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अक्षर पटेल का ऑलराउंड शो, शुभमन गिल की कप्तानी पारी; भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर पहला वनडे जीता

बर्मिंघम। ऑलराउंडर अक्षर पटेल के शानदार प्रदर्शन और कप्तान शुभमन गिल की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को पहले वनडे मुकाबले में 6 विकेट से हराकर सीरीज में विजयी शुरुआत की। एजबेस्टन मैदान पर खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 262 रन बनाकर हासिल कर लिया। अक्षर पटेल ने नाबाद 57 रन बनाए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। कप्तान शुभमन गिल ने 80 रन बनाए, लेकिन मैच के दौरान क्रैम्प्स की समस्या के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। शुरुआती झटकों के बाद गिल ने संभाली पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने तीसरे विकेट के लिए 101 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम की पारी को संभाला। श्रेयस 35 रन बनाकर रनआउट हुए, जबकि केएल राहुल बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभालते हुए पांचवें विकेट के लिए 102 रन की अविजित साझेदारी की और भारत को शानदार जीत दिलाई। जो रूट और लियाम डॉसन ने इंग्लैंड को संभाला इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। इंग्लैंड की शुरुआत मजबूत रही और टीम ने 61 रन तक कोई विकेट नहीं गंवाया, लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए महज 19 रन के भीतर 5 विकेट झटक दिए। मध्यक्रम में जो रूट ने 76 रन और लियाम डॉसन ने 68 रन की अहम पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से निभाई अहम भूमिका भारतीय गेंदबाजों में अक्षर पटेल सबसे सफल रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट अपने नाम किए। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार ने 2-2 विकेट हासिल किए। जसप्रीत बुमराह और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली। गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अक्षर पटेल ने टीम इंडिया की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई और भारत ने सीरीज की शानदार शुरुआत की। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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IND vs ENG 1st ODI: जो रूट और लियाम डॉसन के अर्धशतक, इंग्लैंड ने भारत को दिया 259 रन का लक्ष्य

भारत और इंग्लैंड के बीच बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेले जा रहे पहले वनडे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत के सामने 259 रन का लक्ष्य रखा है। मेजबान टीम ने 47.5 ओवर में सभी विकेट खोकर 258 रन बनाए। इंग्लैंड की पारी में जो रूट और लियाम डॉसन ने शानदार अर्धशतकीय पारियां खेलीं। वहीं, भारतीय गेंदबाजों में अक्षर पटेल सबसे सफल रहे और उन्होंने चार विकेट अपने नाम किए। शानदार शुरुआत के बाद लड़खड़ाई इंग्लैंड इंग्लैंड ने तेज शुरुआत करते हुए बिना कोई विकेट गंवाए 61 रन बना लिए थे। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी की और महज 19 रन के भीतर इंग्लैंड के 5 विकेट गिरा दिए। मुश्किल समय में जो रूट और लियाम डॉसन ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 121 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। रूट ने 76 गेंदों में 76 रन, जबकि डॉसन ने 68 रन की उपयोगी पारी खेली। अक्षर पटेल ने झटके 4 विकेट भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती झटकों के बाद इंग्लैंड को बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचने दिया। भारत की पारी की शुरुआत 259 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 3 ओवर में बिना किसी नुकसान के 18 रन बना लिए हैं। रोहित शर्मा और कप्तान शुभमन गिल क्रीज पर मौजूद हैं। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, वॉशिंगटन सुंदर, केएल राहुल (विकेटकीपर), शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हरनूर बरार, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा। इंग्लैंड बेन डकेट, जैकब बेथेल, जो रूट, हैरी ब्रूक (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), सैम करन, विल जैक्स, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, जोश टंग, आदिल रशीद। क्रिकेट और खेल जगत की हर ताजा अपडेट के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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FIFA World Cup 2026

