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IPL 2027 से पहले राजस्थान छोड़ सकते हैं यशस्वी जायसवाल, हार्दिक पंड्या से ट्रेड की चर्चा

जयपुर। IPL 2027 से पहले राजस्थान रॉयल्स में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रेंचाइजी भारतीय ओपनर यशस्वी जायसवाल को रिलीज करने पर विचार कर रही है। यह भी दावा किया जा रहा है कि जायसवाल का मुंबई इंडियंस के ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या के साथ ट्रेड हो सकता है। हालांकि, राजस्थान रॉयल्स, मुंबई इंडियंस या दोनों खिलाड़ियों की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रियान पराग को कप्तानी मिलने से नाराजगी की चर्चा रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान मैनेजमेंट यशस्वी के रवैये से खुश नहीं है। इसकी एक वजह रियान पराग को यशस्वी से पहले कप्तानी की जिम्मेदारी दिया जाना बताई जा रही है। हालांकि, यह जानकारी अभी रिपोर्ट्स पर आधारित है और फ्रेंचाइजी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। वैभव सूर्यवंशी ने बनाई अलग पहचान IPL 2026 में यशस्वी जायसवाल ने 16 मैचों में 427 रन बनाए। उनका औसत 30.50 और स्ट्राइक रेट 152.50 रहा। इस दौरान उन्होंने तीन अर्धशतक लगाए। वहीं, उनके ओपनिंग पार्टनर वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 16 मैचों में 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.30 रहा। वैभव ने सीजन में ऑरेंज कैप, सुपर सिक्सेस और सुपर स्ट्राइकर जैसे खिताब अपने नाम किए। राजस्थान को फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर की तलाश राजस्थान रॉयल्स को टीम में एक मजबूत फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर की जरूरत बताई जा रही है। फ्रेंचाइजी ने पिछले सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ ट्रेड के जरिए संजू सैमसन के बदले सैम करन और रवींद्र जडेजा को टीम में शामिल किया था। हालांकि सैम करन चोट के कारण पूरे सीजन में एक भी मुकाबला नहीं खेल सके। इसी वजह से हार्दिक पंड्या को टीम में शामिल करने की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। हार्दिक के ट्रेड की चर्चा पहले भी हार्दिक पंड्या के ट्रेड को लेकर पहले भी कई रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के अलावा राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स के नाम भी उनके संभावित ट्रेड को लेकर चर्चा में रहे हैं। हालांकि, मुंबई इंडियंस के प्रवक्ता ने स्पोर्टस्टार से बातचीत में खिलाड़ियों के ट्रेड को लेकर किसी बातचीत से इनकार किया था। मुंबई में हार्दिक की कप्तानी पर भी सवाल हार्दिक पंड्या 2024 में गुजरात टाइटंस से ट्रेड होकर मुंबई इंडियंस में लौटे थे। इसके बाद रोहित शर्मा की जगह उन्हें टीम की कप्तानी सौंपी गई। हार्दिक की कप्तानी में मुंबई 2024 में ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकी। 2025 में टीम प्लेऑफ तक पहुंची, जबकि 2026 में एक बार फिर ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई। फिलहाल यशस्वी-हार्दिक ट्रेड की खबरें सिर्फ मीडिया रिपोर्ट्स तक सीमित हैं। आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्थिति साफ होगी।
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महिला हॉकी वर्ल्ड कप: भारत ने नंबर-4 चीन को 2-2 से रोका

