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गुना के महूगढ़ा स्टेशन पर बनेगा गति शक्ति कार्गो टर्मिनल, माल गोदाम होगा शहर से बाहर शिफ्ट

गुना जिले के महूगढ़ा रेलवे स्टेशन को जल्द ही ‘गति शक्ति कार्गो टर्मिनल’ के रूप में विकसित किया जाएगा। रेलवे ने इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। साथ ही माल ढुलाई को और सुगम बनाने के लिए तरावटा रेलवे स्टेशन पर नया गुड्स शेड बनाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गुना शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन से माल गोदाम को बाहर शिफ्ट करने की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद है। रेलवे ने पूरी की टेंडर प्रक्रिया केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने गुना की विभिन्न संस्थाओं ने रेलवे से जुड़ी कई समस्याएं उठाई थीं। इनमें सबसे प्रमुख मांग शहर के बीच स्थित माल गोदाम को स्थानांतरित करने की थी। शहर की बढ़ती आबादी और यातायात को देखते हुए यह मांग लंबे समय से की जा रही थी। पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर के उप महाप्रबंधक ने जानकारी दी कि महूगढ़ा रेलवे स्टेशन की रेलवे भूमि पर कार्गो टर्मिनल विकसित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस टर्मिनल को सीधे सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा, जिससे माल ढुलाई तेज, आसान और कम खर्चीली होगी। तरावटा स्टेशन पर भी बनेगा नया गुड्स शेड रेलवे ने माल परिवहन को और मजबूत बनाने के लिए तरावटा रेलवे स्टेशन पर नए गुड्स शेड का प्रस्ताव भी तैयार किया है। इसके बनने से क्षेत्र के व्यापारियों और उद्योगों को माल की आवाजाही में बेहतर सुविधा मिलेगी। मेमू ट्रेन के किराए की समस्या का भी होगा समाधान बीना-कोटा मेमू ट्रेन के किराए में अलग-अलग स्टेशनों पर अंतर की शिकायत भी रेलवे के सामने रखी गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह ट्रेन दो अलग-अलग जोन में संचालित होती है। भोपाल जोन में इसे एक्सप्रेस और कोटा मंडल में पैसेंजर ट्रेन माना जाता है, जिसके कारण किराए में अंतर आता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए रेलवे बोर्ड से सभी मेमू ट्रेनों में एक समान किराया लागू करने का अनुरोध किया गया है। स्टेशन पर पानी की व्यवस्था होगी बेहतर गुना रेलवे स्टेशन पर पेयजल संकट को दूर करने के लिए रेलवे ने नगर पालिका के साथ समन्वय शुरू किया है। फिलहाल स्टेशन पर प्रतिदिन दो लाख लीटर पानी की आपूर्ति हो रही है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 10 लाख लीटर पानी की व्यवस्था के लिए नगर पालिका में राशि जमा करा दी गई है। साथ ही स्टेशन परिसर में नए पानी के नल भी लगाए जा रहे हैं। अन्य सुविधाओं में भी होगा सुधार रेलवे ने स्थानीय लोगों द्वारा उठाई गई अन्य समस्याओं पर भी ध्यान देने का आश्वासन दिया है। इनमें रेलवे अंडरब्रिज में जलभराव, टिकट विंडो की संख्या बढ़ाने और स्टेशन के शौचालयों की नियमित सफाई जैसे मुद्दे शामिल हैं। रेलवे का कहना है कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इन सभी बिंदुओं पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। धिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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Bhopal में नायरा ने घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 हुआ सस्ता

Bhopal में NAYARA ने घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 हुआ सस्ता

महंगाई के दौर में भोपालवासियों के लिए राहत भरी खबर है। निजी ईंधन कंपनी Nayara एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम कम कर दिए हैं। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई गिरावट के बाद यह फैसला लिया गया है। नई कीमतों के बाद भोपाल में नायरा के पेट्रोल पंपों पर एक लीटर पेट्रोल 120 रुपये और डीजल 103 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा है। इससे रोजाना वाहन चलाने वाले लोगों को कुछ राहत मिलेगी और ईंधन पर होने वाला खर्च भी कम होगा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में कमी देखने को मिल रही है। इसी का फायदा अब ग्राहकों को भी मिलने लगा है। हालांकि सरकारी तेल कंपनियों की कीमतों में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है। लोगों को मिलेगी राहत नायरा के इस फैसले से खासकर उन लोगों को फायदा होगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी वाहनों के साथ-साथ व्यावसायिक वाहन चालकों का ईंधन खर्च भी कुछ हद तक कम होगा। अगर आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह नीचे बनी रहती हैं, तो अन्य कंपनियां भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती कर सकती हैं। देश-दुनिया, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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छत्तीसगढ़ में मानसून ने पूरे प्रदेश को किया कवर, सरगुजा में आकाशीय बिजली गिरने से 3 की मौत

