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Digital Shift या System Failure? SWAYAM-NPTEL Courses में क्यों नहीं बढ़ रही छात्रों की दिलचस्पी

Exclusive story:-भारत में SWAYAM और NPTEL ऑनलाइन कोर्स से डिग्री में क्रेडिट लेने का सिस्टम लागू है, लेकिन छात्र और यूनिवर्सिटीज इसे अपनाने में पीछे क्यों हैं?जानिए पूरी पड़ताल। ऑनलाइन एजुकेशन का बड़ा दावा, लेकिन असर सीमित भारत में उच्च शिक्षा को डिजिटल और लचीला बनाने के लिए सरकार ने SWAYAM और NPTEL प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया। उद्देश्य साफ था — छात्र अपने कॉलेज के साथ-साथ ऑनलाइन पढ़ाई करके डिग्री का एक बड़ा हिस्सा पूरा कर सकें। नीतियों के अनुसार, छात्र अपनी पढ़ाई का लगभग 40% हिस्सा ऑनलाइन कोर्स के जरिए पूरा कर सकते हैं। लेकिन असल स्थिति यह है कि यह सुविधा मौजूद होने के बावजूद ज्यादातर छात्र इसका फायदा नहीं उठा रहे हैं। सिस्टम मौजूद, लेकिन इस्तेमाल कम देशभर की 400 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज इस क्रेडिट सिस्टम से जुड़ चुकी हैं। प्लेटफॉर्म पर हजारों कोर्स भी उपलब्ध हैं। फिर भी, ग्राउंड लेवल पर देखा जाए तो: इससे साफ संकेत मिलता है कि नीति और व्यवहार में बड़ा गैप है। क्रेडिट ट्रांसफर सिस्टम आखिर है क्या? यह सिस्टम छात्रों को यह आज़ादी देता है कि: कागजों पर यह मॉडल काफी मजबूत दिखता है, लेकिन इसे लागू करना उतना आसान नहीं रहा। क्यों नहीं चल पा रहा यह मॉडल? 1. स्टूडेंट्स का कम जुड़ाव कई छात्रों को ये कोर्स अतिरिक्त बोझ लगते हैं। वे इन्हें सीरियसली नहीं लेते या पूरा नहीं कर पाते। 2. यूनिवर्सिटीज का अधूरा इंप्लीमेंटेशन हालांकि कई यूनिवर्सिटीज इस सिस्टम से जुड़ी हैं, लेकिन: 3. टाइमिंग और शेड्यूल का टकराव ऑनलाइन कोर्स और कॉलेज के सेमेस्टर शेड्यूल में तालमेल की कमी है।इस वजह से छात्रों के लिए दोनों को साथ मैनेज करना मुश्किल हो जाता है। 4. इंडस्ट्री-फोकस्ड कोर्स की कमी आज के समय में छात्र ऐसे कोर्स चाहते हैं जो उन्हें नौकरी दिलाने में मदद करें।लेकिन कई ऑनलाइन कोर्स अभी भी पुराने या कम प्रैक्टिकल माने जाते हैं। 5. जानकारी और गाइडेंस का अभाव कई छात्रों को यह तक नहीं पता कि: क्या हो सकता है समाधान? विशेषज्ञों का मानना है कि इस सिस्टम को सफल बनाने के लिए: ✔ कुछ प्रतिशत क्रेडिट को अनिवार्य किया जाए✔ छात्रों को सही गाइडेंस दी जाए✔ इंडस्ट्री से जुड़े नए कोर्स जोड़े जाएं✔ यूनिवर्सिटीज में इसे गंभीरता से लागू किया जाए प्राइवेट प्लेटफॉर्म क्यों आगे हैं? आज के समय में कई छात्र विदेशी और प्राइवेट प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके पीछे कारण हैं: यही वजह है कि सरकारी प्लेटफॉर्म होते हुए भी कम्पटीशन बढ़ गया है। भविष्य का रास्ता क्या है? SWAYAM और NPTEL जैसे प्लेटफॉर्म भारत के लिए बहुत बड़ा अवसर हैं, खासकर उन छात्रों के लिए जो: लेकिन अगर इन्हें सही तरीके से लागू नहीं किया गया, तो यह पहल सिर्फ एक अच्छी योजना बनकर रह जाएग डिजिटल एजुकेशन का यह मॉडल भारत की शिक्षा व्यवस्था को बदल सकता है, लेकिन अभी यह अपने शुरुआती संघर्ष के दौर में है। नीतियों से ज्यादा जरूरी है उनका सही क्रियान्वयन — तभी यह पहल सच में एजुकेशन रिवोल्यूशन बन पाएगी।
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Bhopal : Sports Minister Vishvas Sarang के सरकारी घर में चोरी, Medals और Certificates ले उड़े चोर

