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कार्य में लापरवाही पर नगर निगम आयुक्त की बड़ी कार्रवाई, कर्मचारी निलंबित, कई अधिकारियों के प्रभार बदले

खंडवा। कार्य में लापरवाही और प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता पाए जाने पर नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। साथ ही चार कर्मचारियों को उनके प्रभारों से मुक्त करते हुए विभिन्न शाखाओं में नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। एक कर्मचारी निलंबित, चार अधिकारियों से छीने प्रभार नगर निगम आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार स्थायीकर्मी राजेंद्र मलैया को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वहीं राजेश सिंह राजपूत, आनंद मंगल गुरु, सईदुद्दीन कुरैशी और हरेंद्र खटीक को उनके वर्तमान प्रभारों से मुक्त कर दिया गया है। कई शाखाओं में नए अधिकारियों की नियुक्ति आदेश के अनुसार वाहन शाखा में हरेंद्र खटीक के स्थान पर कार्यपालन यंत्री जितेन्द्र कुमार गुप्ता को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। वहीं उपयंत्री आयुष शुक्ला और कृष्ण कुमार चौरसिया को सहायक प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा कृष्ण कुमार चौरसिया को मजदूरी शाखा का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। स्वास्थ्य और बाजार शाखा में भी बदलाव स्वास्थ्य विभाग में राजेश सिंह राजपूत के स्थान पर सहायक आयुक्त तबस्सुम खान को प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि शशांक रावत को सहायक प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी बनाया गया है। वहीं आनंद मंगल गुरु से बाजार शाखा सहित सभी प्रभार वापस लेकर यह जिम्मेदारी प्रभारी राजस्व अधिकारी बृजेश तिवारी को सौंपी गई है। सहायक आयुक्त तबस्सुम खान को जीपीएफ, पेंशन, लोक सूचना अधिकारी और एनपीएस शाखा का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। फायर शाखा में भी बदले प्रभारी फायर शाखा में सईदुद्दीन कुरैशी के स्थान पर कार्यपालन यंत्री जितेन्द्र कुमार गुप्ता को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं कृष्ण कुमार चौरसिया और आयुष शुक्ला को सहायक फायर अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है। कर्मचारी का तबादला, आनंद मंगल गुरु को नोटिस नगर निगम आयुक्त ने स्वास्थ्य स्थापना शाखा में पदस्थ राजेंद्र सनकत का स्थानांतरण कर उन्हें पंतनगर जोन क्रमांक-8 में सफाई कार्य के लिए पदस्थ किया है। इसके साथ ही सहायक स्वच्छता अधिकारी आनंद मंगल गुरु को कर्मचारी संघों की मांगों के निराकरण से जुड़े मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उन्हें एक दिन के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: निगम आयुक्त नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने स्पष्ट कहा है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही, उदासीनता और दायित्वों के प्रति असंवेदनशीलता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी मध्य प्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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खंडवा में अवैध हथियारों का खुलासा: गैंगस्टर अमन लाला से पूछताछ में मिली 3 देसी पिस्टल, 4 आरोपी गिरफ्तार

खंडवा। खंडवा जिले की मोघट रोड थाना पुलिस ने लूट के एक मामले में गिरफ्तार गैंगस्टर सैयद उर्फ अमन लाला से पूछताछ के दौरान अवैध हथियारों के नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन देसी पिस्टल बरामद की हैं और इस मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी इन अवैध पिस्टलों से अलग-अलग वाहनों पर फायरिंग कर उसके वीडियो बनाते थे और सोशल मीडिया पर रील अपलोड करते थे। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल अन्य आपराधिक घटनाओं में तो नहीं हुआ। पुलिस रिमांड में हुआ बड़ा खुलासा पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने बताया कि जिले में गंभीर अपराधों, महिला अपराधों में फरार आरोपियों और अवैध गतिविधियों में शामिल बदमाशों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मोघट रोड थाना पुलिस ने लूट के मामले में गिरफ्तार आरोपी सैयद उर्फ अमन पिता नासिर (19) निवासी बापूनगर, खंडवा को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान अमन ने खुलासा किया कि उसने तीन युवकों को अवैध पिस्टल उपलब्ध कराई थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन देसी पिस्टल बरामद कर लीं। हथियारों की सप्लाई करने वाला भी गिरफ्तार जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि अयान पिता अनवर खान (19) निवासी चंपानगर, रामेश्वर ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। सोशल मीडिया रील के लिए करते थे फायरिंग पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अवैध पिस्टलों से अलग-अलग वाहनों पर फायरिंग कर वीडियो बनाते थे और सोशल मीडिया पर रील पोस्ट करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी अन्य अपराध में तो नहीं किया गया। गिरफ्तार आरोपी पुलिस टीम की रही अहम भूमिका पूरी कार्रवाई मोघट रोड थाना प्रभारी निरीक्षक विकास खींची के नेतृत्व में की गई। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सुभाष नावड़े, रूप सिंह सोलंकी, आरक्षक अमित यादव, शेखर चौहान, अंकुश और संजय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिक जानकारीमध्य प्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी ड्रग सप्लाई केस में गिरफ्तार, कांग्रेस ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध

इंदौर। इंदौर पुलिस ने मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को ड्रग सप्लाई से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, एक कथित ड्रग सप्लायर से पूछताछ के दौरान नाना पटवारी का नाम सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। गुरुवार दोपहर गिरफ्तारी के बाद राजेंद्र नगर थाना पुलिस उन्हें आगे की पूछताछ के लिए अज्ञात स्थान पर ले गई। नाना पटवारी पर पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें लगभग सात साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में फरार रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जमीन विवाद मामले में भी दर्ज हुई थी एफआईआर वर्ष 2025 में इंदौर के तेजाजी नगर थाने में नाना पटवारी और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ जमीन विवाद को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता नरेंद्र मेहता ने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन पर धोखाधड़ी से कब्जा करने की कोशिश की गई। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। महिला से छेड़छाड़ का मामला भी रहा चर्चा में नवंबर 2018 में नाना पटवारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(क) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि नाना पटवारी अपने साथियों के साथ उनके घर पहुंचे, जबरन घर में घुसे और हथियारों से लैस थे। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि नाना पटवारी ने उनका हाथ बुरी नीयत से पकड़ा था। खुशी कूलवाल सुसाइड केस में भी आया था नाम जुलाई 2018 में इंदौर की रहने वाली 37 वर्षीय खुशी कूलवाल की आत्महत्या के मामले की जांच के दौरान भी नाना पटवारी का नाम सामने आया था। हालांकि उस समय पूछताछ के बाद उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। वर्ष 2025 में यह मामला एक बार फिर चर्चा में आया, जब पुलिस ने ड्रग कनेक्शन और हाई प्रोफाइल पार्टियों से जुड़े संभावित संबंधों की जांच शुरू की। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खुशी कूलवाल किन लोगों के संपर्क में थीं और आत्महत्या से पहले की परिस्थितियों में किसकी क्या भूमिका रही। कांग्रेस ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक प्रतिशोध सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने कानूनी सलाहकारों से चर्चा की। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जीतू पटवारी ने हाल ही में प्रदेश में भ्रष्टाचार और उज्जैन भूमि खरीद मामले को लेकर आंदोलन की घोषणा की थी, जिसके बाद सरकार ने दबाव बनाने के लिए उनके भाई के खिलाफ कार्रवाई कराई है। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारी को जांच के आधार पर की गई कानूनी कार्रवाई बताया है। अधिक जानकारी और मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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Cooperation Week