FIH रैंकिंग में 9वें स्थान पर काबिज भारतीय महिला हॉकी टीम ने वर्ल्ड कप के अपने पहले मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए नंबर-4 चीन को 2-2 के ड्रॉ पर रोक दिया। वैगनर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत की ओर से नवनीत कौर और दीपिका ने गोल किए। भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। 8वें मिनट में नवनीत कौर ने फील्ड गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि 15वें मिनट में चीन को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, जिसे झांग यिंग ने गोल में बदलकर स्कोर बराबर कर दिया। दूसरे क्वार्टर में भारत ने फिर बढ़त हासिल की। 25वें मिनट में दीपिका ने शानदार ड्रैग-फ्लिक के जरिए पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदल दिया और भारत 2-1 से आगे हो गया। तीसरे क्वार्टर में चीन ने दबाव बढ़ाया और 39वें मिनट में मा निंग ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके मुकाबला 2-2 से बराबर कर दिया। आखिरी क्वार्टर में चीन ने लगातार विजयी गोल की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्हें रोक दिया। भारत को भी कुछ मौके मिले, लेकिन निर्णायक गोल नहीं हो सका और मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ। साविता की शानदार गोलकीपिंग चीन के दबाव के दौरान भारतीय गोलकीपर साविता ने कई अहम बचाव किए। आखिरी क्वार्टर में चीन को पेनल्टी कॉर्नर भी मिला, लेकिन भारतीय डिफेंस ने खतरे को टाल दिया। अब साउथ अफ्रीका से मुकाबला ड्रॉ के साथ भारत ने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत की है। टीम का अगला मुकाबला साउथ अफ्रीका के खिलाफ होगा। भारत की कोशिश इस मैच में जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत करने की होगी। भारत के गोल चीन के गोल
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गॉल टेस्ट: पड्डिकल के 167 रन से भारत मजबूत, दूसरे दिन 9 विकेट पर 460 रन

भारत ने गॉल टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 9 विकेट पर 460 रन बना लिए हैं। बारिश के कारण करीब साढ़े चार घंटे की देरी से शुरू हुए दिन के खेल में देवदत्त पड्डिकल ने 167 रन की शानदार पारी खेली। इसके साथ ही वह श्रीलंका में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे बड़ी टेस्ट पारी खेलने वाले भारतीय बन गए। पड्डिकल ने इस मामले में चेतेश्वर पुजारा का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 2017 में इसी मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ 153 रन बनाए थे। बारिश के कारण साढ़े चार घंटे देर से शुरू हुआ खेल दूसरे दिन लगातार बारिश के कारण मुकाबला समय पर शुरू नहीं हो सका। करीब 4 घंटे 35 मिनट की देरी के बाद खेल दोबारा शुरू हुआ। बारिश के चलते लगभग आधे दिन का खेल प्रभावित हुआ। राहुल दोबारा बल्लेबाजी करने उतरे, 82 रन बनाकर आउट पहले दिन क्रैम्प की समस्या के कारण 77 रन पर रिटायर्ड हर्ट हुए केएल राहुल दूसरे दिन दोबारा बल्लेबाजी करने उतरे। ऋषभ पंत के आउट होने के बाद राहुल मैदान पर आए, लेकिन अपने स्कोर में सिर्फ 5 रन जोड़ सके। राहुल 82 रन बनाकर केशर नुवंथा की गेंद पर निशान फर्नांडो के हाथों कैच आउट हुए। पड्डिकल ने चौके से पूरा किया 150 का आंकड़ा देवदत्त पड्डिकल ने 86वें ओवर की आखिरी गेंद पर चौका लगाकर 150 रन पूरे किए। असिथा फर्नांडो की पैड्स पर आई गेंद को उन्होंने ऑन-साइड में फ्लिक कर बाउंड्री के पार पहुंचाया। इसके बाद पड्डिकल ने बल्ला उठाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया, जबकि ड्रेसिंग रूम में मौजूद भारतीय खिलाड़ियों ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। रॉड टकर की तबीयत बिगड़ी ऑस्ट्रेलियाई अंपायर रॉड टकर की तबीयत खराब होने के कारण उन्होंने तीसरे सेशन में अंपायरिंग नहीं की। उनकी जगह रिजर्व अंपायर रवींद्र विमलासिरी ने अंपायरिंग की जिम्मेदारी संभाली। ध्रुव जुरेल का कैच भी छूटा 101.5वें ओवर में प्रभात जयसूर्या की गेंद पर ध्रुव जुरेल का कैच स्लिप में छूट गया। जुरेल ने कट शॉट खेलने की कोशिश की और गेंद बल्ले का किनारा लेकर पहली स्लिप में गई। धनंजय डी सिल्वा ने कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथ से लगकर बाजू और फिर पसली से टकरा गई। दिन का खेल खत्म होने तक भारत 9 विकेट पर 460 रन बना चुका है और पड्डिकल की रिकॉर्ड पारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।
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IND vs SL

