इंदौर। भाजपा के वार्ड 65 के पार्षद कमलेश कालरा शनिवार को परिवार के साथ राजबाड़ा स्थित अहिल्या प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए। वे जितेंद्र कुमार उर्फ जीतू यादव की मेयर-इन-काउंसिल (MIC) में दोबारा नियुक्ति का विरोध कर रहे थे। कालरा अपनी पत्नी अरुणा, मां देवकी और बेटे के साथ हाथों में तख्तियां लेकर न्याय की मांग कर रहे थे।
देर रात करीब 11.30 बजे विधायक मालिनी गौड़ राजबाड़ा पहुंचीं और कमलेश कालरा से बातचीत की। समझाइश के बाद उनका अनशन खत्म कराया गया। इससे पहले विधायक गौड़ और भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा हुई थी।
जीतू यादव की MIC में दोबारा एंट्री से बढ़ा विवाद
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार देर रात आदेश जारी कर जीतू यादव को दोबारा MIC सदस्य नियुक्त किया। उन्हें विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग का प्रभार भी सौंपा गया है।
जीतू यादव की वापसी के साथ जनवरी 2025 में कमलेश कालरा और उनके बीच हुआ विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
जनवरी 2025 में कालरा के घर हमले का मामला
जनवरी 2025 में कमलेश कालरा के घर पर हमला हुआ था। इस मामले में जीतू यादव के समर्थकों के नाम सामने आने के बाद भाजपा ने जीतू यादव के खिलाफ कार्रवाई की थी। पार्टी ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। इसके साथ ही उनका MIC पद भी समाप्त हो गया था।
बताया गया कि विवाद की शुरुआत एक ऑडियो सामने आने के बाद हुई थी, जिसमें कमलेश कालरा द्वारा नगर निगम के एक कर्मचारी के साथ कथित तौर पर अपशब्द कहे जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ा और मामला कालरा के घर पर हुए हमले तक पहुंच गया।
छह साल के निष्कासन के बाद पार्टी में वापसी
हमले के बाद भाजपा ने जीतू यादव को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। बाद में पुलिस से क्लीन चिट मिलने के बाद 18 अगस्त को उनकी भाजपा में वापसी हुई।
अब महापौर के आदेश के बाद उन्हें दोबारा MIC में शामिल किया गया है और विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई है।
कालरा बोले- गंभीर आरोपों वाले व्यक्ति को MIC जिम्मेदारी नहीं मिलनी चाहिए
धरने के दौरान कमलेश कालरा ने कहा कि 4 जनवरी 2025 को उनके घर पर हमला हुआ था और वे इसी घटना में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गंभीर आरोपों का सामना कर रहे व्यक्ति को पार्टी में वापस लेकर MIC जैसी जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए। कालरा के मुताबिक, उन्होंने इस संबंध में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई थी।
कालरा ने कहा कि पुलिस चालान पेश कर सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय न्यायालय का होता है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास मामले से संबंधित चालान की कॉपी है और अब वे न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।
पत्नी और बच्चे के साथ मारपीट का आरोप
कमलेश कालरा ने आरोप लगाया कि हमले के दौरान उनके बच्चे के साथ मारपीट की गई और उनकी पत्नी को भी धमकाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के गले पर चाकू रखकर डराया गया था।
कालरा ने कहा कि घटना के बावजूद अब आरोपी पक्ष के लोग परिषद की बैठकों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में साथ दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक निर्वाचित पार्षद होने के बावजूद उनकी बात क्यों नहीं सुनी जा रही है।
उन्होंने कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि न्याय की मांग को लेकर है और वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने अपनी बात रखते रहेंगे।
बोले- न्याय मिलने तक कानूनी लड़ाई जारी रहेगी
कालरा ने कहा कि जीतू यादव की पार्टी में वापसी और MIC में दोबारा नियुक्ति, दोनों का वे विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि उनसे किसी तरह की माफी भी नहीं मांगी गई है।
उन्होंने कहा कि वे प्रदेश और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे और जरूरत पड़ने पर मामले को प्रदेश से लेकर दिल्ली तक पार्टी नेतृत्व के सामने उठाएंगे। साथ ही न्याय मिलने तक कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही।
घटना याद कर भावुक हुईं कालरा की मां
धरने के दौरान कमलेश कालरा की मां देवकी कालरा भी भावुक हो गईं। उन्होंने दावा किया कि करीब एक साल पहले उनके घर में करीब 50 लोग घुस आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें चाकू दिखाकर धमकाया। देवकी ने यह भी दावा किया कि हमलावरों के पास बंदूकें थीं और वे बार-बार कमलेश के बारे में पूछ रहे थे।
उन्होंने कहा कि घटना के दौरान परिवार बेहद डर गया था और उन्हें अपनी तथा बच्चों की सुरक्षा की चिंता थी। देवकी के मुताबिक, घटना को समय बीत जाने के बावजूद उसकी याद आज भी परिवार को परेशान करती है।
उन्होंने कहा कि परिवार केवल न्याय चाहता है और उन्हें उम्मीद है कि कानून के जरिए उन्हें न्याय मिलेगा।
देर रात विधायक ने कराया अनशन खत्म
देर रात करीब 11.30 बजे विधायक मालिनी गौड़ राजबाड़ा पहुंचीं और कमलेश कालरा से बातचीत की। समझाइश के बाद कालरा ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
वहीं, इस घटनाक्रम के बीच पार्टी के भीतर कालरा पर कार्रवाई की चर्चा और बाद में अनशन खत्म कराने की पहल को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं भी चलती रहीं। हालांकि, इन चर्चाओं पर पार्टी की ओर से आधिकारिक स्थिति सामने नहीं आई है।