Cooperation Week 2026: एमपीसीडीएफ में सहकारिता सप्ताह का समापन

भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ (एमपीसीडीएफ) द्वारा आयोजित सहकारिता सप्ताह (Cooperation Week 2026) का मंगलवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। पूरे सप्ताह चले इस आयोजन में कर्मचारियों और अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया, जबकि पूरे कार्यक्रम का केंद्र सहकारिता की भावना और सामूहिक विकास का संदेश रहा। एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी ने प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि सहकारिता की असली ताकत लोगों के आपसी विश्वास, सहभागिता और साझा जिम्मेदारी में छिपी है। यही भावना दुग्ध उत्पादकों और किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे मजबूत माध्यम बनती है। पूरे सप्ताह हुए कई रचनात्मक आयोजन सहकारिता सप्ताह के दौरान कर्मचारियों में जागरूकता और भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से कई गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें पौधरोपण अभियान, ई-चौपाल, सहकारिता विषयक सेमिनार, क्विज प्रतियोगिता और संवाद कार्यक्रम शामिल रहे। इन आयोजनों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि सहकारिता के मूल सिद्धांतों को व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित करना भी था। ‘मामूलीराम’ फिल्म से मिली प्रेरणा कार्यक्रम का सबसे विशेष आकर्षण भारत की श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीज कुरियन के जीवन पर आधारित फिल्म ‘मामूलीराम’ का प्रदर्शन रहा। फिल्म के माध्यम से प्रतिभागियों ने जाना कि किस तरह डॉ. कुरियन के नेतृत्व ने देश में दुग्ध सहकारिता आंदोलन को नई दिशा दी और लाखों किसानों के जीवन में बदलाव लाया। फिल्म देखने के बाद कई प्रतिभागियों ने इसे प्रेरणादायक अनुभव बताया। एमपीसीडीएफ की उपलब्धियों पर भी हुई चर्चा समापन समारोह में एमपीसीडीएफ ने बीते एक वर्ष के दौरान हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की। इस दौरान दुग्ध संकलन बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने, प्रसंस्करण क्षमता मजबूत करने, अधोसंरचना विकास और दुग्ध उत्पादकों तक सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने जैसे प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। साथ ही आने वाले समय में सहकारी दुग्ध व्यवस्था को और मजबूत बनाने की रणनीतियों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने साझा किए अपने अनुभव ग्रुप हेड-प्लांट ऑपरेशंस डी.के. पांडे ने कहा कि किसी भी सहकारी संस्था की सफलता उसके बेहतर संचालन, गुणवत्ता नियंत्रण और टीमवर्क पर निर्भर करती है। यदि सभी मिलकर जिम्मेदारी निभाएं तो हर लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है। वहीं ग्रुप हेड-एमएनपी असीम निगम ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते समय के साथ सहकारी संस्थाओं को भी नवाचार और आधुनिक सोच को अपनाना होगा। बेहतर समन्वय और सामूहिक प्रयासों से ही सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। विजेताओं को मिला सम्मान सप्ताहभर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को समापन समारोह में सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी और पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्साह से भर गया। कार्यक्रम का संचालन मिलन मिश्रा ने किया। इस अवसर पर एमपीसीडीएफ के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे। समारोह का समापन सहकारिता की भावना को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।
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MP SI Result 2026: SI-सूबेदार भर्ती परीक्षा का Final Result जारी, 500 में सिर्फ 436 पदों पर हुआ चयन

मध्य प्रदेश में पुलिस विभाग की SI (सब-इंस्पेक्टर) और सूबेदार भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया गया है। इस भर्ती में कुल 500 पद निर्धारित थे, लेकिन सभी पदों पर चयन नहीं हो सका। अंतिम परिणाम के अनुसार 436 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जबकि 64 पद खाली रह गए। इस बार जारी मेरिट सूची में संजय परमार ने पहला स्थान हासिल कर टॉप किया है। वहीं, टॉप-10 में 5 उम्मीदवार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से हैं, जो इस भर्ती की प्रमुख खासियतों में शामिल है। भर्ती परिणाम की मुख्य बातें क्यों खाली रह गए 64 पद? भर्ती प्रक्रिया के दौरान सभी श्रेणियों में पर्याप्त योग्य उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होने या अन्य निर्धारित पात्रता संबंधी कारणों से 64 पदों पर चयन नहीं हो सका। आयोग की ओर से जारी परिणाम में चयनित उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित कर दी गई है। चयनित उम्मीदवारों के लिए अगला चरण फाइनल रिजल्ट घोषित होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को अब दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) और नियुक्ति से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। संबंधित विभाग जल्द ही इसके लिए अलग से सूचना जारी करेगा।
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Mohan Yadav

MP UCC मध्य प्रदेश में इसी महीने लागू हो सकता है Uniform Civil Code, CM Mohan Yadav का बड़ा ऐलान