छत्तीसगढ़ में मानसून ने अब पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। मौसम विभाग के अनुसार 22 जून को राज्य में प्रवेश करने वाला मानसून अब सभी जिलों तक पहुंच चुका है। हालांकि, बारिश के साथ आकाशीय बिजली भी कहर बरपा रही है। सरगुजा जिले में सोमवार शाम बिजली गिरने से दो बच्चों और एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई। पेड़ के नीचे खड़े थे बच्चे, अचानक गिरी बिजली यह दर्दनाक घटना सरगुजा जिले के धौरपुर थाना क्षेत्र के डुमकी गांव की है। सोमवार शाम कुछ बच्चे आम बीनने के लिए पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान बैल चरा रहे राम साय (36) भी वहां पहुंच गए। तभी अचानक पेड़ पर आकाशीय बिजली गिर गई और चारों उसकी चपेट में आ गए। हादसे में 5 वर्षीय सागर, 9 वर्षीय रानी और 36 वर्षीय राम साय की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सागर की 12 वर्षीय बड़ी बहन श्रद्धा गंभीर रूप से झुलस गई, जिसका इलाज जारी है। बिलासपुर में तेज बारिश और आंधी से जनजीवन प्रभावित सोमवार शाम बिलासपुर में तेज आंधी और बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया। कलेक्टर बंगले के पास एक बड़ा पेड़ कार पर गिर गया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि कार में सवार लोग सुरक्षित बच गए। पेड़ गिरने से बिजली के तार भी टूट गए, जिसके चलते आसपास के इलाके में कुछ समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। 22 जून को दंतेवाड़ा से हुई थी मानसून की एंट्री दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 22 जून को दंतेवाड़ा जिले से छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था। इसके बाद धीरे-धीरे यह पूरे प्रदेश में फैलता गया। 30 जून को उत्तर और उत्तर-पूर्व छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में भी मानसून पहुंच गया। हालांकि इन इलाकों में पहले से ही प्री-मानसून बारिश हो रही थी। अगले चार दिन भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की अपील की गई है। इन जिलों में पहुंच चुका है मानसून मानसून रायपुर, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर सहित कई जिलों में पहले ही सक्रिय हो चुका था। 30 जून को सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और रायगढ़ में भी मानसून ने दस्तक दे दी। धिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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Weather

India Weather UP-Bihar में बारिश बनी आफत, MP-Gujarat में रुका Monsoon, Delhi में भीषण गर्मी

देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम (Weather) ने दो बिल्कुल अलग तस्वीरें पेश की हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ में तेज बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली लोगों के लिए आफत बन गई है। वहीं मध्य प्रदेश और गुजरात में मानसून की रफ्तार थमने से बारिश का इंतजार लंबा हो गया है। दूसरी ओर दिल्ली और हरियाणा में भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बारिश और Lightning ने ली 13 लोगों की जान पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। इन हादसों में कुल 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। कुछ स्थानों पर तेज हवा के कारण बड़े-बड़े पेड़ सड़क और मकानों पर गिर गए, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने की बात कही है। MP और Gujarat में मानसून की चाल धीमी जहां उत्तर और पूर्वी भारत में बारिश का असर दिख रहा है, वहीं मध्य प्रदेश और गुजरात में मानसून फिलहाल कमजोर पड़ गया है। कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई कर चुके किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की यह धीमी चाल लंबे समय तक नहीं रहेगी। जुलाई के शुरुआती दिनों में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है, जिससे खेती और जलस्तर दोनों को राहत मिल सकती है। Delhi-Haryana में Heat Wave जैसे हालात राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, हरियाणा और आसपास के इलाकों में मानसून की देरी का असर साफ दिखाई दे रहा है। कई जगह अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तेज धूप और उमस के कारण लोगों का दिनभर बाहर निकलना मुश्किल हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के आगे बढ़ने के बाद तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने लोगों को किया सतर्क भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जिन राज्यों में बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना है, वहां लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है। वहीं जिन इलाकों में गर्मी का प्रकोप जारी है, वहां लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में लंबे समय तक न रहने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। देशभर में मौसम का बदला मिजाज एक ओर बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, तो दूसरी ओर कई राज्य अब भी मानसून का इंतजार कर रहे हैं। मौसम के इस बदले हुए स्वरूप ने साफ कर दिया है कि आने वाले कुछ दिन देश के कई हिस्सों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। ऐसे में मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखना और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar : एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की आज तेरहवीं

