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3 जिलों के अपर कलेक्टर समेत 15 आईएएस जाएंगे मसूरी:उज्जैन, अशोकनगर, कटनी कलेक्टर रहे नीरज, सुभाष व दीपक मिड भोपाल के लिए चयनित

भोपाल। मध्यप्रदेश के 15 वरिष्ठ IAS अधिकारियों को मिड कैरियर ट्रेनिंग के लिए मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी भेजा जा रहा है। यह प्रशिक्षण 12 मई से 6 जून 2025 तक आयोजित किया जाएगा। इसमें उज्जैन, अशोकनगर और कटनी के पूर्व कलेक्टरों सहित इंदौर, जबलपुर और सतना के अपर कलेक्टर भी शामिल हैं। राज्य शासन ने सभी चयनित अधिकारियों को प्रशिक्षण के लिए स्वीकृति दे दी है। यह ट्रेनिंग उन अफसरों के लिए अनिवार्य है जिन्होंने अब तक मिड कैरियर ट्रेनिंग नहीं की है और जिनकी सेवानिवृत्ति में एक वर्ष से अधिक का समय बचा है। इस बार 2012 से 2017 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के 15 IAS अधिकारियों को इस ट्रेनिंग के लिए चुना गया है। राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी ने हाल ही में ऐसे 53 अधिकारियों की सूची जारी की थी, जिन्हें अब तक यह प्रशिक्षण नहीं मिल पाया था। अब इन्हें चरणबद्ध तरीके से ट्रेनिंग में शामिल किया जा रहा है। ये अधिकारी जाएंगे मसूरी ट्रेनिंग में: प्रशिक्षण का उद्देश् ( https://deshharpal.com/ ) लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन अकादमी 2007 से मिड कैरियर ट्रेनिंग आयोजित कर रही है, जिसका उद्देश्य अधिकारियों की मैनेजमेंट स्किल्स, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक दक्षता को और मजबूत करना है।
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राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम टीआईटी कॉलेज पहुंची:भोपाल के लव जिहाद मामले में हो रही पूछताछ, छात्राओं की सुरक्षा का लिया जायजा

भोपाल में कॉलेज छात्राओं के साथ हुए रेप, ब्लैकमेलिंग और कथित लव जिहाद के गंभीर मामले की जांच तेज हो गई है। राष्ट्रीय महिला आयोग की तीन सदस्यीय टीम सोमवार को रायसेन रोड स्थित टीआईटी कॉलेज पहुंची, जहां उन्होंने कॉलेज प्रशासन, संबंधित अधिकारियों और पीड़िताओं को पढ़ाने वाले शिक्षकों से लंबी पूछताछ की। टीम ने कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की भी बारीकी से जांच की। यह जानने की कोशिश की गई कि क्या पीड़ित छात्राओं ने घटना से पहले कॉलेज प्रबंधन या किसी अन्य अधिकारी को कोई शिकायत दी थी। मौके पर विशेष जांच टीम (SIT) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जो इस मामले में दर्ज हुई एफआईआर के आधार पर जांच कर रहे हैं। महिला आयोग की टीम ने कॉलेज स्टाफ और संबंधित विभाग प्रमुखों से अलग-अलग बातचीत कर आवश्यक जानकारी जुटाई। होटल रेडिसन में महिला आयोग और पुलिस के बीच विशेष बैठक सूत्रों के अनुसार, सोमवार को होटल रेडिसन में महिला आयोग की टीम और भोपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक हुई, जिसमें केस की वर्तमान स्थिति और आगे की कार्रवाई पर चर्चा हुई। इससे पहले शनिवार को टीम बाग सेवनिया थाने भी पहुंची थी, जहां केस की शुरुआती रिपोर्ट दर्ज हुई थी। रविवार को टीम ने पुलिस अधिकारियों से केस की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी थी। पीड़िताओं को न्याय और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने स्पष्ट किया है कि वह केवल जांच की निगरानी नहीं कर रही, बल्कि सभी पक्षों को आवश्यक सुझाव भी दे रही है ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। आयोग ने भरोसा दिलाया कि पीड़ित छात्राओं को पूर्ण न्याय मिलेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जमीनी जांच के लिए गठित की गई विशेष समिति https://deshharpal.com/ इस हाई-प्रोफाइल केस की गहराई से जांच के लिए महिला आयोग ने एक विशेष समिति बनाई है, जिसमें झारखंड की पूर्व डीजीपी निर्मल कौर, हाईकोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता निर्मला नायक समेत अन्य सदस्य शामिल हैं। यह समिति भोपाल पहुंचकर जमीनी सच्चाई का आकलन कर रही है।
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Breaking: Fire Breaks Out at Ujjain Mahakal Temple Complex, Panic in Premises