FIFA World Cup 2026: France vs Spain का हाई-वोल्टेज Semifinal, 20 साल पुरानी राइवलरी फिर होगी ताजा

FIFA World Cup 2026 अब अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है। फुटबॉल प्रेमियों की नजरें मंगलवार को अमेरिका के डलास स्थित AT&T Stadium पर टिकी होंगी, जहां टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल France और Spain के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला सिर्फ फाइनल में पहुंचने की जंग नहीं है, बल्कि दो ऐसी टीमों की भिड़ंत भी है, जिन्होंने पिछले कई वर्षों में विश्व फुटबॉल पर अपनी अलग छाप छोड़ी है। इस मैच की सबसे खास बात यह है कि फ्रांस और स्पेन 20 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबले में आमने-सामने होंगे। आखिरी बार दोनों टीमें 2006 विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में भिड़ी थीं, जहां फ्रांस ने 3-1 से जीत दर्ज कर स्पेन का सफर समाप्त कर दिया था। 20 साल पुरानी यादें फिर होंगी ताजा 2006 के उस मुकाबले में जिदान की कप्तानी वाली फ्रांस टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था। अब दो दशक बाद तस्वीर बदल चुकी है। दोनों टीमों में नए सितारे हैं, नई रणनीतियां हैं और लक्ष्य सिर्फ एक—विश्व कप के फाइनल में जगह बनाना। फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि दोनों टीमें इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं और पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम चार तक पहुंची हैं। Mbappe vs Lamine Yamal: मैच का सबसे बड़ा आकर्षण अगर इस सेमीफाइनल की सबसे बड़ी व्यक्तिगत टक्कर की बात करें तो सभी की नजरें किलियन एम्बाप्पे और लामिन यमाल पर रहेंगी। फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे इस विश्व कप में अब तक 8 गोल कर चुके हैं। उनकी गति, शानदार फिनिशिंग और बड़े मैचों में दबाव झेलने की क्षमता फ्रांस की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। गोल्डन बूट की रेस में भी वे सबसे आगे हैं। वहीं, स्पेन के युवा स्टार लामिन यमाल ने अपनी तेज रफ्तार, बेहतरीन ड्रिब्लिंग और आक्रामक खेल से दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों का दिल जीत लिया है। कम उम्र में जिस आत्मविश्वास के साथ वह बड़े मुकाबले खेल रहे हैं, उसने उन्हें इस टूर्नामेंट के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। दोनों टीमों का सेमीफाइनल तक का सफर फ्रांस ने पूरे टूर्नामेंट में संतुलित प्रदर्शन किया है। मजबूत डिफेंस और तेज काउंटर अटैक के दम पर टीम ने हर चुनौती का सामना किया। क्वार्टर फाइनल में मोरक्को को हराकर फ्रांस ने अंतिम चार में जगह बनाई। दूसरी ओर, स्पेन ने अपनी पारंपरिक पासिंग फुटबॉल और युवा खिलाड़ियों के दम पर शानदार प्रदर्शन किया। बेल्जियम के खिलाफ क्वार्टर फाइनल जीतने के बाद टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ सेमीफाइनल में उतरेगी। फ्रांस बनाएगा रिकॉर्ड या स्पेन लिखेगा नया इतिहास? फ्रांस के पास लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने का मौका है। अगर टीम जीत हासिल करती है तो यह आधुनिक फुटबॉल के सबसे बड़े रिकॉर्ड्स में शामिल होगा। वहीं स्पेन की कोशिश 2010 के बाद एक बार फिर विश्व कप ट्रॉफी जीतने की उम्मीदों को मजबूत करने की होगी। युवा खिलाड़ियों से सजी टीम के पास इतिहास बदलने का सुनहरा अवसर है। डलास में होगा हाई-वोल्टेज मुकाबला अमेरिका का AT&T Stadium इस महामुकाबले का गवाह बनेगा। स्टेडियम में हजारों दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है, जबकि दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल फैंस टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस मैच को देखेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुकाबला केवल स्टार खिलाड़ियों का नहीं, बल्कि दोनों कोचों की रणनीति की भी परीक्षा होगी। जहां फ्रांस तेज काउंटर अटैक पर भरोसा करेगा, वहीं स्पेन गेंद पर नियंत्रण रखते हुए विपक्षी टीम पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश करेगा। फाइनल का टिकट दांव पर इस मुकाबले की विजेता टीम सीधे FIFA World Cup 2026 Final में पहुंचेगी, जहां उसका सामना दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा। ऐसे में दोनों टीमों के लिए यह मैच किसी फाइनल से कम नहीं है। फुटबॉल प्रेमियों को उम्मीद है कि France vs Spain का यह मुकाबला रोमांच, गति, शानदार गोल और यादगार पलों से भरपूर होगा। एक ओर एम्बाप्पे का अनुभव है तो दूसरी ओर यमाल का युवा जोश। अब देखना दिलचस्प होगा कि डलास की इस जंग में जीत किसकी होती है और विश्व कप ट्रॉफी की ओर एक कदम आगे कौन बढ़ाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India

