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INDORE मौतों पर हाईकोर्ट सख्त: सरकार के जवाब को बताया असंवेदनशील

INDORE मौतों पर हाईकोर्ट सख्त: सरकार के जवाब को बताया असंवेदनशील

Indore में हाल ही में हुई मौतों को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर कड़ी नाराज़गी जताई है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार का जवाब असंवेदनशील है और इस गंभीर घटना ने इंदौर जैसे प्रतिष्ठित शहर की छवि को पूरे देश में नुकसान पहुंचाया है। हाईकोर्ट ने कहा कि जिस तरह से प्रशासन ने मामले को संभाला, वह संतोषजनक नहीं है। कोर्ट ने यह भी माना कि समय रहते ठोस कदम उठाए जाते, तो हालात इतने गंभीर नहीं होते। इस बीच, इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में 38 नए मरीज मिलने से चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोग डरे हुए हैं और प्रशासन से तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इलाके में निगरानी कर रही हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि ज़मीनी स्तर पर व्यवस्थाएं अभी भी कमजोर हैं। हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह सिर्फ कागजी जवाब देने के बजाय संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करे, ताकि आगे ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और आम लोगों का भरोसा बना रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल

भोपाल ब्रेकिंग निशातपुरा आरओबी बना विकास की नई पहचान, 9 लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

मंत्री विश्वास सारंग ने किया निशातपुरा आरओबी का निरीक्षण भोपाल शहर के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देने की दिशा में एक अहम पहल के तहत मंत्री विश्वास सारंग ने निशातपुरा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। यह परियोजना भोपाल के ट्रैफिक सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली मानी जा रही है। देश का पहला आरओबी जो 7 रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा निशातपुरा आरओबी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह देश का पहला रेलवे ओवरब्रिज होगा जो 7 रेलवे ट्रैक के ऊपर से निकलेगा। तकनीकी दृष्टि से यह एक चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट है, जिसे आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से तैयार किया जा रहा है। यह आरओबी भोपाल के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। नवंबर तक पूरा होने का लक्ष्य इस महत्वाकांक्षी परियोजना को नवंबर माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण एजेंसियां तेजी से काम कर रही हैं ताकि तय समय में आरओबी को आम जनता के लिए खोल दिया जाए। इसके पूरा होते ही वर्षों से चली आ रही यातायात समस्याओं से राहत मिलेगी। नया और पुराना भोपाल होगा सीधे तौर पर जुड़ा निशातपुरा आरओबी के बन जाने से नया और पुराना भोपाल सीधे जुड़ जाएगा। करोंद, छोला और निशातपुरा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों के लोगों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा। अभी इन क्षेत्रों में रेलवे फाटकों के कारण लंबे जाम लगते हैं, जो आरओबी बनने के बाद पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे। भोपाल स्टेशन से छोला खेड़ापति तक सीधा मार्ग यह आरओबी भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 से लेकर छोला खेड़ापति हनुमान मंदिर तक बनेगा। इससे स्टेशन क्षेत्र से छोला और करोंद की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी और ट्रैफिक का दबाव वैकल्पिक मार्गों पर बंटेगा। लगभग 9 लाख नागरिक होंगे लाभान्वित इस परियोजना से करीब 9 लाख नागरिकों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है। दैनिक यात्रियों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आपातकालीन सेवाओं के लिए यह आरओबी समय और ईंधन दोनों की बचत करेगा। एयरपोर्ट तक पहुंच होगी और अधिक आसान आरओबी के निर्माण से नये और पुराने भोपाल से छोला क्षेत्र के साथ-साथ राजा भोज एयरपोर्ट तक पहुंच भी अधिक सुगम हो जाएगी। इससे शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए कमेटी गठित परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए पीडब्ल्यूडी, रेलवे, एफसीआई सहित संबंधित विभागों के बीच समन्वय हेतु एक विशेष कमेटी बनाई गई है। यह समिति निर्माण की गुणवत्ता और गति पर लगातार नजर रखेगी। भोपाल के विकास को मिलेगी नई गति कुल मिलाकर, निशातपुरा रेलवे ओवरब्रिज भोपाल के लिए एक बड़ी सौगात साबित होने जा रहा है। यह न केवल ट्रैफिक जाम से राहत देगा, बल्कि भोपाल को एक आधुनिक, स्मार्ट और सुगठित शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Five State Assembly Elections : 3 राज्यों में BJP अब तक नहीं जीत पाई