Breaking News: उज्जैन के महाकाल मंदिर(Mahakal Temple) के बाहर लगी भीषण आग 

Breaking: Fire Breaks Out at Ujjain Mahakal Temple Complex, Panic in Premises उज्जैन। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर परिसर में आज सुबह भीषण आग लग गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, यह आग शंख द्वार के पास स्थित एक कार्यालय में लगी बैटरियों से फैली, जिसका कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी विकराल थी कि दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार देखा गया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु घबरा गए और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के मुताबिक सोमवार को 12 बजे महाकाल मंदिर स्थित फैसिलिटी सेंटर के ऊपर बने प्रदूषण बोर्ड के कंट्रोल रूम में अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग की लपटें फैल गई. आग लगते ही यहां हड़कंप मच गया. इसकी सूचना तपरंत ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को दी गई. टीम मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास कर रही है. आग और धुएं के गुबार की की भयंकर लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही है. मौके पर दमकल की कई गाड़ियां तैनात कर दी गई हैं और आग बुझाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। राहत और बचाव दल सक्रिय हो गया है और आसपास के क्षेत्र को खाली करवाया जा रहा है। फिलहाल इस आगजनी में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है, लेकिन मंदिर परिसर में हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। यह मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और हर दिन हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में इस तरह की घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं। 👉 इस हादसे से जुड़ा वीडियो और अपडेट देखने के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।
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पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को गृहमंत्री विजय शर्मा का कॉल:पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को गृहमंत्री विजय शर्मा का कॉल

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू से हुई नक्सल मुद्दे पर बातचीत को अपने सोशल मीडिया पर साझा किया है। उन्होंने बताया कि साहू समेत कांग्रेस के कुछ नेताओं ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जिसके लिए उन्होंने खुद फोन कर आभार जताया। शर्मा ने लिखा – “हम सब चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो। जो भी इस मुहिम में साथ देगा, उसका सम्मान किया जाएगा।” फोन पर हुई बातचीत में धनेंद्र साहू ने भी सरकार की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा – “जब पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हो रही है, तो विपक्ष में रहकर भी विरोध करना सही नहीं होगा। जो सच है, उसे बोलना चाहिए।” बस्तर में विकास और सम्मान की दोहरी योजना उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बातचीत में बताया कि बस्तर में नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए विशेष सर्वे कराकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर दिए जा रहे हैं। साथ ही ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पुंडम’ जैसे आयोजनों के जरिए स्थानीय युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा, बस्तर में शहीद जवानों और नागरिकों की याद में “बलिदानी स्मारक” बनाए जा रहे हैं। अब तक 500 से ज्यादा स्मारकों की योजना है, जिन पर संगमरमर की प्रतिमा लगाई जाएगी। हर स्मारक पर लगभग 3 लाख रुपये खर्च होंगे। धनेंद्र साहू ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा – “यह उन शहीदों को सच्चा सम्मान है जिन्होंने राज्य की सुरक्षा के लिए जान दी। सरकार का ये कदम सराहनीय है।” झीरम सिर्फ एक पार्टी नहीं, पूरे राज्य का दर्द विजय शर्मा ने बताया कि इस बार वह खुद झीरम घाटी जाएंगे, जहां नेताओं की शहादत हुई थी, और वहां पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इस पर साहू ने कहा – “झीरम जैसी घटनाएं किसी एक पार्टी की नहीं, पूरे राज्य की पीड़ा हैं। ऐसे मौकों पर एकजुटता ही सच्ची राजनीति है।” डिप्टी सीएम अरुण साव का तंज – नक्सलियों पर नरमी आज भी बरकरार? इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य के दूसरे डिप्टी सीएम अरुण साव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा – “अगर विपक्ष सरकार के अच्छे कामों का समर्थन करता है, तो यही आदर्श राजनीति है। लेकिन कुछ नेता, जो पांच साल तक नक्सलियों को परोक्ष संरक्षण देते रहे, आज सरकार को फेल बता रहे हैं। इससे साफ है कि उनके मन में अब भी नक्सलियों के लिए नरमी है।” चाहें बस्तर का विकास हो या झीरम की शहादत – नक्सलवाद के खिलाफ एकजुटता की नई तस्वीर उभर रही है।https://deshharpal.com/के साथ – पल-पल की खबर, हरपल।
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छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में फिर आंधी-तूफान:50-60KM/घंटे की रफ्तार से चल रही हवाएं; 6 मई तक ऐसा ही रहेगा मौसम

