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WhatsApp

WhatsApp Privacy Update: Mobile Number रहेगा Secret, सिर्फ Username से होगी बातचीत

दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp पर जल्द ही एक ऐसा फीचर आने वाला है, जिसका इंतजार लाखों यूजर्स लंबे समय से कर रहे थे। अब किसी नए व्यक्ति से बातचीत शुरू करने के लिए अपना मोबाइल नंबर साझा करना जरूरी नहीं होगा। इसके बजाय यूजर्स केवल Username के जरिए भी चैट कर सकेंगे। यह बदलाव खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आएगा जो अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखना चाहते हैं। चाहे ऑनलाइन बिजनेस हो, प्रोफेशनल नेटवर्किंग हो या किसी नए व्यक्ति से संपर्क करना हो, अब नंबर शेयर किए बिना भी बातचीत संभव होगी। क्या है WhatsApp Username Feature? नए अपडेट के तहत हर यूजर अपने अकाउंट के लिए एक यूनिक Username बना सकेगा। इसके बाद कोई भी व्यक्ति उस Username को सर्च करके या उसके जरिए संपर्क कर सकेगा। ऐसे में मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी। यह फीचर काफी हद तक उन प्लेटफॉर्म्स की तरह काम करेगा, जहां यूजरनेम के आधार पर लोगों को खोजा और उनसे बातचीत की जाती है। Privacy और Security होगी पहले से ज्यादा मजबूत आज के समय में ऑनलाइन फ्रॉड, स्पैम कॉल और अनचाहे मैसेज बड़ी समस्या बन चुके हैं। ऐसे में WhatsApp का यह नया फीचर यूजर्स की प्राइवेसी को मजबूत करेगा। अब किसी नए व्यक्ति या बिजनेस क्लाइंट से जुड़ने के लिए मोबाइल नंबर देने की मजबूरी नहीं होगी। इससे व्यक्तिगत नंबर सुरक्षित रहेगा और अनजान लोगों तक आपकी निजी जानकारी नहीं पहुंचेगी। Username बनाने के लिए होंगे ये नियम WhatsApp ने Username तैयार करने के लिए कुछ गाइडलाइंस भी तय की हैं। अगर चुना गया Username उपलब्ध होगा, तो WhatsApp स्क्रीन पर एक विशेष Confetti Animation दिखाकर इसकी पुष्टि करेगा। Username बदलने पर क्या होगा? यदि कोई यूजर भविष्य में अपना Username बदलता है, तो जिन लोगों के साथ उसकी पहले से चैट चल रही होगी, उन्हें इस बदलाव की जानकारी नोटिफिकेशन के जरिए दिखाई जाएगी। इससे फर्जी पहचान या भ्रम की स्थिति बनने की संभावना कम रहेगी। कब मिलेगा नया फीचर? फिलहाल WhatsApp इस फीचर की टेस्टिंग कर रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इसे आने वाले अपडेट्स में Android और iPhone दोनों प्लेटफॉर्म पर चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा। शुरुआत में यह फीचर सीमित यूजर्स को मिलेगा और बाद में सभी के लिए उपलब्ध होगा। यूजर्स को क्या होगा सबसे बड़ा फायदा? इस अपडेट के बाद WhatsApp केवल मैसेजिंग ऐप नहीं रहेगा, बल्कि प्राइवेसी के मामले में भी एक कदम आगे बढ़ जाएगा। खासकर कंटेंट क्रिएटर्स, फ्रीलांसर, ऑनलाइन सेलर्स और प्रोफेशनल्स अपने मोबाइल नंबर को सार्वजनिक किए बिना लोगों से आसानी से जुड़ सकेंगे।
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Bihar : एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की आज तेरहवीं

Bihar : एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की आज तेरहवीं

Bihar में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की आज तेरहवीं का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। परिवार की ओर से करीब 25 हजार लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। परिजनों के मुताबिक, तेरहवीं में आसपास के कई गांवों के लोग भी शामिल होंगे। कार्यक्रम की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही थीं। बड़ी मात्रा में भोजन बनाया जा रहा है और आयोजन स्थल पर सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। इस बीच भरत तिवारी की मां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें मौजूदा सरकार पर भरोसा नहीं है। उनका आरोप है कि उनके बेटे के मामले में उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि परिवार अब भी इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर पहले से ही कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। परिवार लगातार इस कार्रवाई पर सवाल उठाता रहा है। वहीं, तेरहवीं के आयोजन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। परिवार का कहना है कि यह केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का जुटान है जो भरत तिवारी को जानते थे और उन्हें श्रद्धांजलि देना चाहते हैं। फिलहाल, पूरे इलाके की नजर इस कार्यक्रम पर बनी हुई है। प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Mandir चोरी मामला: Ayodhya पहुंचे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नजरबंद

