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Messi ने लिया बड़ा फैसला: Argentina के लिए International Football से Retirement

फुटबॉल प्रेमियों के लिए 31 अगस्त 2026 का दिन हमेशा याद रहेगा। दुनिया के महानतम फुटबॉलरों में शामिल Lionel Messi ने Argentina की National Team से International Football को अलविदा कह दिया। 39 साल के मेसी ने Instagram पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। करीब 21 साल तक अर्जेंटीना की जर्सी पहनने के बाद उनका यह फैसला करोड़ों फैंस के लिए भावुक कर देने वाला है। Instagram Post में छलका Messi का दर्द मेसी ने अपने Instagram पोस्ट में बताया कि राष्ट्रीय टीम से विदा लेना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने माना कि यह फैसला उन्हें अंदर तक दुख पहुंचा रहा है, लेकिन अब उन्हें लगता है कि इस अध्याय को बंद करने का समय आ गया है। मेसी ने यह भी कहा कि उन्होंने अर्जेंटीना के लिए खेलते हुए हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। उनके लिए National Team की जर्सी सिर्फ एक जर्सी नहीं, बल्कि गर्व और भावनाओं से जुड़ी रही है। उन्होंने अपने परिवार, साथियों, कोचों और फैंस का भी शुक्रिया अदा किया। 2026 World Cup Final के बाद लिया फैसला मेसी के मुताबिक उन्होंने 2026 FIFA World Cup Final के बाद ही International Football से हटने के बारे में गंभीरता से सोचना शुरू कर दिया था। फाइनल में Argentina को Spain के खिलाफ 1-0 से हार मिली थी। इस हार के बाद मेसी ने अपने भविष्य पर विचार किया। बाद में उनके पिता जॉर्ज मेसी के निधन ने भी इस कठिन दौर को और भावुक बना दिया। आखिरकार उन्होंने राष्ट्रीय टीम से विदाई लेने का फैसला सार्वजनिक कर दिया। Argentina के लिए Messi का शानदार सफर मेसी ने 2005 में Argentina की Senior Team के लिए अपना International Debut किया था। शुरुआती दौर में उन्हें कई बड़ी निराशाओं का सामना करना पड़ा। विश्व कप और Copa América के फाइनल में मिली हार ने उनके करियर पर सवाल भी खड़े किए, लेकिन मेसी ने कभी हार नहीं मानी। समय के साथ कहानी बदली। 2021 में Argentina ने Copa América जीता, इसके बाद 2022 में Messi की कप्तानी में टीम ने Qatar World Cup की ट्रॉफी उठाई। 2024 में Argentina ने फिर Copa América अपने नाम किया। 2026 में टीम World Cup Final तक पहुंची, हालांकि इस बार Spain से हार गई। Argentina के लिए 207 Matches और 125 Goals International career खत्म करते समय मेसी अपने पीछे ऐसे आंकड़े छोड़ गए हैं, जिन्हें पार करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होगा। Argentina के लिए Messi के प्रमुख आंकड़े: इन उपलब्धियों के साथ मेसी अर्जेंटीना के फुटबॉल इतिहास में हमेशा एक खास जगह बनाए रखेंगे। एक दौर का हुआ अंत मेसी का सफर सिर्फ आंकड़ों या ट्रॉफियों की कहानी नहीं है। एक समय ऐसा भी था जब उन पर अर्जेंटीना को बड़ी ट्रॉफी नहीं दिला पाने का दबाव था। लेकिन उन्होंने आलोचनाओं के बीच वापसी की और आखिरकार वही हासिल किया, जिसका सपना उन्होंने बचपन से देखा था। 2022 World Cup जीत के बाद मेसी और Argentina के बीच वह रिश्ता पूरा हुआ, जिसका इंतजार लंबे समय से था। अब International Football से उनकी विदाई के साथ अर्जेंटीना की टीम में एक नए दौर की शुरुआत होगी। अब Messi को Argentina की जर्सी में नहीं देख पाएंगे फैंस मेसी ने अपने संदेश में संकेत दिया कि युवा खिलाड़ियों के लिए अब आगे आने का समय है। उन्होंने कहा कि वह Argentina को अब एक खिलाड़ी की तरह नहीं, बल्कि एक फैन की तरह सपोर्ट करेंगे। दुनियाभर से मेसी के लिए श्रद्धांजलि और शुभकामनाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। Argentina के राष्ट्रपति Javier Milei ने भी मेसी को धन्यवाद देते हुए उनकी तारीफ की। फुटबॉल की दुनिया में कई महान खिलाड़ी आए और गए, लेकिन Lionel Messi और Argentina की कहानी अलग रहेगी। एक ऐसा खिलाड़ी जिसने आलोचना भी झेली, हार भी देखी और आखिरकार अपने देश को World Cup जिताकर अपने सपने को पूरा किया। अब Argentina की जर्सी में मेसी का अध्याय भले खत्म हो गया हो, लेकिन उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों तक याद की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Suryakumar Yadav

