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Raghav Chadha

AAP vs Raghav Chadha Post जाने के बाद छलका दर्द, बोले Sailaab बनकर करूंगा वापसी

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता Raghav Chadha ने राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रखी। उनके शब्दों में नाराज़गी भी थी, आत्मविश्वास भी और एक ऐसा भावनात्मक संदेश भी, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी। अपने वीडियो संदेश में राघव चड्ढा ने कहा कि उन्हें “खामोश कराया गया है, हराया नहीं गया।” उन्होंने आगे जोड़ा कि उन्हें कुछ समय के लिए रोका जा सकता है, लेकिन उनकी आवाज़ और उनके मुद्दे रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने बेहद असरदार अंदाज़ में कहा: “मैं दरिया हूं… वक्त आने पर सैलाब बनकर लौटूंगा।” यही एक लाइन अब सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक सबसे ज्यादा चर्चा में है। क्या है पूरा मामला? AAP ने एक दिन पहले राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर जानकारी दी कि राघव चड्ढा को पार्टी के Deputy Leader in Rajya Sabha पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह Ashok Mittal को नई जिम्मेदारी दी गई। साथ ही, पार्टी की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि अब सदन में पार्टी कोटे से बोलने का समय राघव चड्ढा को नहीं दिया जाएगा। इस फैसले ने स्वाभाविक रूप से कई सवाल खड़े कर दिए हैं। Raghav Chadha का Emotional Message अपने संदेश में राघव चड्ढा ने सीधे तौर पर किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी बातों से साफ लगा कि वे इस फैसले से आहत हैं। उन्होंने कहा कि वे लगातार जनता के मुद्दे उठाते रहे—महंगाई, बेरोज़गारी, बैंक चार्जेस, टेलीकॉम ओवरबिलिंग, टोल टैक्स और गिग वर्कर्स की समस्याओं जैसे विषयों पर उन्होंने संसद में आवाज़ उठाई। एक मानवीय और भावुक अंदाज़ में उन्होंने सवाल किया: “अगर जनता की आवाज़ उठाना गलती है, तो क्या मैंने सच में कोई गलती की?” यह लाइन आम लोगों के साथ सीधा भावनात्मक जुड़ाव बनाती है, और शायद यही वजह है कि उनका संदेश तेजी से वायरल हो रहा है। सिर्फ फेरबदल या कुछ बड़ा? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ एक साधारण संसदीय फेरबदल नहीं भी हो सकता। राघव चड्ढा की पार्टी और संसद में अलग पहचान रही है, और उनकी लोकप्रियता भी लगातार बढ़ी है। ऐसे में उनका यह सार्वजनिक और भावुक संदेश इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वे खुद को अभी भी पार्टी और राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ी भूमिका में देखते हैं। AAP की ओर से इसे फिलहाल संगठनात्मक बदलाव बताया जा रहा है, लेकिन अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कहानी सिर्फ पद की नहीं, पहचान की भी है यह मामला सिर्फ एक पद जाने का नहीं दिखता, बल्कि एक ऐसे नेता की प्रतिक्रिया है जो खुद को अभी भी जनता की आवाज़ मानता है। राघव चड्ढा के शब्दों में एक व्यक्तिगत चोट भी महसूस होती है और वापसी का भरोसा भी। यही वजह है कि उनका “सैलाब बनकर लौटूंगा” वाला बयान सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि एक personal resilience story की तरह भी देखा जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indian Navy

Indian Navy को मिला Double Power INS Aridhaman और INS Taragiri से बढ़ी समुद्री ताकत

