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Jaipur में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद, लोगों को हो सकती है परेशानी

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Jaipur। राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शहर के कई इलाकों में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश जारी किया है। यह फैसला कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए लिया गया है।

इंटरनेट बंद होने का असर सबसे ज्यादा उन लोगों पर पड़ सकता है जो अपने रोजमर्रा के कामों के लिए ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भर हैं। छात्रों की पढ़ाई, ऑनलाइन भुगतान, व्यापारिक गतिविधियां और डिजिटल सेवाएं कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकती हैं।

प्रशासन का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी को ही सही मानें।

स्थानीय लोगों का मानना है कि इंटरनेट बंद होने से असुविधा जरूर होगी, लेकिन यदि इससे शहर में शांति और सुरक्षा बनी रहती है तो सभी को प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।

प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता के अनुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे।

Manya

manyajadoun42@gmail.com

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Cyclone Arnab

Cyclone Arnab Alert: आंध्र प्रदेश में तूफान का खतरा, MP-UP समेत 5 राज्यों में बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात अर्नब (Cyclone Arnab) को लेकर कई राज्यों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। तूफान के आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने से भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा पैदा हो गया है। मौसम के इस बदलाव का असर केवल तटीय इलाकों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है, बल्कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश और यानम के आसपास चक्रवात के तट पार करने की आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि तेज झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक चलने का अनुमान है। ऐसे में तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Cyclone Arnab Latest Update: 28 अक्टूबर को तट से टकराने की आशंका चक्रवात अर्नब की संभावित दिशा और रफ्तार को देखते हुए आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों की व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने, जलभराव और यातायात प्रभावित होने का खतरा है। मौसम विभाग की चेतावनियों के अनुसार, समुद्र में भी स्थिति खराब हो सकती है। इसी वजह से मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। चक्रवात की दिशा और तीव्रता में बदलाव संभव है। इसलिए तट से टकराने के समय और संभावित प्रभाव से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए मौसम विभाग के आधिकारिक बुलेटिन पर नजर रखना जरूरी है। Andhra Pradesh Weather: तटीय जिलों में भारी बारिश का अलर्ट आंध्र प्रदेश में चक्रवात का सबसे ज्यादा असर तटीय क्षेत्रों में पड़ने की आशंका है। काकीनाडा, कोनसीमा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, एलुरु, विशाखापत्तनम और आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर नजर रख रहा है और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। स्कूल और कॉलेज बंद रखने के संबंध में भी स्थानीय स्तर पर निर्देश जारी किए जा रहे हैं। अभिभावकों और विद्यार्थियों को सलाह है कि वे अपने जिले के प्रशासन की आधिकारिक सूचना जरूर जांचें। Odisha में बारिश, कई इलाकों में स्कूल बंद चक्रवात अर्नब के प्रभाव से ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भी मौसम बिगड़ने की आशंका है। गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी समेत कई क्षेत्रों में बारिश को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। कुछ प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, छुट्टी का आदेश जिले के अनुसार अलग हो सकता है। प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। पर्यटकों को भी समुद्र तट, झरनों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जाने से पहले स्थानीय निर्देशों की जानकारी लेने की जरूरत है। MP Weather Update: मध्य प्रदेश में भी बदलेगा मौसम? चक्रवात अर्नब के असर से मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है। खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश और विंध्य क्षेत्र के मौसम पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, प्रदेश के सभी जिलों में बारिश का एक जैसा असर होने का अनुमान नहीं है। चक्रवात की आगे की दिशा और वातावरण में नमी की स्थिति के अनुसार मौसम में बदलाव हो सकता है। बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खुले में रखी फसलों और कृषि उपज को सुरक्षित रखने की व्यवस्था करें। किसी जिले में बारिश का अलर्ट जारी होने पर स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही जरूरी कामों की योजना बनाएं। UP Weather Alert: पूर्वी उत्तर प्रदेश में तेज बारिश की संभावना उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी मौसम बदल सकता है। पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका है। 30 अक्टूबर को भी कई स्थानों पर बारिश का असर देखने को मिल सकता है। लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव और सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है। Bihar-Jharkhand Weather: बिहार और झारखंड में कैसा रहेगा मौसम? चक्रवात के प्रभाव से बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना है। बिहार में 29 और 30 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। वहीं, झारखंड में 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। तेलंगाना और विदर्भ के कुछ क्षेत्रों में भी मौसम खराब रह सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि बारिश का प्रभाव हर जिले में समान नहीं होगा। इसलिए किसी भी इलाके के लिए जारी चेतावनी की पुष्टि स्थानीय मौसम बुलेटिन से करना जरूरी है। Cyclone Arnab से निपटने के लिए प्रशासन की तैयारी चक्रवात के संभावित खतरे को देखते हुए राहत और बचाव व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखा गया है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने और आपात स्थिति से निपटने के इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता है कि खराब मौसम के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जनजीवन पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सके। Cyclone Alert: आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? चक्रवात और भारी बारिश के दौरान थोड़ी सी सावधानी बड़े नुकसान से बचा सकती है। Cyclone Arnab: अगले कुछ दिन क्यों हैं महत्वपूर्ण? चक्रवात अर्नब के संभावित तट पार करने के समय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं तथा भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। इसके बाद देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में भी बारिश...
Microsoft