T20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा Captain

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने T20 कप्तानी से हटाए जाने और टीम से बाहर किए जाने के बाद पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। सूर्यकुमार ने बताया कि चयनकर्ताओं के फैसले के बाद वह करीब डेढ़ महीने तक इस सवाल से जूझते रहे कि आखिर ऐसा कैसे हो गया। उन्हें उम्मीद थी कि वह भारतीय टीम की कप्तानी को कम से कम 2028 Olympics और अगले T20 World Cup तक संभालेंगे। सूर्यकुमार यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारतीय टी20 टीम में नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उनकी जगह Shreyas Iyer को टीम की कमान सौंपी गई है। Captaincy जाने के बाद क्या बोले Suryakumar Yadav? सूर्यकुमार ने बातचीत में बताया कि टीम से बाहर किए जाने की खबर उनके लिए आसान नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला कि उनका नाम टीम में नहीं है, तो उनके मन में सबसे पहला सवाल यही आया कि “ऐसा कैसे हो गया?” उन्होंने बताया कि वह करीब डेढ़ महीने तक इस फैसले के बारे में सोचते रहे। उनके लिए यह इसलिए भी हैरान करने वाला था क्योंकि भारतीय टीम ने उनकी कप्तानी में लगातार शानदार प्रदर्शन किया था। सूर्यकुमार को उम्मीद थी कि वह आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में भी टीम का नेतृत्व करेंगे। लगा था Olympics और T20 World Cup तक Captain रहूंगा सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उन्हें लगा था कि वह भारतीय टी20 टीम के साथ लंबे समय तक जुड़े रहेंगे। उनके सामने 2028 Los Angeles Olympics और अगला T20 World Cup जैसे बड़े टूर्नामेंट थे। उन्हें उम्मीद थी कि इन बड़े मुकाबलों तक वह टीम इंडिया के Captain बने रहेंगे। हालांकि, चयनकर्ताओं ने भविष्य की योजनाओं को देखते हुए नेतृत्व में बदलाव करने का फैसला किया। यह फैसला सूर्यकुमार के लिए इसलिए भी चौंकाने वाला था क्योंकि कप्तान के तौर पर उनका रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा था। ‘जब सब अच्छा चल रहा था तो बदलाव क्यों?’ सूर्यकुमार यादव की सबसे बड़ी चिंता कप्तानी जाने से ज्यादा इस बात को लेकर थी कि आखिर बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही थी और बड़े टूर्नामेंट में सफलता हासिल कर रही थी, तब अचानक कप्तानी में बदलाव क्यों किया गया। सूर्यकुमार ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि वह चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करते हैं। उनका मानना है कि चयनकर्ता टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर फैसले लेते हैं और उन्हें जो सही लगा, उन्होंने वही किया। Selection Committee ने पहले ही दे दी थी जानकारी सूर्यकुमार ने बताया कि टीम की घोषणा से करीब 2-3 दिन पहले चयनकर्ताओं की ओर से उन्हें फोन आया था। उन्हें जानकारी दी गई थी कि आगे की सीरीज के लिए टीम में उनका नाम नहीं होगा। यह बातचीत उनके लिए निश्चित तौर पर मुश्किल रही होगी, लेकिन उन्होंने फैसले को स्वीकार किया और विवाद खड़ा करने के बजाय अपने क्रिकेट पर ध्यान देने का फैसला किया। Shreyas Iyer की Captaincy से कोई दिक्कत नहीं नए कप्तान Shreyas Iyer को लेकर सूर्यकुमार यादव ने कोई नाराजगी नहीं जताई। उन्होंने श्रेयस को अच्छा खिलाड़ी और अच्छा इंसान बताया। सूर्यकुमार का मानना है कि श्रेयस के पास कप्तानी का अनुभव है और वह टीम को अच्छी तरह संभाल सकते हैं। इसलिए उन्हें श्रेयस के Captain बनाए जाने से कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं है। खराब Batting Form भी बनी वजह? सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर किए जाने के पीछे उनकी Batting Form को भी एक महत्वपूर्ण वजह माना जा रहा है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद उनका बल्ला उस स्तर पर नहीं चला, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। कप्तानी में शानदार प्रदर्शन के बावजूद व्यक्तिगत बल्लेबाजी में लगातार अच्छी लय हासिल नहीं कर पाने का असर उनकी टीम में जगह पर पड़ा। चयनकर्ताओं के सामने अब एक नई T20 टीम तैयार करने की चुनौती भी है। अब Team India में Comeback पर नजर टीम से बाहर होने के बाद सूर्यकुमार यादव के सामने अब सबसे बड़ा लक्ष्य Team India में Comeback करना है। वह जानते हैं कि भारतीय टी20 टीम में वापसी के लिए उन्हें बल्ले से लगातार शानदार प्रदर्शन करना होगा। कप्तानी का अध्याय फिलहाल पीछे छूट चुका है, लेकिन सूर्यकुमार के लिए भारतीय टीम में वापसी का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ है। उनका प्रदर्शन ही तय करेगा कि वह दोबारा टीम इंडिया की T20 योजनाओं में जगह बना पाते हैं या नहीं।
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IND vs SL

