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खड़गे

Political Row खड़गे बोले “मोदी आतंकवादी”, फिर कहा- गलत समझा गया बयान

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान ने देश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए “आतंकवादी” शब्द का इस्तेमाल किया, जिसके बाद राजनीतिक माहौल तेजी से गरमा गया और सत्ता पक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद खड़गे ने खुद सामने आकर सफाई दी और कहा कि उनका ऐसा कोई मतलब नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है और शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया। खड़गे के मुताबिक, उनका इशारा किसी व्यक्ति को “आतंकवादी” कहने का नहीं था, बल्कि सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर विपक्षी दलों और आम लोगों को डराने-धमकाने की राजनीति करने के आरोपों की ओर था। उन्होंने कहा कि उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जिससे गलतफहमी फैल गई। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और खड़गे पर हमला बोलते हुए इसे आपत्तिजनक बयान बताया है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि विपक्षी नेताओं के बयानों को अक्सर संदर्भ से हटाकर पेश किया जाता है। पूरा मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है, जहां दोनों दल अपने-अपने पक्ष में तर्क दे रहे हैं और बयान को लेकर सियासी टकराव जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sabarimala

Sabarimala Case “मूर्ति छूना ईश्वर का अपमान कैसे?” सुप्रीम कोर्ट में नई बहस

सुप्रीम कोर्ट में सबरीमाला (Sabarimala) मंदिर से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान एक बार फिर आस्था, परंपरा और कानून के बीच संतुलन को लेकर गहन बहस देखने को मिली। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाया कि आखिर “मूर्ति को छूना ईश्वर का अपमान कैसे माना जा सकता है?” इस टिप्पणी ने पूरे मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। क्या है पूरा Sabarimala Temple Case? Sabarimala मंदिर के नियमों को लेकर यह विवाद वर्षों से चला आ रहा है। परंपरा के अनुसार, 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर रोक रही है। इस नियम को लेकर पहले भी देशभर में विरोध प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई हो चुकी है। अब एक बार फिर यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जहां अदालत धार्मिक परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन तलाश रही है। “भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी” – मंदिर पक्ष की दलील सुनवाई के दौरान सबरीमाला मंदिर पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि भगवान अयप्पा को ब्रह्मचारी स्वरूप में पूजा जाता है। इसलिए उनकी पूजा पद्धति में विशेष नियम और शुद्धता का पालन किया जाता है। वकील ने कहा कि यह परंपरा कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि सदियों से चली आ रही आस्था और धार्मिक विश्वास का हिस्सा है, जिसे उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए। कोर्ट का सवाल और बड़ी बहस सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण सवाल उठाया कि यदि मूर्ति को छूना ईश्वर का अपमान नहीं माना जा सकता, तो फिर पूजा की परंपराओं में ऐसे नियम क्यों बनाए गए हैं? यह टिप्पणी मामले को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि संवैधानिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण बना देती है। आस्था बनाम अधिकार – फिर सामने पुरानी बहस यह मामला एक बार फिर उसी पुराने सवाल को सामने लाता है जहां एक तरफ धार्मिक परंपराएं और आस्था है, तो दूसरी तरफ समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार। समाज के अलग-अलग वर्ग इस मुद्दे को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील बन जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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केजरीवाल

Breaking न्यायपालिका बनाम राजनीति? केजरीवाल की याचिका खारिज, हाईकोर्ट का सख्त संदेश