Microsoft नौकरी छोड़ने पर मिलेगा मुआवजा, भारत के कर्मचारियों को भी ऑफर

दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में शामिल Microsoft एक बार फिर अपने कर्मचारियों को लेकर चर्चा में है। कंपनी ने करीब 60 हजार कर्मचारियों के लिए Voluntary Exit Offer यानी स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने की योजना पेश की है। इस ऑफर में भारत समेत चार देशों के चुनिंदा कर्मचारी शामिल हैं। पात्र कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने के बदले आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह खबर ऐसे समय में आई है, जब Microsoft आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर तेजी से निवेश कर रही है। कंपनी अपने AI कारोबार को आगे बढ़ाने के साथ खर्चों और कर्मचारियों की जरूरतों में भी संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, इस योजना का मतलब यह नहीं है कि सभी 60 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया जाएगा। Microsoft ने कर्मचारियों को क्यों दिया नौकरी छोड़ने का विकल्प? Microsoft की चीफ पीपल ऑफिसर Amy Coleman ने कर्मचारियों के लिए Voluntary Exit Offer की घोषणा की। इस योजना का मकसद उन कर्मचारियों को एक विकल्प देना है, जो कंपनी से बाहर अपना करियर शुरू करना चाहते हैं। करीब 60 हजार कर्मचारियों के इस ऑफर के लिए पात्र होने की बात सामने आई है। हालांकि, पात्र कर्मचारियों की संख्या और वास्तव में नौकरी छोड़ने वालों की संख्या अलग-अलग होगी। कंपनी ने इस योजना को स्वैच्छिक रखा है। यानी पात्र कर्मचारी अपनी स्थिति और ऑफर की शर्तों को समझने के बाद फैसला कर सकते हैं कि उन्हें कंपनी छोड़नी है या नहीं। भारत के कर्मचारी भी होंगे शामिल Microsoft का यह ऑफर भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के चुनिंदा कर्मचारियों के लिए है। ऐसे में भारतीय कर्मचारियों के बीच भी इसे लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि, भारत में कितने कर्मचारी इस योजना के दायरे में आएंगे, इसका स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। कंपनी में काम करने वाले हर कर्मचारी को यह ऑफर नहीं मिलेगा। इसकी पात्रता संबंधित विभाग और जॉब लेवल पर निर्भर करेगी। कर्मचारियों को उनके ऑफर और उससे जुड़ी शर्तों की जानकारी कंपनी की ओर से दी जाएगी। इसलिए किसी भी कर्मचारी के लिए नौकरी छोड़ने का फैसला लेने से पहले मुआवजे, लाभ और दूसरी शर्तों को समझना जरूरी होगा। किन कर्मचारियों को मिलेगा Voluntary Exit Offer? रिपोर्ट्स के मुताबिक, Microsoft की यह योजना कंपनी के आंतरिक जॉब लेवल 70 और उससे नीचे के पात्र कर्मचारियों के लिए है। कुछ विभागों के कर्मचारियों को इसमें शामिल किया गया है, जबकि कुछ टीमों को बाहर रखा गया है। AI Experiences, Copilot, Xbox, Windows + Devices, फाइनेंस और HR जैसे विभागों के कुछ कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र हो सकते हैं। हालांकि, केवल किसी विभाग में काम करने या निर्धारित जॉब लेवल पर होने से ऑफर मिलना तय नहीं है। अंतिम पात्रता कंपनी की ओर से जारी निर्देशों पर निर्भर करेगी। नौकरी