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US-Iran Tension: Trump ने किया War End का दावा, ईरान बोला- बातचीत अभी जारी

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के साथ चल रही “जंग अब खत्म हो चुकी है” और दोनों देशों के बीच जल्द ही एक बड़ी डील हो सकती है। लेकिन दूसरी तरफ ईरान ने साफ कर दिया है कि अभी किसी समझौते पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। मध्य पूर्व में पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ते तनाव, सैन्य हमलों और तेल बाजार में उथल-पुथल के बीच ट्रम्प का यह बयान दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है। Trump ने क्या कहा? डोनाल्ड ट्रम्प ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। ट्रम्प ने कहा कि इस समझौते का सबसे बड़ा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार न बना सके। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि अमेरिका अब सैन्य कार्रवाई की बजाय बातचीत के जरिए समाधान चाहता है। Iran का जवाब- अभी कुछ तय नहीं ट्रम्प के बयान के कुछ ही घंटों बाद ईरान की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अभी बातचीत जारी है और किसी भी समझौते पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। ईरान ने यह भी कहा कि वह अपनी शर्तों और राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। तेहरान का मानना है कि अमेरिका बार-बार अपनी रणनीति बदल रहा है, इसलिए किसी नतीजे पर पहुंचने में अभी समय लग सकता है। क्या हो सकती है नई Deal? अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच जिस प्रस्तावित डील पर चर्चा चल रही है, उसमें कई बड़े मुद्दे शामिल हैं। इनमें: जैसे अहम बिंदु शामिल बताए जा रहे हैं। अगर यह समझौता होता है तो इससे पूरे मध्य पूर्व की राजनीति और वैश्विक तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है। पिछले दिनों क्यों बढ़ा तनाव? बीते कुछ दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की थी, जबकि जवाब में ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियां तेज कर दी थीं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में बढ़ती हलचल ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी थी क्योंकि इसी रास्ते से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है। कई देशों ने आशंका जताई थी कि अगर हालात बिगड़े तो तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। तेल बाजार को मिली राहत ट्रम्प के “जंग खत्म” वाले बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई। निवेशकों को उम्मीद है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो जाता है तो वैश्विक सप्लाई पर दबाव कम होगा और बाजार में स्थिरता लौट सकती है। दुनिया की नजर अगले कदम पर फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। ट्रम्प इसे अपनी बड़ी कूटनीतिक सफलता के तौर पर पेश कर रहे हैं, जबकि ईरान अभी भी सतर्क रुख अपनाए हुए है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दोनों देशों के बीच वास्तव में शांति समझौता होगा या फिर मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Oman

Oman Ship Attack अरब सागर में बड़ा हादसा, Indian Crew जहाज़ बना निशाना, 3 नाविक लापता

अरब सागर में एक बार फिर तनावपूर्ण हालात के बीच बड़ा समुद्री हादसा सामने आया है। Oman के तट के पास एक मर्चेंट शिप पर हमला होने की खबर ने पूरे शिपिंग सेक्टर को हिला दिया है। इस जहाज़ पर मौजूद भारतीय क्रू की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। क्या हुआ ओमान के पास? रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना Gulf of Oman (ओमान के पास समुद्री क्षेत्र) में हुई, जहां एक कार्गो/ऑयल टैंकर को निशाना बनाया गया। जहाज़ अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट पर चल रहा था और अचानक हुए हमले के बाद स्थिति बिगड़ गई। जहाज़ पर कुल 24 भारतीय नाविक (crew members) मौजूद थे, जो सामान्य ड्यूटी पर थे। भारतीय क्रू की स्थिति हमले के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत शुरू किया गया। भारतीय दूतावास ओमान और स्थानीय एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है और सर्च ऑपरेशन जारी है। जहाज़ पर क्या हुआ? जानकारी के अनुसार जहाज़ पर अचानक विस्फोट जैसी स्थिति या मिसाइल/प्रिसिजन अटैक हुआ, जिसके बाद आग और तकनीकी नुकसान की खबरें सामने आईं। क्रू ने इमरजेंसी अलर्ट भेजकर मदद मांगी। किसने किया हमला? कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स इस घटना को संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से जोड़ रही हैं, लेकिन अभी तक: इस वजह से स्थिति अभी भी काफी संवेदनशील बनी हुई है। यह क्षेत्र क्यों अहम है? Strait of Hormuz (होर्मुज़ जलडमरूमध्य) दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री रास्तों में से एक है। भारत की प्रतिक्रिया भारत सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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South Africa के Johannesburg में ताबड़तोड़ फायरिंग, 12 से अधिक लोगों की मौत, 9 घायल

