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PM Modi

PM Modi और Lula की अहम बैठक Aerospace Investment से मजबूत होंगे भारत-Brazil रिश्ते

नई दिल्ली में भारत और ब्राजील के रिश्तों को नई मजबूती तब मिली जब PM Narendra Modi ने ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inácio Lula da Silva का गर्मजोशी से स्वागत किया। राष्ट्रपति भवन परिसर में आयोजित औपचारिक समारोह ने इस मुलाकात को खास बना दिया। Rashtrapati Bhavan में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ यह स्वागत दोनों देशों की मजबूत होती दोस्ती का प्रतीक रहा। क्या रही बैठक की खास बातें? पीएम मोदी और राष्ट्रपति लूला के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। रक्षा सहयोग, व्यापार विस्तार, कृषि तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और डिजिटल इनोवेशन जैसे विषयों पर गंभीर मंथन हुआ। दोनों नेताओं ने साफ संकेत दिया कि भारत और ब्राजील सिर्फ साझेदार ही नहीं, बल्कि भरोसेमंद मित्र भी हैं। सूत्रों के अनुसार, आपसी व्यापार को नई ऊंचाई देने और निवेश के अवसर बढ़ाने पर खास जोर दिया गया। पिछले कुछ वर्षों में भारत-ब्राजील व्यापार में लगातार वृद्धि हुई है, और अब लक्ष्य इसे और व्यापक बनाने का है। Aerospace Plant: Make in India को Boost इस दौरे की सबसे चर्चित घोषणा ब्राजील की एक प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी द्वारा भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की योजना रही। राष्ट्रपति लूला ने पहले ही संकेत दिया था कि उनकी कंपनी भारत में निवेश करने के लिए उत्सुक है। यदि यह परियोजना साकार होती है, तो इससे भारतीय एविएशन और डिफेंस सेक्टर को नई तकनीक, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के अवसर मिलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम “मेक इन इंडिया” पहल को वास्तविक गति देगा और भारत को एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। Global South पर साझा सोच भारत और ब्राजील दोनों ही उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं और ग्लोबल साउथ की आवाज को वैश्विक मंचों पर मजबूती से उठाते रहे हैं। चाहे जलवायु न्याय की बात हो या विकासशील देशों के अधिकारों की, दोनों देशों की सोच कई मुद्दों पर मिलती-जुलती है। यही कारण है कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक कूटनीति तक सीमित नहीं रही, बल्कि भविष्य की साझा रणनीति पर भी केंद्रित रही। रिश्तों में बढ़ती गर्मजोशी इस मुलाकात में सिर्फ समझौते और घोषणाएं ही नहीं थीं, बल्कि आपसी सम्मान और विश्वास की झलक भी दिखी। दोनों नेताओं के बीच सहज बातचीत ने यह संकेत दिया कि भारत-ब्राजील संबंध आने वाले समय में और मजबूत होंगे। कुल मिलाकर, PM Modi–Lula Meeting ने यह साफ कर दिया कि भारत और ब्राजील मिलकर व्यापार, टेक्नोलॉजी और रक्षा जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं की उड़ान भरने को तैयार हैं। आने वाले समय में यह साझेदारी न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को गति देगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नई दिशा तय कर सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Maharashtra Politics भिवंडी में Rahul Gandhi की पेशी कहा कानून का सामना करूंगा, माफी नहीं मांगूंगा

महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi)ने साफ शब्दों में कहा है कि वे किसी भी कीमत पर माफी नहीं मांगेंगे और कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे। यह बयान उस समय सामने आया जब वे महाराष्ट्र के भिवंडी स्थित अदालत में एक आपराधिक मानहानि मामले में पेश हुए। क्या है पूरा मामला? यह मामला Maharashtra के Bhiwandi की अदालत में चल रहा है। शिकायत एक पुराने बयान को लेकर दर्ज की गई थी, जिसमें कथित तौर पर एक संगठन से जुड़े लोगों की मानहानि का आरोप लगाया गया है। अदालत में पेशी के दौरान Rahul Gandhi ने कहा कि वे न्यायपालिका का सम्मान करते हैं और अपना पक्ष अदालत में मजबूती से रखेंगे, लेकिन माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। उनके इस रुख ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। कोर्ट परिसर के बाहर गरमाया माहौल पेशी के दिन अदालत के बाहर माहौल तनावपूर्ण रहा। Bharatiya Janata Party (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। राजनीतिक मायने क्या हैं? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। एक तरफ कांग्रेस इसे विचारों की लड़ाई बता रही है, तो दूसरी ओर बीजेपी का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और अदालत में सच सामने आएगा। राहुल गांधी का “माफी नहीं, ट्रायल फेस करूंगा” वाला रुख उनके समर्थकों के बीच दृढ़ता की छवि बना रहा है। वहीं विरोधी इसे राजनीतिक बयानबाज़ी बता रहे हैं। आगे क्या? अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाती है। महाराष्ट्र की सियासत में यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में और भी हलचल पैदा कर सकता है। फिलहाल इतना तय है कि यह मामला सिर्फ कोर्टरूम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजनीतिक मंचों पर भी इसकी गूंज सुनाई देती रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM MODI से मिले ब्राजील के राष्ट्रपति लूला, राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत

PM MODI से मिले ब्राजील के राष्ट्रपति लूला, राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत

PM MODI ने ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inacio Lula da Silva का राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत किया। पारंपरिक सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ यह मुलाकात खास रही। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक जारी है, जिसमें व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस सेक्टर पर खास चर्चा हो रही है। राष्ट्रपति लूला पहले ही संकेत दे चुके हैं कि ब्राजील की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी भारत में अपना प्लांट लगाने की योजना बना रही है। अगर यह योजना साकार होती है तो भारत में रोजगार और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को बड़ी गति मिल सकती है। भारत और ब्राजील के बीच लंबे समय से रणनीतिक साझेदारी रही है। दोनों देश BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साथ काम करते रहे हैं। इस मुलाकात को वैश्विक स्तर पर भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह सहयोग रक्षा उत्पादन, विमानन और औद्योगिक निवेश को नई दिशा दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा सिर्फ कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की ठोस पहल है। आम लोगों के लिए भी यह खबर उम्मीद लेकर आई है—नई फैक्ट्रियां, नए निवेश और नए रोजगार के अवसर। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trade

Global Trade 18% से 10% पर आया भारत का टैरिफ, ट्रम्प की नई नीति लागू

अमेरिका की व्यापार नीति में एक बड़ा और अचानक बदलाव देखने को मिला है। Donald Trump ने सभी देशों से अमेरिका में आयात होने वाले सामान पर 10% का नया यूनिवर्सल टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह फैसला ऐसे समय में आया जब इससे कुछ घंटे पहले ही Supreme Court of the United States ने एक पुराने आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत भारत पर 18% का विशेष टैरिफ लागू था। इस घटनाक्रम ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। क्या है पूरा मामला? पहले भारत से अमेरिका जाने वाले कुछ उत्पादों पर 18% तक का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था। इससे भारतीय निर्यातकों—खासतौर पर स्टील, इंजीनियरिंग गुड्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर—को सीधा असर झेलना पड़ रहा था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह 18% टैरिफ समाप्त हो गया। लेकिन उसी के तुरंत बाद 10% का नया सार्वभौमिक टैरिफ लागू करने की घोषणा ने तस्वीर बदल दी। भारत के लिए राहत या नई चुनौती? सीधी बात करें तो 18% से घटकर 10% होना भारत के लिए आंशिक राहत है।मतलब: लेकिन 10% टैरिफ पूरी तरह राहत नहीं है। इससे लागत बढ़ेगी और मुनाफे पर असर पड़ेगा। Global Trade पर क्या असर पड़ेगा? यह फैसला सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। सभी देशों पर समान 10% शुल्क लगाने से: विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिकी घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। आम लोगों पर क्या असर? यह सवाल भी अहम है।अगर आयात महंगे होंगे तो अमेरिका में उपभोक्ताओं को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। वहीं भारत में निर्यात से जुड़े उद्योगों और कामगारों के लिए यह राहत और चिंता—दोनों का मिश्रण है। आगे क्या? अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भारत सरकार इस नए 10% टैरिफ को लेकर क्या रुख अपनाती है। क्या द्विपक्षीय व्यापार वार्ता तेज होगी? क्या कुछ सेक्टर को छूट मिल सकती है? फिलहाल इतना साफ है कि अमेरिका की यह नई टैरिफ नीति वैश्विक व्यापार संतुलन को प्रभावित करेगी, और भारत को भी अपनी रणनीति नए सिरे से तय करनी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AI SUMMIT में कांग्रेस का विरोध, आज BJP का प्रदर्शन: भिवंडी में राहुल गांधी को काले झंडे

