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E20 Car

E20 Car Complaint: सर्विस के बाद भी नहीं ठीक हुई कार, कोर्ट बोला- नई Car दो या पूरा पैसा वापस करो

नई कार खरीदते समय हर ग्राहक की उम्मीद होती है कि उसे लंबे समय तक बिना किसी परेशानी के बेहतर ड्राइविंग अनुभव मिलेगा। लेकिन एक E20 Car मालिक के लिए यह सपना जल्द ही परेशानी में बदल गया। नई गाड़ी खरीदने के कुछ ही दिनों बाद कार बार-बार चलते-चलते बंद होने लगी। कई बार सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने और शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समस्या खत्म नहीं हुई। आखिरकार मामला उपभोक्ता आयोग (Consumer Court) पहुंचा, जहां ग्राहक के पक्ष में ऐसा फैसला आया, जो भविष्य में दूसरे वाहन खरीदारों के लिए भी मिसाल बन सकता है। क्या था पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, ग्राहक ने कंपनी की नई E20 Compatible Car खरीदी थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद कार में तकनीकी दिक्कतें आने लगीं। वाहन अचानक बंद हो जाता था और ड्राइविंग के दौरान कई बार इंजन से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। ग्राहक ने अधिकृत सर्विस सेंटर पर कई बार कार दिखाई। हर बार मरम्मत की गई, लेकिन कुछ दिनों बाद वही खराबी दोबारा सामने आ जाती थी। लगातार हो रही इस परेशानी से ग्राहक का भरोसा टूट गया और आखिरकार उसने न्याय के लिए Consumer Court का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने क्या माना? मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने रिकॉर्ड, सर्विस हिस्ट्री और दोनों पक्षों की दलीलों का अध्ययन किया। आयोग ने माना कि यदि नई कार में एक ही तरह की खराबी बार-बार आती रहे और कंपनी कई प्रयासों के बाद भी उसे स्थायी रूप से ठीक न कर पाए, तो इसे सेवा में कमी (Deficiency in Service) माना जाएगा। कोर्ट ने साफ कहा कि ग्राहक को केवल बार-बार सर्विस सेंटर भेजना समाधान नहीं है। नई गाड़ी खरीदने वाला व्यक्ति भरोसेमंद उत्पाद पाने का अधिकार रखता है। कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को निर्देश दिया कि वह ग्राहक को नई E20 कार उपलब्ध कराए या फिर वाहन की पूरी कीमत वापस करे। इसके अलावा, आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कंपनी गुणवत्ता के अनुरूप उत्पाद उपलब्ध नहीं करा सकती, तो ग्राहक को आर्थिक नुकसान उठाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। वाहन खरीदारों के लिए क्यों अहम है यह फैसला? यह फैसला सिर्फ एक ग्राहक की जीत नहीं माना जा रहा, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए भी राहत की खबर है जो नई गाड़ी खरीदने के बाद लगातार तकनीकी समस्याओं से जूझते हैं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी वाहन में बार-बार एक जैसी खराबी आती है और कंपनी उसे ठीक करने में नाकाम रहती है, तो उपभोक्ता कानून के तहत ग्राहक नई गाड़ी, रिफंड या अन्य उचित मुआवजे की मांग कर सकता है। E20 Car क्या होती है? E20 Car ऐसे इंजन के साथ तैयार की जाती है जो 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल के मिश्रण वाले ईंधन पर चल सकती है। सरकार पर्यावरण संरक्षण और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से E20 Fuel को बढ़ावा दे रही है। हालांकि, इस मामले का संबंध E20 तकनीक से नहीं, बल्कि वाहन में लगातार आई तकनीकी खराबी और कंपनी की सेवा से जुड़ा है। अगर आपकी नई कार में भी ऐसी दिक्कत आए तो क्या करें? यदि नई कार बार-बार खराब हो रही है, तो हर सर्विस का जॉब कार्ड, बिल, शिकायत नंबर और कंपनी के साथ हुई बातचीत का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। जरूरत पड़ने पर यही दस्तावेज Consumer Court में आपके सबसे मजबूत सबूत साबित हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indian Tourists

Indian Tourists की बदल रही Choice: Europe नहीं, अब Asia के देशों में बढ़ रही Travel Booking

