तेहरान। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में किसी तरह का हस्तक्षेप किया गया तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, IRGC का कहना है कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे तो होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य स्थिति बहाल होना मुश्किल होगा, जिसका असर वैश्विक व्यापार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
वहीं ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि अमेरिका ने उत्तरी ईरान में चीन और रूस से जुड़े एक रणनीतिक रेलवे पुल पर क्रूज मिसाइल से हमला किया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका का दावा- 170 से अधिक सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, पिछले दो दिनों में ईरान के 170 से अधिक सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और मिसाइल भंडार, सैन्य स्पीड बोट तथा होर्मुज स्ट्रेट के आसपास मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट
- 80 से ज्यादा ठिकानों पर अमेरिकी एयरस्ट्राइक: अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिका के अनुसार, यह कार्रवाई होर्मुज क्षेत्र में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई।
- ट्रम्प का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने NATO शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम (सीजफायर) समझौता अब समाप्त हो चुका है और फिलहाल वे ईरान के साथ किसी नई डील के पक्ष में नहीं हैं।
- ईरान का पलटवार का दावा: IRGC ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया, जिनमें अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय और अली अल-सलेम एयर बेस भी शामिल हैं। इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
- बातचीत से इनकार: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि धमकियों के माहौल में अमेरिका के साथ कोई नई बातचीत या समझौता संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले अमेरिका को पुराने समझौतों का सम्मान करना होगा।
- भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर लौटा: अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत से करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर जा रहा भारतीय ध्वज वाला टैंकर ‘लीला वादिनार’ ओमान के तट के पास से वापस लौट गया।
वैश्विक बाजार की बढ़ी चिंता
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। फिलहाल अमेरिका और ईरान के दावों तथा सैन्य गतिविधियों पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
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