आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGधर्म-कर्मNavratri 2026: छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा, जानें महिषासुर वध की कथा और मंत्र◆BREAKINGमध्य प्रदेशलिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग◆BREAKINGस्पोर्ट्सभारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार◆BREAKINGस्पोर्ट्ससंजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर में 7-8 मिनट में हो रही वाहनों की फिटनेस जांच पर सवाल, 800 की फीस के बदले 5 हजार मांगने का आरोप◆BREAKINGदेश-हरपलAnti-CEC Protest: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, 16 अक्टूबर को Tiranga March◆BREAKINGधर्म-कर्मNavratri 2026: छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा, जानें महिषासुर वध की कथा और मंत्र◆BREAKINGमध्य प्रदेशलिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग◆BREAKINGस्पोर्ट्सभारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार◆BREAKINGस्पोर्ट्ससंजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर में 7-8 मिनट में हो रही वाहनों की फिटनेस जांच पर सवाल, 800 की फीस के बदले 5 हजार मांगने का आरोप◆BREAKINGदेश-हरपलAnti-CEC Protest: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, 16 अक्टूबर को Tiranga March◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

BNP

BNP vs Jamaat Clash Bangladesh Election 2026 में किसके हाथ जाएगी सत्ता?

ढाका से लेकर चिटगांव और खुलना तक आज माहौल अलग है। सड़कों पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी है, मतदान केंद्रों के बाहर कतारें हैं और लोगों के चेहरों पर उम्मीद भी। Bangladesh Election 2026 के तहत देश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान जारी है। करीब 12 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि पिछले कुछ वर्षों की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद देश के भविष्य की दिशा तय करने का दिन माना जा रहा है। BNP vs Jamaat: किसके हाथ में जाएगी सत्ता? इस बार मुकाबला मुख्य रूप से Bangladesh Nationalist Party (BNP) और Jamaat-e-Islami के बीच देखा जा रहा है। देशभर में 50 से ज्यादा दलों और बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवारों सहित लगभग दो हजार से अधिक प्रत्याशी मैदान में हैं। कई सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। अवामी लीग की गैरमौजूदगी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी Awami League इस चुनाव में हिस्सा नहीं ले रही है। 2024 के छात्र आंदोलन और उसके बाद बने राजनीतिक हालात ने देश की राजनीति को नई दिशा दी। उसी पृष्ठभूमि में अंतरिम सरकार के तहत ये चुनाव कराए जा रहे हैं। “आजादी जैसा दिन” — Yunus का भावनात्मक संदेश अंतरिम सरकार के प्रमुख Muhammad Yunus ने मतदान के दिन को “आजादी जैसा दिन” बताया। उन्होंने कहा कि यह मौका है जब देश एक नया Bangladesh बनाने की ओर कदम बढ़ा सकता है। मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में खड़े युवाओं और बुजुर्गों से बात करने पर एक बात साफ दिखती है—लोग बदलाव चाहते हैं, लेकिन स्थिरता भी। कई पहली बार वोट डालने वाले युवाओं ने इसे “फ्यूचर तय करने वाला दिन” बताया। कड़ी सुरक्षा, शांतिपूर्ण मतदान चुनाव के मद्देनज़र देशभर में सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। सेना और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। अधिकांश इलाकों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है, हालांकि कुछ जगहों से हल्की तनाव की खबरें भी आई हैं। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक भी चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखे हुए हैं। कब आएंगे नतीजे? मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना शुरू होगी। शुरुआती रुझान देर रात या अगले दिन सामने आ सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव के परिणाम न केवल देश की आंतरिक राजनीति बल्कि उसकी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय नीति को भी प्रभावित करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Rahul Gandhi

US Trade Agreement Controversy “देश को बेच दिया” – Lok Sabha में Rahul Gandhi का बड़ा बयान