रायपुर। मई की शुरुआत के साथ ही वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा है। बीते कुछ दिनों से तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने प्रदेश के कई जिलों में कहर बरपाया है। 6 मई तक 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। शनिवार को रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई, वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में ओले गिरे। इस बदलाव से तापमान में 4-5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। किसानों पर दोहरी मार: फसलें चौपट, बिजली सेवा ठप तेज आंधी और ओलों ने रबी फसलों, फल-सब्जियों और खासकर आम के उत्पादन को भारी नुकसान पहुंचाया है। भिलाई में पपीते, केले और चीकू की 500 एकड़ खेती बर्बाद हो गई। धमधा क्षेत्र के धौराभाठा गांव में 500 एकड़ पर ऑर्गेनिक खेती करने वाले किसान राजेश पुनिया ने बताया कि करीब 70-80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बिजली आपूर्ति भी प्रभावित तेज अंधड़ से इलेक्ट्रिक पोल और तार टूटने के कारण रायपुर, भिलाई समेत कई जिलों में बिजली आपूर्ति ठप रही। पावर कंपनी की टीम ने युद्धस्तर पर काम करते हुए शुक्रवार शाम तक 80% व्यवस्था बहाल कर दी थी, जबकि शेष शिकायतों का निपटारा देर रात तक जारी रहा। खेतों से बाजार तक असर बदला मौसम क्यों? मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के ऊपर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है, वहीं हरियाणा से केरल तक ट्रफ लाइन बनने से छत्तीसगढ़ में अचानक मौसम बदला है। आगे क्या? राहत भी, गर्मी भी मौसम विभाग ने बताया कि अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी, जिससे थोड़ी राहत महसूस की जा सकती है। https://deshharpal.com/ पर बने रहें, हम आपको पल-पल की सटीक खबर सबसे पहले देंगे।
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KR लॉ कॉलेज में NSUI का हंगामा:बिलासपुर में एनवल फंक्शन में स्टेज पर चढ़कर दी धमकी, अभद्रता व धमकी देने का भी आरोप