India vs England ODI Series: Bumrah की Comeback Story, Rohit-Virat की वापसी से Team India हुई मजबूत

India और England के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज मंगलवार को एजबेस्टन (Edgbaston), बर्मिंघम में होगा। टी20 सीरीज के बाद अब दोनों टीमें 50 ओवर के फॉर्मेट में आमने-सामने होंगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस मुकाबले पर इसलिए भी टिकी हैं क्योंकि भारतीय टीम में कई बड़े खिलाड़ियों की वापसी हो रही है। खास तौर पर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली लंबे समय बाद एक साथ वनडे टीम का हिस्सा होंगे। 968 दिन बाद ODI क्रिकेट खेलेंगे Jasprit Bumrah भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह करीब 968 दिनों के लंबे इंतजार के बाद वनडे क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं। उन्होंने अपना पिछला वनडे मुकाबला 2023 विश्व कप के फाइनल में खेला था। चोट से उबरने के बाद उनकी वापसी भारतीय गेंदबाजी के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। नई गेंद से विकेट लेने की उनकी क्षमता इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाजी के सामने टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकती है। Rohit Sharma और Virat Kohli की वापसी से बढ़ा अनुभव इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी ने भारतीय टीम को और मजबूत बना दिया है। दोनों दिग्गज बल्लेबाज लंबे समय से भारत के वनडे अभियान की रीढ़ रहे हैं। इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इन दोनों खिलाड़ियों का अनुभव टीम के लिए बेहद अहम रहेगा। फैंस को उम्मीद है कि दोनों खिलाड़ी एक बार फिर बड़ी पारियां खेलकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाएंगे। Team India के पास लगातार छठी जीत का मौका भारत का हालिया रिकॉर्ड इंग्लैंड के खिलाफ शानदार रहा है। टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने पिछले पांच वनडे मुकाबले लगातार जीते हैं। ऐसे में भारतीय टीम जीत की इस लय को बरकरार रखते हुए लगातार छठी जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। दूसरी ओर मेजबान इंग्लैंड घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर भारत के विजयी अभियान को रोकना चाहेगा। England ने भी तैयार की मजबूत Playing XI इंग्लैंड ने पहले वनडे के लिए संतुलित टीम चुनी है। अनुभवी बल्लेबाज जो रूट की वापसी से मध्यक्रम मजबूत हुआ है, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर अपने करियर का 200वां वनडे मैच खेलने उतरेंगे। घरेलू मैदान पर इंग्लैंड भारतीय टीम को कड़ी चुनौती देने की पूरी कोशिश करेगा। दोनों टीमों के बीच होगी हाई-वोल्टेज टक्कर भारत और इंग्लैंड के बीच मुकाबले हमेशा रोमांच से भरपूर रहे हैं। एक ओर टीम इंडिया अनुभवी खिलाड़ियों और मजबूत गेंदबाजी के दम पर जीत हासिल करना चाहेगी, वहीं इंग्लैंड घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन कर सीरीज की विजयी शुरुआत करना चाहेगा। एजबेस्टन में होने वाला पहला वनडे दोनों टीमों के लिए सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि आगामी बड़े आईसीसी टूर्नामेंटों की तैयारियों का अहम पड़ाव भी माना जा रहा है। क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें अब इस बात पर रहेंगी कि क्या जसप्रीत बुमराह अपनी वापसी को यादगार बना पाएंगे, रोहित शर्मा और विराट कोहली बल्ले से दम दिखाएंगे और टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ लगातार छठी वनडे जीत दर्ज कर पाएगी या नहीं।
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भारत ने लॉर्ड्स में रचा इतिहास: इंग्लैंड को 270 रन से हराकर जीता पहला महिला टेस्ट