संसद के बजट सत्र में भारत-अमेरिका (India-US) Trade Deal को लेकर सियासत तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “US की शर्तों पर डील करना शर्मनाक है” और सरकार ने देश के हितों से समझौता किया है। उनके इस बयान के बाद सदन में जोरदार बहस छिड़ गई। क्या है पूरा मामला? हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते (Trade Agreement) को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। Rahul Gandhi ने अपने भाषण में कहा कि यह डील भारत की आर्थिक और रणनीतिक स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बातचीत में सख्त रुख नहीं अपनाया। राहुल गांधी ने खास तौर पर ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security), कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) और डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि अगर किसी समझौते से यह स्थिति बनती है कि भारत की तेल खरीद नीति या डिजिटल डेटा पर बाहरी दबाव बढ़े, तो यह देश के भविष्य के लिए चिंता की बात है। डेटा और तेल नीति पर सवाल अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने भारतीय डेटा को देश की “सबसे बड़ी संपत्ति” बताया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में डेटा ही नई ताकत है और भारत को इसे किसी भी वैश्विक दबाव में नहीं छोड़ना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका यह तय करने लगे कि भारत किस देश से तेल खरीदेगा, तो यह स्वतंत्र विदेश नीति के सिद्धांत के खिलाफ होगा। टैरिफ और व्यापारिक असर विपक्ष का दावा है कि इस डील के बाद कुछ क्षेत्रों में टैरिफ (Tariff) संरचना में ऐसे बदलाव हुए हैं, जिससे भारतीय उद्योग और निर्यातकों पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए अधिक मजबूत बातचीत करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर विपक्षी गठबंधन सत्ता में होता, तो वह भारत के हितों को प्राथमिकता देते हुए अलग तरीके से बातचीत करता। सरकार का जवाब सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। केंद्रीय मंत्रियों का कहना है कि India-US Trade Deal भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और वैश्विक बाजार में नई संभावनाएं खोलने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार के मुताबिक, यह समझौता भारतीय उद्योग, निवेश और रोजगार के लिए फायदेमंद साबित होगा। क्यों अहम है यह बहस? भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रणनीतिक रिश्तों के बीच यह व्यापार समझौता महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेकिन संसद में जिस तरह से इस पर सवाल उठे हैं, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और आर्थिक दोनों स्तर पर चर्चा में रहेगा। आखिरकार सवाल सिर्फ एक डील का नहीं है, बल्कि उस भरोसे का है जो देश की जनता अपनी सरकार से करती है—कि हर समझौता भारत के हित में हो। यही वजह है कि लोकसभा में हुई यह बहस आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
UP Budget

UP Budget 2026 ₹9,12,696 करोड़ से Industrial Development और MSME को नई रफ्तार

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹9,12,696 करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश किया है। यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जिसमें Industrial Development, Infrastructure Expansion और MSME Growth को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का स्पष्ट संदेश है—उत्तर प्रदेश को निवेश, रोजगार और उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना। UP Budget केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि प्रदेश के युवाओं, उद्यमियों, कारीगरों और छोटे व्यापारियों के लिए नई उम्मीदों का खाका भी है। Industrial Development: इंफ्रास्ट्रक्चर से उद्योग को ताकत इस बार बजट में सड़क, एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक्स हब और औद्योगिक कॉरिडोर के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा फायदा उद्योगों को मिलेगा—माल ढुलाई सस्ती होगी, समय की बचत होगी और उत्पादन लागत कम होगी। बुंदेलखंड समेत कई क्षेत्रों में औद्योगिक पार्क विकसित करने की योजना से पिछड़े इलाकों में भी निवेश का रास्ता खुलेगा। इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। Investment और Employment: निवेश से रोजगार तक सरकार ने निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की प्रतिबद्धता दोहराई है। बड़े पैमाने पर हुए निवेश समझौतों (MoUs) से लाखों रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत करने और प्रक्रियाओं को आसान बनाने की पहल से उद्योग स्थापित करना पहले से सरल होगा। यह कदम खासकर नए उद्यमियों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है। MSME Sector: छोटे उद्योग, बड़ी ताकत उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में MSME सेक्टर की भूमिका बेहद अहम है। लाखों लोग सीधे या परोक्ष रूप से इससे जुड़े हैं। बजट में इस क्षेत्र के लिए कई अहम प्रावधान किए गए हैं— 1. आसान वित्तीय सहायता छोटे और मध्यम उद्योगों को ऋण और कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है, ताकि वे विस्तार कर सकें। 2. TReDS प्लेटफॉर्म का विस्तार MSME को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए TReDS को बढ़ावा मिलेगा, जिससे कैश फ्लो की समस्या कम होगी। 3. पारंपरिक उद्योगों को सपोर्ट हथकरघा, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल और ग्रामीण उद्योगों के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी। इससे कारीगरों को बाजार और आधुनिक तकनीक से जोड़ने में मदद मिलेगी। 4. टेक्नोलॉजी और डिजिटल कनेक्ट छोटे उद्योगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-मार्केट से जोड़ने की पहल से उनके उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकेंगे। क्यों खास है यह बजट? UP Budget केवल बड़े उद्योगपतियों के लिए नहीं, बल्कि छोटे दुकानदार, कारीगर, स्टार्टअप फाउंडर और ग्रामीण उद्यमियों के लिए भी अवसर लेकर आया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Lok Sabha

