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National Herald Case ED

National Herald Case: ED ने सोनिया-राहुल गांधी पर चार्जशीट दायर, कांग्रेस बोली – ‘ये बदले की राजनीति है’

16 अप्रैल 2025 – प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को “राजनीतिक बदले और डराने की कोशिश” बताया है और बुधवार को देशभर में ED दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन की घोषणा की है। चार्जशीट में कौन-कौन? ED ने 9 अप्रैल को विशेष PMLA अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें जिन लोगों के नाम शामिल हैं, वे हैं: अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए मामले की अगली सुनवाई 25 अप्रैल को तय की है।क्या है नेशनल हेराल्ड केस? यह मामला एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की संपत्तियों को लेकर है, जो National Herald अखबार का प्रकाशन करती है। ED का आरोप है कि कांग्रेस ने AJL को ₹50 लाख में यंग इंडियन नाम की कंपनी के ज़रिए अधिग्रहित किया, जबकि उसकी संपत्ति की कीमत ₹2,000 करोड़ से ज्यादा थी। सोनिया गांधी और राहुल गांधी यंग इंडियन में बहुमत हिस्सेदारी रखते हैं। ED ने हाल ही में ₹661 करोड़ की संपत्ति दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में जब्त करने के नोटिस भी दिए हैं। जांच की शुरुआत कैसे हुई? ये जांच भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की 2013 में दाखिल याचिका के आधार पर शुरू हुई थी। इसके बाद दिल्ली की एक अदालत ने इनकम टैक्स विभाग को जांच की अनुमति दी थी। ED ने कहा कि जांच के दौरान उन्हें ₹18 करोड़ के फर्जी डोनेशन, ₹38 करोड़ के फर्जी किराया और ₹29 करोड़ के फर्जी विज्ञापन की जानकारी मिली।कांग्रेस ने क्या कहा? कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, “यह पूरा मामला फर्जी है। ना कोई पैसा ट्रांसफर हुआ, ना कोई संपत्ति बेची गई। फिर भी सरकार इसे मनी लॉन्ड्रिंग बता रही है।” केसी वेणुगोपाल ने कहा, “मोदी-शाह सरकार जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष को टारगेट कर रही है। ये केस राजनीति को दबाने का तरीका है।” जयराम रमेश ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों की जब्ती कानून की आड़ में किया गया अपराध है।” भाजपा का पलटवार भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “जो लोग भ्रष्टाचार और जनता की संपत्ति की लूट में शामिल रहे हैं, अब उन्हें जवाब देना होगा। ED का मतलब अब ‘एंटाइटलमेंट टू डकैती’ नहीं है।”कोर्ट की टिप्पणी विशेष अदालत ने कहा कि PMLA की कार्रवाई के साथ-साथ CBI की जांच से जुड़ा मामला भी इसी अदालत में स्थानांतरित किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए आदेश जिला जज को देना होगा। DeshHarpal पर पढ़ते रहिए देश-दुनिया की सबसे सटीक और सरल खबरें।
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Bihar Politics: Tejashwi Yadav ने Mahagathbandhan

Tejashwi Yadav CM Face , सीट शेयरिंग पर खोले पत्ते, Delhi में Congress-RJD की बैठक के बाद सियासत गरमाई