Five State Assembly Elections : 3 राज्यों में BJP अब तक नहीं जीत पाई

इस साल भारत के Five State Assembly Elections होने हैं, जिनमें से 3 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब तक सत्ता में नहीं आ सकी है। इन चुनावों के जरिए देश की करीब 17 प्रतिशत आबादी अपनी नई सरकार चुनेगी। किन राज्यों में होंगे चुनाव? इन राज्यों के चुनाव न सिर्फ क्षेत्रीय राजनीति बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी तय करेंगे। खास बात यह है कि कुछ राज्यों में BJP लगातार कोशिशों के बावजूद अब तक जीत दर्ज नहीं कर पाई है, ऐसे में इस बार मुकाबला और भी दिलचस्प माना जा रहा है। जनता के सामने बड़े सवाल महंगाई, रोजगार, कानून-व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दे आम लोगों के लिए सबसे अहम हैं। हर राज्य में जनता यह तय करेगी कि वो बदलाव चाहती है या मौजूदा सरकार को एक और मौका। सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया में भी चुनावी साल साल 2026 सिर्फ भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए चुनावी साल है। दुनिया के 36 देशों में इस साल चुनाव होने हैं, जहां करोड़ों लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इससे वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ना तय है। क्यों अहम हैं ये चुनाव? इन 5 राज्यों के नतीजे आने वाले लोकसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल का संकेत देंगे। पार्टियों के लिए यह जनता का मूड समझने का बड़ा मौका है, वहीं आम लोगों के लिए अपने भविष्य की दिशा तय करने का। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Deva ने 20 नक्सलियों के साथ किया सरेंडर, सुकमा–Bijapur में 14 माओवादी ढेर

Deva ने 20 नक्सलियों के साथ किया सरेंडर, सुकमा–Bijapur में 14 माओवादी ढेर

कुख्यात नक्सली Deva ने अपने 20 साथियों के साथ आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। वहीं, अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 14 नक्सली मारे गए हैं। सुकमा में 12 नक्सली ढेर सुकमा जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 12 माओवादी मारे गए। मुठभेड़ के बाद इलाके से नक्सलियों के शव और हथियार बरामद किए गए हैं। बीजापुर में 2 नक्सली मारे गए इसी तरह बीजापुर जिले में हुई कार्रवाई में 2 नक्सली ढेर किए गए। सुरक्षाबलों ने दोनों के शवों के साथ हथियार भी जब्त किए हैं। लगातार चल रहा सर्च ऑपरेशन सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन तेज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित करने तक अभियान जारी रहेगा। शांति की ओर एक बड़ा कदम देवा समेत 20 नक्सलियों का सरेंडर इस बात का संकेत है कि सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति असर दिखा रही है। यह कदम न सिर्फ सुरक्षा के लिहाज से अहम है, बल्कि इलाके में शांति और विकास की उम्मीद भी बढ़ाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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S Jaishankar

