छत्तीसगढ़ में यूथ कांग्रेस चुनाव के बीच कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर विवाद सामने आया है। गुटबाजी की शिकायतों के बाद पांच जिलों में की गई NSUI जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई है।
बताया जा रहा है कि बिलासपुर NSUI अध्यक्ष रंजित सिंह के भूपेश बघेल गुट के प्रत्याशी सत्येंद्र चेलक के समर्थन में प्रचार करने के बाद संगठन के भीतर विवाद बढ़ा। मामले की शिकायत राष्ट्रीय कार्यालय तक पहुंची, जिसके बाद 20 अगस्त को जारी नियुक्ति आदेश को होल्ड कर दिया गया।
अब चर्चा है कि यूथ कांग्रेस चुनाव पूरा होने के बाद ही NSUI के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
5 जिलों में हुई थी NSUI अध्यक्षों की नियुक्ति
NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने 20 अगस्त को पांच जिलों में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति का आदेश जारी किया था।
इनमें रंजेश सिंह क्षत्री को बिलासपुर ग्रामीण, समर्थ मिरानी को बिलासपुर शहर, दुर्गांत आर्या को मुंगेली, उस्मान रजा को बालोद और रोशन सिंह ठाकुर को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई का जिला अध्यक्ष बनाया गया था।
हालांकि, रविवार को जारी नए आदेश में इन सभी नियुक्तियों को फिलहाल रोक दिया गया है।
यूथ कांग्रेस चुनाव का दिया गया हवाला
नियुक्तियों पर रोक लगाने वाले आदेश में छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस चुनाव का हवाला दिया गया है। बताया गया कि राष्ट्रीय कार्यालय से चर्चा के बाद 20 अगस्त को जारी किए गए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति आदेश को फिलहाल स्थगित किया जा रहा है।
इसके बाद संगठन के भीतर यह चर्चा तेज हो गई है कि NSUI की नई नियुक्तियों का फैसला अब यूथ कांग्रेस चुनाव के बाद ही हो सकता है।
रंजित सिंह के समर्थन में सामने आए नेता
बिलासपुर NSUI अध्यक्ष रंजित सिंह को हटाकर शहर और ग्रामीण के लिए अलग-अलग जिला अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद संगठन के भीतर विरोध शुरू हो गया था।
रंजित सिंह वर्ष 2023 से बिलासपुर NSUI जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सक्रियता दिखाई है।
नई नियुक्तियों का बिलासपुर के अलावा रायपुर के कुछ वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा भी विरोध किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद मामला राष्ट्रीय कार्यालय तक पहुंचा और नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई।
सत्येंद्र चेलक के प्रचार को लेकर विवाद
विवाद की एक बड़ी वजह रंजित सिंह का भूपेश बघेल समर्थित प्रत्याशी सत्येंद्र चेलक के समर्थन में प्रचार करना बताया जा रहा है। रंजित सिंह उनके दौरे के दौरान साथ नजर आए थे।
इसी को लेकर संगठन के दूसरे खेमे की ओर से राष्ट्रीय कार्यालय में शिकायत किए जाने की बात सामने आई। हालांकि, इस मामले में अलग-अलग पक्षों के अपने दावे हैं।
रंजित सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष पर लगाए गुटबाजी के आरोप
रंजित सिंह ने NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गुटबाजी के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि संगठन में फैसले किसी व्यक्ति या गुट के फायदे के लिए नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं और संगठन के हित को ध्यान में रखकर होने चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिलासपुर NSUI को शहर और ग्रामीण में बांटकर बिना उनकी जानकारी के नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई। रंजित सिंह ने इस प्रक्रिया को संगठन के नियमों के खिलाफ बताया।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में NSUI के आंतरिक चुनाव भी होने हैं। ऐसे में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति का फैसला संगठन के चुनाव को प्रभावित कर सकता है।
30 अगस्त से शुरू होना है युवा कांग्रेस का सदस्यता अभियान
रंजित सिंह के मुताबिक, 30 अगस्त से युवा कांग्रेस का सदस्यता अभियान भी शुरू होने वाला है। उनका कहना है कि सदस्यता और संगठन चुनाव की प्रक्रिया में कार्यकर्ताओं को अपने नेतृत्व का चुनाव करने का अधिकार मिलना चाहिए।
फिलहाल पांच जिलों में NSUI अध्यक्षों की नियुक्ति पर रोक लगने के बाद संगठन के अगले फैसले का इंतजार है। अब देखना होगा कि यूथ कांग्रेस चुनाव के बाद इन नियुक्तियों को बरकरार रखा जाता है या संगठन नए सिरे से फैसला करता है।
