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भारत आए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस: 3 महीने में 5 विदेशी दौरे और हर जगह विवाद, अब भारत कैसे करेगा स्वागत?

BHARAT आए AMERICA के VICE PRESIDENT JD VANCE: 3 महीने में 5 विदेशी दौरे और हर जगह विवाद, अब भारत कैसे करेगा स्वागत?

नई दिल्ली – अमेरिका के नए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इन दिनों लगातार सुर्खियों में हैं। वजह है उनके एक के बाद एक विदेशी दौरे – और हर दौरे के बाद उठता कोई न कोई विवाद। अब जब वे भारत पहुंचे हैं, तो सवाल ये है – भारत उनका स्वागत कैसे करेगा और रिश्तों को कैसे संभालेगा? 3 महीने में 5 दौरे, हर जगह विवाद जेडी वेंस ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद से अब तक 5 देशों का दौरा कर लिया है – और ये सब सिर्फ तीन महीने के अंदर। हर दौरे के बाद अमेरिका को सफाई देनी पड़ी या संबंधों को संभालना पड़ा। भारत को क्यों है ये दौरा खास? भारत और अमेरिका के रिश्ते इस समय बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। व्यापार, सुरक्षा, तकनीक और एशिया की राजनीति – हर स्तर पर दोनों देश एक-दूसरे के नजदीक आ रहे हैं। भारत के लिए ये दौरा एक मौका भी है और चुनौती भी। जेडी वेंस के साथ बातचीत में ये देखा जाएगा कि अमेरिका की नई सरकार भारत को किस नजर से देखती है। जेडी वेंस का राजनीतिक स्टाइल वेंस को अमेरिका में बोल्ड और विवादास्पद नेता के रूप में जाना जाता है। वे बिना लाग-लपेट के बात करते हैं, जो कई बार राजनयिकों के लिए मुश्किलें खड़ी कर देती है।लेकिन वहीं, वे एक ईमानदार और स्पष्ट सोच वाले नेता भी माने जाते हैं, जो अमेरिका की घरेलू समस्याओं को समझते हैं। भारत की तैयारी भारत इस दौरे को डिप्लोमैटिक बैलेंस के रूप में देख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय इस बात को लेकर सतर्क हैं कि बातचीत सकारात्मक दिशा में जाए।सूत्रों के मुताबिक, व्यापार, तकनीक ट्रांसफर, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक रणनीति पर बातचीत होगी। क्या कहता है आम भारतीय? दिल्ली की सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक, लोग जेडी वेंस को लेकर मिश्रित भावनाएं रखते हैं। कोई उन्हें अमेरिका का ट्रंप 2.0 कहता है, तो कोई उन्हें बदलाव की उम्मीद मानता है। रजनीश कुमार, एक युवा उद्यमी कहते हैं – “हमें उम्मीद है कि भारत को मजबूत साझेदार की तरह देखा जाएगा, न कि सिर्फ एक बाजार की तरह।”
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जिस बांग्लादेश की मदद में भारत ने लगाए हजारों करोड़, अब वही दिखा रहा आंखें – क्या PM मोदी देंगे करारा जवाब?

जिस BANGLADESH की मदद में भारत ने लगाए हजारों करोड़, अब वही दिखा रहा आंखें – क्या PM मोदी देंगे करारा जवाब?