Ram Mandir चोरी मामला: Ayodhya पहुंचे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नजरबंद

Ram Mandir में हुई चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर विरोध जताने के लिए अयोध्या पहुंचे उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। अजय राय ने पहले ही राम मंदिर ट्रस्ट कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया था। अजय राय के अयोध्या पहुंचते ही पुलिस और प्रशासन ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद उन्हें नजरबंद कर दिया गया, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई। इस बीच अजय राय की पत्नी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति की सुरक्षा को खतरा है और सरकार उन्हें निशाना बना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि राम मंदिर में हुई चोरी बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी का आरोप है कि प्रशासन इस पूरे मामले में पारदर्शिता नहीं बरत रहा है। वहीं, पुलिस और प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया। राम मंदिर चोरी के मामले को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी लगातार बढ़ रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस मामले की जांच और आगे की कार्रवाई किस दिशा में जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Moharram

Moharram Incident: पत्नी के जाने का बदला लेने के लिए फैयाज ने बांटी Poison Pills

एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना में सामने आया है कि पत्नी के छोड़कर चले जाने से टूटे एक शख्स ने कथित तौर पर बदले की राह पकड़ ली। मामला मोहर्रम (Moharram) के दिन का बताया जा रहा है, जब आरोपी ने लोगों के बीच जहरीली बताई जा रही गोलियां बांट दीं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आरोपी फैयाज पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और घरेलू परेशानियों से गुजर रहा था। पत्नी के जाने के बाद वह काफी अकेला और परेशान रहने लगा था, जिसका असर उसके व्यवहार पर भी दिखने लगा। मोहर्रम के दिन कैसे बिगड़े हालात? मोहर्रम के मौके पर जब लोग धार्मिक गतिविधियों और भीड़भाड़ में शामिल थे, उसी दौरान यह घटना हुई। आरोप है कि फैयाज ने लोगों को संदिग्ध गोलियां दीं, जिन्हें लेकर तुरंत चिंता फैल गई। कुछ लोगों को शक होने पर मामला तुरंत प्रशासन तक पहुंचा, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी हिरासत में सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी। जिन लोगों ने गोलियां ली थीं, उन्हें मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है ताकि किसी भी तरह के खतरे को समय रहते रोका जा सके। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में मामला व्यक्तिगत तनाव और भावनात्मक टूटन से जुड़ा माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है। इलाके में डर और सवाल इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर और असमंजस का माहौल है। लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि निजी दर्द इतना खतरनाक कैसे बन गया कि उसने कई लोगों की जान को खतरे में डाल दिया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आएगी और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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EV Policy

दिल्ली EV Policy 2026: CM रेखा गुप्ता का ऐलान, 1 July से बदल जाएगा पूरा Transport System

दिल्ली सरकार ने राजधानी के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि नई Delhi EV Policy 2026 को 1 जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा। इस फैसले के बाद राजधानी Delhi में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने की प्रक्रिया और तेज हो जाएगी। इस नीति का मुख्य फोकस प्रदूषण कम करना, पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाना और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को आम लोगों तक पहुंचाना है। EV Policy 2026 में क्या होंगे बड़े बदलाव? नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत सरकार कई अहम बदलाव करने जा रही है, जिनका सीधा असर आम जनता और वाहन बाजार दोनों पर पड़ेगा: सरकार का फोकस: Clean & Green Delhi सरकार का लक्ष्य सिर्फ EV बढ़ाना नहीं, बल्कि दिल्ली को एक “ग्रीन मोबिलिटी हब” बनाना है। इस नीति के जरिए: आम लोगों को क्या फायदा मिलेगा? नई EV नीति से दिल्ली के लोगों को कई सीधे फायदे मिल सकते हैं: क्यों खास है Delhi EV Policy 2026? दिल्ली लंबे समय से प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है। ऐसे में यह नीति न सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट बदलाव है, बल्कि एक पर्यावरण सुधार अभियान भी है। अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है तो आने वाले वर्षों में दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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हुमायूं