Bihar Politics: Tejashwi Yadav, Rahul gandhi Mahagathbandhan Bihar की राजनीति में एक बार फिर उबाल है। 2025 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, Mahagathbandhan के अंदर चल रही खींचतान और रणनीतियों की परतें खुलने लगी हैं। इसी सिलसिले में दिल्ली में Congress और RJD के बीच एक अहम बैठक हुई जिसमें Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi और Tejashwi Yadav जैसे बड़े नेता शामिल हुए। बैठक के बाद जब मीडिया ने Tejashwi Yadav से पूछा कि Mahagathbandhan का CM Face कौन होगा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया— “बातचीत के बाद सारी चीज़ें सामने आ जाएंगी।” इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि फॉर्मूला 70 पर चर्चा चल रही है और बहुत जल्द इसका खुलासा होगा। क्या है फॉर्मूला 70? बताया जा रहा है कि ‘फॉर्मूला 70’ का मतलब यह हो सकता है कि RJD 70 से ज़्यादा सीटें अपने पास रखेगा और बाकी सीटों पर Congress, Left पार्टियां, VIP और अन्य सहयोगी दलों के साथ समझौता होगा। लेकिन इसी फॉर्मूले को लेकर अभी भी महागठबंधन के भीतर seat sharing पर रस्साकशी बनी हुई है। Delhi में मंथन, Patna में समीकरण Patna में जहां पार्टी वर्कर्स और जमीनी स्तर पर संगठन एक्टिव हो चुका है, वहीं Delhi में मंथन जारी है। Congress चाहती है कि उसे पिछले चुनाव की तुलना में ज्यादा सीटें मिलें, वहीं RJD का दावा है कि वह सबसे बड़ी पार्टी है और उसी के पास नेतृत्व रहना चाहिए। कुर्बानी कौन देगा? बात सिर्फ सीटों की नहीं, बल्कि leadership की भी है। सूत्रों के मुताबिक Congress यह संकेत दे रही है कि अगर उसे ज़्यादा सीटें नहीं मिलतीं, तो वह campaign में अपने बड़े चेहरों को झोंकने से परहेज़ कर सकती है। वहीं RJD का फोकस Tejashwi Yadav को ही एकमात्र CM Face के तौर पर प्रोजेक्ट करने पर है। Left और VIP का रोल Mahagathbandhan में Left पार्टियां और VIP जैसे दल भी शामिल हैं। इनकी मांगें भी equation को complex बना रही हैं। Left पार्टियां जनाधार के आधार पर अधिक सीटें चाहती हैं, जबकि VIP जैसी छोटी पार्टियां symbolic सीटों से संतुष्ट नहीं हैं। Desh Harpal की Exclusive जानकारी के अनुसार, Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi ने Tejashwi Yadav को भरोसा दिलाया है कि सभी दलों की सहमति से एक common minimum programme और CM Face पर फैसला लिया जाएगा। लेकिन सीट शेयरिंग को लेकर आखिरी निर्णय मई के पहले हफ्ते तक आ सकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या Bihar में Mahagathbandhan अपने अंदरुनी मतभेद सुलझाकर एक united front के रूप में सामने आएगा या फिर सीटों और leadership की ‘कुर्बानी’ की राजनीति उसे कमजोर कर देगी। Desh Harpal आपके लिए आगे भी इस developing political story पर नजर बनाए रखेगा।
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SP MLA Indrajeet Saroj:

SP MLA Indrajeet Saroj: ‘श्राप दे देते भगवान ताकि भस्म हो जाते मुसलमान…’

Controversial Statement Again by SP MLA Indrajeet Saroj: Desh Harpal | 15 अप्रैल 2025 | उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर विवाद की चिंगारी सुलग उठी है। Samajwadi Party के कद्दावर नेता और मौजूदा विधायक इंद्रजीत सरोज ने एक विवादित बयान देकर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। पहले मंदिरों और हिंदू देवी-देवताओं को लेकर दिये गए उनके पुराने बयान ने खूब तूल पकड़ा था, और अब एक बार फिर उन्होंने अपने उसी बयान को दोहराते हुए कहा है – “अगर भगवान चाहते तो मुसलमानों को श्राप दे देते और वे भस्म हो जाते।” क्या है पूरा मामला? दरअसल, इंद्रजीत सरोज का ये बयान तब आया जब उनसे मीडिया ने उनके पुराने बयान पर प्रतिक्रिया मांगी, जिसमें उन्होंने कहा था कि “अगर भगवान वाकई होते तो वो मंदिरों को तोड़ने वालों को भस्म कर देते।” इस पर सफाई देने के बजाय इंद्रजीत सरोज ने और भी तीखा बयान दे डाला। उन्होंने कहा कि जब मुगलों ने मंदिर तोड़े, तब भगवान ने कुछ नहीं किया, इसका मतलब भगवान नहीं थे या फिर वो सिर्फ किताबों में हैं। उन्होंने ये भी कहा कि “अगर भगवान होते तो मस्जिदों में तो नहीं रहते, फिर मंदिरों में ही क्यों नहीं बचा पाए खुद को?” इस बयान ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और अब BJP समेत कई हिन्दू संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। सियासी घमासान BJP नेताओं ने इस बयान को Hindu sentiments के खिलाफ बताया है और तुरंत माफी मांगने की मांग की है। वहीं, सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर ज़बरदस्त बवाल मचा है। कई users ने इंद्रजीत सरोज को “Hinduphobic” कहा है, तो कुछ ने उन्हें पार्टी से निकालने की मांग की है। Akhilesh Yadav की चुप्पी पर सवाल अब सवाल उठ रहा है कि क्या Samajwadi Party इस बयान से खुद को अलग करेगी या फिर Akhilesh Yadav इस पर चुप्पी साधे रहेंगे? क्योंकि पहले भी पार्टी के कुछ नेताओं के विवादित बयानों पर पार्टी ने कोई ठोस एक्शन नहीं लिया था। Desh Harpal का विश्लेषण ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत जैसे विविधताओं वाले देश में धार्मिक भावनाएं बेहद संवेदनशील मुद्दा हैं। किसी भी राजनेता को ऐसा बयान देने से पहले यह सोचना चाहिए कि उसके शब्द समाज पर क्या असर डाल सकते हैं। इंद्रजीत सरोज का यह बयान सिर्फ राजनीतिक विवाद ही नहीं बल्कि समाज में वैमनस्य फैलाने वाला है। Desh Harpal यह मानता है कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी है। खासतौर पर उन नेताओं के लिए जो लाखों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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“Coca-Cola ने मुसलमानों के लिए की पीली केप वाली कोल्ड ड्रिंक….?