मध्य प्रदेश में Uniform Civil Code (UCC) को लेकर बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक संकेत मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Mohan Yadav) ने कहा है कि राज्य सरकार इसी महीने UCC को लेकर महत्वपूर्ण फैसला ले सकती है। उनका कहना है कि प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रदेश के औद्योगिक विकास का भी बड़ा रोडमैप पेश किया। उन्होंने बताया कि सतगढ़ी इंडस्ट्रियल पार्क के विकसित होने से करीब 15 हजार युवाओं को रोजगार (Jobs) मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि यह परियोजना निवेश और रोजगार दोनों के लिहाज से प्रदेश के लिए अहम साबित होगी। Uniform Civil Code को लेकर क्या बोले CM मोहन यादव? मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि संविधान की मूल भावना सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान अवसर देने की है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार Uniform Civil Code को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने संकेत दिए कि जुलाई के दौरान UCC को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक तारीख या विस्तृत मसौदा सार्वजनिक नहीं किया गया है। सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून पर जोर मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य ऐसा कानून लागू करना है जो धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के बजाय सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था सुनिश्चित करे। सरकार का मानना है कि इससे न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और संविधान में निहित समानता के सिद्धांत को और मजबूती मिलेगी। सतगढ़ी Industrial Park से मिलेंगे 15 हजार रोजगार मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सतगढ़ी इंडस्ट्रियल पार्क को तेजी से विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के पूरी तरह शुरू होने के बाद करीब 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। सरकार का कहना है कि नए उद्योग स्थापित होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, छोटे और मध्यम उद्योगों को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। निवेश बढ़ाने पर सरकार का फोकस राज्य सरकार लगातार नए निवेशकों को आकर्षित करने और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर काम कर रही है। सरकार का मानना है कि बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट प्रदेश के आर्थिक विकास को नई दिशा देंगे और मध्य प्रदेश को निवेश के प्रमुख केंद्रों में शामिल करेंगे। UCC को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज मुख्यमंत्री के बयान के बाद प्रदेश में Uniform Civil Code को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि सरकार के अगले कदम और विपक्ष की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है। क्या है इस घोषणा का महत्व? एक तरफ सरकार Uniform Civil Code लागू करने की तैयारी का संकेत दे रही है, वहीं दूसरी ओर सतगढ़ी इंडस्ट्रियल पार्क के जरिए रोजगार बढ़ाने की योजना पर भी जोर दे रही है। यदि दोनों योजनाएं तय समय के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो इसका असर प्रदेश की कानूनी व्यवस्था, निवेश और रोजगार—तीनों क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Aamir Khan-Gauri Wedding: गौरी संग नई शुरुआत, शादी में पहुंचे मुकेश अंबानी और कई बड़े सितारे

Aamir Khan-Gauri Wedding: गौरी संग नई शुरुआत, शादी में पहुंचे मुकेश अंबानी और कई बड़े सितारे

मुंबई: बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने अपनी पार्टनर गौरी के साथ शादी कर अपनी जिंदगी की नई शुरुआत की है। शादी समारोह में उद्योगपति मुकेश अंबानी, फिल्म निर्देशक आशुतोष गोवारिकर समेत बॉलीवुड और बिजनेस जगत की कई नामचीन हस्तियां शामिल हुईं। इस खास मौके की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। बेहद सादगी और करीबी लोगों की मौजूदगी में हुई शादी आमिर खान और गौरी की शादी का समारोह बेहद सादगीपूर्ण रखा गया। इसमें परिवार के सदस्यों, करीबी दोस्तों और चुनिंदा मेहमानों को ही आमंत्रित किया गया था। शादी के बाद दोनों ने मेहमानों के साथ समय बिताया और सभी का धन्यवाद किया। मुकेश अंबानी और आशुतोष गोवारिकर भी पहुंचे शादी में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और फिल्म निर्देशक आशुतोष गोवारिकर समेत कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। इन खास मेहमानों की मौजूदगी ने समारोह को और भी यादगार बना दिया। 20 साल की उम्र में की थी पहली शादी आमिर खान की निजी जिंदगी हमेशा चर्चा में रही है। उन्होंने महज 20 साल की उम्र में अपने परिवार से छिपकर अपनी पड़ोसी रीना दत्ता से शादी की थी। उस समय दोनों का रिश्ता काफी सुर्खियों में रहा। बाद में दोनों अलग हो गए।
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Mamata Banerjee News: 'मुझे रोकना है तो मारना पड़ेगा', बागी नेताओं को CM ममता की खुली चुनौती