No-Confidence Motion Drama Lok Sabha में हंगामा, Kiren Rijiju ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

संसद का बजट सत्र इस बार सामान्य बहसों से आगे बढ़कर तीखे राजनीतिक टकराव का मंच बन गया है। Lok Sabha में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते तनाव ने हालात को ऐसा मोड़ दे दिया है, जहाँ आरोप-प्रत्यारोप, अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) और संसदीय गरिमा पर सवाल एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। स्पीकर के चैंबर में क्या हुआ? केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू (Kiren Rijiju) ने कांग्रेस सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि लगभग 20–25 कांग्रेस सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) के चैंबर में गए और वहां अनुचित व्यवहार किया। रिजिजू के अनुसार इस दौरान ऐसी भाषा का इस्तेमाल हुआ, जिससे स्पीकर आहत हुए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ वरिष्ठ नेता, जिनमें प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य प्रमुख चेहरे शामिल थे, उस समय मौजूद थे। रिजिजू ने इस पूरे घटनाक्रम को “संसदीय मर्यादा के खिलाफ” बताया और कहा कि लोकतंत्र में असहमति ज़रूरी है, लेकिन गरिमा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। बोलने की अनुमति पर विवाद मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेताओं ने यह कहा कि उन्हें सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकसभा के नियमों के अनुसार, बिना अध्यक्ष की अनुमति कोई भी सदस्य बोल नहीं सकता, चाहे वह किसी भी दल से हो। सत्ता पक्ष का कहना है कि नियमों की अनदेखी से संसद की कार्यवाही प्रभावित होती है और इससे जनता के मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। No-Confidence Motion क्यों? दूसरी ओर, विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion against Speaker) पेश किया है। विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही के दौरान उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया और कुछ मामलों में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया। करीब 118 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ यह प्रस्ताव लोकसभा सचिवालय को सौंपा गया है। हालांकि, इस पर कुछ बड़े नेताओं के हस्ताक्षर न होने को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी है। BJP MPs की प्रतिक्रिया भाजपा की कुछ महिला सांसदों ने भी स्पीकर को पत्र लिखकर विपक्ष के व्यवहार पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सदन के अंदर और बाहर विरोध का तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो। संसद में बढ़ता गतिरोध लगातार हो रहे हंगामे और आरोपों के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है, खासकर यदि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। लोकतंत्र की असली कसौटी संसद सिर्फ बहस का मंच नहीं, बल्कि देश की जनता की आवाज़ है। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि क्या राजनीतिक मतभेदों को संवाद से सुलझाया जा सकता है? लोकतंत्र में विरोध और सवाल उठाना ज़रूरी है, लेकिन उसकी भाषा और तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। फिलहाल देश की निगाहें लोकसभा पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह विवाद सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा या संसद की कार्यप्रणाली पर गहरा असर डालेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Vande Mataram

नई गाइडलाइन 2026 Vande Mataram पहले, Jana Gana Mana बाद में गाया जाएगा

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वन्दे मातरम् (Vande Mataram) को लेकर नई ऑफिशियल गाइडलाइन 2026 जारी की है। अब स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों में वन्दे मातरम् राष्ट्रीय गीत जन‑गण‑मन (Jana Gana Mana) से पहले गाया जाएगा। गाइडलाइन के अनुसार, सभी 6 पैरे गाए जाएंगे और सुनने वाले खड़े होकर सम्मान करेंगे। सभी 6 पैरे अब होंगे ऑफिशियल इस गाइडलाइन में वन्दे मातरम् (Vande Mataram) के पूरे छह पैरों को गाने की बात कही गई है। इनमें वे पैरे भी शामिल हैं जो पहले आधिकारिक कार्यक्रमों में नहीं गाए जाते थे। प्रत्येक पैरा मातृभूमि के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को जगाता है। स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों में नया नियम ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व Vande Mataram को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था और यह गीत स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रतीक बन गया। पहले इसे केवल दो पैरों तक सीमित रखा गया था, लेकिन अब सभी छह पैरे गाने का निर्देश है। यह बदलाव बच्चों और नागरिकों के बीच देशभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान की भावना को और मजबूत करेगा। सरकार का उद्देश्य सरकार का लक्ष्य वन्दे मातरम् को केवल गीत के रूप में नहीं बल्कि राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक बनाना है। इससे बच्चों और नागरिकों में देशभक्ति की भावना को जागरूक करने में मदद मिलेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Lok Sabha

Lok Sabha में सियासी घमासान स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, दो स्थगन के बाद Budget पर चर्चा