Coca-Cola Special Coldrink Only For One Religion? Here’s The Truth | देश हरपल स्पेशल रिपोर्ट Coca-Cola की एक खास बोतल चर्चा में है — जिसकी कैप है पीले रंग की, और बताया जा रहा है कि यह केवल एक खास धर्म के लिए बनाई गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस दावे ने कई लोगों को चौंका दिया है। दावा ये भी किया जा रहा है कि यह “Special Coldrink” सिर्फ रमज़ान के महीने में बनाई जाती है और इसमें इस्तेमाल होने वाले Ingredients बाकी कोल्ड्रिंक्स से अलग हैं। लेकिन क्या यह सच है? चलिए देश हरपल पर जानते हैं इसकी पूरी सच्चाई। वायरल क्या हुआ? कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर Coca-Cola की एक बोतल की तस्वीर वायरल हो रही है जिसकी Yellow Cap है। दावा किया जा रहा है कि ये बोतल सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लिए बनाई गई है और इसमें इस्तेमाल किए गए प्रोडक्ट्स को Halal Certified किया गया है। ये Yellow Cap आखिर है क्या? असल में, कोका-कोला कंपनी रमज़ान के मौके पर Middle East और कुछ अन्य मुस्लिम देशों में एक खास पैकेजिंग के साथ अपने प्रोडक्ट्स लॉन्च करती है। ये Yellow Cap उसी कस्टम पैकेजिंग का हिस्सा है। लेकिन इसका मतलब ये कतई नहीं है कि यह सिर्फ एक धर्म विशेष के लिए है। Coca-Cola का क्या कहना है? Coca-Cola Middle East की ओर से स्पष्ट किया गया है कि Yellow Cap Bottles में ऐसा कुछ भी नहीं है जो केवल किसी एक धर्म विशेष के लिए बनाया गया हो। बल्कि, यह Marketing Strategy है, ताकि रमज़ान के दौरान consumers को special feel दिया जा सके। इसके साथ ही ये Cap कुछ खास Instructions को Represent करता है जैसे कि “Halal Certified” होने की जानकारी। Halal Certification क्या होता है? Halal एक Arabic Word है जिसका मतलब होता है “वो जो अनुमति प्राप्त हो”। खाने-पीने के Products के लिए Halal Certification यह बताता है कि उसमें ऐसा कोई Ingredient नहीं है जो इस्लामिक कानून के विरुद्ध हो। भारत सहित कई देशों में Halal और Vegetarian दोनों तरह के Certification आम हैं। क्या भारत में भी यह Yellow Cap Bottle मिलती है? नहीं। यह पैकेजिंग केवल Middle East और कुछ चुनिंदा देशों में ही उपलब्ध है। भारत में फिलहाल ऐसी कोई Coca-Cola Bottle officially Launch नहीं की गई है। अफवाह क्यों फैली? Social Media पर आधी-अधूरी जानकारी के साथ Sensational Claims करना आजकल आम हो गया है। कुछ लोगों ने बिना पुख्ता जानकारी के सिर्फ Cap के रंग को देखकर यह मान लिया कि पूरी Drink एक धर्म विशेष के लिए बनाई गई है, जो कि ग़लत है। Coca-Cola की Yellow Cap वाली Bottle कोई धार्मिक पक्षपात नहीं बल्कि एक खास त्योहार के लिए मार्केटिंग रणनीति है। यह Drink सभी के लिए है, और इसमें ऐसा कुछ नहीं जो किसी एक धर्म के लिए Exclusively बनाया गया हो। Desh Harpal आपसे अपील करता है कि ऐसी अफवाहों से बचें और किसी भी खबर को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता ज़रूर जांचें।
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Robert Vadra