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के इतिहास में नया अध्याय लिख दिया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को 270 रन से हराकर लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। भारत ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान इंग्लैंड को पूरी तरह मात दी। यह रनों के लिहाज से भारतीय महिला टीम की दूसरी सबसे बड़ी टेस्ट जीत भी है। इंग्लैंड की धरती पर कायम रहा अजेय रिकॉर्ड भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड में अब तक खेले गए 11 टेस्ट मैचों में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया है। इससे पहले भारत ने वर्ष 2023 में भी इंग्लैंड को 347 रन से हराकर अपनी सबसे बड़ी टेस्ट जीत दर्ज की थी। मैच का हाल पहली पारी में भारत ने 285 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की टीम 170 रन पर सिमट गई, जिससे भारत को 115 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में भारत ने 341/7 के स्कोर पर पारी घोषित की और इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की पूरी टीम 186 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने मुकाबला 270 रन से अपने नाम कर लिया। मैच की 3 सबसे बड़ी बातें पहली पारी में मंधाना, हरमनप्रीत और दीप्ति का दम इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शेफाली वर्मा बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद स्मृति मंधाना (83), हरमनप्रीत कौर (58) और दीप्ति शर्मा (57) की शानदार पारियों की बदौलत भारत ने 285 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन और लॉरेन फिलर ने दो-दो विकेट लिए। क्रांति गौड़ की घातक गेंदबाजी इंग्लैंड की पहली पारी सिर्फ 170 रन पर सिमट गई। भारत की ओर से क्रांति गौड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके। सयाली सतघारे और स्नेह राणा ने दो-दो विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा को एक सफलता मिली। इंग्लैंड के लिए एमी जोन्स ने 52 और कप्तान नेट सिवर-ब्रंट ने 44 रन बनाए। यस्तिका भाटिया ने खेली ऐतिहासिक पारी दूसरी पारी में भारत को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने 88 रन की मजबूत शुरुआत दिलाई। इसके बाद यस्तिका भाटिया ने 113 रन की शानदार पारी खेलते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने स्मृति मंधाना के साथ 73 और दीप्ति शर्मा के साथ 52 रन की अहम साझेदारी की। अंत में ऋचा घोष ने नाबाद 50 और सयाली सतघारे ने नाबाद 18 रन बनाकर भारत का स्कोर 341/7 तक पहुंचाया। इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन ने पांच विकेट लिए। चौथे दिन स्पिनरों ने दिलाई जीत 457 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। शीर्ष क्रम जल्दी पवेलियन लौट गया। हालांकि एमी जोन्स (54) और सोफी एक्लेस्टोन (50) ने संघर्ष किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने उनकी कोशिश नाकाफी साबित हुई। भारत की ओर से स्नेह राणा ने चार विकेट लिए, जबकि क्रांति गौड़, सयाली सतघारे और दीप्ति शर्मा ने दो-दो विकेट लेकर इंग्लैंड की पारी 186 रन पर समेट दी। सचिन तेंदुलकर ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला मैच के चौथे दिन महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी लॉर्ड्स पहुंचे और भारतीय महिला टीम से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। ब्रॉडकास्ट के दौरान इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज निक नाइट ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए इससे बड़ा पल नहीं हो सकता कि सचिन तेंदुलकर खुद मैदान पर आकर टीम का हौसला बढ़ा रहे हैं। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal
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CSK में बड़े बदलाव की तैयारी: महेंद्र सिंह धोनी बन सकते हैं मेंटर, संजू सैमसन कप्तानी की रेस में आगे

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) में अगले आईपीएल सीजन से पहले बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रेंचाइजी महेंद्र सिंह धोनी को टीम का नया मेंटर बनाने पर विचार कर रही है। यह चर्चा ऐसे समय में सामने आई है, जब लंबे समय तक टीम के हेड कोच रहे स्टीफन फ्लेमिंग ने 18 साल बाद फ्रेंचाइजी का साथ छोड़ दिया है। सूत्रों के अनुसार, CSK प्रबंधन धोनी को मेंटर की जिम्मेदारी सौंपना चाहता है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला उनकी सहमति के बाद ही लिया जाएगा। खिलाड़ी के रूप में जारी रखना चाहें तो होगा सम्मान रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि महेंद्र सिंह धोनी खिलाड़ी के रूप में टीम से जुड़े रहना चाहते हैं, तो फ्रेंचाइजी उनके फैसले का पूरा सम्मान करेगी। पिछले आईपीएल सीजन में घुटने की चोट के कारण धोनी एक भी मुकाबला नहीं खेल सके थे। ऐसे में अब उनके भविष्य को लेकर सभी की नजरें