छोड़ने पर कितना मिलेगा पैसा? इस योजना का सबसे अहम सवाल यही है कि नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को कितना मुआवजा मिलेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को कंपनी की लागू पॉलिसी के तहत आर्थिक सहायता मिल सकती है। मुआवजे की राशि कर्मचारी की सेवा अवधि, पद और संबंधित शर्तों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। फिलहाल भारत में सभी पात्र कर्मचारियों के लिए किसी एक निश्चित रकम की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हर कर्मचारी को नौकरी छोड़ने पर एक समान मुआवजा मिलेगा। AI पर भारी खर्च के बीच Microsoft का फैसला Microsoft पिछले कुछ वर्षों से AI टेक्नोलॉजी और क्लाउड कंप्यूटिंग पर बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। कंपनी के AI टूल्स और सेवाओं को चलाने के लिए बड़े डेटा सेंटर, आधुनिक चिप्स और सर्वर की जरूरत होती है। इन सुविधाओं को तैयार करने और चलाने में काफी पैसा खर्च होता है। ऐसे में कंपनी के सामने एक बड़ी चुनौती है—AI के क्षेत्र में निवेश जारी रखते हुए दूसरे खर्चों को भी संभालना। कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर इसी बदलते कारोबारी माहौल के बीच आया है। इससे कंपनी को अपने वर्कफोर्स में बदलाव करने का विकल्प मिलता है। हालांकि, Microsoft ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस योजना से होने वाली बचत सीधे AI पर हुए खर्च की भरपाई के लिए ही इस्तेमाल होगी। पहले भी कर्मचारियों की संख्या में बदलाव कर चुकी है कंपनी Microsoft इससे पहले भी कर्मचारियों की संख्या और संगठनात्मक ढांचे में बदलाव कर चुकी है। कंपनी ने 2026 में कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक एग्जिट से जुड़ी पहल की थी। इसके अलावा, गेमिंग कारोबार में बदलाव के दौरान भी नौकरियों में कटौती की गई थी। टेक इंडस्ट्री में AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ कंपनियां अपनी टीमों की भूमिका, काम करने के तरीके और निवेश की प्राथमिकताओं का दोबारा आकलन कर रही हैं। Microsoft का नया ऑफर भी इसी व्यापक बदलाव के बीच आया है। क्या सभी 60 हजार कर्मचारियों की नौकरी जाएगी? नहीं, इस ऑफर को सीधे तौर पर 60 हजार कर्मचारियों की छंटनी नहीं माना जाना चाहिए। करीब 60 हजार कर्मचारियों के पात्र होने की बात सामने आई है, लेकिन यह संख्या उन कर्मचारियों की नहीं है, जो निश्चित रूप से नौकरी छोड़ देंगे। पात्र कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया गया है। कितने लोग इस ऑफर को स्वीकार करेंगे और भारत में इसका कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। कुल मिलाकर, Microsoft का यह कदम कंपनी की बदलती कारोबारी रणनीति और AI में बढ़ते निवेश के बीच महत्वपूर्ण है। भारतीय कर्मचारियों के लिए भी यह एक बड़ा अपडेट है, लेकिन नौकरी छोड़ने का फैसला लेने से पहले ऑफर की शर्तों और मिलने वाले मुआवजे की पूरी जानकारी लेना जरूरी होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Israel Election

Israel Election: आइजनकोट को Opinion Polls में बढ़त, Netanyahu के सामने सत्ता बचाने की चुनौती

