आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGबिज़नेसSugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ LimitedBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावटBREAKINGधर्म-कर्मRaksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ MuhuratBREAKINGदेश-हरपलKanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौतBREAKINGबिज़नेसShare Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावटBREAKINGदेश-हरपलKhelo India में PM Modi का बड़ा संवाद, Youth Power से Viksit Bharat तक होगी चर्चाBREAKINGदेश-हरपलBank Holiday Today: 28 अगस्त को बैंक रहेंगे बंद, Delhi-Mumbai समेत इन शहरों पर असरBREAKINGस्पोर्ट्सIND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोरBREAKINGबिज़नेसSugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ LimitedBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावटBREAKINGधर्म-कर्मRaksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ MuhuratBREAKINGदेश-हरपलKanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौतBREAKINGबिज़नेसShare Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावटBREAKINGदेश-हरपलKhelo India में PM Modi का बड़ा संवाद, Youth Power से Viksit Bharat तक होगी चर्चाBREAKINGदेश-हरपलBank Holiday Today: 28 अगस्त को बैंक रहेंगे बंद, Delhi-Mumbai समेत इन शहरों पर असरBREAKINGस्पोर्ट्सIND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोर

Latest Posts

BMC

BMC Election 2026 Results मुंबई में BJP की बड़ी जीत, PM Modi और CM Fadnavis का धन्यवाद

महाराष्ट्र के 29 नगरपालिकाओं में हाल ही में हुए BMC Election 2026 और अन्य नगरपालिका चुनावों में BJP‑सहयोगी महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया। खासकर बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में BJP सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और अब वह तय करेगी कि मुंबई का नया मेयर कौन होगा। चुनाव परिणाम (Election Results) नेताओं की प्रतिक्रिया (Leaders’ Reactions) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi, BJP):PM मोदी ने महाराष्ट्र के लोगों को धन्यवाद कहा और इसे “अच्छे शासन और विकास के लिए जनता का समर्थन” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह जनता का विश्वास और BJP की नीति में भरोसा दर्शाता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Fadnavis, BJP):फडणवीस ने कहा कि जनता ने ईमानदारी, विकास और पारदर्शी प्रशासन के लिए मतदान किया। उन्होंने BJP और उसके सहयोगियों की नीतियों को समावेशी और विकासोन्मुख बताया और कहा कि यह जनता के भरोसे का प्रतीक है। कांग्रेस पार्टी (Opposition Congress):कांग्रेस ने चुनाव को “विचारधारा की लड़ाई” बताया और कहा कि उनका अभियान सिद्धांतों पर आधारित था, चाहे परिणाम बड़े न भी आए हों। व्यापक प्रभाव (Broader Impact) BMC Election 2026 और अन्य नगरपालिका चुनावों में BJP‑महायुति की शानदार जीत ने महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में नया मोड़ दिया है। PM Modi और CM Fadnavis ने जनता का आभार जताया, जबकि विपक्ष ने इसे विचारधारा आधारित मुकाबला बताया। अब नगर निगमों में प्रशासन और विकास की दिशा तय होगी, और यह जनता के लिए नए अवसर और चुनौतियां लेकर आएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Rahul Gandhi

Rahul Gandhi Indore Visit बॉम्बे हॉस्पिटल में मरीजों से मिले राहुल गांधी, पीड़ितों को देंगे 1 लाख की मदद