भारत ने बांग्लादेश को हमेशा एक अच्छे पड़ोसी और दोस्त की तरह देखा। जब भी बांग्लादेश को ज़रूरत पड़ी, भारत ने दिल खोलकर मदद की – फिर चाहे बात आज़ादी की लड़ाई की हो, विकास परियोजनाओं की या आर्थिक सहायता की। लेकिन आज हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। भारत की दरियादिली पर बांग्लादेश की सियासत भारी?बीते कुछ समय में बांग्लादेश की ओर से ऐसे बयान और कदम सामने आ रहे हैं, जो भारत के लिए चौंकाने वाले हैं। बांग्लादेश सरकार का चीन के साथ बढ़ता गठजोड़, भारत के खिलाफ तल्ख़ रुख और कई द्विपक्षीय मुद्दों पर टकराव – ये सभी इशारा कर रहे हैं कि रिश्तों में दरार आ चुकी है। हजारों करोड़ की मदद – लेकिन फिर भी उपेक्षा!भारत ने अब तक बांग्लादेश को करीब 8 बिलियन डॉलर (65 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा) की आर्थिक सहायता दी है। सड़कें, रेल, बिजली और शिक्षा – हर सेक्टर में भारत ने अपना हाथ बढ़ाया। लेकिन इसके बदले में हाल ही में जो रवैया देखने को मिल रहा है, वो कड़वा है। चीन का खेल और बांग्लादेश की चुप्पीबांग्लादेश अब चीन की ओर झुकता दिख रहा है। चीन वहाँ भारी निवेश कर रहा है और रणनीतिक तौर पर भारत की घेराबंदी की कोशिश कर रहा है। ऐसे में बांग्लादेश की चुप्पी और भारत के खिलाफ बयान चिंता का कारण हैं। क्या मोदी सरकार दिखाएगी सख्ती?मोदी सरकार अब इस पूरे मामले पर बारीकी से नज़र रखे हुए है। जानकारों का मानना है कि भारत जल्द ही कड़ा संदेश दे सकता है। यह वक्त है जब भारत को अपनी उदारता और राष्ट्रीय हितों में संतुलन बैठाना होगा।
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Saudi Arabia

PM Modi की Saudi Arabia यात्रा 22-23 April को, Strategic Ties और Trade Cooperation पर होगी चर्चा: MEA

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22-23 अप्रैल 2025 को Saudi Arabia की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। यह यात्रा क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान के निमंत्रण पर हो रही है। यह मोदी जी की सऊदी अरब की तीसरी यात्रा होगी, इससे पहले वे 2016 और 2019 में वहां गए थे।​ 🇮🇳 भारत-Saudi Arabia रणनीतिक साझेदारी: एक नया अध्याय प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा सितंबर 2023 में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की भारत यात्रा के बाद हो रही है, जब उन्होंने G20 शिखर सम्मेलन में भाग लिया और भारत-सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी परिषद की पहली बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस परिषद की स्थापना 2019 में हुई थी, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है। प्रमुख एजेंडा: ऊर्जा, सुरक्षा और व्यापार इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के नेता ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, व्यापार और निवेश, स्वास्थ्य देखभाल और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) की प्रगति पर भी विचार किया जाएगा, जो सितंबर 2023 में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान घोषित किया गया था। ​ भारतीय प्रवासी समुदाय की भूमिका सऊदी अरब में भारतीय प्रवासी समुदाय इस यात्रा को लेकर उत्साहित है। रियाद और जेद्दा में भारतीय समुदाय के संगठनों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पहले, 2024 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सऊदी अरब में भारतीय दूतावास और सऊदी खेल मंत्रालय के सहयोग से योग कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें सऊदी महिला प्रशिक्षकों ने भी भाग लिया था। आर्थिक संबंधों में वृद्धि भारत और सऊदी अरब के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2022-2023 में $52.8 बिलियन से अधिक रहा। दोनों देश ऊर्जा, पेट्रोलियम भंडारण, नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन उत्पादन, और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का अवसर प्रदान करेगी। इससे न केवल द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भी दोनों देशों की भूमिका सुदृढ़ होगी।
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मेरठ में आंधी-बारिश का कहर: दो मकान गिरे, 9 महीने की मासूम समेत दो की दर्दनाक मौत; कई राज्यों में मौसम ने बदला मिजाज

MEERUT में आंधी-बारिश का कहर: दो मकान गिरे, 9 महीने की मासूम समेत दो की दर्दनाक मौत; कई राज्यों में मौसम ने बदला मिजाज

