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Badnagar में पटाखों से किया था वैन में ब्लास्ट:'फिर आ गए' क्यों लिखा, विस्फोट का मकसद क्या

Badnagar में पटाखों से किया था वैन में ब्लास्ट:’फिर आ गए’ क्यों लिखा, विस्फोट का मकसद क्या

मध्य प्रदेश के Ujjain जिले के Badnagar में वैन में हुए रहस्यमयी धमाके की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह विस्फोट किसी हाई-एक्सप्लोसिव से नहीं, बल्कि पटाखों में इस्तेमाल होने वाले बारूद से किया गया था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इस धमाके के पीछे किसका हाथ है और इसका मकसद क्या था। घटना के बाद मौके पर पहुंची ATS और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई अहम सबूत जुटाए हैं। जांच के दौरान वैन पर लिखा ‘फिर आ गए’ संदेश भी एजेंसियों के लिए बड़ा सुराग बना हुआ है। अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इस संदेश का क्या मतलब था और इसे किस उद्देश्य से लिखा गया। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह धमाका किसी को डराने, चेतावनी देने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश तो नहीं थी। फिलहाल पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। फोरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती जांच में विस्फोट के लिए पटाखों में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक पदार्थ के उपयोग के संकेत मिले हैं। हालांकि अंतिम निष्कर्ष फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि धमाका किसने और किस इरादे से किया। इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को देने की अपील की है। मध्य प्रदेश समेत देश-दुनिया की हर बड़ी खबर सबसे पहले पढ़ने के लिए जुड़े रहें देशहरपाल न्यूज़ पोर्टल के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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‘वेलकम टू द जंगल’ की धमाकेदार शुरुआत: 56 हजार टिकट बिके, एडवांस बुकिंग से ₹1.34 करोड़ की कमाई

‘वेलकम टू द जंगल’ की धमाकेदार शुरुआत: 56 हजार टिकट बिके, एडवांस बुकिंग से ₹1.34 करोड़ की कमाई

बॉलीवुड फिल्म Welcome to the Jungle को लेकर दर्शकों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। रिलीज से पहले ही फिल्म ने एडवांस बुकिंग में शानदार प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म के करीब 56 हजार टिकट पहले ही बिक चुके हैं, जिससे मेकर्स को लगभग ₹1.34 करोड़ की कमाई हो चुकी है। स्टारकास्ट ने नए गाने पर किया धमाकेदार डांस फिल्म के नए रिलीज हुए गाने “ओ मेरे बलम” में पूरी स्टारकास्ट जमकर थिरकती नजर आ रही है। गाने की एनर्जी और मस्ती भरे डांस मूव्स सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहे हैं। फैंस इस गाने को खूब पसंद कर रहे हैं और फिल्म को लेकर उत्साह और भी बढ़ गया है। एडवांस बुकिंग में रिकॉर्ड शुरुआत फिल्म की एडवांस बुकिंग से साफ है कि दर्शकों में इसे लेकर काफी उम्मीदें हैं। कॉमेडी और एंटरटेनमेंट से भरपूर यह फिल्म रिलीज से पहले ही चर्चा में बनी हुई है।
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Ujjain

Ujjain Breaking मोहर्रम जुलूस Viral Video विवाद, बड़नगर में क्रेन पर वैन स्टंट से हड़कंप

मध्य प्रदेश के Ujjain जिले के Badnagar से मोहर्रम जुलूस के दौरान एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा और चिंता दोनों बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। क्या दिख रहा है वायरल वीडियो में? वायरल क्लिप में एक वैन को क्रेन की मदद से हवा में लटकाया गया है और उसे एक “ब्लास्ट या विस्फोट जैसे सीन” के रूप में दिखाया गया है। वीडियो में बैकग्राउंड में लिखा हुआ टेक्स्ट भी नजर आता है – “ले फिर आ गए”, जिसने इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। यह वीडियो मोहर्रम जुलूस के दौरान शूट किया गया बताया जा रहा है, जिससे कई लोग इसे परंपरागत माहौल से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे सिर्फ एक स्टेज्ड या क्रिएटिव शूट मान रहे हैं। लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों का कहना है कि इस तरह के स्टंट धार्मिक और सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर ऐसे समय में जब भीड़ और भावनाएं पहले से ही संवेदनशील होती हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इसे सिर्फ एक फिल्मी अंदाज में किया गया प्रदर्शन बता रहे हैं, जिसका मकसद किसी को आहत करना नहीं था। प्रशासन की जांच शुरू मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो किस उद्देश्य से बनाया गया था और क्या इसके लिए किसी तरह की अनुमति ली गई थी या नहीं। फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पुलिस पूरी सतर्कता के साथ मामले पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति न बने। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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लखनऊ अग्निकांड के बाद छत्तीसगढ़ में बड़ा एक्शन: 62 कोचिंग सेंटरों को नोटिस, कई संस्थान सील

लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद छत्तीसगढ़ में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई, जिसमें भारी लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार रात SDRF और पुलिस की संयुक्त टीम ने दुर्ग जिले में सरप्राइज निरीक्षण किया। जांच के दौरान इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी सिस्टम और अन्य सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां मिलने पर 62 कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किया गया। संस्थानों को व्यवस्थाएं सुधारने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। वहीं गंभीर अनियमितता पाए जाने पर रामा कोचिंग, कैड एकेडमी मोशन, मोशन कोटा स्टडी सर्किल और वेदांतु को सील कर दिया गया। दुर्ग में सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल जानकारी के अनुसार दुर्ग जिले में करीब 150 से 200 कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जिनमें सबसे अधिक भिलाई के न्यू सिविक सेंटर क्षेत्र में स्थित हैं। जांच के दौरान एक भी ऐसा संस्थान नहीं मिला जहां सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन किया जा रहा हो। कई कोचिंग सेंटरों में फायर एक्सटिंग्विशर एक्सपायर पाए गए, जबकि कई जगह उन्हें सही तरीके से लगाया ही नहीं गया था। अधिकांश संस्थानों में इमरजेंसी एग्जिट नहीं मिला और कई भवनों में केवल एक ही प्रवेश और निकास मार्ग था। आपात स्थिति में फंस सकते हैं छात्र निरीक्षण के दौरान कई इमारतों में बेहद संकरी सीढ़ियां मिलीं, जहां एक समय में केवल एक छात्र ही आ-जा सकता है। अधिकारियों ने आशंका जताई कि किसी आपदा की स्थिति में छात्रों की सुरक्षित निकासी बेहद मुश्किल हो सकती है। एसडीआरएफ टीम ने मौके पर ही 62 संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय में कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। बिलासपुर में उड़ान एकेडमी सील बिलासपुर में पुलिस, नगर निगम और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीम ने छह कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच में उड़ान आईएएस, चंद्रा एकेडमी, आचार्य एकेडमी, ऑक्सीडेशन कोचिंग, प्रीमियर एकेडमी और पटेल ट्यूटोरियल में विभिन्न प्रकार की खामियां पाई गईं। सबसे गंभीर अनियमितताएं उड़ान आईएएस में मिलीं। यहां केवल एक प्रवेश-द्वार था, फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद नहीं था, लिफ्ट की व्यवस्था नहीं थी और बड़ी संख्या में छात्रों के अनुपात में पर्याप्त जगह भी उपलब्ध नहीं थी। इसके चलते नगर निगम ने संस्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अन्य पांच संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। रायपुर में भी कई संस्थानों को नोटिस रायपुर में 23 और 24 जून को सात प्रमुख कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया। जांच में अनअकैडमी, विद्यापीठ और एलन में सुरक्षा व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। वहीं अकादजा, आरसीसी एकेडमी, आभा लाइब्रेरी और टुटेजा एकेडमी में फायर एनओसी, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में सुधार नहीं हुआ तो होगी सख्त कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ सीलिंग समेत अन्य कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई करते हैं, इसलिए फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट और भवन सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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सागर में RTO की बड़ी कार्रवाई: 15 साल पुरानी 2 बसें होंगी स्क्रैप, 6 वाहन जब्त, 42 हजार रुपए का जुर्माना