Bihar : एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की आज तेरहवीं

Bihar में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की आज तेरहवीं का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। परिवार की ओर से करीब 25 हजार लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। परिजनों के मुताबिक, तेरहवीं में आसपास के कई गांवों के लोग भी शामिल होंगे। कार्यक्रम की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही थीं। बड़ी मात्रा में भोजन बनाया जा रहा है और आयोजन स्थल पर सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। इस बीच भरत तिवारी की मां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें मौजूदा सरकार पर भरोसा नहीं है। उनका आरोप है कि उनके बेटे के मामले में उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि परिवार अब भी इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर पहले से ही कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। परिवार लगातार इस कार्रवाई पर सवाल उठाता रहा है। वहीं, तेरहवीं के आयोजन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। परिवार का कहना है कि यह केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का जुटान है जो भरत तिवारी को जानते थे और उन्हें श्रद्धांजलि देना चाहते हैं। फिलहाल, पूरे इलाके की नजर इस कार्यक्रम पर बनी हुई है। प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IPL क्रिकेटर शशांक और उनके IPS पिता पर FIR, भोपाल में कुक से मारपीट का आरोप

IPL क्रिकेटर शशांक और उनके IPS पिता पर FIR, भोपाल में कुक से मारपीट का आरोप

भोपाल में IPL क्रिकेटर शशांक और उनके IPS पिता पर गंभीर आरोप लगे हैं। जानकारी के मुताबिक, घर में काम करने वाले कुक के साथ कथित तौर पर मारपीट और गाली-गलौज की गई। यह मामला सामने आने के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, आरोप है कि खाना ठीक से न बनने की बात को लेकर विवाद बढ़ गया। इसके बाद कुक के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया। बताया जा रहा है कि इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पीड़ित कुक रोते हुए नजर आ रहा है और उसने अपने साथ हुए व्यवहार के बारे में बताया है। वीडियो सामने आने के बाद मामला और ज्यादा गंभीर हो गया और सोशल मीडिया पर भी इस पर चर्चा तेज हो गई। पुलिस ने दर्ज की FIR घटना के बाद भोपाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल पुलिस सभी पक्षों के बयान और सबूतों की जांच कर रही है।
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सांची

सांची की दही अब Vande Bharat ट्रेन में, यात्रियों को मिलेगा नया स्वाद और हेल्दी फूड