बिलासपुर। कौशलेंद्र राव (KR) लॉ कॉलेज में आयोजित वार्षिकोत्सव और पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान NSUI नेताओं ने जमकर हंगामा मचाया। आरोप है कि नेताओं ने छात्राओं से अभद्रता, मंच से माइक छीनने और कार्यक्रम बंद कराने की धमकी तक दी। डिप्टी सीएम के आने से ठीक पहले हुई इस घटना से माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना को लेकर छात्र-छात्राओं ने एसपी से शिकायत कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप छात्रा नेहा तिवारी और अंजूलता साहू ने बताया कि 28 अप्रैल को कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था। तभी NSUI के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह, लोकेश नायक, शुभम जायसवाल सहित कई पदाधिकारी पहुंचे और मंच पर चढ़कर कार्यक्रम में बाधा डालने लगे। उन्होंने कार्यक्रम प्रस्तुत कर रही छात्राओं से दुर्व्यवहार किया और माइक छीनकर धमकी भी दी। सम्मान न मिलने पर भड़के NSUI पदाधिकारी छात्रों के अनुसार, NSUI नेताओं ने अपना नाम मंच से पुकारे जाने की मांग की थी। उन्होंने एक पर्ची के माध्यम से मंच संचालन कर रहे छात्र-छात्राओं को अपने नामों के साथ अन्य पदाधिकारियों के नाम मंच पर बुलाने को कहा। जब ऐसा नहीं हुआ, तो NSUI जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह ने गुस्से में मंच पर चढ़कर हंगामा शुरू कर दिया। डिप्टी सीएम के आने से पहले ही माहौल बिगड़ा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम अरुण साव के आगमन से ठीक पहले ही NSUI नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। मंच संचालन कर रहे छात्रों से माइक छीनने और मारपीट की धमकी देने की बात सामने आई है। छात्राओं का कहना है कि खराब तबीयत और मौसम के कारण वे तुरंत शिकायत नहीं कर सकीं, लेकिन अब सभी एकजुट होकर न्याय की मांग कर रहे हैं। पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप जानकारी के अनुसार, NSUI जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह पर पहले भी श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, तोरवा के प्रबंधन ने वसूली और स्कूल बंद कराने की धमकी का आरोप लगाया था। उस मामले में भी लिखित शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। https://deshharpal.com/आपके साथ – छात्रों की आवाज़, सच्चाई की पहचान।
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खंडवा में कल 6 सेंटर्स पर NEET-2025 एग्जाम:2400 विद्यार्थी होंगे शामिल, सीएसपी को बनाया प्रभारी; घड़ी पहनकर नहीं दे सकेंगे परीक्षा

खंडवा। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2025 इस बार 4 मई को आयोजित होगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा परीक्षा पिछली बार की तरह ऑफलाइन मोड में ही ली जाएगी। देशभर की तरह खंडवा शहर में भी परीक्षा की तैयारियां जोरों पर हैं। शहर के 6 परीक्षा केंद्रों पर कुल 2400 छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। खंडवा के ये स्कूल बने परीक्षा केंद्र परीक्षा के लिए केंद्रीय विद्यालय, उत्कृष्ट विद्यालय, नेहरू स्कूल, कन्या स्कूल सूरजकुंड, एमएलबी स्कूल और एसएन कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा एक ही शिफ्ट में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी, लेकिन छात्रों को सुबह 11:30 बजे से ही प्रवेश दिया जाएगा। चार स्तर की जांच और बायोमेट्रिक से होगी एंट्री परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हर कमरे में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी लाइव निगरानी NEET मुख्यालय से की जाएगी। छात्रों को चार स्तरों की चेकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद दोपहर 1:30 बजे परीक्षा कक्ष में प्रवेश मिलेगा। पुलिस तैनात, मोबाइल जैमर और सख्त निगरानी परीक्षा के दौरान पुलिस बल और जिला प्रशासन के अधिकारी केंद्रों पर तैनात रहेंगे। किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए मोबाइल जैमर लगाए जाएंगे। सुरक्षा और संचालन की जिम्मेदारी सीएसपी अभिनव बारंगे को सौंपी गई है। घड़ी, कड़ा, क्लचर और बैंड पर रोक विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र लाना अनिवार्य होगा। घड़ी, कड़ा, हेयर क्लचर, बैंड आदि पहनकर आना प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, एडमिट कार्ड पर एक पासपोर्ट साइज और एक पोस्टकार्ड साइज फोटो लगाना अनिवार्य होगा। परीक्षा के बाद छात्रों को अपना प्रवेश पत्र जमा करना होगा। पेन और स्टेशनरी केंद्र पर मिलेगी छात्रों को परीक्षा के दौरान उपयोग में आने वाली पेन और अन्य जरूरी स्टेशनरी परीक्षा केंद्र पर ही उपलब्ध कराई जाएगी।
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आयुर्विज्ञान विवि जबलपुर का दीक्षांत समारोह:डिप्टी सीएम की घोषणा-श्योपुर, सिंगरौली में खुलेंगे मेडिकल कॉलेज

