नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नया दावा सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल ने अमेरिका को खुफिया जानकारी दी है कि ईरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की हत्या की नई साजिश पर काम कर रहा है। इसके बाद ट्रम्प के तेवर ईरान के प्रति और सख्त हो गए। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अमेरिकी प्रशासन ने भी सार्वजनिक रूप से ऐसे किसी नए षड्यंत्र की पुष्टि नहीं की है।
इसी बीच अमेरिका ने 7-8 जुलाई की रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह हमला इजराइल की खुफिया जानकारी से प्रभावित था या इसके पीछे अन्य रणनीतिक कारण थे।
इजराइल ने क्या दावा किया?
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइल ने अमेरिका को सूचना दी कि ईरान ट्रम्प को निशाना बनाने की योजना बना रहा है।
The Wall Street Journal और CNN की रिपोर्टों में दावा किया गया कि अमेरिकी एजेंसियों को हाल के हफ्तों में ट्रम्प की सुरक्षा को लेकर कई खुफिया इनपुट मिले थे। हालांकि, इन रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि अमेरिकी एजेंसियों ने सार्वजनिक रूप से किसी नई साजिश की पुष्टि नहीं की है।
क्या इसी वजह से अमेरिका ने ईरान पर हमला किया?
इस सवाल का स्पष्ट जवाब फिलहाल उपलब्ध नहीं है, लेकिन कुछ घटनाक्रमों ने इस चर्चा को हवा दी है।
- ट्रम्प ने हाल के दिनों में ईरानी नेतृत्व के खिलाफ बेहद कड़े बयान दिए।
- अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की।
- व्हाइट हाउस ने ट्रम्प के बयानों के संदर्भ में सुरक्षा चिंताओं का उल्लेख किया।
हालांकि, अमेरिकी सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा कि सैन्य कार्रवाई सीधे कथित हत्या की साजिश के कारण की गई।

क्या इजराइल अमेरिका को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है?
कुछ अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में यह संभावना जताई गई है कि इजराइल ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य नीति को और आक्रामक बनाने की कोशिश कर रहा हो सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, हाल के वर्षों में ईरान के खिलाफ कई अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों से पहले इजराइल ने खुफिया इनपुट साझा किए थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें लेकर अलग-अलग विश्लेषण सामने आए हैं।
क्या ट्रम्प वास्तव में निशाने पर हैं?
यह पहली बार नहीं है जब ट्रम्प की सुरक्षा को लेकर ईरान का नाम सामने आया हो।
- 2020 में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत के बाद ईरान समर्थक नेताओं और संगठनों की ओर से कई बार ट्रम्प के खिलाफ धमकी भरे बयान दिए गए।
- अमेरिकी अधिकारियों ने पहले भी कुछ मामलों में ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिन पर ईरान से जुड़े हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप था।
- हालांकि, वर्तमान में किसी नए और सक्रिय हत्या के प्लान की आधिकारिक पुष्टि अमेरिकी जांच एजेंसियों ने नहीं की है।
अमेरिका-ईरान तनाव क्यों बढ़ा?
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार कई मुद्दों पर बना हुआ है, जिनमें शामिल हैं—
- ईरान का परमाणु कार्यक्रम
- होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा
- क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियां
- इजराइल-ईरान संघर्ष
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे पश्चिम एशिया में अस्थिरता की आशंका बनी हुई है।

फिलहाल क्या स्थिति है?
अब तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहा जा सकता है कि:
- इजराइल ने अमेरिका को कथित खुफिया इनपुट दिए हैं।
- अमेरिकी मीडिया ने इन दावों को सूत्रों के हवाले से प्रकाशित किया है।
- अमेरिका ने किसी नए हत्या के षड्यंत्र की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
- ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
- ईरान ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं दी है।
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