Bengal Political हुमायूं कबीर-शुभेंदु अधिकारी एक साथ, बिल समर्थन से मचा सियासी बवाल

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है, जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक हुमायूं कबीर ने विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ सार्वजनिक मंच साझा करते हुए एक महत्वपूर्ण विधेयक का समर्थन करने का ऐलान कर दिया। इस कदम के बाद राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा हो गई है और राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। जनहित को बताया प्राथमिकता, पार्टी लाइन से ऊपर उठकर लिया फैसला हुमायूं कबीर ने अपने बयान में साफ कहा कि अगर कोई बिल जनता के हित में है, तो उसे पार्टी लाइन से ऊपर उठकर समर्थन देना चाहिए। उनके मुताबिक, जनहित सबसे पहले होना चाहिए और राजनीतिक मतभेदों को विकास और समाजहित के कामों में बाधा नहीं बनना चाहिए। शुभेंदु अधिकारी ने किया समर्थन का स्वागत वहीं, शुभेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जब मुद्दा जनता से जुड़ा हो, तो सभी नेताओं को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इस कदम को सकारात्मक राजनीति की दिशा में एक अहम पहल बताया। विपक्ष और राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगने लगी हैं। विपक्ष का कहना है कि यह कदम सत्ताधारी दल के भीतर बढ़ती असहमति की ओर इशारा कर सकता है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हुमायूं कबीर ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका यह समर्थन किसी राजनीतिक गठबंधन का संकेत नहीं है, बल्कि यह सिर्फ उस विशेष बिल के पक्ष में लिया गया निर्णय है, जिसे वह जनहित में मानते हैं। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर फैसले लेने चाहिए। आगे क्या होगा? फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले समय में इस बिल की प्रक्रिया क्या मोड़ लेती है और क्या यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति में किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बनता है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BJP

Uddhav Thackeray vs BJP: ‘बाबर जनता पार्टी’ बयान से गरमाई सियासत, 6 Rebel MPs पर उठाए सवाल

महाराष्ट्र की राजनीति में रविवार को उस समय नया विवाद खड़ा हो गया, जब शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘बाबर जनता पार्टी’ कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता का विस्तार करने के लिए विपक्षी दलों के नेताओं को अपने साथ जोड़ रही है। इसके साथ ही उन्होंने शिवसेना छोड़कर भाजपा में शामिल हुए 6 बागी सांसदों की सदस्यता रद्द करने की भी मांग की। उद्धव ठाकरे ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप एक जनसभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र की भावना के विपरीत काम कर रही है। उनके अनुसार, दूसरी पार्टियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपने पक्ष में लाकर राजनीतिक लाभ लेना स्वस्थ लोकतंत्र के लिए सही संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन सांसदों को जनता ने एक पार्टी के नाम पर चुना था, वे बाद में निजी हितों और राजनीतिक फायदे के लिए दूसरी पार्टी में चले गए। ऐसे नेताओं को जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात नहीं करना चाहिए। ‘बाबर जनता पार्टी’ टिप्पणी पर क्यों मचा बवाल? अपने भाषण के दौरान उद्धव ठाकरे ने भाजपा की कार्यशैली की तुलना ऐतिहासिक आक्रमणों से करते हुए उसे ‘बाबर जनता पार्टी’ कहा। उनका कहना था कि भाजपा दूसरे दलों को कमजोर कर अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इस बयान के सामने आते ही महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई। राजनीतिक गलियारों में इसे आगामी चुनावों से पहले बढ़ती सियासी तल्खी के रूप में देखा जा रहा है। 6 बागी सांसदों पर कार्रवाई की मांग उद्धव ठाकरे ने कहा कि दल-बदल कर दूसरी पार्टी में शामिल होने वाले सांसदों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि शिवसेना छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले 6 सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए। उनका कहना था कि यदि जनता किसी उम्मीदवार को एक राजनीतिक दल के नाम पर चुनती है, तो बाद में पार्टी बदलना मतदाताओं के भरोसे को कमजोर करता है। चुनाव से पहले तेज हुई सियासी बयानबाजी महाराष्ट्र में आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम और चुनावी माहौल को देखते हुए नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज हो रहा है। उद्धव ठाकरे के इस बयान के बाद भाजपा की ओर से भी जवाब आने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में प्रमुख चर्चा का विषय बना रह सकता है। क्या कहता है दल-बदल कानून? भारत में दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) का उद्देश्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों द्वारा बार-बार पार्टी बदलने की प्रवृत्ति को रोकना है। हालांकि किसी सांसद या विधायक की सदस्यता समाप्त करने का अंतिम निर्णय संवैधानिक प्रक्रिया के तहत संबंधित प्राधिकरण द्वारा लिया जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सेशेल्स

