इंदौर। इंदौर पुलिस ने मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को ड्रग सप्लाई से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, एक कथित ड्रग सप्लायर से पूछताछ के दौरान नाना पटवारी का नाम सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। गुरुवार दोपहर गिरफ्तारी के बाद राजेंद्र नगर थाना पुलिस उन्हें आगे की पूछताछ के लिए अज्ञात स्थान पर ले गई।
नाना पटवारी पर पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें लगभग सात साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में फरार रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
जमीन विवाद मामले में भी दर्ज हुई थी एफआईआर
वर्ष 2025 में इंदौर के तेजाजी नगर थाने में नाना पटवारी और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ जमीन विवाद को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता नरेंद्र मेहता ने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन पर धोखाधड़ी से कब्जा करने की कोशिश की गई। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
महिला से छेड़छाड़ का मामला भी रहा चर्चा में
नवंबर 2018 में नाना पटवारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(क) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि नाना पटवारी अपने साथियों के साथ उनके घर पहुंचे, जबरन घर में घुसे और हथियारों से लैस थे। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि नाना पटवारी ने उनका हाथ बुरी नीयत से पकड़ा था।
खुशी कूलवाल सुसाइड केस में भी आया था नाम
जुलाई 2018 में इंदौर की रहने वाली 37 वर्षीय खुशी कूलवाल की आत्महत्या के मामले की जांच के दौरान भी नाना पटवारी का नाम सामने आया था। हालांकि उस समय पूछताछ के बाद उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी।
वर्ष 2025 में यह मामला एक बार फिर चर्चा में आया, जब पुलिस ने ड्रग कनेक्शन और हाई प्रोफाइल पार्टियों से जुड़े संभावित संबंधों की जांच शुरू की। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खुशी कूलवाल किन लोगों के संपर्क में थीं और आत्महत्या से पहले की परिस्थितियों में किसकी क्या भूमिका रही।
कांग्रेस ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक प्रतिशोध
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने कानूनी सलाहकारों से चर्चा की। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई कर रही है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि जीतू पटवारी ने हाल ही में प्रदेश में भ्रष्टाचार और उज्जैन भूमि खरीद मामले को लेकर आंदोलन की घोषणा की थी, जिसके बाद सरकार ने दबाव बनाने के लिए उनके भाई के खिलाफ कार्रवाई कराई है। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारी को जांच के आधार पर की गई कानूनी कार्रवाई बताया है।
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