विदेश घूमने का सपना देखने वाले भारतीय यात्रियों (Indian Tourists) की पसंद अब तेजी से बदल रही है। कुछ साल पहले तक Europe Tour भारतीयों के लिए सबसे बड़ा Travel Goal माना जाता था, लेकिन अब Asia Travel Trend एक नई कहानी लिख रहा है। बढ़ती फ्लाइट कीमतों, महंगे होटल और यूरोप ट्रिप के बढ़ते बजट के बीच भारतीय पर्यटक अब Thailand, Vietnam और Japan जैसे देशों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि भारतीय यात्रियों की बुकिंग में एशियाई देशों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। कम खर्च में शानदार अनुभव, आसान यात्रा प्रक्रिया और खूबसूरत लोकेशन इन देशों को भारतीय पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रही हैं। महंगी Europe Flights ने बदली भारतीयों की Travel Planning विदेश यात्रा का बजट तैयार करते समय अब भारतीय यात्री सिर्फ डेस्टिनेशन नहीं बल्कि कुल खर्च पर भी ध्यान दे रहे हैं। यूरोप जाने के लिए महंगी एयर टिकट, होटल का बढ़ता खर्च और अन्य ट्रैवल कॉस्ट कई लोगों के प्लान को प्रभावित कर रहे हैं। यही वजह है कि लोग अब ऐसे देशों को चुन रहे हैं जहां कम बजट में ज्यादा जगहें घूमने और नए अनुभव लेने का मौका मिले। एशियाई देशों ने इसी बदलाव का फायदा उठाया है। Thailand बना Indians का Favorite International Destination थाईलैंड अभी भी भारतीय पर्यटकों की पसंदीदा लिस्ट में सबसे ऊपर बना हुआ है। बैंकॉक, फुकेत और क्राबी जैसे शहर अपनी खूबसूरत बीच लोकेशन, शॉपिंग, फूड और नाइटलाइफ के लिए प्रसिद्ध हैं। भारतीय यात्रियों को थाईलैंड इसलिए भी पसंद आ रहा है क्योंकि यहां परिवार, कपल्स और दोस्तों के साथ ट्रिप प्लान करना आसान और किफायती माना जाता है। शानदार अनुभव के साथ बजट फ्रेंडली पैकेज इसकी लोकप्रियता को और बढ़ा रहे हैं। Vietnam बना नया Trending Travel Destination वियतनाम ने हाल के समय में भारतीय यात्रियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। प्राकृतिक खूबसूरती, ऐतिहासिक जगहें और कम खर्च में बेहतरीन अनुभव इसे एक शानदार विदेशी विकल्प बना रहे हैं। हनोई, हो ची मिन्ह सिटी और हा लॉन्ग बे जैसे डेस्टिनेशन सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हो चुके हैं। ट्रैवल ब्लॉग्स और वीडियो कंटेंट ने भारतीयों के बीच वियतनाम को लेकर उत्साह बढ़ाया है। Japan Trip को लेकर बढ़ा भारतीयों का Craze जापान भी भारतीय पर्यटकों की पसंद में तेजी से शामिल हो रहा है। जापानी संस्कृति, आधुनिक शहर, साफ-सुथरा वातावरण और चेरी ब्लॉसम सीजन जैसे अनुभव यात्रियों को आकर्षित कर रहे हैं। पहले जापान को महंगा Travel Destination माना जाता था, लेकिन अब बेहतर कनेक्टिविटी और नए ट्रैवल पैकेज के कारण ज्यादा भारतीय यहां जाने में रुचि दिखा रहे हैं। Young Travellers बदल रहे हैं Foreign Travel का तरीका आज के युवा यात्री सिर्फ प्रसिद्ध जगहों की यात्रा नहीं करना चाहते, बल्कि वे नए कल्चर, लोकल फूड और अलग तरह के अनुभव तलाश रहे हैं। इसी वजह से Asia Countries भारतीयों की Travel Bucket List में तेजी से ऊपर आ रहे हैं। अब विदेश यात्रा का मतलब सिर्फ Paris या Switzerland घूमना नहीं रह गया है। भारतीय यात्री अपने बजट और पसंद के हिसाब से नए विकल्प तलाश रहे हैं। आने वाले समय में Asia Tourism को मिलेगा Boost ट्रैवल एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले वर्षों में एशियाई देशों की लोकप्रियता और बढ़ सकती है। आसान यात्रा, कम खर्च और बेहतर अनुभव के कारण Thailand, Vietnam और Japan जैसे देश भारतीय पर्यटकों के लिए मजबूत विकल्प बन चुके हैं। बदलते Travel Trend से साफ है कि भारतीय यात्रियों की पसंद अब ग्लोबल हो रही है। वे सिर्फ एक सपने की जगह नहीं, बल्कि ऐसी यात्रा चुन रहे हैं जो यादगार भी हो और बजट में भी फिट बैठे।
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Skoda

Skoda India Sales Report 2026: SUV डिमांड से बढ़ी रफ्तार, लगातार दूसरा रिकॉर्ड

स्कोडा (Skoda) ऑटो इंडिया ने 2026 की पहली छमाही में एक बार फिर अपने मजबूत प्रदर्शन से ऑटोमोबाइल मार्केट में अपनी पकड़ साबित की है। कंपनी ने H1 2026 में कुल 38,894 वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 7.5% की बढ़ोतरी है। यह लगातार दूसरा साल है जब ब्रांड ने अर्धवार्षिक बिक्री का नया रिकॉर्ड बनाया है। स्कोडा के लिए यह सिर्फ आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि ग्राहकों के भरोसे और ब्रांड के साथ बढ़ते जुड़ाव की कहानी भी है। SUV और सेडान ने बढ़ाई कंपनी की रफ्तार स्कोडा की मौजूदा लाइनअप—कुशाक, स्लाविया, कायलैक और कोडियाक—ने बाजार में लगातार मजबूत मांग बनाए रखी है। खास बात यह रही कि नई कोडियाक आरएस को ग्राहकों ने बेहद शानदार रिस्पॉन्स दिया और यह लॉन्च के कुछ ही मिनटों में पूरी तरह बिक गई। इससे साफ है कि प्रीमियम SUV सेगमेंट में स्कोडा की पकड़ और मजबूत हो रही है। कंपनी का बयान: “ग्राहकों का भरोसा हमारी सबसे बड़ी ताकत” स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने कहा कि यह सफलता ग्राहकों के बढ़ते भरोसे और कंपनी की रणनीति का नतीजा है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने इस साल: पर खास फोकस किया है। उनके अनुसार, स्कोडा का लक्ष्य सिर्फ बिक्री बढ़ाना नहीं, बल्कि ग्राहकों के साथ लंबे समय का रिश्ता बनाना है। 340+ टचपॉइंट्स के साथ मजबूत हुआ नेटवर्क स्कोडा ऑटो इंडिया ने अपने सर्विस और सेल्स नेटवर्क को लगातार विस्तार देते हुए देशभर में 340 से अधिक टचपॉइंट्स तक पहुंच बना ली है। इसके साथ ही कंपनी ने Skoda Express Care जैसी नई सर्विस शुरू की है, जिससे ग्राहकों को तेज, पारदर्शी और आसान सर्विस अनुभव मिल सके। परफॉर्मेंस और मोटरस्पोर्ट DNA भी बना पहचान स्कोडा ने इस साल अपने मोटरस्पोर्ट और परफॉर्मेंस DNA को भी आगे बढ़ाया है। ब्रांड के पूरे लाइनअप ने कोयंबटूर के ट्रैक पर एक खास रिकॉर्ड बनाया, जिसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। इस इवेंट ने स्कोडा की इंजीनियरिंग क्षमता और परफॉर्मेंस को एक बार फिर साबित किया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amarnath Yatra

