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India-France Relations Boost Macron के दौरे में 114 Rafale Deal पर बन सकती है सहमति

भारत और फ्रांस के रिश्तों में एक बार फिर गर्मजोशी देखने को मिली, जब फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron भारत दौरे पर पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा, “Welcome to India, my dear friend.” यह एक साधारण कूटनीतिक वाक्य नहीं था, बल्कि दोनों नेताओं के व्यक्तिगत संबंधों और मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी का संकेत भी था। India-France Relations: भरोसे और साझेदारी की कहानी भारत और France के बीच संबंध केवल औपचारिक नहीं हैं। रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग ने इस रिश्ते को खास बनाया है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों ने कई अहम समझौते किए हैं, जिनका असर वैश्विक रणनीति पर भी दिखता है। इस बार की मुलाकात में भी बातचीत का दायरा व्यापक रहा। इंडो-पैसिफिक में स्थिरता, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और नई रक्षा तकनीकों के साझा विकास जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। 114 Rafale Deal: Indian Air Force के लिए बड़ा कदम? इस दौरे की सबसे ज्यादा चर्चा 114 राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित डील को लेकर रही। भारत पहले ही 36 राफेल जेट्स को अपनी वायुसेना में शामिल कर चुका है, जिससे उसकी मारक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राफेल विमान फ्रांसीसी कंपनी Dassault Aviation द्वारा निर्मित किए जाते हैं और इन्हें आधुनिक तकनीक तथा बहु-भूमिका क्षमता के लिए जाना जाता है। यदि 114 राफेल डील पर मुहर लगती है, तो यह भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक फैसला हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस संभावित समझौते में ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी प्राथमिकता दी जा सकती है। यानी कई विमानों का निर्माण भारत में हो सकता है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी। Strategic Significance: हिंद-प्रशांत में नई रणनीति आज के दौर में हिंद-प्रशांत क्षेत्र वैश्विक राजनीति का केंद्र बन चुका है। ऐसे में भारत-फ्रांस साझेदारी केवल द्विपक्षीय संबंध नहीं, बल्कि एक व्यापक रणनीतिक संतुलन का हिस्सा है। समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए दोनों देशों का सहयोग अहम माना जा रहा है। एक दोस्ती, जो समय के साथ और मजबूत हुई Macron और मोदी के बीच व्यक्तिगत तालमेल भी इन संबंधों को मजबूती देता है। दोनों नेता कई वैश्विक मंचों पर साथ दिख चुके हैं और एक-दूसरे के देशों की यात्रा कर चुके हैं। इस बार का दौरा भी उसी भरोसे की कड़ी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tarique Rahman

Tarique Rahman Swearing-in में PM Modi को Invite करने की तैयारी BNP का बड़ा संकेत

बांग्लादेश (Bangladesh) की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हालिया संसदीय चुनावों में Bangladesh Nationalist Party (BNP) को स्पष्ट बहुमत मिला है और पार्टी के वरिष्ठ नेता Tarique Rahman देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। इसी बीच एक अहम कूटनीतिक संकेत सामने आया है—BNP की ओर से भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi को शपथ ग्रहण समारोह (Swearing-in Ceremony) में आमंत्रित किए जाने की तैयारी चल रही है। क्या है पूरा मामला? सूत्रों के मुताबिक BNP नई सरकार की शुरुआत सकारात्मक संदेश के साथ करना चाहती है। पार्टी के कुछ नेताओं ने संकेत दिए हैं कि क्षेत्रीय देशों के प्रमुख नेताओं को आमंत्रित करने की योजना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। हालांकि अभी तक औपचारिक निमंत्रण (Official Invitation) जारी नहीं हुआ है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे भारत-बांग्लादेश रिश्तों के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है। चुनाव के बाद बढ़ा संवाद चुनाव परिणाम आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को फोन पर बधाई दी थी। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच मजबूत और सहयोगात्मक रिश्तों को आगे बढ़ाने की बात कही गई। BNP ने भी इस शुभकामना के लिए आभार जताया और संकेत दिया कि नई सरकार क्षेत्रीय सहयोग को प्राथमिकता देगी। यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद सभी की नजर इस बात पर है कि नई सरकार भारत के साथ अपने संबंधों को किस दिशा में ले जाती है। India-Bangladesh Relations पर क्या असर पड़ेगा? भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार (Trade), सीमा सुरक्षा (Border Security), ऊर्जा सहयोग (Energy Cooperation) और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स जैसे कई रणनीतिक मुद्दे जुड़े हैं। ऐसे में अगर प्रधानमंत्री मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होते हैं, तो यह दोनों देशों के बीच भरोसे और निरंतरता का मजबूत संदेश होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह निमंत्रण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक संकेत हो सकता है कि ढाका (Dhaka) नई सरकार के तहत भारत के साथ संतुलित और व्यावहारिक संबंध बनाए रखना चाहता है। लोगों की उम्मीदें भी जुड़ी बांग्लादेश और भारत के बीच केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्ते भी गहरे हैं। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों से लेकर व्यापार जगत तक—हर किसी की नजर इस नई शुरुआत पर टिकी है। नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की भागीदारी अगर होती है, तो इसे दक्षिण एशिया (South Asia) की राजनीति में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AI

