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MP Politics: Datia में BJP Protest के बाद बड़ा एक्शन, बिना अनुमति सभा-जुलूस पर लगी रोक

मध्य प्रदेश के दतिया (Datia) में भाजपा कार्यकर्ताओं के उग्र प्रदर्शन के बाद हालात को नियंत्रण में रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रशासन ने पूरे जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके साथ ही बिना अनुमति किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, प्रदर्शन या सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को पार्टी का टिकट नहीं मिलने के बाद उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी खुलकर सामने आई। टिकट को लेकर बढ़ा विवाद भाजपा द्वारा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार की घोषणा के बाद दतिया में विरोध के स्वर तेज हो गए। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और पार्टी के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। कई जगहों पर नारेबाजी हुई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रशासन के अनुसार, कुछ स्थानों पर प्रदर्शन ने उग्र रूप भी ले लिया, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। प्रशासन ने क्यों लागू की धारा 163? प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम के रूप में धारा 163 लागू की है। इसका उद्देश्य जिले में शांति बनाए रखना और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकना है। प्रशासन के आदेश के अनुसार— सुरक्षा व्यवस्था की गई मजबूत स्थिति को देखते हुए जिले के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन किसी भी तरह की अफवाह या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा दतिया उपचुनाव में टिकट वितरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में भाजपा नेतृत्व की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई बड़ा संदेश या रणनीतिक फैसला सामने आ सकता है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और सोशल मीडिया पर किसी भी भ्रामक जानकारी को साझा करने से बचें। साथ ही, किसी भी सार्वजनिक आयोजन से पहले प्रशासन की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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छत्तीसगढ़ में बड़ा पुलिस प्रशासनिक फेरबदल, 24 IPS अधिकारियों के तबादले, 12 जिलों के SP बदले

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य सरकार ने 24 आईपीएस अधिकारियों का तबादला करते हुए 12 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। यह बदलाव करीब 167 दिन पहले जारी पिछली तबादला सूची के बाद किया गया है। राजनांदगांव रेंज को मिला नया आईजी तबादला सूची के अनुसार, अजय कुमार यादव को नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी के निदेशक पद से हटाकर राजनांदगांव रेंज का नया पुलिस महानिरीक्षक (IG) नियुक्त किया गया है। वहीं, राजनांदगांव रेंज के तत्कालीन आईजी बालाजी राव सोमावर को पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर भेजा गया है। इसके अलावा बस्तर आईजी प्रशांत कुमार अग्रवाल की भी पुलिस मुख्यालय में नई पदस्थापना की गई है। कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का बड़ा कदम राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच सरकार ने कई जिलों में पुलिस नेतृत्व बदलने का फैसला लिया है। कोरिया जिले में भाजपा नेता को कार समेत जिंदा जलाने की घटना के बाद एसपी हरीश राठौर का तबादला किया गया है। वहीं, जुआ-सट्टा की शिकायतों के बाद बलौदाबाजार एसपी भावना गुप्ता को भी पुलिस मुख्यालय वापस बुला लिया गया है। 12 जिलों के नए एसपी नियुक्त सरकार ने कई जिलों में नए पुलिस अधीक्षकों की नियुक्ति की है। प्रमुख नियुक्तियां इस प्रकार हैं— इसके अलावा रायपुर जोन के तीन डीसीपी को बस्तर भेजा गया है, जबकि रॉबिन्सन गुरिया को गरियाबंद के एसपी पद से रायपुर नगर पुलिस में डीसीपी (पश्चिम) बनाया गया है। कानून-व्यवस्था मजबूत करने पर सरकार का फोकस सरकार का कहना है कि यह प्रशासनिक फेरबदल राज्य में कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, पुलिसिंग में सुधार लाने तथा विभिन्न जिलों में बेहतर प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। अधिक जानकारी देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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ट्रेन के आगे कूदा किसान, दो टुकड़ों में बंटा, VIDEO:ग्वालियर में सूदखोर धमकाते थे-घर में घुसकर मारेंगे; बेटा बोला- किडनैप कर पीटा भी

