मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अब शांति वार्ता की उम्मीद दिखाई दे रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अगले हफ्ते पाकिस्तान की राजधानी Islamabad में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हो सकती है। इस संभावित वार्ता को लेकर दुनियाभर की नजरें टिकी हुई हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि अमेरिका अभी ईरान के जवाब का इंतजार कर रहा है। उन्होंने संकेत दिए कि अगर ईरान बातचीत के लिए तैयार होता है तो दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में कदम बढ़ सकते हैं।
हालांकि दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका की उस मांग को साफ तौर पर ठुकरा दिया है, जिसमें उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने की बात कही गई थी। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और देश अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा।
कई महीनों से दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में इस्लामाबाद में संभावित वार्ता को एक बड़े कूटनीतिक प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। आम लोगों को भी उम्मीद है कि बातचीत के जरिए हालात सामान्य हो सकते हैं और युद्ध जैसी स्थिति से बचा जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह वार्ता सफल रहती है तो इससे न केवल मध्य-पूर्व बल्कि पूरी दुनिया में स्थिरता आने की संभावना बढ़ सकती है।
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