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PM Modi in Gujarat सोमनाथ की आस्था और Rajkot का विकास एक साथ

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) का तीन दिन का गुजरात दौरा सिर्फ एक राजनीतिक यात्रा नहीं था, बल्कि यह भारत की आत्मा, उसकी विरासत और भविष्य की दिशा को एक साथ दिखाने वाला सफर बन गया।
सोमनाथ के पवित्र तट से लेकर राजकोट के निवेश मंच तक, हर पड़ाव पर भारत के गौरव और विकास की झलक साफ दिखाई दी।

Somnath Swabhiman Parv: इतिहास जो आज भी जीवित है

गिर सोमनाथ में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ इस यात्रा का सबसे भावनात्मक और ऐतिहासिक हिस्सा रहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने यहां शौर्य यात्रा का नेतृत्व किया, जिसमें घोड़ों का जुलूस, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और भव्य ड्रोन शो शामिल था।

सोमनाथ मंदिर केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि भारत की जिजीविषा का प्रतीक है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि—

सोमनाथ की कहानी हार की नहीं, बल्कि हर बार फिर उठ खड़े होने की कहानी है।

उन्होंने याद दिलाया कि कैसे महमूद गजनवी और औरंगजेब जैसे आक्रांताओं के हमलों के बावजूद यह मंदिर बार-बार पुनर्निर्मित हुआ और आज भी उतनी ही मजबूती से खड़ा है।
यह संदेश सिर्फ अतीत के लिए नहीं, बल्कि आज के भारत के आत्मविश्वास को भी दर्शाता है।

Rajkot में Vibrant Gujarat Regional Conference

सोमनाथ से सीधे राजकोट पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी ने Vibrant Gujarat Regional Conference (Kutch–Saurashtra) का उद्घाटन किया।
यह मंच गुजरात की निवेश क्षमता, उद्योग और भविष्य की अर्थव्यवस्था को दुनिया के सामने रखने के लिए था।

पीएम मोदी (PM Modi) ने बताया कि कच्छ और सौराष्ट्र अब भारत के ग्रीन एनर्जी हब बन रहे हैं।
कच्छ में बन रहा 30 GW का हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क दुनिया के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक होगा।

उन्होंने कहा कि गुजरात अब सिर्फ उद्योगों का राज्य नहीं, बल्कि
ग्रीन एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग, MSME और स्टार्टअप्स का नया सेंटर बन चुका है।

Investment, Jobs और Youth की नई दिशा

राजकोट सम्मेलन में निवेशकों और उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि
गुजरात में अब इंटरनेशनल एजुकेशन हब, स्किल यूनिवर्सिटी और डिफेंस लॉजिस्टिक्स ट्रेनिंग पर खास फोकस किया जा रहा है।

इसका सीधा फायदा युवाओं को मिलेगा —
नौकरियां, स्टार्टअप्स और ग्लोबल लेवल पर काम करने के मौके।

India Growth Story में Gujarat की बड़ी भूमिका

PM Modi ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और गुजरात इस विकास की रीढ़ बना हुआ है।
पोर्ट, इंडस्ट्री, ग्रीन एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर गुजरात भारत को Viksit Bharat 2047 की ओर ले जा रहा है।

सोमनाथ से राजकोट तक: एक भारत की दो तस्वीरें

इस पूरे दौरे में दो भारत एक साथ दिखाई दिए—

  • सोमनाथ में भारत की आत्मा, श्रद्धा और इतिहास
  • राजकोट में भारत का भविष्य, निवेश और विकास