CSK प्रबंधन के फैसले पर टिकी हैं। कप्तानी में भी हो सकता है बदलाव चेन्नई सुपर किंग्स नए कप्तान की तलाश भी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, संजू सैमसन इस जिम्मेदारी के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। पिछले सीजन में ऋतुराज गायकवाड़ ने टीम की कप्तानी संभाली थी, लेकिन खराब प्रदर्शन के बाद फ्रेंचाइजी नेतृत्व में बदलाव पर विचार कर रही है। IPL के सबसे सफल कप्तानों में शामिल हैं धोनी महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाते हैं। वह लीग में 100 मैच जीतने वाले पहले और इकलौते कप्तान हैं। धोनी ने अब तक 226 आईपीएल मैचों में कप्तानी की है, जो किसी भी कप्तान द्वारा सबसे ज्यादा है। इस सूची में दूसरे स्थान पर रोहित शर्मा हैं, जिन्होंने 158 मैचों में कप्तानी की है। धोनी की कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स ने 2023 में अपना पांचवां आईपीएल खिताब जीता था। कप्तान के रूप में उन्होंने टीम को 133 जीत दिलाई, जबकि 91 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने अब तक 278 मुकाबले खेले हैं। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए 5439 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 38.30 रहा और उन्होंने 24 अर्धशतक लगाए। विकेटकीपर के तौर पर उनके नाम 47 स्टंपिंग और 158 कैच भी दर्ज हैं। खराब प्रदर्शन के बाद बदलाव की तैयारी CSK ने अपना आखिरी आईपीएल खिताब वर्ष 2023 में जीता था। इसके बाद टीम का प्रदर्शन लगातार गिरता गया। लगातार खराब प्रदर्शन के बाद फ्रेंचाइजी टीम प्रबंधन में बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रही है। 18 साल बाद स्टीफन फ्लेमिंग की विदाई सोमवार को चेन्नई सुपर किंग्स ने सोशल मीडिया के जरिए पुष्टि की कि स्टीफन फ्लेमिंग अब टीम के हेड कोच नहीं रहेंगे। फ्लेमिंग वर्ष 2009 से इस जिम्मेदारी में थे और उनकी कोचिंग में CSK ने पांच आईपीएल खिताब अपने नाम किए। फ्रेंचाइजी ने बताया कि दोनों पक्षों की आपसी सहमति से यह फैसला लिया गया है। हेमंग बदानी भी नए कोच की दौड़ में सूत्रों के अनुसार, टीम प्रबंधन अगले कुछ महीनों में घरेलू क्रिकेट पर भी नजर रखेगा और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेगा। इसके बाद नए हेड कोच, कप्तान और टीम से जुड़े अन्य अहम फैसले लिए जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली कैपिटल्स के कोच हेमंग बदानी का नाम भी CSK के नए हेड कोच की रेस में शामिल है। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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ब्रेंडन मैकुलम इंग्लैंड के टेस्ट कोच पद से हटाए गए, ‘बैजबॉल’ युग का अंत

इंग्लैंड क्रिकेट टीम के टेस्ट कोच ब्रेंडन मैकुलम को उनके पद से हटा दिया गया है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने रविवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि एशेज सीरीज से पहले टीम में बदलाव का यह सही समय है। हालांकि, मैकुलम इंग्लैंड की व्हाइट-बॉल (वनडे और टी-20) टीम के मुख्य कोच बने रहेंगे। लगातार हार के बाद लिया गया फैसला मैकुलम की कोचिंग में इंग्लैंड की टेस्ट टीम का हालिया प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। टीम ने अपने आखिरी 9 टेस्ट मैचों में से 7 मुकाबले गंवा दिए। वहीं, दो सप्ताह पहले न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को उसके घर में 2-1 से टेस्ट सीरीज हराई थी। सीरीज हारने के बाद कप्तान बेन स्टोक्स ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया। इसके साथ ही चार साल से चर्चा में रहा ‘बैजबॉल’ दौर भी खत्म हो गया। मैकुलम बोले- फैसले का सम्मान करता हूं पद से हटाए जाने के बाद ब्रेंडन मैकुलम ने कहा कि टेस्ट टीम के साथ बिताया गया समय उनके करियर का शानदार अनुभव रहा। उन्होंने कहा, “मैंने टेस्ट टीम को कोच करना बेहद पसंद किया। हमने साथ मिलकर कई यादगार उपलब्धियां हासिल कीं। यह फैसला दुखद जरूर है, लेकिन मैं इसका सम्मान करता हूं। अब मेरा पूरा ध्यान व्हाइट-बॉल टीम पर रहेगा।” 