संसद के बजट सत्र में सोमवार को लोकसभा (Lok Sabha) का माहौल काफी तनावपूर्ण नजर आया। एक तरफ विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया, तो दूसरी ओर हंगामे और स्थगन के बाद आखिरकार आम बजट पर चर्चा की शुरुआत हुई। स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस दिया है, जिस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही निष्पक्ष रूप से नहीं चलाई जा रही और उनकी बातों को बार-बार अनदेखा किया जा रहा है। यह कदम विपक्ष की नाराज़गी और सरकार के प्रति उसके आक्रामक रुख को दिखाता है। हंगामे के कारण दो बार स्थगित हुई कार्यवाही अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी सांसदों की नारेबाज़ी और विरोध के चलते लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। कुछ समय तक सदन का कामकाज पूरी तरह बाधित रहा, जिससे राजनीतिक टकराव साफ झलकता रहा। Budget Discussion की शुरुआत हंगामे और स्थगन के बावजूद लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू की गई और केंद्र सरकार के आम बजट (Union Budget) पर चर्चा शुरू हुई। सत्तापक्ष के सांसदों ने सरकार की आर्थिक नीतियों, विकास योजनाओं और भविष्य की रणनीति को सामने रखा। वहीं विपक्ष ने महंगाई, बेरोज़गारी, किसानों की समस्याओं और आम जनता पर बढ़ते खर्च जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। संसद में टकराव के बीच आगे की राह लोकसभा (Lok Sabha) स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस और बजट पर चर्चा का एक साथ चलना यह दर्शाता है कि संसद के भीतर सियासी खींचतान तेज है। इसके बावजूद सरकार बजट से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा कर विधायी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर क्या निर्णय लिया जाता है और बजट बहस आने वाले दिनों में किस दिशा में आगे बढ़ती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Naravane

Penguin India का Official Statement General Naravane की Unpublished Book पर Legal Action की चेतावनी

भारत में इस वक्त एक unpublished book controversy सुर्खियों में है। विवाद का केंद्र है पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (General Manoj M. Naravane) की आत्मकथा “Four Stars of Destiny”, जो अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। मामला तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में इस किताब का कथित अंश दिखाया और सरकार पर सवाल उठाए। किताब क्या है? Naravane की किताब “Four Stars of Destiny” उनके सैन्य करियर, भारत‑चीन सीमा विवाद और महत्वपूर्ण सैन्य निर्णयों का विवरण बताती है। हालांकि, यह अभी तक प्रकाशित नहीं हुई और न ही कोई आधिकारिक प्रति (print या digital) सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। पेंगुइन इंडिया (Penguin Random House India) का बयान पेंगुइन इंडिया ने स्पष्ट किया कि: इसका मतलब यह है कि पेंगुइन ने कोई भी आधिकारिक रिलीज़ नहीं की है और किसी भी लीक को मान्यता नहीं दी है। FIR और Delhi Police की जांच दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है, क्योंकि: पुलिस का कहना है कि मामला copyright/लेखक अधिकारों और unauthorized dissemination से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। Parliament Controversy: राहुल गांधी और किताब का प्रदर्शन विवाद तब राजनीतिक रूप ले गया जब राहुल गांधी ने लोकसभा में कथित किताब की प्रति दिखाकर सरकार पर सवाल उठाए। संक्षेप में बिंदु स्थिति Book Publication प्रकाशित नहीं हुई, कोई official copy उपलब्ध नहीं। Publisher Statement Penguin India ने unauthorized copies पर copyright violation बताया। FIR & Police Probe दिल्ली पुलिस ने unauthorized circulation के आधार पर FIR दर्ज की। Politics & Parliament राहुल गांधी के Parliamentary display ने विवाद को राजनीतिक रूप दिया। मानवीय जुड़ाव यह सिर्फ book leak controversy नहीं है। यह उस संतुलन की कहानी है जहाँ जानकारी की भूख, लेखक-अधिकार, राष्ट्रीय सुरक्षा नियम, और राजनीतिक बहस एक साथ टकराते हैं। ऐसी घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि किसी भी संवेदनशील जानकारी के लिए सही अनुमति और जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Punjab

Punjab Crime तरनतारन लॉ कॉलेज में सनसनी, छात्र ने सहपाठी को गोली मारी फिर खुद की जान ली

