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Xi Jinping

Trump Xi Jinping Meeting पहले दोस्ती फिर Taiwan पर टकराव, China का सख्त रुख

अमेरिका और चीन के बीच रिश्तों पर एक बार फिर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। हाल ही में हुई अहम मुलाकात में चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के बीच बातचीत पहले तो काफी सामान्य और दोस्ताना माहौल में शुरू हुई, लेकिन जैसे ही चर्चा ताइवान पर पहुंची, माहौल अचानक बदल गया। शुरुआत में दिखी गर्मजोशी और बातचीत मीटिंग की शुरुआत में दोनों नेताओं ने व्यापार, वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की। दोनों पक्षों की तरफ से रिश्तों को सुधारने और तनाव कम करने के संकेत भी मिले। शुरुआती माहौल देखकर ऐसा लग रहा था कि दोनों देशों के बीच नई शुरुआत हो सकती है। Taiwan Issue पर बदला पूरा माहौल जैसे ही बात Taiwan पर पहुंची, बातचीत का टोन पूरी तरह बदल गया। जिनपिंग ने साफ शब्दों में कहा कि ताइवान चीन का हिस्सा है और इस मुद्दे पर किसी भी बाहरी दखल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि चीन “One China Policy” पर पूरी तरह कायम है और इसमें किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं है। Global Impact: दुनिया में बढ़ सकती है चिंता विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त बयानबाजी आने वाले समय में अमेरिका और चीन के रिश्तों में तनाव बढ़ा सकती है। इसका असर सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan

Petrol Price in Pakistan: महंगाई ने तोड़ी कमर, हालात बेकाबू

पाकिस्तान ( Pakistan) में महंगाई का संकट लगातार गहराता जा रहा है और अब हालात ऐसे बन चुके हैं कि पेट्रोल की कीमतें कई जगहों पर ₹414 तक पहुंच गई हैं। इस तेज बढ़ोतरी ने आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर डाला है और पूरे देश में चिंता का माहौल बन गया है। Pakistan इस समय गंभीर आर्थिक दबाव से गुजर रहा है। कमजोर मुद्रा, विदेशी कर्ज और ऊर्जा संकट ने हालात को और बिगाड़ दिया है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने लोगों के रोजमर्रा के खर्च को कई गुना बढ़ा दिया है। आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर पेट्रोल महंगा होने का असर सिर्फ गाड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर हर घर तक पहुंच गया है। लोगों का कहना है कि अब महीने का खर्च संभालना मुश्किल हो गया है और हर दिन नई महंगाई परेशान कर रही है। पाकिस्तान सरकार पर बढ़ता दबाव सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती अर्थव्यवस्था को संभालने की है। स्थिति को काबू में करने के लिए सरकार अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से मदद, टैक्स सुधार और ईंधन सब्सिडी में बदलाव जैसे कदमों पर विचार कर रही है। हालांकि, इन उपायों के बावजूद आम जनता की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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China

“No Deal on 4 Issues” – China का बड़ा बयान, ट्रंप दौरे से पहले तनाव

America और China के बीच रिश्तों में एक बार फिर तनाव का माहौल बनता दिख रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति और आगामी चुनावों के प्रमुख चेहरे Donald Trump के संभावित चीन दौरे से ठीक पहले बीजिंग ने बेहद कड़ा संदेश दिया है। चीन ने साफ कहा है कि चार अहम मुद्दों पर किसी भी तरह की बातचीत या समझौते की कोई संभावना नहीं है। बीजिंग का कहना है कि इन मामलों को लेकर उसकी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट और अडिग है, और इन्हें “रेड लाइन” माना जाएगा। कौन से हैं वो 4 बड़े मुद्दे? रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन जिन चार मुद्दों पर किसी भी तरह की नरमी नहीं दिखा रहा है, वे हैं— इन सभी विषयों पर चीन का रुख लंबे समय से सख्त रहा है और अब एक बार फिर उसने इसे दोहरा दिया है। ट्रंप दौरे से पहले बढ़ी कूटनीतिक हलचल ट्रंप के संभावित चीन दौरे को लेकर पहले यह उम्मीद जताई जा रही थी कि दोनों देशों के बीच रिश्तों में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है। लेकिन चीन के इस बयान ने कूटनीतिक हलचल बढ़ा दी है और तनाव को फिर से हवा दे दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह दौरा होता भी है, तो बातचीत आसान नहीं होगी। दोनों देशों के बीच पहले से ही कई मुद्दों पर मतभेद हैं, और यह स्थिति वैश्विक राजनीति को भी प्रभावित कर सकती है। वैश्विक असर की आशंका अमेरिका-चीन संबंध दुनिया की अर्थव्यवस्था और राजनीति के लिए बेहद अहम माने जाते हैं। ऐसे में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने पर इसका असर ग्लोबल मार्केट, एशिया-पैसिफिक क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर है कि Donald Trump इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या उनका चीन दौरा आगे बढ़ता है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump का Iran पर बड़ा बयान: बोले- समझौता करो वरना तबाह हो जाओगे

