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Ayodhya Ram Mandir: VIP Darshan Pass System में बड़ा बदलाव, महंत दिनेंद्र दास को मिली अहम जिम्मेदारी

Ram Mandir में VIP दर्शन (VIP Darshan) को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की VIP दर्शन पास जारी करने वाली डिजिटल आईडी निष्क्रिय कर दी है। अब यह जिम्मेदारी ट्रस्ट के वरिष्ठ संत महंत दिनेंद्र दास को सौंपी गई है। ट्रस्ट का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य दर्शन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाना है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब ट्रस्ट से जुड़े कुछ मामलों की जांच जारी है और मंदिर प्रशासन में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए जा रहे हैं। क्यों बदली गई VIP Darshan Pass की व्यवस्था? पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर ट्रस्ट चर्चा में बना हुआ है। मंदिर के प्रशासन, दान प्रबंधन और VIP दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने के बाद ट्रस्ट ने व्यवस्था की समीक्षा की। इसके बाद फैसला लिया गया कि अब VIP पास जारी करने की प्रक्रिया को पहले से अधिक नियंत्रित और पारदर्शी बनाया जाएगा। इसी के तहत चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की डिजिटल आईडी बंद कर दी गईं। इन्हीं आईडी के जरिए अब तक विशिष्ट और सुगम दर्शन के लिए VIP पास जारी किए जाते थे। अब किसके पास होगी VIP Pass जारी करने की जिम्मेदारी? नई व्यवस्था के अनुसार, महंत दिनेंद्र दास अब VIP दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभालेंगे। विशेष परिस्थितियों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उनकी अनुशंसा पर पास जारी किए जाएंगे। ट्रस्ट का मानना है कि इससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और किसी भी तरह के दुरुपयोग की संभावना कम होगी। ट्रस्ट में क्यों हो रहे हैं लगातार बदलाव? VIP पास व्यवस्था में बदलाव केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं है। हाल ही में ट्रस्ट के भीतर कई बड़े बदलाव हुए हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद छोड़ दिए हैं और ट्रस्ट अब प्रशासनिक ढांचे को नए सिरे से मजबूत करने में जुटा है। सूत्रों के अनुसार, भविष्य में मंदिर प्रशासन को अधिक पेशेवर तरीके से संचालित करने के लिए Chief Executive Officer (CEO) नियुक्त करने की तैयारी भी की जा रही है। इससे वित्तीय प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और प्रशासनिक कामकाज को और बेहतर बनाया जा सकेगा। जांच के बीच ट्रस्ट का बड़ा संदेश ट्रस्ट का कहना है कि मौजूदा बदलाव किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए किए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां अपने स्तर पर काम कर रही हैं और ट्रस्ट पूरी तरह सहयोग कर रहा है। इस बीच, राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, जिस पर सुनवाई प्रस्तावित है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और अहम घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। श्रद्धालुओं के लिए क्या बदलेगा? राम मंदिर आने वाले आम श्रद्धालुओं को घबराने की जरूरत नहीं है। सामान्य दर्शन व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। बदलाव केवल VIP दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया में किया गया है। ट्रस्ट का उद्देश्य है कि VIP पास केवल वास्तविक आवश्यकता वाले लोगों को ही मिले और पूरी व्यवस्था पारदर्शी तरीके से संचालित हो। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन लगातार नई सुविधाएं और बेहतर प्रबंधन की दिशा में काम कर रहा है।
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BJP

Delhi MCD Update: BJP में शामिल होगी IVP, 16 पार्षदों के फैसले से AAP को बड़ा झटका