IND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोर

IND vs SL 2nd Test: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेला जा रहा दूसरा टेस्ट अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद भारतीय टीम को उम्मीद थी कि मैच जल्द खत्म हो जाएगा, लेकिन फॉलोऑन खेलने उतरी श्रीलंकाई टीम ने आखिरी दम तक मुकाबला जिंदा रखा है। चौथे दिन बारिश के कारण खेल जल्दी रोकना पड़ा और उस समय श्रीलंका का स्कोर 229/6 था। श्रीलंका अब भारत से 16 रन आगे है। उसके चार विकेट बाकी हैं। ऐसे में पांचवें दिन भारत की नजरें जल्द से जल्द बाकी विकेट हासिल करने पर होंगी, जबकि मेजबान टीम अपनी बढ़त को जितना संभव हो उतना बड़ा करना चाहेगी। भारत ने पहली पारी में बनाया था 503 रन भारतीय टीम ने पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 503/9 रन बनाकर पारी घोषित की थी। देवदत्त पडिक्कल ने बेहतरीन शतक लगाते हुए 117 रन बनाए, जबकि ध्रुव जुरेल ने नाबाद 115 रन की पारी खेली। भारत के बड़े स्कोर के सामने श्रीलंका की पहली पारी ज्यादा देर नहीं टिक सकी और पूरी टीम 290 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत को पहली पारी में 213 रन की बड़ी बढ़त मिली। इसके बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने बिना ज्यादा समय गंवाए श्रीलंका को Follow-On देने का फैसला किया। Follow-On में श्रीलंका ने बदला अंदाज दूसरी पारी में श्रीलंका के बल्लेबाजों पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था, लेकिन टीम ने धीरे-धीरे मैच में वापसी शुरू कर दी। पसिंदु सूरियाबंडारा और कामिंदु मेंडिस ने भारतीय गेंदबाजों का सामना करते हुए तीसरे विकेट के लिए 115 रन की साझेदारी की। कामिंदु मेंडिस ने 55 रन बनाए, जबकि सूरियाबंडारा 92 रन की शानदार पारी खेलकर श्रीलंका को मजबूत स्थिति में ले गए। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास नजर आया और कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि मेजबान टीम भारत को मुश्किल में डाल सकती है। भारतीय गेंदबाजों ने फिर कराई वापसी श्रीलंका की अच्छी साझेदारी टूटने के बाद भारत ने फिर दबाव बनाना शुरू कर दिया। मनव सुथार ने सूरियाबंडारा को 92 रन पर आउट कर भारत को अहम सफलता दिलाई। इसके बाद कामिंदु मेंडिस भी 55 रन बनाकर आउट हो गए। सरांश जैन ने निरोशन डिकवेला का विकेट हासिल किया, जबकि मनव सुथार ने केशरा नुवान्था को भी पवेलियन भेज दिया। लगातार विकेट गिरने से श्रीलंका की उम्मीदों को झटका लगा। हालांकि टीम ने पूरी तरह हार नहीं मानी और दिन का खेल खत्म होने तक स्कोर को 229/6 तक पहुंचा दिया। बारिश ने फिर बिगाड़ा खेल चौथे दिन का सबसे बड़ा ट्विस्ट बारिश रही। मौसम खराब होने के कारण मुकाबला समय से पहले रोकना पड़ा। उस वक्त श्रीलंका 229/6 के स्कोर पर था और भारत के खिलाफ उसकी बढ़त 16 रन हो चुकी थी। सोनल दिनुषा और केशरा नुवान्था क्रीज पर मौजूद थे। अब श्रीलंका की कोशिश होगी कि पांचवें दिन शुरुआत में विकेट बचाकर ज्यादा से ज्यादा रन जोड़े। Team India की नजरें जल्द जीत पर मौजूदा स्थिति भारत के पक्ष में है। श्रीलंका के सिर्फ चार विकेट बाकी हैं और बढ़त भी अभी बहुत बड़ी नहीं है। भारतीय गेंदबाज अगर शुरुआत में ही विकेट निकाल लेते हैं तो श्रीलंका को कम स्कोर पर रोकना संभव होगा। भारत की कोशिश होगी कि श्रीलंका की दूसरी पारी खत्म करने के बाद मिले छोटे लक्ष्य को जल्द हासिल कर मैच अपने नाम किया जाए। वहीं श्रीलंका के लिए हर अतिरिक्त रन अब बेहद महत्वपूर्ण है। पांचवें दिन क्या होगा? पांचवें दिन मुकाबला पूरी तरह गेंदबाजों और श्रीलंकाई निचले क्रम के बीच दिखाई दे सकता है। अगर श्रीलंका 100-150 रन की बढ़त बनाने में सफल रहता है तो भारत के सामने लक्ष्य थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। लेकिन अगर भारतीय स्पिनर्स ने शुरुआत में ही विकेट निकाल लिए, तो मैच जल्दी खत्म होने की संभावना बढ़ जाएगी। IND vs SL 2nd Test में फिलहाल भारत का पलड़ा भारी है, लेकिन श्रीलंका के Fightback ने मैच में थोड़ा रोमांच जरूर पैदा कर दिया है। अब सभी की नजरें पांचवें दिन के खेल और बारिश पर टिकी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IND vs SL