Trump का Iran पर बड़ा बयान: बोले- समझौता करो वरना तबाह हो जाओगे

America के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान को लेकर कड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका हर हाल में ईरान के खिलाफ जंग जीतकर रहेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान के पास अब सिर्फ दो रास्ते हैं—या तो समझौता करे या फिर पूरी तरह तबाह होने के लिए तैयार रहे। ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान से जुड़े संघर्षों और सैन्य अभियानों में अब तक करीब 29 अरब डॉलर खर्च किए हैं। उनका कहना है कि अमेरिका अपनी सुरक्षा और सहयोगी देशों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। अपने बयान में ट्रम्प ने ईरान पर क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश और सख्त कदम उठा सकते हैं। ट्रम्प के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती बयानबाजी का असर मध्य-पूर्व की स्थिति पर पड़ सकता है। हालांकि ईरान की ओर से फिलहाल इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन दोनों देशों के बीच पहले से ही रिश्ते काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि यदि दोनों देशों के बीच बातचीत नहीं हुई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। दुनिया की नजर अब अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए विजिट करें — Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Iran

UAE vs Iran: गुप्त हमले की रिपोर्ट के बाद Global Oil Market में हलचल तेज

मध्य पूर्व में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अब एक नई रिपोर्ट ने खाड़ी देशों की राजनीति में हलचल मचा दी है। दावा किया जा रहा है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अप्रैल महीने में ईरान के लावान द्वीप स्थित ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया था। हालांकि इस हमले को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट सामने आने के बाद पूरी दुनिया की नजर Middle East पर टिक गई है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी ईरान की लीडरशिप पर बड़ा हमला बोला है। ट्रम्प ने कहा कि “ईरानी नेतृत्व भरोसे के लायक नहीं है और दुनिया को गुमराह कर रहा है।” उनके इस बयान ने पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है। लावान द्वीप पर हमले की रिपोर्ट से मचा हड़कंप रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल में Iran के लावान द्वीप पर मौजूद अहम ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया था। यह द्वीप ईरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहां से तेल उत्पादन और निर्यात का बड़ा हिस्सा संचालित होता है। अगर इस हमले की पुष्टि होती है, तो यह सिर्फ ईरान और UAE के रिश्तों पर असर नहीं डालेगा, बल्कि इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। UAE की भूमिका पर उठ रहे सवाल हालांकि UAE सरकार की तरफ से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है, लेकिन रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हमले में UAE से जुड़े संसाधनों का इस्तेमाल हुआ। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो Middle East में नई कूटनीतिक लड़ाई शुरू हो सकती है। पिछले कुछ समय से खाड़ी देशों और ईरान के बीच रिश्ते काफी तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में इस तरह की खबरों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। Trump के बयान ने बढ़ाई सियासी गर्मी डोनाल्ड ट्रम्प पहले भी ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाते रहे हैं। इस बार उन्होंने सीधे ईरानी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि दुनिया को ईरान की नीतियों से सावधान रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प का यह बयान अमेरिका की भविष्य की Middle East Policy और चुनावी रणनीति से भी जुड़ा हो सकता है। तेल बाजार पर पड़ सकता है असर Middle East में बढ़ते तनाव का असर सबसे पहले ग्लोबल ऑयल मार्केट पर देखने को मिलता है। अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। इसका असर भारत समेत उन देशों पर भी पड़ेगा जो तेल आयात पर निर्भर हैं। आम लोगों के लिए इसका मतलब पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें और महंगाई का दबाव हो सकता है। फिलहाल क्या है स्थिति? ईरान और UAE दोनों की तरफ से अब तक कोई स्पष्ट आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में अगर इस रिपोर्ट की पुष्टि होती है, तो Middle East की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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America