मध्य प्रदेश के सहकारी डेयरी ब्रांड सांची ने एक और अहम उपलब्धि अपने नाम कर ली है। अब वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले यात्रियों को यात्रा के दौरान सांची की बायोमैजिक दही (BioMagic Curd) का स्वाद मिल सकेगा। इंदौर सहकारी दुग्ध संघ (मर्या.) ने इंदौर–नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस में आज से सांची उत्पादों की आपूर्ति शुरू कर दी है। इस सप्लाई की जिम्मेदारी वृंदावन फूड प्रोडक्ट को सौंपी गई है, जो ट्रेन में यात्रियों तक यह उत्पाद पहुंचाएगा। यात्रियों के लिए हेल्दी और भरोसेमंद विकल्प ट्रेन यात्रा में अब यात्रियों को एक ऐसा विकल्प मिलेगा जो न सिर्फ स्वादिष्ट है बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहतर माना जाता है। सांची की BioMagic दही को खास तौर पर यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर उपलब्ध कराया गया है। इस कदम से भारतीय रेल यात्रा के दौरान गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित फूड सप्लाई को भी बढ़ावा मिलेगा। सिर्फ एक ट्रेन तक सीमित नहीं है योजना संघ ने स्पष्ट किया है कि यह शुरुआत केवल इंदौर–नागपुर वंदे भारत तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले समय में राजधानी एक्सप्रेस सहित अन्य प्रमुख ट्रेनों में भी सांची उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है। रेल प्रशासन के साथ इस दिशा में बातचीत जारी है, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों तक सहकारी उत्पाद पहुंच सकें। किसानों से सीधे जुड़ा सांची ब्रांड सांची मध्य प्रदेश के उन हजारों दुग्ध उत्पादक किसानों से सीधे दूध खरीदकर उत्पाद तैयार करता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। यह मॉडल किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य दिलाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी शुद्ध और भरोसेमंद डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराता है। अधिकारी का बयान इंदौर सहकारी दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि यह उपलब्धि लंबे समय से चल रहे मार्केटिंग और सप्लाई विस्तार प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण सहकारी उत्पाद उपलब्ध कराना ही संघ की प्राथमिकता है और आने वाले समय में सांची उत्पादों की उपस्थिति और भी ट्रेनों में देखने को मिलेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

Bhopal Cooperative Week 2026: “जैसा दूध वैसा पैसा” से किसानों को मिला सही हक

भोपाल (Bhopal) में सहकारिता मंत्रालय के पाँच वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (MPCDF) में सहकारिता सप्ताह की शुरुआत उत्साह और सहभागिता के साथ हुई। यह आयोजन प्रदेश के सभी छह दुग्ध संघों में एक साथ मनाया जा रहा है, जिसमें किसानों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह सहकारिता भावना से भरा हुआ नजर आया, जहाँ किसानों के चेहरे पर उम्मीद और आत्मनिर्भरता की झलक साफ दिखाई दी। “सहकारिता ने किसान को उसका सही हक दिलाया” – डॉ. संजय गोवाणी एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवाणी ने सेमिनार में कहा कि सहकारिता ने किसानों को उनकी मेहनत का सही और पारदर्शी मूल्य दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को दूध का उचित दाम नहीं मिलता था, लेकिन सहकारी व्यवस्था ने इस स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। “जैसा दूध वैसा पैसा” के सिद्धांत ने किसानों को सीधा लाभ पहुँचाया है। डॉ. गोवाणी ने आगे बताया कि सहकारिता सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि किसानों की सेवा का माध्यम है, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है। MP Dairy Sector Growth: मध्यप्रदेश के पास नंबर-1 बनने का मौका डॉ. गोवाणी ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश में डेयरी क्षेत्र में अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। राज्य में करीब 10,000 गाँवों में सहकारी दुग्ध समितियाँ सक्रिय हैं, जबकि कुल गाँवों की संख्या 52,000 से अधिक है। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि नस्ल सुधार, आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किया जाए, तो मध्यप्रदेश देश में दुग्ध उत्पादन में पहले स्थान पर पहुँच सकता है। NDDB ने बताए सहकारिता के 7 सिद्धांत राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के महाप्रबंधक श्री जयदेव विश्वास ने सहकारिता के मूल सिद्धांतों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक सहकारिता की नींव यूरोप में रखी गई थी, लेकिन भारत में इसे ऑपरेशन फ्लड के माध्यम से नई पहचान मिली। सहकारिता के 7 मुख्य सिद्धांत: उन्होंने कहा कि यही सिद्धांत सहकारिता को मजबूत और टिकाऊ बनाते हैं। MP Dairy Cooperative Future: उज्जवल संभावनाएँ जबलपुर दुग्ध संघ के सीईओ श्री राहुल त्रिपाठी ने कहा कि मध्यप्रदेश में डेयरी सेक्टर तेजी से आगे बढ़ सकता है। अगर किसान और संस्थाएँ मिलकर काम करें तो राज्य देश में डेयरी हब बन सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तकनीक और प्रशिक्षण इस क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत होंगे। “सांची” जैसी संस्थाओं को मजबूत करने की जरूरत डॉ. गोवाणी ने यह भी चेताया कि यदि सहकारिता कमजोर हुई तो निजी कंपनियों द्वारा किसानों के शोषण की संभावना बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि “सांची” जैसी सहकारी ब्रांड को और मजबूत करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। कार्यक्रम में दिखा सहयोग और सहभागिता सेमिनार में लगभग 250 प्रतिभागियों ने ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत सहकारिता शपथ के साथ हुई, जिसने पूरे माहौल को एकजुटता और विश्वास से भर दिया। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए, जिनमें शामिल रहे: कार्यक्रम का संचालन श्री मिलन मिश्रा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन श्री अजय शाह द्वारा दिया गया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mohan Bhagwat Statement: RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले- दुनिया की चुनौतियों का समाधान भारत के विचार और संस्कृति में