आतंकवाद जारी रहा तो चुप नहीं बैठेगा भारत’ Pakistan पर S Jaishankar का कड़ा संदेश

भारत ने एक बार फिर आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को साफ और सख्त संदेश दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar) ने कहा है कि अगर भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा दिया गया, तो भारत चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े फैसले भारत खुद लेगा, इसमें किसी बाहरी दबाव या सलाह की कोई जगह नहीं है। आईआईटी मद्रास में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को इशारों में नहीं, बल्कि सीधे तौर पर “खराब पड़ोसी” बताया। उनका कहना था कि आतंकवाद और अच्छे पड़ोसी संबंध साथ-साथ नहीं चल सकते। “Self Defence भारत का अधिकार है” डॉ. जयशंकर (S Jaishankar) ने कहा कि भारत ने हमेशा शांति, सहयोग और संवाद की बात की है, लेकिन जब सीमापार से आतंकवाद जारी रहता है, तब संयम की भी एक सीमा होती है। उन्होंने दो टूक कहा कि आत्मरक्षा भारत का संप्रभु अधिकार है, और कोई भी देश भारत को यह नहीं बता सकता कि उसे अपनी सुरक्षा के लिए क्या करना चाहिए। Water Issue और Terrorism पर सीधी बात अपने भाषण में विदेश मंत्री ने पाकिस्तान की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर सहयोग और पानी की बात करना और दूसरी ओर आतंकवाद को समर्थन देना, दोनों साथ नहीं हो सकते। यह टिप्पणी सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान की हालिया बयानबाज़ी के संदर्भ में अहम मानी जा रही है। हालिया घटनाओं से जुड़ा बयान S Jaishankar का यह बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में हाल के आतंकी हमलों के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में फिर तनाव देखा जा रहा है। भारत लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान अपनी धरती से संचालित आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता। India Foreign Policy का बदला हुआ रुख विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान भारत की बदलती और अधिक assertive foreign policy को दर्शाता है। सरकार साफ कर चुकी है कि डॉ. एस. जयशंकर के बयान से यह संदेश साफ निकलता है कि भारत अब सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रहना चाहता। पाकिस्तान के लिए संकेत स्पष्ट हैं — आतंकवाद जारी रहेगा, तो रिश्तों में सुधार की उम्मीद भी नहीं की जा सकती। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indore

Indore BRTS पर High Court सख्त, अफसरों को चेतावनी, जनता को मिल सकती है बड़ी राहत

इंदौर (Indore) शहर में वर्षों से चर्चा और विवाद का विषय रहे Bus Rapid Transit System (BRTS) को लेकर अब मामला निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, इंदौर बेंच ने BRTS हटाने को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कॉरिडोर का एक हिस्सा 15 दिनों के भीतर हटाया जाए। देरी पर नाराज़ High Court, अफसरों को दी चेतावनी जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि पहले दिए गए आदेशों के बावजूद नगर निगम और प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई। इस पर नाराज़गी जताते हुए कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया गया और चेताया गया कि आगे लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगरानी के लिए बनाई गई विशेष समिति BRTS हटाने की प्रक्रिया को केवल कागज़ों तक सीमित न रखने के लिए हाईकोर्ट ने पांच सदस्यीय वकीलों की निगरानी समिति का गठन किया है। यह समिति मौके पर जाकर कार्य की प्रगति देखेगी और सीधे कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेगी, ताकि किसी तरह की ढिलाई न हो। ट्रैफिक जाम और आम जनता की परेशानी बनी वजह दरअसल, इंदौर में BRTS को पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधारने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन समय के साथ यह ट्रैफिक जाम, सड़क दुर्घटनाओं और रोज़मर्रा की परेशानी का कारण बनता चला गया। आम लोगों की शिकायत थी कि BRTS लेन की वजह से मुख्य सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है। बस स्टॉप, अतिक्रमण और ट्रैफिक सुधार पर भी फोकस हाईकोर्ट ने सिर्फ BRTS हटाने तक सीमित न रहते हुए प्रशासन को यह भी निर्देश दिए कि कोर्ट की सख्ती के बाद तेज़ हुआ काम हाईकोर्ट की फटकार के बाद प्रशासन हरकत में आया और रेलिंग व अन्य ढांचों को हटाने का काम तेज़ी से शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि जिन कार्यों में पहले महीनों लग गए, वे अब कुछ ही दिनों में पूरे किए जा रहे हैं। अगली सुनवाई में मांगी जाएगी रिपोर्ट कोर्ट ने साफ किया है कि अगली सुनवाई में प्रशासन को प्रगति रिपोर्ट पेश करनी होगी। यदि आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ, तो और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। इंदौर को उम्मीद: जाम से मिलेगी राहत अब इंदौरवासियों को उम्मीद है कि BRTS हटने के बाद शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और रोज़ाना आने-जाने में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