Iran Nuclear Issue पर अड़ा America, ट्रम्प ने बातचीत का प्रस्ताव ठुकराया

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच America और Iran के रिश्ते एक बार फिर सुर्खियों में हैं। जंग जैसे हालात को टालने के लिए ईरान ने बातचीत का रास्ता अपनाने की कोशिश की, लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। ट्रम्प ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें ईरान की पेशकश पसंद नहीं आई और अमेरिका अपनी शर्तों पर ही आगे बढ़ेगा। जानकारी के मुताबिक, ईरान ने बैकचैनल बातचीत के जरिए क्षेत्र में बढ़ रहे तनाव को कम करने का संदेश दिया था। माना जा रहा था कि इससे दोनों देशों के बीच टकराव टल सकता है, लेकिन अमेरिका ने इसके बदले बड़ी शर्त रख दी। अमेरिकी पक्ष चाहता है कि ईरान अपने एनरिच्ड यूरेनियम को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में सौंपे। यही मुद्दा अब दोनों देशों के बीच नई तनातनी की वजह बन गया है। Nuclear Program को लेकर बढ़ी चिंता अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को लंबे समय से डर है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम हथियार निर्माण की दिशा में बढ़ सकता है। वहीं ईरान लगातार यह कहता रहा है कि उसका न्यूक्लियर प्रोग्राम केवल ऊर्जा और रिसर्च के लिए है। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर साफ हो गया है कि अमेरिका फिलहाल ईरान पर दबाव बनाए रखने की नीति से पीछे हटने के मूड में नहीं है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द कोई समाधान नहीं निकला, तो मध्य पूर्व में हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो सकते हैं। Gulf Region में बढ़ी हलचल पिछले कुछ दिनों में खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं। अमेरिकी वॉरशिप की मौजूदगी और ईरान की मिसाइल तैयारियों की खबरों ने दुनिया भर की चिंता बढ़ा दी है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं माना जा रहा। अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें दोनों देशों की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IRAN-AMERICA तनाव के बीच शांति वार्ता की उम्मीद: अगले हफ्ते Islamabad में बातचीत संभव

IRAN-AMERICA तनाव के बीच शांति वार्ता की उम्मीद: अगले हफ्ते Islamabad में बातचीत संभव

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अब शांति वार्ता की उम्मीद दिखाई दे रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अगले हफ्ते पाकिस्तान की राजधानी Islamabad में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हो सकती है। इस संभावित वार्ता को लेकर दुनियाभर की नजरें टिकी हुई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि अमेरिका अभी ईरान के जवाब का इंतजार कर रहा है। उन्होंने संकेत दिए कि अगर ईरान बातचीत के लिए तैयार होता है तो दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में कदम बढ़ सकते हैं। हालांकि दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका की उस मांग को साफ तौर पर ठुकरा दिया है, जिसमें उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने की बात कही गई थी। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और देश अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा। कई महीनों से दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में इस्लामाबाद में संभावित वार्ता को एक बड़े कूटनीतिक प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। आम लोगों को भी उम्मीद है कि बातचीत के जरिए हालात सामान्य हो सकते हैं और युद्ध जैसी स्थिति से बचा जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह वार्ता सफल रहती है तो इससे न केवल मध्य-पूर्व बल्कि पूरी दुनिया में स्थिरता आने की संभावना बढ़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal
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Hormuz

Hormuz Strait पर बढ़ा खतरा, अमेरिकी Navy की एंट्री के बाद ईरान ने दिखाई सैन्य ताकत

मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी वॉरशिप की एंट्री, ईरानी मिसाइलों की तैनाती और समुद्र में बढ़ती निगरानी के बीच अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या Middle East एक बड़े संघर्ष की तरफ बढ़ रहा है। दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में शामिल होर्मुज में बढ़ता तनाव सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। Hormuz Strait क्यों है दुनिया के लिए इतना महत्वपूर्ण? होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के बड़े हिस्से में जाने वाला कच्चा तेल इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। खाड़ी देशों से निकलने वाले तेल टैंकर हर दिन इसी रूट का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में अगर यहां तनाव बढ़ता है या समुद्री रास्ता प्रभावित होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। यही वजह है कि दुनिया की बड़ी ताकतें इस इलाके पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अमेरिकी Warship की एंट्री से अचानक बदला माहौल हाल ही में अमेरिका ने अपने कई युद्धपोत और निगरानी जहाज होर्मुज के आसपास तैनात किए। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। अमेरिकी नौसेना की बढ़ती मौजूदगी के बाद पूरे इलाके में सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं। समुद्र में लगातार निगरानी बढ़ाई गई और कई देशों ने अपने जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी। हालांकि ईरान ने इसे सीधी चुनौती माना और अमेरिका पर क्षेत्र में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। ईरान ने दिखाई Missile और Drone ताकत अमेरिकी गतिविधियों के जवाब में ईरान ने भी अपनी सैन्य तैयारियां तेज कर दीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने तटीय इलाकों में मिसाइल सिस्टम एक्टिव कर दिए हैं। इसके साथ ही ड्रोन निगरानी भी बढ़ा दी गई है। कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ईरानी ड्रोन अमेरिकी वॉरशिप की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं। समुद्र के पास सैन्य अभ्यास और मिसाइल मूवमेंट ने हालात को और ज्यादा गंभीर बना दिया है। ईरान ने साफ कहा है कि अगर उसकी सुरक्षा या संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई तो जवाब भी उसी स्तर पर दिया जाएगा। तेल बाजार और दुनिया की बढ़ी चिंता होर्मुज में तनाव बढ़ने का असर अब वैश्विक बाजारों में भी दिखने लगा है। तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है और कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाजों को अलर्ट मोड पर रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यहां सैन्य टकराव बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है। इसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर रोजमर्रा की चीजों तक महसूस किया जा सकता है। भारत पर भी पड़ सकता है सीधा असर भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में होर्मुज में तनाव बढ़ने का असर भारत की तेल सप्लाई और आयात लागत पर पड़ सकता है। अगर हालात लंबे समय तक तनावपूर्ण रहे तो देश में महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। क्या युद्ध के करीब पहुंच चुके हैं हालात? फिलहाल अमेरिका और ईरान दोनों तरफ से कड़े बयान सामने आ रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात को संभालने की कोशिश में जुटा है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि इस समय Middle East बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है और छोटी सी गलती भी बड़े सैन्य संघर्ष में बदल सकती है। दुनिया की नजर अब होर्मुज पर टिकी हुई है, क्योंकि यहां होने वाली हर हलचल का असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan

Pakistan के लिए नई मुसीबत! जब्त ईरानी जहाज में कैद हुए अपने ही नागरिक

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब पाकिस्तान (Pakistan)पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ईरान से जुड़े एक जहाज को समुद्री सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जब्त किए जाने के बाद उसमें कई पाकिस्तानी नागरिकों के फंसे होने की खबर सामने आई है। इस घटना ने पाकिस्तान सरकार की चिंता बढ़ा दी है और अब अपने ही नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए इस्लामाबाद लगातार कोशिश कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जहाज को संदिग्ध गतिविधियों के शक में रोका गया था। जांच के दौरान पता चला कि जहाज पर काम करने वाले कई लोग पाकिस्तान के नागरिक हैं। इनमें अधिकतर लोग रोजगार के लिए खाड़ी क्षेत्र में गए थे और समुद्री कामकाज से जुड़े हुए थे। लेकिन अचानक हुई इस कार्रवाई ने उनकी जिंदगी मुश्किल में डाल दी। रोजगार की तलाश, लेकिन मुसीबत में फंसे लोग बताया जा रहा है कि जहाज पर मौजूद पाकिस्तानी नागरिक सामान्य मजदूर और क्रू मेंबर थे। परिवारों का कहना है कि वे बेहतर कमाई के लिए विदेश गए थे, लेकिन अब उनसे संपर्क तक करना मुश्किल हो गया है। पाकिस्तान में उनके घरों में बेचैनी का माहौल है और लोग सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। Pakistan Government पर बढ़ा Pressure इस पूरे मामले के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने संबंधित देशों से संपर्क शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि फंसे नागरिकों की जानकारी जुटाई जा रही है और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। विपक्षी दलों ने भी सरकार से इस मुद्दे पर तेजी से काम करने की मांग की है। Middle East Tension का असर South Asia तक विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच बढ़ रहा तनाव अब दूसरे देशों को भी प्रभावित कर रहा है। पाकिस्तान पहले ही आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है। ऐसे में यह मामला उसके लिए नई कूटनीतिक चुनौती बन सकता है। सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेजी से सामने आ रही हैं। कई यूजर्स पाकिस्तान सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग फंसे नागरिकों की जल्द सुरक्षित रिहाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय नजर बनी हुई है। अब देखना होगा कि पाकिस्तान अपने नागरिकों को इस संकट से कितनी जल्दी बाहर निकाल पाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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America ने फिर किया Iran पर हमला, ट्रम्प की चेतावनी- ‘डील नहीं की तो और बम बरसेंगे’