हिंद महासागर में भारत की बढ़ी ताकत, दुश्मनों के लिए साफ संदेश भारत की समुद्री सुरक्षा को आज एक नई मजबूती मिली, जब भारतीय नौसेना (Indian Navy) में दो बेहद अहम और अत्याधुनिक युद्ध प्लेटफॉर्म — INS Aridhaman और INS Taragiri — शामिल किए गए। यह सिर्फ दो नए युद्ध प्लेटफॉर्म्स की एंट्री नहीं है, बल्कि हिंद महासागर में भारत की बढ़ती रणनीतिक पकड़ का बड़ा संकेत भी है। एक तरफ INS Aridhaman, भारत की स्वदेशी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी क्षमता को और मजबूत करता है, तो दूसरी ओर INS Taragiri stealth power और multi-role combat क्षमता के साथ नौसेना की सतही ताकत को नई धार देता है। इन दोनों की तैनाती से साफ है कि भारत अब समुद्र में सिर्फ मौजूद नहीं, बल्कि निर्णायक बढ़त की दिशा में आगे बढ़ रहा है। INS Aridhaman: Sea-Based Nuclear Deterrence का मजबूत कवच INS Aridhaman को भारत की तीसरी स्वदेशी nuclear-powered ballistic missile submarine (SSBN) माना जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह लंबे समय तक समुद्र की गहराइयों में बिना पकड़े गए ऑपरेट कर सकती है। युद्ध या तनाव की स्थिति में यह भारत की second-strike capability को मजबूत बनाती है, जो किसी भी परमाणु शक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। रणनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी तैनाती से भारत की nuclear triad और ज्यादा भरोसेमंद हुई है। INS Taragiri: Stealth Frigate जो दुश्मन पर रखेगी पैनी नजर INS Taragiri, Project 17A के तहत तैयार किया गया आधुनिक stealth frigate है। करीब 6,670 टन वजनी यह युद्धपोत advanced radar systems, BrahMos-class strike capability, anti-submarine warfare systems और air defence weapons से लैस है। इसकी stealth design इसे दुश्मन के radar पर कम visible बनाती है, जिससे यह sensitive maritime missions में बेहद असरदार साबित होगा। escort operations, surveillance और strike missions जैसे हर मोर्चे पर यह Indian Navy की ताकत बढ़ाएगा। Indian Ocean में भारत की बढ़ती Strategic Edge इन दोनों प्लेटफॉर्म्स की commissioning ऐसे समय पर हुई है जब हिंद महासागर और Indo-Pacific region में geopolitical competition तेजी से बढ़ रहा है। भारत के लिए यह सिर्फ defence upgrade नहीं, बल्कि maritime dominance की दिशा में बड़ा कदम है। INS Aridhaman जहां invisible deterrence का भरोसा देता है, वहीं INS Taragiri visible combat superiority का प्रतीक बनकर सामने आया है। Aatmanirbhar Bharat की बड़ी सफलता इस उपलब्धि का सबसे गर्व वाला पहलू इसका स्वदेशी निर्माण है। दोनों प्लेटफॉर्म भारत की defence manufacturing capability, naval design expertise और indigenous technology ecosystem की ताकत को दिखाते हैं। यह सिर्फ सेना की ताकत नहीं बढ़ाता, बल्कि देश के युवाओं, engineers, shipbuilders और defence sector से जुड़े हजारों लोगों के लिए गर्व का पल भी है। निष्कर्ष: समुद्र में भारत की नई शक्ति का दौर INS Aridhaman और INS Taragiri की एंट्री ने यह साफ कर दिया है कि भारत समुद्र में अपनी शक्ति को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है। आने वाले वर्षों में ये दोनों प्लेटफॉर्म Indian Navy की operational capability और strategic deterrence के सबसे मजबूत स्तंभ बन सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ममता बनर्जी के घर के सामने रथ छोड़ कार में क्यों गए Amit Shah? सामने आई वजह
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक दिलचस्प नज़ारा उस वक्त देखने को मिला, जब केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का काफिला Mamata Banerjee के घर के पास पहुंचा। आंखों-देखी के मुताबिक, अमित शाह पहले रथ में सवार थे, लेकिन जैसे ही उनका काफिला ममता बनर्जी के आवास के सामने पहुंचा, उन्होंने रथ छोड़कर कार में सफर करना जारी रखा। इस घटना ने वहां मौजूद लोगों और राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए। बताया जा रहा है कि सुरक्षा कारणों और प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। अधिकारियों का मानना था कि भीड़भाड़ वाले इलाके में रथ के बजाय कार से आगे बढ़ना ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक रहेगा। हालांकि, इस बदलाव को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। कुछ लोग इसे सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक नजरिए से भी देख रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि राजनीति में छोटी-छोटी चीजें भी बड़े मायने रखती हैं और हर कदम पर लोगों की नजर रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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राज्यसभा में Raghav Chadha को डिप्टी लीडर पद से हटाया गया, वीडियो शेयर कर दी प्रतिक्रिया

राज्यसभा में Raghav Chadha को डिप्टी लीडर पद से हटाया गया, वीडियो शेयर कर दी प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के वरिष्ठ नेता Raghav Chadha को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया गया है। इस फैसले के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। राघव चड्ढा ने वीडियो के साथ कुछ इमोजी भी पोस्ट किए, जिससे लोगों के बीच अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर ज्यादा कुछ नहीं कहा, लेकिन उनका अंदाज काफी कुछ बयान करता नजर आया। पार्टी या आधिकारिक तौर पर इस फैसले के पीछे की वजह साफ नहीं की गई है, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोग इसे पार्टी के अंदरूनी बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं। राघव चड्ढा, जो पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं, को इस पद से हटाए जाने के बाद अब आगे की रणनीति को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले समय में पार्टी इस फैसले को लेकर क्या स्पष्टता देती है और राघव चड्ढा की भूमिका में क्या बदलाव देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal में 7 चुनाव पर्यवेक्षक बंधक, सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी

