP विजय दुबे मुख्यमंत्री की VIP ड्यूटी में तैनात थे और घर खाली था। ऐसे में पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या बदमाशों को ACP के ड्यूटी शेड्यूल की जानकारी थी या उन्होंने पहले से घर की रेकी की थी।
CCTV फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
बिल मिलने के बाद स्पष्ट होगी चोरी की कुल कीमत
पुलिस के मुताबिक, फिलहाल चोरी गए जेवरों की पूरी कीमत स्पष्ट नहीं है। ACP की ओर से जेवरों के बिल और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद वास्तविक कीमत का आकलन किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस करीब 10 लाख रुपए के माल की चोरी मानकर मामले की जांच कर रही है।
गांधीनगर से कोलार-मिसरोद तक चोरियों से पुलिस की चुनौती बढ़ी
पुलिस के अनुसार, वारदात में शामिल बदमाशों ने इससे पहले भोपाल के गांधीनगर से लेकर कोलार और मिसरोद इलाके में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है।
लगातार सामने आ रही चोरी की वारदातों को देखते हुए क्राइम ब्रांच समेत करीब 10 थानों की पुलिस सक्रिय है और संदिग्धों की तलाश की जा रही है।