IND vs SL Test: ऐतिहासिक 600वें मुकाबले में भारत की नजर जीत पर, Sri Lanka देगा कड़ी टक्कर

भारत और श्रीलंका (IND vs SL) के बीच दो मैचों की Test Series का पहला मुकाबला आज यानी 15 अगस्त को Galle International Stadium में खेला जा रहा है। इस मैच पर क्रिकेट फैंस की नजरें इसलिए भी टिकी हैं, क्योंकि टीम इंडिया अपने क्रिकेट इतिहास का 600वां Test Match खेलने उतरी है। भारतीय क्रिकेट के लिए यह किसी खास मौके से कम नहीं है। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया इस ऐतिहासिक मुकाबले को जीतकर WTC 2025-27 में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी। दूसरी ओर श्रीलंका की टीम घरेलू मैदान का फायदा उठाकर भारत को कड़ी चुनौती देने के इरादे से उतरेगी। 600वें Test में गिल के सामने बड़ी जिम्मेदारी शुभमन गिल के लिए यह मुकाबला कप्तान के तौर पर भी अहम है। भारत को World Test Championship के अगले चक्र में लगातार अच्छे नतीजों की जरूरत है। ऐसे में 600वें टेस्ट पर जीत दर्ज करना टीम के आत्मविश्वास को और बढ़ा सकता है। भारतीय टीम की बल्लेबाजी में यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों से उम्मीदें रहेंगी। खासकर गिल और पंत पर फैंस की निगाहें रहेंगी। Bumrah की गैरमौजूदगी में गेंदबाजी की परीक्षा भारत को इस मुकाबले में जसप्रीत बुमराह की कमी महसूस हो सकती है। उनकी अनुपस्थिति में तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे गेंदबाजों पर बढ़ जाएगी। गॉल की परिस्थितियों को देखते हुए टीम इंडिया तीन स्पिनरों के साथ उतर सकती है। रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव के साथ मानव सुथार को भी मौका मिलने की संभावना है। अगर पिच पर टर्न मिला तो भारतीय स्पिन अटैक श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। Galle Pitch पर Spin का खेल गॉल की पिच पर मुकाबला आगे बढ़ने के साथ स्पिन गेंदबाजों का प्रभाव बढ़ सकता है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम के कप्तान के सामने सही फैसला लेने की चुनौती होगी। श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज भी भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने की कोशिश करेंगे। खासकर दूसरी पारी में पिच का व्यवहार मैच का रुख बदल सकता है। Rain भी बिगाड़ सकती है Game Plan मुकाबले से पहले गॉल में बारिश ने टीमों की तैयारियों को प्रभावित किया है। मैच के दौरान भी मौसम पर नजर रहेगी। अगर बारिश के कारण खेल रुकता है तो दोनों टीमों की रणनीति प्रभावित हो सकती है। ऐसे में बल्लेबाजों को शुरुआत में संभलकर खेलना होगा, जबकि गेंदबाजों को परिस्थितियों का फायदा उठाने का मौका मिल सकता है। Gill और Pant पर रहेंगी खास नजरें शुभमन गिल के पास इस मुकाबले में WTC से जुड़ी एक खास उपलब्धि हासिल करने का मौका है। वहीं ऋषभ पंत भी टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्कों के आंकड़े के बेहद करीब हैं। पंत के बल्ले से अगर कुछ बड़े शॉट निकलते हैं तो यह मुकाबला उनके लिए यादगार बन सकता है। भारत को अपने टॉप ऑर्डर से मजबूत शुरुआत की उम्मीद होगी। वहीं मिडिल ऑर्डर में पंत और जडेजा जैसी आक्रामक बल्लेबाजी मैच का रुख बदल सकती है। India vs Sri Lanka 1st Test: मैच की जरूरी जानकारी 600वें Test को यादगार बनाना चाहेगी टीम इंडिया भारत के लिए यह मुकाबला सिर्फ WTC Points हासिल करने का मौका नहीं है। 600वां Test अपने आप में भारतीय क्रिकेट के लंबे सफर की कहानी कहता है। अब टीम की कोशिश होगी कि इस ऐतिहासिक दिन को जीत के साथ यादगार बनाया जाए। हालांकि श्रीलंका अपने घर में आसान प्रतिद्वंद्वी नहीं है। Galle की परिस्थितियां, Spin और बदलता मौसम—इन तीनों के बीच जो टीम बेहतर तालमेल बिठाएगी, उसके पास मुकाबले में बढ़त बनाने का मौका रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India का स्पोर्टिंग राइज: जब International Stage पर शान से लहराया तिरंगा