West Bengal में 7 चुनाव पर्यवेक्षक बंधक, सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी

West Bengal से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां 7 चुनाव पर्यवेक्षकों (इलेक्शन ऑब्जर्वर्स) को कथित तौर पर बंधक बना लिया गया। इस घटना पर Supreme Court of India ने सख्त नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि इन अधिकारियों को न तो सही तरीके से खाना-पानी मिला और न ही वे राज्य के होम सेक्रेटरी या डीजीपी से संपर्क कर पाए। यह स्थिति बेहद गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि चुनाव के दौरान पर्यवेक्षकों की सुरक्षा बेहद जरूरी होती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य प्रशासन से जवाब मांगा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकती हैं और इन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चिंता है। सभी की यही मांग है कि जल्द से जल्द पर्यवेक्षकों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि ऐसे हालात दोबारा न बनें। हर खबर, हर पल, देश हरपल पर !
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भारत टैक्सी vs ओला-उबर: ‘देसी ऐप से मिलेगा तगड़ा कॉम्पटीशन’, Amit Shah ने राज्यसभा में दी जानकारी

भारत टैक्सी vs ओला-उबर: ‘देसी ऐप से मिलेगा तगड़ा कॉम्पटीशन’, Amit Shah ने राज्यसभा में दी जानकारी

देश में कैब सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने राज्यसभा में जानकारी दी है कि सरकार एक नई पहल ‘भारत टैक्सी’ को बढ़ावा दे रही है, जो आने वाले समय में Ola और Uber जैसी बड़ी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे सकती है। राज्यसभा में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य देश में एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जिससे ड्राइवरों को ज्यादा फायदा मिले और यात्रियों को सस्ती व बेहतर सेवा मिल सके। सरकार की यह योजना खासतौर पर उन ड्राइवरों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है, जो अभी प्राइवेट कंपनियों के साथ काम करते हैं और कमीशन के कारण उन्हें कम कमाई होती है। ‘भारत टैक्सी’ मॉडल के जरिए ड्राइवरों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें ज्यादा स्वतंत्रता देने पर जोर दिया जा रहा है। इस कदम को ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और बड़ा प्रयास माना जा रहा है। अगर यह योजना सफल होती है, तो देश में कैब सर्विस का पूरा सिस्टम बदल सकता है और यात्रियों को भी सस्ती सवारी का फायदा मिल सकता है। हालांकि, अभी इस योजना के पूरी तरह लागू होने में समय लग सकता है, लेकिन सरकार के इस ऐलान के बाद से ही बाजार में हलचल तेज हो गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर ‘भारत टैक्सी’ सही तरीके से लागू होती है, तो यह देश में राइड-हेलिंग इंडस्ट्री का गेम बदल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बीजेपी ऑफिस ब्लास्ट: ‘अपने दरवाजे पर धमाके… देश की सुरक्षा कैसे?’ Mamata Banerjee का अमित शाह पर हमला

बीजेपी ऑफिस ब्लास्ट: ‘अपने दरवाजे पर धमाके… देश की सुरक्षा कैसे?’ Mamata Banerjee का अमित शाह पर हमला

बीजेपी दफ्तर के पास हुए धमाके के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को सीधे निशाने पर लिया है। ममता बनर्जी ने कहा, “जब अपने ही दरवाजे पर धमाके हो रहे हैं, तो देश की सुरक्षा कैसे संभालेंगे?” उनके इस बयान के बाद राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। क्या हुआ था? (BJP Office Blast ) मिली जानकारी के अनुसार, बीजेपी के एक कार्यालय के पास अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। लोग डर गए और कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई।हालांकि, राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जांच एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल धमाके के कारणों का पता लगाया जा रहा है। ममता बनर्जी का बयान ममता बनर्जी ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि अगर राजनीतिक कार्यालय ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है।उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है। BJP का पलटवार बीजेपी नेताओं ने ममता बनर्जी के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है और इस तरह की घटनाएं राज्य प्रशासन की कमी को दिखाती हैं। क्यों अहम है यह मामला? यह घटना सिर्फ एक धमाका नहीं है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करती है।लोगों के मन में डर और असुरक्षा की भावना पैदा होना स्वाभाविक है, ऐसे में सरकारों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Assam

