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Philippines

7.8 Magnitude Earthquake in Philippines: तीन मौतें, समुद्र में उठीं ऊंची लहरें; हाई अलर्ट जारी

फिलीपींस (Philippines) में सोमवार सुबह आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने लोगों को दहशत में डाल दिया। कुछ ही सेकंड के झटकों ने कई शहरों में भारी तबाही मचा दी। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप इतना तेज था कि लोग घरों, ऑफिसों और मॉल्स से जान बचाकर बाहर भागते नजर आए। कई जगहों पर इमारतों में दरारें आ गईं, जबकि कुछ बिल्डिंग्स पूरी तरह ढह गईं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग चीखते हुए सड़कों पर भागते दिखाई दिए। समुद्र में हलचल बढ़ी, 3 मीटर तक Tsunami Waves का खतरा भूकंप के तुरंत बाद समुद्र में हलचल तेज हो गई, जिसके बाद फिलीपींस प्रशासन ने सुनामी को लेकर चेतावनी जारी कर दी। अधिकारियों ने कहा है कि 3 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिससे तटीय इलाकों में खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए लोगों को समुद्र किनारे से दूर रहने और सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई है। कई इलाकों में इमरजेंसी सायरन भी बजाए गए। Japan, Indonesia और Malaysia में भी अलर्ट फिलीपींस में आए इस बड़े भूकंप का असर आसपास के देशों तक पहुंचा। जापान, इंडोनेशिया और मलेशिया की एजेंसियों ने भी सुनामी अलर्ट जारी कर दिया है। समुद्री इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जापान की मौसम एजेंसी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ घंटे बेहद अहम हो सकते हैं। Rescue Operation जारी, कई इलाके अंधेरे में भूकंप के बाद कई इलाकों में बिजली और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हुई हैं। राहत और बचाव टीमें लगातार मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं। अस्पतालों में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सरकारी अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। Ring of Fire में होने की वजह से बढ़ता है खतरा फिलीपींस प्रशांत महासागर के “Ring of Fire” क्षेत्र में आता है। यह दुनिया का ऐसा इलाका है जहां सबसे ज्यादा भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां होती हैं। यही वजह है कि यहां अक्सर तेज भूकंप आते रहते हैं। विशेषज्ञों ने आफ्टरशॉक्स यानी दोबारा झटके आने की आशंका भी जताई है। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Putin

Peace Talks पर नहीं बनी बात, Putin बोले- अभी नहीं होगी सीधी मुलाकात

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच शांति वार्ता को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Putin) को सीधे आमने-सामने बातचीत का प्रस्ताव दिया था, लेकिन रूस ने इस ऑफर को फिलहाल स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। क्रेमलिन ने क्या कहा? क्रेमलिन की ओर से कहा गया है कि अभी दोनों नेताओं की सीधी मुलाकात का समय नहीं आया है। रूस का मानना है कि पहले दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत में कुछ ठोस नतीजे निकलने चाहिए, उसके बाद ही राष्ट्रपति स्तर की मीटिंग पर विचार किया जाएगा। लगातार बढ़ रहा है युद्ध का तनाव दरअसल, पिछले कुछ दिनों में रूस और यूक्रेन के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। दोनों देशों की तरफ से लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे माहौल में जेलेंस्की की शांति वार्ता की पहल को दुनिया उम्मीद की नजर से देख रही थी। दुनिया की नजरें अगले कदम पर यूक्रेन लगातार अमेरिका और यूरोपीय देशों से रूस पर दबाव बनाने की मांग कर रहा है। वहीं कई अंतरराष्ट्रीय नेता चाहते हैं कि दोनों देश बातचीत के जरिए इस लंबे संघर्ष का समाधान निकालें। हालांकि पुतिन के इस फैसले के बाद फिलहाल युद्धविराम की संभावनाएं कमजोर होती नजर आ रही हैं। आगे क्या हो सकता है? राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द ही कूटनीतिक स्तर पर बातचीत आगे नहीं बढ़ी, तो आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि रूस और यूक्रेन के बीच अगला कदम क्या होगा और क्या भविष्य में दोनों नेताओं की मुलाकात संभव हो पाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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America-Iran तनाव बढ़ा: अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन पर दागीं 7 मिसाइलें