Bhopal : Sports Minister Vishvas Sarang के सरकारी घर में चोरी, Medals और Certificates ले उड़े चोर

मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। राज्य के खेल मंत्री Vishvas Sarang के सरकारी आवास में चोरी हो गई, जहां से चोर मेडल और प्रशस्ति पत्र तक लेकर फरार हो गए। जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब घर में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य थी, लेकिन चोरों ने मौके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। चोरी की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर जब मामला एक मंत्री के घर का हो। बताया जा रहा है कि चोरों ने खास तौर पर मेडल और सम्मान से जुड़े दस्तावेजों को निशाना बनाया, जो भावनात्मक और सम्मान की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण थे। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की तलाश जारी है। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा तेज है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ayodhya में CRPF Armoured Vehicles का रेला! Special Mission से पहले भगवान राम का आशीर्वाद

Ayodhya में CRPF Armoured Vehicles का रेला! Special Mission से पहले भगवान राम का आशीर्वाद

उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर अयोध्या में अचानक सीआरपीएफ (CRPF) की बख्तरबंद गाड़ियों का काफिला देखने को मिला, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शहर की सड़कों पर भारी सुरक्षा बलों की मौजूदगी से स्थानीय लोगों के बीच उत्सुकता और हल्की चिंता दोनों देखने को मिली। सूत्रों के मुताबिक, यह काफिला किसी खास मिशन के तहत अयोध्या पहुंचा है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से इस मिशन के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दे रही हैं। दिलचस्प बात यह रही कि मिशन शुरू करने से पहले सीआरपीएफ के जवानों ने अयोध्या में भगवान राम के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि अयोध्या में इस तरह की हलचल पहले भी बड़े आयोजनों या विशेष सुरक्षा कारणों से देखी जाती रही है। फिलहाल शहर में शांति व्यवस्था पूरी तरह से कायम है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। सुरक्षा बलों की मौजूदगी को एहतियात के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित स्थिति से निपटा जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Raghav Chadha और कांग्रेस सांसद में तीखी बहस: डॉ. गांधी ने कहा- गुस्से में चिट्ठी फाड़कर उनके सामने फेंकी

Raghav Chadha और कांग्रेस सांसद में तीखी बहस: डॉ. गांधी ने कहा- गुस्से में चिट्ठी फाड़कर उनके सामने फेंकी

पंजाब की राजनीति में उस वक्त माहौल गर्म हो गया, जब Raghav Chadha और कांग्रेस सांसद Dr. Dharamvira Gandhi के बीच तीखी बहस हो गई। यह विवाद पंजाब भवन में हुआ, जहां दोनों नेताओं के बीच बातचीत अचानक बहस में बदल गई। डॉ. गांधी ने बताया कि चर्चा के दौरान बात इतनी बढ़ गई कि उन्होंने गुस्से में एक चिट्ठी फाड़ दी और उसे राघव चड्ढा के सामने फेंक दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने उन्हें “गेट आउट” तक कह दिया। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच पहले से ही तनातनी चल रही थी, लेकिन इस घटना ने दोनों पार्टियों के रिश्तों को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है। राजनीति में इस तरह की घटनाएं आम जनता के लिए भी चिंता का विषय बन जाती हैं, क्योंकि लोग अपने नेताओं से शालीन व्यवहार और मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद रखते हैं, न कि इस तरह के टकराव की। अब देखना यह होगा कि इस विवाद के बाद दोनों पार्टियों के बीच रिश्ते और कैसे बदलते हैं। अधिक अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SIKKIM में बर्फबारी और भूस्खलन से हालात खराब, 1500 टूरिस्ट फंसे

SIKKIM में बर्फबारी और भूस्खलन से हालात खराब, 1500 टूरिस्ट फंसे

देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। SIKKIM में भारी बर्फबारी और भूस्खलन ने हालात बिगाड़ दिए हैं। यहां करीब 1500 टूरिस्ट अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण सड़कें बंद हो गई हैं और कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। फंसे हुए पर्यटकों के लिए खाने-पीने और ठहरने की व्यवस्था करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन खराब मौसम राहत कार्य में बड़ी चुनौती बन रहा है। वहीं, मौसम विभाग ने देश के 16 राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। तेज हवाएं, बिजली गिरने और बारिश को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिला है। यहां पिछले 3 दिनों में बिजली गिरने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम कर रहे लोग और खुले में मौजूद लोग इस प्राकृतिक आपदा का ज्यादा शिकार हो रहे हैं। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि खराब मौसम के दौरान घरों में रहें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। एक तरफ जहां लोग छुट्टियां मनाने गए थे, वहीं अब वही यात्रा डर और अनिश्चितता में बदल गई है। फंसे हुए पर्यटक अपने घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि कई परिवार अपने अपनों की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ASSAM में NDA की हैट्रिक का दावा, पुडुचेरी में राहुल गांधी का युवाओं से बड़ा वादा

