प्रयागराज में बढ़ा विवाद
प्रयागराज में चल रहे विश्वप्रसिद्ध माघ मेले (Magh Mela) को लेकर प्रशासन और संत अविमुक्तेश्वरानंद के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। जिला प्रशासन ने उन्हें दूसरा नोटिस जारी करते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर उनके किसी भी कृत्य से फिर से मेले की व्यवस्था प्रभावित हुई, तो उन्हें माघ मेले से बैन (Ban) किया जा सकता है।
व्यवस्था बिगड़ने का आरोप
प्रशासन का कहना है कि हाल ही में अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े एक कार्यक्रम के कारण भीड़ अचानक बढ़ गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और यातायात व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, हालात इतने बिगड़ गए कि श्रद्धालुओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ी और कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ा।
पहले भी मिल चुका है नोटिस
इससे पहले भी प्रशासन ने उन्हें नियमों के उल्लंघन को लेकर नोटिस भेजा था, लेकिन उसके बावजूद हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ। इसी को देखते हुए अब दूसरा नोटिस जारी किया गया है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
नोटिस में स्पष्ट लिखा गया है कि माघ मेला एक संवेदनशील और विशाल धार्मिक आयोजन है, जहां हर दिन लाखों श्रद्धालु स्नान और पूजा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति या संगठन की लापरवाही भारी पड़ सकती है।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि अविमुक्तेश्वरानंद ने बिना अनुमति कोई कार्यक्रम किया या भीड़ को उकसाने वाली गतिविधियों में हिस्सा लिया, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ मेले में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है।
समर्थकों में नाराज़गी
इस पूरे मामले पर अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थकों में नाराज़गी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि संत को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जबकि प्रशासन का तर्क है कि नियम सबके लिए बराबर हैं और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जा सकती।
आगे क्या होगा?
फिलहाल दूसरा नोटिस जारी होने के बाद माहौल और गंभीर हो गया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अविमुक्तेश्वरानंद प्रशासन की चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेते हैं। अगर भविष्य में भी ऐसी स्थिति बनी रही, तो माघ मेले से उनका बैन होना लगभग तय माना जा रहा है।
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