America-Iran तनाव बढ़ा: अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन पर दागीं 7 मिसाइलें

America ने Iran की रडार साइट्स पर बड़ा हमला किया है। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। इस हमले के बाद पूरे इलाके में डर और अस्थिरता का माहौल बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि लगातार हो रहे हमलों के कारण ईरान की मिसाइल ताकत अब केवल 22% ही बची है। हालांकि ईरान की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि अमेरिका ने ईरान की कई अहम रडार और डिफेंस साइट्स को निशाना बनाया। इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था। वहीं जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने खाड़ी देशों की ओर मिसाइलें दागीं, जिससे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। कुवैत और बहरीन में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है। स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर पड़ सकता है। मध्य पूर्व में बढ़ती अशांति से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है। फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि हालात जल्द सामान्य हों और किसी बड़े युद्ध की स्थिति न बने। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump

Trump India Trade Statement: “भारत ने US का फायदा उठाया”, फिर भी बोले – Modi से होगी Deal

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भारत-अमेरिका व्यापार को लेकर एक बार फिर बड़ा और चर्चित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने कई दशकों तक अमेरिका के साथ व्यापार में “फायदा उठाया”, लेकिन अब अमेरिका टैरिफ नीतियों के जरिए अच्छा राजस्व कमा रहा है। इसके बावजूद ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि वह भारत के साथ भविष्य में एक बड़ी ट्रेड डील करने के पक्ष में हैं। उनका यह बयान एक बार फिर भारत और अमेरिका के आर्थिक रिश्तों को सुर्खियों में ले आया है। भारत पर ट्रम्प की टिप्पणी क्या है? ट्रम्प ने अपने बयान में भारत-अमेरिका व्यापार संतुलन पर सवाल उठाए। उनके अनुसार: हालांकि, सख्त बयान के बावजूद ट्रम्प ने रिश्तों को पूरी तरह नकारात्मक नहीं बताया। “मोदी की वजह से आगे होगी बड़ी Deal” ट्रम्प ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह भारत के साथ बड़े व्यापारिक समझौते के लिए तैयार हैं। उन्होंने इसकी वजह प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ अपने अच्छे संबंधों को बताया। उनके अनुसार: यह बयान राजनीतिक और कूटनीतिक दोनों स्तर पर अहम माना जा रहा है। India-US Trade Relations पर असर भारत और अमेरिका दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन टैरिफ, एक्सपोर्ट और मार्केट एक्सेस को लेकर मतभेद भी समय-समय पर सामने आते रहे हैं। इस बयान के संभावित प्रभाव: राजनीतिक संकेत भी अहम ट्रम्प का बयान केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी देता है। एक तरफ उन्होंने भारत पर व्यापार असंतुलन का आरोप लगाया, वहीं दूसरी तरफ मोदी के साथ अपने संबंधों को सकारात्मक बताया। इससे यह संकेत मिलता है कि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump बोले- Iran के सुप्रीम लीडर से मिलकर गर्व होगा