AI और Innovation का Future India AI Impact Summit 2026 में क्या होगा खास

India AI Impact Summit 2026 एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों के CEO और इंडस्ट्री लीडर्स एक साथ आ रहे हैं। इस इवेंट का मकसद सिर्फ टेक डिस्कशन नहीं, बल्कि भारत को ग्लोबल इनोवेशन हब के रूप में पेश करना है। इस साल समिट में Google, Nvidia, OpenAI, Microsoft, और Qualcomm जैसे दिग्गज शामिल हैं। भारत क्यों बन रहा है Tech दुनिया का Focus Point? भारत की डिजिटल पॉपुलेशन और टेक टैलेंट इसे दुनिया की नजरों में खास बनाते हैं। 1.4 अरब से ज्यादा आबादी, तेजी से बढ़ते स्टार्टअप, और रिसर्च में रुचि रखने वाले युवा इसे एक आकर्षक टेक हब बनाते हैं। इस समिट का मकसद है कि कंपनियां भारत में रिसर्च, डेटा सेंटर और इनोवेशन लैब्स खोलें, जिससे टेक्नोलॉजी का विकास और रोजगार दोनों बढ़ सकें। Policy और Collaboration का मौका इस इवेंट में डेटा प्रोटेक्शन, डिजिटल इनोवेशन, और नई टेक्नोलॉजी के ethical इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत सरकार इन पहलुओं को बढ़ावा दे रही है ताकि देश सस्टेनेबल और रिस्पॉन्सिबल टेक लीडर बन सके। ग्लोबल पार्टनरशिप के जरिए भारत और दुनिया के बीच नई बिजनेस और रिसर्च opportunities खुलेंगी। निवेश और बिजनेस Opportunities इस समिट के जरिए भारत में स्टार्टअप्स और बड़ी कंपनियों के लिए नए निवेश के दरवाजे खुल रहे हैं। क्लाउड, चिप डिज़ाइन, और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी में साझेदारी की संभावना बढ़ रही है। Sundar Pichai, Jensen Huang, और Sam Altman जैसे लीडर्स की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि भारत अब ग्लोबल टेक डायलॉग में एक प्रमुख खिलाड़ी बन चुका है। भारत की Strategy भारत केवल टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं रहना चाहता। देश की कोशिश है कि वह: इस समिट के जरिए भारत अपनी लीडरशिप और इनोवेशन की भूमिका को साबित कर रहा है। India AI Impact Summit 2026 भारत के लिए एक historic मौका है। यह आयोजन निवेश, टेक पार्टनरशिप और ग्लोबल डिस्कशन के नए अवसर लाएगा। 50+ ग्लोबल CEOs की उपस्थिति यह दर्शाती है कि दुनिया अब भारत की टेक क्षमता और इनोवेशन पावर को गंभीरता से देख रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi in Assam National Highway बना Runway, Rafale और Sukhoi ने भरी उड़ान