दिल्ली के बहुचर्चित शराब नीति (Excise Policy) मामले में केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को बड़ा झटका लगा है। Delhi High Court ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने जस्टिस Swarana Kanta Sharma को मामले की सुनवाई से अलग (recuse) करने की मांग की थी। अदालत ने अपने फैसले में बेहद कड़े शब्दों में कहा कि—“कोई भी पक्ष, खासकर एक राजनेता, यह तय नहीं कर सकता कि कौन सा जज निष्पक्ष है और कौन नहीं।” पूरा मामला क्या है? यह विवाद दिल्ली की 2021-22 की नई शराब नीति से जुड़ा है, जिसे लागू करने के बाद भारी राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हुआ। इसी दौरान केजरीवाल की ओर से जज पर सवाल उठाते हुए उन्हें केस से हटाने की मांग की गई। केजरीवाल के 3 बड़े आरोप याचिका में केजरीवाल की तरफ से जस्टिस शर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए गए— 1. Conflict of Interest का आरोप कहा गया कि जज के परिवार के कुछ सदस्यों का संबंध सरकारी संस्थानों से है, जिससे निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। 2. एकतरफा सुनवाई का आरोप केजरीवाल ने दावा किया कि अदालत की कार्यवाही में उनकी दलीलों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा। 3. पूर्वाग्रह (Bias) का आरोप यह भी कहा गया कि कोर्ट का रुख पहले से ही उनके खिलाफ दिखाई दे रहा है, जिससे निष्पक्ष ट्रायल पर सवाल उठता है। हाईकोर्ट का सख्त और स्पष्ट जवाब जस्टिस स्वरणा कांता शर्मा ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए विस्तृत आदेश में कहा— अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिका में लगाए गए आरोप ठोस सबूतों पर आधारित नहीं थे, बल्कि “अनुमानों और आशंकाओं” पर आधारित थे। राजनीतिक प्रतिक्रिया: बयानबाजी तेज इस फैसले के बाद सियासत भी गरमा गई— इस पूरे घटनाक्रम ने एक नई बहस छेड़ दी है— क्या नेता जज की निष्पक्षता पर सवाल उठा सकते हैं? या यह न्यायपालिका की गरिमा को चुनौती है? कानूनी नजरिए से क्यों अहम है ये फैसला? यह फैसला सिर्फ एक केस तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए एक बड़ा नज़ीर (precedent) बन सकता है— बड़ी बात (Big Takeaway) दिल्ली हाईकोर्ट का यह फैसला एक मजबूत संदेश देता है— न्यायपालिका किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकेगीसिर्फ आरोप लगाकर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित नहीं किया जा सकता यह मामला अब सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि“न्यायपालिका vs राजनीति” की बड़ी बहस बन चुका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kedarnath

Kedarnath Yatra कपाट खुलते ही आस्था का सैलाब, प्रशासन ने जारी किए नए नियम

चारधाम यात्रा का सबसे पवित्र और भावनात्मक पड़ाव माने जाने वाले Kedarnath Dham के कपाट कल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। लंबे इंतजार के बाद बाबा केदार के दर्शन का समय करीब आ गया है और देशभर से भक्त भारी उत्साह के साथ उत्तराखंड की ओर रवाना हो रहे हैं। पहाड़ों में ठंडी हवाओं के बीच गूंजते “जय बाबा केदार” के जयकारों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। मंदिर में सख्त नियम: मोबाइल ले जाना पूरी तरह मना इस बार सबसे बड़ा बदलाव मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध है। श्रद्धालुओं को गेट पर ही मोबाइल जमा करना होगा और उसके बाद ही प्रवेश मिलेगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम इसलिए लिया गया है ताकि: श्रद्धालुओं की भावनाएं और तैयारियां केदारनाथ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का गहरा अनुभव है। कई श्रद्धालु सालभर इस पल का इंतजार करते हैं। कुछ भक्तों के चेहरे पर खुशी है तो कुछ में बाबा के दर्शन की भावुकता साफ झलक रही है। परिवारों के साथ पहुंचे श्रद्धालु कठिन रास्तों और मौसम की परवाह किए बिना बस एक ही भावना लेकर आगे बढ़ रहे हैं—“बाबा केदार के दर्शन”। प्रशासन की अपील और सुरक्षा इंतजाम प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें। सुरक्षा के लिए पुलिस और राहत दलों को तैनात किया गया है। साथ ही यात्रियों को सलाह दी गई है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल

