देश की राजनीति में एक बार फिर डिजिटल कंटेंट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) से जुड़े एक कथित AI-जनित वीडियो को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया सेल को लोकसभा के विशेषाधिकार विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इस मामले में पार्टी के आठ नेताओं से जवाब मांगा गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया गया, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से तैयार बताया जा रहा है। आरोप है कि वीडियो में लोकसभा स्पीकर के संदर्भ में आपत्तिजनक और भ्रामक प्रस्तुति की गई। शिकायत के मुताबिक, इससे न केवल एक संवैधानिक पद की गरिमा प्रभावित हुई, बल्कि संसद के विशेषाधिकार का भी संभावित उल्लंघन हुआ है।
डिजिटल दौर में इस तरह की सामग्री तेजी से वायरल होती है और आम लोगों तक कुछ ही मिनटों में पहुंच जाती है। यही वजह है कि यह मामला राजनीतिक दायरे से निकलकर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है।
शिकायत के बाद कैसे बढ़ा मामला?
बीजेपी सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने इस वीडियो को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि वीडियो भ्रामक है और इससे लोकसभा की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।
शिकायत मिलने के बाद लोकसभा के विशेषाधिकार विभाग ने संज्ञान लेते हुए कांग्रेस मीडिया सेल को नोटिस जारी कर दिया।
किन नेताओं को मिला नोटिस?
नोटिस के दायरे में कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत समेत कुल आठ पदाधिकारी शामिल हैं। सभी से तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है।
सूत्रों के अनुसार, जवाब मिलने के बाद उसे स्पीकर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
AI और राजनीति: क्यों बढ़ रही चिंता?
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राजनीति में AI और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग न हो, तो इससे भ्रम, गलतफहमियां और संस्थाओं की साख पर असर पड़ सकता है।
आम नागरिकों के लिए भी यह एक याद दिलाने वाला क्षण है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज पूरी तरह सच हो—यह जरूरी नहीं।
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