नई दिल्ली में सोमवार का दिन भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्तों के लिए खास रहा। प्रधानमंत्री Narendra Modi और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae-myung के बीच हुई अहम द्विपक्षीय बैठक ने साफ संकेत दिया कि दोनों देश अब अपने संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं।
बैठक Hyderabad House में हुई, जहां दोनों नेताओं ने सिर्फ औपचारिक बातचीत ही नहीं की, बल्कि भविष्य की रणनीति पर भी खुलकर चर्चा की।
स्वागत से शुरू हुआ भरोसे का संदेश
राष्ट्रपति ली के भारत पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत Rashtrapati Bhavan में किया गया। इसके बाद उन्होंने Raj Ghat जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि दोनों देशों के साझा मूल्यों और सम्मान का प्रतीक भी रहा।
Meeting में किन मुद्दों पर बनी बात?
इस मुलाकात में कई अहम क्षेत्रों पर गहराई से चर्चा हुई:
- Trade & Investment: दोनों देशों ने व्यापार बढ़ाने और नए निवेश के रास्ते खोलने पर जोर दिया।
- Technology & AI: सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सेक्टर में सहयोग बढ़ाने की योजना बनी।
- Defence & Security: इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और समुद्री सहयोग पर सहमति बनी।
- Supply Chain & Energy: बदलते वैश्विक हालात में मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन बनाने पर चर्चा हुई।
क्यों खास है यह Bilateral Meeting?
यह दौरा कई वजहों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है:
- लगभग 8 साल बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति भारत आए हैं।
- दोनों देश 2030 तक अपने व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रख रहे हैं।
- वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच यह साझेदारी रणनीतिक रूप से और अहम हो गई है।
इस बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि भारत और दक्षिण कोरिया अब सिर्फ साझेदार नहीं, बल्कि लंबे समय के रणनीतिक सहयोगी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
आने वाले समय में टेक्नोलॉजी, व्यापार और रक्षा जैसे क्षेत्रों में बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।
भारत-दक्षिण कोरिया की यह बढ़ती नजदीकी न सिर्फ दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए अहम साबित हो सकती है।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