Robert Vadra पहुंचें ED ऑफिस – बोले, “Parliament में Rahul की आवाज़ दबाई जाती है, यहां मेरी…”

दिल्ली: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति और बिज़नेसमैन Robert Vadra आज एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेश हुए। यह पेशी गुरुग्राम के शिकोहपुर जमीन सौदे (Shikohpur Land Deal) को लेकर है, जिसमें Vadra की कंपनी Skylight Hospitality पर अवैध रूप से जमीन खरीदने और बेचने के आरोप हैं। यह मामला हरियाणा के NTC यानी National Tasking Committee की रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर उभरा है। क्या है पूरा मामला? दरअसल, Skylight Hospitality ने गुरुग्राम के शिकोहपुर इलाके में 3.5 एकड़ जमीन खरीदी थी। आरोप है कि इस जमीन की कीमत बाज़ार मूल्य से बहुत कम दिखाई गई थी, और बाद में इसे भारी मुनाफे पर DLF जैसी बड़ी रियल एस्टेट कंपनी को बेच दिया गया। इस डील में सरकारी नियमों की अनदेखी और राजनीतिक प्रभाव के इस्तेमाल का आरोप है। ED की तरफ से Vadra को दूसरी बार समन भेजा गया, जिसके बाद आज वे दिल्ली स्थित कार्यालय पहुंचे। उनसे पूछताछ में प्रॉपर्टी डील के दस्तावेज़, लेन-देन की जानकारी, और संबंधित अधिकारियों से संपर्कों के बारे में सवाल किए गए। Vadra का पलटवार – सरकार पर लगाया बड़ा आरोप ED ऑफिस पहुंचने से पहले Robert Vadra ने मीडिया से बात करते हुए कहा – राजनीतिक रंग लेता मामला इस केस ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार selective targeting कर रही है, ताकि विपक्ष को दबाया जा सके। वहीं, भाजपा का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और no one is above the law। आगे क्या? ED इस मामले में दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी। अगर Vadra जांच में सहयोग नहीं करते हैं या आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला लंबा खिंच सकता है और कानूनी पेंच और भी गहरे हो सकते हैं। Desh Harpal इस मामले से जुड़ी हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा। बने रहिए हमारे साथ।
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Aligarh Saas Damad Love Story

Aligarh Saas Damad Love Story: में हर दिन नया ड्रामा, Gujarat तक पहुंचा मामला!