दिल्ली की सियासत में शुक्रवार का दिन बड़ा राजनीतिक संदेश देने वाला साबित हो सकता है। आम आदमी पार्टी (AAP) से अलग होकर बनी इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हिस्सा बनने जा रही है। पार्टी के सभी 16 पार्षद भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस फैसले को सिर्फ एक राजनीतिक विलय नहीं, बल्कि दिल्ली नगर निगम (MCD) की सत्ता और भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम आने वाले नगर निगम चुनावों से पहले भाजपा की स्थिति को और मजबूत कर सकता है, जबकि AAP के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है। AAP से अलग होकर बनी थी IVP दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी के बीच वरिष्ठ नेता मुकेश गोयल समेत 16 पार्षदों ने अलग रास्ता चुना था। इसके बाद इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) का गठन हुआ। नई पार्टी बनने के बाद से ही कई अहम मौकों पर IVP ने भाजपा का समर्थन किया, जिससे दोनों दलों के बीच नजदीकियां लगातार बढ़ती रहीं। अब कई दौर की बातचीत के बाद IVP का भाजपा में विलय लगभग तय हो चुका है। इसके साथ ही पार्टी का अलग राजनीतिक अस्तित्व भी समाप्त हो जाएगा। BJP को कैसे मिलेगा राजनीतिक फायदा? 16 पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद दिल्ली नगर निगम में पार्टी की संख्या और मजबूत होगी। इससे भाजपा को निगम की विभिन्न समितियों, प्रशासनिक फैसलों और संगठनात्मक गतिविधियों में अधिक प्रभाव मिल सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह सिर्फ संख्या बढ़ाने की कवायद नहीं है, बल्कि भाजपा भविष्य की चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए अपने संगठन का विस्तार कर रही है। इससे MCD में पार्टी की पकड़ पहले के मुकाबले और मजबूत होने की संभावना है। क्या AAP के लिए बढ़ेंगी मुश्किलें? IVP का गठन ही AAP के भीतर असंतोष के कारण हुआ था। अब उसी पार्टी का भाजपा में विलय होना आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। पिछले कुछ समय में AAP को कई नेताओं और पार्षदों के पार्टी छोड़ने का सामना करना पड़ा है। ऐसे में 16 पार्षदों का भाजपा के साथ जाना विपक्षी दल के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तर पर चुनौती बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर आने वाले MCD चुनावों और निगम के भीतर होने वाले अहम फैसलों पर भी दिखाई दे सकता है। समझौते के पीछे क्या है रणनीति? सूत्रों के मुताबिक भाजपा और IVP नेतृत्व के बीच पिछले कुछ दिनों से लगातार बातचीत चल रही थी। बताया जा रहा है कि विलय से पहले कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। इसमें IVP के नेताओं को संगठन में उचित जिम्मेदारी देने और भविष्य के नगर निगम चुनावों में मौजूदा पार्षदों को प्राथमिकता देने जैसे बिंदु शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। MCD की राजनीति में बदल सकते हैं समीकरण दिल्ली नगर निगम में पिछले कुछ वर्षों से भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच सीधी राजनीतिक टक्कर देखने को मिलती रही है। ऐसे में IVP का भाजपा में विलय निगम के शक्ति संतुलन को बदल सकता है। भाजपा को जहां संगठनात्मक मजबूती मिलेगी, वहीं AAP को अपनी राजनीतिक रणनीति पर नए सिरे से काम करना पड़ सकता है। आने वाले दिनों में निगम की स्थायी समितियों, वार्ड समितियों और अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। आज होगा औपचारिक विलय जानकारी के अनुसार, भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान IVP के सभी 16 पार्षद औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इसके बाद दिल्ली नगर निगम में भाजपा की स्थिति पहले से अधिक मजबूत मानी जा रही है। राजनीतिक गलियारों में अब नजर इस बात पर रहेगी कि AAP इस झटके का जवाब किस रणनीति से देती है और भाजपा इस नए राजनीतिक समीकरण को आने वाले चुनावों में किस तरह भुनाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Monsoon देशभर में बारिश का दौर, Ghaziabad में कार गड्ढे में गिरी; Uttarakhand में मकान ढहा