Trump बोले- Iran के सुप्रीम लीडर से मिलकर गर्व होगा

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने कहा कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौता (न्यूक्लियर डील) हो जाता है, तो वह ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई से मिलने में गर्व महसूस करेंगे। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के यूरेनियम कार्यक्रम को लेकर लगातार नजर बनाए हुए है। ट्रम्प ने यह भी खुलासा किया कि एक समय ऐसा था जब अमेरिका ईरान से यूरेनियम हासिल करने के लिए सेना भेजने पर विचार कर रहा था, लेकिन इसमें काफी बड़ा जोखिम था। ट्रम्प ने क्या कहा? डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह हमेशा बातचीत और समझौते के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में रहे हैं। उनका मानना है कि अगर सही तरीके से बातचीत हो, तो अमेरिका और ईरान के रिश्तों में सुधार हो सकता है। उन्होंने कहा,“अगर डील होती है और हालात सही रहते हैं, तो ईरान के सुप्रीम लीडर से मिलना मेरे लिए गर्व की बात होगी।” यूरेनियम को लेकर बढ़ी चिंता ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका समेत कई देशों की चिंता लगातार बनी हुई है। अमेरिका को डर है कि ईरान ज्यादा मात्रा में यूरेनियम तैयार कर परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। ट्रम्प ने बताया कि अमेरिका ने पहले कई विकल्पों पर विचार किया था। इनमें सैन्य कार्रवाई भी शामिल थी, लेकिन इससे क्षेत्र में बड़ा संघर्ष शुरू होने का खतरा था। यही वजह रही कि उस कदम को आगे नहीं बढ़ाया गया। दुनिया की नजर अमेरिका-ईरान रिश्तों पर अमेरिका और ईरान के बीच रिश्ते पिछले कई सालों से तनावपूर्ण रहे हैं। हालांकि, समय-समय पर बातचीत और समझौते की कोशिशें भी होती रही हैं। ट्रम्प के इस बयान के बाद एक बार फिर दुनिया की नजर दोनों देशों के रिश्तों पर टिक गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर दोनों देशों के बीच नई परमाणु डील होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया की राजनीति और मध्य पूर्व की स्थिति पर पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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पुतिन

India-Russia Relations: पुतिन बोले- PM मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूत और स्वतंत्र देश

दुनिया की बदलती राजनीति के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत को लेकर दिया गया बयान काफी चर्चा में है। पुतिन ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अगर भारत पर दबाव डालने की कोशिश करता है, तो उसका कोई खास असर नहीं होगा। उन्होंने भारत को “महान देश” बताते हुए कहा कि रूस और भारत की दोस्ती मजबूत थी, मजबूत है और आगे भी बनी रहेगी। रूस के राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब भारत एक तरफ अमेरिका के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर रूस के साथ भी रणनीतिक साझेदारी बनाए हुए है। ‘भारत खुद फैसले लेने वाला देश’ पुतिन ने कहा कि भारत किसी के दबाव में आने वाला देश नहीं है। भारत अपनी विदेश नीति अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तय करता है। यही वजह है कि आज दुनिया के बड़े देश भारत को गंभीरता से लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और रूस के बीच वर्षों पुराना भरोसा है, जिसे कोई तीसरा देश कमजोर नहीं कर सकता। US से बढ़ती नजदीकी पर रूस का बड़ा संदेश पिछले कुछ सालों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, टेक्नोलॉजी और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है। लेकिन इसके बावजूद रूस लगातार भारत को अपना करीबी सहयोगी बता रहा है। पुतिन ने संकेत दिए कि भारत और रूस आने वाले समय में ऊर्जा, रक्षा और व्यापार जैसे सेक्टर में नए समझौते कर सकते हैं। खासतौर पर तेल और डिफेंस डील को लेकर दोनों देशों के रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत माने जा रहे हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद और बढ़ी भारत की अहमियत यूक्रेन युद्ध के बाद जब पश्चिमी देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए, तब भी भारत ने संतुलित रुख अपनाया। भारत ने अपने हितों को प्राथमिकता देते हुए रूस से तेल खरीद जारी रखी। इसी वजह से रूस कई बार सार्वजनिक मंचों से भारत की तारीफ कर चुका है। पुतिन का ताजा बयान भी इसी भरोसे को दिखाता है। भारत की Foreign Policy क्यों हो रही मजबूत? विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत इस समय “Balanced Foreign Policy” पर काम कर रहा है। भारत किसी एक देश पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय हर बड़े देश के साथ अपने संबंध मजबूत रख रहा है। यही कारण है कि आज भारत अमेरिका, रूस, यूरोप और मध्य पूर्व—सभी के लिए एक अहम साझेदार बन चुका है। दुनिया को क्या संदेश देता है यह बयान? पुतिन का यह बयान सिर्फ दोस्ती दिखाने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि यह भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का संकेत भी है। इससे साफ होता है कि आने वाले समय में भारत अंतरराष्ट्रीय राजनीति में और बड़ी भूमिका निभा सकता है। भारत की यही स्वतंत्र और संतुलित नीति उसे बाकी देशों से अलग बनाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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आग का गोला बना Iranian Drone, कुवैत एयरपोर्ट से टकराते ही मचा हड़कंप