America ने फिर किया Iran पर हमला, ट्रम्प की चेतावनी- ‘डील नहीं की तो और बम बरसेंगे’

America ने सीजफायर टूटने के बाद ईरान के कई ठिकानों पर दोबारा हवाई हमले किए हैं। इन हमलों के बाद पूरी दुनिया की नजरें अब खाड़ी क्षेत्र पर टिक गई हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान ने समझौता नहीं किया, तो अमेरिका आगे भी बड़े हमले करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों और हथियार डिपो को निशाना बनाया। हमलों के बाद कई इलाकों में भारी नुकसान और अफरा-तफरी की स्थिति बताई जा रही है। हालांकि ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा संकट तनाव का असर दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज स्ट्रेट पर भी दिखाई दे रहा है। यहां करीब 1500 जहाज फंसे होने की खबर है। सुरक्षा खतरे के चलते कई जहाजों की आवाजाही रोक दी गई है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल सप्लाई और व्यापार पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह तनाव और बढ़ा, तो दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी असर देखने को मिल सकता है। भारत समेत कई देश स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। दुनिया में बढ़ी चिंता अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव से वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। लोगों को डर है कि अगर हालात नहीं संभले, तो यह संघर्ष बड़े युद्ध का रूप ले सकता है। मध्य-पूर्व में जारी इस तनाव का असर आम लोगों की जिंदगी और वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Voter ID

30 Crore Voter ID Cards होंगे अपडेट, पहचान और Verification होगा आसान

देशभर के करोड़ों मतदाताओं के लिए जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चुनाव आयोग पुराने वोटर आईडी कार्ड्स को अपडेट करने की तैयारी में है। इस अभियान के तहत करीब 30 करोड़ Voter ID Cards में मौजूद धुंधले फोटो बदले जाएंगे और जिन कार्ड्स में मकान नंबर की जगह “00” लिखा है, वहां पूरा और सही पता दर्ज किया जाएगा। दरअसल, लंबे समय से शिकायतें सामने आ रही थीं कि कई वोटर कार्ड्स में फोटो इतने पुराने या धुंधले हैं कि पहचान करना मुश्किल हो जाता है। वहीं कई कार्ड्स में अधूरा पता होने से वोटिंग के दौरान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब चुनाव आयोग इन खामियों को दूर करने के लिए बड़ा अपडेट अभियान शुरू करने जा रहा है। Blur Photo और गलत Address बने परेशानी की वजह ग्रामीण और शहरी इलाकों में बड़ी संख्या में ऐसे वोटर कार्ड पाए गए हैं, जिनमें फोटो साफ दिखाई नहीं देते। कई मामलों में कार्ड पर सिर्फ “00” लिखा होने से सही पता पता नहीं चल पाता। इससे मतदान केंद्रों पर पहचान सत्यापन में समय ज्यादा लगता है और कई बार विवाद जैसी स्थिति भी बन जाती है। इसी को देखते हुए अब रिकॉर्ड को ज्यादा सटीक और डिजिटल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस कदम से फर्जी मतदान रोकने में भी मदद मिलेगी। कैसे होगा Voter Card Update? जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग चरणबद्ध तरीके से यह प्रक्रिया पूरी करेगा। जरूरत पड़ने पर मतदाताओं से नया फोटो और सही पता मांगा जा सकता है। कई जगह ऑनलाइन अपडेट की सुविधा भी दी जाएगी ताकि लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। अगर किसी मतदाता के कार्ड में फोटो साफ नहीं है या पता गलत दर्ज है, तो उसे अपडेट करवाने का मौका मिलेगा। आयोग का फोकस डेटा को पूरी तरह साफ और आधुनिक बनाने पर है। चुनाव से पहले रिकॉर्ड सुधारने की तैयारी आने वाले चुनावों को देखते हुए चुनाव आयोग मतदाता सूची और पहचान संबंधी रिकॉर्ड को मजबूत करना चाहता है। साफ फोटो और सही एड्रेस होने से मतदान प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान करोड़ों लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, क्योंकि लंबे समय से लोग पुराने और खराब प्रिंट वाले वोटर कार्ड्स की समस्या झेल रहे थे।
India vs Afghanistan