असम की धरती पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। PM Modi का विमान डिब्रूगढ़ जिले के मोरन क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी इमरजेंसी एयरस्ट्रिप पर उतरा। यह एयरस्ट्रिप चीन सीमा से लगभग 300 किलोमीटर दूर है, इसलिए इसका सामरिक महत्व काफी बढ़ जाता है। Moran Airstrip क्यों है खास? मोरन की यह हाईवे एयरस्ट्रिप सामान्य दिनों में एक व्यस्त सड़क का हिस्सा रहती है, लेकिन जरूरत पड़ने पर कुछ ही समय में इसे रनवे में बदला जा सकता है। आपातकाल, प्राकृतिक आपदा या सैन्य परिस्थिति में यहां से लड़ाकू विमान और अन्य एयरक्राफ्ट संचालन कर सकते हैं। पूर्वोत्तर भारत लंबे समय से रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र रहा है। ऐसे में इस तरह की डुअल-यूज़ (civil + military) सुविधाएं देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करती हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह गर्व का क्षण था, जब उन्होंने अपने इलाके को राष्ट्रीय स्तर की सुर्खियों में देखा। Rafale और Sukhoi की ताकत का प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक फाइटर जेट — Dassault Rafale और Sukhoi Su-30MKI — ने भी इस एयरस्ट्रिप से उड़ान भरी। इन विमानों की मौजूदगी ने यह साफ संदेश दिया कि यह हाईवे स्ट्रिप सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि पूरी तरह सक्षम सैन्य सुविधा है। जब आसमान में राफेल और सुखोई की गूंज सुनाई दी, तो वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर उत्साह और गर्व साफ नजर आया। यह सिर्फ एक एयर शो नहीं था, बल्कि आत्मनिर्भर और मजबूत भारत की झलक थी। China Border के पास रणनीतिक संदेश चीन सीमा के करीब इस तरह की एयरस्ट्रिप का विकास भारत की रक्षा तैयारियों को दर्शाता है। संकट की स्थिति में पारंपरिक एयरबेस के अलावा ऐसे वैकल्पिक रनवे बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं। इसके साथ ही, यह दौरा पूर्वोत्तर में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर केंद्र सरकार के फोकस को भी दिखाता है। बेहतर सड़कें, मजबूत कनेक्टिविटी और रणनीतिक परियोजनाएं — ये सभी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति देंगी। विकास और सुरक्षा साथ-साथ PM Modi का असम दौरा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था। यह संदेश था कि देश की सीमाएं सुरक्षित रखने के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास भी उतना ही जरूरी है। मोरन एयरस्ट्रिप पर विमान की लैंडिंग और फाइटर जेट्स की उड़ान ने यह साफ कर दिया कि नया भारत सुरक्षा और विकास—दोनों मोर्चों पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

Seva Teerth Inaugurated by PM Modi प्रशासनिक बदलाव की बड़ी शुरुआत

देश के प्रशासनिक तंत्र में आज एक बड़ा बदलाव दर्ज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अब अपने नए कार्यालय ‘Seva Teerth’ (सेवा तीर्थ) से संचालित होगा। प्रधानमंत्री Narendra Modi (PM Modi) आज शाम नए दफ्तर की नेमप्लेट का अनावरण करेंगे और इसके साथ ही औपचारिक रूप से कामकाज की शुरुआत होगी। पुराने दफ्तर में आखिरी कैबिनेट बैठक उद्घाटन से पहले आज पुराने प्रधानमंत्री कार्यालय में आखिरी कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक युग के समापन का प्रतीक मानी जा रही है। वर्षों से जहां अहम फैसले लिए जाते रहे, वहीं से अब नई शुरुआत का संदेश भी दिया जाएगा। ‘Seva Teerth’ नाम का अर्थ और संदेश नए कार्यालय का नाम ‘सेवा तीर्थ’ रखा गया है। यह नाम सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित की भावना को दर्शाता है। सरकार का मानना है कि यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि सुशासन की सोच का प्रतीक है—जहां से देश के विकास से जुड़े बड़े फैसले लिए जाएंगे। आधुनिक सुविधाओं से लैस नया PMO सूत्रों के अनुसार, नया कार्यालय अत्याधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक कार्यप्रणाली से सुसज्जित है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है, ताकि विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय और तेज हो सके। इससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। भावनात्मक जुड़ाव भी पुराने दफ्तर से जुड़े कई प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यह बदलाव भावनात्मक भी है। लंबे समय तक वहीं से देश की नीतियां बनीं और कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। अब वही जिम्मेदारी ‘Seva Teerth’ संभालेगा। प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम विशेषज्ञ इसे प्रशासनिक सुधार और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। नए परिसर में स्थानांतरण के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय की कार्यशैली में नई ऊर्जा और नई गति आने की उम्मीद है। आज का दिन केवल भवन परिवर्तन का नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था के एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत भी है। ‘Seva Teerth’ से शुरू होने वाला यह सफर आने वाले समय में देश की नीतियों और निर्णयों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BNP