इजराइल (Israel) में 27 अक्टूबर 2026 को आम चुनाव (Election) के लिए मतदान हो रहा है। इस चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता और विपक्षी नेता गैडी आइजनकोट की चुनौती पर पूरी दुनिया की नजर है। Election से पहले आए ओपिनियन पोल में आइजनकोट की यशार (Yashar) पार्टी को कई सर्वे में बढ़त मिली है, लेकिन सरकार कौन बनाएगा, इसे लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं है। यह चुनाव इजराइल के लिए कई मायनों में अहम है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले और उसके बाद गाजा में हुए युद्ध के बाद पहली बार देश में आम चुनाव हो रहे हैं। ऐसे में मतदाताओं के सामने राष्ट्रीय सुरक्षा, सेना की भूमिका, सरकार की जवाबदेही और देश की आर्थिक स्थिति जैसे कई बड़े मुद्दे हैं। Israel Election 2026: Opinion Polls में किसे कितनी सीटें? चुनाव से पहले जारी चार प्रमुख सर्वे के औसत के मुताबिक, गैडी आइजनकोट की यशार पार्टी को करीब 22 से 23 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया, जबकि नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को लगभग 20 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, अलग-अलग सर्वे के नतीजों में अंतर है। द जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चार प्रमुख सर्वे के औसत में आइजनकोट की पार्टी को 22.5 और लिकुड को करीब 19.75 सीटें मिलने का अनुमान था। यहां ध्यान देने वाली बात है कि किसी पार्टी का सबसे बड़ी पार्टी बनना और सरकार बनाना दो अलग-अलग बातें हैं। इजराइल में सरकार बनाने के लिए गठबंधन का समर्थन जरूरी होता है। इसलिए चुनाव के बाद छोटी पार्टियों की भूमिका भी काफी अहम हो सकती है। Netanyahu के सामने सत्ता बचाने की चुनौती बेंजामिन नेतन्याहू लंबे समय से इजराइल की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। इस बार उनके नेतृत्व को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इनमें 7 अक्टूबर 2023 के हमले के दौरान हुई सुरक्षा चूक, गाजा युद्ध और सैन्य सेवा से जुड़े विवाद प्रमुख हैं। विपक्षी नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था की विफलताओं की स्वतंत्र जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की है। वहीं, नेतन्याहू के समर्थक उनके सुरक्षा संबंधी फैसलों और युद्धकालीन नेतृत्व को महत्वपूर्ण मानते हैं। इस चुनाव में मतदाता यह भी तय करेंगे कि देश की मौजूदा नीतियां जारी रहनी चाहिए या सरकार के नेतृत्व में बदलाव की जरूरत है। कौन हैं Gadi Eisenkot, जो Netanyahu को दे रहे चुनौती? गैडी आइजनकोट इजराइल के पूर्व सैन्य प्रमुख रह चुके हैं। उन्होंने राजनीति में अपनी पहचान सुरक्षा और राष्ट्रीय जवाबदेही से जुड़े मुद्दों के जरिए बनाई है। उनकी यशार पार्टी इस चुनाव में विपक्ष के प्रमुख चेहरों में शामिल है। आइजनकोट के सामने केवल अधिक सीटें जीतने की चुनौती नहीं है, बल्कि अलग-अलग विपक्षी दलों को साथ लाकर सरकार बनाने लायक समर्थन जुटाना भी जरूरी है। विपक्ष में पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट, यायर लैपिड और अन्य नेताओं से जुड़े दल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इजराइल में सरकार बनाने के लिए कितनी सीटें चाहिए? इजराइल की संसद को नेसेट (Knesset) कहा जाता है। इसमें कुल 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। Isreal में मतदाता सीधे प्रधानमंत्री को वोट नहीं देते, बल्कि राजनीतिक पार्टियों को चुनते हैं। चुनाव के बाद पार्टियां गठबंधन बनाकर सरकार बनाने का प्रयास करती हैं। अगर नेतन्याहू का गठबंधन बहुमत जुटा लेता है, तो वह सत्ता में बने रहने की कोशिश कर सकता है। दूसरी ओर, आइजनकोट के नेतृत्व वाला विपक्ष पर्याप्त समर्थन हासिल करता है, तो नई सरकार बनने का रास्ता खुल सकता है। यदि कोई भी पक्ष बहुमत नहीं जुटा पाता, तो सरकार गठन को लेकर लंबी बातचीत और राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बन सकती है। Israel Election के प्रमुख मुद्दे क्या हैं? इस चुनाव में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है। हमास के हमले के बाद इजराइल की सुरक्षा व्यवस्था, गाजा में युद्ध और क्षेत्रीय तनाव लगातार चर्चा में रहे हैं। ईरान के साथ टकराव और अमेरिका के साथ संबंध भी देश की विदेश नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा अति-रूढ़िवादी यहूदी समुदाय के लिए सैन्य सेवा में छूट, न्यायिक व्यवस्था में बदलाव और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दे भी चुनावी बहस का हिस्सा हैं। इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों के विचार अलग-अलग हैं। चुनाव के बाद बनने वाली सरकार को सुरक्षा के साथ-साथ घरेलू राजनीतिक मतभेदों से भी निपटना होगा। Israel Election Result 2026: कब साफ होगी तस्वीर? मतदान के बाद एग्जिट पोल से शुरुआती संकेत मिल सकते हैं, लेकिन अंतिम नतीजों के लिए आधिकारिक मतगणना का इंतजार करना होगा। इसके बाद सरकार बनाने के लिए गठबंधन की बातचीत शुरू होगी। फिलहाल ओपिनियन पोल में आइजनकोट की पार्टी को बढ़त मिलने के बावजूद किसी नेता के प्रधानमंत्री बनने की पुष्टि नहीं हुई है। असली तस्वीर इस बात से तय होगी कि कौन-सा राजनीतिक गठबंधन नेसेट में 61 सांसदों का समर्थन हासिल कर पाता है। इजराइल के इस चुनाव का असर केवल देश की राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा। नई सरकार की नीतियां गाजा, ईरान, अमेरिका और पूरे मध्य पूर्व के साथ संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए अब सबकी नजर चुनाव परिणाम और उसके बाद होने वाले सरकार गठन पर टिकी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में सारंग हेलिकॉप्टर टीम दिखाएगी हवाई करतब, रायपुर पहुंचा वायुसेना का दल