PM Modi सेशेल्स Visit: UPI, Defence और AI समेत 19 समझौतों पर लगी मुहर, ₹1250 करोड़ की सहायता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा भारत और हिंद महासागर क्षेत्र की कूटनीति के लिए एक अहम पड़ाव साबित हुई। इस दौरे में भारत और सेशेल्स के बीच 19 महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों में सबसे अधिक चर्चा सेशेल्स में UPI (Unified Payments Interface) शुरू करने, ₹1250 करोड़ की Line of Credit, रक्षा सहयोग, स्वास्थ्य, शिक्षा, समुद्री सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर रही। विशेषज्ञों का मानना है कि इन फैसलों से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे, साथ ही भारतीय पर्यटकों, कारोबारियों और निवेशकों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। अब सेशेल्स में भी कर सकेंगे UPI से पेमेंट भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI अब तेजी से दुनिया के कई देशों तक पहुंच रही है। इसी कड़ी में सेशेल्स भी शामिल हो गया है। भारत की NPCI International और Central Bank of Seychelles के बीच हुए समझौते के बाद सेशेल्स में UPI आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू की जाएगी। इसके बाद भारतीय पर्यटक और व्यापारी बिना नकद या अंतरराष्ट्रीय कार्ड के QR Code स्कैन कर सीधे भुगतान कर सकेंगे। हालांकि UPI सेवा कब से शुरू होगी, इसकी आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। सेशेल्स को भारत देगा ₹1250 करोड़ की आर्थिक सहायता भारत ने सेशेल्स के विकास कार्यों को गति देने के लिए ₹1250 करोड़ (Line of Credit) देने की घोषणा की है। इस राशि का उपयोग सड़क, स्वास्थ्य, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में किया जाएगा। इससे दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को नई मजबूती मिलेगी। इन 19 समझौतों में क्या-क्या शामिल है? भारत और सेशेल्स के बीच हुए समझौते कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हैं, जिनमें शामिल हैं— इन समझौतों का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना और दोनों देशों के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। AI और Cyber Security में भी भारत करेगा सहयोग सेशेल्स ने भारत से Artificial Intelligence (AI) और Cyber Security के क्षेत्र में सहयोग की मांग की है। इसके अलावा देश में आधुनिक साइबर सुरक्षा केंद्र स्थापित करने, डिजिटल तकनीक विकसित करने और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने को लेकर भी दोनों देशों के बीच सकारात्मक चर्चा हुई। भारतीय पर्यटकों और कारोबारियों को होगा सीधा फायदा सेशेल्स भारतीय पर्यटकों के पसंदीदा पर्यटन स्थलों में से एक है। UPI लागू होने के बाद भारतीय यात्रियों को विदेशी मुद्रा बदलवाने या हर जगह अंतरराष्ट्रीय कार्ड का इस्तेमाल करने की जरूरत काफी कम हो जाएगी। वहीं व्यापारिक लेन-देन आसान होने से दोनों देशों के बीच निवेश और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक स्थिति होगी और मजबूत भारत लंबे समय से हिंद महासागर क्षेत्र में अपने मित्र देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत कर रहा है। सेशेल्स के साथ हुए ये समझौते केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री निगरानी, आपदा प्रबंधन और तकनीकी विकास में भी दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा देंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Weather Update: 22 राज्यों में Monsoon की एंट्री, Assam और West Bengal में भारी बारिश का अलर्ट