2022 में शुरू हुआ था बैजबॉल युग ब्रेंडन मैकुलम ने 2022 में बेन स्टोक्स के कप्तान बनने के साथ इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कमान संभाली थी। उनकी शुरुआत शानदार रही और टीम ने शुरुआती 11 में से 10 टेस्ट मैच जीते। हालांकि, बाद में प्रदर्शन लगातार गिरता गया। बतौर टेस्ट कोच उन्होंने कुल 49 मैचों में इंग्लैंड का मार्गदर्शन किया, जिसमें टीम ने 27 मुकाबले जीते, 20 हारे और 2 टेस्ट ड्रॉ रहे। दिलचस्प बात यह रही कि मैकुलम ने अपने कोचिंग करियर की शुरुआत न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-0 की सीरीज जीत से की थी। वहीं, अंत भी न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-1 की हार के साथ हुआ। क्या था ‘बैजबॉल’? मैकुलम के आने से पहले इंग्लैंड ने 17 टेस्ट मैचों में केवल एक जीत दर्ज की थी। ऐसे में उन्होंने खिलाड़ियों से निडर होकर आक्रामक बल्लेबाजी करने को कहा। उनका मानना था कि स्कोर, पिच या परिस्थिति चाहे जैसी हो, टीम को हमेशा जीत के लिए सकारात्मक क्रिकेट खेलना चाहिए। ब्रेंडन मैकुलम का निकनेम ‘बैज’ (Baz) है, इसलिए इस रणनीति को ‘बैजबॉल’ नाम दिया गया। इस आक्रामक सोच ने टेस्ट क्रिकेट को नया रोमांच दिया और इंग्लैंड ने कई यादगार जीत दर्ज कीं। बैजबॉल से मिली कई ऐतिहासिक जीत बैजबॉल के दौर में इंग्लैंड ने कई बड़े लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किए। कई बार आक्रामक रणनीति पड़ी भारी हालांकि, यही आक्रामक शैली कई मौकों पर इंग्लैंड की हार का कारण भी बनी। 2023 एशेज के पहले टेस्ट में समय से पहले पारी घोषित करने का फैसला उल्टा पड़ गया और ऑस्ट्रेलिया ने रोमांचक जीत दर्ज की। वेलिंग्टन टेस्ट में जीत के बेहद करीब पहुंचने के बावजूद इंग्लैंड केवल एक रन से हार गया। वहीं, 2025 में भारत के खिलाफ ओवल टेस्ट में भी बल्लेबाजों ने अनावश्यक आक्रामक शॉट खेलकर मैच गंवा दिया। इंग्लैंड के सामने नई चुनौती बेन स्टोक्स के संन्यास और ब्रेंडन मैकुलम के हटने के बाद इंग्लैंड की टेस्ट टीम फिलहाल बिना नियमित कप्तान और बिना मुख्य कोच के है। ECB ने नए टेस्ट हेड कोच की तलाश शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एंड्रयू फ्लिंटॉफ, रिचर्ड डॉसन, रयान कैंपबेल और जस्टिन लैंगर इस पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं, कप्तानी की दौड़ में हैरी ब्रूक सबसे आगे बताए जा रहे हैं। क्या अब खत्म हो जाएगा बैजबॉल? मैकुलम और स्टोक्स के जाने के बाद इंग्लैंड की टेस्ट रणनीति में बदलाव देखने को मिल सकता है। माना जा रहा है कि एशेज 2027 को ध्यान में रखते हुए टीम अब सीमिंग पिचों पर ज्यादा फोकस करेगी और बल्लेबाजी का तरीका भी बदल सकता है। हालांकि, टीम की नई दिशा काफी हद तक नए कप्तान और नए मुख्य कोच की सोच पर निर्भर करेगी। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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इंग्लैंड और आयरलैंड से लगातार हार के बाद टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव संभव, BCCI करेगा समीक्षा

इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार दो टी-20 सीरीज गंवाने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट और बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल का कार्यकाल जल्द समाप्त होने वाला है। ऐसे में दोनों के टीम से बाहर होने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि दोनों का मौजूदा अनुबंध इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खत्म होने के बाद समाप्त हो जाएगा। इसके बाद BCCI टीम और सपोर्ट स्टाफ के प्रदर्शन की समीक्षा करेगा। खराब प्रदर्शन और फील्डिंग बनी चिंता लगातार हार के साथ-साथ टीम इंडिया की कमजोर फील्डिंग भी बोर्ड की चिंता का कारण बनी हुई है। इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने 10 से ज्यादा कैच छोड़े। ऐसे में फील्डिंग कोच टी. दिलीप की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले साल टी. दिलीप को बल्लेबाजी कोच अभिषेक नायर के साथ हटाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें फिर से जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। लगातार यात्रा से खुश नहीं हैं रयान टेन डोशेट रिपोर्ट्स के अनुसार, रयान टेन डोशेट पूरे साल भारतीय टीम के साथ लगातार यात्रा करने से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने अपनी यह बात BCCI के सामने भी रखी है। साथ ही, उनके किसी आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ जुड़ने की भी चर्चा है। दूसरी ओर, बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल भी अपने भविष्य को लेकर दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। लक्ष्मीपति बालाजी को मिल सकती है नई जिम्मेदारी यदि रयान टेन डोशेट और मोर्ने मोर्कल टीम से अलग होते हैं, तो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के नए फास्ट बॉलिंग