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में कथित सूदखोरों की धमकियों से परेशान एक किसान ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। शव दो टुकड़ों में बंटा मिला। मृतक की पहचान मुरार के त्यागी नगर निवासी तिलक सिंह राणा के रूप में हुई है। पुलिस को उनके पास से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने जीजा-साले समेत तीन लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का आरोप है कि कर्ज चुकाने के बावजूद आरोपी लगातार धमका रहे थे और घर में घुसकर मारने की बात कह रहे थे। 5 लाख उधार लिए, 3 लाख लौटा दिए परिजनों के मुताबिक, तिलक सिंह ने करीब छह महीने पहले कल्ला शर्मा से 5 लाख रुपए उधार लिए थे। इनमें से 3 लाख रुपए लौटा दिए थे, लेकिन बाकी 2 लाख और भारी ब्याज के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। उनका कहना है कि पहले 3 टका ब्याज तय हुआ था, लेकिन बाद में 20 टका ब्याज मांगा जाने लगा। मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप परिजनों का आरोप है कि रुपए नहीं देने पर आरोपियों ने तिलक के साथ मारपीट की और घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी। गुरुवार को भी उन्हें धमकाया गया था। इसी मानसिक दबाव के चलते शुक्रवार को तिलक एजी ऑफिस पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर पहुंचे और ट्रेन के सामने कूद गए। सुसाइड नोट में लिखी मौत की वजह पुलिस को मिले सुसाइड नोट में तिलक ने लिखा है कि उन्होंने 5 लाख रुपए उधार लिए थे और 3 लाख वापस कर दिए थे। इसके बावजूद बचे हुए पैसों और ब्याज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने लिखा कि आरोपियों की धमकियों से तंग आकर वह यह कदम उठा रहे हैं और उनकी मौत के जिम्मेदार जितेंद्र शर्मा, उसका साला कल्ला शर्मा तथा गजेन्द्र हैं। बेटे ने कहा- 20 प्रतिशत ब्याज मांग रहे थे मृतक के बेटे अजीत सिंह का कहना है कि पिता पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। 3 लाख रुपए लौटाने के बाद भी आरोपी बचे हुए पैसों पर 20 प्रतिशत ब्याज मांग रहे थे। विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकियां दी गईं, जिससे परेशान होकर उनके पिता ने आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस बोली- हर पहलू की जांच करेंगे एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि मौके से सुसाइड नोट मिला है। उसमें जिन लोगों के नाम लिखे गए हैं, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट की भी जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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ओंकारेश्वर जाते समय नर्मदा में डूबा युवक, खेड़ीघाट पर स्नान के दौरान हुआ हादसा

खंडवा। खंडवा जिले के मोरटक्का स्थित खेड़ीघाट पर शुक्रवार शाम नर्मदा नदी में स्नान के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान अंकित पिता कमल पटेल (24) निवासी महू के रूप में हुई है। वह अपने उत्तर प्रदेश निवासी दोस्त के साथ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए जा रहा था। स्नान के दौरान गहरे पानी में चला गया जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार शाम करीब 5 बजे की है। ओंकारेश्वर जाते समय दोनों दोस्त मोरटक्का के खेड़ीघाट पर रुके और नर्मदा नदी में स्नान करने उतर गए। इसी दौरान अंकित अनजाने में गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। गोताखोरों ने बाहर निकाला, अस्पताल में मृत घोषित घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोर और मोरटक्का चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने युवक को नदी से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। निजी स्कूल में शिक्षक था युवक पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अंकित को तैरना नहीं आता था। स्नान के दौरान वह गहरे पानी में चला गया, जिससे यह हादसा हो गया। पुलिस के मुताबिक, अंकित महू के एक निजी स्कूल में शिक्षक था। वह अपने उत्तर प्रदेश निवासी मित्र को ओंकारेश्वर दर्शन कराने ले जा रहा था। रास्ते में नर्मदा स्नान के दौरान यह दुखद हादसा हो गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिक जानकारी मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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भोपाल के 50 से ज्यादा इलाकों में आज बिजली कटौती, 1 से 6 घंटे तक रहेगी सप्लाई बंद

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के करीब 50 से अधिक इलाकों में शनिवार को 1 से 6 घंटे तक बिजली कटौती रहेगी। बिजली कंपनी द्वारा निर्धारित मेंटेनेंस कार्य के चलते विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने जरूरी बिजली संबंधी कार्य पहले ही निपटा लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके। इन इलाकों में रहेगी बिजली बंद सुबह 10:00 बजे से 11:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक मेंटेनेंस कार्य के चलते रहेगी कटौती बिजली कंपनी के अनुसार, निर्धारित मेंटेनेंस और लाइन सुधार कार्य के कारण इन इलाकों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी। कार्य पूरा होने के बाद सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी। अधिक जानकारी भोपाल और मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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श्रावणी मेला 2026: महादेवसाल स्टेशन पर 8 ट्रेनों का अस्थायी ठहराव, श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी सुविधा