Amarnath Yatra Update: 5-8 घंटे का सफर अब 30 मिनट में, 2029 तक शुरू होगी Cable Car Service

Amarnath Yatra Cable Car Project: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। लेकिन कठिन पहाड़ी रास्ते और कई घंटे की पैदल यात्रा अक्सर श्रद्धालुओं के लिए चुनौती बन जाती है। अब इस परेशानी को काफी हद तक कम करने की तैयारी हो चुकी है। सरकार अमरनाथ यात्रा को अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए केबल कार प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। तय योजना के मुताबिक अप्रैल 2027 से निर्माण कार्य शुरू होगा, जबकि 2029 तक केबल कार सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। 5 से 8 घंटे की यात्रा घटकर होगी सिर्फ 30 मिनट फिलहाल अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को बालटाल और पहलगाम मार्ग से लंबी चढ़ाई करनी पड़ती है। मौसम, भीड़ और रास्ते की स्थिति के अनुसार यह सफर करीब 5 से 8 घंटे तक का हो सकता है। केबल कार शुरू होने के बाद यही दूरी करीब 30 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए भी बाबा बर्फानी के दर्शन पहले से कहीं ज्यादा सरल हो जाएंगे। अप्रैल 2027 से शुरू होगा निर्माण कार्य परियोजना की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। संबंधित एजेंसियां तकनीकी और पर्यावरण से जुड़ी सभी जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी कर रही हैं। योजना के अनुसार अप्रैल 2027 से Construction शुरू किया जाएगा, ताकि वर्ष 2029 तक केबल कार सेवा श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध हो सके। आधुनिक तकनीक से होगी सुरक्षित यात्रा यह केबल कार परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुसार विकसित की जाएगी। पर्वतीय इलाके की भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम को ध्यान में रखते हुए पूरी व्यवस्था तैयार की जाएगी, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल सके। बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिलेगी सबसे बड़ी राहत अभी तक कई श्रद्धालु स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं या अधिक उम्र की वजह से पूरी यात्रा नहीं कर पाते थे। केबल कार शुरू होने के बाद ऐसे श्रद्धालु बिना लंबी पैदल चढ़ाई किए आसानी से अमरनाथ गुफा तक पहुंच सकेंगे। इससे यात्रा के दौरान होने वाली थकान और जोखिम भी काफी कम होंगे। धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया बढ़ावा विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने के बाद जम्मू-कश्मीर में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। यात्रा आसान होने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय होटल, टैक्सी, दुकानदारों और पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को मिलेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। अमरनाथ यात्रा बनेगी पहले से ज्यादा आसान बीते कुछ वर्षों में अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। अब केबल कार परियोजना भी उसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। यदि सब कुछ तय समय पर पूरा हुआ, तो 2029 से श्रद्धालु केवल 30 मिनट में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए गुफा तक पहुंच सकेंगे।
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Skoda

Skoda RS Heritage Returns: भारत में आएगी 7-Seater Kodiaq RS SUV, जानें डिटेल्स

मुंबई में Škoda Auto ने अपनी मशहूर RS (Rally Sport) विरासत को भारत में एक नए स्तर पर ले जाने का ऐलान किया है। कंपनी जल्द ही अपनी नई Kodiaq RS SUV लॉन्च करने जा रही है, जो परफॉर्मेंस, स्पेस और लग्ज़री का एक मजबूत कॉम्बिनेशन लेकर आएगी। यह SUV सिर्फ एक नई गाड़ी नहीं, बल्कि Škoda की 50 साल से ज्यादा पुरानी RS रेसिंग विरासत और 125 साल से अधिक के मोटरस्पोर्ट इतिहास की आगे बढ़ती कहानी है। इसकी बुकिंग 22 जून 2026 से शुरू होगी। RS DNA के साथ आई एक दमदार SUV Škoda की RS लाइनअप हमेशा से उन लोगों के लिए रही है जो ड्राइविंग में सिर्फ सफर नहीं, बल्कि एक एक्सपीरियंस ढूंढते हैं। नई Kodiaq RS में कंपनी ने वही DNA और भी शार्प अंदाज़ में पेश किया है—जहां एक तरफ आपको मिलती है 7-सीटर फैमिली SUV की प्रैक्टिकलिटी, वहीं दूसरी तरफ मिलता है एक स्पोर्टी और एग्रेसिव परफॉर्मेंस का फील। Škoda Auto India का दावा है कि यह SUV भारत में अब तक की सबसे तेज़ Škoda SUV हो सकती है। कंपनी का नजरिया: सिर्फ कार नहीं, एक Emotion Škoda Auto India के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने बताया कि RS बैज सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक “emotion of performance” है। उनके मुताबिक, भारत में Octavia RS को लोगों ने जिस तरह प्यार दिया, वह इस सेगमेंट में बहुत खास था। पिछली Octavia RS कुछ ही मिनटों में पूरी तरह बिक गई थी, जो यह दिखाता है कि भारत में परफॉर्मेंस कारों का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। अब Kodiaq RS के साथ कंपनी उसी भरोसे और जुनून को आगे बढ़ा रही है। परफॉर्मेंस + 4×4 का पावरफुल कॉम्बिनेशन Kodiaq RS को खास बनाते हैं इसके कई मजबूत फीचर्स: यह SUV खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो एक ही कार में फैमिली कम्फर्ट और स्पोर्ट्स कार वाला thrill चाहते हैं। Motorsport Heritage जो इसे खास बनाता है Škoda का मोटरस्पोर्ट इतिहास 100 साल से भी ज्यादा पुराना है। यही वजह है कि RS मॉडल्स सिर्फ दिखने में स्पोर्टी नहीं होते, बल्कि उनके अंदर रेसिंग-ग्रेड इंजीनियरिंग भी होती है। ब्रांड की Kylaq, Kushaq, Slavia, Kodiaq और Octavia RS जैसी कारों ने ट्रैक पर अपनी परफॉर्मेंस साबित की है। Coimbatore के CoASTT ट्रैक पर कंपनी ने एक रिकॉर्ड भी बनाया था, जिसमें सभी मॉडल्स ने मिलकर तेज़ लैप टाइम हासिल किया और अपनी इंजीनियरिंग क्षमता को साबित किया। क्यों खास है Kodiaq RS? Kodiaq RS को अगर आसान भाषा में समझें, तो यह उन लोगों के लिए है जो: यानी एक ही गाड़ी में comfort + speed + control + luxury का पूरा पैकेज। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kodiaq RS

