आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGमध्य प्रदेशलिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग◆BREAKINGस्पोर्ट्सभारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार◆BREAKINGस्पोर्ट्ससंजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर में 7-8 मिनट में हो रही वाहनों की फिटनेस जांच पर सवाल, 800 की फीस के बदले 5 हजार मांगने का आरोप◆BREAKINGदेश-हरपलAnti-CEC Protest: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, 16 अक्टूबर को Tiranga March◆BREAKINGदेश-हरपलCNAP Service: अब अनजान नंबर से कॉल आने पर दिखेगा नाम, 1 नवंबर से नया नियम◆BREAKINGमध्य प्रदेशलिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग◆BREAKINGस्पोर्ट्सभारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार◆BREAKINGस्पोर्ट्ससंजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर में 7-8 मिनट में हो रही वाहनों की फिटनेस जांच पर सवाल, 800 की फीस के बदले 5 हजार मांगने का आरोप◆BREAKINGदेश-हरपलAnti-CEC Protest: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, 16 अक्टूबर को Tiranga March◆BREAKINGदेश-हरपलCNAP Service: अब अनजान नंबर से कॉल आने पर दिखेगा नाम, 1 नवंबर से नया नियम◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

India Weather 5 राज्यों में बारिश-ओले Delhi Fog और पहाड़ों पर Snowfall

मार्च के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि देश के कई हिस्सों में लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई। मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत 5 राज्यों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं पहाड़ी इलाकों में हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के द्रास में ताज़ा बर्फबारी ने ठंड को फिर से बढ़ा दिया। दूसरी ओर राजधानी दिल्ली सुबह धुंध की चादर में लिपटी नजर आई। MP और Rajasthan में बारिश-ओलों से बढ़ी किसानों की चिंता मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय Western Disturbance (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में यह बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और सागर संभाग में कई जगह तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कुछ जिलों में ओले गिरने से खेतों में खड़ी गेहूं, चना और सब्जियों की फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। किसानों के लिए यह बारिश राहत कम और चिंता ज्यादा लेकर आई है। राजस्थान में भी मौसम का यही असर देखने को मिला। जयपुर, कोटा, बूंदी और भीलवाड़ा जैसे इलाकों में अचानक बदले मौसम ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। कई जगह सड़क पर पानी भरने और ट्रैफिक धीमा होने की स्थिति भी बनी। Himachal और Drass में ताज़ा Snowfall से बढ़ी ठंड पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी ने एक बार फिर सर्द माहौल बना दिया है। शिमला, कुल्लू और आसपास के क्षेत्रों में ताज़ा बर्फ गिरने से पर्यटकों के चेहरे खिल उठे। वहीं लद्दाख के द्रास में नई बर्फ की परत जमने से तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। स्थानीय लोगों के लिए यह मौसम रोजमर्रा की चुनौतियां भी साथ लाता है, क्योंकि कई रास्तों पर फिसलन बढ़ जाती है। Delhi-NCR में धुंध और हल्की बारिश से ट्रैफिक प्रभावित उधर Delhi-NCR में सुबह धुंध और हल्के कोहरे ने विजिबिलिटी को प्रभावित किया। ऑफिस जाने वाले लोगों को ट्रैफिक में धीमी रफ्तार का सामना करना पड़ा। कुछ इलाकों में हल्की बारिश और ठंडी हवाओं से मौसम सुहाना जरूर हुआ, लेकिन सुबह की धुंध ने सफर को मुश्किल बना दिया। अगले 48 घंटे अहम, मौसम विभाग ने दी सलाह मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 48 घंटों तक यह सिस्टम सक्रिय रह सकता है। ऐसे में कई राज्यों में बारिश, thunderstorm, hailstorm और पहाड़ों में snowfall जारी रहने की संभावना है। किसानों, यात्रियों और पहाड़ी इलाकों में जाने वाले पर्यटकों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
LPG

War Crisis का असर हर घर पर Commercial LPG कमी से Plastic Units बंद, महंगाई बढ़ने की आशंका