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीती रात तेज आंधी और बारिश ने बड़ा कहर मचाया। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते दो मकान ढह गए। इस हादसे में एक 9 महीने की मासूम बच्ची और एक बुजुर्ग की जान चली गई। परिवार के लिए यह एक ऐसा ग़म बन गया है, जो उम्र भर नहीं भरेगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसा देर रात हुआ, जब सभी लोग गहरी नींद में थे। अचानक ज़ोरदार आवाज़ के साथ दीवारें गिर गईं और सब कुछ मलबे में तब्दील हो गया। पड़ोसियों ने तुरंत मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दो लोगों की सांसे थम चुकी थीं। राजौरी (जम्मू-कश्मीर) में ओलावृष्टि: दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में मौसम ने करवट ली और जोरदार ओले गिरे। खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। किसान परेशान हैं, क्योंकि उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। राजस्थान में हीटवेव का अलर्ट: राजस्थान के कई जिलों में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम विभाग ने हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। जयपुर, बीकानेर, जोधपुर समेत कई जगहों पर तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लोगों को दिन में बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। देश के कोने-कोने में मौसम का कहर:एक ओर बारिश और तूफान जान ले रहे हैं, तो दूसरी ओर गर्मी से लोग बेहाल हैं। मौसम का यह बदलता रूप आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है। ज़रूरत है सतर्क रहने की, ताकि जान-माल का नुकसान रोका जा सके।
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क्या हिंदू कार्ड से बंगाल फतेह करेगी BJP? 2026 के मिशन की रणनीति संघ ने तय की, 4% वोट दिला सकता है सत्ता

क्या HINDU CARD से BENGAL फतेह करेगी BJP? 2026 के मिशन की रणनीति संघ ने तय की, 4% वोट दिला सकता है सत्ता KOLKATA।

क्या बंगाल में फिर से सियासी तूफान लाने की तैयारी में है बीजेपी? 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत की सक्रियता कुछ बड़ा संकेत दे रही है। सूत्रों की मानें तो संघ ने बंगाल में हिंदू वोट बैंक को जोड़ने के लिए एक ठोस रणनीति बना ली है। टारगेट है सिर्फ 4% अतिरिक्त वोट… जो गेम चेंजर साबित हो सकते हैं। क्यों खास है ये 4%? बीजेपी को साल 2021 में लगभग 38% वोट मिले थे, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 47.9% वोटों के साथ सत्ता कायम रखी। विश्लेषकों की मानें तो अगर बीजेपी को 2026 में 42% से ज्यादा वोट मिलते हैं, तो वो सीधे सरकार बनाने की दौड़ में आ सकती है। और यही 4% वोट अब बीजेपी और संघ का फोकस बन गए हैं। भागवत ने तय की दिशा मोहन भागवत का बंगाल दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं थी। उन्होंने संघ के स्थानीय कार्यकर्ताओं और बीजेपी के रणनीतिकारों से लंबी बैठकें कीं। बैठक में साफ कहा गया कि बंगाल में ‘हिंदू पहचान’ को केंद्र में लाकर जनमानस को जोड़ा जाएगा। क्या बदलेगा मुद्दों का रुख? जहां TMC ममता बनर्जी के विकास मॉडल और बंगाली अस्मिता की बात करती है, वहीं बीजेपी अब मंदिर, गोरक्षा, लव जिहाद और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे मुद्दों को फिर से धार दे सकती है। संघ का मानना है कि बंगाल में हिंदू समाज के कई वर्ग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। इन्हीं भावनाओं को चुनावी मुद्दा बनाया जाएगा। ग्राउंड लेवल पर तैयारी शुरू संघ की शाखाएं गांव-गांव में तेज़ी से फैल रही हैं। युवाओं को जोड़ने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, धर्म-सभाएं और सेवा कार्यों पर ज़ोर है। बीजेपी भी बूथ लेवल मैनेजमेंट को मज़बूत कर रही है। ममता के लिए खतरे की घंटी? अगर बीजेपी अपना 4% टारगेट पूरा कर लेती है, तो ममता बनर्जी की सत्ता को सीधी चुनौती मिल सकती है। मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण TMC के पक्ष में पहले से है, लेकिन अगर हिंदू वोट एकजुट हो गया, तो तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
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PM Modi और Elon Musk