Skoda Kodiaq RS SUV: भारत में नई RS Power Machine लॉन्च का बड़ा ऐलान

भारत के प्रीमियम SUV बाजार में एक बार फिर हलचल मचाने के लिए Škoda Kodiaq RS को लेकर बड़ा ऐलान हुआ है। Škoda Auto ने अपनी मशहूर RS (Rally Sport) परफॉर्मेंस रेंज को आगे बढ़ाते हुए इस नई 7-सीटर SUV को पेश करने की घोषणा की है। कंपनी ने साफ किया है कि 22 जून 2026 से इस SUV की बुकिंग शुरू होगी। RS विरासत को आगे बढ़ाती नई Kodiaq RS Skoda की RS रेंज सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि एक मोटरस्पोर्ट पहचान है, जो 50 साल से ज्यादा की परफॉर्मेंस हिस्ट्री और 125 साल से अधिक के रेसिंग अनुभव पर आधारित है। नई Kodiaq RS को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह: यानी एक ही कार में स्पीड, स्टाइल और स्पेस—तीनों का संतुलन। क्या है RS (Rally Sport) बैज का मतलब? RS यानी Rally Sport, जो Skoda की परफॉर्मेंस इंजीनियरिंग का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। यह बैज उन कारों को दिया जाता है जो: Kodiaq RS के साथ यह DNA अब भारत के 7-सीटर SUV सेगमेंट में भी एंट्री कर रहा है। कंपनी का बड़ा दावा और बयान Škoda Auto India के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने कहा कि RS बैज की भारत में पहले से ही मजबूत फैन फॉलोइंग है। उन्होंने बताया: यह बयान साफ दिखाता है कि कंपनी भारत को अपने परफॉर्मेंस पोर्टफोलियो का बड़ा बाजार मान रही है। मोटरस्पोर्ट DNA और ट्रैक रिकॉर्ड Skoda का मोटरस्पोर्ट इतिहास एक सदी से ज्यादा पुराना है। कंपनी ने अपने पूरे मॉडल लाइनअप—Kushaq, Slavia, Kylaq, Kodiaq और Octavia RS—के जरिए ट्रैक पर शानदार प्रदर्शन दिखाया है। यह सब दिखाता है कि Kodiaq RS सिर्फ एक SUV नहीं, बल्कि एक परफॉर्मेंस स्टेटमेंट है। Kodiaq RS क्यों है खास? नई SUV को लेकर ऑटो एक्सपर्ट्स और कार लवर्स दोनों में उत्साह देखा जा रहा है क्योंकि यह: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SERVO HYPER SERIES

SERVO HYPER SERIES Launch: IndianOil का नया प्रीमियम लुब्रिकेंट, इंजन परफॉर्मेंस में बड़ा बदलाव

भारत की प्रमुख ऊर्जा कंपनी Indian Oil Corporation ने अपने लुब्रिकेंट सेगमेंट में एक बड़ा अपडेट करते हुए नई प्रीमियम सीरीज़ SERVO HYPER SERIES लॉन्च की है। कंपनी का कहना है कि यह नया प्रोडक्ट सिर्फ एक लुब्रिकेंट नहीं, बल्कि आधुनिक इंजनों और इंडस्ट्रियल मशीनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एक टेक्नोलॉजी-ड्रिवन समाधान है। यह लॉन्च ऐसे समय पर हुआ है जब ऑटोमोबाइल और इंडस्ट्रियल सेक्टर में हाई परफॉर्मेंस और ज्यादा एफिशिएंसी वाले लुब्रिकेंट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। नई टेक्नोलॉजी से लैस प्रीमियम लुब्रिकेंट SERVO HYPER SERIES को एडवांस सिंथेटिक बेस ऑयल और नेक्स्ट-जेनरेशन एडिटिव टेक्नोलॉजी की मदद से विकसित किया गया है। इसका फोकस इंजन को बेहतर सुरक्षा देना और लंबे समय तक स्मूद परफॉर्मेंस बनाए रखना है। इस नई सीरीज़ से उपयोगकर्ताओं को कई फायदे मिलते हैं: यह प्रोडक्ट ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल दोनों यूज़र्स के लिए डिजाइन किया गया है। QR कोड आधारित डिजिटल ट्रस्ट सिस्टम इस सीरीज़ की एक खास बात इसका QR कोड-बेस्ड ऑथेंटिकेशन सिस्टम है। इसकी मदद से ग्राहक आसानी से प्रोडक्ट की असलियत जांच सकते हैं और तुरंत जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही पैकेजिंग को भी पर्यावरण के अनुकूल बनाया गया है, जिसमें रीसाइक्लेबल मटेरियल का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। यह पहल कंपनी की सस्टेनेबिलिटी और ग्रीन इनोवेशन की दिशा में एक अहम कदम है। मजबूत R&D और देशव्यापी नेटवर्क का सपोर्ट इस लुब्रिकेंट सीरीज़ को इंडियनऑयल के फरीदाबाद स्थित अत्याधुनिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर में विकसित किया गया है, जो पिछले कई दशकों से भारत में लुब्रिकेंट टेक्नोलॉजी का नेतृत्व कर रहा है। इसके अलावा इस प्रोडक्ट को देशभर के मजबूत नेटवर्क का सपोर्ट प्राप्त है: यह व्यापक नेटवर्क इसे आसानी से ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद करेगा। कंपनी का बयान इस मौके पर इंडियनऑयल के मार्केटिंग डायरेक्टर सौमित्र पी. श्रीवास्तव ने कहा कि लुब्रिकेंट इंडस्ट्री का भविष्य अब टेक्नोलॉजी और भरोसे पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि SERVO HYPER SERIES इन दोनों पहलुओं को एक साथ जोड़ती है और भारत में प्रीमियम लुब्रिकेंट स्टैंडर्ड को नए स्तर पर ले जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SM EV Taxi