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध जैसे हालात की गर्मी अब सिर्फ अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका असर भारत के घरों की रसोई, छोटे कारोबार और आम परिवारों के मासिक बजट तक महसूस होने लगा है। Commercial LPG crisis, प्लास्टिक यूनिट्स की बंदी और सप्लाई चेन में रुकावट ने रोजमर्रा की जरूरतों को महंगा करने की जमीन तैयार कर दी है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इसका असर उन चीजों पर पड़ सकता है, जिनके बिना एक सामान्य परिवार का दिन नहीं चलता—दूध, किराना, दवाइयां, पैक्ड फूड और घरेलू प्लास्टिक सामान। Commercial LPG shortage से क्यों बढ़ रही है महंगाई? देश के कई हिस्सों में कमर्शियल LPG की कमी के कारण हजारों plastic manufacturing units और छोटे उद्योग प्रभावित हुए हैं। कई यूनिट्स ने उत्पादन कम कर दिया है, जबकि कुछ ने अस्थायी रूप से काम बंद कर दिया। प्लास्टिक इंडस्ट्री सिर्फ बाल्टी या पाइप तक सीमित नहीं है। दूध के पाउच, दवाइयों की पैकिंग, बिस्किट-नमकीन के रैपर, पानी की बोतलें, कंटेनर—सब इसी सप्लाई चेन का हिस्सा हैं। जैसे ही उत्पादन लागत बढ़ती है, उसका सीधा असर बाजार की कीमतों पर दिखने लगता है। Milk, Kirana और Daily Essentials पर सीधा असर एक आम परिवार सुबह की शुरुआत दूध से करता है। लेकिन अगर पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और कोल्ड स्टोरेज की लागत बढ़ेगी, तो milk price hike लगभग तय माना जा रहा है। इसी तरह किराना में इस्तेमाल होने वाले पैक्ड आइटम—तेल, मसाले, बिस्किट, स्नैक्स, साबुन और डिटर्जेंट—भी महंगे हो सकते हैं। भले ही हर प्रोडक्ट पर बढ़ोतरी ₹2 से ₹5 लगे, लेकिन महीने के अंत में यही छोटी बढ़ोतरी जेब पर बड़ा असर डालती है। यही वह हिस्सा है जो हर मध्यमवर्गीय परिवार को सबसे ज्यादा परेशान करता है—कमाई वही, लेकिन खर्च धीरे-धीरे बढ़ता हुआ। Medical bills भी बढ़ सकते हैं इस संकट का असर सिर्फ खाने-पीने तक नहीं रहेगा। अस्पतालों और दवाइयों में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें—जैसे IV bottles, syringes, medicine containers और diagnostic plastic items—पेट्रोकेमिकल बेस्ड होती हैं। अगर कच्चा माल महंगा हुआ, तो medical treatment cost भी बढ़ सकती है। यानी बीमारी का इलाज भी पहले से थोड़ा महंगा महसूस हो सकता है। घर की छोटी जरूरतें भी होंगी costly रोज इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक सामान जैसे: इनकी कीमतों में भी बढ़ोतरी संभव है। आमतौर पर लोग इन खर्चों पर ध्यान नहीं देते, लेकिन यही छोटी-छोटी खरीदारी हर महीने बजट को प्रभावित करती है। Human impact: सबसे ज्यादा दबाव किस पर? इस तरह की महंगाई का सबसे ज्यादा असर middle class families, छोटे दुकानदारों और daily budget पर चलने वाले घरों पर पड़ता है। जहां पहले महीने का राशन एक तय रकम में आ जाता था, अब वही लिस्ट धीरे-धीरे महंगी होती दिख सकती है। परिवारों को या तो कुछ चीजें कम करनी पड़ेंगी या बजट फिर से बनाना होगा। युद्ध की खबरें अक्सर टीवी स्क्रीन पर दूर की लगती हैं, लेकिन जब उसी का असर रसोई के दूध, बच्चों के टिफिन और मेडिकल स्टोर के बिल पर दिखे, तब उसकी सच्चाई ज्यादा करीब महसूस होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Assam

Assam Election 2026 BJP का बड़ा Manifesto, UCC और Love Jihad Law पर फोकस

Assam विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना बहुप्रतीक्षित संकल्प पत्र (Manifesto) जारी कर दिया है। गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम में Nirmala Sitharaman की मौजूदगी में इसे पेश किया गया, जहां पार्टी ने साफ संकेत दिया कि इस बार चुनाव सिर्फ विकास ही नहीं, बल्कि पहचान और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी लड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में भाजपा ने 31 वादों के जरिए राज्य के लिए अपना रोडमैप सामने रखा है। इस घोषणापत्र में जहां एक ओर इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर ‘लव जिहाद’, अवैध घुसपैठ और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे मुद्दे भी केंद्र में हैं। पहचान और कानून व्यवस्था पर फोकस घोषणापत्र की सबसे ज्यादा चर्चा उन वादों की हो रही है, जिनमें ‘Love Jihad’ और ‘Land Jihad’ के खिलाफ सख्त कानून लाने की बात कही गई है। भाजपा का कहना है कि इन कानूनों के जरिए सामाजिक संतुलन बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही पार्टी ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया है। सरकार बनने पर कथित तौर पर कब्जाई गई जमीन को वापस दिलाने के लिए अभियान चलाने की बात भी कही गई है। यह मुद्दा असम की राजनीति में लंबे समय से संवेदनशील रहा है और इस बार भी चुनावी बहस का केंद्र बनने वाला है। UCC पर बड़ा संकेत भाजपा ने अपने घोषणापत्र में Uniform Civil Code (UCC) लागू करने का भी वादा किया है। हालांकि, इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की बात कही गई है, ताकि स्थानीय और पारंपरिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखा जा सके। Himanta Biswa Sarma पहले भी इस विषय पर अपनी स्पष्ट राय रख चुके हैं। रोजगार और विकास का वादा राज्य के युवाओं को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने 2 लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप्स और इंडस्ट्रियल ग्रोथ को बढ़ावा देने की योजनाएं भी शामिल हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में पार्टी ने अगले पांच वर्षों में करीब ₹5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है। इसमें सड़क, रेलवे, एयर कनेक्टिविटी, मेडिकल कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों के विस्तार पर खास जोर दिया गया है। भाजपा ने “One District, One Medical College” और बाढ़-मुक्त असम जैसे विजन भी पेश किए हैं, जो राज्य की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को संबोधित करने की कोशिश हैं। चुनावी रणनीति क्या कहती है? राजनीतिक नजरिए से देखें तो भाजपा ने इस बार विकास + पहचान की राजनीति का मिश्रण अपनाया है। एक तरफ रोजगार, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए युवा और मध्यम वर्ग को साधने की कोशिश है, तो दूसरी तरफ UCC, घुसपैठ और ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों के जरिए अपने कोर वोटबैंक को मजबूत करने का प्रयास। जनता के लिए क्या मायने? आम लोगों के लिए यह घोषणापत्र कई उम्मीदें लेकर आता है—रोजगार के नए अवसर, बेहतर सड़क और स्वास्थ्य सुविधाएं, और सुरक्षा से जुड़े वादे। लेकिन इन वादों का असली असर तभी दिखेगा जब वे जमीन पर उतरेंगे। असम की जनता अब यह तय करेगी कि इन वादों पर कितना भरोसा किया जाए। चुनावी माहौल गर्म हो चुका है, और आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि किसकी रणनीति मतदाताओं के दिल तक पहुंचती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
FASTag

