खंडवा। खंडवा जिले की मोघट रोड थाना पुलिस ने लूट के एक मामले में गिरफ्तार गैंगस्टर सैयद उर्फ अमन लाला से पूछताछ के दौरान अवैध हथियारों के नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन देसी पिस्टल बरामद की हैं और इस मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी इन अवैध पिस्टलों से अलग-अलग वाहनों पर फायरिंग कर उसके वीडियो बनाते थे और सोशल मीडिया पर रील अपलोड करते थे। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल अन्य आपराधिक घटनाओं में तो नहीं हुआ।
पुलिस रिमांड में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने बताया कि जिले में गंभीर अपराधों, महिला अपराधों में फरार आरोपियों और अवैध गतिविधियों में शामिल बदमाशों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मोघट रोड थाना पुलिस ने लूट के मामले में गिरफ्तार आरोपी सैयद उर्फ अमन पिता नासिर (19) निवासी बापूनगर, खंडवा को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान अमन ने खुलासा किया कि उसने तीन युवकों को अवैध पिस्टल उपलब्ध कराई थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन देसी पिस्टल बरामद कर लीं।
हथियारों की सप्लाई करने वाला भी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि अयान पिता अनवर खान (19) निवासी चंपानगर, रामेश्वर ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

सोशल मीडिया रील के लिए करते थे फायरिंग
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अवैध पिस्टलों से अलग-अलग वाहनों पर फायरिंग कर वीडियो बनाते थे और सोशल मीडिया पर रील पोस्ट करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी अन्य अपराध में तो नहीं किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
- सैयद उर्फ अमन पिता नासिर (19), निवासी बापूनगर, खंडवा
- अरबाज मंसूरी, निवासी चैनपुर सरकार, हरसूद (हाल निवासी आजाद नगर, इंदौर)
- सुफियान पिता अतीक खान (19), निवासी पटेल मोहल्ला, इमलीपुरा
- अयान पिता अनवर खान (19), निवासी चंपानगर, रामेश्वर
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई मोघट रोड थाना प्रभारी निरीक्षक विकास खींची के नेतृत्व में की गई। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सुभाष नावड़े, रूप सिंह सोलंकी, आरक्षक अमित यादव, शेखर चौहान, अंकुश और संजय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


