इंदौर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के इंदौर सब-जोनल कार्यालय ने करीब ₹70 करोड़ मूल्य की 70 किलोग्राम एमडीएमए (मेफेड्रोन) ड्रग्स तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इंदौर, मंदसौर और अन्य स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने कई अहम दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए हैं।
ED ने बताया कि यह जांच इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। मामला एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 8 और 22 के तहत दर्ज किया गया था।
फरार आरोपी को ट्रैक कर की गई कार्रवाई
जांच के दौरान पता चला कि मामले का एक प्रमुख आरोपी अपने ठिकानों से फरार था। ED ने खुफिया सूचनाओं और आधुनिक तकनीकों की मदद से हैदराबाद, बीकानेर और इंदौर में उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। कई दिनों की निगरानी के बाद आरोपी को इंदौर के एक गुप्त ठिकाने पर चिन्हित किया गया, जिसके बाद तलाशी अभियान चलाया गया।
दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त
तलाशी के दौरान एजेंसी को आरोपियों की संपत्तियों, बैंकिंग लेन-देन और वित्तीय नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
ED अब इन साक्ष्यों के आधार पर अपराध से अर्जित संपत्ति (Proceeds of Crime), मनी ट्रेल और कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है।
रिश्तेदार के नाम मिला बैंक लॉकर
कार्रवाई के दौरान एक आरोपी के रिश्तेदार के नाम पर बैंक लॉकर होने की जानकारी भी सामने आई है। एजेंसी ने लॉकर की तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
वित्तीय नेटवर्क की जांच जारी
ED का कहना है कि तलाशी में मिले साक्ष्यों से ड्रग्स तस्करी से जुड़े वित्तीय नेटवर्क, संपत्तियों और अन्य सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है। एजेंसी मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका और अवैध धन के लेन-देन की गहन जांच कर रही है।
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