1अप्रैल से बदल जाएंगे 10 बड़े नियम Toll Cashless, FASTag महंगा, Tax और PAN Update

हर साल 1 अप्रैल सिर्फ नया वित्त वर्ष ही नहीं लाता, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई जरूरी बदलाव भी साथ लेकर आता है। इस बार भी टोल पेमेंट, FASTag, Income Tax, PAN और बैंकिंग से जुड़े नियम बदलने जा रहे हैं, जिनका असर सीधे आम लोगों की यात्रा, खर्च और टैक्स प्लानिंग पर पड़ेगा। अगर आप हाईवे पर सफर करते हैं, सैलरी पाते हैं या टैक्स बचाने की तैयारी में हैं, तो यह बदलाव आपके लिए बेहद अहम हैं। Cashless Toll System: अब टोल प्लाजा पर कैश लगभग खत्म 1 अप्रैल 2026 से देशभर के कई राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा cashless toll collection system पर शिफ्ट होंगे। इसका मतलब है कि अब FASTag या डिजिटल पेमेंट सबसे जरूरी माध्यम बन जाएगा। यह कदम लंबी लाइनों को कम करने और सफर को तेज बनाने के लिए उठाया जा रहा है।जो लोग अभी भी कैश देकर टोल पार करने की सोच रहे हैं, उन्हें आगे चलकर डबल टोल या अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। इसलिए बेहतर यही है कि सफर से पहले FASTag बैलेंस जरूर चेक कर लें। FASTag Annual Pass Update: आज सस्ता, कल महंगा नियमित हाईवे यूज़र्स के लिए एक और बड़ा अपडेट है। FASTag annual pass की कीमत ₹3,000 से बढ़कर ₹3,075 हो सकती है। रकम भले छोटी लगे, लेकिन रोज हाईवे इस्तेमाल करने वालों के लिए यह बदलाव मायने रखता है।अगर आप अक्सर रोड ट्रिप, बिज़नेस ट्रैवल या डेली अप-डाउन करते हैं, तो आज ही पुरानी दर पर इसे रिन्यू करना फायदे का सौदा हो सकता है। Income Tax New Rules: Tax Year का नया कॉन्सेप्ट 1 अप्रैल से टैक्स सिस्टम में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब पुराने Assessment Year और Previous Year की जगह Tax Year शब्द का इस्तेमाल ज्यादा होगा, जिससे टैक्स फाइलिंग भाषा आसान बनेगी।इसके साथ नई टैक्स व्यवस्था में ₹12 लाख तक राहत की चर्चा ने मिडिल क्लास और salaried लोगों को राहत की उम्मीद दी है। ऐसे में 31 मार्च तक अपने 80C, NPS, HRA और insurance proofs जरूर अपडेट कर लेना समझदारी होगी। PAN-Aadhaar Rules: छोटी गलती पड़ सकती है भारी PAN और Aadhaar से जुड़े नियम भी सख्त हो रहे हैं। अगर आपके नाम, जन्मतिथि या दस्तावेज़ों में mismatch है, तो PAN correction या नए आवेदन में परेशानी आ सकती है।कई लोग इस काम को टालते रहते हैं, लेकिन बाद में बैंक KYC, ITR filing और loan process में यही छोटी गलती बड़ी दिक्कत बन जाती है। इसलिए आज ही documents cross-check कर लें। आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है? सीधी भाषा में समझें तो 1 अप्रैल के बाद: यानी आज के 10 मिनट, कल का extra खर्च बचा सकते हैं। अक्सर लोग ऐसे बदलावों को छोटी खबर समझकर छोड़ देते हैं, लेकिन बाद में यही penalty, double toll या tax issue की वजह बनते हैं।
Read more

Bihar Temple Tragedy शीतलाष्टमी में श्रद्धालुओं की भीड़ भक्तों के बीच भगदड़, कई की मौत

बिहार के नालंदा जिले के मघड़ा स्थित प्राचीन शीतला मंदिर (Shitala Temple) में चैत्र माह के आखिरी मंगलवार को भारी भीड़ के बीच भयावह भगदड़ (stampede) की घटना हुई। पूजा के दौरान उमड़ी भीड़ के कारण अफरातफरी फैल गई और लोगों के ऊपर गिरने से 8 लोगों की जान चली गई जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। क्या हुआ था? शीतलाष्टमी के पावन अवसर पर श्रद्धालु सुबह‑सुबह मंदिर में माता शीतला के दर्शन और पूजा करने पहुंचे थे। अचानक भीड़ अनुशासन खो बैठी और भगदड़ मच गई। कई लोग दबकर घायल हो गए और अफरातफरी के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। स्थानीय प्रशासन और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत‑बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कर इलाज दिया गया। मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों का शोक गहरा है। भीड़ और आयोजन की स्थिति शीतलाष्टमी हिंदू परंपरा में माता शीतला की पूजा का विशेष पर्व है। इस दिन दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने आते हैं। बड़े आयोजनों के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की कमी अक्सर इसी तरह के हादसों का कारण बनती है। प्रभाव और प्रशासन की प्रतिक्रिया प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य को तुरंत तेज किया और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने तथा घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। श्रद्धालु आस्था के साथ पहुंचे थे, लेकिन भीड़ नियंत्रण की कमी ने इस पावन दिन को दुःखद हादसे में बदल दिया। इस घटना ने फिर से यह साबित कर दिया कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और प्रवेश‑निकास मार्गों की सही व्यवस्था बेहद जरूरी है। भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए आयोजकों और प्रशासन को सतर्क रहना होगा, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था सुरक्षित रहे और किसी की जान खतरे में न पड़े। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Census 2027