ASSAM में NDA की हैट्रिक का दावा, पुडुचेरी में राहुल गांधी का युवाओं से बड़ा वादा

ASSAM और पुडुचेरी में चुनावी माहौल गर्म हो चुका है। एक तरफ प्रधानमंत्री Narendra Modi ने असम में NDA की लगातार तीसरी जीत का दावा किया, वहीं दूसरी तरफ Rahul Gandhi ने पुडुचेरी में युवाओं के लिए बड़ी घोषणा कर दी। प्रधानमंत्री मोदी ने असम की रैली में कहा कि राज्य की जनता NDA पर भरोसा जता रही है और इस बार भी जीत की हैट्रिक तय है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के पास न कोई ठोस विजन है और न ही विकास के लिए स्पष्ट योजना। मोदी ने अपने भाषण में सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि असम में पिछले कुछ सालों में तेजी से बदलाव हुआ है और जनता इस बदलाव को आगे भी जारी रखना चाहती है। वहीं, पुडुचेरी में राहुल गांधी ने युवाओं को साधने की कोशिश की। उन्होंने वादा किया कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो युवाओं को हर महीने ₹2000 की आर्थिक मदद दी जाएगी। राहुल ने कहा कि आज का युवा रोजगार और आर्थिक सुरक्षा चाहता है, और उनकी पार्टी इसके लिए ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है और उन्हें मजबूत बनाना सरकार की जिम्मेदारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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नौकरी

New Labour Law नौकरी छोड़ते ही Company को 48 Hours में करना होगा FnF Payment

नौकरी छोड़ने या अचानक नौकरी जाने के बाद सबसे बड़ी चिंता होती है — आखिरी सैलरी और बाकी बकाया पैसे कब मिलेंगे?अब इस परेशानी पर बड़ा कानूनी बदलाव हुआ है। नए लेबर कानून के तहत कंपनियों को कर्मचारी का Full & Final (FnF) settlement सिर्फ 2 working days के भीतर पूरा करना होगा। यह बदलाव उन लाखों कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है, जिन्हें पहले resignation या termination के बाद अपने ही पैसों के लिए हफ्तों तक इंतज़ार करना पड़ता था। क्या बदला है नए Labour Law में? पहले ज्यादातर कंपनियां final settlement को अगले payroll cycle में डाल देती थीं। इसकी वजह से कर्मचारियों को 30 से 45 दिन, और कई बार उससे भी ज्यादा इंतजार करना पड़ता था। अब नए नियम के मुताबिक अगर कोई कर्मचारी: तो कंपनी को 2 working days के अंदर salary और बाकी wage-related dues clear करना जरूरी होगा। यानी exit process अब सिर्फ HR formalities नहीं, बल्कि legal compliance भी बन गया है। Full & Final Settlement में क्या-क्या मिलेगा? FnF settlement सिर्फ आखिरी महीने की salary नहीं होती। इसमें कई financial components शामिल होते हैं, जैसे: हालांकि gratuity जैसी कुछ statutory payments की अलग timeline हो सकती है, लेकिन salary-related dues जल्दी देना अनिवार्य माना जा रहा है। Employees के लिए क्यों है बड़ी राहत? जॉब बदलने के दौरान EMI, किराया, daily expenses और नई नौकरी के बीच का gap सबसे ज्यादा pressure बनाता है। ऐसे समय पर final settlement जल्दी मिलना employees के लिए बड़ी financial support साबित होगा। यही वजह है कि यह नया rule खासतौर पर middle-class salaried professionals के लिए काफी राहतभरा माना जा रहा है। इससे कंपनियों की मनमानी policies पर भी काफी हद तक रोक लगेगी। Companies पर क्या पड़ेगा असर? इस नियम का सीधा असर HR, payroll और finance teams पर पड़ेगा।अब उन्हें exit clearance, leave calculation, company assets recovery और approvals जैसी प्रक्रियाओं को काफी तेज करना होगा। जिन कंपनियों का payroll system अभी भी manual है, उनके लिए 48 घंटे में FnF settlement करना एक operational challenge बन सकता है। अगर कंपनी 2 दिन में settlement न करे तो क्या करें? अगर कंपनी नए नियम के बाद भी देरी करती है, तो कर्मचारी ये कदम उठा सकते हैं: क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव? यह नया कानून सिर्फ payment timeline नहीं बदलता, बल्कि employee dignity और financial security को भी मजबूत करता है। नौकरी छूटने का समय पहले से ही emotionally और financially stressful होता है। ऐसे में अपने earned money के लिए लंबा इंतजार न करना कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी राहत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kerala