यही PM Modi की गुजरात यात्रा की असली पहचान रही —
जहां विरासत भी है और विज़न भी।

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Yukta

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Suryakumar Yadav

T20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा Captain

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने T20 कप्तानी से हटाए जाने और टीम से बाहर किए जाने के बाद पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। सूर्यकुमार ने बताया कि चयनकर्ताओं के फैसले के बाद वह करीब डेढ़ महीने तक इस सवाल से जूझते रहे कि आखिर ऐसा कैसे हो गया। उन्हें उम्मीद थी कि वह भारतीय टीम की कप्तानी को कम से कम 2028 Olympics और अगले T20 World Cup तक संभालेंगे। सूर्यकुमार यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारतीय टी20 टीम में नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उनकी जगह Shreyas Iyer को टीम की कमान सौंपी गई है। Captaincy जाने के बाद क्या बोले Suryakumar Yadav? सूर्यकुमार ने बातचीत में बताया कि टीम से बाहर किए जाने की खबर उनके लिए आसान नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला कि उनका नाम टीम में नहीं है, तो उनके मन में सबसे पहला सवाल यही आया कि “ऐसा कैसे हो गया?” उन्होंने बताया कि वह करीब डेढ़ महीने तक इस फैसले के बारे में सोचते रहे। उनके लिए यह इसलिए भी हैरान करने वाला था क्योंकि भारतीय टीम ने उनकी कप्तानी में लगातार शानदार प्रदर्शन किया था। सूर्यकुमार को उम्मीद थी कि वह आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में भी टीम का नेतृत्व करेंगे। लगा था Olympics और T20 World Cup तक Captain रहूंगा सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उन्हें लगा था कि वह भारतीय टी20 टीम के साथ लंबे समय तक जुड़े रहेंगे। उनके सामने 2028 Los Angeles Olympics और अगला T20 World Cup जैसे बड़े टूर्नामेंट थे। उन्हें उम्मीद थी कि इन बड़े मुकाबलों तक वह टीम इंडिया के Captain बने रहेंगे। हालांकि, चयनकर्ताओं ने भविष्य की योजनाओं को देखते हुए नेतृत्व में बदलाव करने का फैसला किया। यह फैसला सूर्यकुमार के लिए इसलिए भी चौंकाने वाला था क्योंकि कप्तान के तौर पर उनका रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा था। ‘जब सब अच्छा चल रहा था तो बदलाव क्यों?’ सूर्यकुमार यादव की सबसे बड़ी चिंता कप्तानी जाने से ज्यादा इस बात को लेकर थी कि आखिर बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही थी और बड़े टूर्नामेंट में सफलता हासिल कर रही थी, तब अचानक कप्तानी में बदलाव क्यों किया गया। सूर्यकुमार ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि वह चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करते हैं। उनका मानना है कि चयनकर्ता टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर फैसले लेते हैं और उन्हें जो सही लगा, उन्होंने वही किया। Selection Committee ने पहले ही दे दी थी जानकारी सूर्यकुमार ने बताया कि टीम की घोषणा से करीब 2-3 दिन पहले चयनकर्ताओं की ओर से उन्हें फोन आया था। उन्हें जानकारी दी गई थी कि आगे की सीरीज के लिए टीम में उनका नाम नहीं होगा। यह बातचीत उनके लिए निश्चित तौर पर मुश्किल रही होगी, लेकिन उन्होंने फैसले को स्वीकार किया और विवाद खड़ा करने के बजाय अपने क्रिकेट पर ध्यान देने का फैसला किया। Shreyas Iyer की Captaincy से कोई दिक्कत नहीं नए कप्तान Shreyas Iyer को लेकर सूर्यकुमार यादव ने कोई नाराजगी नहीं जताई। उन्होंने श्रेयस को अच्छा खिलाड़ी और अच्छा इंसान बताया। सूर्यकुमार का मानना है कि श्रेयस के पास कप्तानी का अनुभव है और वह टीम को अच्छी तरह संभाल सकते हैं। इसलिए उन्हें श्रेयस के Captain बनाए जाने से कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं है। खराब Batting Form भी बनी वजह? सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर किए जाने के पीछे उनकी Batting Form को भी एक महत्वपूर्ण वजह माना जा रहा है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद उनका बल्ला उस स्तर पर नहीं चला, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। कप्तानी में शानदार प्रदर्शन के बावजूद व्यक्तिगत बल्लेबाजी में लगातार अच्छी लय हासिल नहीं कर पाने का असर उनकी टीम में जगह पर पड़ा। चयनकर्ताओं के सामने अब एक नई T20 टीम तैयार करने की चुनौती भी है। अब Team India में Comeback पर नजर टीम से बाहर होने के बाद सूर्यकुमार यादव के सामने अब सबसे बड़ा लक्ष्य Team India में Comeback करना है। वह जानते हैं कि भारतीय टी20 टीम में वापसी के लिए उन्हें बल्ले से लगातार शानदार प्रदर्शन करना होगा। कप्तानी का अध्याय फिलहाल पीछे छूट चुका है, लेकिन सूर्यकुमार के लिए भारतीय टीम में वापसी का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ है। उनका प्रदर्शन ही तय करेगा कि वह दोबारा टीम इंडिया की T20 योजनाओं में जगह बना पाते हैं या नहीं।
Nepal-Tibet