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले की एक Aligarh Saas Damad Love Story ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस कहानी में किरदार हैं—एक होने वाला दामाद और उसकी होने वाली सास, जो शादी से ठीक पहले भाग निकले। अब यह सास-दामाद की unexpected प्रेम कहानी पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुकी है। भागे प्रेमियों की तलाश में जुटी पुलिस मडराक थाना क्षेत्र के मनोहरपुर कायस्त गांव की एक युवती की शादी 16 अप्रैल को दादों निवासी युवक से तय हुई थी। लेकिन इससे पहले ही युवती की मां अपने होने वाले दामाद संग फरार हो गई। फिलहाल दोनों का कुछ अता-पता नहीं है। पुलिस ने युवक के पिता, बहनोई और अन्य परिजनों से पूछताछ की है। शुरुआती लोकेशन उत्तराखंड मिलने पर टीम वहां भेजने की बात हुई थी, लेकिन अब नया अंदेशा है कि वे Gujarat में भी हो सकते हैं। युवक के कुछ दोस्तों पर इन्हें भगाने में मदद करने का शक है, इसलिए पुलिस अब उनसे कड़ी पूछताछ कर रही है। CO इगलास महेश कुमार ने बताया कि जानकारी मिलते ही टीमें संभावित ठिकानों पर भेजी जाएंगी। ताबीज से वशीकरण का आरोप युवक के पिता ने चौंकाने वाला आरोप लगाया है कि उसकी सास ने उसे ताबीज देकर वशीकरण कर लिया। उनके अनुसार, जब वह महिला बेटे की तबीयत खराब होने पर घर आई थी, तब वह दो ताबीज लेकर आई—एक गर्दन में और एक कमर में बांधने के लिए। इसके बाद से ही बेटे का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। उन्होंने मीडिया से कहा, “अब यह साफ हो गया है कि हमारा बेटा किसी तंत्र-मंत्र के जाल में फंस गया है। वह महिला ही उसे बहका कर ले गई है। समाज में हमारी बहुत बदनामी हो गई है। इसलिए अब हम उसे घर नहीं लाएंगे और उसे संपत्ति से भी बेदखल किया जाएगा।” महिला के पति ने तोड़ी चुप्पी इस प्रेम-कांड में महिला के पति ने भी अब चुप्पी तोड़ी है। मिडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि रात करीब 10 बजे उन्होंने अपने होने वाले दामाद को कॉल किया था। पहले तो उसने बात टालनी चाही, लेकिन जब शक गहराया तो उसने धमकी देते हुए कहा, “तुमने 19 साल की शादी में अपनी पत्नी को बहुत परेशान किया है। अब उसे भूल जाओ, नहीं तो तुम्हारा घर वीरान कर दूंगा।” महिला के पति ने यह भी बताया कि उसी ने जिद करके अपने दामाद को मोबाइल दिलवाया था। जबकि वह अपनी होने वाली पत्नी से सिर्फ चंद मिनट बात करता था, लेकिन महिला से दिन भर बातें करता था। यह रिश्ता कब emotional affair बन गया, उन्हें अंदाज़ा नहीं हुआ। दोनों परिवारों ने तोड़ा रिश्ता अब इस लव स्टोरी का अंजाम यह है कि दोनों ही परिवारों ने महिला और युवक से रिश्ता खत्म कर दिया है। युवती व उसके पिता ने महिला को अपनाने से इनकार कर दिया है, वहीं युवक के परिवार ने भी साफ कह दिया है कि अब वह उनके लिए मरा हुआ है। अब दोनों परिवारों की सिर्फ एक ही मांग है—पुलिस जल्द से जल्द उन्हें ढूंढ़कर सामने लाए और जो जेवर-नकदी वे ले गए हैं, वह वापस करा दे। Aligarh की ये unconventional love story हर रोज़ नए मोड़ ले रही है—वशीकरण, भागना, धमकी, सामाजिक बदनामी और पारिवारिक टूटन सब कुछ इसमें है। पुलिस अपनी जांच में जुटी हुई है, लेकिन फिलहाल यह मामला और भी रहस्यमय होता जा रहा है। Desh Harpal इस अजीब प्रेम कहानी पर नज़र बनाए हुए है। आगे के अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए।
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मेहुल चोकसी

मेहुल चोकसी बेल्जियम में गिरफ्तार: PNB घोटाले का भगोड़ा आखिरकार पकड़ा गया

₹13,000 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोपी था चोकसी, भारत लाने की तैयारी तेज बेल्जियम में पकड़ा गया मेहुल चोकसी PNB घोटाले के आरोपी और देश से फरार कारोबारी मेहुल चोकसी को आखिरकार बेल्जियम में गिरफ्तार कर लिया गया है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार के प्रत्यर्पण अनुरोध के बाद बेल्जियम पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। चोकसी इलाज के लिए बेल्जियम पहुंचा था, लेकिन एजेंसियों को शक था कि वह वहां से स्विट्ज़रलैंड भागने की कोशिश कर रहा है। CBI और ED की नजरें शुरू से थीं चोकसी परजैसे ही भारतीय एजेंसियों को जानकारी मिली कि चोकसी बेल्जियम में है, वे तुरंत एक्टिव हो गईं। CBI और ED ने तुरंत जरूरी दस्तावेज और गिरफ्तारी से जुड़े कागज़ात बेल्जियम प्रशासन को भेजे। बेल्जियम की एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए चोकसी को हिरासत में ले लिया। भारत लाने की प्रक्रिया अंतिम चरण मेंचोकसी की गिरफ्तारी के बाद अब उसे भारत लाने की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। भारत पहले ही औपचारिक रूप से उसके प्रत्यर्पण की मांग कर चुका था। अब उम्मीद जताई जा रही है कि वह जल्द भारत की जेल में होगा। 2018 में भागा था एंटीगुआ, अब छिपाई भारतीय नागरिकताचोकसी ने 2017 में एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी और 2018 में अपने परिवार समेत भारत से फरार हो गया था। गिरफ्तारी के वक्त उसने अपनी भारतीय और एंटीगुआ की नागरिकता छिपाने की कोशिश की, लेकिन अब सच्चाई सामने आ गई है। इससे पहले वह डोमिनिका में भी गिरफ्तार हो चुका है, लेकिन 51 दिन जेल में रहने के बाद ब्रिटेन की क्वीन की प्रिवी काउंसिल से उसे राहत मिल गई थी। क्या है PNB घोटाला?चोकसी की कंपनी ‘गीतांजलि जेम्स लिमिटेड’ पर आरोप है कि उसने अपने भांजे नीरव मोदी के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) को करीब ₹13,500 करोड़ का नुकसान पहुंचाया। 2014 से 2017 के बीच PNB के कुछ अधिकारियों की मदद से LOU (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) और फॉरेन लेटर ऑफ क्रेडिट के जरिए घोटाला किया गया। अकेले चोकसी पर ₹6,098 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। अब उम्मीद है इंसाफ कीचोकसी की गिरफ्तारी से भारत को बड़ी कामयाबी मिली है। सरकार और एजेंसियां अब पूरी कोशिश कर रही हैं कि उसे जल्द से जल्द भारत लाया जाए और घोटाले के लिए सज़ा दिलाई जाए। 👉 DeshHarpal इस बड़ी खबर पर नज़र बनाए हुए है। आगे की अपडेट्स के लिए जुड़े रहें!
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B. R. Ambedkar का धर्म परिवर्तन: इस्लाम भी था विकल्प, लेकिन क्यों चुना बौद्ध धर्म?