BJP Hat-trick in Assam मोदी ने Congress पर साधा निशाना, Tea to Chip बना बड़ा मुद्दा

Assam विधानसभा चुनाव 2026 का माहौल अब पूरी तरह गर्म हो चुका है, और प्रधानमंत्री Narendra Modi की गोगामुख रैली ने चुनावी बहस को नई दिशा दे दी है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “कांग्रेस के राजकुमार की हार की सेंचुरी अब तय है।” राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर सीधा तंज माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि असम की जनता एक बार फिर भाजपा-एनडीए पर भरोसा जताएगी और राज्य में जीत की hat-trick लगेगी। उनका कहना था कि पिछले कुछ वर्षों में असम ने जिस तेजी से विकास देखा है, वह अब रुकने वाला नहीं है। Tea से Chip तक: Assam Growth Model पर बड़ा फोकस रैली का सबसे चर्चित हिस्सा वह रहा जब पीएम मोदी ने कहा कि अब असम की पहचान सिर्फ tea gardens तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह राज्य “Tea and Chip” economy के रूप में भी जाना जाएगा। यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के औद्योगिक विजन की झलक भी माना जा रहा है। असम लंबे समय से अपनी चाय के लिए दुनिया भर में मशहूर रहा है, लेकिन अब सरकार इसे semiconductor, electronics manufacturing और tech investment hub के रूप में भी आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। यही वजह है कि भाजपा इस चुनाव में विकास को सिर्फ सड़क, बिजली और पानी तक सीमित न रखकर technology-driven economy के रूप में पेश कर रही है। Congress पर Identity और Security को लेकर निशाना अपने भाषण में पीएम मोदी ने असम की सांस्कृतिक पहचान, घुसपैठ और सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि असम की अस्मिता और परंपरा की रक्षा भाजपा सरकार की प्राथमिकता रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस बार भी identity politics + development narrative के मिश्रण के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है, जो पहले भी राज्य में उसके लिए फायदेमंद रहा है। Tea Garden Visit ने जोड़ा Emotional Human Touch रैली के बाद प्रधानमंत्री का डिब्रूगढ़ के चाय बागान पहुंचना और महिला श्रमिकों से बातचीत करना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने खुद चाय की पत्तियां तोड़ीं, श्रमिकों से हालचाल पूछा और उनके काम को सराहा। यही वह पल था जिसने पूरे चुनावी संदेश में एक human touch जोड़ दिया।असम में चाय उद्योग केवल व्यापार नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की रोज़ी-रोटी और पीढ़ियों की पहचान से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यह दौरा सीधे लोगों की भावनाओं से जुड़ता दिखा। Assam Election 2026 में किस ओर जाएगा मुकाबला? 126 सीटों वाली असम विधानसभा में इस बार मुकाबला दिलचस्प होता दिख रहा है। भाजपा जहां development, security और identity के मुद्दों को मजबूती से उठा रही है, वहीं कांग्रेस राहत, सामाजिक न्याय और स्थानीय मुद्दों के सहारे चुनावी जमीन मजबूत करने की कोशिश में है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Weather Update UP में तेज बारिश-ओले, MP और Rajasthan में अलर्ट, J&K में खतरा बढ़ा

उत्तर भारत में अचानक बदला मौसम, कई राज्यों में अलर्ट उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। उत्तर प्रदेश (UP) में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित किया है। इसी के साथ मध्य प्रदेश (MP) और राजस्थान के कई हिस्सों में भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी के बाद एवलांच (Avalanche) का खतरा बढ़ गया है, जिससे प्रशासन ने लोगों और यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। Western Disturbance से बदला मौसम का मिजाज मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बदलाव के पीछे एक मजबूत Western Disturbance सक्रिय है, जो उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को तेजी से प्रभावित कर रहा है। इसके असर से यूपी के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई और कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी खबरें सामने आईं। अचानक बदले मौसम से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि गेहूं और सरसों जैसी तैयार फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं। UP Weather Update: कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने बिजली गिरने और तेज हवाओं की भी चेतावनी दी है। खेतों में तैयार खड़ी फसल के लिए यह मौसम नुकसानदायक साबित हो सकता है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। MP और Rajasthan में भी बारिश-आंधी का अलर्ट MP और Rajasthan Weather Update की बात करें तो दोनों राज्यों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम में इस बदलाव से तापमान में गिरावट जरूर आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन तेज हवाओं और बारिश की वजह से सड़क यात्रा और बिजली व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। J&K High Areas में Avalanche और Landslide Risk वहीं Jammu-Kashmir Weather Alert ज्यादा गंभीर माना जा रहा है। गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम और दूसरे ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी और बारिश के कारण हिमस्खलन और लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे गैर-ज़रूरी यात्रा से बचें और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें। अगले 24–48 घंटे रहेंगे अहम मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों तक यह सिस्टम सक्रिय रह सकता है, इसलिए उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि का असर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। अगर मौसम इसी तरह बना रहा, तो आने वाले दो दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में इसका असर और बढ़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LPG

