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Doda

Doda Accident जम्मू-कश्मीर में Army Vehicle खाई में गिरी, 4 जवान शहीद, 9 घायल

आज 22 जनवरी 2026 को जम्मू-कश्मीर के डोडा (Doda) जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई। भद्रवाह–चंबा इंटरस्टेट रोड पर स्थित खन्नी टॉप इलाके में भारतीय सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गया और करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा। यह वाहन एक उच्च-ऊंचाई वाली सेना चौकी की ओर जा रहा था। हादसे के वक्त गाड़ी में थे 17 सैनिक हादसे के समय वाहन में कुल 17 जवान सवार थे। इस दर्दनाक दुर्घटना में 4 बहादुर जवान शहीद हो गए, जबकि 9 अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। बाकी सैनिकों को मामूली चोटें आई हैं। राहत-बचाव अभियान: घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही सेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया। दुर्गम पहाड़ी इलाके और गहरी खाई के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन घंटों की मेहनत के बाद घायलों को बाहर निकाला गया। घायलों को पहले नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया और बाद में कुछ गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए उधमपुर के सैन्य अस्पताल में एयरलिफ्ट किया गया। हादसे की वजह क्या रही? जांच के आदेश प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे की वजह सड़क की खराब स्थिति, तीखे मोड़ और फिसलन हो सकती है। हालांकि सेना और प्रशासन ने औपचारिक जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच के बाद ही दुर्घटना के असली कारणों का पता चल सकेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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अविमुक्तेश्वरानंद

Prayagraj Magh Mela में हंगामा अविमुक्तेश्वरानंद को Ban की चेतावनी

प्रयागराज में बढ़ा विवाद प्रयागराज में चल रहे विश्वप्रसिद्ध माघ मेले (Magh Mela) को लेकर प्रशासन और संत अविमुक्तेश्वरानंद के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। जिला प्रशासन ने उन्हें दूसरा नोटिस जारी करते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर उनके किसी भी कृत्य से फिर से मेले की व्यवस्था प्रभावित हुई, तो उन्हें माघ मेले से बैन (Ban) किया जा सकता है। व्यवस्था बिगड़ने का आरोप प्रशासन का कहना है कि हाल ही में अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े एक कार्यक्रम के कारण भीड़ अचानक बढ़ गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और यातायात व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, हालात इतने बिगड़ गए कि श्रद्धालुओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ी और कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ा। पहले भी मिल चुका है नोटिस इससे पहले भी प्रशासन ने उन्हें नियमों के उल्लंघन को लेकर नोटिस भेजा था, लेकिन उसके बावजूद हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ। इसी को देखते हुए अब दूसरा नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन की सख्त चेतावनी नोटिस में स्पष्ट लिखा गया है कि माघ मेला एक संवेदनशील और विशाल धार्मिक आयोजन है, जहां हर दिन लाखों श्रद्धालु स्नान और पूजा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति या संगठन की लापरवाही भारी पड़ सकती है।प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि अविमुक्तेश्वरानंद ने बिना अनुमति कोई कार्यक्रम किया या भीड़ को उकसाने वाली गतिविधियों में हिस्सा लिया, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ मेले में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है। समर्थकों में नाराज़गी इस पूरे मामले पर अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थकों में नाराज़गी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि संत को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जबकि प्रशासन का तर्क है कि नियम सबके लिए बराबर हैं और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जा सकती। आगे क्या होगा? फिलहाल दूसरा नोटिस जारी होने के बाद माहौल और गंभीर हो गया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अविमुक्तेश्वरानंद प्रशासन की चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेते हैं। अगर भविष्य में भी ऐसी स्थिति बनी रही, तो माघ मेले से उनका बैन होना लगभग तय माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Prayagraj