जबलपुर। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार देने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए राज्य के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने शनिवार को घोषणा की कि श्योपुर और सिंगरौली जिलों में जल्द ही नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। यह ऐलान उन्होंने जबलपुर में आयोजित मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह के दौरान किया। इस मौके पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विश्वविद्यालय का नाम बदलकर “महर्षि सुश्रुत आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय” करने की घोषणा भी की। राज्यपाल ने समारोह में 76 मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल भी वितरित किए। एम्स की मांग भी उठी कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद महापौर जगत बहादुर अन्नू ने जबलपुर को एम्स (AIIMS) की सौगात देने की मांग उपमुख्यमंत्री से की। उन्होंने कहा कि “अगर ऐसा होता है तो जबलपुर के लिए यह बहुत बड़ी सौगात होगी।” समारोह में मौजूद रहे राज्य के कई प्रमुख चेहरे यह भव्य कार्यक्रम नेताजी सुभाषचंद्र बोस सांस्कृतिक एवं सूचना केंद्र, घंटाघर के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने की, जबकि मंच पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, कुलपति डॉ. अशोक खंडेलवाल और कुलसचिव पुष्पराज बघेल मौजूद रहे। 32 हजार छात्रों को मिलेगी उपाधि, पार्किंग के लिए शटल और ई-रिक्शा की सुविधा इस दीक्षांत समारोह में 32,000 छात्रों को उपाधियां मान्य की जाएंगी। आगंतुकों की सुविधा के लिए पार्किंग व्यवस्था क्राइस्ट चर्च स्कूल, तैय्यब अली पेट्रोल पंप के पास की गई है, जहाँ से कार्यक्रम स्थल तक शटल और ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।(https://deshharpal.com/)
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फिर 5 हजार करोड़ का कर्ज लेगी मोहन सरकार:एमपी पर पहले से 4.21 लाख करोड़ का कर्ज, 6 मई को दो किश्तों में नया लोन

एक महीने में फिर कर्ज लेने की तैयारी में मोहन सरकार, RBI से लेगी 5,000 करोड़ भोपाल। नया वित्त वर्ष 2024-25 शुरू हुए अभी एक महीना ही बीता है, और मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी में जुट गई है। अप्रैल महीने में भले ही सरकार ने एक भी रुपया कर्ज न लिया हो, लेकिन मई की शुरुआत में ही 5,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज दो किश्तों में उठाया जा रहा है। यह कर्ज भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से लिया जा रहा है, जिसकी प्रक्रिया 6 मई को पूरी होगी और राशि का भुगतान 7 मई को किया जाएगा। 12 और 14 साल की अवधि वाले होंगे दोनों लोन वित्त विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, यह दोनों ऋण लंबे अवधि के होंगे। पहली किश्त 2,500 करोड़ रुपये की है, जिसे 12 साल के लिए लिया जाएगा और यह 7 मई 2037 को चुकाई जाएगी। वहीं दूसरी किश्त भी 2,500 करोड़ की है, लेकिन इसकी अवधि 14 साल होगी और इसे 7 मई 2039 को सरकार को लौटाना होगा। राजस्व अधिशेष का दावा, लेकिन कर्ज पर भरोसा सरकार का दावा है कि बीते वित्त वर्ष 2023-24 में राज्य को 12,487.78 करोड़ रुपये का राजस्व अधिशेष मिला था। उस समय कुल आय 2,34,026.05 करोड़ रुपये और व्यय 2,21,538.27 करोड़ रुपये रहा। चालू वित्त वर्ष 2024-25 में संशोधित अनुमानों के अनुसार सरकार की आमदनी 2,62,009.01 करोड़ और खर्च 2,60,983.10 करोड़ रुपये आंका गया है। यानी सरकार इस बार भी 1,025.91 करोड़ रुपये के अधिशेष में रहने का अनुमान लगा रही है। मार्च में ही लिया था रिकॉर्ड कर्ज( https://deshharpal.com/) गौरतलब है कि बीते वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार ने कुल 61,400 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जिसमें से सिर्फ मार्च महीने में ही 20,400 करोड़ रुपये का लोन उठाया गया—जो किसी भी एक महीने में लिया गया अब तक का सबसे बड़ा कर्ज माना जा रहा है।
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इंदौर में धर्म पूछकर व्यापार करने के लिए लगे पोस्टर:लिखा-धर्म पूछकर गोली मारी जा सकती है तो वैसे ही व्यापार करना पड़ेगा