1 April 2026 New Rules LPG Cylinder महंगा, Rail Refund और Salary पर बड़ा असर

नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही 1 April 2026 से कई ऐसे बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका असर सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर दिखेगा। सुबह की चाय से लेकर ऑफिस की salary slip, train journey से लेकर highway toll तक—हर जगह कुछ न कुछ बदला है। सबसे ज्यादा चर्चा commercial LPG cylinder price hike, railway refund rules, toll charges और salary structure changes को लेकर है। अगर आप नौकरी करते हैं, अक्सर सफर करते हैं या छोटा बिजनेस चलाते हैं, तो ये बदलाव आपके monthly budget को प्रभावित कर सकते हैं। Commercial LPG Cylinder हुआ महंगा, बाहर खाना पड़ सकता है costly 1 April से 19 किलो वाला commercial LPG cylinder ₹218 तक महंगा हो गया है। इसका सबसे ज्यादा असर होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और street food vendors पर पड़ेगा। यानी आने वाले दिनों में बाहर चाय, नाश्ता या खाना पहले से थोड़ा महंगा महसूस हो सकता है। घरेलू रसोई गैस में फिलहाल बड़ा बदलाव नहीं है, इसलिए घर का बजट अभी थोड़ा सुरक्षित है। Rail Ticket Refund Rules बदले, late cancel पर बड़ा नुकसान रेलवे ने टिकट cancellation policy को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है। अब अगर आप confirmed ticket को बहुत आखिरी समय पर cancel करते हैं, तो refund मिलने की संभावना काफी कम हो जाएगी। नया refund structure: जो लोग अक्सर अचानक plans बदलते हैं, उन्हें अब ticket booking में extra सावधानी रखनी होगी। In-hand Salary घट सकती है, लेकिन future secure होगा कई कंपनियों में नया salary structure लागू होने से basic pay को CTC का 50% या उससे ज्यादा रखना जरूरी हो सकता है। इसका मतलब: पहली नजर में ये बदलाव थोड़ा परेशान कर सकता है, लेकिन long term में यह employees के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। Toll Tax और FASTag Charges बढ़े अगर आप रोज highway use करते हैं या अक्सर road trips पर जाते हैं, तो अब जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। कई routes पर toll tax rates revise किए गए हैं। FASTag users के लिए भी annual pass और recharge cost में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसका असर खासतौर पर daily commuters और transport business पर पड़ेगा। PAN-Aadhaar, Banking और UPI Rules भी हुए strict April से PAN-Aadhaar linking, KYC verification और digital payments में security checks और मजबूत किए गए हैं। अब: ये बदलाव सुरक्षा के लिहाज से अच्छे हैं, लेकिन users को documents updated रखने होंगे। Human Impact: आम आदमी को क्या महसूस होगा? असल असर सबसे ज्यादा वहीं दिखेगा जहां रोजमर्रा का खर्च जुड़ा है। सीधी भाषा में कहें तो April 2026 pocket planning का महीना बन गया है। जो लोग पहले से बजट बनाकर चलते हैं, उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं होगी, लेकिन casual spending करने वालों को फर्क तुरंत दिखेगा। 1 April 2026 के ये rule changes सिर्फ सरकारी updates नहीं हैं, बल्कि हर घर के budget, हर employee की salary और हर traveller के खर्च से जुड़े बदलाव हैं। थोड़ी समझदारी, सही planning और documents updated रखने से आप इन changes का असर काफी हद तक संभाल सकते हैं। आखिरकार, financial year की सही शुरुआत वही है जहां जानकारी और तैयारी दोनों साथ हों। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज

मध्यप्रदेश के भिंड में लिव-इन पार्टनर की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि भिंड निवासी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने बिहार निवासी नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या कर शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया। इसके बाद उसने पुलिस को गुमशुदगी का आवेदन देकर मामले को छिपाने की कोशिश की। पुलिस की पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। फिलहाल पुलिस टीम नदी में शव की तलाश कर रही है। कॉलेज में हुई थी पहचान, लिव-इन में रहने लगे दोनों जानकारी के मुताबिक, सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था और उसकी कोई संतान नहीं थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क स्नेहलता से हुआ। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस दौरान उनका एक बेटा भी हुआ। बताया जा रहा है कि सत्यप्रकाश का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने स्नेहलता की हत्या की साजिश रची। 8 अक्टूबर को उसने अपने बेटे को पत्नी के हवाले कर दिया। कानपुर घुमाने के बहाने ले गया, रास्ते में हत्या का आरोप आरोप है कि बेटे को पत्नी को सौंपने के बाद सत्यप्रकाश स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। इस दौरान एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य साथी भी उसके साथ थे। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया गया। गुमशुदगी का आवेदन देकर छिपाने की कोशिश हत्या के बाद सत्यप्रकाश ने सिटी कोतवाली पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्नेहलता के लापता होने की सूचना दी। बताया गया है कि उसने गुमशुदगी को लेकर पर्चे भी छपवाए थे, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान सत्यप्रकाश ने हत्या की बात कबूल कर ली। अब पुलिस नदी में शव की तलाश कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस ने क्या कहा? सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के मुताबिक, लापता युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस टीम शव की तलाश कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
PM Modi

PM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू

लद्दाख में विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 15 अक्टूबर 2026 को लद्दाख में करीब ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लद्दाख का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और यहां की नई पीढ़ी का भविष्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन परियोजनाओं का सीधा संबंध लद्दाख की कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, पर्यटन और स्थानीय लोगों की सुविधाओं से है। सरकार का जोर सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के बेहतर अवसर देने पर भी है। लद्दाख के युवाओं के लिए क्या है सरकार का Plan? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लद्दाख के युवाओं की क्षमता और उनके भविष्य पर जोर दिया। उनका कहना है कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। लद्दाख में पर्यटन के विस्तार, विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ग्रीनहाउस खेती को भी बढ़ावा दे रही है। लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्र में खेती करना आसान नहीं है, इसलिए ग्रीनहाउस तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। Leh Airport पर ₹640 करोड़ का बड़ा Investment लद्दाख में पर्यटन और हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना पर करीब ₹640 करोड़ खर्च किए गए हैं। लगभग 23,800 वर्ग मीटर में बने इस टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 35 लाख बताई गई है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी। टर्मिनल में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बेहतर एयरपोर्ट से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ लद्दाख के पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। Nimmu-Padum-Darcha Road से आसान होगा सफर लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 298 किलोमीटर लंबी निमू-पदुम-दरचा सड़क भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग लेह के निमू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ता है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरता है। इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लद्दाख पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क का मतलब सिर्फ कम समय में सफर पूरा करना नहीं है। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जरूरी सामान तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है। Power Projects से मजबूत होगी बिजली की व्यवस्था लद्दाख में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया गया है। 9 मेगावाट क्षमता वाला हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। वहीं, 66 केवी की दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेगी। इन परियोजनाओं से बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे घरों के साथ स्थानीय कारोबार और दूसरी जरूरी सेवाओं को भी फायदा मिल सकता है। लद्दाख की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा संरक्षण विकास परियोजनाओं के बीच लद्दाख की प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया गया है। लेह के सिंधु घाट पर पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया गया। पेट्रोग्लिफ ऐसी प्राचीन आकृतियां होती हैं, जिन्हें चट्टानों पर उकेरा जाता है। इनमें उस दौर के लोगों के जीवन, जानवरों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां मिल सकती हैं। ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। इससे लद्दाख के इतिहास को समझने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है। Project Him Sarovar: 40 गांवों में बने जल निकाय लद्दाख में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। खासकर खेती के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी जुटाना कई इलाकों में मुश्किल हो सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Project Him Sarovar के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पानी को संरक्षित करना और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल आसान बनाना है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए मदद मिल सकती है। साथ ही, जल संरक्षण की बेहतर व्यवस्था क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है। Tourism और रोजगार पर भी रहेगा जोर लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध मठों, पहाड़ों और एडवेंचर गतिविधियों के लिए जाना जाता है। बेहतर एयरपोर्ट और सड़क संपर्क से यहां आने वाले पर्यटकों की यात्रा आसान हो सकती है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, होटल, होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, पर्यटन का विस्तार पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखकर करना जरूरी होगा। लद्दाख जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। लद्दाख के लिए क्यों अहम हैं ₹3,350 करोड़ के Projects? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित और शुरू की गई इन परियोजनाओं का महत्व केवल बड़ी रकम तक सीमित नहीं है। इनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। बेहतर सड़कें और एयरपोर्ट सफर को आसान बना सकते हैं। बिजली परियोजनाएं ऊर्जा व्यवस्था मजबूत कर सकती हैं, जबकि जल निकाय खेती में मदद कर सकते हैं। दूसरी ओर, शिक्षा, खेल और पर्यटन पर ध्यान देने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं। निष्कर्ष: लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाएं क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब इनकी सफलता इस बात से तय होगी कि इनका लाभ स्थानीय लोगों, किसानों, कारोबारियों और युवाओं तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है। प्रधानमंत्री का लद्दाख की नई पीढ़ी पर जोर इस बात को रेखांकित करता है कि विकास...

भोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग

भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोले-भटूरे दुकान के संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान में भट्टी के पास रखे कपड़े में आग लगी थी, जिसके बाद लपटें फैल गईं। हादसे में आसपास की चार अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को नुकसान पहुंचा था। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार से हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की तैयारी है। निगम ने चेतावनी दी है कि तय स्थान पर नहीं जाने वाले हॉकर्स का सामान जब्त किया जा सकता है। भट्टी के पास रखे कपड़े में लगी थी आग पुलिस की जांच के मुताबिक, बालाजी छोले-भटूरे दुकान में भट्टी जल रही थी। इसके पास रखे कपड़े में आग लगने के बाद लपटें फैल गईं और आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, आग भट्टी के पास रखे कपड़े से शुरू हुई थी। वहीं, दुकान में अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच नगर निगम कर रहा है। न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच जांचने के लिए मॉकड्रिल आग की घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच और रास्तों में आने वाली बाधाओं की जांच शुरू की है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। इस दौरान दो दमकल वाहनों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां दमकल को रुकना पड़ा, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। 8 अक्टूबर को आग लगने के दौरान दुकानों के सामने रखा सामान दमकल वाहनों के रास्ते में बाधा बना था। इसी को देखते हुए निगम ने बाजार में अतिक्रमण हटाने और रास्ते खाली रखने की कार्रवाई तेज की है। टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे हॉकर्स नगर निगम ने बुधवार को पूरे दिन मुनादी कराकर हॉकर्स को गुरुवार से निर्धारित स्थान पर जाने की सूचना दी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास स्थित हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। निगम की योजना न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की है, ताकि बाजार के रास्ते खुले रहें और आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी न हो। दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी कर रहा है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीली लाइन से आगे सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य दुकानों के सामने का रास्ता खाली रखना है, ताकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य प्रभावित न हो। आग वाली जगह से 100 फीट दूर भी जलती हैं भट्टियां आग लगने वाली जगह से करीब 100 फीट की दूरी पर छोले-भटूरे की दो अन्य दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आसपास दो से तीन नमकीन की दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टियां जलती हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों और भट्टियों के आसपास रखे सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुकानों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच जरूरी मानी जा रही है। चौक बाजार में 22 लाख का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी सवालों में शहर के पुराने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान इस सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई थी। इसके बाद सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड और घोड़ा नक्कास समेत शहर के आठ प्रमुख बाजारों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है। बैरागढ़ के फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव पर भी सवाल 17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ के संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 100 से ज्यादा कपड़े की दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव में कमी और उपकरणों पर जंग लगने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मेन कॉरिडोर में अतिक्रमण और मॉकड्रिल नहीं होने की बात भी कही गई है। न्यू मार्केट की आग के बाद अब सवाल केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि बाजारों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन रास्ते खुले रखने का भी है।

भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार

हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 24 रन से हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की हार की वजह पिच नहीं, बल्कि खराब गेंदबाजी थी। गावस्कर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिससे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिला। गावस्कर ने कहा कि अगर गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में तय योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। गावस्कर बोले- फुलटॉस डालकर पिच को दोष नहीं दे सकते गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि भारतीय गेंदबाजों की कमियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर पिच को लेकर शिकायत की जाती है और कहा जाता है कि वह गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही, लेकिन फुलटॉस डालने पर पिच को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने गेंदबाजों को सलाह दी कि परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है। फुलटॉस और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल लेंथ पर गेंद डालने से उन्हें आसानी से रन बनाने का मौका मिलता है। गावस्कर के मुताबिक, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सका। दोबारा बिछाई गई पिच पर गेंद रुककर आने की शिकायत हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की बात सामने आई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ मौकों पर गेंद पिच पर रुककर आई और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। हालांकि, गावस्कर का मानना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके अनुसार, पिच से मिलने वाली संभावित मदद तभी उपयोगी साबित होती है, जब गेंदबाज सही जगह गेंद डालें। इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिले। शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी उठाए सवाल गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी के तरीके पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे, लेकिन जोसेफ ने उनके खिलाफ बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी और एक और बाउंसर डाल दी। इस पर कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय अर्शदीप को निशाना बना रहे थे, जबकि उस समय स्टंप्स असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। 24 रन से हारा भारत बुधवार को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। मैच के बाद भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और पिच की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। गावस्कर की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि उनके मुताबिक, हार के लिए परिस्थितियों से ज्यादा गेंदबाजों का प्रदर्शन जिम्मेदार था।

संजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे

हैदराबाद। भारतीय ओपनर संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हार के बाद तिलक वर्मा के विकेट को मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। बुधवार को हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में भारत को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। सैमसन के मुताबिक, तिलक और नीतीश कुमार रेड्डी की साझेदारी के दौरान भारतीय टीम रन चेज में अच्छी स्थिति में थी, लेकिन तिलक के आउट होते ही मैच का रुख बदल गया। मैच के बाद सैमसन ने कहा, “मैच का टर्निंग पॉइंट वह था, जब तिलक आउट हुए। हम अच्छी स्थिति में थे। हम 10-20 रन आसानी से बना रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव संभाल रहे थे और दोनों बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे।” रेड्डी और तिलक ने 32 गेंदों में जोड़े 70 रन भारत ने 130 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उस समय टीम को जीत के लिए 50 गेंदों में 118 रन बनाने थे। मुश्किल परिस्थिति में नीतीश कुमार रेड्डी और तिलक वर्मा ने छठे विकेट के लिए 32 गेंदों में 70 रन की साझेदारी कर टीम की वापसी कराई। दोनों की बल्लेबाजी से भारत की जीत की उम्मीदें फिर मजबूत हुईं। हालांकि, जब जीत के लिए 19 गेंदों में 48 रन की जरूरत थी, तब रोमारियो शेफर्ड ने तिलक वर्मा को गलत शॉट खेलने पर मजबूर किया और उनका विकेट हासिल कर लिया। इसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम मुकाबला 24 रन से हार गई। सैमसन ने कहा कि पांच विकेट गिरने के बाद भी टीम के पास मैच में वापसी का मौका था। दो युवा खिलाड़ियों ने दबाव में अच्छी बल्लेबाजी की और वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण का सामना किया। उन्होंने माना कि निचले क्रम के बल्लेबाजों को अंत में बड़ी भूमिका निभानी थी। सैमसन ने कहा कि क्रिकेट में गलतियां होती हैं, लेकिन टीम को सकारात्मक रहकर आगे बढ़ना होगा। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा का किया बचाव ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर भी सैमसन ने प्रतिक्रिया दी। ईशान ने तीन गेंदों में छह रन बनाए, जबकि अभिषेक शर्मा 24 गेंदों पर 29 रन ही बना सके। सैमसन ने दोनों खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि एक मैच में खराब प्रदर्शन होना सामान्य है। उन्होंने अभिषेक की पिछली मैच में खेली गई 70 रन की पारी का जिक्र किया और कहा कि ईशान भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। सैमसन के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं और एक खराब मैच के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। सैमसन ने 23 गेंदों में बनाए 56 रन संजू सैमसन ने खुद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 56 रन बनाए। ईशान किशन के जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने तेज गति से रन बनाकर भारतीय टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि, टीम की हार से वह निराश नजर आए। सैमसन ने कहा, “हारने वाली टीम में होने का एहसास अलग होता है। इस समय मैं काफी निराश हूं। मेरा योगदान जीत में आना चाहिए था।” अपनी बल्लेबाजी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें मैदान पर बल्लेबाजी करने में मजा आया। उनके मुताबिक, बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय ज्यादा सोचने का समय नहीं होता और परिस्थितियों के अनुसार तेजी से खेलना पड़ता है। आखिरी मुकाबले को लेकर सैमसन आश्वस्त सीरीज बराबर होने के बाद सैमसन ने कहा कि भारतीय टीम अगले मुकाबले के लिए तैयार है। उन्होंने आखिरी मैच को फाइनल जैसा बताते हुए कहा कि अब देखना होगा कि टीम आगे कैसा प्रदर्शन करती है। अर्शदीप सिंह की चोट पर भी दिया अपडेट सैमसन ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की चोट को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अर्शदीप अपने कंधे पर बर्फ लगा रहे हैं। सैमसन ने उम्मीद जताई कि गेंद लगने से घायल हुए अर्शदीप जल्द ठीक हो जाएंगे और टीम में वापसी कर सकेंगे।

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