India का स्पोर्टिंग राइज: जब International Stage पर शान से लहराया तिरंगा

जब भी किसी International Sporting Stage पर India का तिरंगा शान से लहराता है, तो वह पल सिर्फ किसी मेडल या ट्रॉफी की जीत नहीं होता। वह पूरे देश के लिए गर्व का पल होता है। भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, लगन और जुनून से बार-बार दुनिया के सामने भारत का नाम रोशन किया है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ICC Women’s Cricket World Cup जीतकर इतिहास रचा। स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा जैसी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर एक बार फिर साबित किया कि भारतीय महिला क्रिकेट कितनी मजबूत हो चुकी है। वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू आज भी लाखों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं। उनकी पूरी जर्नी संघर्ष, मेहनत और कभी हार न मानने वाले जज्बे की मिसाल है। वहीं बॉक्सिंग, बैडमिंटन, फेंसिंग और एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल लेवल पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। भारत के स्पोर्ट्स की सबसे खास बात यह है कि अब टैलेंट सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों और गांवों से आने वाले युवा खिलाड़ी भी इंटरनेशनल पोडियम तक पहुंच रहे हैं। Khelo India जैसे इनिशिएटिव्स ने ग्रासरूट लेवल पर नए टैलेंट को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने का मौका देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज भारतीय स्पोर्ट्स का मतलब सिर्फ क्रिकेट नहीं रह गया है। बॉक्सिंग रिंग से लेकर बैडमिंटन कोर्ट तक और एथलेटिक्स ट्रैक से लेकर वेटलिफ्टिंग प्लेटफॉर्म तक, भारतीय खिलाड़ी बड़े सपनों के साथ मैदान में उतर रहे हैं। हर बार जब कोई भारतीय खिलाड़ी पोडियम पर खड़ा होता है, तिरंगा उसके साथ और भी ऊंचा हो जाता है। इस Independence Day पर इन खिलाड़ियों की सफलता हमें एक सीधा संदेश देती है— भारत सिर्फ स्पोर्टिंग ग्रेटनेस का सपना नहीं देख रहा, बल्कि उसे हकीकत में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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जेमिमा रोड्रिग्स एशिया कप और एशियन गेम्स से बाहर, हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट

भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। स्टार बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स हैमस्ट्रिंग की गंभीर चोट के कारण एशिया कप और एशियन गेम्स से बाहर हो गई हैं। उनकी जगह प्रतिका रावल को टीम में शामिल किया गया है। BCCI ने शुक्रवार को बताया कि 25 वर्षीय जेमिमा की मेडिकल जांच में दाहिनी हैमस्ट्रिंग में हाई-ग्रेड टियर इंजरी सामने आई है। यह चोट उन्हें इंग्लैंड में खेले जा रहे द हंड्रेड टूर्नामेंट के दौरान 3 अगस्त को लगी थी। द हंड्रेड में खेलते हुए लगी चोट BCCI के मुताबिक, द हंड्रेड के एक मुकाबले के दौरान जेमिमा की दाहिनी हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। इसके बाद उन्हें बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मेडिकल टीम की निगरानी में रखा गया, जहां जांच में गंभीर टियर की पुष्टि हुई। चोट की गंभीरता को देखते हुए उन्हें आगामी दोनों बड़े टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा है। एशिया कप 28 अगस्त से महिला एशिया कप 28 अगस्त से 5 सितंबर तक दुबई में खेला जाएगा। जेमिमा की जगह अब प्रतिका रावल भारतीय टीम का हिस्सा होंगी। एशियन गेम्स में भी नहीं खेलेंगी एशियन गेम्स का आयोजन जापान के नागोया में 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक होगा। महिला क्रिकेट मुकाबले टी-20 फॉर्मेट में खेले जाएंगे। जेमिमा इस टूर्नामेंट में भी भारतीय टीम का हिस्सा नहीं होंगी। एशिया कप के लिए भारत की टीम हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी. कमालिनी (विकेटकीपर), अरुंधति रेड्डी, प्रेमा रावत, राधा यादव, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़ और प्रतिका रावल।
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WTC Final