South Africa के Johannesburg में ताबड़तोड़ फायरिंग, 12 से अधिक लोगों की मौत, 9 घायल

South Africa के सबसे बड़े शहर जोहान्सबर्ग में एक दर्दनाक गोलीबारी की घटना सामने आई है। यहां अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिसमें 12 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, यह घटना देर रात हुई, जब कई लोग एक स्थान पर मौजूद थे। अचानक पहुंचे हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में गोलीबारी के पीछे आपसी गैंगवार या आपराधिक रंजिश की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी तक हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है। इस घटना के बाद पूरे शहर में दहशत का माहौल है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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America-Iran हमले के बाद Iran ने बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना

America-Iran हमले के बाद Iran ने बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना

America और Iran के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच जारी टकराव अब सीधे सैन्य हमलों तक पहुंच गया है, जिससे पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ हवाई हमले किए हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में एक अमेरिकी हेलिकॉप्टर को निशाना बनाए जाने की घटना के जवाब में यह कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर उन्हें नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने भी पलटवार किया। ईरान की ओर से बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला किए जाने की खबर सामने आई है। इस हमले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव से दुनिया भर के देशों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व की शांति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। स्थानीय लोगों में भी डर का माहौल है। लगातार हो रहे हमलों के कारण आम नागरिकों को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह दी है। फिलहाल अमेरिका और ईरान दोनों की ओर से आक्रामक बयानबाजी जारी है। पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष और बढ़ता है या फिर कूटनीतिक प्रयासों के जरिए तनाव कम किया जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan

Pakistan Airstrike on Afghanistan: 11 बच्चों समेत 13 की मौत, सीमा तनाव फिर बढ़ा

Pakistan और Afghanistan के बीच एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अफगान तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने उसके सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की है, जिसमें बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिकों की जान गई है। इस घटना ने दोनों देशों के रिश्तों को और ज्यादा बिगाड़ दिया है। क्या है पूरा मामला? अफगान अधिकारियों के अनुसार, यह एयरस्ट्राइक कूनर, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में की गई। दावा किया गया है कि हमले रिहायशी इलाकों पर हुए, जहां आम लोग अपने रोजमर्रा के जीवन में थे। इस हमले में भारी नुकसान की खबर सामने आई है। मौतों और घायलों का आंकड़ा तालिबान प्रशासन के मुताबिक: यह आंकड़ा सामने आने के बाद स्थानीय इलाकों में मातम और दहशत का माहौल है। तालिबान का पाकिस्तान पर आरोप तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि: अफगान प्रशासन ने इस हमले को देश की संप्रभुता पर हमला बताया है और कड़ी प्रतिक्रिया की बात कही है। पाकिस्तान की प्रतिक्रिया क्या है? इस पूरे मामले पर पाकिस्तान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि पहले पाकिस्तान कई बार यह दावा करता रहा है कि उसकी सैन्य कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ होती है, न कि आम नागरिकों के खिलाफ। दोनों देशों के बीच तनाव क्यों बढ़ रहा है? पिछले कुछ समय से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच: लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं। क्यों यह घटना गंभीर है? यह घटना सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं मानी जा रही, बल्कि इसके कई बड़े प्रभाव हो सकते हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PoK

PoK Protest: आसिम मुनीर के खिलाफ गूंजे नारे, JAAC आंदोलन से पाकिस्तान में तनाव बढ़ा

