नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत मंडपम में BRICS सदस्य देशों के नेताओं के लिए विशेष डिनर का आयोजन किया। इस दौरान BRICS देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों के साथ अनौपचारिक माहौल में बातचीत का अवसर भी मिला।
डिनर में केंद्र सरकार के मंत्रियों के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री और अन्य प्रमुख नेताओं को भी आमंत्रित किया गया था।
100 से ज्यादा कलाकारों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति
BRICS डिनर के दौरान भारत और BRICS के अन्य सदस्य देशों के 100 से अधिक कलाकारों के समूह ने विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कलाकारों ने विभिन्न देशों की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं को मंच पर प्रस्तुत किया।
इस आयोजन का उद्देश्य BRICS देशों के बीच सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करना रहा।
क्या होती है ‘डिनर डिप्लोमेसी’?
BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में डिनर डिप्लोमेसी को कूटनीति का एक अहम अनौपचारिक माध्यम माना जाता है। औपचारिक बैठकों और कड़े प्रोटोकॉल से अलग, डिनर टेबल पर नेता अपेक्षाकृत सहज माहौल में बातचीत कर सकते हैं।
एक साथ भोजन करने से नेताओं के बीच व्यक्तिगत संवाद और आपसी विश्वास बढ़ाने का अवसर मिलता है। इससे तनाव कम करने और संवेदनशील मुद्दों पर अनौपचारिक तरीके से चर्चा करने में भी मदद मिल सकती है।
मुश्किल मुद्दों पर बातचीत का अनौपचारिक मंच
कई बार औपचारिक बैठकों में जिन मुद्दों पर तुरंत सहमति बनाना मुश्किल होता है, उन पर अनौपचारिक बातचीत के दौरान विचारों का आदान-प्रदान आगे की चर्चा के लिए रास्ता तैयार कर सकता है।
इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में डिनर, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अनौपचारिक मुलाकातें कूटनीतिक रिश्तों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती हैं।