Mohan Bhagwat Statement: RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले- दुनिया की चुनौतियों का समाधान भारत के विचार और संस्कृति में

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है। उनका मानना है कि इन समस्याओं का स्थायी समाधान भारत के विचार, परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों में मौजूद है। मोहन भागवत ने कहा कि भारत की संस्कृति केवल अपने देश तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी मानवता के कल्याण का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि भारतीय सोच हमेशा शांति, सह-अस्तित्व, सेवा और मानवता को प्राथमिकता देती है। उन्होंने लोगों से भारतीय संस्कृति और मूल्यों को समझने तथा उन्हें अपने जीवन में अपनाने की अपील भी की। उनके अनुसार, यदि दुनिया भारतीय जीवन दर्शन के सिद्धांतों पर आगे बढ़े तो कई वैश्विक समस्याओं का समाधान संभव हो सकता है। उनके इस बयान के बाद सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे भारत की सांस्कृतिक विरासत का संदेश बता रहे हैं, जबकि इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
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बारिश

बारिश संकट: 40% Rain Deficit के साथ सबसे सूखा June, IMD ने बताए कारण

इस साल जून का महीना भारत के मौसम इतिहास में एक अलग ही कहानी लिख गया है। जहां आमतौर पर जून की बारिश से खेतों में हरियाली छा जाती है, वहीं 2026 का जून लोगों को सूखा और गर्मी दोनों की मार देकर गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पिछले 146 सालों में सबसे सूखा जून रहा है, जिसमें देशभर में सामान्य से करीब 40% कम बारिश दर्ज की गई। इस बारिश की कमी ने सिर्फ मौसम वैज्ञानिकों को ही नहीं, बल्कि किसानों और आम लोगों की दिनचर्या तक को प्रभावित किया है। IMD की रिपोर्ट क्या कहती है? India Meteorological Department (IMD) के अनुसार, इस बार मानसून की शुरुआत समय पर हुई थी, लेकिन उसकी रफ्तार और फैलाव दोनों ही कमजोर रहे। जून के ज्यादातर दिनों में बारिश देने वाले सिस्टम सक्रिय नहीं हो पाए, जिससे कई राज्यों में लंबे सूखे हालात बने रहे। मानसून इतना कमजोर क्यों पड़ा? (5 बड़े कारण) मानसून ट्रफ का कमजोर होना मानसून ट्रफ इस बार अपनी सामान्य स्थिति में नहीं रही, जिससे बारिश लाने वाले बादलों का सही तरीके से गठन नहीं हो सका। El Niño का असर प्रशांत महासागर में विकसित El Niño स्थिति ने भारतीय मानसून को कमजोर कर दिया, जिसका सीधा असर बारिश की मात्रा पर पड़ा। समुद्री सिस्टम की कमी अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर सिस्टम की कमी रही, जिससे नमी की सप्लाई कमजोर पड़ गई। जेट स्ट्रीम में बदलाव ऊपरी वायुमंडल में हवा के प्रवाह (Jet Stream) में बदलाव ने मानसून की गति और दिशा दोनों को प्रभावित किया। जलवायु परिवर्तन का असर लगातार बढ़ते तापमान और बदलते मौसम पैटर्न ने मानसून को अस्थिर बना दिया है, जिससे बारिश का वितरण असमान हो गया है। आम जिंदगी पर असर इस सूखे जून का असर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर जमीन पर साफ दिखा— आगे क्या उम्मीद है? मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई में मानसून कुछ गति पकड़ सकता है, लेकिन जून की भारी कमी को पूरी तरह भर पाना मुश्किल रहेगा। आने वाले कुछ हफ्ते बेहद अहम होंगे, क्योंकि वही तय करेंगे कि इस साल की बारिश का कुल संतुलन कैसा रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।
BSF