Bhopal Welcomes New Year 2026 पार्टी, म्यूज़िक, डिनर और सुरक्षा की पूरी प्लानिंग

Bhopal शहर न्यू ईयर 2026 (New Year Eve 31 December) को लेकर पूरी तरह तैयार है। साल की आख़िरी रात को यादगार बनाने के लिए शहर के होटल, रिज़ॉर्ट, क्लब और फार्महाउस में ज़ोरदार तैयारियाँ चल रही हैं। डीजे नाइट, लाइव म्यूज़िक, डिनर पार्टी से लेकर फैमिली फंक्शन तक — हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ खास रखा गया है। Bhopal New Year Party 2026: होटल और रिज़ॉर्ट्स में धमाल Bhopal के बड़े होटल और रिज़ॉर्ट्स इस बार न्यू ईयर को भव्य अंदाज़ में मनाने जा रहे हैं। कई जगहों पर पहले से ही बुकिंग तेज़ हो चुकी है। इन सभी जगहों पर एंट्री टिकट, कपल पास और फैमिली पैकेज उपलब्ध हैं। Club & DJ Night in Bhopal: युवाओं के लिए खास युवाओं के बीच क्लब और डीजे पार्टी का क्रेज़ इस साल भी बरकरार है।शहर के कई पब और रेस्टो-बार में: का आयोजन किया जा रहा है। कई जगह स्टैग एंट्री लिमिटेड रखी गई है, इसलिए पहले से जानकारी लेना ज़रूरी है। New Year Trend 2026: घर की पार्टी और दोस्तों के साथ सुकून इस बार एक बड़ा ट्रेंड यह भी देखने को मिल रहा है कि कई लोग घर पर ही न्यू ईयर सेलिब्रेशन करना पसंद कर रहे हैं।छोटे ग्रुप, छत पर पार्टी, BBQ, बोनफायर और दोस्तों के साथ सादा लेकिन खास जश्न — यह विकल्प खासतौर पर परिवारों और प्रोफेशनल्स को पसंद आ रहा है। Bhopal New Year Security: पुलिस अलर्ट, ड्रोन से निगरानी न्यू ईयर को देखते हुए भोपाल पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पुलिस का साफ संदेश है — जश्न मनाइए, लेकिन नियमों के साथ। New Year 2026 Bhopal: शराब और नियम राज्य सरकार की ओर से अस्थायी लाइसेंस की सुविधा दी गई है, ताकि होटल और आयोजक कानूनी रूप से शराब परोस सकें।बिना अनुमति या सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने पर कार्रवाई की जाएगी। Bhopal में New Year 2026 Celebration हर मायने में खास होने जा रहा है।जहाँ एक ओर होटल और क्लबों में ज़ोरदार पार्टियाँ होंगी, वहीं दूसरी ओर लोग घर और दोस्तों के साथ सादगी भरा जश्न भी मनाएंगे।मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के बीच शहर नए साल का स्वागत उत्साह, संगीत और खुशियों के साथ करने को तैयार है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल, दफ्तरों में सन्नाटा, कामकाज पूरी तरह ठप