Green SM EV Taxi Service की एंट्री, कम किराए और Premium Ride से Ola-Uber को Challenge

भारत में कैब सर्विस का बाजार अब और ज्यादा प्रतिस्पर्धी होने जा रहा है। Ola और Uber जैसी बड़ी कंपनियों के बीच अब एक नई Electric SM EV Taxi Service की एंट्री हो चुकी है। वियतनाम की कंपनी VinGroup ने अपनी EV आधारित कैब सर्विस Green SM Limo को भारत में लॉन्च करने की तैयारी पूरी कर ली है। कंपनी की शुरुआत दिल्ली-NCR से होगी और शुरुआती ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए भारी Discount ऑफर भी दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि Green SM की एंट्री भारतीय Ride-Hailing Market में बड़ा बदलाव ला सकती है, क्योंकि कंपनी पूरी तरह Electric Vehicles पर फोकस कर रही है। बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों और EV की मांग के बीच यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। क्या है Green SM Limo? Green SM, वियतनाम के बड़े बिजनेस ग्रुप VinGroup की टैक्सी सर्विस है। यह कंपनी अपनी खुद की इलेक्ट्रिक गाड़ियों के जरिए कैब सर्विस चलाती है। भारत में कंपनी Limo Green Electric MPV के साथ शुरुआत करने जा रही है। यह एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक MPV होगी, जिसमें यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। कंपनी का दावा है कि यह गाड़ी एक बार चार्ज होने पर 500 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज दे सकती है। इसके अलावा इसमें बड़ा केबिन, आरामदायक सीटें और मॉडर्न फीचर्स भी मिलेंगे। Ola-Uber से कैसे अलग होगी यह Service? Green SM का मॉडल बाकी कैब कंपनियों से थोड़ा अलग है। जहां Ola और Uber में ज्यादातर ड्राइवर अपनी निजी गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं, वहीं Green SM खुद अपनी गाड़ियों की मालिक होगी। ड्राइवर सीधे कंपनी के साथ जुड़े होंगे। इसका फायदा यात्रियों को बेहतर सर्विस के रूप में मिल सकता है। कंपनी का कहना है कि इससे Ride Cancellation कम होगी, गाड़ियां ज्यादा साफ-सुथरी रहेंगी और ग्राहकों को Professional Service मिलेगी। कंपनी ड्राइवरों को फिक्स सैलरी देने की योजना पर भी काम कर रही है, जिससे ड्राइवरों की कमाई ज्यादा स्थिर रह सकेगी। Booking पर 50% तक Discount Green SM अपने लॉन्च ऑफर के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करना चाहती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती बुकिंग पर कंपनी 50 प्रतिशत तक का Discount दे सकती है। यही वजह है कि लॉन्च से पहले ही सोशल मीडिया पर इस सर्विस की काफी चर्चा हो रही है। अगर कंपनी कम किराए और बेहतर सुविधा का वादा पूरा करती है, तो यह सीधे Ola और Uber के लिए चुनौती बन सकती है। दिल्ली-NCR से होगी शुरुआत फिलहाल Green SM अपनी सेवाएं दिल्ली-NCR में शुरू करेगी। इसके बाद कंपनी धीरे-धीरे बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई जैसे बड़े शहरों में विस्तार कर सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती चरण में सैकड़ों इलेक्ट्रिक टैक्सियां सड़कों पर उतरेंगी। आने वाले समय में कंपनी हजारों EV Cabs जोड़ने की योजना बना रही है। भारत के EV Market पर बड़ा दांव भारत में Electric Vehicles की मांग तेजी से बढ़ रही है। सरकार भी EV को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। ऐसे समय में Green SM की एंट्री को EV सेक्टर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कंपनी अपने सस्ते किराए, बेहतर सर्विस और इलेक्ट्रिक फ्लीट मॉडल को सफल बना पाती है, तो भारतीय कैब मार्केट में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि Green SM भारत में ग्राहकों का कितना भरोसा जीत पाती है और Ola-Uber को कितनी कड़ी टक्कर दे पाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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हवाई सफर हुआ महंगा! IndiGo ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, टिकट कीमतों में बड़ा इजाफा