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी। टीम सोमवार को रायपुर पहुंच गई। राज्योत्सव के दौरान नवा रायपुर अटल नगर के सेंध लेक क्षेत्र के ऊपर हेलिकॉप्टरों से रोमांचक हवाई करतब दिखाए जाएंगे। तीन दिवसीय आयोजन में होने वाला यह प्रदर्शन दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। स्वदेशी ध्रुव हेलिकॉप्टरों से दिखेगा वायुसेना का कौशल पब्लिक रिलेशन ऑफिसर विंग कमांडर देबर्थो धर ने बताया कि सारंग टीम स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) ध्रुव के जरिए प्रदर्शन करती है। टीम हवा में सटीक उड़ान, हेलिकॉप्टरों के बीच बेहतरीन तालमेल और एक साथ अलग-अलग आकृतियां बनाने के लिए जानी जाती है। प्रदर्शन के दौरान वायुसेना के जवान अपने कौशल, अनुशासन और टीमवर्क का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही स्वदेशी हेलिकॉप्टरों की क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। मोर के रंगों से प्रेरित है सारंग टीम की पहचान सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम के हेलिकॉप्टरों की रंग योजना भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर से प्रेरित है। टीम का ध्येय वाक्य ‘इंस्पायर थ्रू एक्सीलेंस’ है, जिसका अर्थ उत्कृष्टता के जरिए प्रेरित करना है। सारंग टीम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व करती है। अपने समन्वित हवाई प्रदर्शन के जरिए टीम भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता और स्वदेशी तकनीक को प्रदर्शित करती है। युवाओं को विमानन में करियर बनाने की मिलेगी प्रेरणा राज्योत्सव में सारंग टीम का प्रदर्शन आम लोगों के साथ विद्यार्थियों और युवाओं के लिए भी खास रहेगा। दर्शकों को हेलिकॉप्टरों की उड़ान और विमानन की दुनिया को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इस प्रदर्शन के जरिए युवाओं को विमानन क्षेत्र में करियर बनाने और देश की सेवा के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा। राज्योत्सव में सारंग टीम की मौजूदगी आयोजन के रोमांच और आकर्षण को और बढ़ाएगी।