आग का गोला बना Iranian Drone, कुवैत एयरपोर्ट से टकराते ही मचा हड़कंप

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत एयरपोर्ट के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक Iranian Drone अचानक एयरपोर्ट परिसर के नजदीक आकर टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही सेकंड में वहां आग का बड़ा गोला दिखाई देने लगा। धमाके की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोग डरकर इधर-उधर भागने लगे। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ड्रोन के टकराते ही एयरपोर्ट के एक हिस्से की छत को नुकसान पहुंचा। कई लोगों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि जमीन तक हिलती महसूस हुई। घटना के बाद पूरे इलाके में धुआं फैल गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी यात्री की मौत की खबर सामने नहीं आई है। कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और कुछ समय के लिए उड़ानों की आवाजाही भी प्रभावित रही। मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहे तनाव के कारण इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। आम लोगों में डर का माहौल है और लोग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे हमले बढ़ते हैं तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं और क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ सकता है। फिलहाल कुवैत प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और ड्रोन के हमले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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अमेरिका में IRAN के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में एक प्रस्ताव पास किया गया है

IRAN पर हमले को लेकर अमेरिका में घमासान, संसद की मंजूरी बिना सैन्य कार्रवाई रोकने का प्रस्ताव पास

अमेरिका में IRAN के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में एक प्रस्ताव पास किया गया है, जिसमें मांग की गई है कि राष्ट्रपति संसद यानी कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई न करें। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है, जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि “जंग का फैसला मेरा होगा।” ट्रम्प के इस बयान के बाद अमेरिका की राजनीति में हलचल बढ़ गई थी। संसद की मंजूरी जरूरी बताई गई प्रस्ताव में कहा गया है कि अमेरिका के संविधान के मुताबिक युद्ध या सैन्य कार्रवाई जैसे बड़े फैसलों में कांग्रेस की भूमिका बेहद अहम है। इसलिए किसी भी देश के खिलाफ युद्ध शुरू करने से पहले संसद की अनुमति लेना जरूरी होना चाहिए। कई सांसदों ने चिंता जताई कि बिना मंजूरी के सैन्य कार्रवाई होने पर अमेरिका एक बड़े संघर्ष में फंस सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। ट्रम्प के बयान से बढ़ी चिंता डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो ईरान के खिलाफ कार्रवाई का फैसला वह खुद लेंगे। उनके इस बयान के बाद विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से मध्य पूर्व में हालात और बिगड़ सकते हैं। इसका असर तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। आम लोगों में भी बढ़ी चिंता अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव को लेकर दुनियाभर के लोग चिंतित हैं। लोग नहीं चाहते कि एक और बड़ी जंग शुरू हो, क्योंकि इसका असर सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि संसद में लाया गया यह प्रस्ताव सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश है, ताकि कोई भी बड़ा सैन्य फैसला जल्दबाजी में न लिया जाए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kuwait International Airport

Kuwait International Airport पर बड़ा हमला: Missile और Drone Attack के बाद मचा हड़कंप