PM Modi की बधाई के बाद BNP का पहला Reaction India के साथ क्या होगी नई Strategy

बांग्लादेश में हुए ताज़ा आम चुनावों के नतीजों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज करने वाली Bangladesh Nationalist Party (BNP) अब नई सरकार के गठन की तैयारी में जुट गई है। चुनाव परिणाम सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें ढाका पर टिक गईं, खासकर भारत की प्रतिक्रिया को लेकर उत्सुकता रही। भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने चुनावी जीत पर बधाई देते हुए दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने की इच्छा जताई। उनके संदेश के बाद BNP की ओर से भारत-बांग्लादेश संबंधों पर पहला आधिकारिक बयान सामने आया है, जिसने आने वाले समय की कूटनीतिक दिशा का संकेत दे दिया है। PM Modi की बधाई, क्षेत्रीय सहयोग पर जोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में बांग्लादेश की जनता को शांतिपूर्ण और सफल चुनाव के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध बेहद खास हैं, और दोनों देशों को मिलकर क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए काम करना चाहिए। यह संदेश सिर्फ औपचारिक बधाई नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया में स्थिरता और साझेदारी की एक मजबूत झलक भी माना जा रहा है। BNP का जवाब: “समानता और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि” बधाई संदेश के जवाब में BNP ने भारत का आभार जताया और साफ किया कि उसकी सरकार पड़ोसी देशों के साथ “आपसी सम्मान, समानता और राष्ट्रीय हित” के आधार पर रिश्ते आगे बढ़ाएगी। पार्टी के बयान में कहा गया कि नई सरकार संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति अपनाएगी। भारत के साथ व्यापार, सीमा सुरक्षा, कनेक्टिविटी और जल बंटवारे जैसे मुद्दों पर रचनात्मक बातचीत जारी रहेगी, लेकिन राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। इस बयान से यह साफ है कि BNP टकराव की बजाय संवाद और संतुलन की नीति अपनाना चाहती है। India-Bangladesh Relations का भविष्य भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले कुछ वर्षों में व्यापार, ऊर्जा, ट्रांजिट और सुरक्षा सहयोग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन और कनेक्टिविटी परियोजनाएं भी क्षेत्रीय विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नई सरकार के आने के बाद कुछ नीतिगत प्राथमिकताएं बदल सकती हैं, लेकिन रणनीतिक साझेदारी बरकरार रहने की संभावना अधिक है। आम लोगों की उम्मीदें भी जुड़ी सिर्फ राजनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के आम नागरिक भी स्थिर और मजबूत रिश्तों की उम्मीद रखते हैं। सीमा से जुड़े क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बेहतर व्यापार और आवाजाही के अवसर सीधे तौर पर उनकी रोज़मर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं। बंपर जीत के बाद BNP का पहला बयान यह संकेत देता है कि ढाका और नई दिल्ली के बीच संवाद की डोर बनी रहेगी। आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि नई सरकार अपने वादों को किस तरह नीतियों में बदलती है और भारत के साथ संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BJP

BJP vs Congress Clash हरदीप पुरी विवाद पर संसद में टकराव, 9 मार्च तक स्थगन

संसद का माहौल एक बार फिर गरमा गया जब लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए “हरदीप पुरी इस्तीफा दो” की मांग उठाई। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और अंततः इसे 9 मार्च तक स्थगित कर दिया गया। क्यों उठा इस्तीफे का मुद्दा? विपक्ष का आरोप है कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से जुड़े अहम सवालों पर सरकार संतोषजनक जवाब नहीं दे रही। इसी को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग तेज हुई। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे, जिससे सदन में शोर-शराबा बढ़ता गया। संसद में मौजूद कई सदस्यों का कहना था कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन हंगामे के कारण यह संभव नहीं हो सका। माहौल ऐसा था कि बार-बार अपील के बावजूद व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई। BJP का पलटवार: राहुल गांधी पर आरोप इस घटनाक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। पार्टी का कहना है कि संसद में जानबूझकर गतिरोध पैदा किया जा रहा है। BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने की राजनीति के तहत देश को बांटने वाली भाषा और रणनीति अपनाई जा रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस का कहना है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों को उठा रही है और जवाबदेही तय करना उसका कर्तव्य है। आम लोगों पर क्या असर? संसद में गतिरोध का सीधा असर विधायी कामकाज पर पड़ता है। कई अहम बिल और नीतिगत फैसले चर्चा के इंतजार में हैं। जब सदन नहीं चलता, तो जनता से जुड़े फैसले भी टल जाते हैं। यही वजह है कि राजनीतिक टकराव के बीच आम नागरिक उम्मीद करते हैं कि पक्ष-विपक्ष संवाद का रास्ता निकालें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kanpur