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। बीते कुछ दिनों से यहां बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं, जिनमें लोगों का गुस्सा सड़कों पर साफ देखा जा सकता है। जगह-जगह से सामने आ रहे वीडियो और स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार और सेना की नीतियों के खिलाफ जोरदार नाराजगी जताई है। JAAC के नेतृत्व में सड़कों पर उतरे लोग जानकारी के अनुसार, इन प्रदर्शनों का नेतृत्व संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) से जुड़े समूह कर रहे हैं। आंदोलन का फोकस मुख्य रूप से स्थानीय समस्याओं पर है—जैसे महंगाई, बेरोजगारी, बिजली-पानी की किल्लत और बुनियादी सुविधाओं की कमी। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में विकास कार्य ठप पड़े हैं, और उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इसी वजह से अब लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है। आसिम मुनीर के खिलाफ नारों से गरमाया माहौल सोशल मीडिया पर वायरल कई वीडियो में प्रदर्शनकारियों को पाकिस्तान सेना और नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाते हुए देखा जा रहा है। कुछ क्लिप्स में सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के खिलाफ भी तीखी टिप्पणियों और नारों का दावा किया गया है। हालांकि, इन वायरल वीडियो और दावों की स्वतंत्र रूप से पूरी पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इनसे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। स्थिति तनावपूर्ण, प्रशासन अलर्ट पर PoK के कई इलाकों में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर रखे हुए हैं और भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिशें जारी हैं। वहीं JAAC से जुड़े नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और आने वाले दिनों में विरोध और तेज होने की आशंका जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Iran

Iran Inflation Shock: अंडे-तेल के दाम 400% तक बढ़े, आम जनता परेशा

Iran इस समय गंभीर आर्थिक संकट और रिकॉर्ड महंगाई से गुजर रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में खाने-पीने की चीजों की कीमतें इतनी तेजी से बढ़ी हैं कि कई परिवार अब रोटी, तेल और अंडे जैसे जरूरी सामान भी उधार या किस्तों (EMI) पर लेने को मजबूर हो रहे हैं। महंगाई ने तोड़े सारे रिकॉर्ड ईरान की अर्थव्यवस्था में पिछले कुछ समय में तेज गिरावट देखी गई है: इस वजह से आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। तेल और अंडे क्यों इतने महंगे हो गए? ईरान में बढ़ती कीमतों के पीछे कई बड़े कारण हैं: 1. अंतरराष्ट्रीय तनाव और जंग का असर क्षेत्रीय संघर्ष और अमेरिका-ईरान तनाव ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। 2. सख्त आर्थिक प्रतिबंध अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण ईरान का व्यापार सीमित हो गया है, जिससे विदेशी मुद्रा की कमी हो रही है। 3. करेंसी का गिरना (Rial Crisis) ईरानी मुद्रा लगातार कमजोर हो रही है, जिससे आयात महंगा हो गया है। 4. तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्था ईरान की अर्थव्यवस्था काफी हद तक तेल पर निर्भर है, और वैश्विक उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है। आम जनता पर सीधा असर ईरान में बढ़ती महंगाई का सबसे बड़ा नुकसान आम लोगों को हो रहा है: कई रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि लोग अब रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज पर निर्भर हो रहे हैं। संकट गहराने की वजहें इन सभी कारणों ने मिलकर ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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H-1B Visa