PM Modi और Elon Musk की बातचीत: टेक्नोलॉजी, स्पेस और AI में भारत-अमेरिका साझेदारी को नया मुकाम

भारत और अमेरिका के बीच टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। इसी कड़ी में PM Modi और Elon Musk Tesla तथा SpaceX के CEO के बीच एक अहम बातचीत हुई। पीएम मोदी ने X (पूर्व में Twitter) पर जानकारी दी कि उन्होंने मस्क से पहले की वाशिंगटन बैठक में उठाए गए मुद्दों पर फिर से चर्चा की है। “Spoke to Elon Musk and talked about various issues, including the topics we covered during our meeting in Washington DC earlier this year,” – PM Modi on X उन्होंने यह भी कहा कि भारत टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में अमेरिका के साथ अपनी साझेदारी को और आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्पेस, AI और इनोवेशन में सहयोग की अपार संभावनाएं Elon Musk, जिनकी कंपनियां Tesla और SpaceX टेक्नोलॉजी और स्पेस इनोवेशन की अगली पंक्ति में खड़ी हैं, ने फरवरी 2024 में वाशिंगटन में पीएम मोदी से मुलाकात की थी। उस समय मस्क अपने तीन बच्चों के साथ Blair House पहुंचे थे, जहां प्रधानमंत्री रुके हुए थे। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने स्पेस एक्सप्लोरेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सस्टेनेबल डेवलपमेंट, और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ में भारत-अमेरिका सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया। MEA (विदेश मंत्रालय) के अनुसार, बातचीत में गुड गवर्नेंस, एंटरप्रेन्योरशिप, और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी मजबूती देने की बात कही गई। PM Modi और Elon Musk की पुरानी मुलाकातें यह पहला मौका नहीं है जब मोदी और मस्क आमने-सामने आए हों। इससे पहले 2015 में California और 2023 में New York में दोनों की मुलाकात हो चुकी है। हर बार दोनों नेताओं के बीच भविष्य की तकनीकों पर संवाद हुआ है, जो भारत की डिजिटल और वैज्ञानिक दिशा को मजबूत करता है। Elon Musk: टेक्नोलॉजी के साथ पॉलिसी में भी प्रभावशाली Elon Musk को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए देखा गया है। वे Department of Government Efficiency (DOGE) का हिस्सा रहे हैं, जिसका उद्देश्य सरकारी खर्चों में कटौती और नीतिगत सुधार करना था।
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US Airstrikes in Yemen

US Airstrikes in Yemen: अमेरिकी हमले में 38 लोगों की मौत, 100 से अधिक घायल

18 अप्रैल 2025, Yemen के रस इसा (Ras Isa) ऑयल पोर्ट पर अमेरिका द्वारा किए गए जबरदस्त एयरस्ट्राइक में कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई है और 100 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं। यह हमला उस वक्त हुआ जब यमन के हूथी विद्रोही गुट इस बंदरगाह का इस्तेमाल कर रहे थे। इस हमले से इलाके में भारी तबाही और एक विशाल आग का गोला (Fireball) देखने को मिला। क्या हुआ था हमला? अमेरिकी सेना CENTCOM (U.S. Central Command) ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह एयरस्ट्राइक हूथी विद्रोहियों के फ्यूल नेटवर्क को खत्म करने और उनके राजस्व स्रोतों को बंद करने के मकसद से किया गया था। हमले के बाद क्या हुआ? हूथी समर्थक चैनल Al Masirah TV ने हमले की भयावह तस्वीरें साझा कीं, जिनमें शव, बिखरी चीज़ें और एक जलता हुआ ईंधन टर्मिनल साफ दिखा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में पैरामेडिक्स और आम नागरिकों की भी जान गई है। हूथी गुट ने इस हमले को “यमन की संप्रभुता पर खुला हमला” करार दिया और कहा कि यह पोर्ट वर्षों से आम यमनी नागरिकों की सेवा कर रहा था। रणनीतिक महत्व क्यों है इस पोर्ट का? बढ़ते तनाव की वजह क्या है? यह हमला अमेरिका द्वारा पिछले कुछ हफ्तों से चलाए जा रहे एक बड़े मिलिट्री ऑपरेशन का हिस्सा है, जिसमें: गौरतलब है कि नवंबर 2023 से अब तक हूथी विद्रोही 100 से अधिक कॉमर्शियल जहाजों पर हमला कर चुके हैं, जिनमें 2 जहाज डूब चुके और 4 नाविकों की जान जा चुकी है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं? अब तक संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस हमले पर चिंता जाहिर की है, लेकिन अमेरिका ने अपने बयान में साफ किया है कि इस ऑपरेशन का मकसद हूथी आतंकवाद को आर्थिक रूप से कमजोर करना है। Deshharpal पर हम आपको अंतरराष्ट्रीय खबरों से लेकर लोकल अपडेट्स तक सब कुछ देते हैं !
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चीन का बड़ा फैसला: बोइंग जेट नहीं खरीदेगा, अमेरिका को दिया करारा जवाब