Kerala Election थरूर के काफिले पर हमला, पहली बार वोटर्स के लिए Free Cab का बड़ा ऐलान

Kerala में चुनावी हलचल अब और तेज होती दिख रही है। मतदान की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियां जहां अपने चरम पर हैं, वहीं कुछ घटनाओं ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है। मलप्पुरम के वंडूर इलाके में कांग्रेस नेता शशि थरूर के काफिले को रोके जाने और उनके सुरक्षाकर्मी व ड्राइवर के साथ मारपीट की खबर ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। इसी बीच चुनाव आयोग ने पहली बार वोट डालने वाले युवाओं के लिए free cab ride जैसी सुविधा का ऐलान कर चुनावी चर्चा को नया आयाम दे दिया है। मलप्पुरम में काफिला रोके जाने से बढ़ी राजनीतिक हलचल घटना उस वक्त हुई जब शशि थरूर का काफिला एक चुनावी कार्यक्रम की ओर बढ़ रहा था। रास्ते में चेल्लिथोडु ब्रिज के पास कुछ लोगों ने गाड़ियों की आवाजाही रोक दी, जिससे काफिला कुछ देर के लिए वहीं थम गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रास्ता साफ कराने के दौरान बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई। इस दौरान थरूर के गनमैन और ड्राइवर को चोटें आईं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत दर्ज की है और कुछ लोगों की पहचान भी कर ली गई है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल स्थानीय स्तर पर इस घटना ने चुनावी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर तब, जब मतदान में अब ज्यादा समय बाकी नहीं है और हर दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है। Young Voters के लिए Free Cab Service इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच चुनाव आयोग की एक सकारात्मक पहल भी चर्चा में है। युवा मतदाताओं, खासकर first-time voters, को बूथ तक आसानी से पहुंचाने के लिए कुछ शहरों में free cab service शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य सिर्फ सुविधा देना नहीं, बल्कि उन युवाओं को भी मतदान के लिए प्रेरित करना है जो दूरी, ट्रांसपोर्ट या समय की वजह से वोट डालने से चूक जाते हैं। लोकतंत्र को मजबूत करने की कोशिश जमीनी स्तर पर देखें तो यह कदम सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि लोकतंत्र को और मजबूत करने की कोशिश है। एक तरफ जहां चुनावी हिंसा जैसी घटनाएं चिंता बढ़ाती हैं, वहीं दूसरी ओर युवाओं को वोटिंग के लिए प्रोत्साहित करने वाली पहल उम्मीद जगाती है। यही वजह है कि इस बार केरल में youth turnout पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