H-1B Visa पर US Court का बड़ा फैसला, Trump का 1 लाख डॉलर Fee Rule रद्द

अमेरिका में H-1B Visa को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने राष्ट्रपति Donald Trump प्रशासन के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर तक का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था। कोर्ट ने साफ कहा कि सरकार “फीस” के नाम पर टैक्स नहीं वसूल सकती। इस फैसले के बाद सबसे ज्यादा राहत भारतीय IT प्रोफेशनल्स और टेक कंपनियों को मिली है, क्योंकि H-1B वीजा का सबसे अधिक इस्तेमाल भारतीय कर्मचारी करते हैं। क्या था पूरा मामला? Trump प्रशासन ने साल 2025 में H-1B वीजा आवेदन पर भारी फीस लगाने का फैसला लिया था। सरकार का कहना था कि इससे अमेरिकी नौकरियों की सुरक्षा होगी और विदेशी कर्मचारियों पर निर्भरता कम होगी। लेकिन टेक इंडस्ट्री और कई बिजनेस संगठनों ने इसका विरोध किया था। नई नीति लागू होने के बाद कंपनियों के लिए विदेशी स्किल्ड कर्मचारियों को हायर करना काफी महंगा हो जाता। खासतौर पर भारतीय IT कंपनियों पर इसका बड़ा असर पड़ने वाला था। कोर्ट ने फैसले में क्या कहा? मैसाचुसेट्स की फेडरल कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि राष्ट्रपति प्रशासन के पास इस तरह का टैक्स लगाने का अधिकार नहीं है। कोर्ट के मुताबिक टैक्स या इतना बड़ा शुल्क लगाने का अधिकार केवल अमेरिकी कांग्रेस के पास होता है। जज ने यह भी माना कि यह नियम कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना लागू किया गया था। इसी आधार पर कोर्ट ने इसे गैरकानूनी बताते हुए रद्द कर दिया। भारतीयों के लिए क्यों अहम है यह फैसला? H-1B Visa का सबसे ज्यादा फायदा भारतीय प्रोफेशनल्स को मिलता है। अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों में हजारों भारतीय इंजीनियर और IT एक्सपर्ट काम करते हैं। हर साल जारी होने वाले H-1B वीजा में भारतीयों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रहती है। अगर 1 लाख डॉलर वाला नियम लागू रहता, तो कंपनियां नए कर्मचारियों को स्पॉन्सर करने से बचतीं। इसका असर सीधे भारतीय युवाओं, इंजीनियरों और स्टूडेंट्स के करियर पर पड़ता। IT कंपनियों को भी मिलेगा फायदा Infosys, TCS, HCLTech जैसी भारतीय कंपनियां लंबे समय से H-1B वीजा सिस्टम पर निर्भर रही हैं। कोर्ट के इस फैसले से इन कंपनियों की लागत कम होगी और अमेरिका में भर्ती प्रक्रिया आसान बनी रहेगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे अमेरिकी टेक सेक्टर में विदेशी टैलेंट की एंट्री पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। आगे क्या हो सकता है? हालांकि ट्रम्प प्रशासन इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील कर सकता है, लेकिन फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद यह अतिरिक्त शुल्क लागू नहीं रहेगा। इस फैसले ने उन हजारों भारतीय युवाओं को राहत दी है, जो अमेरिका में नौकरी और बेहतर करियर का सपना देख रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump की Netanyahu को चेतावनी- तेहरान पर बड़े हमले रोको

Trump की Netanyahu को चेतावनी- तेहरान पर बड़े हमले रोको

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को साफ संदेश दिया है कि ईरान पर बड़े सैन्य हमले से बचें। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प ने कहा कि अगर इजराइल ने हालात ज्यादा बिगाड़े तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकेला पड़ सकता है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत फिर से पटरी पर लाने की कोशिश चल रही है। ऐसे में अमेरिका नहीं चाहता कि इजराइल की तरफ से कोई बड़ा हमला हो, जिससे पूरा मामला और तनावपूर्ण बन जाए। सूत्रों के अनुसार ट्रम्प ने नेतन्याहू से कहा कि अभी संयम बरतने की जरूरत है। मिडिल ईस्ट पहले से ही युद्ध और तनाव से जूझ रहा है। अगर तेहरान पर बड़ा हमला हुआ तो इसका असर सिर्फ ईरान और इजराइल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति और तेल बाजार पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका इस समय ईरान के साथ किसी नई डील की संभावनाएं तलाश रहा है। ऐसे में इजराइल की आक्रामक कार्रवाई बातचीत को पूरी तरह खत्म कर सकती है। यही वजह है कि वॉशिंगटन लगातार तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है। इजराइल और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले और साजिशों के आरोप लगाते रहे हैं। हाल के महीनों में मिडिल ईस्ट में हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं। आम लोगों के बीच भी डर और अनिश्चितता का माहौल है कि कहीं यह तनाव बड़े युद्ध में न बदल जाए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चाहता है कि दोनों देश संयम रखें और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए। दुनिया की नजर अब अमेरिका, इजराइल और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Iran Israel में फिर भड़की जंग, मिसाइल हमलों से दहला पश्चिम एशिया