कोच लक्ष्मीपति बालाजी को श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के साथ भेजा जा सकता है। भारत अगस्त की शुरुआत में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा। वहीं, जुलाई के आखिर में जिम्बाब्वे दौरे पर होने वाली टी-20 सीरीज में वीवीएस लक्ष्मण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कोचिंग स्टाफ के साथ टीम की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। गौतम गंभीर ने चुने थे दोनों कोच रयान टेन डोशेट और मोर्ने मोर्कल को गौतम गंभीर ने जुलाई 2024 में टीम इंडिया का मुख्य कोच बनने के बाद अपने सपोर्ट स्टाफ में शामिल किया था। इससे पहले बल्लेबाजी कोच अभिषेक नायर की जगह सितांशु कोटक को जिम्मेदारी दी जा चुकी है। अब इंग्लैंड दौरे के बाद गंभीर के सपोर्ट स्टाफ में एक और बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। गौतम गंभीर की कोचिंग में मिला मिला-जुला प्रदर्शन गौतम गंभीर की कोचिंग में सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा है। हालांकि, इसके बाद भारत को लगातार आयरलैंड (2-0) और इंग्लैंड (4-0) के खिलाफ टी-20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन रहा निराशाजनक टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत ने 18 टेस्ट मैचों में केवल 6 जीत दर्ज की। टीम को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में हार मिली। इसके अलावा, भारत करीब 10 साल बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी गंवा बैठा। 12 साल बाद इंग्लैंड ने जीती टी-20 सीरीज साल 2014 के बाद पहली बार इंग्लैंड ने भारत को टी-20 सीरीज में हराया। दोनों देशों के बीच अब तक 10 टी-20 सीरीज खेली जा चुकी हैं। इनमें भारत ने 5 और इंग्लैंड ने 4 सीरीज जीती हैं, जबकि एक सीरीज ड्रॉ रही। पहली बार आयरलैंड से भी हारा भारत इंग्लैंड से पहले भारतीय टीम को पहली बार आयरलैंड के खिलाफ भी टी-20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। दो मैचों की यह सीरीज आयरलैंड ने 2-0 से अपने नाम की। इससे पहले भारत को आखिरी बार 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 सीरीज में हार मिली थी। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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लॉर्ड्स टेस्ट: यस्तिका भाटिया के ऐतिहासिक शतक से भारत मजबूत, 420 रन की बढ़त

लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेले जा रहे एकमात्र महिला टेस्ट मैच में भारतीय महिला टीम ने मुकाबले पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। तीसरे दिन के दूसरे सत्र तक भारत ने अपनी दूसरी पारी में 7 विकेट के नुकसान पर 305 रन बना लिए हैं। इसके साथ ही टीम की कुल बढ़त 420 रन पहुंच गई है। इस मुकाबले की सबसे बड़ी स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज यस्तिका भाटिया रहीं। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 158 गेंदों में 113 रन बनाए और इतिहास रच दिया। यस्तिका लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। यस्तिका ने रचा इतिहास यस्तिका भाटिया ने 145 गेंदों में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया। अपनी 113 रन की पारी में उन्होंने 14 शानदार चौके लगाए। उन्होंने पहले स्मृति मंधाना के साथ 73 रन और फिर दीप्ति शर्मा के साथ 52 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर भारत की बढ़त को मजबूत किया। स्मृति मंधाना का लगातार दूसरा अर्धशतक सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 130 गेंदों में 70 रन की शानदार पारी खेली। इससे पहले पहली पारी में भी उन्होंने 83 रन बनाए थे। वहीं, शेफाली वर्मा ने 33 रन का योगदान दिया। भारत ने तीसरे दिन की शुरुआत 154/1 के स्कोर से की थी। इसके बाद स्मृति मंधाना (70), जेमिमा रोड्रिग्स (3) और कप्तान हरमनप्रीत कौर (16) जल्दी आउट हो गईं। हालांकि, यस्तिका भाटिया ने पारी को संभालते हुए शतकीय पारी खेली। वह 113 रन बनाकर सोफी एक्लेस्टोन की गेंद पर आउट हुईं। इसके बाद दीप्ति शर्मा 10 रन और स्नेह राणा 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। फिलहाल ऋचा घोष 31 रन और सायली सतघारे 1 रन बनाकर नाबाद हैं। सोफी एक्लेस्टोन ने झटके पांच विकेट इंग्लैंड की स्टार स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने दूसरी पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट अपने नाम किए। उन्होंने हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा, यस्तिका भाटिया और स्नेह राणा समेत पांच भारतीय बल्लेबाजों को आउट किया। वहीं, लॉरेन बेल ने दो विकेट हासिल किए। भारत की 420 रन की बढ़त को देखते हुए मैच में उसकी स्थिति काफी मजबूत नजर आ रही है। अब इंग्लैंड के सामने इस मुकाबले में वापसी करना बड़ी चुनौती होगी। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें deshharpal.com