WTC Final 2027: श्रीलंका सीरीज बनेगी Turning Point, भारत को अब नहीं करनी होगी कोई बड़ी गलती

WTC Final 2027 में Team India पहुंचेगी या नहीं? यह सवाल अब भारतीय क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र में भारत की स्थिति उतनी मजबूत नहीं है, जितनी टीम और उसके समर्थक चाहेंगे। अब बचे हुए हर टेस्ट का महत्व बढ़ गया है और खासकर श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज भारत के अभियान की दिशा तय कर सकती है। भारत के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती Points Percentage को ऊपर ले जाने की है। इसके लिए टीम को आने वाले मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज करनी होगी। हालांकि, सिर्फ अपने मैचों का परिणाम ही काफी नहीं होगा, क्योंकि WTC में दूसरी टीमों के प्रदर्शन का असर भी अंतिम समीकरण पर पड़ता है। श्रीलंका सीरीज क्यों है इतनी महत्वपूर्ण? भारत को श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेलने हैं। यह दोनों मुकाबले WTC 2025-27 का हिस्सा हैं। ऐसे समय में जब भारत को फाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करनी है, श्रीलंका के खिलाफ सीरीज किसी बड़े मौके से कम नहीं है। अगर भारत दोनों टेस्ट जीतने में सफल रहता है तो उसे जरूरी अंक मिलेंगे और Points Percentage में भी सुधार होगा। इसके उलट श्रीलंका से हार भारत के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। यही वजह है कि भारतीय टीम के लिए इस सीरीज में शुरुआत से ही दबाव रहेगा। एक जीत राहत दे सकती है, लेकिन हार आगे की राह को और पेचीदा बना सकती है। क्या भारत को सभी 9 मैच जीतने होंगे? भारत के WTC अभियान में अभी नौ टेस्ट मैच बाकी हैं। फाइनल में जगह पक्की करने के लिए सभी नौ मैच जीतना सबसे मजबूत समीकरण जरूर होगा, लेकिन इसे सीधे तौर पर 100% क्वालिफिकेशन की गारंटी कहना सही नहीं है। WTC में टीमों की रैंकिंग Points Percentage (PCT) के आधार पर होती है। इसलिए भारत के अलावा बाकी दावेदारों के नतीजे भी काफी मायने रखते हैं। सीधी भाषा में समझें तो भारत जितने ज्यादा मैच जीतेगा, फाइनल की राह उतनी आसान होगी। वहीं कुछ हार के बाद टीम को दूसरी टीमों के नतीजों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। एक हार से खत्म नहीं होगी उम्मीद, लेकिन मुश्किल बढ़ेगी क्रिकेट में किसी एक मैच का नतीजा पूरी कहानी तय नहीं करता। इसलिए अगर भारत श्रीलंका के खिलाफ कोई मुकाबला हार भी जाता है तो WTC Final की उम्मीद तुरंत खत्म नहीं होगी। लेकिन इसके बाद टीम के पास गलती की गुंजाइश बहुत कम रह जाएगी। बाकी मुकाबलों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा और साथ ही दूसरी टीमों के परिणामों पर भी नजर रखनी पड़ेगी। यही वह स्थिति है जिससे भारतीय टीम बचना चाहेगी। आगे न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की चुनौती श्रीलंका के बाद भारत को न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम टेस्ट मुकाबले खेलने हैं। खासतौर पर Australia के खिलाफ Border-Gavaskar Trophy WTC पॉइंट्स टेबल में बड़ा बदलाव ला सकती है। ऑस्ट्रेलिया की परिस्थितियों में टेस्ट जीतना कभी आसान नहीं रहा है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए यह सीरीज WTC Final की रेस में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हो सकती है। अगर भारत श्रीलंका से अच्छी शुरुआत करता है और उसके बाद न्यूजीलैंड तथा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी जरूरी जीत हासिल करता है, तो फाइनल की उम्मीदें काफी मजबूत हो सकती हैं। Team India को अब क्या करना होगा? भारत के सामने फिलहाल सबसे सीधा रास्ता है—ज्यादा से ज्यादा टेस्ट जीतना और हार से बचना। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में जीत से शुरुआत, न्यूजीलैंड के खिलाफ मजबूत प्रदर्शन और ऑस्ट्रेलिया में अहम मुकाबलों में जीत भारत की स्थिति को काफी बेहतर कर सकती है। वहीं लगातार हार होने पर समीकरण तेजी से मुश्किल होते जाएंगे। WTC Final का टिकट अभी भी संभव भारतीय टीम के फैंस के लिए सबसे अच्छी खबर यही है कि WTC Final 2027 का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ है। टीम को बस आने वाले मुकाबलों में अपनी गलतियों से सीखते हुए लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा। फाइनल में पहुंचने के लिए कोई एक जादुई फॉर्मूला नहीं है। WTC की गणित में हर जीत और हर अंक महत्वपूर्ण होता है। इसलिए आने वाली श्रीलंका सीरीज से लेकर ऑस्ट्रेलिया दौरे तक हर टेस्ट भारत के लिए बेहद अहम रहने वाला है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India vs Afghanistan