हवाई सफर हुआ महंगा! IndiGo ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, टिकट कीमतों में बड़ा इजाफा

अगर आप हवाई यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं, तो ये खबर आपके बजट पर असर डाल सकती है। देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo ने एक बार फिर फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है, जिसके बाद फ्लाइट टिकट के दाम में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बढ़ोतरी के बाद कुछ रूट्स पर टिकट की कीमतें करीब ₹10,000 तक बढ़ गई हैं। खासतौर पर लंबी दूरी की उड़ानों पर इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। एयरलाइन का कहना है कि यह फैसला बढ़ती ईंधन कीमतों को देखते हुए लिया गया है। लगातार बढ़ रहे एविएशन फ्यूल के दाम के कारण कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ रहा है, जिसे संतुलित करने के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ाना जरूरी हो गया है। इस फैसले का सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ने वाला है। जो लोग पहले से टिकट बुक करने की सोच रहे थे, उन्हें अब ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। खासकर छुट्टियों या जरूरी यात्राओं के दौरान यह बढ़ोतरी लोगों की जेब पर भारी पड़ सकती है। ट्रैवल एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर फ्यूल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में हवाई यात्रा और महंगी हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Share Market

Share Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव

शेयर बाजार (Share Market) में तेजी देखकर खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए बुधवार का कारोबार थोड़ा निराशाजनक रहा। 21 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआत में अच्छी बढ़त बनाई, लेकिन दोपहर तक तस्वीर बदल गई। सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से करीब 1,200 अंक नीचे आ गया और 73,500 के आसपास कारोबार करने लगा। ऑटो और मेटल शेयरों में बिकवाली ने बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। शुरुआती कारोबार में खरीदारी का माहौल था, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर दबाव देखने को मिला। बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर है। Sensex और Nifty में गिरावट, शुरुआती तेजी पड़ी फीकी बुधवार को बाजार की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ हुई थी। कुछ बड़े शेयरों में खरीदारी से प्रमुख इंडेक्स को सहारा मिला। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू होने के बाद सेंसेक्स अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख सका। दिन के उच्चतम स्तर से करीब 1,200 अंक की गिरावट ने बाजार में जारी उतार-चढ़ाव को उजागर किया। निफ्टी पर भी दबाव देखने को मिला। निवेशक फिलहाल बाजार में बड़े दांव लगाने के बजाय कारोबार से जुड़े संकेतों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। Auto और Metal Stocks में क्यों बढ़ी बिकवाली? बाजार की गिरावट में ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों की कमजोरी चर्चा में रही। इन सेक्टरों में बिकवाली से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। ऑटो कंपनियों के शेयरों पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए वाहन बिक्री, मांग और उत्पादन लागत जैसे पहलू अहम हैं। वहीं, मेटल कंपनियों के प्रदर्शन पर वैश्विक मांग, धातुओं की कीमतों और औद्योगिक गतिविधियों का असर पड़ता है। हालांकि, पूरे सेक्टर को एक ही नजर से देखना सही नहीं होगा। अलग-अलग कंपनियों के शेयरों में उनकी वित्तीय स्थिति और कारोबार के आधार पर अलग-अलग चाल देखने को मिल सकती है। Crude Oil Price में तेजी से बढ़ी चिंता अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी भारतीय शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। तेल महंगा होने से भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर महंगाई, परिवहन खर्च और कई कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो इससे कुछ कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका रहती है। इसी वजह से निवेशक वैश्विक घटनाक्रम और तेल बाजार की चाल पर नजर रख रहे हैं। IT Stocks और Reliance पर भी निवेशकों की नजर जहां ऑटो और मेटल शेयरों में दबाव देखने को मिला, वहीं आईटी सेक्टर और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े घटनाक्रम भी बाजार की चर्चा में रहे। आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजे और कारोबार की संभावनाएं निवेशकों के लिए अहम हैं। इसके अलावा, जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO से जुड़ी गतिविधियों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। हालांकि, किसी एक कंपनी में खरीदारी या तेजी से पूरे बाजार की दिशा तय नहीं होती। सेंसेक्स और निफ्टी पर कई बड़े शेयरों और सेक्टरों का संयुक्त असर पड़ता है। Share Market में गिरावट की 4 बड़ी वजहें निवेशक अब किन बातों पर रखें नजर? आने वाले कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, वैश्विक बाजारों का रुख और कंपनियों के तिमाही नतीजे अहम रहेंगे। इन संकेतों से बाजार की दिशा को समझने में मदद मिल सकती है, हालांकि बाजार की चाल का सटीक अनुमान लगाना संभव नहीं है। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे केवल एक दिन की तेजी या गिरावट देखकर जल्दबाजी में फैसला न लें। निवेश से पहले कंपनी के प्रदर्शन, अपनी जोखिम क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना बेहतर रहता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

मध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विवादों की लंबी फेहरिस्त, खरीदी से लेकर भर्ती तक उठे सवाल