Mamata Banerjee News: ‘मुझे रोकना है तो मारना पड़ेगा’, बागी नेताओं को CM ममता की खुली चुनौती

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी के भीतर चल रही सियासी हलचल के बीच बागी नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “अगर मुझे रोकना है, तो मुझे मारना पड़ेगा।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “गद्दारी की भी एक सीमा होती है।” ममता बनर्जी के इस बयान को राज्य की राजनीति में चल रहे अंदरूनी मतभेदों के बीच अहम माना जा रहा है। बागी नेताओं को सीधी चुनौती मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़ने या नेतृत्व पर सवाल उठाने वाले नेताओं को निशाने पर लेते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो खुलकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे राजनीति करने के बजाय खुलकर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। ‘गद्दारी की भी एक सीमा होती है’ अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने कहा कि पार्टी ने कई नेताओं को पहचान और जिम्मेदारी दी, लेकिन कुछ लोग उसी पार्टी के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वासघात किसी भी संगठन को कमजोर करता है और इसकी भी एक सीमा होती है। राजनीतिक हलचल तेज हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ नेताओं के इस्तीफे और अंदरूनी मतभेदों की खबरों के बीच ममता का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री ने इस संदेश के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का संकेत दिया है।
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Heavy Rain Update: महाराष्ट्र के वसई में 20 कारें डूबीं, छत्तीसगढ़ में घरों में घुसा पानी; गुजरात में तेज बहाव में बही कार

Heavy Rain Update: महाराष्ट्र के वसई में 20 कारें डूबीं, छत्तीसगढ़ में घरों में घुसा पानी; गुजरात में तेज बहाव में बही कार

देश के कई राज्यों में मानसून की तेज बारिश लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और गुजरात में लगातार हो रही बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जबकि प्रशासन लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। महाराष्ट्र के वसई में 20 कारें पानी में डूबीं महाराष्ट्र के वसई में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया। जलभराव इतना अधिक हो गया कि पार्किंग में खड़ी करीब 20 कारें पानी में डूब गईं। कई सड़कों पर यातायात प्रभावित रहा और लोगों को आने-जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वहीं, क्षेत्र की एक नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। छत्तीसगढ़ में घरों तक पहुंचा बारिश का पानी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। कई घरों में बारिश का पानी घुसने से लोगों का सामान खराब हो गया। कुछ स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है तथा प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है।
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Operation Kahuta Part-2: PM मोरारजी देसाई, पाकिस्तान और परमाणु रहस्य की कहानी, मूत्र सेवन वाले दावे पर फिर चर्चा

Operation Kahuta Part-2: PM मोरारजी देसाई, पाकिस्तान और परमाणु रहस्य की कहानी, मूत्र सेवन वाले दावे पर फिर चर्चा

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई एक बार फिर चर्चा में हैं। इसकी वजह उनके जीवन से जुड़े दो पुराने और चर्चित दावे हैं। पहला, उनके स्वास्थ्य संबंधी अभ्यास यानी मूत्र सेवन (Urine Therapy) को लेकर, और दूसरा पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा ऑपरेशन कहूटा (Operation Kahuta) विवाद। इन दोनों मुद्दों पर वर्षों से अलग-अलग दावे और चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि, इनमें से कई बातों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और इतिहासकारों के बीच भी इस पर अलग-अलग राय मौजूद है। मूत्र सेवन को लेकर क्या है दावा? मोरारजी देसाई सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार कर चुके थे कि वे स्वास्थ्य कारणों से मूत्र सेवन करते थे। इसी को लेकर वर्षों से यह दावा किया जाता रहा है कि तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति उन्हें इस विषय में जानकारी लेने के लिए फोन किया करते थे। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या ठोस प्रमाण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे ऐतिहासिक दावा माना जाता है, न कि पूरी तरह स्थापित तथ्य। क्या था ऑपरेशन कहूटा? 1970 और 1980 के दशक में पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र कहूटा था। भारत की खुफिया एजेंसियां इस कार्यक्रम पर नजर बनाए हुए थीं। इसी दौरान यह आरोप सामने आया कि भारत की खुफिया एजेंसी को पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल गई थी।
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X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।
BSF