AI SUMMIT में कांग्रेस का विरोध, आज BJP का प्रदर्शन: भिवंडी में राहुल गांधी को काले झंडे

AI Summit के दौरान कांग्रेस के विरोध के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) सड़कों पर उतर आई है। इस पूरे घटनाक्रम ने राजधानी दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र के भिवंडी तक राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। भिवंडी में राहुल गांधी को दिखाए गए काले झंडे Rahul Gandhi जब महाराष्ट्र के भिवंडी पहुंचे, तो वहां कुछ लोगों ने उनका विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाकर नाराजगी जताई। मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को संभाला और किसी बड़े टकराव की खबर नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के राजनीतिक बयानों को लेकर असंतोष है, जिसके कारण यह विरोध हुआ। हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर BJP का प्रदर्शन राजधानी दिल्ली में भी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। Bharatiya Janata Party के कार्यकर्ताओं ने Indian National Congress मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। BJP नेताओं का कहना है कि AI समिट के दौरान कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन के जवाब में यह विरोध दर्ज कराया गया है। बढ़ता राजनीतिक तनाव दोनों पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले चुनावों को देखते हुए इस तरह के विरोध और प्रदर्शन और तेज हो सकते हैं। आम जनता के लिए यह राजनीतिक खींचतान कई सवाल खड़े करती है—क्या यह मुद्दों की राजनीति है या सिर्फ सियासी रणनीति? फिलहाल देश की राजनीति में गर्माहट बढ़ी हुई है और आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AI

AI Summit Controversy भारत मंडपम में Youth Congress का Protest, लगे “Modi is Compromised” के नारे

नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल एआई (AI) समिट उस समय अचानक सुर्खियों में आ गया, जब यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन किया। इस समिट में देश-विदेश से टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ, उद्योगपति और नीति-निर्माता शामिल हुए थे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi की मौजूदगी भी चर्चा का केंद्र थी। अचानक बदला माहौल कार्यक्रम अपने निर्धारित एजेंडे के अनुसार चल रहा था, तभी कुछ युवक अपनी सीटों से खड़े हुए और टी-शर्ट उतारकर नारे लगाने लगे। “Modi is Compromised” के नारे कुछ मिनटों तक गूंजते रहे। वहां मौजूद लोगों के लिए यह एक अप्रत्याशित पल था—तकनीक और भविष्य की बातों के बीच अचानक राजनीतिक विरोध ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को बाहर ले जाया। थोड़ी देर की अफरा-तफरी के बाद कार्यक्रम फिर सामान्य रूप से जारी रहा। विरोध की वजह क्या है? यूथ कांग्रेस से जुड़े प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर उनकी चिंताएं हैं। उनका आरोप है कि इस तरह के समझौते से छोटे उद्योगों, किसानों और स्थानीय व्यापारियों पर दबाव बढ़ सकता है। उनका मानना है कि सरकार को किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले व्यापक चर्चा और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। राजनीतिक बयानबाजी तेज घटना के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई। विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा बताया, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष के नेताओं ने इसे एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कदम करार दिया। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि वैश्विक साझेदारियों और आर्थिक नीतियों को लेकर देश के भीतर अलग-अलग मत मौजूद हैं। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल भारत मंडपम जैसे उच्च-सुरक्षा वाले स्थल पर इस तरह का विरोध कैसे हुआ, इसे लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया गया था और किसी तरह की बड़ी बाधा नहीं आई। तकनीक के मंच पर राजनीति की गूंज एआई समिट का मकसद भारत की तकनीकी क्षमता और वैश्विक सहयोग को मजबूत करना था। लेकिन इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि देश में आर्थिक नीतियों और अंतरराष्ट्रीय समझौतों को लेकर भावनाएं कितनी प्रबल हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tharoor

