रायपुर। रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक हैं और उनके नाम पर एकत्र किए गए चंदे में यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए।
गुरुवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में विकास उपाध्याय ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने विश्वास और श्रद्धा के साथ दान दिया था। ऐसे में चंदे के उपयोग को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिलना जरूरी है।
आस्था और विश्वास का विषय बताया
विकास उपाध्याय ने कहा कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि यदि चंदे या चढ़ावे में किसी तरह की वित्तीय गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इस्तीफों पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफों और मीडिया में सामने आई खबरों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने सवाल किया कि यदि ट्रस्ट का संचालन पूरी तरह पारदर्शी है तो स्वतंत्र जांच कराने में संकोच क्यों किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और किसी भी तरह के संदेह का समाधान हो सके।
नोट: यह आरोप कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय द्वारा प्रेस वार्ता में लगाए गए हैं। संबंधित ट्रस्ट, भाजपा, आरएसएस या केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आई है।
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