Prayagraj हवा में संतुलन खो बैठा Air Force विमान, तालाब में गिरा, बड़ा हादसा टला

प्रयागराज (Prayagraj) शहर बुधवार दोपहर अचानक दहशत और अफरा-तफरी में बदल गया, जब भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट (Trainer Aircraft) हवा में डगमगाते हुए शहर के बीचों-बीच तालाब में जा गिरा। यह हादसा केपी कॉलेज के पीछे हुआ, जो माघ मेला क्षेत्र से करीब 3 किलोमीटर दूर है। घटना के वक्त लोग रोज़मर्रा की ज़िंदगी में व्यस्त थे। तभी अचानक तेज आवाज़ के साथ विमान नीचे आता दिखा और कुछ ही सेकेंड में तालाब में समा गया। आसपास मौजूद लोगों ने मोबाइल से वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हवा में डगमगाया और तालाब में गिरा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान उड़ान भरते समय अचानक संतुलन खो बैठा। कुछ सेकेंड तक वह हवा में इधर-उधर झूलता रहा और फिर सीधा तालाब में गिर गया। जोरदार आवाज़ सुनते ही आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विमान रूटीन ट्रेनिंग सॉर्टी पर था और उसमें दो पायलट सवार थे। दोनों पायलट सुरक्षित, बड़ा हादसा टला सबसे राहत की बात यह रही कि विमान में मौजूद दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। स्थानीय लोगों, पुलिस और रेस्क्यू टीम ने मिलकर तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। दोनों पायलटों को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर और खतरे से बाहर है। माघ मेला के पास हादसा, बढ़ी सतर्कता यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब प्रयागराज में माघ मेला चल रहा है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शहर में मौजूद हैं। चूंकि दुर्घटना स्थल मेला क्षेत्र से ज्यादा दूर नहीं है, इसलिए प्रशासन ने पूरे इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। अगर विमान रिहायशी इलाके में गिरता, तो नुकसान कहीं ज़्यादा बड़ा हो सकता था। इंजन फेल या तकनीकी खराबी? जांच शुरू प्रारंभिक रिपोर्ट में आशंका जताई जा रही है कि विमान के इंजन में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके चलते पायलट नियंत्रण नहीं रख पाए। भारतीय वायुसेना और संबंधित तकनीकी एजेंसियों ने हादसे की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि दुर्घटना की असली वजह क्या थी। वीडियो में दिखा खौफनाक मंजर घटना के वीडियो में साफ दिखाई देता है कि विमान अचानक नीचे की ओर झुकता है और तालाब में गिर जाता है। कुछ ही पल में लोग मौके पर पहुंचते हैं और तालाब के पानी में उतरकर पायलटों को बाहर निकालने की कोशिश करते हैं। प्रशासन और वायुसेना का बयान प्रशासन की ओर से कहा गया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी आम नागरिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। वहीं, वायुसेना ने पुष्टि की है कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रयागराज (Prayagraj) में हुआ यह हादसा डरावना जरूर था, लेकिन समय पर हुए रेस्क्यू और पायलटों की सूझ-बूझ से एक बड़ा नुकसान टल गया। फिलहाल पूरा शहर राहत की सांस ले रहा है और सभी की नजरें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vehicle

Vehicle Alert बिना टोल भुगतान के NOC और Fitness Certificate नहीं मिलेगा

देशभर के vehicle owners के लिए बड़ी चेतावनी सामने आई है। अब अगर किसी वाहन पर टोल टैक्स बकाया है, तो मालिक को कई महत्वपूर्ण सुविधाओं से वंचित होना पड़ सकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना टोल क्लियरेंस के NOC (No Objection Certificate), fitness certificate, और national permit जारी नहीं होंगे। क्या है पूरी स्थिति? Vehicle Owners के लिए सुझाव अधिकारियों ने सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे समय पर अपने टोल बकाया का भुगतान करें। ऑनलाइन टोल पेमेंट और RTO रिकॉर्ड अपडेट की सुविधा आसानी से उपलब्ध है। इससे न सिर्फ परेशानी से बचा जा सकता है, बल्कि वाहन से जुड़ी सभी कानूनी सेवाएं भी सुचारू रूप से मिलती रहेंगी। टोल बकाया केवल एक रकम नहीं, बल्कि वाहन मालिक के लिए कई सेवाओं की चाबी है। इसे समय पर चुकाना आपके लिए सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi में Sunita Williams बोलीं- भारत आना घर लौटने जैसा