बिलासपुर समेत छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। हड़ताल के पहले ही दिन कलेक्ट्रेट सहित अधिकांश सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा, जिससे सरकारी कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ। जरूरी कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचे आम नागरिक भटकते नजर आए। वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों ने नेहरू चौक पर एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया और शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने साफ कहा कि यह आंदोलन लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर किया जा रहा है, जिसे सरकार लगातार नजरअंदाज करती रही है। कर्मचारी नेताओं का आरोप: सरकार के रवैए से बढ़ा आक्रोश कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वे काफी समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखते आ रहे थे, लेकिन शासन की ओर से केवल आश्वासन ही मिले। धरातल पर कोई ठोस फैसला नहीं होने के कारण कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता गया और अब उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। यह हड़ताल सोमवार से बुधवार तक चलेगी। पहले ही दिन दिखा हड़ताल का असर सोमवार को कलेक्ट्रेट समेत सभी प्रमुख सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी नदारद रहे। इसके चलते फाइलों का निपटारा नहीं हो सका और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग जरूरी काम के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटते नजर आए। नेहरू चौक पर प्रदर्शन, बेमियादी हड़ताल की चेतावनी हड़ताल के पहले दिन कर्मचारियों ने नेहरू चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान नेताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा थी, जिसे सरकार ने बंद कर दिया। अन्य मांगों को लेकर भी लगातार संवाद की कोशिश की गई, लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो वे बेमियादी हड़ताल पर जाएंगे। ये हैं अधिकारी-कर्मचारियों की 11 सूत्रीय मांगें 👉 छत्तीसगढ़ की हर बड़ी खबर और अपडेट के लिए पढ़ते रहें: deshharpal.com
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भारत माला प्रोजेक्ट घोटाला: छत्तीसगढ़ में ED की बड़ी कार्रवाई, 9 ठिकानों पर रेड, जमीन मुआवजा गड़बड़ी की जांच तेज

भारत माला परियोजना से जुड़े बहुचर्चित भूमि अधिग्रहण घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने रायपुर और महासमुंद सहित कुल 9 ठिकानों पर छापेमारी की। रायपुर में हरमीत सिंह खनूजा और महासमुंद के मेघ बसंत इलाके में स्थित व्यवसायी जसबीर सिंह बग्गा के निवास पर ईडी ने रेड की है। इसके अलावा हरमीत खनूजा के ससुर ट्रांसपोर्टर हरमीत सिंह चावला और उनके एक करीबी के घर पर भी कार्रवाई जारी है। सूत्रों के मुताबिक, CRPF जवानों की सुरक्षा में ईडी की 10 सदस्यीय टीम चार गाड़ियों में सुबह पहुंची। टीम ने पंजाबीपारा स्थित हरमीत सिंह चावला के घर में प्रवेश कर दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू की। हरमीत सिंह चावला, मुख्य आरोपी हरमीत खनूजा के ससुर बताए जा रहे हैं। वहीं, महासमुंद में आर्यन होंडा एजेंसी के संचालक जसबीर सिंह बग्गा के मेघ बसंत कॉलोनी स्थित घर पर भी छापेमारी की गई। ED का दावा: मुआवजा भुगतान में बड़ी गड़बड़ी ईडी के अनुसार, भारत माला परियोजना के तहत रायपुर–विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजा भुगतान को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। फिलहाल आरोपियों के ठिकानों के बाहर सुरक्षा बल तैनात हैं और किसी भी व्यक्ति को घर के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। ईडी की टीमें डिजिटल सबूतों, बैंक लेनदेन और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। क्या है पूरा मामला? जांच में सामने आया है कि हरमीत सिंह खनूजा इस घोटाले के मुख्य आरोपी और जमीन दलाल हैं। आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेज, नकली बंटवारे और म्यूटेशन के जरिए भूमि मुआवजा हासिल किया और रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाई। ईडी की जांच में उनके ससुर हरमीत सिंह चावला के पास भी घोटाले से जुड़े अहम लेनदेन और जानकारियां मिलने की बात कही जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सरकारी अधिकारी भी जांच के घेरे में ईडी के मुताबिक, भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा राशि के निर्धारण और भुगतान में नियमों का उल्लंघन हुआ है। इस मामले में निजी व्यक्तियों के साथ-साथ कुछ सरकारी अधिकारी और जमीन मालिक भी जांच के दायरे में हैं। आरोप है कि बैकडेट में दस्तावेज तैयार कर जमीन को टुकड़ों में बांटा गया और मुआवजा राशि को कई गुना बढ़ा दिया गया। बताया जा रहा है कि भारत माला प्रोजेक्ट में करीब 43 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ रुपये के भुगतान का दावा किया गया। इस केस में पहले भी कार्रवाई हो चुकी है, जिसमें कोरबा के डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे और जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था। अभनपुर क्षेत्र में 9.38 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 324 करोड़ रुपये का मुआवजा तय किया गया था, जिसमें से 246 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, जबकि 78 करोड़ रुपये का भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है। 👉 भारत माला प्रोजेक्ट घोटाले समेत छत्तीसगढ़ की हर बड़ी और ताज़ा खबर के लिए पढ़ते रहें: deshharpal.com
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गुना में प्रेम प्रसंग का दुखद अंत: नाबालिग लड़की की मौत, प्रेमी का शव कॉलोनी में मिला

मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। रविवार रात इलाज के दौरान एक नाबालिग लड़की की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही उसके प्रेमी के अस्पताल से लापता होने की खबर आई, जबकि सोमवार सुबह उसका शव कॉलोनी में मिला। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कैंट थाना पुलिस के अनुसार, रशीद कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय गणेश रजक और उसकी 16 वर्षीय पड़ोसी के बीच करीब एक साल से प्रेम संबंध था। रविवार शाम जब लड़की की मां और भाई घर पहुंचे, तो उसकी तबीयत बिगड़ी हुई थी। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के बाद वह सो गई, लेकिन रात करीब साढ़े नौ बजे उसकी मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि इसी दौरान गणेश भी अस्पताल पहुंचा था। जैसे ही उसे लड़की की मौत की सूचना मिली, वह वहां से चला गया। सोमवार सुबह उसका शव रशीद कॉलोनी में मिला, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। लड़की के परिजनों का आरोप है कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था और उसी दौरान गणेश वहां आया था। परिजनों ने यह भी बताया कि दोनों एक ही समाज से थे और बालिग होने पर शादी कराने की बात चल रही थी। वहीं, गणेश के भाई जयपाल का कहना है कि उन्हें इस रिश्ते की जानकारी नहीं थी। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है और पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। 👉 इस तरह की और ताज़ा व भरोसेमंद खबरों के लिए विज़िट करें: deshharpal.com
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सागर में बड़ा अनाज घोटाला? वेयरहाउस में पहुंचा 90% मिट्टी मिला गेहूं, जांच के आदेश

सागर के गंभीरिया स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस में मिट्टी मिला अमानक गेहूं पहुंचने का मामला सामने आया है। ट्रक में करीब 600 बोरियां भरकर गेहूं लाया गया था, लेकिन जांच में बोरियों में लगभग 10 प्रतिशत गेहूं और 90 प्रतिशत मिट्टी होने का दावा किया गया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। कर्मचारी को हुआ शक, खुली मिलावट की पोल जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी नगर स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस को वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन की सांईखेड़ा ब्रांच ने करीब एक माह पहले अधिग्रहित किया था। यहां विभिन्न उपार्जन केंद्रों से गेहूं लाकर संग्रहित किया जा रहा है। इसी दौरान ट्रक क्रमांक MP 15 ZR 9190 करीब 600 बोरियां लेकर वेयर हाउस पहुंचा। मजदूर जब बोरियां उतार रहे थे, तभी वेयर हाउस की निगरानी कर रहे कर्मचारी को गेहूं की गुणवत्ता पर संदेह हुआ। जांच करने पर बोरियों में बड़ी मात्रा में मिट्टी भरी मिली। सुपरवाइजर ने तुरंत लौटाई खेप वेयरहाउस सुपरवाइजर ने बोरियों में मिलावटी और अमानक गेहूं पाए जाने के बाद पूरी खेप वापस लौटा दी। इसके बाद मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए जांच के आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतिभा पाल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। सोमवार को प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम वेयर हाउस पहुंची और गेहूं की गुणवत्ता, खरीद प्रक्रिया, परिवहन और उसके स्रोत की जांच शुरू की। गेहूं कहां से आया, कौन जिम्मेदार? जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गेहूं कहां से लाया गया, किसके द्वारा खरीदा गया और इसमें इतनी बड़ी मिलावट कैसे हुई। स्थानीय स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है। दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