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अपने इंदौर दौरे के दौरान सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे। यहां उन्होंने इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। राहुल गांधी ने मरीजों से बातचीत कर उन्हें बेहतर इलाज और सहयोग का भरोसा दिलाया। अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों से भी उन्होंने उपचार की स्थिति को लेकर चर्चा की। हॉस्पिटल गेट पर रोके गए कांग्रेस कार्यकर्ता Rahul Gandhi के आगमन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंच गए। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के चलते पुलिस ने कार्यकर्ताओं को गेट पर ही रोक दिया। केवल सीमित नेताओं और अधिकारियों को ही अस्पताल परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई, जिससे कुछ समय के लिए गेट पर हलचल का माहौल रहा। भागीरथपुरा में पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात बॉम्बे हॉस्पिटल के बाद Rahul Gandhi का अगला कार्यक्रम भागीरथपुरा क्षेत्र में तय है। यहां वे हालिया घटनाओं से प्रभावित पीड़ित परिवारों से सीधे मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी पीड़ितों के घर जाकर हालात का जायजा लेंगे। पीड़ितों को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता कांग्रेस की ओर से जानकारी दी गई है कि राहुल गांधी पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में 1-1 लाख रुपये का चेक सौंपेंगे। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह मदद पीड़ितों को तत्काल राहत देने के उद्देश्य से की जा रही है, ताकि वे इस कठिन समय से उबर सकें। मानवीय संवेदना के संदेश के साथ इंदौर दौरा कांग्रेस नेताओं का कहना है कि Rahul Gandhi का यह दौरा राजनीतिक से अधिक मानवीय संवेदना से जुड़ा हुआ है। उनका प्रयास है कि पीड़ित परिवार खुद को अकेला न समझें। राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर शहर में दिनभर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं, वहीं प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Maharashtra

Maharashtra Municipal Result 2026 BJP+ का शहरी स्ट्रॉन्गहोल्ड, Congress को Latur और Chandrapur में राहत

महाराष्ट्र (Maharashtra) नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की शहरी राजनीति की तस्वीर लगभग साफ कर दी है। 29 नगर निगमों में हुए चुनावों के रुझानों और नतीजों में बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन (BJP+) ने बड़ा दबदबा दिखाया है। शुरुआती और लगभग अंतिम रुझानों के मुताबिक 23 से 25 नगर निगमों में BJP+ को बढ़त या जीत मिली है, जबकि कुछ जगहों पर कांग्रेस और विपक्षी दलों ने भी मजबूत प्रदर्शन किया है। Mumbai, Pune, Nagpur में BJP+ का दमदार प्रदर्शन राज्य के तीन सबसे बड़े और अहम नगर निगम—मुंबई (BMC), पुणे और नागपुर—में बीजेपी और उसके सहयोगियों ने बढ़त बना ली है। इन नतीजों को शहरी मतदाताओं के बीच बीजेपी की पकड़ के रूप में देखा जा रहा है, खासकर विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थिर प्रशासन जैसे मुद्दों को लेकर। Latur और Chandrapur में Congress को राहत जहां एक तरफ BJP+ का दबदबा दिखा, वहीं लातूर और चंद्रपुर जैसे नगर निगमों में कांग्रेस ने बहुमत हासिल कर या मजबूत बढ़त बनाकर राहत की सांस ली है। इन इलाकों में स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवारों और संगठन की पकड़ ने कांग्रेस को फायदा पहुंचाया। अन्य नगर निगमों का हाल मतदाता रुझान और राजनीतिक संकेत इन चुनावों में शहरी मतदाताओं का रुझान साफ तौर पर स्थिरता और मजबूत नेतृत्व की ओर झुका दिखता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये नतीजे आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए भी संकेत देने वाले हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Yashwant Varma