सागर में गुरुवार को परिवहन विभाग ने यात्री बसों और स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान 15 साल पुरानी दो यात्री बसों का पंजीयन निरस्त कर उन्हें कबाड़ (स्क्रैप) करने के आदेश दिए गए। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाले 6 वाहनों को जब्त किया गया और 10 अन्य वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 42 हजार 200 रुपए का जुर्माना वसूला गया। स्कूल वाहनों में मिली गंभीर लापरवाही परिवहन विभाग की टीम ने शहर में कुल 24 स्कूल वाहनों की जांच की। जांच के दौरान एक स्कूल वाहन में कई गंभीर खामियां सामने आईं। वाहन में जरूरी दस्तावेज नहीं थे, अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट-एड बॉक्स भी उपलब्ध नहीं था। इतना ही नहीं, आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी गेट) के सामने सीट लगाकर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। इसके अलावा एक ओमनी वैन और एक ऑटो रिक्शा में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाया जा रहा था। जांच के दौरान तीन ई-रिक्शा भी बिना जरूरी दस्तावेजों के संचालित होते मिले। इन सभी मामलों में कार्रवाई करते हुए 6 वाहनों को जब्त कर परिवहन कार्यालय में खड़ा कराया गया। ओवरलोडिंग और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई परिवहन विभाग ने यात्री बसों में ओवरलोडिंग, अधिक किराया वसूली, परमिट की शर्तों के उल्लंघन और टैक्स बकाया जैसे मामलों की भी जांच की। कार्रवाई के दौरान 4 स्कूल बस, 1 मैक्सी कैब और 5 ई-रिक्शा पर मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई की गई। इन 10 वाहनों से कुल 42 हजार 200 रुपए का जुर्माना वसूला गया। RTO ने दी सख्त चेतावनी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) मनोज तेनगुरिया ने सभी स्कूल वाहन संचालकों को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि स्कूल वाहनों में स्पीड गवर्नर, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, टैक्स रसीद, फर्स्ट-एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से मौजूद होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन चालक के पास वैध हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए और निर्धारित यूनिफॉर्म में ही वाहन संचालन किया जाना चाहिए। साथ ही बच्चों को वाहन की निर्धारित क्षमता के अनुसार ही बैठाया जाए। नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई RTO ने साफ कहा कि भविष्य में चेकिंग के दौरान यदि किसी वाहन में सुरक्षा नियमों की अनदेखी या अन्य अनियमितता पाई गई, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें deshharpal.com
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CBSE छात्रों को बड़ी राहत: अब री-वेरिफिकेशन के बाद भी कर सकेंगे उत्तर पुस्तिका की फिजिकल जांच

सीबीएसई (CBSE) बोर्ड ने छात्रों के लिए एक नई और महत्वपूर्ण व्यवस्था शुरू की है। अब वे छात्र, जिन्होंने अपने बोर्ड परीक्षा परिणाम में अंकों के वेरिफिकेशन के लिए आवेदन किया था और जांच के बाद भी उनके नंबरों में कोई बदलाव नहीं हुआ, अपनी उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) की फिजिकल जांच करवा सकेंगे। बोर्ड ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। नई व्यवस्था के तहत छात्र सीधे सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) जाकर अपनी कॉपी की जांच कर सकेंगे। हालांकि यह सुविधा केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगी, जिनके वेरिफिकेशन का परिणाम “No Change” रहा है। पहली बार लागू हुई नई व्यवस्था सीबीएसई ने पहली बार यह कदम उठाया है। इससे पहले वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों के पास अपनी उत्तर पुस्तिका की दोबारा फिजिकल जांच कराने का कोई विकल्प नहीं होता था। बोर्ड का मानना है कि इस फैसले से मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। छात्रों को मिलेगा संदेह दूर करने का मौका कई छात्र ऐसे होते हैं जिन्हें वेरिफिकेशन के बाद भी अपनी कॉपी की जांच को लेकर शंका बनी रहती है। अब उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिका को प्रत्यक्ष रूप से देखने और अपनी शंकाओं का समाधान करने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों का बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया पर भरोसा और मजबूत होगा। जल्द जारी होगा शेड्यूल सीबीएसई ने बताया है कि उत्तर पुस्तिका की फिजिकल जांच के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों में विस्तृत प्रक्रिया और समय-सारणी (Schedule) जल्द जारी की जाएगी। छात्रों को इसके लिए बोर्ड की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। 12वीं री-इवैल्यूएशन के परिणाम भी जारी इधर, सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के री-इवैल्यूएशन (Re-evaluation) के परिणाम भी चरणबद्ध तरीके से जारी करने शुरू कर दिए हैं। बोर्ड के अनुसार अब तक प्राप्त 87 प्रतिशत से अधिक आवेदनों के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। बाकी आवेदनों पर भी तेजी से काम किया जा रहा है और जल्द ही अपडेटेड रिजल्ट जारी किए जाएंगे। छात्रों के लिए क्यों अहम है यह फैसला? यह नया नियम उन विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आया है जो अपने परिणाम को लेकर असमंजस में रहते हैं। अब वे सिर्फ ऑनलाइन प्रक्रिया पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि अपनी उत्तर पुस्तिका की वास्तविक जांच कराकर पूरी पारदर्शिता के साथ अपनी शंकाओं का समाधान कर सकेंगे। अधिक शिक्षा और करियर से जुड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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जोधपुर एक्सप्रेस में दंपती को नशीला पानी पिलाकर लूटा, 36 घंटे बाद जयपुर अस्पताल में आया होश