Census 2027 India 33 सवालों के साथ शुरू होगा First Phase Live-in Couple भी होंगे Married Count

भारत में जनगणना 2027 (Census 2027) को लेकर तैयारियां अब जमीन पर दिखने लगी हैं। लंबे इंतजार के बाद सरकार ने पहले चरण यानी House Listing and Housing Census के लिए 33 अहम सवालों की सूची जारी कर दी है। Online Self-Enumeration Portal: घर बैठे भरें जानकारी इस बार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लोग Online Self-Enumeration Portal के जरिए खुद जानकारी दर्ज कर सकेंगे। अब सिर्फ गणनाकर्मी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। परिवार का जिम्मेदार सदस्य मोबाइल नंबर और OTP के जरिए पोर्टल पर लॉगिन करके अपने घर की जानकारी पहले से भर सकता है। बाद में जब census enumerator घर आएगा, तो वह सिर्फ जानकारी का सत्यापन करेगा। इससे लोगों का समय बचेगा और डेटा की accuracy भी बढ़ेगी। पहले चरण के 33 सवाल: घर और जीवन स्तर की पूरी जानकारी पहले चरण में पूछे जाने वाले सवाल सीधे घर और जीवन स्तर से जुड़े हैं। इनमें शामिल हैं: सरकार का उद्देश्य यह है कि इन आंकड़ों से देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति की सही तस्वीर सामने आए और welfare schemes को ground reality के अनुसार डिजाइन किया जा सके। Stable Live-in Couples भी होंगे Married Count में इस बार का सबसे चर्चित बदलाव है stable live-in couples को married category में गिनना। यदि कोई जोड़ा लंबे समय से साथ रह रहा है और उसका रिश्ता स्थिर पारिवारिक इकाई की तरह है, तो जनगणना में उन्हें “married” के रूप में दर्ज किया जाएगा। ध्यान रहे, यह सिर्फ census classification के लिए है और इसका कानूनी विवाह से कोई संबंध नहीं है। क्यों महत्वपूर्ण है Census 2027 का डेटा मानवीय नजरिए से देखें तो यह बदलाव भारत के बदलते सामाजिक ढांचे को भी दर्शाता है। बड़े शहरों में live-in relationships, nuclear families और डिजिटल भागीदारी अब आम होती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि Census 2027 data आने वाले वर्षों में housing, sanitation, internet access, urban planning और welfare schemes के लिए निर्णायक साबित होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
बंगाल

BJP vs TMC बंगाल में Election Hijack का दावा, Assam में Congress-AIUDF Clash से बढ़ा तनाव

चुनाव से पहले बंगाल में सियासी पारा हाई पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच सियासी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि राज्य के कई इलाकों में मतदाताओं पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें खुले तौर पर धमकाने की कोशिश हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर BJP ने चुनाव आयोग से शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की मांग की है। BJP का आरोप: वोटर्स को डराया जा रहा BJP नेताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में TMC कार्यकर्ता बूथ स्तर पर माहौल अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी का दावा है कि कुछ संवेदनशील इलाकों में वोटर्स को डराने की वजह से लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि इस बार बंगाल का चुनाव सिर्फ राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि free and fair election की बड़ी परीक्षा भी माना जा रहा है। TMC का पलटवार और बढ़ता राजनीतिक तनाव दूसरी तरफ, TMC लगातार BJP पर पलटवार करते हुए चुनावी एजेंसियों और प्रशासनिक फैसलों के जरिए दबाव बनाने का आरोप लगा रही है। मतदाता सूची, अधिकारियों के तबादले और बूथ प्रबंधन को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। जमीनी स्तर पर यह तनाव कई जगह कार्यकर्ताओं की झड़पों के रूप में भी दिखाई दे रहा है, जिससे चुनावी हिंसा की आशंका बढ़ गई है। Assam में Congress-AIUDF कार्यकर्ताओं के बीच झड़प इसी बीच असम से भी राजनीतिक तनाव की खबर सामने आई है। यहां कांग्रेस और AIUDF कार्यकर्ताओं के बीच झड़प होने की सूचना है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक विवाद स्थानीय स्तर पर समर्थकों की मौजूदगी और बूथ प्रभाव को लेकर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते टकराव में बदल गया। हालांकि प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभाल लिया, लेकिन इस घटना ने राज्य की चुनावी गर्मी को और बढ़ा दिया है। क्या कहते हैं चुनावी संकेत? बंगाल और असम की इन घटनाओं से साफ है कि चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, राजनीतिक दलों के बीच संघर्ष और आक्रामक होता जा रहा है। मतदाताओं की नजर अब चुनाव आयोग और सुरक्षा एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी है। आने वाले दिनों में दोनों राज्यों का चुनावी माहौल और भी हाई-वोल्टेज होने के संकेत दे रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Nitish Kumar