Delhi में Sunita Williams बोलीं- भारत आना घर लौटने जैसा

Delhi दौरे पर आईं मशहूर अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री Sunita Williams ने भारत से अपने खास जुड़ाव को एक बार फिर खुले दिल से साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत आना उन्हें घर लौटने जैसा महसूस होता है। उनकी बातों में अपनापन, सादगी और भावनाएं साफ झलक रही थीं। एक कार्यक्रम के दौरान सुनीता विलियम्स ने मुस्कुराते हुए कहा कि वह चांद पर जाना जरूर चाहेंगी, लेकिन इस बात पर उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में जोड़ा, “मेरे पति शायद मुझे इसकी इजाजत नहीं देंगे।” उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग हंस पड़े और माहौल खुशनुमा हो गया। सुनीता विलियम्स ने बताया कि भारत से उनका रिश्ता केवल काम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल से जुड़ा हुआ है। भारतीय संस्कृति, लोगों की गर्मजोशी और अपनापन उन्हें बार-बार भारत खींच लाता है। उन्होंने कहा कि भारत आने पर उन्हें हमेशा परिवार जैसा महसूस होता है। अंतरिक्ष की ऊंचाइयों तक पहुंचने वाली सुनीता विलियम्स आज भी जमीन से जुड़ी हुई नजर आती हैं। उनकी सादगी और सहजता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़ी उपलब्धियों के बावजूद इंसान अपने जड़ों से जुड़ा रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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R.N. Ravi

Tamil Nadu Assembly Drama R.N. Ravi ने राष्ट्रगान विवाद में छोड़ा सदन

तमिलनाडु विधानसभा में आज फिर हाई-ड्रामा (High Drama) देखने को मिला। राज्यपाल R.N. Ravi ने सदन में अपना पारंपरिक अभिभाषण (customary address) दिए बिना वॉक आउट (walk out) कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय गीत (National Anthem) का अपमान हुआ और उनके माइक्रोफोन को बंद कर दिया गया। यह कदम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। राज्यपाल का आरोप: राष्ट्रीय गीत का अपमान R.N. Ravi ने कहा कि सदन में राष्ट्रीय गीत का सम्मान नहीं किया गया, और इसी कारण उन्होंने अपना भाषण स्थगित कर दिया। उनका यह भी कहना था कि उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया, जिससे उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला। यह घटना पिछले वर्षों में हुए राष्ट्रगान विवाद की तरह सामने आई है, जब उन्होंने इसी कारण विधानसभा सत्र छोड़ दिया था। विवाद की जड़: Tamil Thai Vaazhthu और National Anthem तमिलनाडु की परंपरा के अनुसार सत्र की शुरुआत तमिल राज्यगीत ‘Tamil Thai Vaazhthu’ से होती है और बाद में राष्ट्रीय गीत बजता है। राज्यपाल का कहना है कि संविधान के अनुसार राष्ट्रीय गीत को सही सम्मान दिया जाना चाहिए। वहीं, डीएमके सरकार इस परंपरा का पालन करते हुए कहती है कि यह कोई अपमानजनक कदम नहीं है। मुख्यमंत्री और DMK की प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री M.K. Stalin ने कहा कि राज्य की परंपरा के अनुसार ऐसा करना पूरी तरह सही है। उन्होंने राज्यपाल के वॉक आउट को “निराधार और अव्यवहारिक” बताया। DMK नेताओं का कहना है कि राज्यपाल का यह कदम राजनीतिक तनाव बढ़ा रहा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करने की बजाय बहस को गर्म कर रहा है। राजनीतिक और संवैधानिक महत्व राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच यह टकराव राजनीतिक और संवैधानिक दोनों स्तर पर अहम है। यह केवल राष्ट्रगान का मुद्दा नहीं, बल्कि राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और परंपराओं का सम्मान भी है। पिछले वर्षों में भी इस तरह के विवाद विधानसभा सत्र की शुरुआत में देखे गए थे। तमिलनाडु विधानसभा में आज का घटनाक्रम बताता है कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान और राज्य की परंपराएं राजनीति में कितनी संवेदनशील हो सकती हैं। R.N. Ravi का कदम और DMK की प्रतिक्रिया दोनों ही दर्शाती हैं कि यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Magh Mela