Kanpur Lamborghini Accident नकली ड्राइवर पेश करने की कोशिश नाकाम, आरोपी गिरफ्तार

कानपुर (Kanpur) में हुए चर्चित Lamborghini Accident ने पूरे देश को झकझोर दिया है। रफ्तार, रसूख और जिम्मेदारी—इन तीन शब्दों के बीच फंसा यह मामला अब कानूनी मोड़ ले चुका है। वायरल वीडियो, नकली ड्राइवर पेश करने का आरोप और आखिरकार गिरफ्तारी… कानपुर लैंबोर्गिनी कांड लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। क्या है Kanpur Lamborghini Accident पूरा मामला? 8 फरवरी 2026 को कानपुर की वीआईपी रोड पर एक लग्जरी Lamborghini सुपरकार तेज रफ्तार में अनियंत्रित होकर कई वाहनों और राहगीरों से टकरा गई। हादसे में कम से कम छह लोग घायल हुए। स्थानीय लोगों के मुताबिक कार की रफ्तार बेहद तेज थी और टक्कर इतनी अचानक हुई कि संभलने का मौका ही नहीं मिला। घायलों में कुछ लोग काम से लौट रहे थे, तो कुछ सड़क किनारे खड़े थे। इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि शहर की सड़कों पर रफ्तार का रोमांच किस कीमत पर लिया जा रहा है? वीडियो वायरल: कहानी ने लिया नया मोड़ हादसे के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो तेजी से वायरल हुए। इन फुटेज में देखा गया कि: इन वीडियो के सामने आने के बाद मामला सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं रहा, बल्कि जांच और जवाबदेही का मुद्दा बन गया। अरबपति का बेटा गिरफ्तार जांच के दौरान सामने आया कि कार एक बड़े कारोबारी परिवार से जुड़ी है। आरोप है कि हादसे के समय कारोबारी का बेटा शिवम मिश्रा खुद गाड़ी चला रहा था। घटना के बाद वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आया, जिससे कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। करीब चार दिन बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल जांच के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और लोगों को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया है। नकली ड्राइवर पेश करने का आरोप मामले में सबसे बड़ा विवाद तब सामने आया जब परिवार की ओर से कहा गया कि हादसे के समय कार शिवम नहीं, बल्कि उनका ड्राइवर चला रहा था। एक व्यक्ति ने खुद को ड्राइवर बताते हुए जिम्मेदारी लेने की बात भी कही। हालांकि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर इस दावे को खारिज कर दिया। जांच एजेंसियों का कहना है कि उपलब्ध प्रमाणों के अनुसार ड्राइविंग सीट पर शिवम ही था। बीमारी का दावा भी चर्चा में परिवार की ओर से यह भी कहा गया कि शिवम को मिर्गी (Epilepsy) की समस्या है और संभव है कि अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण हादसा हुआ हो। पुलिस ने इस दावे की भी जांच शुरू की है, लेकिन अभी तक इसे हादसे का आधिकारिक कारण नहीं माना गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Membership Controversy in Parliament BJP का Rahul Gandhi पर एक्शन, रिजिजू के Video से मचा हंगामा

संसद के बजट सत्र 2026 में सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। लोकसभा में हंगामे, आरोप-प्रत्यारोप और संवैधानिक प्रक्रियाओं पर उठे सवालों के बीच अब मामला सीधे Rahul Gandhi की सदस्यता (Membership) और स्पीकर चैंबर विवाद (Speaker Chamber Row) तक पहुंच गया है। सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं, और संसद का माहौल असाधारण रूप से तनावपूर्ण बना हुआ है। BJP MP का नोटिस: राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने की मांग बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में एक नोटिस देकर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। उनका आरोप है कि राहुल गांधी ने सदन के भीतर ऐसे बयान दिए जो तथ्यों पर आधारित नहीं थे और जिनसे देश की छवि प्रभावित होती है। दुबे का कहना है कि संसद की गरिमा बनाए रखना हर सदस्य की जिम्मेदारी है, और अगर कोई सदस्य भ्रामक जानकारी देता है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस नोटिस के सामने आते ही सदन में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कांग्रेस सांसदों ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया, जबकि बीजेपी इसे संसदीय अनुशासन का मामला बता रही है। Speaker Chamber Video: रिजिजू ने जारी किया क्लिप विवाद उस समय और गहरा गया जब केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप साझा की। इस वीडियो में कथित तौर पर कुछ विपक्षी सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के चैंबर में मौजूद दिखाई दे रहे हैं। रिजिजू ने दावा किया कि कुछ कांग्रेस सांसद स्पीकर के कक्ष में पहुंचे और वहां अनुचित व्यवहार किया। उन्होंने इसे संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताया। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई। विपक्ष का जवाब: लोकतांत्रिक अधिकारों का सवाल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि उनके नेताओं को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा था, जिसके चलते विरोध दर्ज कराया गया। उनका आरोप है कि सदन की कार्यवाही निष्पक्ष नहीं चल रही। कुछ विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा कि स्पीकर की भूमिका पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकारों के दायरे में आता है। संसद में बढ़ता टकराव लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही कई बार बाधित हुई। नारेबाजी, वेल में आना और विरोध प्रदर्शन के चलते प्रश्नकाल और अन्य कामकाज प्रभावित हुआ। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल एक बयान या वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार और विपक्ष के बीच गहरे अविश्वास को दर्शाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