ग्वालियर में पटवारी भर्ती के नाम पर 7 युवाओं से 50 लाख की ठगी, फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर थमाए

ग्वालियर। मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। ग्वालियर में सात बेरोजगार युवाओं को पटवारी बनवाने का झांसा देकर करीब 50 लाख रुपए वसूलने का आरोप है। आरोपियों ने खुद को व्यापमं का कर्मचारी और STF का अधिकारी बताकर युवाओं को भरोसे में लिया। इसके बाद उन्हें फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर दिए गए। नौकरी नहीं मिलने और पैसे वापस न लौटाने पर मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अरविंद नरवरिया, गोवर्धन तोमर और प्रदीप गौतम के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें तलाश में जुटी हैं। जीवाजी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी के जरिए हुई मुलाकात मामले के मुताबिक, जीवाजी यूनिवर्सिटी की लॉ शाखा से जुड़े कर्मचारी राजवीर सिंह तोमर निवासी महलगांव ने सात युवाओं को मुख्य आरोपी अरविंद नरवरिया से मिलवाया था। इनमें रवि शर्मा, शत्रुघ्न शर्मा, पवन कौरव, दिव्यांश शर्मा, जितेंद्र गुर्जर, नागेंद्र चौहान और सतेन्द्र सिंह शामिल हैं। आरोप है कि अरविंद युवाओं को भोपाल ले गया। वहां उसने प्रदीप गौतम का नाम बताते हुए उसे व्यापमं का कर्मचारी बताया और पटवारी की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। कुछ दिन बाद गोवर्धन सिंह तोमर का नाम सामने आया, जिसे STF का अधिकारी बताया गया। प्रति अभ्यर्थी 12 लाख रुपए में हुई थी डील युवाओं को पटवारी की सरकारी नौकरी दिलाने के लिए प्रति अभ्यर्थी 12 लाख रुपए में सौदा तय होने का आरोप है। इसके बाद किसी से दो लाख तो किसी से चार लाख रुपए एडवांस लिए गए। पीड़ितों के मुताबिक, अलग-अलग किस्तों में फोन-पे और बैंक खातों के जरिए रकम जमा कराई गई। कुल मिलाकर करीब 50 लाख रुपए लेने का आरोप है। आरोपियों ने युवाओं को जबलपुर और भोपाल ले जाकर परीक्षा कराने की बात कही। इससे युवाओं को लगा कि भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर दिए युवाओं को भरोसे में लेने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी चयन सूची और जॉइनिंग लेटर भी दिए। वेरिफिकेशन के नाम पर उन्हें कभी भोपाल, कभी जबलपुर और कभी भिंड ले जाया गया। आरोप है कि भिंड कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक सेवा केंद्र पर युवाओं के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन भी कराया गया और उनके हस्ताक्षर लिए गए। इस घटनाक्रम के बाद वहां किसी कर्मचारी की भूमिका को लेकर भी आशंका जताई गई है। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। पैसे वापस मांगे तो नहीं मिली राहत पीड़ितों के मुताबिक, लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें पटवारी की नौकरी नहीं मिली। जब उन्होंने आरोपियों से पैसे वापस मांगे, तो रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया। युवाओं ने धमकियां मिलने का आरोप भी लगाया है। बताया गया है कि यह मामला 16 दिसंबर 2023 से अब तक की अवधि से जुड़ा है। ठगी का मामला सामने आने के बाद युवाओं ने जीवाजी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी राजवीर सिंह तोमर से भी रकम वापस दिलाने की मांग की। तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज शिकायत के बाद ग्वालियर के थाटीपुर थाने में सोमवार को मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, केस में तीन आरोपियों के नाम सामने आए हैं: थाटीपुर थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान के मुताबिक, शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

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