Weather Update भोपाल में नहीं मिल रही रात में राहत, कई राज्यों में असर

देश में गर्मी ने इस बार सामान्य सीमाओं को पीछे छोड़ दिया है। हालात ऐसे बन रहे हैं कि दिन ही नहीं, रातें भी तपने लगी हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मौसम विभाग ने रात में भी लू (Night Heatwave) चलने की चेतावनी दी है। इसका सीधा मतलब है कि लोगों को अब रात में भी राहत नहीं मिलने वाली। भोपाल: रात में भी नहीं मिल रही राहत आमतौर पर सूरज ढलने के बाद तापमान में गिरावट आती है, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। भोपाल में रात का तापमान भी सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। गर्म हवाएं लगातार चल रही हैं, जिससे घरों के अंदर भी उमस और बेचैनी महसूस हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी स्थिति में शरीर को आराम नहीं मिल पाता, जिससे थकान, सिरदर्द और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। प्रयागराज: 44°C के पार पहुंचा तापमान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गर्मी अपने चरम पर है। यहां पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दे रहा है और लोग जरूरी काम के बिना घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं। Maharashtra–Chhattisgarh: पुलिसकर्मियों को राहत भीषण गर्मी का असर सिर्फ आम लोगों पर ही नहीं, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है। इसे देखते हुए महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में पुलिसकर्मियों के ड्यूटी टाइम में बदलाव किया गया है। अब उन्हें सुबह और शाम के अपेक्षाकृत ठंडे समय में तैनात किया जा रहा है, ताकि लू के खतरे को कम किया जा सके। क्यों खतरनाक हो रही है यह Heatwave? मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार तापमान सामान्य से 4-6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। तेज धूप, गर्म हवाएं और नमी की कमी मिलकर स्थिति को और गंभीर बना रही हैं। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और बाहर काम करने वाले लोग ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। बचाव ही सबसे बड़ा उपाय हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi Cabinet

Delhi Cabinet 2026 क्या कटेगा पुराने नेताओं का पत्ता? Samrat Chaudhary-Vijay Sinha पर Suspense

दिल्ली में तेज हुई सियासी हलचल Delhi Cabinet के गठन को लेकर सियासी माहौल काफी गरम हो चुका है। सत्ता पक्ष के बड़े नेता लगातार बैठकों में जुटे हैं और हर नाम पर गहराई से चर्चा हो रही है। इसी बीच सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को लेकर सस्पेंस सबसे ज्यादा चर्चा में है। कैबिनेट में हो सकते हैं बड़े बदलाव सूत्र बताते हैं कि इस बार Delhi Cabinet गठन में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पार्टी सिर्फ अनुभव ही नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस, जनसंपर्क और क्षेत्रीय संतुलन को भी प्राथमिकता दे रही है। ऐसे में कुछ पुराने चेहरों का हटना लगभग तय माना जा रहा है, जबकि कई नए नेताओं को मौका मिलने की संभावना मजबूत है। नए चेहरों पर पार्टी का फोकस ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले नेताओं को इस बार खास तवज्जो मिलने की बात भी सामने आ रही है। पार्टी चाहती है कि सरकार में ऐसे चेहरे आएं जो जनता से सीधे जुड़े हों और जिनकी छवि साफ-सुथरी हो। इससे सरकार की विश्वसनीयता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा पर नजर जहां तक सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा का सवाल है, दोनों ही नेताओं को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ सूत्रों का मानना है कि इन्हें कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कुछ का कहना है कि संगठन में इनकी भूमिका और मजबूत की जा सकती है। अंतिम फैसले का इंतजार दिल्ली में चल रही इन बैठकों के बीच एक बात साफ है कि पार्टी इस बार कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती। हर फैसले को सोच-समझकर लिया जा रहा है ताकि आने वाले समय में राजनीतिक संतुलन बना रहे और जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाए। अब सबकी नजरें अंतिम ऐलान पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि नई कैबिनेट में कौन चमकेगा और किसका पत्ता कटेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Love Jihad India Love Jihad Cases 2026 Nashik Love Jihad Case Bhopal Love Jihad News Religion Conversion Law India MP Freedom of Religion Act 2021 UP Love Jihad Law Interfaith Marriage India Debate Love Jihad Facts and Data Desh Harpal Editorial

Love Jihad Debate: नासिक से भोपाल तक बढ़ते केस, सच्चाई क्या है?