BSF Action: कच्छ के Sir Creek में पकड़े गए 4 Pakistani Fishermen

गुजरात के कच्छ से भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सर क्रीक के संवेदनशील इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ लिया। इस दौरान उनकी फाइबर से बनी मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चारों मछुआरे कथित तौर पर केकड़े पकड़ने के लिए भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुए थे। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई। घटना के बाद एक बार फिर कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मछुआरों के भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। BSF ने कैसे पकड़े चार पाकिस्तानी मछुआरे? India Today की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, BSF को सूचना मिली थी कि कुछ पाकिस्तानी मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद जवानों ने सर क्रीक इलाके में कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए मछुआरों की पहचान कादिर थैमोर, मुहम्मद मूसा, अजगर थैमोर और अहसान जाट के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चारों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान उनकी फाइबर की नाव भी जब्त की गई। फिलहाल, पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। आखिर क्या है मछुआरों का अपराध? इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि चारों मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में क्यों पहुंचे थे। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि वे केकड़े पकड़ने के लिए सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। भारत के जलक्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना या वहां अवैध रूप से मछली पकड़ना संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तय होगी। अभी तक सामने आई रिपोर्ट में चारों मछुआरों के जासूसी या किसी अन्य गंभीर गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को लेकर किसी अपुष्ट दावे को तथ्य मानना सही नहीं होगा। कच्छ का Sir Creek इलाका क्यों है संवेदनशील? गुजरात का कच्छ क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा के पास स्थित है। सर क्रीक एक ज्वारीय जलमार्ग है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और दलदली इलाके के कारण सीमा पर निगरानी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए नावों की आवाजाही होती है। समुद्री सीमा के आसपास होने के कारण किसी दूसरे देश की नाव का भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन जाता है। BSF यहां नियमित गश्त और निगरानी करती है। संदिग्ध नाव या गतिविधि दिखाई देने पर जवान संबंधित लोगों से पूछताछ करते हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। Kutch Border पर हाल की घटनाओं से बढ़ी निगरानी कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में अक्टूबर 2026 के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों और नावों से जुड़े दूसरे मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं। 19 अक्टूबर को कोटेश्वर के पास क्रीक क्षेत्र में गश्त के दौरान BSF ने एक पाकिस्तानी नागरिक को नाव के साथ पकड़ा था। शुरुआती जांच में नाव से मछली पकड़ने के उपकरण मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाए जाने की खबर भी सामने आई। 20 अक्टूबर को कच्छ के लखपत और आसपास के क्रीक क्षेत्र से जुड़ी अन्य घटनाओं की भी रिपोर्ट आई थी। इन मामलों में नावों, पाकिस्तानी नागरिकों और तलाशी अभियान का जिक्र किया गया था। हालांकि, ये अलग-अलग घटनाएं हैं और इन्हें 25 अक्टूबर को पकड़े गए चार मछुआरों के मामले से अलग समझना जरूरी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच समुद्री सीमा पर निगरानी का महत्व बढ़ जाता है। फिर भी, केवल इन घटनाओं के आधार पर किसी बड़ी साजिश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। क्या पाकिस्तानी नाव से कोई संदिग्ध सामान मिला? 25 अक्टूबर की घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्ट में फाइबर की नाव जब्त किए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, नाव से किसी हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामान की बरामदगी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल ऐसी किसी बरामदगी का दावा नहीं किया जा सकता। आगे की जांच में नाव, मछुआरों की गतिविधियों और भारतीय जलक्षेत्र में उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है। अब आगे क्या होगा? चारों मछुआरों को पकड़े जाने के बाद अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित अधिकारी उनकी पहचान, भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश की परिस्थितियों और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BSF ने गुजरात के कच्छ स्थित सर क्रीक इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा है और उनकी नाव जब्त की है। वे भारतीय जलक्षेत्र में किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में BSF की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। मामले में आधिकारिक अपडेट आने पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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