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। बुधवार को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Kuwait International Airport) पर मिसाइल और ड्रोन हमला हुआ, जिसके पीछे ईरान का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। इस हमले में एयरपोर्ट के Terminal-1 को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे एयरपोर्ट परिसर में इमरजेंसी लागू कर दी गई और सभी फ्लाइट ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमला इतना तेज था कि एयरपोर्ट परिसर में अचानक धमाकों की आवाज गूंजने लगी। कुछ ही मिनटों में यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और एयरपोर्ट खाली करवाना शुरू कर दिया। Terminal-1 पर सबसे ज्यादा असर हमले का सबसे बड़ा असर एयरपोर्ट के Terminal-1 पर देखा गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार टर्मिनल की कई खिड़कियां टूट गईं, छत और दीवारों को भी नुकसान पहुंचा है। रनवे के आसपास भी मलबा फैल गया, जिससे उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा है कि फिलहाल नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है। इंजीनियरिंग और सुरक्षा टीमें लगातार मौके पर काम कर रही हैं ताकि हालात को जल्द सामान्य किया जा सके। फ्लाइट्स रोकी गईं, यात्रियों में डर का माहौल हमले के तुरंत बाद कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली और आने वाली सभी फ्लाइट्स रोक दी गईं। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दूसरे देशों के एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया। एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि लोग अपने परिवारों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे और हर तरफ डर का माहौल था। कई एयरलाइंस ने एडवाइजरी जारी करते हुए यात्रियों से एयरपोर्ट आने से पहले फ्लाइट स्टेटस चेक करने की अपील की है। Middle East में बढ़ा तनाव यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब Middle East में पहले से ही तनाव चरम पर है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के कारण खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। कुवैत सरकार ने देशभर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और सेना को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभले तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, तेल बाजार और पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है। दुनिया की नजर Middle East पर कुवैत एयरपोर्ट पर हुआ यह हमला केवल एक देश तक सीमित मामला नहीं माना जा रहा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी की है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह हमला Middle East में किसी बड़े संघर्ष की शुरुआत साबित होगा या फिर कूटनीतिक प्रयास हालात को संभाल लेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tariff

Trump का नया ‘Tariff Bomb’: India-China समेत 60 देशों पर बढ़ सकता है Import Tax

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump एक बार फिर अपने सख्त ट्रेड फैसलों को लेकर चर्चा में हैं। नई रिपोर्ट्स के मुताबिक, Trump प्रशासन भारत और चीन समेत करीब 60 देशों पर 10% से 12.5% तक अतिरिक्त Tariff लगाने की तैयारी कर रहा है। इस प्रस्ताव ने दुनियाभर के कारोबारियों और एक्सपोर्ट सेक्टर की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका का कहना है कि कई देश “forced labour” यानी जबरन मजदूरी से बने उत्पादों को रोकने में पूरी तरह सफल नहीं रहे। इसी वजह से नए टैरिफ लागू करने की योजना बनाई गई है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो भारत के कई उद्योगों पर सीधा असर पड़ सकता है। क्या है Trump का नया Tariff Plan? अमेरिकी ट्रेड एजेंसी USTR ने Section 301 के तहत एक नई रिपोर्ट जारी की है। इसमें भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्राजील जैसे देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक: Trump पहले भी अपने कार्यकाल में चीन के खिलाफ कई बड़े टैरिफ फैसले ले चुके हैं। अब माना जा रहा है कि अमेरिका फिर से “America First” नीति को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाना चाहता है। भारत पर कितना पड़ेगा असर? भारत और अमेरिका के बीच इस समय ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रही है। ऐसे में यह नया टैरिफ प्लान दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के टेक्सटाइल, लेदर, केमिकल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर इसका असर दिखाई दे सकता है। अमेरिका भारतीय उत्पादों के लिए बड़ा बाजार है, इसलिए अतिरिक्त शुल्क से एक्सपोर्ट महंगा हो सकता है। भोपाल के एक एक्सपोर्ट कारोबारी ने कहा कि अगर अमेरिका यह फैसला लागू करता है, तो छोटे और मध्यम उद्योगों पर सबसे ज्यादा दबाव आएगा। खासकर वे कंपनियां जो अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं। चीन फिर अमेरिका के निशाने पर चीन पहले से ही अमेरिका के साथ लंबे समय से ट्रेड वॉर का सामना कर रहा है। अब नए प्रस्ताव में चीन को भी 12.5% अतिरिक्त टैरिफ वाले देशों की सूची में शामिल किया गया है। जानकारों का कहना है कि इससे वैश्विक सप्लाई चेन और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर असर पड़ सकता है। अगर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ता है, तो दुनियाभर के बाजारों में अस्थिरता देखने को मिल सकती है। आखिर क्यों उठाया गया यह कदम? अमेरिका का आरोप है कि कई देशों की सप्लाई चेन में forced labour से जुड़े उत्पाद शामिल हैं। Trump प्रशासन इसे अमेरिकी कंपनियों और मजदूरों के लिए नुकसानदायक मान रहा है। हालांकि कई विशेषज्ञ इसे केवल ट्रेड पॉलिटिक्स का हिस्सा भी बता रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिका इस दबाव के जरिए दूसरे देशों से बेहतर ट्रेड शर्तें हासिल करना चाहता है। अभी लागू नहीं हुआ फैसला फिलहाल यह केवल प्रस्ताव है। अमेरिका ने इस पर सार्वजनिक सुझाव और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की है। आने वाले हफ्तों में कंपनियों, व्यापार संगठनों और आम लोगों से राय ली जाएगी। इसके बाद अंतिम फैसला सामने आएगा। अगर यह टैरिफ लागू होता है, तो आने वाले महीनों में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Voter ID