Magh Mela Row शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस, अब 24 घंटे में देना होगा जवाब

प्रयागराज में चल रहे माघ मेला 2026 (Magh Mela 2026) के दौरान एक ऐसा विवाद सामने आया है, जिसने धार्मिक, प्रशासनिक और राजनीतिक तीनों हलकों में हलचल मचा दी है। मामला जुड़ा है शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से, जो बीते तीन दिनों से मेला क्षेत्र में धरने पर बैठे हैं और अब उन्हें मेला प्रशासन की ओर से एक औपचारिक नोटिस थमा दिया गया है। विवाद की शुरुआत कैसे हुई? मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पारंपरिक पालकी यात्रा के साथ संगम स्नान के लिए जा रहे थे। इसी दौरान प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण का हवाला देते हुए उनकी पालकी यात्रा को बीच में ही रोक दिया। यहीं से मामला गरमा गया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इसे धार्मिक परंपराओं और संतों के सम्मान के खिलाफ बताते हुए संगम स्नान से इनकार कर दिया और धरने पर बैठ गए। उनके समर्थकों का कहना है कि यह केवल एक प्रशासनिक रोक नहीं थी, बल्कि संतों के साथ किए गए व्यवहार ने उन्हें आहत किया है। नोटिस में क्या कहा गया? माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को जारी नोटिस में उनसे 24 घंटे के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा है कि वे किस आधार पर स्वयं को “शंकराचार्य” कह रहे हैं। प्रशासन का तर्क है कि जब तक किसी पीठ पर शंकराचार्य की औपचारिक नियुक्ति (पट्टाभिषेक) नहीं होती और अदालत या परंपरागत संस्थाओं से मान्यता नहीं मिलती, तब तक किसी व्यक्ति द्वारा इस पदवी का उपयोग करना विवादित हो सकता है। यानी अब विवाद केवल संगम स्नान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीधे-सीधे शंकराचार्य पद की वैधता पर आ टिका है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पक्ष धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ शब्दों में कहा है कि “हम शंकराचार्य हैं या नहीं, यह कोई प्रशासन या सरकार तय नहीं कर सकती।” उनका कहना है कि उनका पद धार्मिक परंपरा और गुरु-शिष्य परंपरा से जुड़ा है, न कि किसी सरकारी अनुमति से। वे यह भी कह चुके हैं कि जब तक उनके साथ हुए व्यवहार पर प्रशासन माफी नहीं मांगता और सम्मानपूर्वक व्यवहार नहीं करता, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। राजनीति भी कूदी मैदान में इस पूरे विवाद ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है।समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से फोन पर बात कर उनका समर्थन किया है। वहीं अन्य दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कुछ नेताओं ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देखा है, तो कुछ ने इसे केवल सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा मामला बताया है। प्रशासन का क्या कहना है? प्रशासन का पक्ष है कि यह कार्रवाई पूरी तरह व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी थी, न कि किसी संत या धर्म विशेष के अपमान से। उनका कहना है कि मेला क्षेत्र में लाखों श्रद्धालु मौजूद होते हैं और किसी भी तरह की विशेष छूट कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती है। साथ ही, “शंकराचार्य” की उपाधि को लेकर नोटिस को वे एक कानूनी और प्रक्रियात्मक सवाल बता रहे हैं, न कि धार्मिक हस्तक्षेप। अब आगे क्या? अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं।उनका जवाब तय करेगा कि मामला शांत होगा या और ज्यादा तूल पकड़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BMC