IMD Weather हिमाचल से Delhi तक मौसम अलर्ट, कई राज्यों में बारिश-आंधी का असर

देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार को सक्रिय Western Disturbance (पश्चिमी विक्षोभ) के असर से उत्तर भारत, मध्य भारत और पश्चिमी राज्यों में तेज हवाएं, बारिश, ओलावृष्टि और धूलभरी आंधी देखने को मिली। मौसम विभाग ने 9 से ज्यादा राज्यों में rain-thunderstorm alert जारी किया है, जबकि पहाड़ी इलाकों में avalanche risk ने चिंता बढ़ा दी है। Himachal और Jammu-Kashmir में Avalanche Risk बढ़ा सबसे ज्यादा सतर्कता हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बरती जा रही है। ताजा बर्फबारी के बाद कई संवेदनशील ढलानों पर हिमस्खलन (Avalanche) का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने पर्यटकों, स्थानीय लोगों और ट्रेकिंग करने वालों से अपील की है कि वे ऊंचे बर्फीले रास्तों और पहाड़ी दर्रों की यात्रा फिलहाल टाल दें। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम ने एक बार फिर सर्दियों जैसी याद दिला दी है। MP Weather Update: बारिश और ओलों से किसानों की बढ़ी चिंता वहीं मध्य प्रदेश में मौसम का असर किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है। कई जिलों में अचानक बारिश, तेज हवाओं और ओलों ने फसलों को नुकसान पहुंचाने का खतरा बढ़ा दिया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक heavy rain, hailstorm और strong winds की संभावना जताई है। खेतों में गेहूं और चना की कटाई कर रहे किसानों के चेहरे पर मौसम को लेकर साफ चिंता देखी जा सकती है। Rajasthan-Haryana में Rain Storm से बदला मौसम राजस्थान और हरियाणा में भी आसमान में बादल छाए रहे और कई जगह गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई। जयपुर, अलवर, बीकानेर, कोटा और हरियाणा के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ मौसम सुहाना तो हुआ, लेकिन अचानक बदले इस मिजाज ने जनजीवन को प्रभावित भी किया। मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी है। Delhi Dust Storm: तेज हवाओं से विजिबिलिटी हुई कम राजधानी दिल्ली-NCR में सुबह से चली dust storm और तेज हवाओं ने लोगों को परेशान किया। कई इलाकों में धूल का गुबार छा गया, जिससे visibility कम हो गई। ऑफिस जाने वाले लोगों को सड़क पर धूल और तेज हवा के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, मौसम के इस बदलाव से गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अगले 72 घंटे कैसा रहेगा मौसम? मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 48 से 72 घंटे तक यही pattern बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट देखते रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और आंधी-बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bengal

Bengal Hostage Case Update एयरपोर्ट से मुख्य आरोपी गिरफ्तार, NIA ने तेज की जांच

Bengal के मालदा जिले में सामने आए हाई-प्रोफाइल Hostage Case में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। कई घंटों तक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के मामले में कथित मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक वह राज्य से बाहर निकलने की तैयारी में था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते उसे दबोच लिया। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक 35 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, केस की गंभीरता को देखते हुए NIA ने भी अपनी जांच औपचारिक रूप से शुरू कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासों की उम्मीद बढ़ गई है। क्या है पूरा Malda Hostage Case? यह मामला मालदा के कालियाचक इलाके से जुड़ा है, जहां चुनावी और प्रशासनिक प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी सरकारी काम के सिलसिले में पहुंचे थे। आरोप है कि स्थानीय विरोध के बीच अचानक बड़ी भीड़ जमा हो गई और अधिकारियों को कई घंटों तक बाहर नहीं निकलने दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार माहौल इतना तनावपूर्ण था कि मौके पर मौजूद अधिकारी लंबे समय तक असहाय स्थिति में रहे। इस घटना ने न सिर्फ प्रशासन बल्कि पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। Airport Arrest से जांच में आया बड़ा मोड़ जांच टीम को सूचना मिली थी कि मामले का मुख्य आरोपी शहर छोड़ने की कोशिश कर सकता है। इसी इनपुट के आधार पर बागडोगरा एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाई गई, जहां से मोफक्करुल इस्लाम को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों का मानना है कि यह गिरफ्तारी केस की planning, crowd mobilisation और possible political links तक पहुंचने में अहम साबित हो सकती है। NIA Probe: अब खुल सकती हैं साजिश की परतें मामले ने जब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ा, तब केंद्रीय एजेंसियों की एंट्री हुई। अब NIA probe शुरू होने के बाद जांच सिर्फ बंधक बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि: यही वजह है कि इस केस को अब सिर्फ law and order issue नहीं, बल्कि national-level institutional challenge की तरह देखा जा रहा है। Bengal Politics में बढ़ी सियासी गर्मी मालदा Hostage Case ने बंगाल की राजनीति को भी गरमा दिया है। विपक्ष राज्य सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगा रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश बता रहा है। जैसे-जैसे NIA जांच आगे बढ़ेगी, यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि major political flashpoint भी बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज

मध्यप्रदेश के भिंड में लिव-इन पार्टनर की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि भिंड निवासी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने बिहार निवासी नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या कर शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया। इसके बाद उसने पुलिस को गुमशुदगी का आवेदन देकर मामले को छिपाने की कोशिश की। पुलिस की पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। फिलहाल पुलिस टीम नदी में शव की तलाश कर रही है। कॉलेज में हुई थी पहचान, लिव-इन में रहने लगे दोनों जानकारी के मुताबिक, सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था और उसकी कोई संतान नहीं थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क स्नेहलता से हुआ। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस दौरान उनका एक बेटा भी हुआ। बताया जा रहा है कि सत्यप्रकाश का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने स्नेहलता की हत्या की साजिश रची। 8 अक्टूबर को उसने अपने बेटे को पत्नी के हवाले कर दिया। कानपुर घुमाने के बहाने ले गया, रास्ते में हत्या का आरोप आरोप है कि बेटे को पत्नी को सौंपने के बाद सत्यप्रकाश स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। इस दौरान एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य साथी भी उसके साथ थे। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया गया। गुमशुदगी का आवेदन देकर छिपाने की कोशिश हत्या के बाद सत्यप्रकाश ने सिटी कोतवाली पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्नेहलता के लापता होने की सूचना दी। बताया गया है कि उसने गुमशुदगी को लेकर पर्चे भी छपवाए थे, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान सत्यप्रकाश ने हत्या की बात कबूल कर ली। अब पुलिस नदी में शव की तलाश कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस ने क्या कहा? सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के मुताबिक, लापता युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस टीम शव की तलाश कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
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PM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू

लद्दाख में विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 15 अक्टूबर 2026 को लद्दाख में करीब ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लद्दाख का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और यहां की नई पीढ़ी का भविष्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन परियोजनाओं का सीधा संबंध लद्दाख की कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, पर्यटन और स्थानीय लोगों की सुविधाओं से है। सरकार का जोर सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के बेहतर अवसर देने पर भी है। लद्दाख के युवाओं के लिए क्या है सरकार का Plan? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लद्दाख के युवाओं की क्षमता और उनके भविष्य पर जोर दिया। उनका कहना है कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। लद्दाख में पर्यटन के विस्तार, विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ग्रीनहाउस खेती को भी बढ़ावा दे रही है। लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्र में खेती करना आसान नहीं है, इसलिए ग्रीनहाउस तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। Leh Airport पर ₹640 करोड़ का बड़ा Investment लद्दाख में पर्यटन और हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना पर करीब ₹640 करोड़ खर्च किए गए हैं। लगभग 23,800 वर्ग मीटर में बने इस टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 35 लाख बताई गई है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी। टर्मिनल में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बेहतर एयरपोर्ट से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ लद्दाख के पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। Nimmu-Padum-Darcha Road से आसान होगा सफर लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 298 किलोमीटर लंबी निमू-पदुम-दरचा सड़क भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग लेह के निमू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ता है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरता है। इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लद्दाख पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क का मतलब सिर्फ कम समय में सफर पूरा करना नहीं है। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जरूरी सामान तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है। Power Projects से मजबूत होगी बिजली की व्यवस्था लद्दाख में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया गया है। 9 मेगावाट क्षमता वाला हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। वहीं, 66 केवी की दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेगी। इन परियोजनाओं से बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे घरों के साथ स्थानीय कारोबार और दूसरी जरूरी सेवाओं को भी फायदा मिल सकता है। लद्दाख की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा संरक्षण विकास परियोजनाओं के बीच लद्दाख की प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया गया है। लेह के सिंधु घाट पर पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया गया। पेट्रोग्लिफ ऐसी प्राचीन आकृतियां होती हैं, जिन्हें चट्टानों पर उकेरा जाता है। इनमें उस दौर के लोगों के जीवन, जानवरों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां मिल सकती हैं। ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। इससे लद्दाख के इतिहास को समझने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है। Project Him Sarovar: 40 गांवों में बने जल निकाय लद्दाख में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। खासकर खेती के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी जुटाना कई इलाकों में मुश्किल हो सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Project Him Sarovar के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पानी को संरक्षित करना और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल आसान बनाना है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए मदद मिल सकती है। साथ ही, जल संरक्षण की बेहतर व्यवस्था क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है। Tourism और रोजगार पर भी रहेगा जोर लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध मठों, पहाड़ों और एडवेंचर गतिविधियों के लिए जाना जाता है। बेहतर एयरपोर्ट और सड़क संपर्क से यहां आने वाले पर्यटकों की यात्रा आसान हो सकती है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, होटल, होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, पर्यटन का विस्तार पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखकर करना जरूरी होगा। लद्दाख जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। लद्दाख के लिए क्यों अहम हैं ₹3,350 करोड़ के Projects? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित और शुरू की गई इन परियोजनाओं का महत्व केवल बड़ी रकम तक सीमित नहीं है। इनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। बेहतर सड़कें और एयरपोर्ट सफर को आसान बना सकते हैं। बिजली परियोजनाएं ऊर्जा व्यवस्था मजबूत कर सकती हैं, जबकि जल निकाय खेती में मदद कर सकते हैं। दूसरी ओर, शिक्षा, खेल और पर्यटन पर ध्यान देने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं। निष्कर्ष: लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाएं क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब इनकी सफलता इस बात से तय होगी कि इनका लाभ स्थानीय लोगों, किसानों, कारोबारियों और युवाओं तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है। प्रधानमंत्री का लद्दाख की नई पीढ़ी पर जोर इस बात को रेखांकित करता है कि विकास...

भोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग

भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोले-भटूरे दुकान के संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान में भट्टी के पास रखे कपड़े में आग लगी थी, जिसके बाद लपटें फैल गईं। हादसे में आसपास की चार अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को नुकसान पहुंचा था। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार से हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की तैयारी है। निगम ने चेतावनी दी है कि तय स्थान पर नहीं जाने वाले हॉकर्स का सामान जब्त किया जा सकता है। भट्टी के पास रखे कपड़े में लगी थी आग पुलिस की जांच के मुताबिक, बालाजी छोले-भटूरे दुकान में भट्टी जल रही थी। इसके पास रखे कपड़े में आग लगने के बाद लपटें फैल गईं और आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, आग भट्टी के पास रखे कपड़े से शुरू हुई थी। वहीं, दुकान में अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच नगर निगम कर रहा है। न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच जांचने के लिए मॉकड्रिल आग की घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच और रास्तों में आने वाली बाधाओं की जांच शुरू की है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। इस दौरान दो दमकल वाहनों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां दमकल को रुकना पड़ा, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। 8 अक्टूबर को आग लगने के दौरान दुकानों के सामने रखा सामान दमकल वाहनों के रास्ते में बाधा बना था। इसी को देखते हुए निगम ने बाजार में अतिक्रमण हटाने और रास्ते खाली रखने की कार्रवाई तेज की है। टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे हॉकर्स नगर निगम ने बुधवार को पूरे दिन मुनादी कराकर हॉकर्स को गुरुवार से निर्धारित स्थान पर जाने की सूचना दी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास स्थित हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। निगम की योजना न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की है, ताकि बाजार के रास्ते खुले रहें और आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी न हो। दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी कर रहा है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीली लाइन से आगे सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य दुकानों के सामने का रास्ता खाली रखना है, ताकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य प्रभावित न हो। आग वाली जगह से 100 फीट दूर भी जलती हैं भट्टियां आग लगने वाली जगह से करीब 100 फीट की दूरी पर छोले-भटूरे की दो अन्य दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आसपास दो से तीन नमकीन की दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टियां जलती हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों और भट्टियों के आसपास रखे सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुकानों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच जरूरी मानी जा रही है। चौक बाजार में 22 लाख का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी सवालों में शहर के पुराने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान इस सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई थी। इसके बाद सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड और घोड़ा नक्कास समेत शहर के आठ प्रमुख बाजारों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है। बैरागढ़ के फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव पर भी सवाल 17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ के संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 100 से ज्यादा कपड़े की दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव में कमी और उपकरणों पर जंग लगने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मेन कॉरिडोर में अतिक्रमण और मॉकड्रिल नहीं होने की बात भी कही गई है। न्यू मार्केट की आग के बाद अब सवाल केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि बाजारों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन रास्ते खुले रखने का भी है।

भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार

हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 24 रन से हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की हार की वजह पिच नहीं, बल्कि खराब गेंदबाजी थी। गावस्कर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिससे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिला। गावस्कर ने कहा कि अगर गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में तय योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। गावस्कर बोले- फुलटॉस डालकर पिच को दोष नहीं दे सकते गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि भारतीय गेंदबाजों की कमियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर पिच को लेकर शिकायत की जाती है और कहा जाता है कि वह गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही, लेकिन फुलटॉस डालने पर पिच को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने गेंदबाजों को सलाह दी कि परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है। फुलटॉस और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल लेंथ पर गेंद डालने से उन्हें आसानी से रन बनाने का मौका मिलता है। गावस्कर के मुताबिक, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सका। दोबारा बिछाई गई पिच पर गेंद रुककर आने की शिकायत हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की बात सामने आई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ मौकों पर गेंद पिच पर रुककर आई और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। हालांकि, गावस्कर का मानना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके अनुसार, पिच से मिलने वाली संभावित मदद तभी उपयोगी साबित होती है, जब गेंदबाज सही जगह गेंद डालें। इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिले। शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी उठाए सवाल गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी के तरीके पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे, लेकिन जोसेफ ने उनके खिलाफ बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी और एक और बाउंसर डाल दी। इस पर कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय अर्शदीप को निशाना बना रहे थे, जबकि उस समय स्टंप्स असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। 24 रन से हारा भारत बुधवार को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। मैच के बाद भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और पिच की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। गावस्कर की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि उनके मुताबिक, हार के लिए परिस्थितियों से ज्यादा गेंदबाजों का प्रदर्शन जिम्मेदार था।

संजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे

हैदराबाद। भारतीय ओपनर संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हार के बाद तिलक वर्मा के विकेट को मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। बुधवार को हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में भारत को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। सैमसन के मुताबिक, तिलक और नीतीश कुमार रेड्डी की साझेदारी के दौरान भारतीय टीम रन चेज में अच्छी स्थिति में थी, लेकिन तिलक के आउट होते ही मैच का रुख बदल गया। मैच के बाद सैमसन ने कहा, “मैच का टर्निंग पॉइंट वह था, जब तिलक आउट हुए। हम अच्छी स्थिति में थे। हम 10-20 रन आसानी से बना रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव संभाल रहे थे और दोनों बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे।” रेड्डी और तिलक ने 32 गेंदों में जोड़े 70 रन भारत ने 130 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उस समय टीम को जीत के लिए 50 गेंदों में 118 रन बनाने थे। मुश्किल परिस्थिति में नीतीश कुमार रेड्डी और तिलक वर्मा ने छठे विकेट के लिए 32 गेंदों में 70 रन की साझेदारी कर टीम की वापसी कराई। दोनों की बल्लेबाजी से भारत की जीत की उम्मीदें फिर मजबूत हुईं। हालांकि, जब जीत के लिए 19 गेंदों में 48 रन की जरूरत थी, तब रोमारियो शेफर्ड ने तिलक वर्मा को गलत शॉट खेलने पर मजबूर किया और उनका विकेट हासिल कर लिया। इसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम मुकाबला 24 रन से हार गई। सैमसन ने कहा कि पांच विकेट गिरने के बाद भी टीम के पास मैच में वापसी का मौका था। दो युवा खिलाड़ियों ने दबाव में अच्छी बल्लेबाजी की और वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण का सामना किया। उन्होंने माना कि निचले क्रम के बल्लेबाजों को अंत में बड़ी भूमिका निभानी थी। सैमसन ने कहा कि क्रिकेट में गलतियां होती हैं, लेकिन टीम को सकारात्मक रहकर आगे बढ़ना होगा। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा का किया बचाव ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर भी सैमसन ने प्रतिक्रिया दी। ईशान ने तीन गेंदों में छह रन बनाए, जबकि अभिषेक शर्मा 24 गेंदों पर 29 रन ही बना सके। सैमसन ने दोनों खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि एक मैच में खराब प्रदर्शन होना सामान्य है। उन्होंने अभिषेक की पिछली मैच में खेली गई 70 रन की पारी का जिक्र किया और कहा कि ईशान भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। सैमसन के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं और एक खराब मैच के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। सैमसन ने 23 गेंदों में बनाए 56 रन संजू सैमसन ने खुद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 56 रन बनाए। ईशान किशन के जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने तेज गति से रन बनाकर भारतीय टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि, टीम की हार से वह निराश नजर आए। सैमसन ने कहा, “हारने वाली टीम में होने का एहसास अलग होता है। इस समय मैं काफी निराश हूं। मेरा योगदान जीत में आना चाहिए था।” अपनी बल्लेबाजी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें मैदान पर बल्लेबाजी करने में मजा आया। उनके मुताबिक, बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय ज्यादा सोचने का समय नहीं होता और परिस्थितियों के अनुसार तेजी से खेलना पड़ता है। आखिरी मुकाबले को लेकर सैमसन आश्वस्त सीरीज बराबर होने के बाद सैमसन ने कहा कि भारतीय टीम अगले मुकाबले के लिए तैयार है। उन्होंने आखिरी मैच को फाइनल जैसा बताते हुए कहा कि अब देखना होगा कि टीम आगे कैसा प्रदर्शन करती है। अर्शदीप सिंह की चोट पर भी दिया अपडेट सैमसन ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की चोट को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अर्शदीप अपने कंधे पर बर्फ लगा रहे हैं। सैमसन ने उम्मीद जताई कि गेंद लगने से घायल हुए अर्शदीप जल्द ठीक हो जाएंगे और टीम में वापसी कर सकेंगे।

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