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है, और उसका गुस्सा इंदौर की सड़कों पर अब भी दिख रहा है। शहर में ‘धर्म पूछकर व्यापार’ करने जैसे संदेश वाले पोस्टर लगाए गए हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। ये पोस्टर सेंट्रल जेल के सामने नजर आए हैं। इन पर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद का नाम छपा है, लेकिन अभी तक इन संगठनों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इससे यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पोस्टर किसने और कब लगाए। पोस्टर में लिखा गया है: “अगर धर्म पूछकर गोली मारी जा सकती है, तो अब धर्म पूछकर ही व्यापार होगा… अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए अब नाम पूछना ही पड़ेगा… आदत डालिए नाम पूछने की।” पोस्टर पर जम्मू-कश्मीर का नक्शा भी छापा गया है, जिसमें शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल का पार्थिव शरीर और पास बैठी उनकी पत्नी हिमांशी की तस्वीर भी नजर आ रही है। हालांकि इन पोस्टरों की संख्या कम है, लेकिन इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर इसे आंदोलन का रूप देने की कोशिशें की जा रही हैं। पहले भी लगे थे उग्र पोस्टर, ‘नो एंट्री फॉर पाकिस्तानी सिटीज़न्स’इससे पहले इंदौर के छप्पन दुकान क्षेत्र में एक पोस्टर लगाया गया था, जिसमें लिखा था –“सुअरों और पाकिस्तानी नागरिकों को नो एंट्री”इसमें एक सुअर को पाकिस्तानी जनरल के रूप में दिखाया गया था। ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ नारे पर मचा था हंगामादो दिन पहले ही इंदौर में जब पाकिस्तान का पुतला जलाया जा रहा था, उसी दौरान किसी ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगा दिया। इस पर विवाद हुआ और स्थानीय विधायक ने सदर बाजार थाने में शिकायत दर्ज करवाई।इसके बाद पार्षद अनवर कादरी को गिरफ्तार कर लिया गया। पेंटर संगठन ने भी किया विरोध प्रदर्शन इंदौर के पेंटर संगठन ने भी सड़क पर पाकिस्तानी झंडा बनाकर उसके ऊपर “पाकिस्तान मुर्दाबाद” लिखा और विरोध जताया। https://deshharpal.com/ की राय: देशभक्ति में आवेश जरूरी है, पर कानून और समाज की मर्यादाएं बनाए रखना भी उतना ही ज़रूरी है। आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाइए, लेकिन नफरत को नहीं, एकता को ताकत बनाइए।
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Vishwas Sarang

Vishwas Sarang को बहनों का बेशुमार प्यार, Narela Rakshabandhan Mahotsav में बना नया उत्साह