चीन का बड़ा फैसला: बोइंग जेट नहीं खरीदेगा, अमेरिका को दिया करारा जवाब

बीजिंग/वॉशिंगटन – अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव का असर अब विमान और धातुओं के व्यापार पर भी पड़ने लगा है। चीन ने साफ कर दिया है कि वह अब अमेरिकी विमान कंपनी बोइंग से नए जेट नहीं खरीदेगा। इसके साथ ही, चीन ने अमेरिका को कीमती मेटल्स (rare earth metals) की सप्लाई भी रोक दी है। क्यों लिया ये बड़ा फैसला? यह सब हुआ है अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए गए नए टैक्स (टैरिफ) के बाद। अमेरिका ने हाल ही में कुछ चीनी सामानों पर भारी टैरिफ लगाए हैं। इसके जवाब में चीन ने बोइंग की डिलीवरी रोकने और कीमती मेटल्स की सप्लाई बंद करने का निर्णय लिया। बोइंग को लगेगा बड़ा झटका बोइंग के लिए चीन एक बड़ा ग्राहक रहा है। हर साल चीन दर्जनों बोइंग विमान खरीदता रहा है। लेकिन अब जब चीन ने मना कर दिया है, तो इसका सीधा असर अमेरिका की इकोनॉमी और बोइंग कंपनी पर पड़ेगा। टेक्नोलॉजी और मेटल की लड़ाई चीन के पास दुर्लभ मेटल्स का बड़ा भंडार है – जैसे लैन्थेनम, नियोडिमियम, डाइसप्रोसियम आदि। ये मेटल्स इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़, गाड़ियाँ और रक्षा उपकरण बनाने में काम आते हैं। अगर चीन इनकी सप्लाई रोक देता है, तो अमेरिका और बाकी देशों की टेक इंडस्ट्री को बड़ी दिक्कत हो सकती है। आम लोगों पर भी असर? इस तरह की ट्रेड वॉर का असर आम लोगों पर भी पड़ता है। उड़ानों की कीमतें बढ़ सकती हैं, गैजेट्स महंगे हो सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अनिश्चितता बढ़ जाती है।
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US Visa New Rules 2025

US Visa New Rules 2025: ट्रंप प्रशासन के नए कानून से Non-Citizens रहें सावधान, हर समय साथ रखें ये दस्तावेज़