BMC Mayor Election 2026 मुंबई मेयर कुर्सी पर घमासान, Shiv Sena vs BJP के बीच बढ़ी तनातनी

मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर चुनाव ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति को गरमा दिया है। Mumbai Mayor Election अब सिर्फ एक पद का चुनाव नहीं रह गया, बल्कि यह भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच शक्ति संतुलन की असली परीक्षा बन चुका है। ताज़ा घटनाक्रम ने पूरे राजनीतिक माहौल में नया मोड़ ला दिया है। शिवसेना की 1 साल की मांग ने बढ़ाया तनाव महायुति गठबंधन में शामिल शिवसेना (शिंदे गुट) ने मेयर पद को लेकर बड़ा दावा ठोक दिया है। पार्टी ने साफ तौर पर कहा है कि मुंबई मेयर का पद कम से कम 1 साल के लिए शिवसेना को दिया जाए। इसके पीछे पार्टी का तर्क है कि सरकार में साझेदारी होने के बावजूद अगर बीएमसी जैसे अहम निकाय में प्रतिनिधित्व नहीं मिला, तो यह कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए निराशाजनक संदेश होगा। सूत्रों की मानें तो शिवसेना 50-50 या ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर भी बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन फिलहाल उसकी प्राथमिक मांग 1 साल का कार्यकाल है। BJP का सख्त रुख, पार्षदों को साफ निर्देश दूसरी तरफ, BJP इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पार्टी ने अपने सभी पार्षदों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे मुंबई में ही रहें और किसी भी तरह की अफवाह, दबाव या बाहरी संपर्क से दूर रहें। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राजनीतिक गलियारों में हॉर्स ट्रेडिंग की चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा का मानना है कि वह बीएमसी में सबसे बड़ी पार्टी है और मेयर पद पर उसका दावा स्वाभाविक है। हालांकि, संख्याबल के गणित में उसे शिवसेना (शिंदे गुट) के समर्थन की जरूरत भी है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। होटल पॉलिटिक्स और बढ़ती हलचल राजनीतिक सरगर्मी के बीच खबर है कि शिवसेना (शिंदे गुट) ने अपने पार्षदों को एक होटल में ठहराया है, ताकि किसी भी तरह की टूट-फूट या क्रॉस वोटिंग को रोका जा सके। विपक्ष इस कदम को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है और इसे “होटल पॉलिटिक्स” बता रहा है। आगे क्या? अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भाजपा और शिवसेना के बीच कोई बीच का रास्ता निकलता है या फिर यह खींचतान किसी बड़े राजनीतिक फैसले की ओर जाती है। Mumbai Mayor Election 2026 न सिर्फ बीएमसी की दिशा तय करेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि महायुति के भीतर तालमेल कितना मजबूत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vande Bharat

Indian Railways की बड़ी उपलब्धि PM Modi ने दिखाई First Vande Bharat Sleeper Train को हरी झंडी