Justice Yashwant Varma के खिलाफ Parliamentary Committee की जांच जारी Supreme Court ने रोक नहीं लगाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश Justice Yashwant Varma के लिए हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा झटका दिया है। अदालत ने उनके उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ गठित Parliamentary Investigation Committee को चुनौती दी थी। इस फैसले के बाद अब उनके खिलाफ लगे corruption allegations की संसदीय जांच पूरी तरह से जारी रह सकेगी। मामला क्या है? जस्टिस यशवंत वर्मा तब विवादों में आए थे जब दिल्ली हाईकोर्ट में उनका official residence आग की घटना के बाद खुलासा हुआ कि वहां बड़ी मात्रा में unaccounted cash मिली। इसके बाद उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे और उन्हें बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया। संसदीय कार्रवाई की शुरुआत लोकसभा में उनके खिलाफ impeachment motion पेश किया गया। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने Judges (Inquiry) Act, 1968 के तहत तीन सदस्यीय संसदीय जांच समिति का गठन किया। इस समिति का काम है आरोपों की निष्पक्ष जांच करना। हालांकि, राज्यसभा में यह प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो सका क्योंकि उपसभापति ने इसे पहले ही रिजेक्ट कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस वर्मा की दलील जस्टिस वर्मा ने दलील दी कि जब तक दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव स्वीकार नहीं होता, तब तक संसदीय जांच समिति का गठन कानूनी रूप से सही नहीं है। उनका कहना था कि लोकसभा अध्यक्ष ने एकतरफा निर्णय लिया, जो कानून के खिलाफ है। कोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि: इस निर्णय के बाद संसदीय जांच समिति को जस्टिस वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच जारी रखने का हक मिल गया। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला न्यायिक जवाबदेही और transparency की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जस्टिस यशवंत वर्मा के लिए यह एक बड़ा झटका है, जबकि संसद को उनके खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच जारी रखने का अधिकार मिल गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Maharashtra

Maharashtra Civic Polls 2026 मुंबई नगर निगम में कड़ा मुकाबला, Nagpur में BJP का दबदबा

महाराष्ट्र (Maharashtra) में नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की शहरी राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। मतगणना के रुझानों से साफ है कि इस बार BJP+ (महायुति) गठबंधन ने कई बड़े महानगरों में मजबूत बढ़त बना ली है। खास तौर पर मुंबई और नागपुर जैसे अहम शहरों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, जहां मुकाबला सिर्फ सीटों का नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रभाव का भी है। Mumbai BMC Result: कड़ा मुकाबला, लेकिन BJP+ आगे देश की आर्थिक राजधानी मुंबई नगर निगम (BMC) में इस बार चुनावी जंग बेहद दिलचस्प रही। अब तक सामने आए रुझानों के अनुसार BJP+ गठबंधन करीब 44 सीटों पर आगे चल रहा है। वहीं शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और उसके सहयोगी लगभग 24 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।कई वार्डों में मुकाबला इतना नजदीकी है कि हर राउंड के साथ समीकरण बदलते दिखे। फिर भी, मौजूदा रुझान यह संकेत दे रहे हैं कि मुंबई की नगर राजनीति में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। Nagpur Municipal Result: BJP का दबदबा बरकरार नागपुर नगर निगम में तस्वीर कहीं ज्यादा साफ नजर आ रही है। यहां BJP+ गठबंधन लगभग 63 सीटों पर आगे चल रहा है। यह शहर लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है और इस चुनाव में भी पार्टी ने अपनी पकड़ कायम रखी है। विपक्षी दल नागपुर में प्रभावी चुनौती देने में फिलहाल पीछे दिख रहे हैं। अन्य महानगरों में क्या रहा हाल मुंबई और नागपुर के अलावा पुणे, ठाणे, नवी मुंबई, वसई-विरार जैसे प्रमुख नगर निगमों में भी BJP+ को बढ़त मिलती दिख रही है। कुछ जगहों पर कांग्रेस, NCP और शिवसेना (UBT) ने टक्कर जरूर दी, लेकिन कुल मिलाकर रुझान महायुति के पक्ष में रहे हैं। राजनीतिक मायने क्या हैं इन नगर निगम चुनाव परिणामों को सिर्फ स्थानीय निकाय तक सीमित नहीं देखा जा रहा। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि शहरी इलाकों में BJP+ की बढ़त आने वाले समय में राज्य और राष्ट्रीय राजनीति पर असर डाल सकती है। वहीं शिवसेना (उद्धव गुट) के लिए यह चुनाव आत्ममंथन का मौका भी माना जा रहा है। फिलहाल ये सभी आंकड़े मतगणना के रुझानों पर आधारित हैं और अंतिम परिणाम आना अभी बाकी है। लेकिन इतना तय है कि Maharashtra Nagar Nigam Election Result 2026 ने यह साफ कर दिया है कि शहरी महाराष्ट्र में राजनीतिक हवा किस दिशा में बह रही है। आने वाले घंटों में जब अंतिम नतीजे सामने आएंगे, तब यह तस्वीर और भी स्पष्ट हो जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
ED