UNSC Report on Delhi Blast Jaish-e-Mohammed Link से Pakistan की मुश्किलें बढ़ीं

Delhi के ऐतिहासिक लाल किले (Red Fort) के पास हुए आतंकी हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की ताज़ा रिपोर्ट ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर दिया है। रिपोर्ट में पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) का नाम सामने आने के बाद इस मामले ने वैश्विक स्तर पर गंभीर रूप ले लिया है। क्या हुआ था Delhi Red Fort के पास? 10 नवंबर 2025 को लाल किले के नजदीक कार बम विस्फोट हुआ था। यह इलाका देश की ऐतिहासिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील जगहों में गिना जाता है। धमाके में कई लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। घटना के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसियों ने इसे सुनियोजित आतंकी हमला बताया था। शुरुआती जांच में सीमा पार आतंकी नेटवर्क की भूमिका की आशंका जताई गई थी। UN Report में क्या बड़ा खुलासा हुआ? संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध निगरानी समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हमले के तार जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े नेटवर्क तक जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार: रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ सदस्य देशों का मानना है कि यह संगठन अब भी खतरा बना हुआ है, जबकि कुछ इसे कमजोर बता रहे हैं। यही मतभेद अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। पाकिस्तान पर क्या असर? UNSC की रिपोर्ट में नाम आने के बाद पाकिस्तान की स्थिति असहज मानी जा रही है। पाकिस्तान लंबे समय से दावा करता रहा है कि उसने आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज में Jaish-e-Mohammed का जिक्र होने से पाकिस्तान पर जवाबदेही का दबाव बढ़ गया है। कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण Diplomatic Win हो सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह रिपोर्ट? भारत वर्षों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाता रहा है। ऐसे में UN Report में संगठन का नाम आना भारत के रुख को मजबूती देता है। इसके अलावा, यह रिपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी अहम संकेत देती है कि आतंकी संगठन अपनी रणनीति और संरचना में बदलाव कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मां कात्यायनी

Navratri 2026: छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा, जानें महिषासुर वध की कथा और मंत्र

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। देवी दुर्गा का यह स्वरूप शक्ति, साहस और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में मां कात्यायनी को महिषासुर का वध करने वाली देवी के रूप में भी पूजा जाता है। मां कात्यायनी की पौराणिक कथा पौराणिक कथा के अनुसार, महर्षि कात्यायन ने देवी की कठोर आराधना की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके यहां पुत्री रूप में जन्म लिया और कात्यायनी कहलायीं। मान्यता है कि देवी ने महिषासुर का वध कर देवताओं को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कात्यायन्यै नमः। भोग: मां को शहद अर्पित करने की परंपरा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज

मध्यप्रदेश के भिंड में लिव-इन पार्टनर की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि भिंड निवासी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने बिहार निवासी नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या कर शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया। इसके बाद उसने पुलिस को गुमशुदगी का आवेदन देकर मामले को छिपाने की कोशिश की। पुलिस की पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। फिलहाल पुलिस टीम नदी में शव की तलाश कर रही है। कॉलेज में हुई थी पहचान, लिव-इन में रहने लगे दोनों जानकारी के मुताबिक, सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था और उसकी कोई संतान नहीं थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क स्नेहलता से हुआ। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस दौरान उनका एक बेटा भी हुआ। बताया जा रहा है कि सत्यप्रकाश का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने स्नेहलता की हत्या की साजिश रची। 8 अक्टूबर को उसने अपने बेटे को पत्नी के हवाले कर दिया। कानपुर घुमाने के बहाने ले गया, रास्ते में हत्या का आरोप आरोप है कि बेटे को पत्नी को सौंपने के बाद सत्यप्रकाश स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। इस दौरान एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य साथी भी उसके साथ थे। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया गया। गुमशुदगी का आवेदन देकर छिपाने की कोशिश हत्या के बाद सत्यप्रकाश ने सिटी कोतवाली पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्नेहलता के लापता होने की सूचना दी। बताया गया है कि उसने गुमशुदगी को लेकर पर्चे भी छपवाए थे, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान सत्यप्रकाश ने हत्या की बात कबूल कर ली। अब पुलिस नदी में शव की तलाश कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस ने क्या कहा? सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के मुताबिक, लापता युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस टीम शव की तलाश कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
PM Modi