India vs Afghanistan ODI 2026: पहली बार भारत के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेगा अफगानिस्तान

भारत और अफगानिस्तान (India vs Afghanistan) के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज आज धर्मशाला के खूबसूरत HPCA स्टेडियम में होने जा रहा है। यह सीरीज इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि अफगानिस्तान पहली बार भारत के खिलाफ पूरी ODI सीरीज खेलने उतर रहा है। दोनों टीमों के फैंस इस मुकाबले का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, लेकिन मैच से पहले मौसम ने चिंता बढ़ा दी है। Kohli-Hardik के बिना उतरेगी Team India भारतीय टीम इस सीरीज में कई बड़े बदलावों के साथ मैदान पर उतरेगी। स्टार बल्लेबाज विराट कोहली चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं, जबकि हार्दिक पंड्या भी फिटनेस समस्या की वजह से टीम से बाहर हैं। ऐसे में टीम इंडिया की जिम्मेदारी कप्तान रोहित शर्मा और युवा खिलाड़ियों पर होगी। टीम मैनेजमेंट इस सीरीज को भविष्य की तैयारी के तौर पर देख रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स को ध्यान में रखते हुए कुछ नए खिलाड़ियों को मौका दिया जा सकता है। ईशान किशन, यशस्वी जायसवाल और नितीश कुमार रेड्डी जैसे युवा खिलाड़ियों पर सभी की नजरें रहेंगी। Afghanistan के पास भी हैं मैच विनर खिलाड़ी अफगानिस्तान की टीम अब सिर्फ कमजोर टीम नहीं मानी जाती। पिछले कुछ वर्षों में टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। राशिद खान, मोहम्मद नबी और रहमानुल्लाह गुरबाज जैसे खिलाड़ी किसी भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। भारतीय परिस्थितियों में खेलने का अनुभव भी अफगानिस्तान के खिलाड़ियों के पास है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। Dharamshala Weather ने बढ़ाई टेंशन धर्मशाला में मौसम मैच का सबसे बड़ा विलेन बन सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मुकाबले के दौरान करीब 55 प्रतिशत बारिश की संभावना है। सुबह से ही इलाके में बादल छाए हुए हैं और हल्की बारिश भी देखने को मिली है। अगर बारिश लगातार होती रही तो मैच में ओवर कट सकते हैं या मुकाबला प्रभावित भी हो सकता है। हालांकि फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम साफ हो और उन्हें पूरा मैच देखने को मिले। तेज गेंदबाजों को मिल सकती है मदद धर्मशाला की पिच आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। बादलों और नमी की वजह से शुरुआती ओवरों में गेंद ज्यादा स्विंग कर सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। मैच की जरूरी जानकारी भारत जहां घरेलू मैदान का फायदा उठाकर सीरीज में जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगा, वहीं अफगानिस्तान की नजर इतिहास रचने पर होगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि बारिश के बीच कौन सी टीम मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Pranit More

Pranit More Controversy: महिलाओं पर विवादित Comments के बाद कॉमेडियन की माफी

स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे (Pranit More) एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। महिलाओं को लेकर किए गए विवादित कमेंट्स के बाद इंटरनेट पर उनके खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मामला बढ़ने के बाद अब कॉमेडियन ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते हुए लोगों से एक मौका देने की अपील की है। प्रणित मोरे का एक वीडियो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह महिलाओं को लेकर ऐसी टिप्पणियां करते दिखाई दिए, जिन्हें कई लोगों ने अपमानजनक और असंवेदनशील बताया। वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स ने जमकर आलोचना शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला सोशल मीडिया ट्रेंड बन गया। Viral Video के बाद बढ़ा विवाद वीडियो वायरल होने के बाद X, Instagram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने कहा कि कॉमेडी के नाम पर महिलाओं का मजाक उड़ाना गलत है। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर मनोरंजन की सीमा क्या होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर #PranitMoreControversy ट्रेंड करने लगा और कई महिला संगठनों ने भी इस बयान पर नाराजगी जताई। सोशल मीडिया पोस्ट में मांगी माफी लगातार बढ़ते विवाद के बीच प्रणित मोरे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबा नोट शेयर किया। उन्होंने माना कि उनके शब्दों से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रणित ने लिखा, “मैं समझता हूं कि लोग मुझसे नाराज हैं। शायद मैं इस नफरत का हकदार भी हूं, लेकिन मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि लोग मुझे खुद को सुधारने का एक मौका दें।” उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था, लेकिन अब उन्हें अपनी गलती का एहसास हो चुका है। लोगों की राय बंटी हुई नजर आई इस पूरे मामले में सोशल मीडिया यूजर्स दो हिस्सों में बंटे नजर आए। कुछ लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ कुछ यूजर्स का मानना है कि गलती मान लेने के बाद किसी को सुधारने का मौका मिलना चाहिए। हालांकि, विवाद अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है और सोशल मीडिया पर बहस जारी है। करियर पर पड़ सकता है असर मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि इस विवाद का असर प्रणित मोरे की इमेज और करियर पर पड़ सकता है। आज के डिजिटल दौर में किसी भी बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया देखने को मिलती है और सोशल मीडिया का दबाव कई बार कलाकारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। फिलहाल, सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि दर्शक और इंडस्ट्री उनके माफीनामे को किस तरह लेते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
S Jaishankar