Bihar Politics Nitish Kumar ने छोड़ा पद बोले अशोक चौधरी- दूसरा नीतीश नहीं

बिहार की राजनीति में सोमवार का दिन बेहद अहम साबित हुआ। मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा देकर एक नई राजनीतिक पारी की शुरुआत कर दी। इसी के साथ भाजपा नेता Nitin Nabin ने भी अपने विधायक (MLA) पद से त्यागपत्र दे दिया। दोनों नेताओं के इस कदम ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है। हाल ही में दोनों नेताओं के Rajya Sabha के लिए चुने जाने के बाद यह इस्तीफा लगभग तय माना जा रहा था, लेकिन जैसे ही इसकी औपचारिक घोषणा हुई, बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया। Ashok Choudhary Emotional: “देश में दूसरा नीतीश नहीं हो सकता” इस पूरे घटनाक्रम के बीच बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री Ashok Choudhary भावुक नजर आए। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा,“देश में दूसरा नीतीश नहीं हो सकता।” यह कहते हुए उनकी आंखें नम हो गईं। उनके इस बयान ने साफ कर दिया कि Nitish Kumar सिर्फ एक राजनीतिक चेहरा नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति की एक ऐसी धुरी हैं, जिनके आसपास पिछले कई वर्षों से सत्ता की दिशा तय होती रही है। उनकी भावुक प्रतिक्रिया ने जेडीयू कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भी एक अलग भावनात्मक माहौल बना दिया। Rajya Sabha में नई पारी, Bihar Politics में नई चर्चा Nitish Kumar के राज्यसभा जाने को सिर्फ एक संसदीय बदलाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे Bihar Politics 2026 का बड़ा turning point भी कहा जा रहा है। विधानसभा, लोकसभा और विधान परिषद के बाद अब राज्यसभा में उनकी एंट्री उन्हें उन चुनिंदा नेताओं में शामिल करती है, जिन्हें भारतीय लोकतंत्र के लगभग हर बड़े सदन का अनुभव है। यही वजह है कि उनके इस फैसले को राजनीतिक रणनीति के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Nitin Nabin Resignation से Bankipur सीट पर बढ़ी हलचल वहीं भाजपा नेता Nitin Nabin के MLA पद छोड़ने के बाद Bankipur Assembly Seat पर उपचुनाव की संभावना तेज हो गई है। पटना की इस अहम सीट पर अब सभी दलों की नजर टिक गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सीट आने वाले समय में NDA और विपक्ष, दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन सकती है। क्या Bihar को मिलेगा नया CM? Nitish Kumar के इस कदम के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या बिहार को जल्द नया मुख्यमंत्री मिल सकता है? हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर कुछ साफ नहीं है, लेकिन सत्ता के गलियारों में नए नेतृत्व को लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है। कई नामों पर अटकलें लगाई जा रही हैं और आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
ईरान

Middle East Crisis ईरान जंग, Oil Prices और Global Tension की पूरी कहानी

मध्य पूर्व में जारी Iran War 2026 अब सिर्फ एक क्षेत्रीय टकराव नहीं रहा, बल्कि यह पूरी दुनिया की राजनीति, तेल बाज़ार और आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित करने वाला बड़ा संकट बन चुका है। दुनिया भर में लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं—क्या ईरान जंग जल्द खत्म होगी, या यह और बड़ा रूप ले सकती है? हाल की घटनाओं को एक साथ देखें तो तस्वीर दो हिस्सों में बंटी दिखती है। एक तरफ सैन्य तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे, वहीं दूसरी तरफ बैक-चैनल diplomacy तेज़ हो गई है। यही वजह है कि इस संघर्ष ने लोगों के मन में डर के साथ उम्मीद भी जगा दी है। क्या शांति की शुरुआत हो चुकी है? सूत्रों के अनुसार अमेरिका की तरफ से ईरान को एक विस्तृत ceasefire proposal दिया गया है। इसमें sanctions relief, missile limits, nuclear monitoring और Gulf shipping routes को सुरक्षित करने जैसे अहम बिंदु शामिल हैं। ईरान ने आधिकारिक तौर पर सीधे संवाद से दूरी बनाई है, लेकिन प्रस्ताव को पूरी तरह नकारा भी नहीं है। यही वह बिंदु है जहां दुनिया को राहत की उम्मीद दिखाई देती है। आम लोगों के लिए इसका मतलब सिर्फ राजनीतिक समझौता नहीं, बल्कि तेल की कीमतों में राहत, शेयर बाजार में स्थिरता और वैश्विक तनाव में कमी भी है। जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण हालांकि बातचीत की खबरें उम्मीद देती हैं, लेकिन जमीन पर हालात अभी भी नाजुक हैं। खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं, अमेरिकी और सहयोगी बल हाई अलर्ट पर हैं, जबकि ईरान समर्थित समूहों की सक्रियता ने पूरे इलाके को संवेदनशील बना दिया है। इसी वजह से विशेषज्ञ मानते हैं कि diplomacy और military pressure दोनों साथ-साथ चल रहे हैं। यह रणनीति अक्सर तब अपनाई जाती है जब दोनों पक्ष बिना पूरी तरह झुके बेहतर शर्तों पर समझौता चाहते हों। Oil Crisis और India पर असर इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर global oil supply पर देखा जा रहा है। होरमुज़ जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते खतरे ने crude oil और LNG supply chain को प्रभावित किया है। भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए यह चिंता का विषय है, क्योंकि तेल महंगा होने का सीधा असर पेट्रोल, डीज़ल, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर पड़ता है। एक आम परिवार के नजरिए से देखें तो यह सिर्फ विदेश नीति की खबर नहीं है। इसका असर रसोई गैस, यात्रा खर्च, ऑनलाइन डिलीवरी फीस और महंगाई तक महसूस हो सकता है। यही human side इस युद्ध को दुनिया के हर घर तक पहुंचाती है। युद्ध सिर्फ सीमाओं पर नहीं होता हर जंग की सबसे बड़ी कीमत आम लोग चुकाते हैं। ईरान, खाड़ी देशों और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले परिवार लगातार अनिश्चितता में जी रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई, कारोबार, रोज़गार और सामान्य जीवन सबसे पहले प्रभावित होता है। दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी लोग तेल और बाजार की मार झेलते हैं। यही कारण है कि लोग सिर्फ यह नहीं जानना चाहते कि कौन जीतेगा, बल्कि यह जानना चाहते हैं कि शांति कब लौटेगी। अगले 7–14 दिन क्यों अहम हैं? अगर मौजूदा ceasefire talks सकारात्मक दिशा में बढ़ती हैं, तो आने वाले 7–14 दिन इस Iran conflict के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। सीमित युद्धविराम, strategic deal या temporary truce की संभावना बनी हुई है। लेकिन अगर किसी बड़े oil facility, military base या shipping route पर हमला होता है, तो यह संघर्ष लंबा खिंच सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Nitin Naveen