PR Show या Progress Delhi AI Summit पर Tharoor और Rahul आमने-सामने

नई दिल्ली में आयोजित Delhi AI Summit 2026 इन दिनों सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि राजनीति का भी बड़ा मुद्दा बन गया है। जहां एक तरफ यह समिट भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने की कोशिश के रूप में पेश किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर सियासी बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर के कार्यक्रमों में छोटी-मोटी गड़बड़ियां होना असामान्य नहीं है। उनका मानना है कि भारत को नई तकनीकों, खासकर AI, के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच बेहद जरूरी हैं। थरूर ने संकेत दिया कि कमियों पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन सकारात्मक पहल को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। वहीं कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने इस समिट को “PR तमाशा” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े आयोजनों के जरिए अपनी छवि चमकाने की कोशिश कर रही है, जबकि असली जरूरत रोजगार सृजन, शिक्षा सुधार और तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की है। क्या है Delhi AI Summit का मकसद? सरकार के अनुसार, इस समिट का उद्देश्य भारत को AI इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करना, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना और नीति-निर्माण में वैश्विक सहयोग बढ़ाना है। कई देशी-विदेशी विशेषज्ञों, कंपनियों और नीति-निर्माताओं की भागीदारी इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व का आयोजन बना रही है। राजनीतिक हलकों में क्यों बढ़ी चर्चा? दिलचस्प बात यह है कि एक ही पार्टी के दो बड़े नेताओं के अलग-अलग रुख ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। थरूर का संतुलित समर्थन और राहुल गांधी की कड़ी आलोचना इस बात की ओर इशारा करती है कि AI समिट अब तकनीकी मंच से आगे बढ़कर राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुका है। आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब? तकनीकी समिट की चर्चा भले ही बड़े मंचों पर हो रही हो, लेकिन आम नागरिक के मन में सवाल यही है—क्या इससे रोजगार बढ़ेंगे? क्या युवाओं को नए अवसर मिलेंगे? क्या भारत सच में AI क्षेत्र में अग्रणी बन पाएगा? फिलहाल, Delhi AI Summit 2026 ने एक बात साफ कर दी है—AI सिर्फ टेक्नोलॉजी का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह राजनीति, विकास और भविष्य की दिशा तय करने वाला विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में इस पर बहस और तेज होने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Himachal

Himachal Road Trip 2026 नई Entry Fee लागू, अब सफर होगा महंगा

अगर आप इस साल गर्मियों में Himachal Trip प्लान कर रहे हैं, तो आपके बजट पर थोड़ा अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। Himachal Pradesh सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर लगने वाली Entry Fee/Green Tax में बड़ा इजाफा कर दिया है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी। इस फैसले का सीधा असर उन पर्यटकों पर पड़ेगा जो अपनी गाड़ी से Shimla, मनाली या धर्मशाला जैसी जगहों की यात्रा करते हैं। क्या है नया Entry Fee Structure? सरकार द्वारा जारी नई दरों के अनुसार: कुछ श्रेणियों में फीस लगभग ढाई गुना तक बढ़ाई गई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह शुल्क केवल बाहरी राज्यों में रजिस्टर्ड वाहनों पर लागू होगा। हिमाचल में पंजीकृत गाड़ियों को इससे छूट मिलेगी। क्यों बढ़ाई गई फीस? राज्य सरकार का कहना है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्राकृतिक आपदाओं और वित्तीय दबाव के बीच सरकार नए संसाधन जुटाने की कोशिश कर रही है। सरकार का तर्क है कि पर्यटन से होने वाली आय का एक हिस्सा बुनियादी ढांचे और सड़कों के रखरखाव पर खर्च किया जाएगा। आम यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा? साफ है कि अब हिमाचल की यात्रा पहले से थोड़ी महंगी हो जाएगी। हालांकि कई पर्यटक मानते हैं कि हिमाचल की खूबसूरती और ठंडी वादियां आज भी हर खर्च को जायज़ ठहराती हैं। फिर भी, अगर आप Road Trip प्लान कर रहे हैं, तो अब अपने बजट में Entry Tax को जरूर शामिल करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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राहुल गांधी