मध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत: बढ़ेगा वेतन, वित्त विभाग ने जारी किए आदेश

मध्य प्रदेश के एक लाख से अधिक संविदा अधिकारी और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने उनके पारिश्रमिक में 4.46 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि लागू करने का फैसला किया है। वित्त विभाग ने सोमवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। पिछले साल से ज्यादा बढ़ा पारिश्रमिक इस बार संविदा कर्मचारियों को मिलने वाली वृद्धि दर पिछले साल की तुलना में अधिक है। वर्ष 2025 में संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में 3.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि इस बार यह बढ़कर 4.46 प्रतिशत हो गई है। CPI के आधार पर तय होती है बढ़ोतरी वित्त विभाग ने यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के आधार पर जारी किया है। इस नीति के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर हर साल संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की जाती है। डेढ़ लाख में से सिर्फ एक लाख कर्मचारियों को फायदा प्रदेश में करीब डेढ़ लाख संविदा अधिकारी-कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं, लेकिन नई बढ़ोतरी का लाभ सभी को नहीं मिलेगा। जिन विभागों में अभी तक 2023 की संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां के कर्मचारियों को इस बढ़ोतरी का फायदा नहीं दिया जाएगा। ऐसे में करीब एक लाख कर्मचारियों को ही इसका लाभ मिल पाएगा। संघ ने उठाई सभी विभागों में लागू करने की मांग संविदा अधिकारी-कर्मचारी संघ ने सरकार से मांग की है कि जिन विभागों में अभी तक नई संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां भी कर्मचारियों को CPI आधारित पारिश्रमिक वृद्धि का लाभ दिया जाए। संघ का कहना है कि सभी संविदा कर्मचारियों को समान रूप से फायदा मिलना चाहिए। कर्मचारियों में खुशी का माहौल सरकार के इस फैसले के बाद संविदा कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। महंगाई के दौर में वेतन वृद्धि को कर्मचारियों ने राहत देने वाला कदम बताया है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
NEET

Education System Crisis: NEET-CBSE Controversy और Voter List Row ने बढ़ाई टेंशन

देश में शिक्षा व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने CBSE और NEET परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और SIR वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। खड़गे ने साफ कहा है कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इसके लिए शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना चाहिए। NEET और CBSE Controversy: छात्रों के भविष्य पर सवाल NEET और CBSE परीक्षा प्रणाली को लेकर विपक्ष ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं: इन घटनाओं के चलते देशभर में छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। SIR Voter List Issue: करोड़ों नाम हटाने का आरोप विपक्ष का आरोप है कि SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के दौरान: इस मुद्दे को लेकर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बता रहा है, जबकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। INDIA Bloc का अगला कदम: CJI को Letter की तैयारी इस पूरे विवाद को गंभीर बताते हुए INDIA ब्लॉक ने कहा है कि वे जल्द ही देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखेंगे। उनका कहना है कि इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है ताकि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो सके और सच्चाई सामने आए। Political Heat Rising in India इस पूरे विवाद ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बता रहा है। छात्रों से लेकर मतदाताओं तक, दोनों मुद्दों ने आम लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