India vs Afghanistan T20 Series: 13, 15 और 17 सितंबर को Delhi में मुकाबले, Bangladesh Tour अटका

भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए सितंबर का महीना एक बार फिर क्रिकेट के रोमांच से भरने वाला है। India vs Afghanistan T20 Series 2026 के तहत दोनों टीमें तीन मैचों में आमने-सामने होंगी। खास बात यह है कि तीनों मुकाबले नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाएंगे। मैच 13, 15 और 17 सितंबर को होंगे। इस सीरीज की घोषणा के साथ ही भारतीय क्रिकेट के शेड्यूल में एक नया मोड़ भी आ गया है। अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबलों की तारीखें सामने आने के बाद भारत के प्रस्तावित Bangladesh Tour पर संकट गहराता नजर आ रहा है। Delhi में लगातार तीन T20 मुकाबले भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली T20 सीरीज के तीनों मैच दिल्ली में खेले जाएंगे। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह किसी खास मौके से कम नहीं होगा, क्योंकि एक ही मैदान पर लगातार तीन मुकाबले देखने को मिलेंगे। India vs Afghanistan T20I Schedule: अफगानिस्तान को इस सीरीज का मेजबान माना जा रहा है, लेकिन घरेलू परिस्थितियों के चलते मुकाबले भारत में आयोजित किए जा रहे हैं। Bangladesh Tour पर क्यों आया संकट? अफगानिस्तान सीरीज की घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल भारत के बांग्लादेश दौरे को लेकर खड़ा हो गया है। भारत के सितंबर में बांग्लादेश दौरे का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन अब तारीखों में टकराव की स्थिति बन रही है। यही वजह है कि Bangladesh Tour 2026 को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। दौरे को बचाने के लिए कार्यक्रम में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन फिलहाल अंतिम तस्वीर साफ नहीं है। क्रिकेट कैलेंडर में भारत के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए दोनों सीरीज को एक साथ आयोजित करना आसान नहीं होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में BCCI और संबंधित क्रिकेट बोर्ड के बीच बातचीत पर सबकी नजर रहेगी। Asian Games से पहले टीम इंडिया के लिए अहम मौका अफगानिस्तान के खिलाफ यह T20 सीरीज भारतीय टीम के लिए सिर्फ तीन मुकाबलों तक सीमित नहीं होगी। सितंबर के बाद होने वाले Asian Games को देखते हुए ये मैच खिलाड़ियों को अपनी तैयारियों को परखने का मौका भी दे सकते हैं। T20 क्रिकेट में अफगानिस्तान की टीम पिछले कुछ वर्षों में मजबूत चुनौती बनकर सामने आई है। उसके पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैच का रुख कुछ ही ओवर में बदलने की क्षमता रखते हैं। इसलिए टीम इंडिया के लिए घरेलू मैदान पर भी मुकाबले आसान नहीं माने जा सकते। Fans की नजर अब Bangladesh Tour पर फिलहाल क्रिकेट फैंस के लिए सबसे बड़ा आकर्षण दिल्ली में होने वाली India-Afghanistan T20 सीरीज है। लेकिन इसके साथ ही सबकी नजर इस बात पर भी रहेगी कि भारत का Bangladesh Tour होगा या नहीं। अगर कार्यक्रम में बदलाव नहीं हुआ तो सितंबर का क्रिकेट कैलेंडर काफी दिलचस्प होने वाला है। एक तरफ दिल्ली में भारत-अफगानिस्तान की T20 भिड़ंत होगी, तो दूसरी ओर बांग्लादेश दौरे को लेकर लगातार अटकलें जारी रहेंगी। कुल मिलाकर, 13, 15 और 17 सितंबर को होने वाली India vs Afghanistan T20 Series ने भारतीय क्रिकेट के शेड्यूल को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि बांग्लादेश दौरे को लेकर बोर्ड क्या फैसला लेते हैं और टीम इंडिया का अगला सफर किस दिशा में जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज में दर्शकों को मिलेगी फ्री एंट्री, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड का बड़ा फैसला

भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने घोषणा की है कि दोनों टेस्ट मैचों में दर्शकों को फ्री एंट्री दी जाएगी। बोर्ड का उद्देश्य टेस्ट क्रिकेट के प्रति दर्शकों की रुचि बढ़ाना और स्टेडियम में अधिक से अधिक भीड़ जुटाना है। गॉल और कोलंबो में मिलेगी मुफ्त एंट्री भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मुकाबले के लिए दर्शकों को गेट नंबर-4 से निशुल्क प्रवेश मिलेगा। वहीं दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के एसएससी (SSC) मैदान में खेला जाएगा। यहां दर्शकों को गेट नंबर 3, 4, 5 और 7 से बिना टिकट प्रवेश दिया जाएगा। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने क्रिकेट प्रशंसकों से बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर टेस्ट क्रिकेट का समर्थन करने की अपील की है। टेस्ट मैचों में घट रही है दर्शकों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में उपमहाद्वीप में टेस्ट क्रिकेट के दौरान स्टेडियमों में दर्शकों की संख्या लगातार कम होती गई है। भारत के पिछले श्रीलंका दौरे और इसी वर्ष श्रीलंका में खेले गए अफगानिस्तान टेस्ट मैच में भी स्टैंड काफी हद तक खाली रहे थे। इसी स्थिति को देखते हुए श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने यह पहल की है। WTC के लिहाज से अहम है सीरीज भारत फिलहाल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है, जबकि श्रीलंका छठे नंबर पर मौजूद है। ऐसे में दोनों टीमों के लिए यह टेस्ट सीरीज WTC अंक तालिका के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 2017 में भारत ने किया था क्लीन स्वीप भारत ने श्रीलंका के अपने पिछले टेस्ट दौरे (2017) में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 से सीरीज अपने नाम की थी। श्रीलंका पर रहेगा वापसी का दबाव श्रीलंका की टीम इस सीरीज में वेस्टइंडीज के खिलाफ हाल ही में खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की हार के बाद उतर रही है। ऐसे में मेजबान टीम घरेलू मैदान पर वापसी करने की कोशिश करेगी, जबकि भारत की नजर WTC में अपनी स्थिति मजबूत करने पर होगी। क्रिकेट से जुड़ी हर बड़ी खबर और लाइव अपडेट्स के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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R Praggnanandhaa

R Praggnanandhaa ने रचा इतिहास, एक Round पहले बने Saint Louis Rapid & Blitz Champion

