मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। बुधवार को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Kuwait International Airport) पर मिसाइल और ड्रोन हमला हुआ, जिसके पीछे ईरान का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। इस हमले में एयरपोर्ट के Terminal-1 को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे एयरपोर्ट परिसर में इमरजेंसी लागू कर दी गई और सभी फ्लाइट ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिए गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमला इतना तेज था कि एयरपोर्ट परिसर में अचानक धमाकों की आवाज गूंजने लगी। कुछ ही मिनटों में यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और एयरपोर्ट खाली करवाना शुरू कर दिया।
Terminal-1 पर सबसे ज्यादा असर
हमले का सबसे बड़ा असर एयरपोर्ट के Terminal-1 पर देखा गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार टर्मिनल की कई खिड़कियां टूट गईं, छत और दीवारों को भी नुकसान पहुंचा है। रनवे के आसपास भी मलबा फैल गया, जिससे उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ।
एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा है कि फिलहाल नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है। इंजीनियरिंग और सुरक्षा टीमें लगातार मौके पर काम कर रही हैं ताकि हालात को जल्द सामान्य किया जा सके।
फ्लाइट्स रोकी गईं, यात्रियों में डर का माहौल
हमले के तुरंत बाद कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली और आने वाली सभी फ्लाइट्स रोक दी गईं। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दूसरे देशों के एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया। एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि लोग अपने परिवारों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे और हर तरफ डर का माहौल था।
कई एयरलाइंस ने एडवाइजरी जारी करते हुए यात्रियों से एयरपोर्ट आने से पहले फ्लाइट स्टेटस चेक करने की अपील की है।
Middle East में बढ़ा तनाव
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब Middle East में पहले से ही तनाव चरम पर है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के कारण खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। कुवैत सरकार ने देशभर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और सेना को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभले तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, तेल बाजार और पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है।
दुनिया की नजर Middle East पर
कुवैत एयरपोर्ट पर हुआ यह हमला केवल एक देश तक सीमित मामला नहीं माना जा रहा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी की है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह हमला Middle East में किसी बड़े संघर्ष की शुरुआत साबित होगा या फिर कूटनीतिक प्रयास हालात को संभाल लेंगे।
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