अगर आपका बेटा, दामाद या कोई जानने वाला अमेरिका (US) में रहता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अमेरिका में रहने वाले H-1B, F-1 या अन्य वीज़ा धारकों के लिए ट्रंप प्रशासन ने सख्त कानून लागू कर दिए हैं। अब यदि कोई भी गैर-अमेरिकी नागरिक अमेरिका में रह रहा है, तो उसे अपनी कानूनी स्थिति के प्रमाण हर समय साथ रखने होंगे। ये निर्देश 11 अप्रैल 2025 से लागू हो चुके हैं। क्यों जरूरी है ये कानून? यह नियम ट्रंप की कार्यकारी कार्रवाई ‘Protecting the American Public from Unauthorized Intrusions’ का हिस्सा है, जिसका मकसद अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लोगों पर सख्त कार्रवाई करना है। यह कानून 1940 के Alien Registration Act पर आधारित है, लेकिन अब इसे कड़े दंड और नियमों के साथ लागू किया गया है। Alien Registration Requirement (ARR) के मुख्य बिंदु: भारतीयों पर इसका असर: अमेरिका में लगभग 54 लाख भारतीय रहते हैं, जिनमें करीब 2.2 लाख अवैध रूप से रह रहे हैं। H-1B वीजा और स्टूडेंट वीजा धारकों को दोबारा पंजीकरण की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें अपने दस्तावेज़ हर समय साथ रखने होंगे। क्या करें भारतीय अप्रवासी? इमिग्रेशन वकीलों के सुझाव: अगर अधिकारी रोकें तो: गिरफ्तारी की स्थिति में: नागरिकों के लिए राहत: अमेरिकी नागरिकों को अपनी नागरिकता का प्रमाण साथ रखने की जरूरत नहीं है, लेकिन गैर-अमेरिकी नागरिकों को अब हर वक्त सतर्क रहना होगा। निष्कर्ष: अगर आपके परिवार या मित्र अमेरिका में रहते हैं, तो इस खबर को उनसे जरूर साझा करें। यह नया कानून अप्रवासियों के लिए बड़ी चेतावनी है। समय रहते दस्तावेज़ों को अपडेट करें और अपने अधिकारों की जानकारी रखें। पढ़ते रहिए DeshHarpal – आपकी खबर, आपकी भाषा में।
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Tariff Relief

US ने India को दी 90 दिन की Tariff Relief, PM Modi-Trump Deal से बढ़ेगा ₹500 Billion का Trade

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत पर लगाए गए अतिरिक्त आयात शुल्क (Tariffs) पर 90 दिनों की राहत देने का फैसला किया है। इस फैसले का स्वागत करते हुए भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कहा कि भारत इस पूरे मामले को बेहद कुशलता से संभाल रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फरवरी में ही इस दिशा में सहमति बन चुकी थी। PM Modi और Trump पहले ही कर चुके थे Trade Deal की Planning पीयूष गोयल ने ANI से बातचीत में कहा,“PM नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने फरवरी में ही यह तय कर लिया था कि दोनों देश एक Bilateral Trade Agreement पर साइन करेंगे, जिससे व्यापार 500 अरब डॉलर तक पहुंच सकेगा। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि दोनों देशों के बीच बातचीत अच्छी प्रगति कर रही है और इस 90 दिनों की राहत से बातचीत को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी। Exporters को मिली राहत, अब समझौतों पर तेज़ी से होगा काम फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (FIEO) के अध्यक्ष एस.सी. रल्हान ने भी अमेरिकी प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा:“यह हमारे निर्यातकों के लिए बहुत बड़ी राहत है। यह 90 दिन की राहत एक कूटनीतिक खिड़की की तरह है, जिसमें हम अहम व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दे सकते हैं।” वाणिज्य मंत्रालय ने भी आश्वासन दिया है कि प्रस्तावित व्यापार समझौते को जल्द से जल्द फाइनल किया जाएगा। चीन पर टैरिफ बढ़ा, लेकिन India को मिली छूट ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता के बीच अमेरिका ने चीन पर टैरिफ बढ़ाकर 125% कर दिया है, जबकि भारत सहित कई अन्य देशों को 90 दिनों की छूट दी गई है। हालांकि भारत पर अब भी 10% का बेसिक टैरिफ लागू है, जो 5 अप्रैल से प्रभावी हुआ है। अमेरिका ने भारत पर कुल मिलाकर 26% अतिरिक्त शुल्क लगाया था, जिसमें से अधिकतर पर अस्थायी राहत दी गई है। क्या है आगे की राह? इस अस्थायी राहत के चलते भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता को मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह वार्ता सफल रहती है, तो दोनों देशों के बीच $500 अरब डॉलर का व्यापार संभव है। इससे न केवल व्यापार संबंध बेहतर होंगे, बल्कि निवेश और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। निष्कर्ष:अमेरिका की तरफ से दी गई यह 90 दिनों की टैरिफ राहत भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह न केवल एक्सपोर्टर्स को राहत देगा, बल्कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का रास्ता खोलता है।
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Voter ID