PM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू

लद्दाख में विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 15 अक्टूबर 2026 को लद्दाख में करीब ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लद्दाख का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और यहां की नई पीढ़ी का भविष्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन परियोजनाओं का सीधा संबंध लद्दाख की कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, पर्यटन और स्थानीय लोगों की सुविधाओं से है। सरकार का जोर सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के बेहतर अवसर देने पर भी है। लद्दाख के युवाओं के लिए क्या है सरकार का Plan? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लद्दाख के युवाओं की क्षमता और उनके भविष्य पर जोर दिया। उनका कहना है कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। लद्दाख में पर्यटन के विस्तार, विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ग्रीनहाउस खेती को भी बढ़ावा दे रही है। लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्र में खेती करना आसान नहीं है, इसलिए ग्रीनहाउस तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। Leh Airport पर ₹640 करोड़ का बड़ा Investment लद्दाख में पर्यटन और हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना पर करीब ₹640 करोड़ खर्च किए गए हैं। लगभग 23,800 वर्ग मीटर में बने इस टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 35 लाख बताई गई है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी। टर्मिनल में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बेहतर एयरपोर्ट से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ लद्दाख के पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। Nimmu-Padum-Darcha Road से आसान होगा सफर लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 298 किलोमीटर लंबी निमू-पदुम-दरचा सड़क भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग लेह के निमू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ता है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरता है। इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लद्दाख पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क का मतलब सिर्फ कम समय में सफर पूरा करना नहीं है। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जरूरी सामान तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है। Power Projects से मजबूत होगी बिजली की व्यवस्था लद्दाख में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया गया है। 9 मेगावाट क्षमता वाला हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। वहीं, 66 केवी की दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेगी। इन परियोजनाओं से बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे घरों के साथ स्थानीय कारोबार और दूसरी जरूरी सेवाओं को भी फायदा मिल सकता है। लद्दाख की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा संरक्षण विकास परियोजनाओं के बीच लद्दाख की प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया गया है। लेह के सिंधु घाट पर पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया गया। पेट्रोग्लिफ ऐसी प्राचीन आकृतियां होती हैं, जिन्हें चट्टानों पर उकेरा जाता है। इनमें उस दौर के लोगों के जीवन, जानवरों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां मिल सकती हैं। ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। इससे लद्दाख के इतिहास को समझने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है। Project Him Sarovar: 40 गांवों में बने जल निकाय लद्दाख में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। खासकर खेती के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी जुटाना कई इलाकों में मुश्किल हो सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Project Him Sarovar के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पानी को संरक्षित करना और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल आसान बनाना है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए मदद मिल सकती है। साथ ही, जल संरक्षण की बेहतर व्यवस्था क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है। Tourism और रोजगार पर भी रहेगा जोर लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध मठों, पहाड़ों और एडवेंचर गतिविधियों के लिए जाना जाता है। बेहतर एयरपोर्ट और सड़क संपर्क से यहां आने वाले पर्यटकों की यात्रा आसान हो सकती है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, होटल, होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, पर्यटन का विस्तार पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखकर करना जरूरी होगा। लद्दाख जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। लद्दाख के लिए क्यों अहम हैं ₹3,350 करोड़ के Projects? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित और शुरू की गई इन परियोजनाओं का महत्व केवल बड़ी रकम तक सीमित नहीं है। इनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। बेहतर सड़कें और एयरपोर्ट सफर को आसान बना सकते हैं। बिजली परियोजनाएं ऊर्जा व्यवस्था मजबूत कर सकती हैं, जबकि जल निकाय खेती में मदद कर सकते हैं। दूसरी ओर, शिक्षा, खेल और पर्यटन पर ध्यान देने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं। निष्कर्ष: लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाएं क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब इनकी सफलता इस बात से तय होगी कि इनका लाभ स्थानीय लोगों, किसानों, कारोबारियों और युवाओं तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है। प्रधानमंत्री का लद्दाख की नई पीढ़ी पर जोर इस बात को रेखांकित करता है कि विकास...

भोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग

भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोले-भटूरे दुकान के संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान में भट्टी के पास रखे कपड़े में आग लगी थी, जिसके बाद लपटें फैल गईं। हादसे में आसपास की चार अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को नुकसान पहुंचा था। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार से हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की तैयारी है। निगम ने चेतावनी दी है कि तय स्थान पर नहीं जाने वाले हॉकर्स का सामान जब्त किया जा सकता है। भट्टी के पास रखे कपड़े में लगी थी आग पुलिस की जांच के मुताबिक, बालाजी छोले-भटूरे दुकान में भट्टी जल रही थी। इसके पास रखे कपड़े में आग लगने के बाद लपटें फैल गईं और आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, आग भट्टी के पास रखे कपड़े से शुरू हुई थी। वहीं, दुकान में अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच नगर निगम कर रहा है। न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच जांचने के लिए मॉकड्रिल आग की घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच और रास्तों में आने वाली बाधाओं की जांच शुरू की है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। इस दौरान दो दमकल वाहनों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां दमकल को रुकना पड़ा, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। 8 अक्टूबर को आग लगने के दौरान दुकानों के सामने रखा सामान दमकल वाहनों के रास्ते में बाधा बना था। इसी को देखते हुए निगम ने बाजार में अतिक्रमण हटाने और रास्ते खाली रखने की कार्रवाई तेज की है। टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे हॉकर्स नगर निगम ने बुधवार को पूरे दिन मुनादी कराकर हॉकर्स को गुरुवार से निर्धारित स्थान पर जाने की सूचना दी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास स्थित हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। निगम की योजना न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की है, ताकि बाजार के रास्ते खुले रहें और आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी न हो। दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी कर रहा है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीली लाइन से आगे सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य दुकानों के सामने का रास्ता खाली रखना है, ताकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य प्रभावित न हो। आग वाली जगह से 100 फीट दूर भी जलती हैं भट्टियां आग लगने वाली जगह से करीब 100 फीट की दूरी पर छोले-भटूरे की दो अन्य दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आसपास दो से तीन नमकीन की दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टियां जलती हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों और भट्टियों के आसपास रखे सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुकानों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच जरूरी मानी जा रही है। चौक बाजार में 22 लाख का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी सवालों में शहर के पुराने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान इस सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई थी। इसके बाद सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड और घोड़ा नक्कास समेत शहर के आठ प्रमुख बाजारों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है। बैरागढ़ के फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव पर भी सवाल 17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ के संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 100 से ज्यादा कपड़े की दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव में कमी और उपकरणों पर जंग लगने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मेन कॉरिडोर में अतिक्रमण और मॉकड्रिल नहीं होने की बात भी कही गई है। न्यू मार्केट की आग के बाद अब सवाल केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि बाजारों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन रास्ते खुले रखने का भी है।

भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार

हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 24 रन से हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की हार की वजह पिच नहीं, बल्कि खराब गेंदबाजी थी। गावस्कर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिससे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिला। गावस्कर ने कहा कि अगर गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में तय योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। गावस्कर बोले- फुलटॉस डालकर पिच को दोष नहीं दे सकते गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि भारतीय गेंदबाजों की कमियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर पिच को लेकर शिकायत की जाती है और कहा जाता है कि वह गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही, लेकिन फुलटॉस डालने पर पिच को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने गेंदबाजों को सलाह दी कि परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है। फुलटॉस और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल लेंथ पर गेंद डालने से उन्हें आसानी से रन बनाने का मौका मिलता है। गावस्कर के मुताबिक, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सका। दोबारा बिछाई गई पिच पर गेंद रुककर आने की शिकायत हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की बात सामने आई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ मौकों पर गेंद पिच पर रुककर आई और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। हालांकि, गावस्कर का मानना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके अनुसार, पिच से मिलने वाली संभावित मदद तभी उपयोगी साबित होती है, जब गेंदबाज सही जगह गेंद डालें। इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिले। शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी उठाए सवाल गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी के तरीके पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे, लेकिन जोसेफ ने उनके खिलाफ बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी और एक और बाउंसर डाल दी। इस पर कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय अर्शदीप को निशाना बना रहे थे, जबकि उस समय स्टंप्स असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। 24 रन से हारा भारत बुधवार को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। मैच के बाद भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और पिच की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। गावस्कर की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि उनके मुताबिक, हार के लिए परिस्थितियों से ज्यादा गेंदबाजों का प्रदर्शन जिम्मेदार था।

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