ED vs I-PAC Case Supreme Court से Mamata Government को बड़ा झटका, FIR पर रोक

राजनीति और कानून के टकराव से निकला ED vs I-PAC मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालत, सुप्रीम कोर्ट, के केंद्र में है। इस हाई-प्रोफाइल विवाद में अदालत ने पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा ईडी (Enforcement Directorate) के अधिकारियों पर दर्ज FIR पर रोक लगा दी है। इस फैसले को ममता बनर्जी सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। क्या है पूरा मामला? (What is ED vs I-PAC?) जनवरी की शुरुआत में ED ने कोलकाता में I-PAC (Indian Political Action Committee) से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई कथित कोयला घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ी बताई गई।I-PAC वही संस्था है जो तृणमूल कांग्रेस (TMC) को राजनीतिक रणनीति में सलाह देती रही है—यही वजह है कि मामला सीधे राजनीतिक बहस में बदल गया। छापेमारी के बाद बंगाल पुलिस ने ED अधिकारियों पर FIR दर्ज कर दी, आरोप लगाए गए कि छापे के दौरान अवैध तरीके अपनाए गए और डराने-धमकाने जैसी बातें हुईं। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? ED इस FIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि यह मामला संवैधानिक और बेहद संवेदनशील है।अदालत ने: इसका सीधा मतलब है कि जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, ED अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। ED के गंभीर आरोप ED ने कोर्ट में दावा किया कि: ED का कहना है कि अगर राज्य पुलिस केंद्रीय एजेंसी की जांच रोकने लगे, तो कानून-व्यवस्था और न्याय दोनों खतरे में पड़ेंगे। ममता बनर्जी सरकार का पक्ष ममता बनर्जी और उनकी सरकार ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया। उनका कहना है कि: TMC का दावा है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीति के लिए किया जा रहा है। यह मामला इतना अहम क्यों है? क्योंकि यह सिर्फ एक छापेमारी नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकारों की शक्तियों की सीमा का सवाल बन चुका है।अगर राज्य पुलिस केंद्रीय एजेंसी पर केस दर्ज कर देती है, तो जांच का भविष्य क्या होगा—यही सवाल सुप्रीम कोर्ट के सामने है। ED vs I-PAC केस अब सिर्फ कानूनी लड़ाई नहीं रहा—यह संघीय ढांचे, चुनावी राजनीति और जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बन चुका है।सुप्रीम कोर्ट का FIR पर रोक लगाना बताता है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह केस बंगाल की राजनीति और देश की संस्थागत व्यवस्था—दोनों पर असर डाल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Mayawati