पंजाब (Punjab) के तरनतारन जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। माई भागो लॉ कॉलेज (Mai Bhago Law College) में पढ़ने वाली एक लॉ छात्रा की क्लासरूम के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद आरोपी छात्र ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। यह पूरी घटना कॉलेज में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कैसे हुई वारदात? प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, घटना उस समय हुई जब कॉलेज में नियमित कक्षाएं चल रही थीं। तभी एक छात्र अचानक क्लासरूम में दाखिल हुआ और बिना किसी चेतावनी के अपनी सहपाठी संदीप कौर के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही छात्रा जमीन पर गिर पड़ी। घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी छात्र ने खुद को भी गोली मार ली। दोनों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। CCTV Video से मचा हड़कंप कॉलेज परिसर में लगे CCTV कैमरों में यह पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों में डर और गुस्सा दोनों देखा जा रहा है। पुलिस ने वीडियो को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस जांच में क्या सामने आ रहा है? पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी और मृतक छात्रा के बीच किसी निजी विवाद या एकतरफा संबंध का मामला हो सकता है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी किसी नतीजे पर पहुँचना जल्दबाजी होगी। पुलिस कॉलेज के छात्रों, शिक्षकों और परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी के पास हथियार कैसे पहुंचा। कॉलेज प्रशासन और समाज की प्रतिक्रिया घटना के बाद कॉलेज में शोक का माहौल है। कॉलेज प्रशासन ने कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और छात्रों के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था करने की बात कही है। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था, छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य, और हथियारों की आसान उपलब्धता कितनी बड़ी समस्या बन चुकी है। एक चेतावनी भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि हिंसक और संवेदनशील वीडियो शेयर न करें, क्योंकि इससे पीड़ित परिवारों को और मानसिक आघात पहुंचता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
ISRO

ISRO Chandrayaan-4 Plan Mons Mouton से मिट्टी और चट्टानों के सैंपल लाने का लक्ष्य

भारत एक बार फिर चंद्रमा पर इतिहास रचने की तैयारी में है। ISRO (Indian Space Research Organisation) ने अपने आने वाले मिशन चंद्रयान-4 (Chandrayaan-4) के लिए लैंडिंग साइट की तलाश लगभग पूरी कर ली है। इस बार मिशन का फोकस चंद्रमा के South Pole क्षेत्र पर है, जहां Mons Mouton नामक पहाड़ी इलाके को सबसे सुरक्षित और उपयोगी माना जा रहा है। क्यों खास है Mons Mouton? Mons Mouton चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास स्थित एक ऊँचा इलाका है। वैज्ञानिकों के अनुसार यहां की सतह अपेक्षाकृत स्थिर है और ढलान भी ज्यादा खतरनाक नहीं है। यही वजह है कि ISRO ने इसे Chandrayaan-4 की संभावित लैंडिंग साइट के रूप में चुना है। इस क्षेत्र की एक और खास बात यह है कि यहां सूरज की रोशनी लंबे समय तक मिलती है, जिससे भविष्य के मिशनों में सोलर एनर्जी का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। Chandrayaan-4 का मुख्य उद्देश्य क्या होगा? चंद्रयान-4 सिर्फ लैंडिंग तक सीमित नहीं रहेगा। इस मिशन का सबसे बड़ा लक्ष्य होगा: ये सैंपल वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करेंगे कि चंद्रमा की सतह कैसे बनी, वहां मौजूद खनिजों की संरचना क्या है और भविष्य में वहां मानव मिशन की कितनी संभावना है। South Pole क्यों बना वैज्ञानिकों की पसंद? चंद्रमा का South Pole दुनियाभर के स्पेस एजेंसियों के लिए बेहद आकर्षण का केंद्र है। माना जाता है कि इस इलाके में: अगर यह पुष्टि होती है, तो यह मानव अंतरिक्ष अभियानों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। कैसे चुनी गई लैंडिंग साइट? ISRO ने Chandrayaan-2 के ऑर्बिटर से मिले हाई-रेजोल्यूशन डेटा का इस्तेमाल किया। इन तस्वीरों के जरिए: का गहराई से विश्लेषण किया गया। इसके बाद Mons Mouton के पास एक सुरक्षित पैच को फाइनल विकल्प माना गया। कब लॉन्च हो सकता है Chandrayaan-4? फिलहाल मिशन की तैयारियां चल रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के अनुसार Chandrayaan-4 को 2027 या 2028 तक लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि, ISRO की तरफ से आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। भारत के लिए क्यों अहम है यह मिशन? Chandrayaan-4 भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर सकता है जो चंद्रमा से सैंपल वापस लाने में सक्षम हैं। यह मिशन न सिर्फ वैज्ञानिक दृष्टि से बल्कि तकनीकी और वैश्विक स्तर पर भी भारत की स्थिति को मजबूत करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Om Birla

Lok Sabha Speaker Om Birla पर No Confidence Motion की तैयारी संसद में टकराव चरम पर