देश में मानसून (Monsoon) धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल इसकी चाल कुछ धीमी हो गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तक 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहुंच चुका है। हालांकि अगले कुछ दिनों तक इसके सामान्य गति से आगे बढ़ने की संभावना कम बताई गई है। इसके बावजूद कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। वहीं कुछ इलाकों में तेज बारिश के कारण प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। Assam, Meghalaya और West Bengal में Heavy Rain Alert मौसम विभाग ने असम, मेघालय और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों का जलस्तर बढ़ने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है। 6 राज्यों में जारी है Pre-Monsoon Rain मानसून पूरी तरह सक्रिय होने से पहले देश के छह राज्यों में प्री-मानसून बारिश जारी है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लंबे समय से गर्मी झेल रहे लोगों को राहत मिली है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह गतिविधियां मानसून को आगे बढ़ने में मदद करेंगी। किसानों के लिए राहत की खबर बारिश शुरू होने के साथ ही कई राज्यों में खरीफ फसलों की बुवाई का काम तेज हो गया है। किसान धान, मक्का और सोयाबीन जैसी फसलों की तैयारी में जुट गए हैं। हालांकि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है, वहां किसानों को खेतों में जलभराव से बचाव के इंतजाम करने की सलाह दी गई है, ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे। इन राज्यों में बरतनी होगी अतिरिक्त सावधानी भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और भूस्खलन जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने की भी अपील की गई है। IMD की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से कहा है कि वे मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। बारिश के दौरान नदी-नालों के पास जाने से बचें और जरूरत पड़ने पर ही यात्रा करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ketan Murder Case

Ketan Murder Case: सिया के इशारे पर चेतन ने दिया धक्का? Police Investigation में बड़ा खुलासा

महाराष्ट्र के चर्चित Ketan Murder Case में पुलिस जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। हाल ही में जांच टीम आरोपियों को लेकर लोहगढ़ किला (Lohagad Fort) पहुंची, जहां पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन रीक्रिएट किया गया। पुलिस का दावा है कि अब तक जुटाए गए सबूत और घटनास्थल पर हुई पड़ताल से कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जो इस हाई-प्रोफाइल मामले की गुत्थी सुलझाने में मदद कर सकते हैं। लोहगढ़ किले पर दोबारा दोहराया गया पूरा घटनाक्रम जांच को मजबूत करने के लिए पुलिस ने घटनास्थल पर डमी की मदद से उस दिन की पूरी घटना को दोबारा दोहराया। अधिकारियों ने यह समझने की कोशिश की कि केतन किस जगह खड़ा था, धक्का किस दिशा से दिया गया और गिरने के दौरान क्या-क्या हुआ। पुलिस का मानना है कि इस रीक्रिएशन से फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी सबूतों का मिलान करना आसान होगा। पुलिस का दावा- सिया के इशारे पर चेतन ने दिया धक्का जांच अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कथित तौर पर सिया ने संकेत दिया, जिसके बाद चेतन ने केतन को पीछे से धक्का दिया। पुलिस का दावा है कि गिरते समय केतन ने खुद को बचाने की कोशिश की और सिया को पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाया, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन निष्कर्षों की अंतिम पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। शक से बचने के लिए वहीं बैठ गई थी सिया! पुलिस जांच में यह भी दावा किया गया है कि घटना के तुरंत बाद सिया घटनास्थल पर ही बैठ गई। जांच एजेंसियों का मानना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि आसपास मौजूद लोगों को यह लगे कि वह भी घटना से सदमे में है और उस पर किसी तरह का संदेह न जाए। इसी बिंदु को लेकर पुलिस अब गवाहों के बयान और घटनास्थल पर मौजूद अन्य साक्ष्यों का भी मिलान कर रही है। डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की भी हो रही है जांच इस मामले में पुलिस केवल आरोपियों के बयानों पर निर्भर नहीं है। जांच टीम मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा, फॉरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए भौतिक साक्ष्यों की भी विस्तार से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तकनीकी और वैज्ञानिक रिपोर्ट मिलने के बाद चार्जशीट को अंतिम रूप दिया जाएगा। अभी जांच जारी, अदालत का फैसला होगा अंतिम फिलहाल पुलिस की ओर से सामने आए सभी दावे जांच का हिस्सा हैं। मामले की सुनवाई अदालत में होगी और अंतिम फैसला न्यायालय उपलब्ध सबूतों और गवाहों के आधार पर सुनाएगा। ऐसे में किसी भी आरोपी को दोषी या निर्दोष मानने का अधिकार केवल अदालत के पास है। यह मामला पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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