Mayawati Press Meet स्टेज लाइट से धुआं निकलते ही बीच में छोड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती (Mayawati) की प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय अचानक रुक गई, जब मंच पर लगी एक तेज़ लाइट से धुआं निकलने लगा। कुछ ही सेकेंड में माहौल असहज हो गया और सुरक्षा कारणों से मायावती को अपना कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर जाना पड़ा। यह घटना लखनऊ में आयोजित एक अहम राजनीतिक प्रेस मीट के दौरान हुई, जहां मायावती पार्टी की आगे की रणनीति और मौजूदा राजनीतिक हालात पर बोलने वाली थीं। लेकिन जैसे ही धुएं की तेज़ गंध और लाइट से निकलता धुआं दिखाई दिया, वहां मौजूद लोग भी घबरा गए। मंच पर अचानक बदला माहौल प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रेस कॉन्फ्रेंस सामान्य रूप से चल रही थी, तभी अचानक स्टेज लाइट के एक हिस्से से धुआं उठने लगा। कुछ देर के लिए यह साफ नहीं हो पाया कि यह तकनीकी खराबी है या किसी बड़े खतरे का संकेत। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत स्थिति संभाली और मायावती को मंच से हटाया गया। Mayawati बिना किसी हड़बड़ी के अपनी कुर्सी से उठीं और सुरक्षा घेरे के बीच कार्यक्रम स्थल से बाहर चली गईं। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को वहीं रोक दिया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना के कुछ ही मिनटों में प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे — कुछ ने इसे सुरक्षा में चूक बताया तो कुछ ने इसे महज तकनीकी खराबी कहा। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और समय रहते बड़ा हादसा टल गया। क्या थी धुएं की वजह? फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि लाइट से धुआं क्यों निकला। शुरुआती तौर पर इसे इलेक्ट्रिकल या टेक्निकल फॉल्ट माना जा रहा है। इवेंट मैनेजमेंट टीम और तकनीकी स्टाफ द्वारा उपकरणों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गड़बड़ी कहां हुई। बसपा की ओर से भी कहा गया है कि मायावती पूरी तरह सुरक्षित हैं और जल्द ही अगला कार्यक्रम तय किया जाएगा। राजनीति के बीच एक अप्रत्याशित मोड़ इस वक्त जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज़ है, मायावती की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस भी काफी अहम मानी जा रही थी। ऐसे में इस तरह की तकनीकी घटना ने न सिर्फ कार्यक्रम को प्रभावित किया, बल्कि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Jaipur की सड़कों पर सेना की ताकत का भव्य प्रदर्शन, शहीद की मां भावुक होकर हुईं बेहोश

Jaipur की सड़कों पर सेना की ताकत का भव्य प्रदर्शन, शहीद की मां भावुक होकर हुईं बेहोश

Jaipur में उस वक्त गर्व और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला, जब भारतीय सेना की ताकत सड़कों पर उतरी। शहर की मुख्य सड़कों पर ब्रह्मोस मिसाइल, पिनाका रॉकेट लॉन्चर और आधुनिक सैन्य वाहन लोगों के सामने लाए गए। वहीं आसमान में अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर की गर्जना ने हर देशवासी का सीना चौड़ा कर दिया। सेना की शक्ति देख उमड़ा जनसैलाब इस भव्य सैन्य प्रदर्शन को देखने के लिए जयपुर की सड़कों पर हजारों लोग जुटे। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक, हर किसी की आंखों में गर्व साफ झलक रहा था। लोग मोबाइल में तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करते नजर आए। सेना के जवानों का उत्साह और अनुशासन लोगों को भावुक कर गया। शहीद की मां को मिला सम्मान, भावनाओं पर नहीं रहा काबू कार्यक्रम के दौरान एक ऐसा पल भी आया, जिसने हर आंख नम कर दी। एक शहीद जवान की मां को जब सेना का मेडल दिया गया, तो वह भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं और मंच पर ही बेहोश हो गईं। मौके पर मौजूद अधिकारियों और डॉक्टरों ने तुरंत उनकी मदद की। यह दृश्य याद दिलाता है कि देश की सुरक्षा के पीछे कितनी माताओं का बलिदान और दर्द छिपा होता है। देशभक्ति और सम्मान का संदेश यह कार्यक्रम सिर्फ हथियारों की ताकत दिखाने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाना और शहीदों के परिवारों को सम्मान देना भी था। जयपुर की सड़कों पर यह नज़ारा लंबे समय तक लोगों की यादों में रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
तेज प्रताप यादव