देशभर में बारिश का इंतजार अब खत्म हो चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे भारत को कवर कर लिया है। यह किसानों के लिए राहत भरी खबर है, लेकिन कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश अब लोगों की परेशानी का कारण भी बन रही है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सड़क धंसने से एक कार और बाइक गहरे गड्ढे में जा गिरीं, जबकि उत्तराखंड के उत्तरकाशी और टिहरी में भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। IMD ने दी मानसून की आधिकारिक पुष्टि भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के सभी हिस्सों तक पहुंच चुका है। सामान्य समय से पहले पूरे देश में मानसून की एंट्री को कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। अच्छी बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने और जलाशयों में पानी बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, जहां बारिश खेती के लिए वरदान साबित हो सकती है, वहीं कई शहरों और पहाड़ी इलाकों में यह आफत का रूप भी ले रही है। Ghaziabad में सड़क धंसने से मचा हड़कंप उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में लगातार बारिश के बीच एक व्यस्त सड़क अचानक धंस गई। सड़क धंसते ही वहां मौजूद एक कार और एक बाइक गहरे गड्ढे में समा गईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और आसपास का यातायात कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस, नगर निगम और राहत दल मौके पर पहुंचे। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी कमजोर होने से यह घटना हुई। Uttarakhand में बारिश बनी बड़ी चुनौती उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर सबसे ज्यादा पहाड़ी जिलों में देखने को मिल रहा है। उत्तरकाशी और टिहरी में कई स्थानों पर लैंडस्लाइड हुई, जिससे सड़कें बंद हो गईं और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। उत्तरकाशी में पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया। कई इलाकों में मशीनों की मदद से मलबा हटाकर रास्ते खोलने का काम जारी है। कई राज्यों में Heavy Rain Alert IMD ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील भारी बारिश को देखते हुए विभिन्न राज्यों के प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से परहेज करने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों पर ध्यान देने की अपील की है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं। किसानों के लिए राहत, शहरों के लिए चुनौती मानसून का पूरे देश में पहुंचना कृषि क्षेत्र के लिए अच्छी खबर है। इससे खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी और जल संकट से जूझ रहे कई क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर, लगातार हो रही तेज बारिश ने कई शहरों में जलभराव, सड़क धंसने और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं पैदा कर दी हैं। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, होर्मुज स्ट्रेट में दखल पर ‘करारा जवाब’ देने की बात; क्षेत्र में बढ़ा तनाव

तेहरान। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में किसी तरह का हस्तक्षेप किया गया तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, IRGC का कहना है कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे तो होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य स्थिति बहाल होना मुश्किल होगा, जिसका असर वैश्विक व्यापार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। वहीं ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि अमेरिका ने उत्तरी ईरान में चीन और रूस से जुड़े एक रणनीतिक रेलवे पुल पर क्रूज मिसाइल से हमला किया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिका का दावा- 170 से अधिक सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, पिछले दो दिनों में ईरान के 170 से अधिक सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और मिसाइल भंडार, सैन्य स्पीड बोट तथा होर्मुज स्ट्रेट के आसपास मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट वैश्विक बाजार की बढ़ी चिंता होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। फिलहाल अमेरिका और ईरान के दावों तथा सैन्य गतिविधियों पर दुनिया की नजर बनी हुई है। अधिक जानकारी देश-दुनिया और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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Covid-19

Covid-19 Case in Andhra Pradesh: 4 दिन इलाज के बाद मरीज की मौत, 5 Active Cases ने बढ़ाई चिंता