संपादकीय भारत में “लव जिहाद” बहस तेज—नासिक, भोपाल समेत कई शहरों में सामने आए मामलों का विश्लेषण। क्या कहते हैं कानून, आंकड़े और विशेषज्ञ? पढ़ें पूरा संपादकीय। भारत में पिछले कुछ वर्षों में “लव जिहाद” को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है। नासिक, परतवाड़ा, अकोला और भोपाल जैसे शहरों से सामने आए मामलों ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। सवाल यह है कि क्या ये घटनाएं अलग-अलग आपराधिक मामले हैं, या इसके पीछे कोई बड़ा पैटर्न है? क्या कहते हैं कानून और सरकार? सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि “लव जिहाद” शब्द भारतीय कानून में परिभाषित नहीं है। केंद्र सरकार ने संसद में कई बार स्पष्ट किया है कि इस नाम से कोई अलग अपराध श्रेणी नहीं है। हालांकि, कई राज्यों ने जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कानून बनाए हैं: इन कानूनों के लागू होने के बाद दर्ज मामलों में कुछ वृद्धि देखी गई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बढ़ती जागरूकता और रिपोर्टिंग का असर भी हो सकता है। आंकड़े क्या बताते हैं? यानी, आंकड़े मिश्रित तस्वीर दिखाते हैं—कुछ मामले वास्तविक अपराध के हैं, तो कुछ व्यक्तिगत विवाद या सहमति वाले रिश्तों के। हाईली एजुकेटेड लड़कियां क्यों बनती हैं टारगेट? यह सबसे बड़ा सवाल है। आम धारणा के विपरीत, शिक्षा हमेशा भावनात्मक निर्णयों को नहीं रोकती। विशेषज्ञों के अनुसार: ये सभी कारण किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकते हैं—चाहे वह कितना भी शिक्षित क्यों न हो। क्या हर इंटरफेथ शादी संदिग्ध है? बिल्कुल नहीं। भारत में हजारों अंतर-धार्मिक शादियां हर साल होती हैं, जिनमें से अधिकांश पूरी तरह सहमति और वैध प्रक्रिया के तहत होती हैं। समस्या तब शुरू होती है जब: यहीं पर कानून हस्तक्षेप करता है। क्या यह केवल एक समुदाय का मुद्दा है? इस तरह की घटनाओं को किसी एक धर्म से जोड़ना वास्तविकता को सरल बना देना होगा पर यह भी उतना ही बड़ा सच हैं की अधिकांश घटनाओ में मुस्लिम युवा इसमें संलिप्त पाये गए हैं । दुनिया भर में “रोमांस स्कैम”, “ऑनलाइन ग्रूमिंग” और “इमोशनल एक्सप्लॉइटेशन” के मामले बढ़ रहे हैं—और यह हर समाज में मौजूद समस्या है। समाज और संगठनों की भूमिका “लव जिहाद” की बहस भावनात्मक जरूर है, लेकिन इसका समाधान केवल भावनाओं से नहीं निकलेगा। जरूरत है: हर अंतर-धार्मिक रिश्ते को शक की नजर से देखना गलत है, लेकिन वास्तविक अपराधों को नजरअंदाज करना भी उतना ही खतरनाक हैl
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Virat Kohli और Anushka Sharma पहुंचे संत प्रेमानंद के सत्संग में, अक्षय तृतीया पर लिया आशीर्वाद

Virat Kohli और Anushka Sharma पहुंचे संत प्रेमानंद के सत्संग में, अक्षय तृतीया पर लिया आशीर्वाद

भारतीय क्रिकेटर Virat Kohli और उनकी पत्नी Anushka Sharma पहुंचे संत प्रेमानंद के सत्संग में, अक्षय तृतीया पर लिया आशीर्वाद एक बार फिर आध्यात्मिक मार्ग पर नजर आए। दोनों अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर संत प्रेमानंद महाराज के सत्संग में पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। यह दोनों की संत प्रेमानंद से छठी मुलाकात बताई जा रही है, जिससे साफ है कि वे लगातार उनके विचारों और सत्संग से जुड़े हुए हैं। सत्संग में शामिल हुए विराट-अनुष्का अक्षय तृतीया के मौके पर आयोजित इस सत्संग में दोनों ने शांत वातावरण में संत के प्रवचन सुने। वहां मौजूद श्रद्धालुओं के बीच उनकी उपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। लगातार बढ़ रहा आध्यात्मिक जुड़ाव विराट और अनुष्का पहले भी कई बार संत प्रेमानंद महाराज से मिल चुके हैं। दोनों का यह बार-बार सत्संग में आना उनके आध्यात्मिक विश्वास और शांति की ओर झुकाव को दिखाता है। फैंस में चर्चा सोशल मीडिया पर उनकी इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस इसे “सरल और शांत जीवन की ओर कदम” के रूप में देख रहे हैं।
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Chhattisgarh