30 Crore Voter ID Cards होंगे अपडेट, पहचान और Verification होगा आसान

देशभर के करोड़ों मतदाताओं के लिए जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चुनाव आयोग पुराने वोटर आईडी कार्ड्स को अपडेट करने की तैयारी में है। इस अभियान के तहत करीब 30 करोड़ Voter ID Cards में मौजूद धुंधले फोटो बदले जाएंगे और जिन कार्ड्स में मकान नंबर की जगह “00” लिखा है, वहां पूरा और सही पता दर्ज किया जाएगा। दरअसल, लंबे समय से शिकायतें सामने आ रही थीं कि कई वोटर कार्ड्स में फोटो इतने पुराने या धुंधले हैं कि पहचान करना मुश्किल हो जाता है। वहीं कई कार्ड्स में अधूरा पता होने से वोटिंग के दौरान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब चुनाव आयोग इन खामियों को दूर करने के लिए बड़ा अपडेट अभियान शुरू करने जा रहा है। Blur Photo और गलत Address बने परेशानी की वजह ग्रामीण और शहरी इलाकों में बड़ी संख्या में ऐसे वोटर कार्ड पाए गए हैं, जिनमें फोटो साफ दिखाई नहीं देते। कई मामलों में कार्ड पर सिर्फ “00” लिखा होने से सही पता पता नहीं चल पाता। इससे मतदान केंद्रों पर पहचान सत्यापन में समय ज्यादा लगता है और कई बार विवाद जैसी स्थिति भी बन जाती है। इसी को देखते हुए अब रिकॉर्ड को ज्यादा सटीक और डिजिटल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस कदम से फर्जी मतदान रोकने में भी मदद मिलेगी। कैसे होगा Voter Card Update? जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग चरणबद्ध तरीके से यह प्रक्रिया पूरी करेगा। जरूरत पड़ने पर मतदाताओं से नया फोटो और सही पता मांगा जा सकता है। कई जगह ऑनलाइन अपडेट की सुविधा भी दी जाएगी ताकि लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। अगर किसी मतदाता के कार्ड में फोटो साफ नहीं है या पता गलत दर्ज है, तो उसे अपडेट करवाने का मौका मिलेगा। आयोग का फोकस डेटा को पूरी तरह साफ और आधुनिक बनाने पर है। चुनाव से पहले रिकॉर्ड सुधारने की तैयारी आने वाले चुनावों को देखते हुए चुनाव आयोग मतदाता सूची और पहचान संबंधी रिकॉर्ड को मजबूत करना चाहता है। साफ फोटो और सही एड्रेस होने से मतदान प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान करोड़ों लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, क्योंकि लंबे समय से लोग पुराने और खराब प्रिंट वाले वोटर कार्ड्स की समस्या झेल रहे थे।
India vs Afghanistan

India vs Afghanistan ODI 2026: पहली बार भारत के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेगा अफगानिस्तान

