गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिले में धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति के रिश्तेदारों ने उसकी जानकारी के बिना पैन कार्ड का इस्तेमाल कर ट्रैक्टर लोन में फर्जी गारंटर बना दिया। इस जालसाजी के कारण पीड़ित का सिबिल (CIBIL) स्कोर खराब हो गया और उसे वाहन फाइनेंस तक नहीं मिल सका।
सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने मामले की जांच के बाद पीड़ित के सगे जीजा सहित दो आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्कूटी खरीदने पहुंचे तो हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
पुलिस के अनुसार, आसमानी माता मंदिर के पास रहने वाले जगमोहन प्रजापति अक्टूबर 2024 में स्कूटी खरीदने एक शोरूम पहुंचे थे। फाइनेंस प्रक्रिया के दौरान जब उनका सिबिल स्कोर जांचा गया तो पता चला कि उनके नाम पर पहले से ट्रैक्टर और अन्य लोन चल रहे हैं, जिनकी कई किश्तें बकाया थीं।
खराब सिबिल स्कोर के कारण उन्हें फाइनेंस नहीं मिला और अंततः पत्नी के नाम पर स्कूटी खरीदनी पड़ी।
2017 और 2021 में किया गया फर्जीवाड़ा
बाद में इंडसइंड बैंक से जानकारी लेने पर सामने आया कि वर्ष 2017 में आरोपी देवेंद्र प्रजापति ने ट्रैक्टर खरीदते समय गारंटर के रूप में पीड़ित के पैन कार्ड का कथित रूप से गलत इस्तेमाल किया। इसके बाद 2021 में उसी ट्रैक्टर पर करीब 3.38 लाख रुपये का री-फाइनेंस लोन भी लिया गया, जिसमें भी पीड़ित के दस्तावेजों का उपयोग किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि लोन की किश्तें समय पर जमा नहीं होने से पूरा वित्तीय बोझ पीड़ित के रिकॉर्ड पर दर्ज हो गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के निर्देश पर मामले की विस्तृत जांच की गई। बैंक से प्राप्त दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी देवेंद्र प्रजापति और पीड़ित के जीजा जगमोहन प्रजापति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 319(2) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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