Chhattisgarh Plane Crash – आरा पहाड़ियों में बड़ा हादसा, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Chhattisgarh के जशपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। आरा पहाड़ियों के घने जंगलों के बीच एक निजी चार्टर्ड विमान अचानक क्रैश हो गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। यह घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास के गांवों के लोग भी कुछ समझ नहीं पाए। कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा? प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह हादसा जशपुर क्षेत्र के आरा पहाड़ियों और रतनपहली जंगल इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि उड़ान के दौरान विमान कम ऊंचाई पर था और अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। स्थानीय लोगों के अनुसार: इस घटना ने आसपास रहने वाले लोगों को भी हिला कर रख दिया। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल हादसे के बाद का मंजर बेहद डरावना था: घने जंगल और पहाड़ी इलाका होने की वजह से मौके पर पहुंचना भी काफी मुश्किल हो रहा है। रेस्क्यू और राहत कार्य जारी घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। फायर ब्रिगेड की टीम भी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों के अनुसार: यात्रियों को लेकर अभी भी सस्पेंस फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि: प्रशासन ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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पचपदरा रिफाइनरी

पचपदरा रिफाइनरी में आग, PM Modi Inauguration से पहले बड़ा हादसा

राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी (Pachpadra Refinery) में सोमवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। यह वही महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है जिसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल उद्घाटन करने वाले हैं। घटना ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षा टीम को कुछ देर के लिए झकझोर दिया। अचानक कैसे लगी आग? जानकारी के अनुसार, रिफाइनरी की एक यूनिट में अचानक धुआं उठने लगा और फिर देखते ही देखते आग फैल गई। शुरुआती जांच में इसे तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन असली कारण की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। तुरंत खाली कराया गया पूरा एरिया जैसे ही आग की सूचना मिली, सुरक्षा टीम ने तेजी दिखाते हुए सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी तरह की जनहानि या गंभीर चोट की खबर नहीं है। फायर ब्रिगेड की कई टीमें एक्टिव आग बुझाने के लिए दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लगातार प्रयास जारी रहे। रिफाइनरी का आंतरिक फायर सेफ्टी सिस्टम भी सक्रिय कर दिया गया, जिससे आग को फैलने से रोकने की कोशिश की गई। PM Modi Inauguration से पहले बढ़ी चिंता यह रिफाइनरी राजस्थान की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में से एक है और इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कल किया जाना प्रस्तावित है। ऐसे में इस घटना ने सुरक्षा और तैयारियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज

मध्यप्रदेश के भिंड में लिव-इन पार्टनर की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि भिंड निवासी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने बिहार निवासी नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या कर शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया। इसके बाद उसने पुलिस को गुमशुदगी का आवेदन देकर मामले को छिपाने की कोशिश की। पुलिस की पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। फिलहाल पुलिस टीम नदी में शव की तलाश कर रही है। कॉलेज में हुई थी पहचान, लिव-इन में रहने लगे दोनों जानकारी के मुताबिक, सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था और उसकी कोई संतान नहीं थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क स्नेहलता से हुआ। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस दौरान उनका एक बेटा भी हुआ। बताया जा रहा है कि सत्यप्रकाश का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने स्नेहलता की हत्या की साजिश रची। 8 अक्टूबर को उसने अपने बेटे को पत्नी के हवाले कर दिया। कानपुर घुमाने के बहाने ले गया, रास्ते में हत्या का आरोप आरोप है कि बेटे को पत्नी को सौंपने के बाद सत्यप्रकाश स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। इस दौरान एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य साथी भी उसके साथ थे। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया गया। गुमशुदगी का आवेदन देकर छिपाने की कोशिश हत्या के बाद सत्यप्रकाश ने सिटी कोतवाली पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्नेहलता के लापता होने की सूचना दी। बताया गया है कि उसने गुमशुदगी को लेकर पर्चे भी छपवाए थे, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान सत्यप्रकाश ने हत्या की बात कबूल कर ली। अब पुलिस नदी में शव की तलाश कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस ने क्या कहा? सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के मुताबिक, लापता युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस टीम शव की तलाश कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
PM Modi