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T20

India T20 Series Loss: England के सामने बिखरी Team India, 4-0 से गंवाई सीरीज, नंबर-1 Ranking भी गई

India और England के बीच खेली गई पांच मैचों की T20 सीरीज का अंत टीम इंडिया के लिए बेहद निराशाजनक रहा। पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया, लेकिन बाकी चार मैचों में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को हर बार मात दी। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली, जबकि भारतीय टीम के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया जिसे वह लंबे समय तक याद नहीं रखना चाहेगी। यह पहली बार है जब भारत किसी द्विपक्षीय टी20 सीरीज में लगातार चार मुकाबले हार गया है। पूरी सीरीज में इंग्लैंड ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में बेहतर खेल दिखाया। ट्रैफिक जाम ने बढ़ाई Team India की परेशानी सीरीज का आखिरी मुकाबला शुरू होने से पहले भारतीय टीम को एक अलग तरह की चुनौती का सामना करना पड़ा। स्टेडियम पहुंचने के दौरान टीम की बस भारी ट्रैफिक जाम में फंस गई। इसके चलते खिलाड़ी तय समय पर मैदान नहीं पहुंच सके और मैच की शुरुआत भी कुछ देर से करनी पड़ी। हालांकि यह देरी हार का कारण नहीं कही जा सकती, लेकिन मुकाबले से पहले खिलाड़ियों की तैयारियों पर इसका असर जरूर देखने को मिला। Buttler और Harry Brook ने भारत के खिलाफ रचा नया इतिहास टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। शुरुआती विकेट गिरने के बाद जोस बटलर और कप्तान हैरी ब्रूक ने भारतीय गेंदबाजों पर पूरी तरह दबाव बना दिया। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 233 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो भारत के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की सबसे बड़ी साझेदारियों में शामिल हो गई। बटलर ने 64 गेंदों में 131 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि हैरी ब्रूक ने 45 गेंदों में नाबाद 95 रन बनाए। इन दोनों की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत इंग्लैंड ने 20 ओवर में 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसने भारत के सामने बेहद कठिन लक्ष्य रख दिया। लक्ष्य बड़ा था, भारत की कोशिश छोटी पड़ गई 258 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम को तेज शुरुआत की जरूरत थी, लेकिन शुरुआती झटकों ने उसकी योजना बिगाड़ दी। ईशान किशन और तिलक वर्मा ने अच्छी बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक जरूर लगाए, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। मध्यक्रम बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहा और रन गति भी लगातार बढ़ती चली गई। आखिरकार भारत निर्धारित 20 ओवर में 201 रन ही बना सका और मुकाबला 56 रन से हार गया। सीरीज हार के साथ गंवाई नंबर-1 Ranking इस हार का असर सिर्फ सीरीज तक सीमित नहीं रहा। आईसीसी टी20 रैंकिंग में भी भारत को नुकसान उठाना पड़ा। इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन के दम पर शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि भारत नंबर-1 की कुर्सी से नीचे खिसक गया। इंग्लैंड के लिए यह जीत सिर्फ एक सीरीज जीत नहीं बल्कि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाली सफलता भी मानी जा रही है। भारत के लिए सीख, इंग्लैंड के लिए आत्मविश्वास पूरी सीरीज में भारतीय टीम कई मौकों पर दबाव में दिखाई दी। गेंदबाज बड़े स्कोर रोकने में सफल नहीं रहे, जबकि बल्लेबाजी भी लगातार अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी। दूसरी ओर इंग्लैंड ने हर मैच में संतुलित प्रदर्शन करते हुए साबित किया कि घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने में वह कितनी मजबूत टीम है। अब टीम इंडिया की नजर आगामी वनडे सीरीज पर होगी, जहां उसके पास वापसी करने और टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ने का अच्छा मौका रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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