IND vs SL Test: भारत के खिलाफ श्रीलंका की हालत खराब, 290 पर ऑलआउट; Follow-On में भी झटका

भारत और श्रीलंका (IND vs SL) के बीच चल रहे दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने मुकाबले पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। भारतीय बल्लेबाजों के बड़े स्कोर के बाद गेंदबाजों ने भी अपना काम बखूबी किया। श्रीलंका की पहली पारी महज 290 रन पर सिमट गई और इसके बाद उसे Follow-On खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा। भारत ने अपनी पहली पारी 503/9 रन पर घोषित की थी। इस लिहाज से श्रीलंका पहली पारी में भारत से 213 रन पीछे रह गया। अब मेजबान टीम के सामने दूसरी पारी में लंबा वक्त क्रीज पर बिताने और पारी की हार से बचने की चुनौती है। 290 रन पर खत्म हुई श्रीलंका की पहली पारी श्रीलंका की बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी। एक समय ऐसा लग रहा था कि मेजबान टीम किसी तरह फॉलोऑन टाल सकती है, लेकिन आखिरी विकेटों ने पूरा समीकरण बदल दिया। सोनल दिनुषा ने जरूर शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाया और 103 रन की पारी खेली। उनकी पारी में धैर्य भी दिखा और टीम को संकट से निकालने की कोशिश भी, लेकिन दूसरे छोर से पर्याप्त साथ नहीं मिलने के कारण श्रीलंका 290 रन तक ही पहुंच सका। भारत की तरफ से प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने प्रभावी गेंदबाजी करते हुए तीन-तीन विकेट अपने नाम किए। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालकर श्रीलंका को दबाव में रखा। भारत ने पहली पारी में खड़ा किया बड़ा Score इससे पहले भारतीय बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों को जमकर परेशान किया था। भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर 9 विकेट के स्कोर पर घोषित की। ध्रुव जुरेल ने शानदार शतक लगाते हुए नाबाद 115 रन बनाए। वहीं ऋषभ पंत ने आक्रामक अंदाज में 63 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की पारियों ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारत के बड़े स्कोर के सामने श्रीलंका की टीम शुरू से ही दबाव में दिखाई दी। विकेट गिरते रहे, हालांकि दिनुषा ने एक छोर संभालकर भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। Follow-On के बाद बढ़ी Sri Lanka की मुश्किल 290 रन पर ऑलआउट होने के बाद भारत ने श्रीलंका को तुरंत Follow-On दे दिया। इसका मतलब साफ है कि मेजबान टीम को लगातार दूसरी पारी में बल्लेबाजी करनी पड़ी। दूसरी पारी में भी श्रीलंका की शुरुआत आसान नहीं रही। शुरुआती विकेट गिरने से टीम पर दबाव और बढ़ गया है। अब श्रीलंका के बल्लेबाजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती विकेट बचाने की है। दूसरी तरफ भारत की नजरें जल्द से जल्द बाकी विकेट हासिल करने पर हैं। अगर भारतीय गेंदबाज श्रीलंका को दोबारा बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोकते हैं, तो टीम इंडिया के पास मैच को निर्णायक अंदाज में खत्म करने का शानदार मौका होगा। India के पास Series जीतने का मौका भारत पहले टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हरा चुका है और दो मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है। दूसरे टेस्ट में मौजूदा स्थिति भी भारत के पक्ष में है। एक तरफ भारत के बल्लेबाजों ने पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा किया, वहीं गेंदबाजों ने श्रीलंका को 290 रन पर समेट दिया। अब फॉलोऑन के बाद श्रीलंका की दूसरी पारी मैच की दिशा तय करेगी। फिलहाल भारतीय टीम जीत की तरफ कदम बढ़ाती नजर आ रही है, जबकि श्रीलंका के लिए मुकाबले में बने रहने की उम्मीदें उसके बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर टिकी हैं। IND vs SL 2nd Test में अब हर नजर श्रीलंका की दूसरी पारी पर है। क्या मेजबान टीम वापसी कर पाएगी या भारत टेस्ट सीरीज पर कब्जा कर लेगा? इसका जवाब मैच के अगले चरण में मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sri Lanka vs India

Sri Lanka vs India: 503 रन के पहाड़ के सामने श्रीलंका की जुझारू पारी, Pasindu और Kamindu का कमाल