BJP अध्यक्ष Nitin Naveen ने MLA पद छोड़ा इस्तीफे के बाद Bihar Politics में हलचल तेज

पटना की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम पटना की राजनीति में सोमवार को एक अहम मोड़ देखने को मिला, जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Naveen) ने बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। लंबे समय से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे नितिन नवीन के इस फैसले ने बिहार की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है। अब उनका फोकस राज्यसभा और पार्टी संगठन में नई जिम्मेदारियों पर रहेगा। राज्यसभा की नई जिम्मेदारी बनी वजह नितिन नवीन हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में विधायक पद से उनका इस्तीफा राजनीतिक रूप से अपेक्षित माना जा रहा था। पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते दायित्वों को देखते हुए यह कदम उनके नए राजनीतिक सफर की शुरुआत माना जा रहा है। जनता के नाम भावुक संदेश इस्तीफे के बाद उन्होंने बांकीपुर की जनता, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए एक भावुक संदेश साझा किया, जिसने लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि बांकीपुर की जनता ने उन्हें हमेशा प्यार, भरोसा और अपार समर्थन दिया, जिसे वे जीवनभर नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने बेहद आत्मीय शब्दों में लिखा कि “विधायक पद छोड़ सकता हूं, लेकिन बांकीपुर की जनता से मेरा रिश्ता कभी खत्म नहीं होगा।” यही लाइन उनके संदेश को खास बनाती है और यही वजह है कि यह खबर लोगों के बीच तेजी से चर्चा में है। बांकीपुर से रहा गहरा जुड़ाव नितिन नवीन का बांकीपुर से जुड़ाव सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह रिश्ता वर्षों के भरोसे, विकास कार्यों और जनता के साथ सीधे संवाद से बना है। कई बार विधायक चुने जाने के बाद उन्होंने इस सीट को भाजपा के मजबूत गढ़ के रूप में स्थापित किया। उपचुनाव की चर्चा तेज उनके इस्तीफे के बाद यहां उपचुनाव (by-election) की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन सकती है और संभावित उम्मीदवारों के नामों पर जल्द चर्चा शुरू होगी। राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ेगी भूमिका अब माना जा रहा है कि नितिन नवीन की भूमिका बिहार से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति में और प्रभावशाली होगी। भाजपा संगठन में उनकी सक्रियता पहले से मजबूत रही है, और राज्यसभा पहुंचने के बाद उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ना तय माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 … 133 134 135 136 137 … 238

Trending News

Editor's Picks

लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज

मध्यप्रदेश के भिंड में लिव-इन पार्टनर की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि भिंड निवासी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने बिहार निवासी नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या कर शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया। इसके बाद उसने पुलिस को गुमशुदगी का आवेदन देकर मामले को छिपाने की कोशिश की। पुलिस की पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। फिलहाल पुलिस टीम नदी में शव की तलाश कर रही है। कॉलेज में हुई थी पहचान, लिव-इन में रहने लगे दोनों जानकारी के मुताबिक, सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था और उसकी कोई संतान नहीं थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क स्नेहलता से हुआ। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस दौरान उनका एक बेटा भी हुआ। बताया जा रहा है कि सत्यप्रकाश का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने स्नेहलता की हत्या की साजिश रची। 8 अक्टूबर को उसने अपने बेटे को पत्नी के हवाले कर दिया। कानपुर घुमाने के बहाने ले गया, रास्ते में हत्या का आरोप आरोप है कि बेटे को पत्नी को सौंपने के बाद सत्यप्रकाश स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। इस दौरान एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य साथी भी उसके साथ थे। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया गया। गुमशुदगी का आवेदन देकर छिपाने की कोशिश हत्या के बाद सत्यप्रकाश ने सिटी कोतवाली पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्नेहलता के लापता होने की सूचना दी। बताया गया है कि उसने गुमशुदगी को लेकर पर्चे भी छपवाए थे, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान सत्यप्रकाश ने हत्या की बात कबूल कर ली। अब पुलिस नदी में शव की तलाश कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस ने क्या कहा? सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के मुताबिक, लापता युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस टीम शव की तलाश कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
PM Modi