बिलासपुर। श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे ने महादेवसाल स्टेशन पर 4 जोड़ी यानी 8 ट्रेनों का अस्थायी ठहराव देने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक लागू रहेगी, जिससे महादेवसाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में काफी सहूलियत मिलेगी। दक्षिण पूर्व रेलवे के अनुसार, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर गुजरने वाली साउथ बिहार एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस और टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस का इस अवधि में महादेवसाल स्टेशन पर अस्थायी स्टॉपेज रहेगा। इन ट्रेनों का रहेगा अस्थायी ठहराव श्रद्धालुओं को होगी यात्रा में आसानी रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, श्रावणी मेले के दौरान महादेवसाल मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए एक महीने के लिए इन ट्रेनों का महादेवसाल स्टेशन पर अस्थायी ठहराव दिया गया है, ताकि यात्रियों को मंदिर तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा से पहले ट्रेन के समय और स्टॉपेज की जानकारी की पुष्टि कर लें। अधिक जानकारी रेलवे और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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इंदौर में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला, 166 मेडिकल स्टाफ के अटैचमेंट खत्म

इंदौर। स्वास्थ्य विभाग ने इंदौर में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 166 मेडिकल स्टाफ के अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए हैं। सभी कर्मचारियों को जिला अस्पताल में पदस्थ करते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस निर्णय के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल जिन कर्मचारियों के अटैचमेंट समाप्त किए गए हैं, उनमें विभिन्न श्रेणियों के स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। इनमें— सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। ये कर्मचारी लंबे समय से इंदौर जिले के विभिन्न अस्पतालों, संजीवनी केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में अटैच होकर अपनी सेवाएं दे रहे थे। नई जिला अस्पताल बिल्डिंग के लिए लिया गया फैसला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने बताया कि नई जिला अस्पताल बिल्डिंग में जल्द ही स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जानी हैं। इसके लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से जिला अस्पताल में ज्वाइन करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग में बढ़ी हलचल 166 कर्मचारियों के अटैचमेंट एक साथ समाप्त किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि नई जिला अस्पताल बिल्डिंग को जल्द संचालित करने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से शुरू करने के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक पुनर्व्यवस्था है। अधिक जानकारी मध्य प्रदेश और स्वास्थ्य से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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राजस्थान हाईकोर्ट ने MSP पर केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब, कहा- सिर्फ घोषणा नहीं, प्रभावी खरीद व्यवस्था भी जरूरी