Iran Israel में फिर भड़की जंग, मिसाइल हमलों से दहला पश्चिम एशिया

करीब दो महीने की शांति के बाद Iran और Israel के बीच तनाव अचानक बढ़ गया। शुक्रवार देर रात ईरान ने इजराइल के शहर तेल अवीव पर कई मिसाइलें दागीं, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जवाबी कार्रवाई में इजराइल ने भी ईरान की राजधानी तेहरान और तबरीज शहर को निशाना बनाया। मिसाइल हमलों के दौरान तेल अवीव में सायरन बजते रहे और लोग अपनी जान बचाने के लिए बंकरों में छिपने को मजबूर हो गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कई जगह धमाकों और धुएं के गुबार दिखाई दिए। आम नागरिकों के बीच डर और बेचैनी का माहौल है। इजराइल की सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं ईरान का कहना है कि यह हमला इजराइल की हालिया सैन्य गतिविधियों के जवाब में किया गया है। दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभले तो इसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक व्यापार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इस बीच अमेरिका समेत कई देशों ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। आम लोगों को डर है कि अगर यह संघर्ष और बढ़ा तो हजारों निर्दोष लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। पश्चिम एशिया में जारी यह तनाव अब केवल दो देशों की लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर पड़ता दिखाई दे रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Voter ID

30 Crore Voter ID Cards होंगे अपडेट, पहचान और Verification होगा आसान

देशभर के करोड़ों मतदाताओं के लिए जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चुनाव आयोग पुराने वोटर आईडी कार्ड्स को अपडेट करने की तैयारी में है। इस अभियान के तहत करीब 30 करोड़ Voter ID Cards में मौजूद धुंधले फोटो बदले जाएंगे और जिन कार्ड्स में मकान नंबर की जगह “00” लिखा है, वहां पूरा और सही पता दर्ज किया जाएगा। दरअसल, लंबे समय से शिकायतें सामने आ रही थीं कि कई वोटर कार्ड्स में फोटो इतने पुराने या धुंधले हैं कि पहचान करना मुश्किल हो जाता है। वहीं कई कार्ड्स में अधूरा पता होने से वोटिंग के दौरान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब चुनाव आयोग इन खामियों को दूर करने के लिए बड़ा अपडेट अभियान शुरू करने जा रहा है। Blur Photo और गलत Address बने परेशानी की वजह ग्रामीण और शहरी इलाकों में बड़ी संख्या में ऐसे वोटर कार्ड पाए गए हैं, जिनमें फोटो साफ दिखाई नहीं देते। कई मामलों में कार्ड पर सिर्फ “00” लिखा होने से सही पता पता नहीं चल पाता। इससे मतदान केंद्रों पर पहचान सत्यापन में समय ज्यादा लगता है और कई बार विवाद जैसी स्थिति भी बन जाती है। इसी को देखते हुए अब रिकॉर्ड को ज्यादा सटीक और डिजिटल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस कदम से फर्जी मतदान रोकने में भी मदद मिलेगी। कैसे होगा Voter Card Update? जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग चरणबद्ध तरीके से यह प्रक्रिया पूरी करेगा। जरूरत पड़ने पर मतदाताओं से नया फोटो और सही पता मांगा जा सकता है। कई जगह ऑनलाइन अपडेट की सुविधा भी दी जाएगी ताकि लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। अगर किसी मतदाता के कार्ड में फोटो साफ नहीं है या पता गलत दर्ज है, तो उसे अपडेट करवाने का मौका मिलेगा। आयोग का फोकस डेटा को पूरी तरह साफ और आधुनिक बनाने पर है। चुनाव से पहले रिकॉर्ड सुधारने की तैयारी आने वाले चुनावों को देखते हुए चुनाव आयोग मतदाता सूची और पहचान संबंधी रिकॉर्ड को मजबूत करना चाहता है। साफ फोटो और सही एड्रेस होने से मतदान प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान करोड़ों लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, क्योंकि लंबे समय से लोग पुराने और खराब प्रिंट वाले वोटर कार्ड्स की समस्या झेल रहे थे।
India vs Afghanistan

India vs Afghanistan ODI 2026: पहली बार भारत के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेगा अफगानिस्तान