मध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रशासनिक व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से अप्रैल 2024 में डीन की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव किया गया था। पदोन्नति की पुरानी व्यवस्था के स्थान पर 18 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पहली बार सीधी भर्ती के जरिए डीन नियुक्त किए गए। इसका उद्देश्य कॉलेजों के प्रशासन और वित्तीय कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना था। हालांकि, करीब ढाई साल बाद भी सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़ी शिकायतों में कमी आती नजर नहीं आ रही है। कहीं मेडिकल उपकरणों की खरीदी में अनियमितताओं के आरोप लगे, तो कहीं कर्मचारियों की भर्ती और वित्तीय लेन-देन पर सवाल उठे। कई मामलों में जांच शुरू हुई, जबकि कुछ मामलों में पुलिस और लोकायुक्त तक कार्रवाई के लिए पहुंचे। रीवा मेडिकल कॉलेज में डीन बदले, अस्पताल की घटनाओं से उठे सवाल स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के गृह जिले रीवा में मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल में पहले प्रसूता की मौत और फिर जीवित व्यक्ति को मृत घोषित किए जाने जैसी घटनाएं सामने आईं। इसके बाद डीन डॉ. सुनील अग्रवाल को पद से हटाकर सतना भेज दिया गया। उनकी जगह डॉ. शशिधर गर्ग को नया डीन नियुक्त किया गया। इसी कॉलेज से जुड़े संजय गांधी अस्पताल में 80 नर्सिंग छात्राओं ने ईएनटी विभाग के एक डॉक्टर पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। इन घटनाओं ने अस्पताल के प्रशासन और व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए। उधर, शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारियों पर आयुष्मान योजना की प्रोत्साहन राशि अपने खातों में ट्रांसफर कराने के आरोप लगे। मामले में लोकायुक्त ने प्रारंभिक जांच शुरू की है। वहीं, नए मेडिकल कॉलेजों में डीन की सीधी भर्ती को लेकर हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है। इंदौर: मशीन खरीदी में गड़बड़ी के आरोप, डीन को आरोप पत्र इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में मेडिकल उपकरणों की खरीदी को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। शिकायत में दावा किया गया कि करीब 98 लाख रुपए में खरीदी गई ओटी लाइट जैसी लाइट जेम पोर्टल पर लगभग 7 लाख रुपए में उपलब्ध थी। इसके अलावा करीब 70.50 लाख रुपए के कैमरों की खरीदी पर भी सवाल उठे। मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय समिति गठित की गई। लोकायुक्त ने भी विभाग से रिपोर्ट मांगी है। वहीं, जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन की खरीदी के मामले में डीन के खिलाफ आरोप पत्र जारी किए जाने की जानकारी सामने आई। भोपाल: उपकरणों की खरीदी पर शिकायत, वेतन नहीं मिलने से हड़ताल भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में मेडिकल उपकरणों की खरीदी को लेकर शिकायतें सामने आईं। मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई। शिकायतकर्ता ने जांच समिति की रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति मांगते हुए मुख्य सचिव को भी आवेदन दिया। इसी बीच हमीदिया अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारियों को दो महीने तक वेतन नहीं मिलने के कारण हड़ताल करनी पड़ी। इससे अस्पताल के कामकाज और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर सवाल उठे। ग्वालियर: डाइट सप्लाई और वित्तीय अनियमितताओं की जांच ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए डाइट सप्लाई को लेकर विवाद सामने आया। इसके अलावा वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें भी जांच के दायरे में आईं। वर्ष 2024 में कॉलेज में करीब 19 करोड़ रुपए के खर्च और खरीदी से जुड़े मामलों की जांच की जानकारी सामने आई थी। इन मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए। जबलपुर: 1.63 करोड़ रुपए की गड़बड़ी, तीन कर्मचारी गिरफ्तार जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की कैश शाखा में वर्ष 2026 में 1.63 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के हिसाब में गड़बड़ी का मामला सामने आया। आंतरिक जांच के बाद डीन डॉ. नवनीत सक्सेना की शिकायत पर पुलिस ने पांच कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इनमें से तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। खंडवा से सागर तक, दूसरे मेडिकल कॉलेजों में भी शिकायतें खंडवा मेडिकल कॉलेज: छात्रों ने मेस की साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में रसोई में गंदगी और कीड़े-मकोड़े मिलने की बात सामने आई। विदिशा मेडिकल कॉलेज: आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति में गड़बड़ी के आरोप लगे। शहडोल मेडिकल कॉलेज: नवजात के इलाज में लापरवाही के आरोपों के बाद हंगामा हुआ और पुलिस ने जांच शुरू की। इसके अलावा करीब 150 कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि और एसीआर से जुड़ी शिकायतें कीं। दतिया मेडिकल कॉलेज: वर्ष 2026 में नर्सिंग अधीक्षक की नियुक्ति को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया। रतलाम मेडिकल कॉलेज: अनियमितताओं से जुड़ी शिकायत का मुद्दा विधानसभा में उठाया गया। सागर मेडिकल कॉलेज: सोनोग्राफी सेवा बंद रहने और इलाज में लापरवाही सहित कई शिकायतें सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कराई गईं। सीधी भर्ती से बदलाव की उम्मीद, लेकिन जवाबदेही पर सवाल सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डीन की नियुक्ति प्रक्रिया बदलने का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना और वित्तीय कामकाज में पारदर्शिता लाना था। लेकिन अलग-अलग कॉलेजों से सामने आए मामलों ने निगरानी व्यवस्था, खरीद प्रक्रिया, भर्ती और अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं। अब इन शिकायतों की जांच और उन पर होने वाली कार्रवाई अहम होगी। इससे ही स्पष्ट होगा कि अनियमितताओं के आरोपों पर कितनी प्रभावी कार्रवाई होती है और सरकारी मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्था में कितना सुधार आता है।
Gold-Silver Rate