B. R. Ambedkar का धर्म परिवर्तन: इस्लाम भी था विकल्प, लेकिन क्यों चुना बौद्ध धर्म?

हिंदू पैदा हुए, लेकिन हिंदू नहीं रहना चाहते थे अंबेडकर – जानिए उनके दिल की बात डॉ. भीमराव अंबेडकर, जिनका नाम आज भी सामाजिक न्याय की लड़ाई का प्रतीक है, उन्होंने अपने जीवन में एक ऐतिहासिक फैसला लिया था—धर्म परिवर्तन का। यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत निर्णय नहीं था, बल्कि करोड़ों दलितों के जीवन और सोच को बदलने वाला कदम था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अंबेडकर ने पहले इस्लाम अपनाने का भी विचार किया था? जी हां, उन्होंने इस्लाम और ईसाई धर्म पर भी गंभीरता से विचार किया था, पर आखिरकार उन्होंने बौद्ध धर्म को ही क्यों चुना, यह जानना बेहद ज़रूरी है। अंबेडकर का दर्द: “मैं हिंदू के रूप में पैदा हुआ, लेकिन हिंदू के रूप में मरूंगा नहीं”अंबेडकर ने कई बार कहा था कि छुआछूत और जात-पात की ज़ंजीरों में जकड़े हिंदू धर्म में उनके लिए कोई सम्मान नहीं था। उन्होंने कहा था— “मैं हिंदू के रूप में पैदा जरूर हुआ हूं, लेकिन हिंदू के रूप में मरूंगा नहीं।” यह सिर्फ एक बयान नहीं था, बल्कि एक पूरी जाति के आत्म-सम्मान और समानता की पुकार थी। तो इस्लाम क्यों नहीं अपनाया? अंबेडकर ने इस्लाम को गहराई से समझा। उनके पास पाकिस्तान के नेता मोहम्मद अली जिन्ना और कई मुस्लिम विद्वानों के प्रस्ताव भी आए। इस्लाम में सामाजिक समानता की बात उन्हें आकर्षित भी करती थी। लेकिन अंबेडकर को चिंता थी कि धर्म बदलने से कहीं उनके अनुयायी भारत में ‘अल्पसंख्यक’ बनकर नई मुश्किलों में न फंस जाएं। बौद्ध धर्म ही क्यों? अंबेडकर ने आखिरकार 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया। इसका कारण था— उन्होंने कहा— “बुद्ध का धर्म ही सच्चा मानव धर्म है, जिसमें कोई भेदभाव नहीं।” आज भी प्रासंगिक हैं अंबेडकर के विचार आज जब समाज में फिर से जातिगत भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं, तब अंबेडकर की सोच और उनका फैसला और भी ज़्यादा महत्व रखता है। उन्होंने सिर्फ धर्म नहीं बदला, उन्होंने सोच और पहचान बदलने की प्रेरणा दी। अंबेडकर #धर्मपरिवर्तन #बौद्धधर्म #AmbedkarJayanti #DalitHistory #DeshHarpal
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Vikramotsav 2025

Vikramotsav 2025: लाल किले पर शुरू हुआ तीन दिवसीय महोत्सव, उपराष्ट्रपति ने CM यादव को बताया ‘मनमोहक’

राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक लाल किला इस समय एक खास आयोजन का गवाह बन रहा है – विक्रमोत्सव 2025।यह तीन दिवसीय भव्य आयोजन 12 अप्रैल से 14 अप्रैल तक चलेगा, जिसका उद्देश्य है मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सम्राट विक्रमादित्य के योगदान को राष्ट्रीय मंच पर लाना। पहले दिन का भव्य शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत शनिवार शाम को हुई, जहां उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इसका शुभारंभ किया। उनके साथ मौजूद थे: इसके अलावा मध्यप्रदेश और दिल्ली सरकार के कई मंत्री, भाजपा नेता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य की प्रस्तुति पहले दिन मंचन हुआ ‘सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य’ का, जिसमें उनके जन्म से लेकर सम्राट बनने तक की कहानी को भव्य रूप में पेश किया गया। यह नाट्य सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि हमारे गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का जरिया है।उपराष्ट्रपति धनखड़ का भावुक संबोधन अपने भाषण में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा: “मेरा मन प्रफुल्लित है, भारत एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। जब भारत तेजी से विकसित हो रहा है, तो हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ना और भी जरूरी हो गया है।” उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस आयोजन को “मनमोहक” बना दिया। आगे क्या है? 13 और 14 अप्रैल को भी लाल किले पर यह महानाट्य जारी रहेगा।प्रस्तुतियां हर दिन शाम को होंगी, जिसमें सम्राट विक्रमादित्य के विक्रम संवत, राजनीतिक योगदान और धार्मिक दृष्टिकोण को दर्शाया जाएगा।क्यों खास है Vikramotsav? आज के युवा को अपने अतीत से जोड़ने का प्रयास है। यह आयोजन राष्ट्रीय गौरव, इतिहास और परंपरा को जोड़ने की कोशिश है। दिल्ली जैसे राष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश की लोक संस्कृति को जगह मिल रही है।
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Waqf Bill Protest Photos Update; West Bengal Muslim Murshidabad | Mamata Banerjee TMC BJP

West Bengal Muslim Murshidabad :मुर्शिदाबाद हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के आदेश – अब तक 3 की मौत, 118 गिरफ्तार

कोलकाता/मुर्शिदाबाद | देश हरपल न्यूज़पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में लगातार भड़क रही सांप्रदायिक हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को हिंसाग्रस्त इलाकों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती का आदेश दिया है। यह आदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया गया है। गौरतलब है कि वक्फ कानून के विरोध में राज्य में 10 अप्रैल से हिंसा की चिंगारी भड़की थी, जो अब तक थमी नहीं है। शनिवार को एक बार फिर जिले के शमशेरगंज ब्लॉक के धुलियान इलाके में हिंसा भड़क उठी। इस बार मामला और भी भयावह रहा, जब एक हिंसक भीड़ ने हरगोविंद दास और उनके बेटे चंदन दास की पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी। बताया गया कि दोनों मूर्तिकार थे और हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाते थे। इस हमले में एक अन्य व्यक्ति को भी गोली लगी है, जो गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, 11 अप्रैल को भी धुलियान में हिंसा हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ था। शनिवार को इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस तरह अब तक मुर्शिदाबाद हिंसा में कुल तीन लोगों की जान जा चुकी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने हिंसाग्रस्त इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। राज्य सरकार की ओर से ADG (लॉ एंड ऑर्डर) जावेद शमीम ने कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि आज की घटना की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने गोली नहीं चलाई, हालांकि BSF की ओर से गोली चलने की आशंका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घायल व्यक्ति अब खतरे से बाहर है। इस पूरे मामले में अब तक 118 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार, केंद्र सरकार से अपेक्षा की जा रही है कि वह जल्द ही अर्धसैनिक बलों की तैनाती सुनिश्चित करे ताकि स्थिति पर काबू पाया जा सके और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य में लगातार हो रही हिंसा से जनमानस में भय का माहौल है। विपक्ष जहां राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था में विफलता का आरोप लगा रहा है, वहीं प्रशासन का कहना है कि हालात पर काबू पाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। देश हरपल आपके लिए लाएगा हर अपडेट – राष्ट्रहित और सच्चाई के साथ।
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Vishwas Sarang

Vishwas Sarang को बहनों का बेशुमार प्यार, Narela Rakshabandhan Mahotsav में बना नया उत्साह