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि केवल एमएसपी घोषित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसानों को उसका वास्तविक लाभ मिले, इसके लिए प्रभावी सरकारी खरीद व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है। यह टिप्पणी जस्टिस मुन्नूरी लक्ष्मण और जस्टिस अनुरूप सिंघी की खंडपीठ ने भारतीय किसान संघ, राजस्थान प्रांत की ओर से दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान की। सभी खरीद केंद्रों का ब्योरा मांगा हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वे प्रदेश में एमएसपी के तहत संचालित सभी सरकारी खरीद केंद्रों, नामित खरीद एजेंसियों और उनकी कार्यप्रणाली का विस्तृत विवरण अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें। कोर्ट ने यह भी पूछा कि जिन क्षेत्रों में किसानों को एमएसपी पर फसल बेचने का अवसर नहीं मिल रहा है, वहां सरकार ने खरीद की क्या व्यवस्था की है। 12 अगस्त को होगी अगली सुनवाई मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी। तब तक केंद्र और राज्य सरकार को विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट अदालत में पेश करनी होगी। किसानों को नहीं मिल रहा समर्थन मूल्य याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रदेश की कई कृषि मंडियों में किसानों की फसलें घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत पर बिक रही हैं। याचिका में कहा गया कि राजस्थान कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1961 की धारा 9(2)(xii) के तहत मंडी समितियों की जिम्मेदारी है कि किसानों की उपज एमएसपी से कम कीमत पर न बिके। इसके बावजूद कई मंडियों में नियमों का पालन नहीं हो रहा है। खुली नीलामी पर भी उठाए सवाल याचिका में यह भी कहा गया कि राजस्थान कृषि उपज मंडी नियम, 1963 के नियम 64(3) के तहत होने वाली खुली नीलामी में एमएसपी को आधार मूल्य (Base Price) नहीं बनाया जाता। इससे किसानों को सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पाता और कानून का उद्देश्य प्रभावित होता है। कोर्ट ने सरकार से क्या पूछा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार की व्यवस्था के अनुसार गेहूं और धान की खरीद भारतीय खाद्य निगम (FCI) तथा अन्य फसलों की खरीद NAFED, CCI और अन्य नामित एजेंसियों के माध्यम से की जाती है। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि राजस्थान में इन एजेंसियों के कितने खरीद केंद्र संचालित हैं और किसानों को एमएसपी दिलाने के लिए जमीन पर क्या व्यवस्था की गई है। सरकार नहीं दे सकी संतोषजनक जवाब सुनवाई के दौरान राज्य सरकार यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि जिन क्षेत्रों में किसानों को एमएसपी नहीं मिल रही है, वहां प्रभावी सरकारी खरीद व्यवस्था कैसे उपलब्ध कराई जा रही है। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए केंद्र और राज्य सरकार दोनों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिक जानकारी देश, कृषि और न्यायालय से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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TMC के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल, बंगाल राज्यसभा उपचुनाव के लिए बने उम्मीदवार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। भाजपा ने तीनों नेताओं को पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार भी घोषित किया है। तीनों नेताओं ने हाल ही में राज्यसभा की सदस्यता और टीएमसी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने पार्टी नेतृत्व और कार्यशैली को लेकर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया था कि पार्टी मनमाने तरीके से चलाई जा रही है। जून में दिया था इस्तीफा जानकारी के अनुसार, सुखेंदु शेखर राय ने 8 जून, सुष्मिता देव ने 10 जून और प्रकाश चिक बराइक ने 11 जून को राज्यसभा सदस्यता और टीएमसी से इस्तीफा दिया था। 24 जुलाई को होगा मतदान पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 24 जुलाई को मतदान और मतगणना होगी। चुनाव कार्यक्रम: सुखेंदु शेखर राय का आरोप भाजपा में शामिल होने के बाद सुखेंदु शेखर राय ने कहा कि आरजी कर रेप-मर्डर केस में सबूतों से छेड़छाड़ का मुद्दा उठाने के बाद उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने व अपहरण की धमकियां मिलने लगी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आयुक्त और अस्पताल के प्राचार्य से पूछताछ की मांग करने पर उन्हें भी लालबाजार पुलिस मुख्यालय बुलाया गया। खराब स्वास्थ्य के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई, जिसके बाद उन्हें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। सुष्मिता देव का बयान भाजपा में शामिल होने के बाद सुष्मिता देव ने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा और त्रिपुरा में भाजपा की सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जनता के भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि असम में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार का बनना इसकी बड़ी मिसाल है। साथ ही उन्होंने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें कोई अन्य राजनीतिक दल अपने साथ नहीं लेना चाहता। TMC का पलटवार टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि तीनों नेता पहले से ही भाजपा के संपर्क में थे। उनके अनुसार, भाजपा ने केवल उनकी राजनीतिक स्थिति बचाने के लिए उन्हें उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने दावा किया कि इससे टीएमसी को कोई नुकसान नहीं होगा और भाजपा को भी विशेष राजनीतिक लाभ मिलने वाला नहीं है। TMC की मौजूदा स्थिति टीएमसी के अनुसार, हाल के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पार्टी की संसदीय और विधायी ताकत में कमी आई है। अधिक जानकारी देश और राजनीति की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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यात्रियों के लिए राहत: शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस में लगेगा अतिरिक्त AC-3 कोच, बढ़ेंगी कन्फर्म सीटें

बिलासपुर। यात्रियों की बढ़ती भीड़ और कन्फर्म बर्थ की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल ने शालीमार-एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में अस्थायी रूप से एक अतिरिक्त एसी-3 टियर (AC-3) कोच लगाने का निर्णय लिया है। रेलवे के इस फैसले से यात्रा के दौरान अधिक यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी। इन ट्रेनों में लगेगा अतिरिक्त AC-3 कोच रेल प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार— यात्रियों को मिलेगा फायदा रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त कोच लगाए जाने से वेटिंग लिस्ट कम होगी और अधिक यात्रियों को कन्फर्म बर्थ मिल सकेगी। रेल प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा से पहले अपनी टिकट और ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य जांचने की अपील की है। अधिक जानकारी रेलवे और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।
BSF