आंध्र प्रदेश में एक बार फिर कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में 46 वर्षीय एक व्यक्ति की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए चार दिनों तक लगातार इलाज किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका। इसी बीच राज्य के दो जिलों से कोरोना के पांच एक्टिव केस सामने आए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। चार दिन तक चला इलाज, आखिर नहीं बच सकी जान स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संक्रमित व्यक्ति को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में उसके कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद डॉक्टरों की टीम लगातार उसका इलाज करती रही। चार दिनों तक चले उपचार के बावजूद मरीज की हालत लगातार गंभीर बनी रही और अंततः उसकी मौत हो गई। अधिकारियों का कहना है कि मरीज की मेडिकल हिस्ट्री की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि संक्रमण के अलावा कोई अन्य गंभीर बीमारी भी उसकी स्थिति पर असर डाल रही थी या नहीं। संक्रमण फैलने से रोकने के लिए कंटेनमेंट जोन में रखा गया कोरोना की पुष्टि होने के बाद मरीज को निर्धारित कंटेनमेंट व्यवस्था के तहत अलग रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग ने उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान शुरू कर दी है। सभी संभावित संपर्कों की जांच और स्वास्थ्य निगरानी की जा रही है ताकि संक्रमण आगे न फैल सके। दो जिलों में 5 Active Cases, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मरीज की मौत के साथ ही राज्य के दो जिलों में कोविड-19 के पांच सक्रिय मामले भी दर्ज किए गए हैं। सभी संक्रमितों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और उनकी नियमित निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन किसी भी नई स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से सतर्क रहने की अपील स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को बुखार, खांसी, गले में दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जरूरत पड़ने पर कोविड जांच कराएं। विशेष रूप से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने, हाथों की सफाई रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता का पालन करने की भी सलाह दी गई है। फिलहाल घबराने की नहीं, सावधानी बरतने की जरूरत विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय घबराने की बजाय सतर्क रहना ज्यादा जरूरी है। कोरोना के मामले अभी सीमित संख्या में हैं, लेकिन समय रहते सावधानी बरतने से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाने की तैयारी में है।
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TMC

TMC Bank Account Case: हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, फ्रीज खातों से खर्च की मिली अनुमति

तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बैंक अकाउंट फ्रीज मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने पार्टी को फ्रीज किए गए बैंक खातों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं। कोर्ट के इस फैसले के बाद TMC अपने संगठन से जुड़े जरूरी खर्चों को पूरा कर सकेगी। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि बैंक खातों का इस्तेमाल पूरी तरह से नियमों और निगरानी के तहत किया जाएगा। खातों से होने वाले हर लेनदेन पर नजर रखी जाएगी, ताकि वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे। TMC को मिली बड़ी राहत, लेकिन रहेगी निगरानी कलकत्ता हाई कोर्ट ने TMC के फ्रीज बैंक अकाउंट्स को सीमित तरीके से दोबारा ऑपरेट करने की अनुमति दी है। अदालत ने साफ किया कि पार्टी इन खातों का इस्तेमाल रोजमर्रा के जरूरी खर्चों और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए कर सकती है। हालांकि, कोर्ट ने इस प्रक्रिया को नियंत्रित रखने के लिए निगरानी व्यवस्था भी तय की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बैंक खातों से होने वाले सभी लेनदेन नियमों के अनुसार हों। क्या है पूरा Bank Account Freeze Case? दरअसल, TMC के कुछ बैंक खातों को जांच और शिकायतों के आधार पर फ्रीज किया गया था। इसके बाद पार्टी ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था। TMC की ओर से दलील दी गई कि बैंक खाते फ्रीज होने से पार्टी के नियमित कामकाज और जरूरी खर्च प्रभावित हो रहे हैं। पार्टी ने अदालत से खातों के संचालन की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने कार्रवाई पर उठाए थे सवाल सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल पूछे थे। अदालत ने जांच एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई के आधार और प्रक्रिया की जानकारी मांगी थी। इसके बाद कोर्ट ने संतुलित फैसला देते हुए TMC को राहत दी, लेकिन साथ ही निगरानी की शर्त भी लागू कर दी। West Bengal Politics में फिर बढ़ी हलचल TMC के बैंक खातों से जुड़ा यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी चर्चा का विषय रहा है। पार्टी ने जहां इसे अपने कामकाज में बाधा बताया, वहीं विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। TMC को राहत जरूर मिली है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी जारी रहेगी। TMC के लिए क्यों अहम है यह फैसला? बैंक खातों के इस्तेमाल की अनुमति मिलने से पार्टी को अपने रोजमर्रा के खर्च, प्रशासनिक काम और संगठनात्मक गतिविधियों को चलाने में मदद मिलेगी। हालांकि, कोर्ट की शर्तों के कारण वित्तीय लेनदेन पर पूरी नजर बनी रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi Speech in Melbourne: Indian Community की तारीफ, बोले- विदेशों में भारतीय बना रहे भारत की पहचान