भोपाल से जयपुर जा रहे एक दंपती के साथ ट्रेन में हैरान कर देने वाली लूट की वारदात सामने आई है। बदमाश ने पहले सफर के दौरान उनसे दोस्ती की, फिर भरोसा जीतकर नशीला पानी पिला दिया। दंपती बेहोश हो गए और आरोपी उनके सोने-चांदी के जेवर तथा नकदी लेकर फरार हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पति-पत्नी को करीब 36 घंटे बाद जयपुर के अस्पताल में होश आया। जानकारी के अनुसार, भोपाल के मिसरोद क्षेत्र के रहने वाले नर्मदा प्रसाद अहिरवार अपनी पत्नी कृष्णा बाई के साथ 18 जून को भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान उनकी सीट के सामने बैठे एक युवक ने बातचीत शुरू की और खुद को दिल्ली जाने वाला यात्री बताया। धीरे-धीरे उसने दंपती का भरोसा जीत लिया। पानी की बोतल में मिलाया नशीला पदार्थ रात में खाना खाने के बाद नर्मदा प्रसाद ने पानी की बोतल मंगवाई। इसी दौरान युवक ने मदद के बहाने बोतल अपने हाथ में ले ली। आरोप है कि उसने चालाकी से पानी में नशीला पदार्थ मिला दिया। शक न हो इसलिए उसने खुद भी पानी पीने का दिखावा किया और फिर बोतल दंपती को दे दी। पानी पीने के कुछ ही देर बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी। गुना स्टेशन के आसपास पहुंचते-पहुंचते वे पूरी तरह बेहोश हो गए। जयपुर अस्पताल में खुला लूट का राज दंपती को यह भी याद नहीं कि उन्हें ट्रेन से कब उतारा गया और अस्पताल कैसे पहुंचाया गया। 20 जून को जयपुर के अस्पताल में होश आने पर उन्हें अपने साथ हुई वारदात का पता चला। उस समय उनके परिजन भी अस्पताल पहुंच चुके थे। जेवर और नकदी लेकर फरार हुआ आरोपी पीड़ितों के अनुसार, आरोपी उनके गले से चांदी की चेन, चांदी का ब्रेसलेट, सोने का मंगलसूत्र और कुल 9 हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गया। दंपती को शक है कि आरोपी गुना स्टेशन के आसपास ट्रेन से उतर गया होगा। जीरो एफआईआर के बाद गुना में केस दर्ज घटना की शिकायत मिलने पर जयपुर जीआरपी ने पहले जीरो एफआईआर दर्ज की। चूंकि वारदात गुना क्षेत्र के पास हुई थी, इसलिए केस डायरी गुना जीआरपी को भेजी गई। अब गुना जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। यात्रियों के लिए सावधानी जरूरी रेलवे और पुलिस लगातार यात्रियों को अनजान लोगों से खाने-पीने की चीजें न लेने की सलाह देती है। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। पुलिस ने यात्रियों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत रेलवे हेल्पलाइन को सूचना देने की अपील की है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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भोपाल मेट्रो में बड़ा बदलाव जल्द, सिग्नलिंग सिस्टम की CMRS जांच शुरू; पहली बार एक ट्रैक पर आमने-सामने आईं दो मेट्रो