PM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू

लद्दाख में विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 15 अक्टूबर 2026 को लद्दाख में करीब ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लद्दाख का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और यहां की नई पीढ़ी का भविष्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन परियोजनाओं का सीधा संबंध लद्दाख की कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, पर्यटन और स्थानीय लोगों की सुविधाओं से है। सरकार का जोर सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के बेहतर अवसर देने पर भी है। लद्दाख के युवाओं के लिए क्या है सरकार का Plan? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लद्दाख के युवाओं की क्षमता और उनके भविष्य पर जोर दिया। उनका कहना है कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। लद्दाख में पर्यटन के विस्तार, विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ग्रीनहाउस खेती को भी बढ़ावा दे रही है। लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्र में खेती करना आसान नहीं है, इसलिए ग्रीनहाउस तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। Leh Airport पर ₹640 करोड़ का बड़ा Investment लद्दाख में पर्यटन और हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना पर करीब ₹640 करोड़ खर्च किए गए हैं। लगभग 23,800 वर्ग मीटर में बने इस टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 35 लाख बताई गई है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी। टर्मिनल में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बेहतर एयरपोर्ट से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ लद्दाख के पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। Nimmu-Padum-Darcha Road से आसान होगा सफर लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 298 किलोमीटर लंबी निमू-पदुम-दरचा सड़क भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग लेह के निमू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ता है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरता है। इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लद्दाख पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क का मतलब सिर्फ कम समय में सफर पूरा करना नहीं है। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जरूरी सामान तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है। Power Projects से मजबूत होगी बिजली की व्यवस्था लद्दाख में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया गया है। 9 मेगावाट क्षमता वाला हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। वहीं, 66 केवी की दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेगी। इन परियोजनाओं से बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे घरों के साथ स्थानीय कारोबार और दूसरी जरूरी सेवाओं को भी फायदा मिल सकता है। लद्दाख की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा संरक्षण विकास परियोजनाओं के बीच लद्दाख की प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया गया है। लेह के सिंधु घाट पर पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया गया। पेट्रोग्लिफ ऐसी प्राचीन आकृतियां होती हैं, जिन्हें चट्टानों पर उकेरा जाता है। इनमें उस दौर के लोगों के जीवन, जानवरों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां मिल सकती हैं। ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। इससे लद्दाख के इतिहास को समझने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है। Project Him Sarovar: 40 गांवों में बने जल निकाय लद्दाख में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। खासकर खेती के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी जुटाना कई इलाकों में मुश्किल हो सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Project Him Sarovar के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पानी को संरक्षित करना और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल आसान बनाना है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए मदद मिल सकती है। साथ ही, जल संरक्षण की बेहतर व्यवस्था क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है। Tourism और रोजगार पर भी रहेगा जोर लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध मठों, पहाड़ों और एडवेंचर गतिविधियों के लिए जाना जाता है। बेहतर एयरपोर्ट और सड़क संपर्क से यहां आने वाले पर्यटकों की यात्रा आसान हो सकती है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, होटल, होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, पर्यटन का विस्तार पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखकर करना जरूरी होगा। लद्दाख जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। लद्दाख के लिए क्यों अहम हैं ₹3,350 करोड़ के Projects? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित और शुरू की गई इन परियोजनाओं का महत्व केवल बड़ी रकम तक सीमित नहीं है। इनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। बेहतर सड़कें और एयरपोर्ट सफर को आसान बना सकते हैं। बिजली परियोजनाएं ऊर्जा व्यवस्था मजबूत कर सकती हैं, जबकि जल निकाय खेती में मदद कर सकते हैं। दूसरी ओर, शिक्षा, खेल और पर्यटन पर ध्यान देने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं। निष्कर्ष: लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाएं क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब इनकी सफलता इस बात से तय होगी कि इनका लाभ स्थानीय लोगों, किसानों, कारोबारियों और युवाओं तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है। प्रधानमंत्री का लद्दाख की नई पीढ़ी पर जोर इस बात को रेखांकित करता है कि विकास...

भोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग

भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोले-भटूरे दुकान के संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान में भट्टी के पास रखे कपड़े में आग लगी थी, जिसके बाद लपटें फैल गईं। हादसे में आसपास की चार अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को नुकसान पहुंचा था। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार से हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की तैयारी है। निगम ने चेतावनी दी है कि तय स्थान पर नहीं जाने वाले हॉकर्स का सामान जब्त किया जा सकता है। भट्टी के पास रखे कपड़े में लगी थी आग पुलिस की जांच के मुताबिक, बालाजी छोले-भटूरे दुकान में भट्टी जल रही थी। इसके पास रखे कपड़े में आग लगने के बाद लपटें फैल गईं और आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, आग भट्टी के पास रखे कपड़े से शुरू हुई थी। वहीं, दुकान में अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच नगर निगम कर रहा है। न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच जांचने के लिए मॉकड्रिल आग की घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच और रास्तों में आने वाली बाधाओं की जांच शुरू की है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। इस दौरान दो दमकल वाहनों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां दमकल को रुकना पड़ा, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। 8 अक्टूबर को आग लगने के दौरान दुकानों के सामने रखा सामान दमकल वाहनों के रास्ते में बाधा बना था। इसी को देखते हुए निगम ने बाजार में अतिक्रमण हटाने और रास्ते खाली रखने की कार्रवाई तेज की है। टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे हॉकर्स नगर निगम ने बुधवार को पूरे दिन मुनादी कराकर हॉकर्स को गुरुवार से निर्धारित स्थान पर जाने की सूचना दी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास स्थित हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। निगम की योजना न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की है, ताकि बाजार के रास्ते खुले रहें और आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी न हो। दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी कर रहा है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीली लाइन से आगे सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य दुकानों के सामने का रास्ता खाली रखना है, ताकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य प्रभावित न हो। आग वाली जगह से 100 फीट दूर भी जलती हैं भट्टियां आग लगने वाली जगह से करीब 100 फीट की दूरी पर छोले-भटूरे की दो अन्य दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आसपास दो से तीन नमकीन की दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टियां जलती हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों और भट्टियों के आसपास रखे सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुकानों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच जरूरी मानी जा रही है। चौक बाजार में 22 लाख का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी सवालों में शहर के पुराने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान इस सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई थी। इसके बाद सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड और घोड़ा नक्कास समेत शहर के आठ प्रमुख बाजारों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है। बैरागढ़ के फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव पर भी सवाल 17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ के संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 100 से ज्यादा कपड़े की दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव में कमी और उपकरणों पर जंग लगने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मेन कॉरिडोर में अतिक्रमण और मॉकड्रिल नहीं होने की बात भी कही गई है। न्यू मार्केट की आग के बाद अब सवाल केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि बाजारों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन रास्ते खुले रखने का भी है।

भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार

हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 24 रन से हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की हार की वजह पिच नहीं, बल्कि खराब गेंदबाजी थी। गावस्कर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिससे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिला। गावस्कर ने कहा कि अगर गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में तय योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। गावस्कर बोले- फुलटॉस डालकर पिच को दोष नहीं दे सकते गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि भारतीय गेंदबाजों की कमियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर पिच को लेकर शिकायत की जाती है और कहा जाता है कि वह गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही, लेकिन फुलटॉस डालने पर पिच को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने गेंदबाजों को सलाह दी कि परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है। फुलटॉस और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल लेंथ पर गेंद डालने से उन्हें आसानी से रन बनाने का मौका मिलता है। गावस्कर के मुताबिक, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सका। दोबारा बिछाई गई पिच पर गेंद रुककर आने की शिकायत हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की बात सामने आई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ मौकों पर गेंद पिच पर रुककर आई और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। हालांकि, गावस्कर का मानना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके अनुसार, पिच से मिलने वाली संभावित मदद तभी उपयोगी साबित होती है, जब गेंदबाज सही जगह गेंद डालें। इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिले। शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी उठाए सवाल गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी के तरीके पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे, लेकिन जोसेफ ने उनके खिलाफ बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी और एक और बाउंसर डाल दी। इस पर कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय अर्शदीप को निशाना बना रहे थे, जबकि उस समय स्टंप्स असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। 24 रन से हारा भारत बुधवार को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। मैच के बाद भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और पिच की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। गावस्कर की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि उनके मुताबिक, हार के लिए परिस्थितियों से ज्यादा गेंदबाजों का प्रदर्शन जिम्मेदार था।

संजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे

हैदराबाद। भारतीय ओपनर संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हार के बाद तिलक वर्मा के विकेट को मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। बुधवार को हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में भारत को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। सैमसन के मुताबिक, तिलक और नीतीश कुमार रेड्डी की साझेदारी के दौरान भारतीय टीम रन चेज में अच्छी स्थिति में थी, लेकिन तिलक के आउट होते ही मैच का रुख बदल गया। मैच के बाद सैमसन ने कहा, “मैच का टर्निंग पॉइंट वह था, जब तिलक आउट हुए। हम अच्छी स्थिति में थे। हम 10-20 रन आसानी से बना रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव संभाल रहे थे और दोनों बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे।” रेड्डी और तिलक ने 32 गेंदों में जोड़े 70 रन भारत ने 130 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उस समय टीम को जीत के लिए 50 गेंदों में 118 रन बनाने थे। मुश्किल परिस्थिति में नीतीश कुमार रेड्डी और तिलक वर्मा ने छठे विकेट के लिए 32 गेंदों में 70 रन की साझेदारी कर टीम की वापसी कराई। दोनों की बल्लेबाजी से भारत की जीत की उम्मीदें फिर मजबूत हुईं। हालांकि, जब जीत के लिए 19 गेंदों में 48 रन की जरूरत थी, तब रोमारियो शेफर्ड ने तिलक वर्मा को गलत शॉट खेलने पर मजबूर किया और उनका विकेट हासिल कर लिया। इसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम मुकाबला 24 रन से हार गई। सैमसन ने कहा कि पांच विकेट गिरने के बाद भी टीम के पास मैच में वापसी का मौका था। दो युवा खिलाड़ियों ने दबाव में अच्छी बल्लेबाजी की और वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण का सामना किया। उन्होंने माना कि निचले क्रम के बल्लेबाजों को अंत में बड़ी भूमिका निभानी थी। सैमसन ने कहा कि क्रिकेट में गलतियां होती हैं, लेकिन टीम को सकारात्मक रहकर आगे बढ़ना होगा। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा का किया बचाव ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर भी सैमसन ने प्रतिक्रिया दी। ईशान ने तीन गेंदों में छह रन बनाए, जबकि अभिषेक शर्मा 24 गेंदों पर 29 रन ही बना सके। सैमसन ने दोनों खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि एक मैच में खराब प्रदर्शन होना सामान्य है। उन्होंने अभिषेक की पिछली मैच में खेली गई 70 रन की पारी का जिक्र किया और कहा कि ईशान भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। सैमसन के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं और एक खराब मैच के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। सैमसन ने 23 गेंदों में बनाए 56 रन संजू सैमसन ने खुद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 56 रन बनाए। ईशान किशन के जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने तेज गति से रन बनाकर भारतीय टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि, टीम की हार से वह निराश नजर आए। सैमसन ने कहा, “हारने वाली टीम में होने का एहसास अलग होता है। इस समय मैं काफी निराश हूं। मेरा योगदान जीत में आना चाहिए था।” अपनी बल्लेबाजी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें मैदान पर बल्लेबाजी करने में मजा आया। उनके मुताबिक, बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय ज्यादा सोचने का समय नहीं होता और परिस्थितियों के अनुसार तेजी से खेलना पड़ता है। आखिरी मुकाबले को लेकर सैमसन आश्वस्त सीरीज बराबर होने के बाद सैमसन ने कहा कि भारतीय टीम अगले मुकाबले के लिए तैयार है। उन्होंने आखिरी मैच को फाइनल जैसा बताते हुए कहा कि अब देखना होगा कि टीम आगे कैसा प्रदर्शन करती है। अर्शदीप सिंह की चोट पर भी दिया अपडेट सैमसन ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की चोट को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अर्शदीप अपने कंधे पर बर्फ लगा रहे हैं। सैमसन ने उम्मीद जताई कि गेंद लगने से घायल हुए अर्शदीप जल्द ठीक हो जाएंगे और टीम में वापसी कर सकेंगे।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.