India vs Sri Lanka 2nd Test: कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा कर श्रीलंका पर दबाव बना दिया है। भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर 9 विकेट के स्कोर पर घोषित की। इसके बाद श्रीलंका की शुरुआत लड़खड़ाई, लेकिन अब पसिंदु सूरियाबंदरारा और कामिंदु मेंडिस की साझेदारी ने मेजबान टीम को थोड़ी राहत दी है। भारत ने खड़ा किया 503 रन का पहाड़ भारत की पहली पारी की कहानी कई शानदार बल्लेबाजी पारियों से बनी। देवदत्त पडिक्कल ने 117 रन की बेहतरीन पारी खेलकर टीम को मजबूत आधार दिया। इसके बाद ध्रुव जुरेल ने नाबाद 115 रन बनाकर पारी को शानदार अंदाज में आगे बढ़ाया। जुरेल का यह टेस्ट क्रिकेट में दूसरा शतक और विदेश में पहला टेस्ट शतक है। वहीं ऋषभ पंत ने 63 रन की तेज पारी खेलकर भारतीय स्कोर को रफ्तार दी। कप्तान शुभमन गिल ने भी 50 रन बनाए। इन पारियों के दम पर भारत 500 रन के आंकड़े को पार करने में सफल रहा। जुरेल का शतक बना बड़ी कहानी ध्रुव जुरेल की बल्लेबाजी इस पारी की सबसे खास बात रही। वह मुश्किल परिस्थितियों में भी लगातार धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते रहे। बारिश और खराब रोशनी के कारण मुकाबला कई बार रुका, लेकिन जुरेल ने अपना फोकस नहीं खोया। जुरेल ने 115 रन की नाबाद पारी में नौ चौके और दो छक्के लगाए। उनकी इस पारी ने भारत को निचले क्रम में एक मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। श्रीलंका की शुरुआत रही खराब 503 रन के विशाल स्कोर का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम को शुरुआत में ही झटके लगे। प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने शुरुआती विकेट लेकर मेजबान टीम पर दबाव बना दिया। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका 8/2 पर था और भारत से 495 रन पीछे था। हालांकि तीसरे दिन श्रीलंका ने अपनी पारी को संभालने की कोशिश की। मौजूदा स्थिति में पसिंदु सूरियाबंदरारा और कामिंदु मेंडिस क्रीज पर टिके हुए हैं। दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी ने श्रीलंका को शुरुआती संकट से बाहर निकलने का मौका दिया है। भारत की नजर बड़े दबाव पर भारत के पास अभी भी बड़ी बढ़त है। 503 रन का स्कोर श्रीलंका के सामने बड़ी चुनौती है और भारतीय गेंदबाज लगातार दबाव बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। अगर टीम इंडिया जल्दी विकेट निकालने में सफल रहती है तो श्रीलंका पर फॉलोऑन का खतरा भी बढ़ सकता है। बारिश से प्रभावित इस टेस्ट में मौसम भी अहम भूमिका निभा रहा है। इसके बावजूद भारतीय टीम ने अब तक मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत रखी है। सीरीज में भारत पहले ही 1-0 से आगे है, इसलिए दूसरे टेस्ट में भी टीम की नजर जीत के साथ सीरीज अपने नाम करने पर होगी। IND vs SL 2nd Test की मौजूदा तस्वीर साफ है—भारत के पास 503 रन का मजबूत स्कोर है, जबकि श्रीलंका को अब पसिंदु और कामिंदु की साझेदारी से बड़ी पारी की उम्मीद है। मुकाबला जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, यह साझेदारी श्रीलंका के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India vs Sri Lanka

India vs Sri Lanka: चोट की चिंता के बीच Rishabh Pant ने की वापसी, Dhruv Jurel का मिला साथ

भारत और श्रीलंका (India vs Sri Lanka) के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में Rishabh Pant की वापसी ने भारतीय क्रिकेट फैंस को बड़ी राहत दी है। पहले दिन कलाई पर गेंद लगने के बाद पंत को रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा था। ऐसे में उनके दोबारा बैटिंग के लिए उतरने से टीम इंडिया को बड़ी राहत मिली। पंत ने मैदान पर लौटते ही Dhruv Jurel के साथ पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने परिस्थितियों को समझते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों का सामना किया और भारत के स्कोर को आगे बढ़ाया। चोट के बाद Pant की शानदार वापसी पंत के लिए मैच का पहला दिन बिल्कुल आसान नहीं रहा। श्रीलंका के तेज गेंदबाज लाहिरु कुमारा की गेंद पर शॉट खेलने के दौरान गेंद उनके हाथ पर लगी। दर्द के कारण पंत को अपनी पारी बीच में छोड़कर वापस जाना पड़ा। कुछ समय के लिए भारतीय फैंस की चिंता बढ़ गई थी कि कहीं चोट गंभीर तो नहीं है। हालांकि, बाद में टीम की तरफ से संकेत मिले कि पंत दोबारा बल्लेबाजी कर सकते हैं। दूसरे दिन जब पंत बल्ला लेकर मैदान पर पहुंचे तो भारतीय खेमे में राहत साफ नजर आई। Dhruv Jurel के साथ बढ़ाई भारत की उम्मीद पंत की वापसी के बाद ध्रुव जुरेल के साथ उनकी साझेदारी ने भारतीय पारी को मजबूती दी। जुरेल ने भी धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए दूसरे छोर को संभाले रखा। पंत और जुरेल की बल्लेबाजी में एक तरफ जहां सावधानी दिखी, वहीं मौका मिलने पर दोनों ने रन बनाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। इस साझेदारी ने भारत को एक मजबूत स्कोर की ओर बढ़ने का मौका दिया। Padikkal ने पहले ही रख दी थी मजबूत नींव भारत की पारी को मजबूत आधार देने का काम Devdutt Padikkal ने किया। पडिक्कल ने शानदार शतक लगाते हुए टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। उनकी 117 रन की पारी खास रही, क्योंकि यह टेस्ट क्रिकेट में उनकी लगातार दूसरी सेंचुरी थी। पडिक्कल की पारी ने भारत को श्रीलंका के खिलाफ बड़ा स्कोर बनाने की स्थिति में पहुंचा दिया। भारत की नजर Series जीतने पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया पहले ही 1-0 की बढ़त बना चुकी है। पहले टेस्ट में भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराया था। अब कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम की कोशिश सीरीज को 2-0 से अपने नाम करने की है। इसके लिए पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाना बेहद अहम होगा। पंत की चोट के बाद मैदान पर वापसी निश्चित तौर पर भारत के लिए अच्छी खबर है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि वह आगे कितनी देर तक बल्लेबाजी कर पाते हैं और भारत को श्रीलंका के खिलाफ कितनी मजबूत स्थिति में पहुंचाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भारत की बड़ी जीत, साउथ अफ्रीका को 6-1 से हराकर पूल-D में टॉप पर पहुंची टीम