3 भारतीयों की मौत से भारत सख्त, US Secretary S Jaishankar की अहम बातचीत

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों की मौत को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्री S Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत कर कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता और विरोध दर्ज कराया। भारत ने साफ शब्दों में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चल रहे व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है और इससे वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। क्या है पूरा मामला? हाल ही में मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में एक कॉमर्शियल जहाज पर हमला हुआ था। इस हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। घटना के बाद भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पीड़ित परिवारों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान जाना बेहद दुखद है। भारत ने क्या कहा? विदेश मंत्री जयशंकर ने बातचीत में कहा कि समुद्री व्यापार दुनिया की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में कॉमर्शियल जहाजों पर हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे वैश्विक व्यापार और कई देशों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और इस तरह की घटनाओं को लेकर बेहद संवेदनशील है। Middle East Tension पर बढ़ी चिंता मध्य पूर्व में पिछले कुछ समय से तनाव लगातार बढ़ रहा है। कई देशों ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव और कूटनीतिक गतिविधियों को और तेज कर सकते हैं। भारत भी लगातार शांति और सुरक्षित समुद्री व्यापार की वकालत करता रहा है। भारत सरकार की नजर स्थिति पर सरकार ने कहा है कि प्रभावित भारतीयों के परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी। साथ ही क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस घटना के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
धर्मेंद्र प्रधान

“खेल और पढ़ाई साथ-साथ चलेंगे” — Bhopal में धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों को दिया बड़ा संदेश

भोपाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों के साथ संवाद करते हुए देश की नई शिक्षा और खेल नीति को लेकर बड़ा संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर धर्मेंद्र प्रधान मध्यप्रदेश पहुंचे, जहां उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के साथ शूटिंग एकेडमी का दौरा किया। खिलाड़ियों से सीधा संवाद, स्किल और स्पोर्ट्स पर जोर इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात की और कहा कि भारत अब शिक्षा के साथ-साथ स्किल और स्पोर्ट्स सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के जरिए पहली बार खेल और पढ़ाई को एक साथ जोड़ने पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। पढ़ाई और खेल साथ-साथ चलेंगे धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अब ऐसा सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे खिलाड़ी अपनी पढ़ाई और खेल दोनों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ा सकें। इसके लिए अलग से कोर्स वर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि छात्रों को खेल गतिविधियों का भी अकादमिक लाभ मिल सके। APAAR ID और Credit Score सिस्टम पर काम उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों की APAAR ID के माध्यम से उनकी पढ़ाई और खेल उपलब्धियों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाएगा। साथ ही इंटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी को क्रेडिट स्कोर सिस्टम से जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है। इससे खिलाड़ियों को भविष्य में शिक्षा और करियर दोनों में फायदा मिलेगा। IIT में Sports Quota से युवाओं को मिलेगा फायदा केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार IIT जैसे बड़े संस्थानों में स्पोर्ट्स कोटा लागू किया गया है। यह कदम उन युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जो खेल के साथ-साथ उच्च शिक्षा में भी आगे बढ़ना चाहते हैं। 2036 Olympics और Developed India Vision 2047 पर फोकस उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले 20 वर्षों में भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत का फोकस अब 2036 ओलंपिक की तैयारियों पर भी है और देश खेलों में विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में काम कर रहा है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत का सपना साकार होगा और देश दुनिया की महाशक्ति के रूप में उभरेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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