भारत और अफगानिस्तान (India vs Afghanistan) के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज आज धर्मशाला के खूबसूरत HPCA स्टेडियम में होने जा रहा है। यह सीरीज इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि अफगानिस्तान पहली बार भारत के खिलाफ पूरी ODI सीरीज खेलने उतर रहा है। दोनों टीमों के फैंस इस मुकाबले का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, लेकिन मैच से पहले मौसम ने चिंता बढ़ा दी है। Kohli-Hardik के बिना उतरेगी Team India भारतीय टीम इस सीरीज में कई बड़े बदलावों के साथ मैदान पर उतरेगी। स्टार बल्लेबाज विराट कोहली चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं, जबकि हार्दिक पंड्या भी फिटनेस समस्या की वजह से टीम से बाहर हैं। ऐसे में टीम इंडिया की जिम्मेदारी कप्तान रोहित शर्मा और युवा खिलाड़ियों पर होगी। टीम मैनेजमेंट इस सीरीज को भविष्य की तैयारी के तौर पर देख रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स को ध्यान में रखते हुए कुछ नए खिलाड़ियों को मौका दिया जा सकता है। ईशान किशन, यशस्वी जायसवाल और नितीश कुमार रेड्डी जैसे युवा खिलाड़ियों पर सभी की नजरें रहेंगी। Afghanistan के पास भी हैं मैच विनर खिलाड़ी अफगानिस्तान की टीम अब सिर्फ कमजोर टीम नहीं मानी जाती। पिछले कुछ वर्षों में टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। राशिद खान, मोहम्मद नबी और रहमानुल्लाह गुरबाज जैसे खिलाड़ी किसी भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। भारतीय परिस्थितियों में खेलने का अनुभव भी अफगानिस्तान के खिलाड़ियों के पास है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। Dharamshala Weather ने बढ़ाई टेंशन धर्मशाला में मौसम मैच का सबसे बड़ा विलेन बन सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मुकाबले के दौरान करीब 55 प्रतिशत बारिश की संभावना है। सुबह से ही इलाके में बादल छाए हुए हैं और हल्की बारिश भी देखने को मिली है। अगर बारिश लगातार होती रही तो मैच में ओवर कट सकते हैं या मुकाबला प्रभावित भी हो सकता है। हालांकि फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम साफ हो और उन्हें पूरा मैच देखने को मिले। तेज गेंदबाजों को मिल सकती है मदद धर्मशाला की पिच आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। बादलों और नमी की वजह से शुरुआती ओवरों में गेंद ज्यादा स्विंग कर सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। मैच की जरूरी जानकारी भारत जहां घरेलू मैदान का फायदा उठाकर सीरीज में जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगा, वहीं अफगानिस्तान की नजर इतिहास रचने पर होगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि बारिश के बीच कौन सी टीम मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Pranit More

Pranit More Controversy: महिलाओं पर विवादित Comments के बाद कॉमेडियन की माफी

स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे (Pranit More) एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। महिलाओं को लेकर किए गए विवादित कमेंट्स के बाद इंटरनेट पर उनके खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मामला बढ़ने के बाद अब कॉमेडियन ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते हुए लोगों से एक मौका देने की अपील की है। प्रणित मोरे का एक वीडियो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह महिलाओं को लेकर ऐसी टिप्पणियां करते दिखाई दिए, जिन्हें कई लोगों ने अपमानजनक और असंवेदनशील बताया। वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स ने जमकर आलोचना शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला सोशल मीडिया ट्रेंड बन गया। Viral Video के बाद बढ़ा विवाद वीडियो वायरल होने के बाद X, Instagram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने कहा कि कॉमेडी के नाम पर महिलाओं का मजाक उड़ाना गलत है। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर मनोरंजन की सीमा क्या होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर #PranitMoreControversy ट्रेंड करने लगा और कई महिला संगठनों ने भी इस बयान पर नाराजगी जताई। सोशल मीडिया पोस्ट में मांगी माफी लगातार बढ़ते विवाद के बीच प्रणित मोरे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबा नोट शेयर किया। उन्होंने माना कि उनके शब्दों से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रणित ने लिखा, “मैं समझता हूं कि लोग मुझसे नाराज हैं। शायद मैं इस नफरत का हकदार भी हूं, लेकिन मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि लोग मुझे खुद को सुधारने का एक मौका दें।” उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था, लेकिन अब उन्हें अपनी गलती का एहसास हो चुका है। लोगों की राय बंटी हुई नजर आई इस पूरे मामले में सोशल मीडिया यूजर्स दो हिस्सों में बंटे नजर आए। कुछ लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ कुछ यूजर्स का मानना है कि गलती मान लेने के बाद किसी को सुधारने का मौका मिलना चाहिए। हालांकि, विवाद अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है और सोशल मीडिया पर बहस जारी है। करियर पर पड़ सकता है असर मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि इस विवाद का असर प्रणित मोरे की इमेज और करियर पर पड़ सकता है। आज के डिजिटल दौर में किसी भी बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया देखने को मिलती है और सोशल मीडिया का दबाव कई बार कलाकारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। फिलहाल, सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि दर्शक और इंडस्ट्री उनके माफीनामे को किस तरह लेते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
S Jaishankar