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए साउथ अफ्रीका को 6-1 से हरा दिया। एम्सटेलवीन में खेले गए पूल-D के मुकाबले में भारत ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत पूल-D की पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर पहुंच गया है। भारत की ओर से सुनेलिता टोप्पो, नवनीत कौर, सुशीला चानू, दीपिका, लालरेमसियामी और साक्षी राणा ने एक-एक गोल किया। साउथ अफ्रीका के लिए एकमात्र गोल कायला डी वाल ने 55वें मिनट में किया। यह वर्ल्ड कप में भारत की अब तक की सबसे बड़ी जीत भी रही। नवनीत ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला भारत ने पहले क्वार्टर में ही सुनेलिता टोप्पो के गोल से बढ़त बना ली थी। इसके बाद दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में नवनीत कौर ने पेनल्टी कॉर्नर को शानदार तरीके से गोल में बदला। 17वें मिनट में नवनीत ने एंगल बदलते हुए लो और तेज शॉट लगाया, जिसे साउथ अफ्रीकी गोलकीपर रोक नहीं सकीं। भारत की बढ़त 2-0 हो गई। इसके बाद भारतीय टीम ने लगातार आक्रमण जारी रखा और सर्कल में कई मौके बनाए। सुशीला के गोल से भारत 3-0 आगे 25वें मिनट में भारत ने तीसरा गोल किया। दीपिका के ड्रैगफ्लिक पर साउथ अफ्रीकी डिफेंस से डिफ्लेक्शन हुआ और गेंद सुशीला चानू के पास पहुंची। सुशीला ने मौके का फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। भारत ने 3-0 की मजबूत बढ़त बना ली। इसके बाद भी भारतीय टीम ने दबाव कम नहीं किया और लगातार पेनल्टी कॉर्नर व सर्कल एंट्री हासिल करती रही। तीसरे क्वार्टर में तीन और गोल भारत ने तीसरे क्वार्टर में मुकाबले को पूरी तरह अपने नियंत्रण में कर लिया। दीपिका, लालरेमसियामी और साक्षी राणा ने गोल कर स्कोर 6-0 कर दिया। साउथ अफ्रीका ने आखिरी क्वार्टर में वापसी की कोशिश की और 55वें मिनट में कायला डी वाल ने गोल कर स्कोर 6-1 किया, लेकिन भारत ने बाकी समय में अपनी बढ़त कायम रखी और मुकाबला अपने नाम कर लिया। टॉप-8 की रेस में भारत की स्थिति मजबूत इस जीत के बाद भारत की अगले दौर में पहुंचने की स्थिति मजबूत हो गई है। टीम को अब अपने आखिरी पूल मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ कम से कम ड्रॉ की जरूरत होगी, जिससे वह टॉप-8 में जगह पक्की कर सके। भारत ने टूर्नामेंट के अपने पहले मुकाबले में ओलिंपिक सिल्वर मेडलिस्ट चीन के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला था। उस मैच में नवनीत कौर और दीपिका ने भारत के लिए गोल किए थे। भारत के लिए शानदार शुरुआत चीन के खिलाफ ड्रॉ के बाद साउथ अफ्रीका पर 6-1 की बड़ी जीत ने भारतीय टीम के अभियान को मजबूती दी है। अब टीम की नजर इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी पूल मुकाबले पर होगी, जहां एक अंक भी भारत को अगले दौर में पहुंचाने के लिए काफी हो सकता है।
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खेलों पर अगले 5 साल में ₹36,441 करोड़ खर्च करेगी सरकार, 2036 ओलिंपिक में टॉप-10 का लक्ष्य