PM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू

लद्दाख में विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 15 अक्टूबर 2026 को लद्दाख में करीब ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लद्दाख का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और यहां की नई पीढ़ी का भविष्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन परियोजनाओं का सीधा संबंध लद्दाख की कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, पर्यटन और स्थानीय लोगों की सुविधाओं से है। सरकार का जोर सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के बेहतर अवसर देने पर भी है। लद्दाख के युवाओं के लिए क्या है सरकार का Plan? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लद्दाख के युवाओं की क्षमता और उनके भविष्य पर जोर दिया। उनका कहना है कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। लद्दाख में पर्यटन के विस्तार, विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ग्रीनहाउस खेती को भी बढ़ावा दे रही है। लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्र में खेती करना आसान नहीं है, इसलिए ग्रीनहाउस तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। Leh Airport पर ₹640 करोड़ का बड़ा Investment लद्दाख में पर्यटन और हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना पर करीब ₹640 करोड़ खर्च किए गए हैं। लगभग 23,800 वर्ग मीटर में बने इस टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 35 लाख बताई गई है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी। टर्मिनल में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बेहतर एयरपोर्ट से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ लद्दाख के पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। Nimmu-Padum-Darcha Road से आसान होगा सफर लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 298 किलोमीटर लंबी निमू-पदुम-दरचा सड़क भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग लेह के निमू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ता है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरता है। इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लद्दाख पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क का मतलब सिर्फ कम समय में सफर पूरा करना नहीं है। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जरूरी सामान तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है। Power Projects से मजबूत होगी बिजली की व्यवस्था लद्दाख में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया गया है। 9 मेगावाट क्षमता वाला हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। वहीं, 66 केवी की दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेगी। इन परियोजनाओं से बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे घरों के साथ स्थानीय कारोबार और दूसरी जरूरी सेवाओं को भी फायदा मिल सकता है। लद्दाख की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा संरक्षण विकास परियोजनाओं के बीच लद्दाख की प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया गया है। लेह के सिंधु घाट पर पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया गया। पेट्रोग्लिफ ऐसी प्राचीन आकृतियां होती हैं, जिन्हें चट्टानों पर उकेरा जाता है। इनमें उस दौर के लोगों के जीवन, जानवरों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां मिल सकती हैं। ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। इससे लद्दाख के इतिहास को समझने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है। Project Him Sarovar: 40 गांवों में बने जल निकाय लद्दाख में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। खासकर खेती के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी जुटाना कई इलाकों में मुश्किल हो सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Project Him Sarovar के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पानी को संरक्षित करना और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल आसान बनाना है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए मदद मिल सकती है। साथ ही, जल संरक्षण की बेहतर व्यवस्था क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है। Tourism और रोजगार पर भी रहेगा जोर लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध मठों, पहाड़ों और एडवेंचर गतिविधियों के लिए जाना जाता है। बेहतर एयरपोर्ट और सड़क संपर्क से यहां आने वाले पर्यटकों की यात्रा आसान हो सकती है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, होटल, होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, पर्यटन का विस्तार पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखकर करना जरूरी होगा। लद्दाख जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। लद्दाख के लिए क्यों अहम हैं ₹3,350 करोड़ के Projects? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित और शुरू की गई इन परियोजनाओं का महत्व केवल बड़ी रकम तक सीमित नहीं है। इनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। बेहतर सड़कें और एयरपोर्ट सफर को आसान बना सकते हैं। बिजली परियोजनाएं ऊर्जा व्यवस्था मजबूत कर सकती हैं, जबकि जल निकाय खेती में मदद कर सकते हैं। दूसरी ओर, शिक्षा, खेल और पर्यटन पर ध्यान देने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं। निष्कर्ष: लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाएं क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब इनकी सफलता इस बात से तय होगी कि इनका लाभ स्थानीय लोगों, किसानों, कारोबारियों और युवाओं तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है। प्रधानमंत्री का लद्दाख की नई पीढ़ी पर जोर इस बात को रेखांकित करता है कि विकास...

भोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग

भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोले-भटूरे दुकान के संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान में भट्टी के पास रखे कपड़े में आग लगी थी, जिसके बाद लपटें फैल गईं। हादसे में आसपास की चार अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को नुकसान पहुंचा था। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार से हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की तैयारी है। निगम ने चेतावनी दी है कि तय स्थान पर नहीं जाने वाले हॉकर्स का सामान जब्त किया जा सकता है। भट्टी के पास रखे कपड़े में लगी थी आग पुलिस की जांच के मुताबिक, बालाजी छोले-भटूरे दुकान में भट्टी जल रही थी। इसके पास रखे कपड़े में आग लगने के बाद लपटें फैल गईं और आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, आग भट्टी के पास रखे कपड़े से शुरू हुई थी। वहीं, दुकान में अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच नगर निगम कर रहा है। न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच जांचने के लिए मॉकड्रिल आग की घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच और रास्तों में आने वाली बाधाओं की जांच शुरू की है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। इस दौरान दो दमकल वाहनों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां दमकल को रुकना पड़ा, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। 8 अक्टूबर को आग लगने के दौरान दुकानों के सामने रखा सामान दमकल वाहनों के रास्ते में बाधा बना था। इसी को देखते हुए निगम ने बाजार में अतिक्रमण हटाने और रास्ते खाली रखने की कार्रवाई तेज की है। टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे हॉकर्स नगर निगम ने बुधवार को पूरे दिन मुनादी कराकर हॉकर्स को गुरुवार से निर्धारित स्थान पर जाने की सूचना दी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास स्थित हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। निगम की योजना न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की है, ताकि बाजार के रास्ते खुले रहें और आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी न हो। दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी कर रहा है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीली लाइन से आगे सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य दुकानों के सामने का रास्ता खाली रखना है, ताकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य प्रभावित न हो। आग वाली जगह से 100 फीट दूर भी जलती हैं भट्टियां आग लगने वाली जगह से करीब 100 फीट की दूरी पर छोले-भटूरे की दो अन्य दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आसपास दो से तीन नमकीन की दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टियां जलती हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों और भट्टियों के आसपास रखे सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुकानों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच जरूरी मानी जा रही है। चौक बाजार में 22 लाख का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी सवालों में शहर के पुराने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान इस सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई थी। इसके बाद सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड और घोड़ा नक्कास समेत शहर के आठ प्रमुख बाजारों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है। बैरागढ़ के फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव पर भी सवाल 17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ के संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 100 से ज्यादा कपड़े की दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव में कमी और उपकरणों पर जंग लगने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मेन कॉरिडोर में अतिक्रमण और मॉकड्रिल नहीं होने की बात भी कही गई है। न्यू मार्केट की आग के बाद अब सवाल केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि बाजारों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन रास्ते खुले रखने का भी है।

भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार

हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 24 रन से हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की हार की वजह पिच नहीं, बल्कि खराब गेंदबाजी थी। गावस्कर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिससे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिला। गावस्कर ने कहा कि अगर गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में तय योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। गावस्कर बोले- फुलटॉस डालकर पिच को दोष नहीं दे सकते गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि भारतीय गेंदबाजों की कमियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर पिच को लेकर शिकायत की जाती है और कहा जाता है कि वह गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही, लेकिन फुलटॉस डालने पर पिच को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने गेंदबाजों को सलाह दी कि परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है। फुलटॉस और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल लेंथ पर गेंद डालने से उन्हें आसानी से रन बनाने का मौका मिलता है। गावस्कर के मुताबिक, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सका। दोबारा बिछाई गई पिच पर गेंद रुककर आने की शिकायत हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की बात सामने आई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ मौकों पर गेंद पिच पर रुककर आई और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। हालांकि, गावस्कर का मानना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके अनुसार, पिच से मिलने वाली संभावित मदद तभी उपयोगी साबित होती है, जब गेंदबाज सही जगह गेंद डालें। इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिले। शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी उठाए सवाल गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी के तरीके पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे, लेकिन जोसेफ ने उनके खिलाफ बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी और एक और बाउंसर डाल दी। इस पर कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय अर्शदीप को निशाना बना रहे थे, जबकि उस समय स्टंप्स असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। 24 रन से हारा भारत बुधवार को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। मैच के बाद भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और पिच की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। गावस्कर की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि उनके मुताबिक, हार के लिए परिस्थितियों से ज्यादा गेंदबाजों का प्रदर्शन जिम्मेदार था।

संजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे

हैदराबाद। भारतीय ओपनर संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हार के बाद तिलक वर्मा के विकेट को मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। बुधवार को हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में भारत को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। सैमसन के मुताबिक, तिलक और नीतीश कुमार रेड्डी की साझेदारी के दौरान भारतीय टीम रन चेज में अच्छी स्थिति में थी, लेकिन तिलक के आउट होते ही मैच का रुख बदल गया। मैच के बाद सैमसन ने कहा, “मैच का टर्निंग पॉइंट वह था, जब तिलक आउट हुए। हम अच्छी स्थिति में थे। हम 10-20 रन आसानी से बना रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव संभाल रहे थे और दोनों बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे।” रेड्डी और तिलक ने 32 गेंदों में जोड़े 70 रन भारत ने 130 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उस समय टीम को जीत के लिए 50 गेंदों में 118 रन बनाने थे। मुश्किल परिस्थिति में नीतीश कुमार रेड्डी और तिलक वर्मा ने छठे विकेट के लिए 32 गेंदों में 70 रन की साझेदारी कर टीम की वापसी कराई। दोनों की बल्लेबाजी से भारत की जीत की उम्मीदें फिर मजबूत हुईं। हालांकि, जब जीत के लिए 19 गेंदों में 48 रन की जरूरत थी, तब रोमारियो शेफर्ड ने तिलक वर्मा को गलत शॉट खेलने पर मजबूर किया और उनका विकेट हासिल कर लिया। इसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम मुकाबला 24 रन से हार गई। सैमसन ने कहा कि पांच विकेट गिरने के बाद भी टीम के पास मैच में वापसी का मौका था। दो युवा खिलाड़ियों ने दबाव में अच्छी बल्लेबाजी की और वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण का सामना किया। उन्होंने माना कि निचले क्रम के बल्लेबाजों को अंत में बड़ी भूमिका निभानी थी। सैमसन ने कहा कि क्रिकेट में गलतियां होती हैं, लेकिन टीम को सकारात्मक रहकर आगे बढ़ना होगा। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा का किया बचाव ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर भी सैमसन ने प्रतिक्रिया दी। ईशान ने तीन गेंदों में छह रन बनाए, जबकि अभिषेक शर्मा 24 गेंदों पर 29 रन ही बना सके। सैमसन ने दोनों खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि एक मैच में खराब प्रदर्शन होना सामान्य है। उन्होंने अभिषेक की पिछली मैच में खेली गई 70 रन की पारी का जिक्र किया और कहा कि ईशान भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। सैमसन के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं और एक खराब मैच के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। सैमसन ने 23 गेंदों में बनाए 56 रन संजू सैमसन ने खुद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 56 रन बनाए। ईशान किशन के जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने तेज गति से रन बनाकर भारतीय टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि, टीम की हार से वह निराश नजर आए। सैमसन ने कहा, “हारने वाली टीम में होने का एहसास अलग होता है। इस समय मैं काफी निराश हूं। मेरा योगदान जीत में आना चाहिए था।” अपनी बल्लेबाजी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें मैदान पर बल्लेबाजी करने में मजा आया। उनके मुताबिक, बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय ज्यादा सोचने का समय नहीं होता और परिस्थितियों के अनुसार तेजी से खेलना पड़ता है। आखिरी मुकाबले को लेकर सैमसन आश्वस्त सीरीज बराबर होने के बाद सैमसन ने कहा कि भारतीय टीम अगले मुकाबले के लिए तैयार है। उन्होंने आखिरी मैच को फाइनल जैसा बताते हुए कहा कि अब देखना होगा कि टीम आगे कैसा प्रदर्शन करती है। अर्शदीप सिंह की चोट पर भी दिया अपडेट सैमसन ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की चोट को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अर्शदीप अपने कंधे पर बर्फ लगा रहे हैं। सैमसन ने उम्मीद जताई कि गेंद लगने से घायल हुए अर्शदीप जल्द ठीक हो जाएंगे और टीम में वापसी कर सकेंगे।

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