भारतीय शतरंज के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा (R Praggnanandhaa) ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने Saint Louis Rapid & Blitz 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। खास बात यह रही कि प्रज्ञानानंदा ने टूर्नामेंट का खिताब एक राउंड बाकी रहते ही पक्का कर लिया। सेंट लुइस में खेली गई इस प्रतियोगिता में दुनिया के कई दिग्गज शतरंज खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। ऐसे मजबूत मैदान में प्रज्ञानानंदा का लगातार बेहतर प्रदर्शन करना उनकी बढ़ती ताकत को दिखाता है। Rapid में बनाई मजबूत पकड़ टूर्नामेंट के Rapid चरण से ही प्रज्ञानानंदा ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी। नौ राउंड के Rapid मुकाबलों के बाद वह 12 अंकों के साथ सबसे आगे थे। उन्होंने कई अहम मुकाबलों में जीत दर्ज की, जबकि कुछ बाजियां ड्रॉ भी रहीं। Rapid में मिली बढ़त का फायदा उन्हें Blitz चरण में मिला। तेज रफ्तार वाले मुकाबलों में जहां एक छोटी गलती भी पूरा खेल बदल सकती है, वहां प्रज्ञानानंदा ने धैर्य बनाए रखा और जरूरी अंक हासिल करते रहे। Sindarov के खिलाफ ड्रॉ ने तय किया खिताब खिताब की दौड़ में उज़्बेकिस्तान के Javokhir Sindarov उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बने हुए थे। दोनों के बीच मुकाबले पर सबकी नजर थी। प्रज्ञानानंदा ने इस अहम मुकाबले में ड्रॉ हासिल किया और इसके बाद उनकी बढ़त इतनी मजबूत हो गई कि बाकी खिलाड़ियों के लिए उन्हें पीछे छोड़ना मुश्किल हो गया। एक राउंड अभी बाकी था, लेकिन प्रज्ञानानंदा ने चैंपियन बनने की जरूरी बढ़त हासिल कर ली थी। इसके साथ ही उन्होंने पहली बार Saint Louis Rapid & Blitz का खिताब अपने नाम किया। बड़े खिलाड़ियों के बीच दिखाया दम इस प्रतियोगिता में प्रज्ञानानंदा के सामने दुनिया के कई अनुभवी खिलाड़ी थे। Fabiano Caruana, Wesley So, Anish Giri, Levon Aronian, Vincent Keymer और Javokhir Sindarov जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी ने टूर्नामेंट को बेहद प्रतिस्पर्धी बना दिया था। ऐसे खिलाड़ियों के बीच शुरुआत से लेकर खिताब तक अपनी बढ़त बनाए रखना प्रज्ञानानंदा के प्रदर्शन की सबसे बड़ी खासियत रही। भारतीय Chess के लिए बड़ी उपलब्धि प्रज्ञानानंदा की इस जीत को सिर्फ एक टूर्नामेंट की सफलता के तौर पर नहीं देखा जा सकता। कम उम्र में उन्होंने दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार अपनी पहचान बनाई है। Saint Louis में मिली यह ट्रॉफी उनके करियर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव जोड़ती है। Rapid और Blitz जैसे तेज फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए सिर्फ आक्रामक खेल ही नहीं, बल्कि सटीक फैसले, समय का बेहतर इस्तेमाल और दबाव संभालने की क्षमता भी जरूरी होती है। प्रज्ञानानंदा ने पूरे टूर्नामेंट में इन पहलुओं पर मजबूत पकड़ दिखाई। Grand Chess Tour में भी बढ़ी उम्मीदें Saint Louis Rapid & Blitz में शानदार प्रदर्शन का असर Grand Chess Tour 2026 में उनकी स्थिति पर भी पड़ा है। इस जीत से प्रज्ञानानंदा का आत्मविश्वास निश्चित तौर पर बढ़ेगा और आने वाले मुकाबलों में भी उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। भारतीय शतरंज के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि प्रज्ञानानंदा लगातार उस पीढ़ी का हिस्सा बन रहे हैं जो दुनिया के सबसे बड़े Chess मंचों पर भारत की मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही है। एक राउंड पहले चैंपियन बनकर रचा इतिहास Saint Louis में प्रज्ञानानंदा ने सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं जीती, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में लगातार अच्छा खेल दिखाकर यह साबित किया कि वह अब दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। एक राउंड बाकी रहते Saint Louis Rapid & Blitz Champion बनना उनके करियर की यादगार उपलब्धियों में शामिल हो गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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