भारत और अफगानिस्तान (India vs Afghanistan) के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज आज धर्मशाला के खूबसूरत HPCA स्टेडियम में होने जा रहा है। यह सीरीज इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि अफगानिस्तान पहली बार भारत के खिलाफ पूरी ODI सीरीज खेलने उतर रहा है। दोनों टीमों के फैंस इस मुकाबले का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, लेकिन मैच से पहले मौसम ने चिंता बढ़ा दी है। Kohli-Hardik के बिना उतरेगी Team India भारतीय टीम इस सीरीज में कई बड़े बदलावों के साथ मैदान पर उतरेगी। स्टार बल्लेबाज विराट कोहली चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं, जबकि हार्दिक पंड्या भी फिटनेस समस्या की वजह से टीम से बाहर हैं। ऐसे में टीम इंडिया की जिम्मेदारी कप्तान रोहित शर्मा और युवा खिलाड़ियों पर होगी। टीम मैनेजमेंट इस सीरीज को भविष्य की तैयारी के तौर पर देख रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स को ध्यान में रखते हुए कुछ नए खिलाड़ियों को मौका दिया जा सकता है। ईशान किशन, यशस्वी जायसवाल और नितीश कुमार रेड्डी जैसे युवा खिलाड़ियों पर सभी की नजरें रहेंगी। Afghanistan के पास भी हैं मैच विनर खिलाड़ी अफगानिस्तान की टीम अब सिर्फ कमजोर टीम नहीं मानी जाती। पिछले कुछ वर्षों में टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। राशिद खान, मोहम्मद नबी और रहमानुल्लाह गुरबाज जैसे खिलाड़ी किसी भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। भारतीय परिस्थितियों में खेलने का अनुभव भी अफगानिस्तान के खिलाड़ियों के पास है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। Dharamshala Weather ने बढ़ाई टेंशन धर्मशाला में मौसम मैच का सबसे बड़ा विलेन बन सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मुकाबले के दौरान करीब 55 प्रतिशत बारिश की संभावना है। सुबह से ही इलाके में बादल छाए हुए हैं और हल्की बारिश भी देखने को मिली है। अगर बारिश लगातार होती रही तो मैच में ओवर कट सकते हैं या मुकाबला प्रभावित भी हो सकता है। हालांकि फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम साफ हो और उन्हें पूरा मैच देखने को मिले। तेज गेंदबाजों को मिल सकती है मदद धर्मशाला की पिच आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। बादलों और नमी की वजह से शुरुआती ओवरों में गेंद ज्यादा स्विंग कर सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। मैच की जरूरी जानकारी भारत जहां घरेलू मैदान का फायदा उठाकर सीरीज में जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगा, वहीं अफगानिस्तान की नजर इतिहास रचने पर होगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि बारिश के बीच कौन सी टीम मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Pranit More

Pranit More Controversy: महिलाओं पर विवादित Comments के बाद कॉमेडियन की माफी

स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे (Pranit More) एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। महिलाओं को लेकर किए गए विवादित कमेंट्स के बाद इंटरनेट पर उनके खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मामला बढ़ने के बाद अब कॉमेडियन ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते हुए लोगों से एक मौका देने की अपील की है। प्रणित मोरे का एक वीडियो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह महिलाओं को लेकर ऐसी टिप्पणियां करते दिखाई दिए, जिन्हें कई लोगों ने अपमानजनक और असंवेदनशील बताया। वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स ने जमकर आलोचना शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला सोशल मीडिया ट्रेंड बन गया। Viral Video के बाद बढ़ा विवाद वीडियो वायरल होने के बाद X, Instagram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने कहा कि कॉमेडी के नाम पर महिलाओं का मजाक उड़ाना गलत है। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर मनोरंजन की सीमा क्या होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर #PranitMoreControversy ट्रेंड करने लगा और कई महिला संगठनों ने भी इस बयान पर नाराजगी जताई। सोशल मीडिया पोस्ट में मांगी माफी लगातार बढ़ते विवाद के बीच प्रणित मोरे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबा नोट शेयर किया। उन्होंने माना कि उनके शब्दों से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रणित ने लिखा, “मैं समझता हूं कि लोग मुझसे नाराज हैं। शायद मैं इस नफरत का हकदार भी हूं, लेकिन मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि लोग मुझे खुद को सुधारने का एक मौका दें।” उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था, लेकिन अब उन्हें अपनी गलती का एहसास हो चुका है। लोगों की राय बंटी हुई नजर आई इस पूरे मामले में सोशल मीडिया यूजर्स दो हिस्सों में बंटे नजर आए। कुछ लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ कुछ यूजर्स का मानना है कि गलती मान लेने के बाद किसी को सुधारने का मौका मिलना चाहिए। हालांकि, विवाद अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है और सोशल मीडिया पर बहस जारी है। करियर पर पड़ सकता है असर मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि इस विवाद का असर प्रणित मोरे की इमेज और करियर पर पड़ सकता है। आज के डिजिटल दौर में किसी भी बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया देखने को मिलती है और सोशल मीडिया का दबाव कई बार कलाकारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। फिलहाल, सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि दर्शक और इंडस्ट्री उनके माफीनामे को किस तरह लेते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
S Jaishankar