भारत सरकार खेलों को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत करने के लिए अगले पांच वर्षों में ₹36,441 करोड़ खर्च करेगी। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के अनुसार, यह राशि 2026 से 2031 के बीच रिवैंप्ड खेलो इंडिया योजना के तहत खर्च की जाएगी। सरकार ने बजट के साथ भविष्य के ओलिंपिक के लिए मेडल लक्ष्य भी तय किए हैं। भारत का लक्ष्य 2036 ओलिंपिक की मेडल टैली में टॉप-10 और 2048 ओलिंपिक में टॉप-5 देशों में जगह बनाना है। भारत 2036 ओलिंपिक की मेजबानी की दावेदारी भी पेश करना चाहता है। वहीं, 2048 ओलिंपिक तक देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे हो चुके होंगे। ऐसे में सरकार लंबे समय की रणनीति के तहत भारतीय खिलाड़ियों को मजबूत करने पर जोर दे रही है। खिलाड़ियों की संख्या 10 गुना बढ़ाने की तैयारी SAI रीजनल सेंटर मुंबई के क्षेत्रीय निदेशक पांडुरंग चाटे के मुताबिक, रिवैंप्ड खेलो इंडिया योजना का उद्देश्य अलग-अलग योजनाओं के बजाय खिलाड़ियों के लिए पूरी खेल यात्रा तैयार करना है। योजना के बजट को करीब 8 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 2026 से 2031 के बीच योजना से लाभ पाने वाले खिलाड़ियों की संख्या को भी 10 गुना तक बढ़ाने की योजना है। 30 हजार खिलाड़ियों को मिलेगा फायदा रिवैंप्ड खेलो इंडिया योजना के तहत करीब 30 हजार खिलाड़ियों को सहायता देने की योजना है। योजना में केंद्र और राज्य के बीच खर्च का अनुपात 60:40 रखा गया है। SAI रीजनल सेंटर मुंबई ने कहा कि रिवैंप्ड खेलो इंडिया योजना महाराष्ट्र के मौजूदा स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को और मजबूत करने का अवसर देगी। गौरतलब है कि पेरिस ओलिंपिक 2024 में भारत ने कुल 6 पदक जीते थे और मेडल टैली में 71वें स्थान पर रहा था। अब सरकार का फोकस खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और लंबी अवधि की सहायता उपलब्ध कराकर ओलिंपिक में भारत के प्रदर्शन को नई ऊंचाई देने पर है।
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हॉकी वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने भारत को 4-2 से हराया, 32 साल से जीत का इंतजार जारी

एम्सटेलवीन: भारतीय पुरुष हॉकी टीम को मेंस हॉकी वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ 4-2 से हार का सामना करना पड़ा। सोमवार को वैगनर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने हाफ टाइम तक 2-1 की बढ़त बना रखी थी, लेकिन दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने लगातार तीन गोल कर मैच अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की जीत का इंतजार 32 साल का हो गया है। भारत ने आखिरी बार 1994 में इंग्लैंड को हराया था। अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला 19 अगस्त को पाकिस्तान के खिलाफ होगा। पहले क्वार्टर में इंग्लैंड ने बनाई बढ़त भारत ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। छठे मिनट में जरमनप्रीत सिंह के पास गोल करने का मौका था, लेकिन उनका शॉट पोस्ट के बाहर चला गया। 14वें मिनट में निकोलस बंडुराक ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी। हरमनप्रीत और दिलप्रीत ने पलटा मैच पहले क्वार्टर में पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने शानदार वापसी की। 17वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद 24वें मिनट में हार्दिक सिंह और अभिषेक के शानदार मूव के बाद दिलप्रीत सिंह ने फील्ड गोल दागकर भारत को 2-1 से आगे कर दिया। हाफ टाइम तक भारत इसी बढ़त पर रहा। तीसरे क्वार्टर में इंग्लैंड की वापसी दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने आक्रामक खेल दिखाया। 39वें मिनट में स्टुअर्ट रशमेयर ने शानदार फ्लिक के जरिए गोल कर स्कोर 2-2 कर दिया। इसके कुछ ही मिनट बाद 44वें मिनट में रशमेयर ने गेंद हेनरी क्रॉफ्ट तक पहुंचाई। क्रॉफ्ट ने जोरदार हिट लगाकर गेंद को गोल पोस्ट के निचले कोने में पहुंचाया और इंग्लैंड 3-2 से आगे हो गया। चौथे क्वार्टर में बंडुराक ने किया दूसरा गोल 51वें मिनट में अभिषेक के पास भारत को बराबरी का मौका था, लेकिन उनका शॉट पोस्ट के बेहद करीब से बाहर निकल गया। 54वें मिनट में इंग्लैंड को पेनल्टी कॉर्नर मिला। निकोलस बंडुराक ने इसे गोल में बदलकर अपना दूसरा गोल किया और इंग्लैंड की बढ़त 4-2 कर दी। इसके बाद भारत ने वापसी की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड के मजबूत डिफेंस को भेद नहीं सका। इंग्लैंड पूल-डी में टॉप पर इंग्लैंड ने टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत दर्ज की और पूल-डी में दो जीत के साथ शीर्ष पर पहुंच गया है। भारत के खाते में अब एक जीत और एक हार है। भारत का अगला मुकाबला पाकिस्तान से इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद भारतीय टीम अब 19 अगस्त को पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। भारत के लिए यह मुकाबला बेहद अहम होगा। दोनों टीमों के स्क्वॉड भारत: हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), जरमनप्रीत सिंह, अभिषेक, मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, दिलप्रीत सिंह, मंदीप सिंह, सुमित, नीलकंठ शर्मा, लालगे आदित्य अर्जुन, शशिकुमार मोहिथ होन्नेनहल्ली, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, विवेक सागर प्रसाद, सुखजीत सिंह, यशदीप सिवाच, संजय, सूरज करकेरा, राजिंदर सिंह, शिलानंद लाकड़ा। इंग्लैंड: जैचरी वॉलेस (कप्तान), निकोलस पार्क, जैक वॉलर, थॉमस सॉर्सबी, हेनरी क्रॉफ्ट, सैम वार्ड, जेम्स अल्बरी, फिल रोपर, जेम्स मजारेजो, स्टुअर्ट रशमेयर, टिमोथी नर्स, डेविड गुडफील्ड, ऑलिवर पेन, निकोलस बंडुराक, जेम्स गॉल, लियाम सैनफोर्ड, कॉनर विलियमसन, विल कैलनन, सैमुअल हूपर, बेन फॉक्स।
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IND vs SL