नरेला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे Rakshabandhan Mahotsav 2026 में रविवार को भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। वार्ड नंबर 36, 37 और 70 में आयोजित कार्यक्रम के पांचवें दिन 24 हजार 604 बहनों ने मंत्री Vishwas Sarang को रक्षासूत्र बांधा। बहनों ने राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और आशीर्वाद जताया। कार्यक्रम में पहुंचते ही मंत्री विश्वास सारंग का स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों और DJ की गूंज के बीच उन्हें बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। मंच पर पहुंचने के बाद सारंग ने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बहनों के प्यार को बताया अपनी ताकत रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में पहुंचीं बहनों से उन्होंने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। चौथे दिन भी उमड़ा था बहनों का सैलाब नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रम में पहुंची थीं। उस दिन 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। आयोजकों के अनुसार, पिछले साल के महोत्सव में कुल 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस बार भी लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए पिछले साल का आंकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है। 7 सितंबर को इन दो वार्डों में होगा आयोजन नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का अगला चरण 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दिन दो वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बहनों के शामिल होने की उम्मीद है। महोत्सव के जरिए रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक जुड़ाव और भाईचारे के भाव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। नरेला क्षेत्र में लगातार कई दिनों से चल रहे इस आयोजन में बहनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। पांचवें दिन 24,604 रक्षासूत्र बांधे जाने के साथ महोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM House

CM House March पर Police का पहरा, Hamidia में Intern Doctors से धक्का-मुक्की

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। डॉक्टरों को आगे जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर Water Cannon भी तैयार रखा गया। CM House की तरफ मार्च करना चाहते थे डॉक्टर इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। डॉक्टरों का समूह हमीदिया अस्पताल से आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की Barricading के बाद डॉक्टरों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने के लिए समझाती रही। चारों तरफ से रास्ते किए गए बंद प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हमीदिया के आसपास कई रास्तों को बंद कर दिया। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। Water Cannon की मौजूदगी से साफ था कि प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में था। हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर जारी रहा। मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं Intern Doctors प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। CM House तक मार्च के जरिए उनका उद्देश्य सीधे सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोक दिया है। हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टरों की मांगों और सरकार की ओर से संभावित बातचीत को लेकर है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और इंटर्न डॉक्टरों के बीच क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sagar

Sagar में जहरीली शराब का कहर: 19 मौत, 112 मरीज भर्ती; Liquor Network पर पुलिस का शिकंजा

मध्य प्रदेश के सागर (Sagar) जिले में जहरीली शराब ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। अब तक 19 लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि 112 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। मृतकों में पिता-पुत्र के शामिल होने की जानकारी ने इस घटना को और दर्दनाक बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अधिकारियों की नजर अब उस पूरे नेटवर्क पर है, जिसके जरिए कथित तौर पर मिलावटी या जहरीली शराब लोगों तक पहुंची। शराब पीने के बाद बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कई लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। अस्पतालों में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को भेजकर लोगों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कितने लोगों ने संदिग्ध शराब का सेवन किया था। 112 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जहरीली शराब की आशंका के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार चिंता बढ़ा रही है। 112 लोगों के इलाज की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि संदिग्ध शराब पीने वाले किसी व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस हादसे में पिता-पुत्र की मौत की खबर ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि शराब की एक बोतल इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। अब लोगों में अवैध और संदिग्ध शराब की बिक्री को लेकर डर भी है और गुस्सा भी। 30 नामजद आरोपियों पर FIR, 10 गिरफ्तार पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें लाइसेंसी शराब कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच में जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। लाइसेंसी ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के घेरे में मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के नाम सामने आने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि यदि शराब की बिक्री वैध दुकानों से हुई थी, तो उसमें मिलावट कैसे पहुंची। अधिकारियों की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि शराब के स्रोत से लेकर इसकी बिक्री तक पूरी चेन का पता लगाया जाए। जहरीली शराब की सप्लाई का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस को शक है कि इस मामले के पीछे सिर्फ कुछ स्थानीय लोगों का हाथ नहीं, बल्कि शराब की सप्लाई से जुड़ा बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। जांच एजेंसियां शराब की बोतल, लेबल और सप्लाई चैन से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। प्रशासन की नजर अब हर कड़ी पर सागर की इस घटना ने अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी प्रभावित लोगों की निगरानी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार अपनों को खोने के दर्द में हैं और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जहरीली शराब की असली सप्लाई कहां से हुई और इस पूरे मामले में किसकी कितनी भूमिका थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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