मध्यप्रदेश के ग्वालियर में कथित सूदखोरों की धमकियों से परेशान एक किसान ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। शव दो टुकड़ों में बंटा मिला। मृतक की पहचान मुरार के त्यागी नगर निवासी तिलक सिंह राणा के रूप में हुई है। पुलिस को उनके पास से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने जीजा-साले समेत तीन लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का आरोप है कि कर्ज चुकाने के बावजूद आरोपी लगातार धमका रहे थे और घर में घुसकर मारने की बात कह रहे थे।
5 लाख उधार लिए, 3 लाख लौटा दिए
परिजनों के मुताबिक, तिलक सिंह ने करीब छह महीने पहले कल्ला शर्मा से 5 लाख रुपए उधार लिए थे। इनमें से 3 लाख रुपए लौटा दिए थे, लेकिन बाकी 2 लाख और भारी ब्याज के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। उनका कहना है कि पहले 3 टका ब्याज तय हुआ था, लेकिन बाद में 20 टका ब्याज मांगा जाने लगा।

मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप
परिजनों का आरोप है कि रुपए नहीं देने पर आरोपियों ने तिलक के साथ मारपीट की और घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी। गुरुवार को भी उन्हें धमकाया गया था। इसी मानसिक दबाव के चलते शुक्रवार को तिलक एजी ऑफिस पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर पहुंचे और ट्रेन के सामने कूद गए।
सुसाइड नोट में लिखी मौत की वजह
पुलिस को मिले सुसाइड नोट में तिलक ने लिखा है कि उन्होंने 5 लाख रुपए उधार लिए थे और 3 लाख वापस कर दिए थे। इसके बावजूद बचे हुए पैसों और ब्याज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने लिखा कि आरोपियों की धमकियों से तंग आकर वह यह कदम उठा रहे हैं और उनकी मौत के जिम्मेदार जितेंद्र शर्मा, उसका साला कल्ला शर्मा तथा गजेन्द्र हैं।
बेटे ने कहा- 20 प्रतिशत ब्याज मांग रहे थे
मृतक के बेटे अजीत सिंह का कहना है कि पिता पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। 3 लाख रुपए लौटाने के बाद भी आरोपी बचे हुए पैसों पर 20 प्रतिशत ब्याज मांग रहे थे। विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकियां दी गईं, जिससे परेशान होकर उनके पिता ने आत्मघाती कदम उठा लिया।

पुलिस बोली- हर पहलू की जांच करेंगे
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि मौके से सुसाइड नोट मिला है। उसमें जिन लोगों के नाम लिखे गए हैं, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट की भी जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