नरेला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे Rakshabandhan Mahotsav 2026 में रविवार को भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। वार्ड नंबर 36, 37 और 70 में आयोजित कार्यक्रम के पांचवें दिन 24 हजार 604 बहनों ने मंत्री Vishwas Sarang को रक्षासूत्र बांधा। बहनों ने राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और आशीर्वाद जताया। कार्यक्रम में पहुंचते ही मंत्री विश्वास सारंग का स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों और DJ की गूंज के बीच उन्हें बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। मंच पर पहुंचने के बाद सारंग ने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बहनों के प्यार को बताया अपनी ताकत रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में पहुंचीं बहनों से उन्होंने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। चौथे दिन भी उमड़ा था बहनों का सैलाब नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रम में पहुंची थीं। उस दिन 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। आयोजकों के अनुसार, पिछले साल के महोत्सव में कुल 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस बार भी लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए पिछले साल का आंकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है। 7 सितंबर को इन दो वार्डों में होगा आयोजन नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का अगला चरण 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दिन दो वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बहनों के शामिल होने की उम्मीद है। महोत्सव के जरिए रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक जुड़ाव और भाईचारे के भाव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। नरेला क्षेत्र में लगातार कई दिनों से चल रहे इस आयोजन में बहनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। पांचवें दिन 24,604 रक्षासूत्र बांधे जाने के साथ महोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM House

CM House March पर Police का पहरा, Hamidia में Intern Doctors से धक्का-मुक्की

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। डॉक्टरों को आगे जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर Water Cannon भी तैयार रखा गया। CM House की तरफ मार्च करना चाहते थे डॉक्टर इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। डॉक्टरों का समूह हमीदिया अस्पताल से आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की Barricading के बाद डॉक्टरों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने के लिए समझाती रही। चारों तरफ से रास्ते किए गए बंद प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हमीदिया के आसपास कई रास्तों को बंद कर दिया। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। Water Cannon की मौजूदगी से साफ था कि प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में था। हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर जारी रहा। मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं Intern Doctors प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। CM House तक मार्च के जरिए उनका उद्देश्य सीधे सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोक दिया है। हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टरों की मांगों और सरकार की ओर से संभावित बातचीत को लेकर है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और इंटर्न डॉक्टरों के बीच क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sagar

Sagar में जहरीली शराब का कहर: 19 मौत, 112 मरीज भर्ती; Liquor Network पर पुलिस का शिकंजा

मध्य प्रदेश के सागर (Sagar) जिले में जहरीली शराब ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। अब तक 19 लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि 112 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। मृतकों में पिता-पुत्र के शामिल होने की जानकारी ने इस घटना को और दर्दनाक बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अधिकारियों की नजर अब उस पूरे नेटवर्क पर है, जिसके जरिए कथित तौर पर मिलावटी या जहरीली शराब लोगों तक पहुंची। शराब पीने के बाद बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कई लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। अस्पतालों में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को भेजकर लोगों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कितने लोगों ने संदिग्ध शराब का सेवन किया था। 112 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जहरीली शराब की आशंका के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार चिंता बढ़ा रही है। 112 लोगों के इलाज की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि संदिग्ध शराब पीने वाले किसी व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस हादसे में पिता-पुत्र की मौत की खबर ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि शराब की एक बोतल इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। अब लोगों में अवैध और संदिग्ध शराब की बिक्री को लेकर डर भी है और गुस्सा भी। 30 नामजद आरोपियों पर FIR, 10 गिरफ्तार पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें लाइसेंसी शराब कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच में जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। लाइसेंसी ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के घेरे में मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के नाम सामने आने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि यदि शराब की बिक्री वैध दुकानों से हुई थी, तो उसमें मिलावट कैसे पहुंची। अधिकारियों की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि शराब के स्रोत से लेकर इसकी बिक्री तक पूरी चेन का पता लगाया जाए। जहरीली शराब की सप्लाई का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस को शक है कि इस मामले के पीछे सिर्फ कुछ स्थानीय लोगों का हाथ नहीं, बल्कि शराब की सप्लाई से जुड़ा बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। जांच एजेंसियां शराब की बोतल, लेबल और सप्लाई चैन से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। प्रशासन की नजर अब हर कड़ी पर सागर की इस घटना ने अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी प्रभावित लोगों की निगरानी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार अपनों को खोने के दर्द में हैं और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जहरीली शराब की असली सप्लाई कहां से हुई और इस पूरे मामले में किसकी कितनी भूमिका थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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