मेलबर्न में PM Modi का संबोधन भारतीय समुदाय के लिए एक यादगार पल बन गया। करीब 30 हजार भारतीयों की मौजूदगी में पीएम मोदी ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी मेहनत, प्रतिभा और संस्कारों से न सिर्फ भारत का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के रिश्तों को भी नई मजबूती दे रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। लोगों ने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और देश के प्रति अपने जुड़ाव को प्रदर्शित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। Indian Diaspora की भूमिका को पीएम मोदी ने सराहा पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बसे भारतीय भारत की पहचान को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाला भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक मजबूत कड़ी की तरह काम कर रहा है। उन्होंने भारतीयों की मेहनत और उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां अपनी मेहनत और ईमानदारी से विश्वास पैदा करते हैं। India-Australia Relations में भारतीयों का बड़ा योगदान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा, तकनीक, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इन रिश्तों को मजबूत बनाने में भारतीय समुदाय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय दोनों देशों की संस्कृति और अवसरों को जोड़ने का काम कर रहे हैं। Melbourne में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग पहुंचे। माहौल में भारत की संस्कृति और देशभक्ति की झलक देखने को मिली। लोगों ने भारतीय संगीत, परंपराओं और उत्साह के साथ पीएम मोदी का स्वागत किया। 30 हजार भारतीयों की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को खास बना दिया। कई लोगों ने इसे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक बताया। पीएम मोदी का संदेश- भारतीयों की मेहनत है देश की पहचान पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय समुदाय दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी उपलब्धियों से भारत की सकारात्मक छवि को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीयों की वजह से भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं और आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे। मेलबर्न में हुआ यह कार्यक्रम सिर्फ एक राजनीतिक संबोधन नहीं, बल्कि भारत और भारतीय समुदाय के बीच मजबूत भावनात्मक जुड़ाव का भी उदाहरण बना। 30 हजार भारतीयों की भागीदारी ने दिखाया कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले भारतीय आज भी अपनी जड़ों और भारत की प्रगति से जुड़े हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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H-1B Visa

US H-1B Visa Investigation: Cognizant पर US की जांच, क्या Indian IT Professionals की बढ़ेगी चिंता?

अमेरिका में H-1B Visa को लेकर एक बड़ी जांच शुरू होने के बाद भारतीय आईटी सेक्टर में हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी श्रम विभाग (US Department of Labor) ने H-1B और PERM Visa से जुड़े संभावित फ्रॉड और श्रम कानूनों के उल्लंघन की जांच शुरू की है। इस जांच के दायरे में आईटी दिग्गज Cognizant समेत कई कंपनियां आई हैं। हालांकि, फिलहाल किसी भी कंपनी को दोषी नहीं ठहराया गया है। जांच अभी शुरुआती चरण में है और अधिकारी सभी जरूरी दस्तावेजों व भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहे हैं। इसके बावजूद अमेरिका में नौकरी कर रहे भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और H-1B वीजा के लिए आवेदन करने वाले युवाओं के मन में कई सवाल उठने लगे हैं। क्या है पूरा मामला? अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं कुछ कंपनियां H-1B और PERM Visa Program का गलत इस्तेमाल तो नहीं कर रहीं। जांच में यह देखा जा रहा है कि विदेशी कर्मचारियों की भर्ती के दौरान अमेरिकी श्रम कानूनों का पालन किया गया या नहीं, कर्मचारियों को तय वेतन मिला या नहीं और कहीं अमेरिकी नागरिकों की जगह कम लागत पर विदेशी कर्मचारियों को प्राथमिकता तो नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि इस मामले में कई कंपनियों को समन (Subpoena) भेजे गए हैं और भर्ती से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। Cognizant का नाम क्यों आया सामने? भारतीय मूल की वैश्विक आईटी कंपनी Cognizant का नाम भी जांच में शामिल कंपनियों की सूची में है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अभी तक कंपनी के खिलाफ किसी तरह की अनियमितता साबित नहीं हुई है। जांच का उद्देश्य केवल तथ्यों की पुष्टि करना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी कंपनियों ने अमेरिकी नियमों का पालन किया है। Indian IT Professionals पर क्या पड़ सकता है असर? H-1B Visa Approval में हो सकती है देरी यदि अमेरिकी एजेंसियां जांच के दौरान वीजा प्रक्रिया को और सख्त करती हैं, तो नए H-1B आवेदनों की जांच पहले से अधिक विस्तार से हो सकती है। इससे वीजा मंजूरी में अतिरिक्त समय लग सकता है। कंपनियों की Hiring Policy बदल सकती है भविष्य में आईटी कंपनियां वीजा नियमों को देखते हुए अमेरिका में स्थानीय कर्मचारियों की भर्ती बढ़ा सकती हैं। इससे विदेशी कर्मचारियों के लिए अवसरों की रणनीति बदल सकती है। वैध H-1B Holders को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं जो भारतीय प्रोफेशनल्स पहले से वैध H-1B Visa पर अमेरिका में काम कर रहे हैं और जिनके सभी दस्तावेज नियमों के अनुरूप हैं, उन्हें फिलहाल चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। केवल जांच शुरू होने से किसी कर्मचारी का वीजा प्रभावित नहीं होता। Compliance पर रहेगा ज्यादा फोकस अब कंपनियों को भर्ती प्रक्रिया, वेतन भुगतान और इमिग्रेशन नियमों का पालन पहले से अधिक सख्ती से करना पड़ सकता है। इससे पूरी H-1B प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनने की संभावना है। क्या H-1B Visa पर पड़ेगा बड़ा असर? फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि अमेरिका H-1B Visa Program को बंद करने जा रहा है। यह कार्रवाई केवल कथित धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए की जा रही है। हालांकि, यदि जांच में बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आती हैं, तो भविष्य में H-1B और PERM Visa से जुड़े नियम और सख्त किए जा सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Australia