BSF Action: कच्छ के Sir Creek में पकड़े गए 4 Pakistani Fishermen

गुजरात के कच्छ से भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सर क्रीक के संवेदनशील इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ लिया। इस दौरान उनकी फाइबर से बनी मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चारों मछुआरे कथित तौर पर केकड़े पकड़ने के लिए भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुए थे। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई। घटना के बाद एक बार फिर कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मछुआरों के भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। BSF ने कैसे पकड़े चार पाकिस्तानी मछुआरे? India Today की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, BSF को सूचना मिली थी कि कुछ पाकिस्तानी मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद जवानों ने सर क्रीक इलाके में कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए मछुआरों की पहचान कादिर थैमोर, मुहम्मद मूसा, अजगर थैमोर और अहसान जाट के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चारों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान उनकी फाइबर की नाव भी जब्त की गई। फिलहाल, पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। आखिर क्या है मछुआरों का अपराध? इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि चारों मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में क्यों पहुंचे थे। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि वे केकड़े पकड़ने के लिए सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। भारत के जलक्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना या वहां अवैध रूप से मछली पकड़ना संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तय होगी। अभी तक सामने आई रिपोर्ट में चारों मछुआरों के जासूसी या किसी अन्य गंभीर गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को लेकर किसी अपुष्ट दावे को तथ्य मानना सही नहीं होगा। कच्छ का Sir Creek इलाका क्यों है संवेदनशील? गुजरात का कच्छ क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा के पास स्थित है। सर क्रीक एक ज्वारीय जलमार्ग है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और दलदली इलाके के कारण सीमा पर निगरानी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए नावों की आवाजाही होती है। समुद्री सीमा के आसपास होने के कारण किसी दूसरे देश की नाव का भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन जाता है। BSF यहां नियमित गश्त और निगरानी करती है। संदिग्ध नाव या गतिविधि दिखाई देने पर जवान संबंधित लोगों से पूछताछ करते हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। Kutch Border पर हाल की घटनाओं से बढ़ी निगरानी कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में अक्टूबर 2026 के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों और नावों से जुड़े दूसरे मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं। 19 अक्टूबर को कोटेश्वर के पास क्रीक क्षेत्र में गश्त के दौरान BSF ने एक पाकिस्तानी नागरिक को नाव के साथ पकड़ा था। शुरुआती जांच में नाव से मछली पकड़ने के उपकरण मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाए जाने की खबर भी सामने आई। 20 अक्टूबर को कच्छ के लखपत और आसपास के क्रीक क्षेत्र से जुड़ी अन्य घटनाओं की भी रिपोर्ट आई थी। इन मामलों में नावों, पाकिस्तानी नागरिकों और तलाशी अभियान का जिक्र किया गया था। हालांकि, ये अलग-अलग घटनाएं हैं और इन्हें 25 अक्टूबर को पकड़े गए चार मछुआरों के मामले से अलग समझना जरूरी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच समुद्री सीमा पर निगरानी का महत्व बढ़ जाता है। फिर भी, केवल इन घटनाओं के आधार पर किसी बड़ी साजिश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। क्या पाकिस्तानी नाव से कोई संदिग्ध सामान मिला? 25 अक्टूबर की घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्ट में फाइबर की नाव जब्त किए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, नाव से किसी हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामान की बरामदगी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल ऐसी किसी बरामदगी का दावा नहीं किया जा सकता। आगे की जांच में नाव, मछुआरों की गतिविधियों और भारतीय जलक्षेत्र में उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है। अब आगे क्या होगा? चारों मछुआरों को पकड़े जाने के बाद अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित अधिकारी उनकी पहचान, भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश की परिस्थितियों और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BSF ने गुजरात के कच्छ स्थित सर क्रीक इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा है और उनकी नाव जब्त की है। वे भारतीय जलक्षेत्र में किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में BSF की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। मामले में आधिकारिक अपडेट आने पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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