3 भारतीयों की मौत से भारत सख्त, US Secretary S Jaishankar की अहम बातचीत

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों की मौत को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्री S Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत कर कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता और विरोध दर्ज कराया। भारत ने साफ शब्दों में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चल रहे व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है और इससे वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। क्या है पूरा मामला? हाल ही में मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में एक कॉमर्शियल जहाज पर हमला हुआ था। इस हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। घटना के बाद भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पीड़ित परिवारों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान जाना बेहद दुखद है। भारत ने क्या कहा? विदेश मंत्री जयशंकर ने बातचीत में कहा कि समुद्री व्यापार दुनिया की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में कॉमर्शियल जहाजों पर हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे वैश्विक व्यापार और कई देशों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और इस तरह की घटनाओं को लेकर बेहद संवेदनशील है। Middle East Tension पर बढ़ी चिंता मध्य पूर्व में पिछले कुछ समय से तनाव लगातार बढ़ रहा है। कई देशों ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव और कूटनीतिक गतिविधियों को और तेज कर सकते हैं। भारत भी लगातार शांति और सुरक्षित समुद्री व्यापार की वकालत करता रहा है। भारत सरकार की नजर स्थिति पर सरकार ने कहा है कि प्रभावित भारतीयों के परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी। साथ ही क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस घटना के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
धर्मेंद्र प्रधान

“खेल और पढ़ाई साथ-साथ चलेंगे” — Bhopal में धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों को दिया बड़ा संदेश

भोपाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों के साथ संवाद करते हुए देश की नई शिक्षा और खेल नीति को लेकर बड़ा संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर धर्मेंद्र प्रधान मध्यप्रदेश पहुंचे, जहां उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के साथ शूटिंग एकेडमी का दौरा किया। खिलाड़ियों से सीधा संवाद, स्किल और स्पोर्ट्स पर जोर इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात की और कहा कि भारत अब शिक्षा के साथ-साथ स्किल और स्पोर्ट्स सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के जरिए पहली बार खेल और पढ़ाई को एक साथ जोड़ने पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। पढ़ाई और खेल साथ-साथ चलेंगे धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अब ऐसा सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे खिलाड़ी अपनी पढ़ाई और खेल दोनों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ा सकें। इसके लिए अलग से कोर्स वर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि छात्रों को खेल गतिविधियों का भी अकादमिक लाभ मिल सके। APAAR ID और Credit Score सिस्टम पर काम उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों की APAAR ID के माध्यम से उनकी पढ़ाई और खेल उपलब्धियों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाएगा। साथ ही इंटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी को क्रेडिट स्कोर सिस्टम से जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है। इससे खिलाड़ियों को भविष्य में शिक्षा और करियर दोनों में फायदा मिलेगा। IIT में Sports Quota से युवाओं को मिलेगा फायदा केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार IIT जैसे बड़े संस्थानों में स्पोर्ट्स कोटा लागू किया गया है। यह कदम उन युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जो खेल के साथ-साथ उच्च शिक्षा में भी आगे बढ़ना चाहते हैं। 2036 Olympics और Developed India Vision 2047 पर फोकस उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले 20 वर्षों में भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत का फोकस अब 2036 ओलंपिक की तैयारियों पर भी है और देश खेलों में विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में काम कर रहा है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत का सपना साकार होगा और देश दुनिया की महाशक्ति के रूप में उभरेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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