देश में बढ़ते आवारा कुत्तों के हमलों को लेकर Supreme Court ने गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने साफ कहा कि कई कुत्तों में खतरनाक वायरस पाए जा रहे हैं, जिनसे फैलने वाली बीमारियां इलाज से बाहर हो सकती हैं। खासतौर पर बच्चों पर हो रहे हमलों को लेकर कोर्ट ने सख्त सवाल पूछे हैं।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति सड़क पर रहने वाले कुत्तों को खाना खिला रहा है, तो उसे उनकी जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसे लोग कुत्तों को अपने घर ले जाएं या फिर उनकी सुरक्षा और निगरानी की पूरी व्यवस्था करें।
अदालत ने पूछा,
“जब कोई बच्चा आवारा कुत्तों के हमले में घायल होता है या जान गंवाता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”
कोर्ट ने यह भी कहा कि पशु प्रेम अपनी जगह सही है, लेकिन जन सुरक्षा उससे भी ज्यादा जरूरी है। सड़कें सिर्फ कुत्तों की नहीं, बल्कि आम लोगों—खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं—की भी हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो इस मामले में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। साथ ही राज्य सरकारों और नगर निगमों से भी आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने को लेकर जवाब मांगा गया है।
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