भारतीय रेलवे ने एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए देश की पहली Vande Bharat Sleeper Train को पटरी पर उतार दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से इस आधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन हावड़ा (Howrah) से गुवाहाटी/कामाख्या (Guwahati/Kamakhya) के बीच चलेगी और लंबी दूरी की रात की यात्रा को पूरी तरह बदल देगी। अब तक Vande Bharat ट्रेनें डे-टाइम चेयर कार सर्विस के लिए जानी जाती थीं, लेकिन Sleeper Version के शुरू होने से यात्रियों को रात में तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का नया अनुभव मिलेगा। Vande Bharat Sleeper Train की खास बातें यह ट्रेन खासतौर पर Long Distance Night Journey को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। Travel Time में बड़ी राहत Howrah से Guwahati के बीच करीब 950–960 किलोमीटर की दूरी यह ट्रेन लगभग 14 घंटे में पूरी करेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और सफर ज्यादा आरामदायक होगा, खासकर उन लोगों के लिए जो रात में यात्रा करना पसंद करते हैं। Important Stations (Stoppages) यह ट्रेन रास्ते में कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी, जिनमें शामिल हैं:Bandel, Malda Town, New Jalpaiguri, New Bongaigaon, Rangiya आदि।इससे पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। North East India के लिए Game Changer Vande Bharat Sleeper Train को Eastern India और North East के लिए एक बड़ा तोहफा माना जा रहा है। इससे न सिर्फ यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। रात की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन होटल जैसी सुविधा का अनुभव देगी, जिससे लंबी दूरी का सफर थकाने वाला नहीं रहेगा। हजारों करोड़ की Development Projects भी हुए शुरू इस कार्यक्रम के दौरान PM Modi ने रेलवे और सड़क से जुड़ी कई बड़ी infrastructure projects का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में रोजगार, विकास और कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी। Indian Railways की Modern Journey Vande Bharat Sleeper Train, New India और Modern Indian Railways की सोच को दर्शाती है। आने वाले समय में ऐसी और स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें देश के अन्य प्रमुख रूट्स पर भी शुरू की जाएंगी। यह ट्रेन सिर्फ एक नई सेवा नहीं, बल्कि भारत के रेल सफर को next level पर ले जाने की शुरुआत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bangladesh

Hindu Community खतरे में Bangladesh में बढ़ती अल्पसंख्यक Violence

बांग्लादेश (Bangladesh) में हिंदू युवाओं और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है। हाल के हफ्तों में हुई कई घटनाएँ इस बात का सबूत हैं कि यह सिर्फ दुर्घटना नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई जानलेवा हिंसा है। Petrol Pump पर जानलेवा हमला राजबारी ज़िले में 30 वर्षीय रिपोन साहा की हत्या एक बेहद दुखद घटना के रूप में सामने आई। रिपोन, जो क़रीम पेट्रोल पंप में काम करते थे, ने वाहन चालक से ईंधन का बिल चुकाने की मांग की। इसके जवाब में चालक और उसके साथी ने कार से रिपोन को कुचलकर मार डाला। पुलिस ने आरोपी को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। यह घटना दिखाती है कि हिंसा की यह कार्रवाई जानबूझकर की गई थी। भीड़ द्वारा हमले और डर का माहौल 18 दिसंबर 2025 को दीपू चंद्र दास नामक हिंदू युवक को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। इसके कुछ दिन बाद, 31 दिसंबर 2025 को खोकन चंद्र दास पर हमला हुआ। उसे पीटा गया और चाकू से मारा गया, साथ ही आग लगाने की कोशिश भी की गई। वह अपनी जान बचाने में सफल रहा। बढ़ते मामलों की गंभीरता मानवाधिकार समूहों के अनुसार, पिछले 45 दिनों में कम से कम 15 हिंदुओं की हत्या के मामले दर्ज किए गए हैं। यह संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ रही है और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। International Response और Human Touch संयुक्त राष्ट्र महासचिव और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस हिंसा पर चिंता जता चुके हैं। उनका कहना है कि बांग्लादेश सरकार को अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए। यह घटनाएँ सिर्फ संख्या या रिपोर्ट नहीं हैं — यह इंसानियत पर चोट हैं, जो यह दिखाती हैं कि समाज में धार्मिक और सामाजिक भेदभाव अभी भी कितनी गहरी जड़ें जमा चुका है। सोशल मीडिया और अफवाहों से सावधानी सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, लेकिन उनमें से कुछ तथ्यों से दूर या AI जनरेटेड पाए गए हैं। इसलिए, इन घटनाओं को समझने और साझा करने से पहले विश्वसनीय स्रोतों की पुष्टि करना जरूरी है। Bangladesh में हिंदू युवाओं पर बढ़ती हिंसा केवल स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि यह मानवाधिकार और सुरक्षा की गंभीर चुनौती बन चुकी है। समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है कि वे अल्पसंख्यकों को सुरक्षित रखने के लिए ठोस कदम उठाएँ और इंसानियत को जीवित रखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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