Defamation Case में राहुल गांधी का बयान सुल्तानपुर कोर्ट के बाहर नजर आया ‘सत्यमेव जयते’

सुल्तानपुर, 20 फरवरी 2026: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज सुल्तानपुर कोर्ट पहुंचे, जहां उनका Defamation Case (मानहानि मुकदमा) सुनवाई के लिए निर्धारित था। यह मामला 2018 का है, जब स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी। राहुल गांधी सुबह कोर्ट पहुंचे और उन्होंने सीधे अपनी बयानबाजी की। सुनवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। कोर्ट परिसर के बाहर कांग्रेस समर्थकों ने ‘सत्यमेव जयते’ जैसे पोस्टर लगाकर सत्य और न्याय का संदेश फैलाया। केस की पृष्ठभूमि इस मानहानि केस में राहुल गांधी ने कथित रूप से अमित शाह (केंद्र गृह मंत्री) के खिलाफ बयान दिया था, जिसे वादी ने मानहानि बताया। पिछले पाँच साल से यह मामला कोर्ट में चल रहा है। दिसंबर 2023 में राहुल गांधी की गैरमौजूदगी के कारण उनके खिलाफ वारंट जारी हुआ था। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया और दो जमानतें (प्रत्येक ₹25,000) पर जमानत दी गई। राहुल गांधी ने अपनी बयानबाजी में खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। कोर्ट ने वादी को साक्ष्य पेश करने का निर्देश दिया था, और आज की सुनवाई में राहुल गांधी ने अपना बयान दर्ज करवाया। राजनीतिक और सामाजिक असर यह मामला न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि चुनावी माहौल पर भी असर डाल सकता है। कोर्ट के बाहर लगे पोस्टर और समर्थकों का उत्साह इस बात का संकेत दे रहे हैं कि यह केस जनता और मीडिया की नजरों में है। संक्षेप: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Om Birla

Speaker Om Birla AI Controversy लोकसभा विशेषाधिकार विभाग का कांग्रेस के 8 नेताओं को नोटिस

देश की राजनीति में एक बार फिर डिजिटल कंटेंट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) से जुड़े एक कथित AI-जनित वीडियो को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया सेल को लोकसभा के विशेषाधिकार विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इस मामले में पार्टी के आठ नेताओं से जवाब मांगा गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। क्या है पूरा मामला? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया गया, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से तैयार बताया जा रहा है। आरोप है कि वीडियो में लोकसभा स्पीकर के संदर्भ में आपत्तिजनक और भ्रामक प्रस्तुति की गई। शिकायत के मुताबिक, इससे न केवल एक संवैधानिक पद की गरिमा प्रभावित हुई, बल्कि संसद के विशेषाधिकार का भी संभावित उल्लंघन हुआ है। डिजिटल दौर में इस तरह की सामग्री तेजी से वायरल होती है और आम लोगों तक कुछ ही मिनटों में पहुंच जाती है। यही वजह है कि यह मामला राजनीतिक दायरे से निकलकर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है। शिकायत के बाद कैसे बढ़ा मामला? बीजेपी सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने इस वीडियो को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि वीडियो भ्रामक है और इससे लोकसभा की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। शिकायत मिलने के बाद लोकसभा के विशेषाधिकार विभाग ने संज्ञान लेते हुए कांग्रेस मीडिया सेल को नोटिस जारी कर दिया। किन नेताओं को मिला नोटिस? नोटिस के दायरे में कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत समेत कुल आठ पदाधिकारी शामिल हैं। सभी से तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है। सूत्रों के अनुसार, जवाब मिलने के बाद उसे स्पीकर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। AI और राजनीति: क्यों बढ़ रही चिंता? यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राजनीति में AI और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग न हो, तो इससे भ्रम, गलतफहमियां और संस्थाओं की साख पर असर पड़ सकता है। आम नागरिकों के लिए भी यह एक याद दिलाने वाला क्षण है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज पूरी तरह सच हो—यह जरूरी नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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