भोपाल मेट्रो के यात्रियों के लिए जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। मेट्रो की रफ्तार बढ़ाने और संचालन को अधिक सुगम बनाने के लिए लगाए गए नए सिग्नलिंग सिस्टम की जांच शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम भोपाल पहुंची और बुधवार को ट्रैक पर उतरकर विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक दिलचस्प नजारा भी देखने को मिला, जब रानी कमलापति स्टेशन और एमपी नगर स्टेशन के बीच पहली बार दो मेट्रो ट्रेनें एक ही ट्रैक पर आमने-सामने खड़ी नजर आईं। करीब 30 मिनट तक विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच की गई। सिग्नलिंग सिस्टम की हुई कड़ी परीक्षा मेट्रो अधिकारियों के अनुसार यह पूरा अभ्यास सिग्नलिंग सिस्टम की सुरक्षा और कार्यक्षमता परखने का हिस्सा था। जांच टीम ने देखा कि यदि दो ट्रेनें आमने-सामने आ जाएं तो सिस्टम किस तरह प्रतिक्रिया देता है। इसके अलावा अचानक ब्रेक लगने, गति नियंत्रण, ट्रेन के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने और आपातकालीन परिस्थितियों में सिस्टम के व्यवहार की भी जांच की गई। निरीक्षण के बाद मिलेगी ‘ओके’ रिपोर्ट मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि निरीक्षण पूरा होने के बाद CMRS की टीम अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। यदि रिपोर्ट संतोषजनक रही तो नए सिग्नलिंग सिस्टम को शुरू करने की मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद मेट्रो का नया संचालन शेड्यूल और टाइमिंग जारी की जाएगी। संभावना है कि जुलाई से यात्रियों को बेहतर और तेज सेवा मिलना शुरू हो जाएगी। 26 जून से सामान्य समय पर चलेगी मेट्रो मेट्रो प्रबंधन के मुताबिक परीक्षण कार्य पूरा होने के बाद 26 जून से मेट्रो अपने निर्धारित समय पर संचालन शुरू कर देगी। सुभाष नगर से एम्स तक लगभग 7 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सिग्नलिंग सिस्टम का कार्य पूरा हो चुका है। अभी एक ही ट्रैक पर चल रही है मेट्रो फिलहाल भोपाल और इंदौर मेट्रो में आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह लागू नहीं होने के कारण ट्रेनों का संचालन केवल एक ट्रैक पर किया जा रहा है। यही वजह है कि भोपाल मेट्रो की फ्रिक्वेंसी करीब 75 मिनट है और यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। वर्तमान में ट्रेन जिस ट्रैक से जाती है, उसी ट्रैक से वापस भी लौटती है। 800 करोड़ रुपये की परियोजना मेट्रो की परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से सिग्नलिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है। यह करीब 30 किलोमीटर लंबे नेटवर्क के लिए तैयार किया जा रहा है, जिसका पहला चरण अब पूरा हो चुका है। भोपाल मेट्रो में वही अत्याधुनिक सिग्नलिंग तकनीक लागू की जा रही है, जिसका उपयोग Delhi Metro में किया जाता है। दिल्ली मेट्रो जैसी आधुनिक तकनीक इस तकनीक के लागू होने के बाद ट्रेनें दोनों ट्रैक पर संचालित हो सकेंगी, ट्रेनों के बीच का अंतर कम होगा और यात्रियों को कम समय में मेट्रो उपलब्ध हो सकेगी। यात्रियों को क्या होगा फायदा? नए सिग्नलिंग सिस्टम के शुरू होने के बाद: भोपाल मेट्रो के इस तकनीकी अपग्रेड को शहर के सार्वजनिक परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में हजारों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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बिलासपुर में तेज रफ्तार हाईवा का कहर, स्कूटी सवार युवक की मौत; दो साथी गंभीर घायल

बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों का इलाज सिम्स अस्पताल में जारी है। रात 2 बजे हुआ हादसा पुलिस के अनुसार दुर्घटना रायपुर रोड स्थित सिरगिट्टी मोड़ के पास रात करीब 2 बजे हुई। स्कूटी पर सवार तीन युवक सिरगिट्टी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चकरभाठा की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार हाईवा ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। मौके पर हुई युवक की मौत टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी सवार आकाश वर्मा (22) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसके साथी अजय श्रीवास और दीपक श्रीवास गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सिम्स अस्पताल में चल रहा इलाज सूचना मिलते ही सिरगिट्टी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया। दोनों घायलों को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। हाईवा जब्त, चालक गिरफ्तार सिरगिट्टी थाना प्रभारी यशवंत प्रताप सिंह ने बताया कि दुर्घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हादसे में शामिल हाईवा वाहन को जब्त कर लिया है। साथ ही चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। परिवार में पसरा मातम युवा बेटे की अचानक मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं घायल युवकों के परिवार अस्पताल में उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।
BSF