संसद के बजट सत्र के दौरान चल रहा राजनीतिक टकराव अब एक नए और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) के खिलाफ नो कॉन्फिडेंस मोशन (No Confidence Motion) लाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह कदम भारतीय संसदीय इतिहास में बेहद असामान्य माना जा रहा है और इससे संसद की राजनीति और अधिक गरमा गई है। पिछले कुछ दिनों से लोकसभा की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें सदन में अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा और स्पीकर के फैसले एकतरफा हैं। इसी नाराज़गी के चलते विपक्ष अब सीधे स्पीकर की भूमिका पर सवाल खड़ा कर रहा है। संसद में क्यों बढ़ा तनाव? बजट सत्र की शुरुआत से ही लोकसभा में हंगामे का माहौल बना हुआ है। विपक्षी सांसदों का कहना है कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की अनुमति नहीं दी जा रही, जबकि सरकार के पक्ष में बोलने वालों को ज्यादा समय मिल रहा है। हालात इतने बिगड़ गए कि सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में बड़ी संख्या में विपक्षी सांसद स्पीकर के चेंबर तक पहुंचे और अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद से ही यह चर्चा तेज हो गई कि विपक्ष कोई बड़ा कदम उठा सकता है — और अब स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। विपक्ष का आरोप, सरकार का पलटवार विपक्ष का कहना है कि यह कदम किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए उठाया जा रहा है। उनका दावा है कि अगर सदन निष्पक्ष रूप से नहीं चलेगा तो जनता की आवाज संसद तक नहीं पहुंच पाएगी। वहीं सरकार और सत्तारूढ़ दल इस पूरे घटनाक्रम को विपक्ष की राजनीतिक रणनीति बता रहे हैं। उनका कहना है कि जब विपक्ष के पास ठोस मुद्दे नहीं होते, तब वह संसद को बाधित करने और संवैधानिक पदों को विवाद में घसीटने का रास्ता अपनाता है। कितना अहम है यह प्रस्ताव? विशेषज्ञों के अनुसार, लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना बेहद दुर्लभ है। अगर प्रस्ताव पेश होता है, तो उसे सदन में स्वीकार किया जाना और फिर उस पर बहस होना अपने-आप में बड़ी राजनीतिक घटना होगी। हालांकि, प्रस्ताव का पारित होना संख्याबल पर निर्भर करेगा। फिलहाल यह साफ है कि संसद का यह सत्र सिर्फ बजट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में स्पीकर, विपक्ष और सरकार के बीच टकराव भारतीय राजनीति का केंद्र बन सकता है। आगे क्या? अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि विपक्ष औपचारिक रूप से अविश्वास प्रस्ताव कब पेश करता है और स्पीकर उस पर क्या फैसला लेते हैं। यह मामला न सिर्फ संसद के अंदर, बल्कि देश की राजनीति में भी दूरगामी असर डाल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 … 146 147 148 149 150 … 238

Trending News

Editor's Picks

मां कात्यायनी

Navratri 2026: छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा, जानें महिषासुर वध की कथा और मंत्र

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। देवी दुर्गा का यह स्वरूप शक्ति, साहस और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में मां कात्यायनी को महिषासुर का वध करने वाली देवी के रूप में भी पूजा जाता है। मां कात्यायनी की पौराणिक कथा पौराणिक कथा के अनुसार, महर्षि कात्यायन ने देवी की कठोर आराधना की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके यहां पुत्री रूप में जन्म लिया और कात्यायनी कहलायीं। मान्यता है कि देवी ने महिषासुर का वध कर देवताओं को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कात्यायन्यै नमः। भोग: मां को शहद अर्पित करने की परंपरा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज

मध्यप्रदेश के भिंड में लिव-इन पार्टनर की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि भिंड निवासी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने बिहार निवासी नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या कर शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया। इसके बाद उसने पुलिस को गुमशुदगी का आवेदन देकर मामले को छिपाने की कोशिश की। पुलिस की पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। फिलहाल पुलिस टीम नदी में शव की तलाश कर रही है। कॉलेज में हुई थी पहचान, लिव-इन में रहने लगे दोनों जानकारी के मुताबिक, सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था और उसकी कोई संतान नहीं थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क स्नेहलता से हुआ। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस दौरान उनका एक बेटा भी हुआ। बताया जा रहा है कि सत्यप्रकाश का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने स्नेहलता की हत्या की साजिश रची। 8 अक्टूबर को उसने अपने बेटे को पत्नी के हवाले कर दिया। कानपुर घुमाने के बहाने ले गया, रास्ते में हत्या का आरोप आरोप है कि बेटे को पत्नी को सौंपने के बाद सत्यप्रकाश स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। इस दौरान एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य साथी भी उसके साथ थे। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया गया। गुमशुदगी का आवेदन देकर छिपाने की कोशिश हत्या के बाद सत्यप्रकाश ने सिटी कोतवाली पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्नेहलता के लापता होने की सूचना दी। बताया गया है कि उसने गुमशुदगी को लेकर पर्चे भी छपवाए थे, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान सत्यप्रकाश ने हत्या की बात कबूल कर ली। अब पुलिस नदी में शव की तलाश कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस ने क्या कहा? सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के मुताबिक, लापता युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस टीम शव की तलाश कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
PM Modi