Bihar Family Politics तेज प्रताप यादव और Lalu परिवार की Makar Sankranti मुलाकात

बिहार में मकर संक्रांति 2026 के अवसर पर तेज प्रताप यादव का दही‑चूड़ा (Dahi‑Chura) Feast आयोजन सिर्फ पारिवारिक रिश्तों को फिर से जीवित करने वाला पल नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी नया संकेत बना। परिवार का मिलन और आशीर्वाद तेज प्रताप यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव, माता राबड़ी देवी और छोटे भाई तेजस्वी यादव से पटना स्थित अपने घर पर मुलाकात की। उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों को दही‑चूड़ा भोज में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।इस मुलाकात में तेज प्रताप ने अपनी भतीजी कात्यायनी को गोद में उठाते हुए भावनात्मक पल साझा किया। लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे को आशीर्वाद और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।यह मुलाकात लंबे समय के बाद हुई, जब परिवार के रिश्तों में कुछ दूरी बनी हुई थी। रिश्तों में नरमी और Positive Signs पिछले समय में तेज प्रताप यादव और उनके परिवार के बीच तनाव देखा गया था। आज का यह त्योहार और मुलाकात संकेत देती है कि व्यक्तिगत रिश्तों में सुलह की कोशिशें हो रही हैं। हालांकि यह कहना जल्दी होगा कि सब कुछ सामान्य हो गया है, लेकिन यह पहला सकारात्मक कदम जरूर माना जा रहा है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश दही‑चूड़ा भोज सिर्फ पारिवारिक मिलन का पल नहीं है। यह बिहार में राजनीतिक परंपरा का भी हिस्सा है। तेज प्रताप ने इस भोज में एनडीए और अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी आमंत्रित किया।इससे यह संकेत मिलता है कि वे न केवल पारिवारिक रिश्तों को सुदृढ़ करना चाहते हैं, बल्कि राजनीतिक समीकरण भी मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि यह आयोजन पारिवारिक प्यार और राजनीति के संतुलन का प्रतीक है। इस तरह के कार्यक्रम अक्सर सामाजिक और राजनीतिक संकेत दोनों देते हैं। आज का दही‑चूड़ा भोज पारिवारिक और राजनीतिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा। यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि सब कुछ पूरी तरह सामान्य हो गया है, लेकिन त्योहार और मुलाकात ने रिश्तों में नरमी और सकारात्मक बदलाव के संकेत जरूर दिए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Blinkit ने हटाया ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा, कर्मचारियों की हड़ताल और सरकार के दखल के बाद फैसला

Blinkit ने हटाया ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा, कर्मचारियों की हड़ताल और सरकार के दखल के बाद फैसला

ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म Blinkit ने अपने मशहूर दावे ‘10 मिनट में डिलीवरी’ को हटा दिया है। यह फैसला कर्मचारियों की हड़ताल, बढ़ती शिकायतों और सरकार के हस्तक्षेप के बाद लिया गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही Zepto, Swiggy Instamart और Zomato जैसी अन्य कंपनियां भी अपनी सख्त टाइम लिमिट हटाने की तैयारी में हैं। क्यों लिया गया यह फैसला? बीते कुछ समय से डिलीवरी पार्टनर्स लगातार यह आरोप लगा रहे थे कि कम समय में डिलीवरी का दबाव उनकी सुरक्षा और सेहत दोनों के लिए खतरा बनता जा रहा है। तेज रफ्तार, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और बढ़ता मानसिक तनाव आम बात हो गई थी। कई जगह डिलीवरी कर्मचारियों ने हड़ताल भी की। सरकार की सख्ती का असर डिलीवरी सिस्टम में बढ़ते हादसों और श्रमिकों की शिकायतों को देखते हुए सरकारी एजेंसियों ने भी दखल दिया। कंपनियों को साफ संकेत दिया गया कि ग्राहकों की सुविधा के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। बाकी कंपनियां भी बदलेंगी रणनीति सूत्रों के मुताबिक, Zepto, Swiggy और Zomato भी अब अपनी डिलीवरी पॉलिसी पर दोबारा विचार कर रही हैं। इन कंपनियों का फोकस अब “सेफ और रियलिस्टिक डिलीवरी टाइम” पर होगा, न कि बेहद कम समय के वादों पर। ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा? ग्राहकों को शायद अब कुछ मिनट ज्यादा इंतजार करना पड़े, लेकिन बदले में: मानवता की ओर एक कदम तेज डिलीवरी की दौड़ में इंसानी जान की कीमत समझना जरूरी है। Blinkit का यह फैसला यह दिखाता है कि बिजनेस से ज्यादा जरूरी इंसान हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 131 132 133 134 135 216

Editor's Picks

Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.