Nepal Disaster: भूस्खलन से बनी झीलों ने बढ़ाई चिंता, 2500 Missing में 320 भारतीय शामिल

 नेपाल (Nepal) और तिब्बत में भारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं। आपदा के बाद बनी दो अस्थायी झीलों ने नई चिंता पैदा कर दी है। एक झील से लगातार पानी रिस रहा है, जबकि दूसरी झील में पानी जमा होने के कारण अचानक Flood का खतरा बना हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में करीब 2,500 लोग Missing बताए जा रहे हैं, जिनमें 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। Nepal में Landslide के बाद दो झीलों से बढ़ा खतरा भूस्खलन और भारी मलबे के कारण पहाड़ी इलाके में दो अस्थायी झीलें बन गई हैं। इन झीलों को लेकर नेपाली प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर पानी का दबाव बढ़ा और किसी झील का प्राकृतिक बांध टूट गया तो निचले इलाकों में अचानक तेज बाढ़ आ सकती है। इनमें से एक झील से पानी धीरे-धीरे बाहर निकल रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक पानी का रिसाव होने के बावजूद खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दूसरी झील की स्थिति ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है क्योंकि उसमें पानी बढ़ने की आशंका बनी हुई है। 2,482 लोग Missing, 320 भारतीयों की तलाश नेपाल और तिब्बत में आई इस आपदा के बाद 2,482 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें नेपाल और तिब्बत के नागरिकों के अलावा बड़ी संख्या में भारतीय भी शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार 320 Indian citizens अभी तक संपर्क से बाहर हैं। भारतीय अधिकारियों की ओर से नेपाली और चीनी प्रशासन के साथ संपर्क कर लापता नागरिकों की जानकारी जुटाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। Death Toll भी बढ़ा बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई इलाकों में भारी तबाही हुई है। अब तक 584 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। कई घर, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हुए हैं। दुर्गम पहाड़ी इलाकों में मलबा और खराब सड़क संपर्क राहत एवं बचाव अभियान में बड़ी चुनौती बन रहा है। कई स्थानों पर Communication Network प्रभावित होने के कारण प्रशासन को लापता लोगों की सही जानकारी जुटाने में भी परेशानी हो रही है। Rescue Operation में जुटी टीमें नेपाल में Rescue Operation लगातार जारी है। सुरक्षाबलों और राहत टीमों की मदद से बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हेलीकॉप्टरों के जरिए भी राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, लगातार बदलते मौसम, भूस्खलन के खतरे और अस्थिर पहाड़ी इलाकों के कारण बचावकर्मियों के लिए अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। भारतीय नागरिकों को लेकर चिंता नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर भारत सरकार भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के स्तर पर नेपाल और चीन के साथ Coordination किया जा रहा है। लापता भारतीयों की संख्या 320 तक पहुंचने के बाद उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाना है। दूसरी बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं विशेषज्ञों और स्थानीय अधिकारियों की सबसे बड़ी चिंता फिलहाल इन दोनों अस्थायी झीलों को लेकर है। पहली झील से पानी निकलने के बावजूद उसका जलस्तर और आसपास का मलबा खतरा पैदा कर सकता है। वहीं दूसरी झील में पानी बढ़ने की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर किसी झील का प्राकृतिक बांध अचानक टूटता है तो पानी और मलबे का तेज बहाव निचले इलाकों में Flash Flood की स्थिति पैदा कर सकता है। इसलिए प्रशासन ने नदी घाटियों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। Nepal Flood 2026: आगे क्या? फिलहाल नेपाल और तिब्बत में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। प्रशासन के सामने एक ओर लापता लोगों की तलाश और दूसरी ओर संभावित नई बाढ़ को रोकने की चुनौती है। दोनों झीलों के जलस्तर की Monitoring, प्रभावित इलाकों से लोगों की सुरक्षित Evacuation और लापता भारतीय नागरिकों की तलाश आने वाले दिनों में सबसे बड़ी प्राथमिकताएं रहेंगी। Nepal Flood 2026 Latest Update: भूस्खलन से बनी दोनों झीलों के कारण खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। करीब 2,500 लोगों के Missing होने और इनमें 320 भारतीय नागरिकों के शामिल होने से इस आपदा का मानवीय संकट और गंभीर हो गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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