हाथियों की मौत अब मानी जाएगी संभावित क्राइम सीन: छत्तीसगढ़ वन विभाग की नई पहल

छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब जंगल में किसी हाथी की मौत होने पर उसे सिर्फ सामान्य घटना नहीं माना जाएगा, बल्कि संभावित अपराध स्थल मानकर उसकी वैज्ञानिक जांच की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य हाथियों की संदिग्ध मौतों के पीछे की असली वजह सामने लाना है। रायगढ़ में हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी उद्देश्य से रायगढ़ में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेशभर से 78 वन अधिकारी और पशु चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए। प्रशिक्षण कार्यक्रम वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित किया गया। वैज्ञानिक जांच पर दिया गया जोर प्रशिक्षण में हाथियों की मौत के कारणों की वैज्ञानिक जांच, वन्यजीव अपराधों की पहचान और संरक्षण उपायों पर विशेष फोकस किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि किसी मृत हाथी के मिलने पर घटनास्थल को सुरक्षित रखना, सबूत जुटाना और विषप्रयोग, शिकार या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना बेहद जरूरी है। प्रदेश में बढ़ रही हाथियों की चुनौती वन विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में फिलहाल करीब 450 हाथी विचरण कर रहे हैं। रायगढ़, जशपुर, कोरबा और सूरजपुर जिलों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों और मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए यह प्रशिक्षण बेहद अहम माना जा रहा है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच की ट्रेनिंग वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को हाथियों की शारीरिक संरचना, स्वास्थ्य प्रबंधन और वैज्ञानिक पोस्टमार्टम प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही जैविक नमूनों के संग्रहण, संरक्षण और लैब परीक्षण की आधुनिक तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। फील्ड में कराया गया प्रैक्टिकल प्रशिक्षण के दूसरे दिन अधिकारियों को मैदानी स्तर पर शव परीक्षण, रक्त और ऊतक नमूने लेने, रोग और विष विज्ञान जांच करने और दुर्गम इलाकों में सुरक्षित जांच प्रक्रिया अपनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान और वन्यजीव फोरेंसिक एवं स्वास्थ्य अध्ययन संस्थान के विशेषज्ञों ने आधुनिक जांच तकनीकों की जानकारी साझा की। इस दौरान वरिष्ठ वन अधिकारी प्रियंका पांडे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वन मंत्री बोले- संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए हाथियों समेत सभी वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com

बिलासपुर में बायोगैस संयंत्रों पर प्रशासन का फोकस, स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा

बिलासपुर जिले में स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन अब बायोगैस संयंत्रों के प्रभावी संचालन पर जोर दे रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर Sanjay Agrawal और जिला पंचायत सीईओ Sandeep Agrawal ने तखतपुर जनपद पंचायत के ग्राम गनियारी स्थित बायोगैस (गोबर गैस) संयंत्र का निरीक्षण किया। गैस उत्पादन और जैविक खाद पर हुई चर्चा निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संयंत्र की कार्यप्रणाली, गैस उत्पादन क्षमता, गोबर की उपलब्धता और जैविक खाद निर्माण को लेकर चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि बायोगैस परियोजनाएं सिर्फ स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने का भी प्रभावी माध्यम हैं। गोबर की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर ने गौठानों और पशुपालकों के माध्यम से गोबर की नियमित और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संयंत्र को पूरी क्षमता से चलाने के लिए कच्चे माल की लगातार आपूर्ति जरूरी है। इससे ग्रामीणों को भी अधिक लाभ मिल सकेगा। घरेलू ईंधन की जरूरत होगी पूरी अधिकारियों ने बताया कि बायोगैस संयंत्र से बनने वाली गैस का उपयोग घरेलू ईंधन के रूप में किया जा सकता है। इससे ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ और सस्ता ईंधन उपलब्ध होगा। संयंत्र से निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। जैविक खाद से किसानों को फायदा इससे खेती की लागत कम होगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी घटेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाइप लाइन, वाल्व, डाइजेस्टर और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने आवश्यक सुधार कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को नियमित निगरानी और दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल प्रशासन का मानना है कि बायोगैस संयंत्रों के बेहतर संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी। इससे आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का लक्ष्य भी मजबूत होगा। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com

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