BSF Action: कच्छ के Sir Creek में पकड़े गए 4 Pakistani Fishermen

गुजरात के कच्छ से भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सर क्रीक के संवेदनशील इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ लिया। इस दौरान उनकी फाइबर से बनी मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चारों मछुआरे कथित तौर पर केकड़े पकड़ने के लिए भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुए थे। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई। घटना के बाद एक बार फिर कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मछुआरों के भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। BSF ने कैसे पकड़े चार पाकिस्तानी मछुआरे? India Today की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, BSF को सूचना मिली थी कि कुछ पाकिस्तानी मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद जवानों ने सर क्रीक इलाके में कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए मछुआरों की पहचान कादिर थैमोर, मुहम्मद मूसा, अजगर थैमोर और अहसान जाट के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चारों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान उनकी फाइबर की नाव भी जब्त की गई। फिलहाल, पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। आखिर क्या है मछुआरों का अपराध? इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि चारों मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में क्यों पहुंचे थे। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि वे केकड़े पकड़ने के लिए सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। भारत के जलक्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना या वहां अवैध रूप से मछली पकड़ना संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तय होगी। अभी तक सामने आई रिपोर्ट में चारों मछुआरों के जासूसी या किसी अन्य गंभीर गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को लेकर किसी अपुष्ट दावे को तथ्य मानना सही नहीं होगा। कच्छ का Sir Creek इलाका क्यों है संवेदनशील? गुजरात का कच्छ क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा के पास स्थित है। सर क्रीक एक ज्वारीय जलमार्ग है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और दलदली इलाके के कारण सीमा पर निगरानी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए नावों की आवाजाही होती है। समुद्री सीमा के आसपास होने के कारण किसी दूसरे देश की नाव का भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन जाता है। BSF यहां नियमित गश्त और निगरानी करती है। संदिग्ध नाव या गतिविधि दिखाई देने पर जवान संबंधित लोगों से पूछताछ करते हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। Kutch Border पर हाल की घटनाओं से बढ़ी निगरानी कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में अक्टूबर 2026 के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों और नावों से जुड़े दूसरे मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं। 19 अक्टूबर को कोटेश्वर के पास क्रीक क्षेत्र में गश्त के दौरान BSF ने एक पाकिस्तानी नागरिक को नाव के साथ पकड़ा था। शुरुआती जांच में नाव से मछली पकड़ने के उपकरण मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाए जाने की खबर भी सामने आई। 20 अक्टूबर को कच्छ के लखपत और आसपास के क्रीक क्षेत्र से जुड़ी अन्य घटनाओं की भी रिपोर्ट आई थी। इन मामलों में नावों, पाकिस्तानी नागरिकों और तलाशी अभियान का जिक्र किया गया था। हालांकि, ये अलग-अलग घटनाएं हैं और इन्हें 25 अक्टूबर को पकड़े गए चार मछुआरों के मामले से अलग समझना जरूरी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच समुद्री सीमा पर निगरानी का महत्व बढ़ जाता है। फिर भी, केवल इन घटनाओं के आधार पर किसी बड़ी साजिश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। क्या पाकिस्तानी नाव से कोई संदिग्ध सामान मिला? 25 अक्टूबर की घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्ट में फाइबर की नाव जब्त किए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, नाव से किसी हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामान की बरामदगी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल ऐसी किसी बरामदगी का दावा नहीं किया जा सकता। आगे की जांच में नाव, मछुआरों की गतिविधियों और भारतीय जलक्षेत्र में उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है। अब आगे क्या होगा? चारों मछुआरों को पकड़े जाने के बाद अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित अधिकारी उनकी पहचान, भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश की परिस्थितियों और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BSF ने गुजरात के कच्छ स्थित सर क्रीक इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा है और उनकी नाव जब्त की है। वे भारतीय जलक्षेत्र में किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में BSF की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। मामले में आधिकारिक अपडेट आने पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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