PM Modi Australia Visit: Trade, Defence और Energy Sector में भारत-ऑस्ट्रेलिया ने किए बड़े समझौते

India और Australia के रिश्ते एक नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ता भरोसा अब केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों तक पहुंच गया है। ऑस्ट्रेलिया में PM Modi और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज (Anthony Albanese) की मुलाकात के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसलों पर सहमति बनी, जिन्हें दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। ऊर्जा सुरक्षा और Clean Energy पर बढ़ेगा सहयोग बैठक में सबसे ज्यादा जोर ऊर्जा सुरक्षा पर दिया गया। भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने यूरेनियम और क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई को लेकर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। इसके साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर एनर्जी और अन्य स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में मिलकर काम करने पर भी सहमति बनी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को गति मिलेगी और भविष्य में ऊर्जा के नए विकल्प विकसित करने में मदद मिलेगी। Trade और Investment को मिलेगा नया Boost भारत और ऑस्ट्रेलिया ने आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने का फैसला किया है। दोनों नेताओं ने व्यापार बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर में निवेश के लिए आमंत्रित किया। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने भी भारतीय कंपनियों के लिए अपने बाजार में नए अवसर उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। Defence Partnership होगी और मजबूत बदलते वैश्विक हालात के बीच दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देने पर सहमति जताई। समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया गया। दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और स्वतंत्र समुद्री मार्ग दोनों देशों की साझा प्राथमिकता हैं। Technology, Education और Innovation पर भी फोकस बैठक में शिक्षा, रिसर्च, डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों का मानना है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था तकनीक और नवाचार पर आधारित होगी, इसलिए इस क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत बनाया जाएगा। भारतीय समुदाय की अहम भूमिका ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की भूमिका की भी दोनों नेताओं ने सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच मजबूत पुल बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत और योगदान ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई पहचान दी है। भारतीय समुदाय ने भी प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों की गहराई साफ दिखाई दी। PM Modi का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत और ऑस्ट्रेलिया केवल अच्छे मित्र नहीं, बल्कि भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के इस दौर में दोनों देशों का साथ लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय स्थिरता को नई मजबूती देगा। वहीं प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भी भारत को ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख साझेदार बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों का सहयोग और व्यापक होगा। क्यों खास है यह मुलाकात? यह बैठक ऐसे समय हुई है जब दुनिया ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक सप्लाई चेन, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता जैसे बड़े मुद्दों से जूझ रही है। ऐसे में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इन समझौतों को तय समय पर लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और व्यापक रूप में सामने आएंगे।
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मेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर सौरभ की हत्या करने का आरोप साबित होने के बाद यह फैसला सुनाया गया। सजा सुनाते हुए जज ने वारदात को नृशंस हत्याकांड बताया और कहा कि इसमें माफी स्वीकार नहीं होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए मुस्कान और साहिल सजा सुनाए जाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। इस दौरान दोनों रोने लगे। जज ने मुस्कान से पूछा कि पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद वह क्या सजा चाहती है। इस पर मुस्कान ने कहा, “मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए।” इसके बाद वह खामोश हो गई। वहीं, साहिल से भी यही सवाल पूछा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। सजा के ऐलान के बाद रो पड़ीं सौरभ की मां अदालत के फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां भावुक हो गईं और रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया। इस मामले में सजा का ऐलान सौरभ के परिवार के लिए लंबे इंतजार के बाद आया है। 3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भर दिया गया था। इस वारदात ने पूरे देश में व्यापक चर्चा बटोरी थी। अदालत ने मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

इंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR

शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट का सौदा करने के बाद ब्रोकर और प्लॉट मालिक ने फरियादी से 7 लाख 80 हजार रुपये ले लिए, लेकिन न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया। शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। 9.30 लाख में तय हुआ था प्लॉट का सौदा पुलिस के मुताबिक, नंदबाग कॉलोनी निवासी विजय चौहान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने नंदबाग में एक प्लॉट का सौदा 9 लाख 30 हजार रुपये में तय किया था। इस संबंध में एग्रीमेंट भी किया गया था। फरियादी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और रजिस्ट्री भी नहीं कराई गई। ब्रोकर ने परिचित बताकर कराया था सौदा विजय चौहान के अनुसार, धर्मेंद्र ठाकुर ने उन्हें बताया था कि नंदकिशोर मनावत उसका परिचित है और वह अपना प्लॉट बेचना चाहता है। इसके बाद धर्मेंद्र ने सौदे में ब्रोकर की भूमिका निभाई और इसके बदले 10 हजार रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्री कराने और प्लॉट का कब्जा देने की मांग की, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। 25 से ज्यादा केस होने की धमकी देने का आरोप फरियादी ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री और कब्जे के लिए दबाव बनाने पर धर्मेंद्र ठाकुर ने धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, उसने कहा कि उसके खिलाफ 25 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। साथ ही, उसके या नंदकिशोर मनावत के पास दोबारा आने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। 2.80 लाख रुपये लौटाए, 5 लाख बाकी होने का दावा विजय चौहान के मुताबिक, पुलिस में शिकायत करने की बात कहने के बाद नंदकिशोर मनावत ने 2 लाख 50 हजार रुपये नकद और 30 हजार रुपये ऑनलाइन वापस किए। हालांकि, फरियादी का आरोप है कि बाकी 5 लाख रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विजय चौहान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप

नई दिल्ली। SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी और छात्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रा ने कान पर चोट लगने का लगाया आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई। प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान कथित ज्यादती और मारपीट से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर हिरासत का आरोप एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। यह आरोप भी प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया है। राहुल गांधी ने सबूत सुरक्षित रखने को कहा राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका

क्रिकेट न्यूज। वेस्टइंडीज को बांग्लादेश के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के बल्लेबाज शाई होप और तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ सीरीज से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। CWI के मुताबिक, मेडिकल जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद अल्जारी जोसेफ को सीरीज से हटाने का फैसला लिया गया। बोर्ड उनके कार्यभार को नियंत्रित कर चोट के जोखिम को कम करना चाहता है। वहीं, तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलने के बाद शाई होप को आराम दिया गया है। चोट के खतरे को देखते हुए जोसेफ को आराम क्रिकेट वेस्टइंडीज ने बताया कि अल्जारी जोसेफ को टीम से बाहर रखने का फैसला उनकी सहमति से लिया गया है। बोर्ड के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों को लंबे स्पेल में लगातार गेंदबाजी करनी पड़ती है। इससे छोटे फॉर्मेट की तुलना में कार्यभार और चोट का जोखिम बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जोसेफ के वर्कलोड को कम करने का फैसला किया गया है, ताकि उनके स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखा जा सके। शाई होप को भी दिया गया आराम CWI ने कहा कि शाई होप तीनों फॉर्मेट में लगातार खेल रहे थे। ऐसे में उनके कार्यभार और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें टेस्ट सीरीज से आराम दिया गया है। बोर्ड का यह फैसला फरवरी 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स को ध्यान में रखकर भी लिया गया है। टीम प्रबंधन चाहता है कि खिलाड़ी आगामी महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए फिट रहें। केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में मौका शाई होप की गैरमौजूदगी में 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। अब देखना होगा कि बांग्लादेश की घरेलू परिस्थितियों में वेस्टइंडीज की टीम नए संयोजन के साथ कैसा प्रदर्शन करती है। कोच डैरेन सैमी ने सीरीज जीत को बताया अहम वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने कहा कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र की शुरुआत में टीम ने कुछ लक्ष्य तय किए थे। इनमें टेस्ट रैंकिंग के ऊपरी आधे हिस्से में जगह बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज जीतने से टीम अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकती है। सैमी के मुताबिक, बांग्लादेश को उसकी घरेलू परिस्थितियों में हराना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन टीम इसके लिए तैयार है। 28 अक्टूबर से शुरू होगा पहला टेस्ट बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला टेस्ट 28 अक्टूबर से ढाका में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 5 नवंबर से सिलहट में खेला जाएगा।

IMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने साल 2026 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। वैश्विक तनाव, आर्थिक सुस्ती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का ध्यान खींचा है। मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन को भारत की तेज विकास दर की प्रमुख वजह माना गया है। IMF ने अक्टूबर 2026 की अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में भारत की विकास संभावनाओं को सकारात्मक बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा आयात पर निर्भर कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं जहां दबाव का सामना कर रही हैं, वहीं भारत की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है। 2027 में भी 7% ग्रोथ का अनुमान IMF ने 2026 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान में जुलाई के मुकाबले 0.6 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की है। वहीं, 2027 के लिए भी विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2027 का अनुमान जुलाई के मुकाबले 0.3 प्रतिशत अंक और अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी भारत में विकास की संभावनाओं को लेकर उम्मीद बनी हुई है। IMF से पहले विश्व बैंक और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत की विकास दर के अनुमान में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। चीन की सुस्ती के बीच भारत पर नजर रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी गतिविधियों में तेजी ने भी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित किया है। भारत और चीन एशिया की आर्थिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं, हालांकि दोनों देशों की विकास संभावनाओं में अंतर दिखाई दे रहा है। IMF के अनुमान के अनुसार, चीन की विकास दर 2026 में 4.5% और 2027 में 4% रह सकती है। वैश्विक तनाव और ऊर्जा की ऊंची कीमतों को चीन की आर्थिक वृद्धि के सामने चुनौतियों में शामिल किया गया है। दुनिया की आर्थिक विकास दर पर दबाव IMF के मुताबिक, 2028 से 2031 के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था औसतन 3.2% की दर से बढ़ सकती है। यह 2000 से 2019 के बीच महामारी से पहले दर्ज औसत 3.7% की विकास दर से कम है। रिपोर्ट में वैश्विक तनाव, ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और ऊर्जा आयात पर निर्भर उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाले दबाव को आर्थिक विकास के लिए चुनौती बताया गया है। ऐसे माहौल में भारत की अनुमानित विकास दर अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई देती है। मजबूत घरेलू मांग और जनसांख्यिकी से मिल रहा सहारा भारत की आर्थिक मजबूती के पीछे बढ़ता घरेलू बाजार, मजबूत मांग, अनुकूल जनसांख्यिकी और सुधारों को अहम कारक माना गया है। सर्विसेज सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन भी विकास दर को सहारा दे रहा है। हालांकि, बेहतर अनुमान के बावजूद चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक मांग में कमजोरी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

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