IND vs SL: Team India का दबदबा, श्रीलंका 62/4; भारत ने पहली पारी में बनाए 462 रन

भारत और श्रीलंका (IND vs SL) के बीच जारी टेस्ट मुकाबले में टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी में 462 रन बनाकर श्रीलंका के सामने मजबूत चुनौती रख दी है। भारतीय पारी के जवाब में मैदान पर उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम ने सिर्फ 62 रन के स्कोर पर चार विकेट गंवा दिए, जिससे भारतीय गेंदबाजों का दबाव साफ नजर आ रहा है। 462 रन बनाकर भारत ने बनाई मजबूत स्थिति भारतीय बल्लेबाजों ने पहली पारी में अच्छी बल्लेबाजी करते हुए स्कोर को 462 रन तक पहुंचाया। इस स्कोर के साथ टीम इंडिया ने श्रीलंका पर शुरुआत से ही दबाव बनाने का काम किया। भारत के लिए अब सबसे अहम काम श्रीलंका की पहली पारी को जल्द समेटना और ज्यादा से ज्यादा बढ़त हासिल करना है। अगर भारतीय गेंदबाज श्रीलंका को कम स्कोर पर रोकने में सफल रहते हैं, तो मैच में टीम इंडिया की स्थिति और मजबूत हो सकती है। 62 रन पर श्रीलंका के 4 विकेट भारत के 462 रन के जवाब में श्रीलंका की पारी की शुरुआत लड़खड़ा गई। 62 रन तक पहुंचते-पहुंचते श्रीलंका के चार बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए श्रीलंकाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। सुथार ने दो विकेट लेकर सबसे ज्यादा असर डाला, जबकि मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव ने एक-एक विकेट अपने नाम किया। सुथार ने दिखाया दम, सिराज-कुलदीप का भी मिला साथ श्रीलंका के खिलाफ इस पारी में सुथार भारतीय गेंदबाजी के प्रमुख हथियार बनकर उभरे हैं। उनके दो विकेट ने श्रीलंका की बल्लेबाजी को शुरुआती झटका दिया। दूसरी तरफ सिराज और कुलदीप यादव ने भी एक-एक विकेट लेकर टीम को जरूरी सफलता दिलाई। भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन से साफ है कि टीम श्रीलंका को ज्यादा रन बनाने का मौका नहीं देना चाहती। अब बड़ी बढ़त पर Team India की नजर मुकाबले की मौजूदा स्थिति में भारत मजबूत दिखाई दे रहा है। 462 रन का स्कोर और श्रीलंका के 62 रन पर चार विकेट टीम इंडिया के लिए अच्छी शुरुआत है। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में एक सेशन भी पूरा मैच बदल सकता है। श्रीलंका के बल्लेबाज अगर लंबी साझेदारी बनाने में सफल रहते हैं तो भारत की बढ़त कम हो सकती है। इसलिए भारतीय गेंदबाजों के लिए अगला लक्ष्य श्रीलंका के बाकी बल्लेबाजों को जल्द आउट करना होगा। फिलहाल क्रिकेट फैंस की नजर इस बात पर है कि क्या भारत श्रीलंका को सस्ते में समेटकर पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल कर पाएगा? मुकाबला जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, तस्वीर और साफ होती जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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