3 भारतीयों की मौत से भारत सख्त, US Secretary S Jaishankar की अहम बातचीत

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों की मौत को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्री S Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत कर कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता और विरोध दर्ज कराया। भारत ने साफ शब्दों में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चल रहे व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है और इससे वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। क्या है पूरा मामला? हाल ही में मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में एक कॉमर्शियल जहाज पर हमला हुआ था। इस हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। घटना के बाद भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पीड़ित परिवारों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान जाना बेहद दुखद है। भारत ने क्या कहा? विदेश मंत्री जयशंकर ने बातचीत में कहा कि समुद्री व्यापार दुनिया की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में कॉमर्शियल जहाजों पर हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे वैश्विक व्यापार और कई देशों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और इस तरह की घटनाओं को लेकर बेहद संवेदनशील है। Middle East Tension पर बढ़ी चिंता मध्य पूर्व में पिछले कुछ समय से तनाव लगातार बढ़ रहा है। कई देशों ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव और कूटनीतिक गतिविधियों को और तेज कर सकते हैं। भारत भी लगातार शांति और सुरक्षित समुद्री व्यापार की वकालत करता रहा है। भारत सरकार की नजर स्थिति पर सरकार ने कहा है कि प्रभावित भारतीयों के परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी। साथ ही क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस घटना के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
धर्मेंद्र प्रधान

“खेल और पढ़ाई साथ-साथ चलेंगे” — Bhopal में धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों को दिया बड़ा संदेश

भोपाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों के साथ संवाद करते हुए देश की नई शिक्षा और खेल नीति को लेकर बड़ा संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर धर्मेंद्र प्रधान मध्यप्रदेश पहुंचे, जहां उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के साथ शूटिंग एकेडमी का दौरा किया। खिलाड़ियों से सीधा संवाद, स्किल और स्पोर्ट्स पर जोर इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात की और कहा कि भारत अब शिक्षा के साथ-साथ स्किल और स्पोर्ट्स सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के जरिए पहली बार खेल और पढ़ाई को एक साथ जोड़ने पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। पढ़ाई और खेल साथ-साथ चलेंगे धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अब ऐसा सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे खिलाड़ी अपनी पढ़ाई और खेल दोनों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ा सकें। इसके लिए अलग से कोर्स वर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि छात्रों को खेल गतिविधियों का भी अकादमिक लाभ मिल सके। APAAR ID और Credit Score सिस्टम पर काम उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों की APAAR ID के माध्यम से उनकी पढ़ाई और खेल उपलब्धियों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाएगा। साथ ही इंटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी को क्रेडिट स्कोर सिस्टम से जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है। इससे खिलाड़ियों को भविष्य में शिक्षा और करियर दोनों में फायदा मिलेगा। IIT में Sports Quota से युवाओं को मिलेगा फायदा केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार IIT जैसे बड़े संस्थानों में स्पोर्ट्स कोटा लागू किया गया है। यह कदम उन युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जो खेल के साथ-साथ उच्च शिक्षा में भी आगे बढ़ना चाहते हैं। 2036 Olympics और Developed India Vision 2047 पर फोकस उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले 20 वर्षों में भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत का फोकस अब 2036 ओलंपिक की तैयारियों पर भी है और देश खेलों में विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में काम कर रहा है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत का सपना साकार होगा और देश दुनिया की महाशक्ति के रूप में उभरेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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