PM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू

लद्दाख में विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 15 अक्टूबर 2026 को लद्दाख में करीब ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लद्दाख का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और यहां की नई पीढ़ी का भविष्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन परियोजनाओं का सीधा संबंध लद्दाख की कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, पर्यटन और स्थानीय लोगों की सुविधाओं से है। सरकार का जोर सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के बेहतर अवसर देने पर भी है। लद्दाख के युवाओं के लिए क्या है सरकार का Plan? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लद्दाख के युवाओं की क्षमता और उनके भविष्य पर जोर दिया। उनका कहना है कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। लद्दाख में पर्यटन के विस्तार, विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ग्रीनहाउस खेती को भी बढ़ावा दे रही है। लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्र में खेती करना आसान नहीं है, इसलिए ग्रीनहाउस तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। Leh Airport पर ₹640 करोड़ का बड़ा Investment लद्दाख में पर्यटन और हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना पर करीब ₹640 करोड़ खर्च किए गए हैं। लगभग 23,800 वर्ग मीटर में बने इस टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 35 लाख बताई गई है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी। टर्मिनल में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बेहतर एयरपोर्ट से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ लद्दाख के पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। Nimmu-Padum-Darcha Road से आसान होगा सफर लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 298 किलोमीटर लंबी निमू-पदुम-दरचा सड़क भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग लेह के निमू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ता है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरता है। इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लद्दाख पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क का मतलब सिर्फ कम समय में सफर पूरा करना नहीं है। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जरूरी सामान तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है। Power Projects से मजबूत होगी बिजली की व्यवस्था लद्दाख में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया गया है। 9 मेगावाट क्षमता वाला हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। वहीं, 66 केवी की दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेगी। इन परियोजनाओं से बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे घरों के साथ स्थानीय कारोबार और दूसरी जरूरी सेवाओं को भी फायदा मिल सकता है। लद्दाख की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा संरक्षण विकास परियोजनाओं के बीच लद्दाख की प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया गया है। लेह के सिंधु घाट पर पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया गया। पेट्रोग्लिफ ऐसी प्राचीन आकृतियां होती हैं, जिन्हें चट्टानों पर उकेरा जाता है। इनमें उस दौर के लोगों के जीवन, जानवरों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां मिल सकती हैं। ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। इससे लद्दाख के इतिहास को समझने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है। Project Him Sarovar: 40 गांवों में बने जल निकाय लद्दाख में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। खासकर खेती के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी जुटाना कई इलाकों में मुश्किल हो सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Project Him Sarovar के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पानी को संरक्षित करना और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल आसान बनाना है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए मदद मिल सकती है। साथ ही, जल संरक्षण की बेहतर व्यवस्था क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है। Tourism और रोजगार पर भी रहेगा जोर लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध मठों, पहाड़ों और एडवेंचर गतिविधियों के लिए जाना जाता है। बेहतर एयरपोर्ट और सड़क संपर्क से यहां आने वाले पर्यटकों की यात्रा आसान हो सकती है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, होटल, होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, पर्यटन का विस्तार पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखकर करना जरूरी होगा। लद्दाख जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। लद्दाख के लिए क्यों अहम हैं ₹3,350 करोड़ के Projects? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित और शुरू की गई इन परियोजनाओं का महत्व केवल बड़ी रकम तक सीमित नहीं है। इनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। बेहतर सड़कें और एयरपोर्ट सफर को आसान बना सकते हैं। बिजली परियोजनाएं ऊर्जा व्यवस्था मजबूत कर सकती हैं, जबकि जल निकाय खेती में मदद कर सकते हैं। दूसरी ओर, शिक्षा, खेल और पर्यटन पर ध्यान देने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं। निष्कर्ष: लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाएं क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब इनकी सफलता इस बात से तय होगी कि इनका लाभ स्थानीय लोगों, किसानों, कारोबारियों और युवाओं तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है। प्रधानमंत्री का लद्दाख की नई पीढ़ी पर जोर इस बात को रेखांकित करता है कि विकास...

भोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग

भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोले-भटूरे दुकान के संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान में भट्टी के पास रखे कपड़े में आग लगी थी, जिसके बाद लपटें फैल गईं। हादसे में आसपास की चार अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को नुकसान पहुंचा था। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार से हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की तैयारी है। निगम ने चेतावनी दी है कि तय स्थान पर नहीं जाने वाले हॉकर्स का सामान जब्त किया जा सकता है। भट्टी के पास रखे कपड़े में लगी थी आग पुलिस की जांच के मुताबिक, बालाजी छोले-भटूरे दुकान में भट्टी जल रही थी। इसके पास रखे कपड़े में आग लगने के बाद लपटें फैल गईं और आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, आग भट्टी के पास रखे कपड़े से शुरू हुई थी। वहीं, दुकान में अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच नगर निगम कर रहा है। न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच जांचने के लिए मॉकड्रिल आग की घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच और रास्तों में आने वाली बाधाओं की जांच शुरू की है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। इस दौरान दो दमकल वाहनों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां दमकल को रुकना पड़ा, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। 8 अक्टूबर को आग लगने के दौरान दुकानों के सामने रखा सामान दमकल वाहनों के रास्ते में बाधा बना था। इसी को देखते हुए निगम ने बाजार में अतिक्रमण हटाने और रास्ते खाली रखने की कार्रवाई तेज की है। टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे हॉकर्स नगर निगम ने बुधवार को पूरे दिन मुनादी कराकर हॉकर्स को गुरुवार से निर्धारित स्थान पर जाने की सूचना दी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास स्थित हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। निगम की योजना न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की है, ताकि बाजार के रास्ते खुले रहें और आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी न हो। दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी कर रहा है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीली लाइन से आगे सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य दुकानों के सामने का रास्ता खाली रखना है, ताकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य प्रभावित न हो। आग वाली जगह से 100 फीट दूर भी जलती हैं भट्टियां आग लगने वाली जगह से करीब 100 फीट की दूरी पर छोले-भटूरे की दो अन्य दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आसपास दो से तीन नमकीन की दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टियां जलती हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों और भट्टियों के आसपास रखे सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुकानों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच जरूरी मानी जा रही है। चौक बाजार में 22 लाख का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी सवालों में शहर के पुराने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान इस सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई थी। इसके बाद सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड और घोड़ा नक्कास समेत शहर के आठ प्रमुख बाजारों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है। बैरागढ़ के फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव पर भी सवाल 17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ के संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 100 से ज्यादा कपड़े की दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव में कमी और उपकरणों पर जंग लगने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मेन कॉरिडोर में अतिक्रमण और मॉकड्रिल नहीं होने की बात भी कही गई है। न्यू मार्केट की आग के बाद अब सवाल केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि बाजारों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन रास्ते खुले रखने का भी है।

भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार

हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 24 रन से हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की हार की वजह पिच नहीं, बल्कि खराब गेंदबाजी थी। गावस्कर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिससे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिला। गावस्कर ने कहा कि अगर गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में तय योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। गावस्कर बोले- फुलटॉस डालकर पिच को दोष नहीं दे सकते गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि भारतीय गेंदबाजों की कमियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर पिच को लेकर शिकायत की जाती है और कहा जाता है कि वह गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही, लेकिन फुलटॉस डालने पर पिच को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने गेंदबाजों को सलाह दी कि परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है। फुलटॉस और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल लेंथ पर गेंद डालने से उन्हें आसानी से रन बनाने का मौका मिलता है। गावस्कर के मुताबिक, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सका। दोबारा बिछाई गई पिच पर गेंद रुककर आने की शिकायत हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की बात सामने आई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ मौकों पर गेंद पिच पर रुककर आई और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। हालांकि, गावस्कर का मानना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके अनुसार, पिच से मिलने वाली संभावित मदद तभी उपयोगी साबित होती है, जब गेंदबाज सही जगह गेंद डालें। इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिले। शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी उठाए सवाल गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी के तरीके पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे, लेकिन जोसेफ ने उनके खिलाफ बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी और एक और बाउंसर डाल दी। इस पर कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय अर्शदीप को निशाना बना रहे थे, जबकि उस समय स्टंप्स असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। 24 रन से हारा भारत बुधवार को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। मैच के बाद भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और पिच की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। गावस्कर की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि उनके मुताबिक, हार के लिए परिस्थितियों से ज्यादा गेंदबाजों का प्रदर्शन जिम्मेदार था।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.