BSF Action: कच्छ के Sir Creek में पकड़े गए 4 Pakistani Fishermen

गुजरात के कच्छ से भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सर क्रीक के संवेदनशील इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ लिया। इस दौरान उनकी फाइबर से बनी मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चारों मछुआरे कथित तौर पर केकड़े पकड़ने के लिए भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुए थे। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई। घटना के बाद एक बार फिर कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मछुआरों के भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। BSF ने कैसे पकड़े चार पाकिस्तानी मछुआरे? India Today की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, BSF को सूचना मिली थी कि कुछ पाकिस्तानी मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद जवानों ने सर क्रीक इलाके में कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए मछुआरों की पहचान कादिर थैमोर, मुहम्मद मूसा, अजगर थैमोर और अहसान जाट के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चारों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान उनकी फाइबर की नाव भी जब्त की गई। फिलहाल, पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। आखिर क्या है मछुआरों का अपराध? इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि चारों मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में क्यों पहुंचे थे। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि वे केकड़े पकड़ने के लिए सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। भारत के जलक्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना या वहां अवैध रूप से मछली पकड़ना संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तय होगी। अभी तक सामने आई रिपोर्ट में चारों मछुआरों के जासूसी या किसी अन्य गंभीर गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को लेकर किसी अपुष्ट दावे को तथ्य मानना सही नहीं होगा। कच्छ का Sir Creek इलाका क्यों है संवेदनशील? गुजरात का कच्छ क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा के पास स्थित है। सर क्रीक एक ज्वारीय जलमार्ग है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और दलदली इलाके के कारण सीमा पर निगरानी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए नावों की आवाजाही होती है। समुद्री सीमा के आसपास होने के कारण किसी दूसरे देश की नाव का भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन जाता है। BSF यहां नियमित गश्त और निगरानी करती है। संदिग्ध नाव या गतिविधि दिखाई देने पर जवान संबंधित लोगों से पूछताछ करते हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। Kutch Border पर हाल की घटनाओं से बढ़ी निगरानी कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में अक्टूबर 2026 के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों और नावों से जुड़े दूसरे मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं। 19 अक्टूबर को कोटेश्वर के पास क्रीक क्षेत्र में गश्त के दौरान BSF ने एक पाकिस्तानी नागरिक को नाव के साथ पकड़ा था। शुरुआती जांच में नाव से मछली पकड़ने के उपकरण मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाए जाने की खबर भी सामने आई। 20 अक्टूबर को कच्छ के लखपत और आसपास के क्रीक क्षेत्र से जुड़ी अन्य घटनाओं की भी रिपोर्ट आई थी। इन मामलों में नावों, पाकिस्तानी नागरिकों और तलाशी अभियान का जिक्र किया गया था। हालांकि, ये अलग-अलग घटनाएं हैं और इन्हें 25 अक्टूबर को पकड़े गए चार मछुआरों के मामले से अलग समझना जरूरी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच समुद्री सीमा पर निगरानी का महत्व बढ़ जाता है। फिर भी, केवल इन घटनाओं के आधार पर किसी बड़ी साजिश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। क्या पाकिस्तानी नाव से कोई संदिग्ध सामान मिला? 25 अक्टूबर की घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्ट में फाइबर की नाव जब्त किए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, नाव से किसी हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामान की बरामदगी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल ऐसी किसी बरामदगी का दावा नहीं किया जा सकता। आगे की जांच में नाव, मछुआरों की गतिविधियों और भारतीय जलक्षेत्र में उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है। अब आगे क्या होगा? चारों मछुआरों को पकड़े जाने के बाद अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित अधिकारी उनकी पहचान, भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश की परिस्थितियों और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BSF ने गुजरात के कच्छ स्थित सर क्रीक इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा है और उनकी नाव जब्त की है। वे भारतीय जलक्षेत्र में किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में BSF की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। मामले में आधिकारिक अपडेट आने पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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