Gold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे

Gold-Silver Rate में गिरावट ने सर्राफा बाजार का ध्यान खींचा है। बीते दो दिनों में सोना करीब ₹2,300 सस्ता होने की खबर है। वहीं, चांदी के दाम में भी लगभग ₹5,000 की कमी दर्ज की गई है। ऐसे में जो लोग त्योहारों या शादी के लिए गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, उनकी नजर अब सोने-चांदी के नए भाव पर है। आपके दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 10 ग्राम सोने की कीमत घटकर करीब ₹1.44 लाख रह गई है। हालांकि, 21 अक्टूबर 2026 को सामने आए ताजा बाजार अपडेट में सोने और चांदी के भाव अलग-अलग स्तर पर दर्ज किए गए। इसलिए खरीदारी से पहले आज का रेट जरूर जांच लें। Gold Price Today: 10 ग्राम सोने का भाव कितना है? 21 अक्टूबर के बाजार अपडेट के अनुसार, सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। सुबह करीब 11:25 बजे उपलब्ध एक रिपोर्ट के मुताबिक, 10 ग्राम सोना ₹669 सस्ता होकर ₹1,45,850 पर पहुंच गया। इससे पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹1,46,519 था। वहीं, एक अन्य बाजार अपडेट में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,46,220 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। अलग-अलग रिपोर्टों में कीमतों का अंतर अपडेट के समय और बाजार के आधार पर हो सकता है। सोने की कीमतों में आई इस गिरावट से उन लोगों को कुछ राहत मिल सकती है, जो लंबे समय से गहने खरीदने के लिए सही मौके का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, केवल एक-दो दिन के भाव देखकर खरीदारी का फैसला करना सही नहीं होगा। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली। 21 अक्टूबर की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक किलो चांदी का भाव ₹2,11,485 से घटकर ₹2,09,050 पर आ गया। यानी कीमत में ₹2,435 की कमी दर्ज की गई। वहीं, कुछ खुदरा बाजारों में चांदी का भाव करीब ₹2.30 लाख प्रति किलो बताया गया। यह अंतर बाजार और कीमत अपडेट के तरीके के कारण हो सकता है। इसलिए अपने शहर के सर्राफा बाजार से ताजा भाव की पुष्टि करना जरूरी है। चांदी का इस्तेमाल सिर्फ गहने बनाने में ही नहीं, बल्कि बर्तन, सिक्के और कई औद्योगिक उत्पादों में भी होता है। यही वजह है कि इसके दाम में होने वाले बदलाव पर खरीदारों और कारोबारियों की नजर बनी रहती है। Gold-Silver Rate क्यों गिर रहे हैं? सोने और चांदी की कीमतों पर घरेलू मांग के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी असर पड़ता है। डॉलर की मजबूती, रुपये की विनिमय दर, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और वैश्विक आर्थिक हालात कीमतों में उतार-चढ़ाव ला सकते हैं। 21 अक्टूबर की बाजार रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक से मिलने वाले संकेतों का भी इंतजार कर रहे हैं। इन परिस्थितियों का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। हालांकि, सोने और चांदी के भाव में गिरावट की वजह केवल एक कारक नहीं है। बाजार में निवेशकों की खरीद-बिक्री और अंतरराष्ट्रीय घटनाएं भी कीमतों की दिशा तय करती हैं। क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा? अगर आप त्योहार, शादी या किसी पारिवारिक कार्यक्रम के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अलग-अलग दुकानों के भाव की तुलना करना फायदेमंद रहेगा। लेकिन यह जरूरी नहीं कि आज कीमत कम हुई है तो आने वाले दिनों में भी गिरावट जारी रहेगी। खरीदारी के समय इन बातों का ध्यान रखें: Gold-Silver Price: अलग-अलग शहरों में भाव क्यों बदलते हैं? दिल्ली, मुंबई, भोपाल, इंदौर और दूसरे शहरों में सोने-चांदी की कीमतों में अंतर हो सकता है। स्थानीय बाजार की परिस्थितियां, कारोबारी मार्जिन और आभूषण बनाने के शुल्क अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन दिखाई देने वाला बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप पर मिलने वाली कीमत एक जैसी होना जरूरी नहीं है। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से कीमत की पुष्टि करना बेहतर रहेगा। आज के Gold-Silver Rate पर एक नजर 21 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध अलग-अलग बाजार अपडेट के अनुसार: ये दरें अलग-अलग बाजारों और अपडेट के समय के आधार पर हैं। इन्हें एक ही बाजार की समान दर न मानें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को करना होगा स्ट्रेस मैनेजमेंट का ऑनलाइन कोर्स, 31 अक्टूबर तक की डेडलाइन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यस्थल पर तनाव कम करने और काम करने के तरीके में सुधार के लिए ऑनलाइन कोर्स करना अनिवार्य किया गया है। राज्य शासन ने मिशन कर्मयोगी के तहत iGOT पोर्टल पर उपलब्ध दो कोर्स 31 अक्टूबर तक पूरे करने के निर्देश दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागों को आदेश जारी किया है। इन कोर्स का उद्देश्य कर्मचारियों को कामकाज के दौरान होने वाले तनाव को संभालने, मानसिक एकाग्रता बढ़ाने और कार्यक्षमता में सुधार करने में मदद करना है। दो ऑनलाइन कोर्स करना अनिवार्य सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दो कोर्स निर्धारित किए हैं। दोनों कोर्स iGOT पोर्टल पर उपलब्ध हैं। सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित समयसीमा में इन्हें पूरा करना होगा। 3 नवंबर तक शासन को देनी होगी रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों से समय पर दोनों कोर्स पूरे करवाएं। किसी भी कर्मचारी का कोर्स लंबित नहीं रहना चाहिए। विभागों को कोर्स पूरा होने की जानकारी 3 नवंबर तक शासन को भेजनी होगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी दफ्तरों में कामकाज सुधारने पर जोर सरकारी कार्यालयों में कामकाज की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद लोगों को कई बार शिकायतों के निराकरण में देरी का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में फाइलें लंबे समय तक लंबित रहती हैं, जिससे आम लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। बताया जा रहा है कि अब तक बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने ये कोर्स पूरे नहीं किए हैं। इसी को देखते हुए शासन ने 31 अक्टूबर तक दोनों कोर्स अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

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