30 Crore Voter ID Cards होंगे अपडेट, पहचान और Verification होगा आसान

देशभर के करोड़ों मतदाताओं के लिए जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चुनाव आयोग पुराने वोटर आईडी कार्ड्स को अपडेट करने की तैयारी में है। इस अभियान के तहत करीब 30 करोड़ Voter ID Cards में मौजूद धुंधले फोटो बदले जाएंगे और जिन कार्ड्स में मकान नंबर की जगह “00” लिखा है, वहां पूरा और सही पता दर्ज किया जाएगा। दरअसल, लंबे समय से शिकायतें सामने आ रही थीं कि कई वोटर कार्ड्स में फोटो इतने पुराने या धुंधले हैं कि पहचान करना मुश्किल हो जाता है। वहीं कई कार्ड्स में अधूरा पता होने से वोटिंग के दौरान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब चुनाव आयोग इन खामियों को दूर करने के लिए बड़ा अपडेट अभियान शुरू करने जा रहा है। Blur Photo और गलत Address बने परेशानी की वजह ग्रामीण और शहरी इलाकों में बड़ी संख्या में ऐसे वोटर कार्ड पाए गए हैं, जिनमें फोटो साफ दिखाई नहीं देते। कई मामलों में कार्ड पर सिर्फ “00” लिखा होने से सही पता पता नहीं चल पाता। इससे मतदान केंद्रों पर पहचान सत्यापन में समय ज्यादा लगता है और कई बार विवाद जैसी स्थिति भी बन जाती है। इसी को देखते हुए अब रिकॉर्ड को ज्यादा सटीक और डिजिटल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस कदम से फर्जी मतदान रोकने में भी मदद मिलेगी। कैसे होगा Voter Card Update? जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग चरणबद्ध तरीके से यह प्रक्रिया पूरी करेगा। जरूरत पड़ने पर मतदाताओं से नया फोटो और सही पता मांगा जा सकता है। कई जगह ऑनलाइन अपडेट की सुविधा भी दी जाएगी ताकि लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। अगर किसी मतदाता के कार्ड में फोटो साफ नहीं है या पता गलत दर्ज है, तो उसे अपडेट करवाने का मौका मिलेगा। आयोग का फोकस डेटा को पूरी तरह साफ और आधुनिक बनाने पर है। चुनाव से पहले रिकॉर्ड सुधारने की तैयारी आने वाले चुनावों को देखते हुए चुनाव आयोग मतदाता सूची और पहचान संबंधी रिकॉर्ड को मजबूत करना चाहता है। साफ फोटो और सही एड्रेस होने से मतदान प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान करोड़ों लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, क्योंकि लंबे समय से लोग पुराने और खराब प्रिंट वाले वोटर कार्ड्स की समस्या झेल रहे थे।
India vs Afghanistan

India vs Afghanistan ODI 2026: पहली बार भारत के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेगा अफगानिस्तान

भारत और अफगानिस्तान (India vs Afghanistan) के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज आज धर्मशाला के खूबसूरत HPCA स्टेडियम में होने जा रहा है। यह सीरीज इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि अफगानिस्तान पहली बार भारत के खिलाफ पूरी ODI सीरीज खेलने उतर रहा है। दोनों टीमों के फैंस इस मुकाबले का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, लेकिन मैच से पहले मौसम ने चिंता बढ़ा दी है। Kohli-Hardik के बिना उतरेगी Team India भारतीय टीम इस सीरीज में कई बड़े बदलावों के साथ मैदान पर उतरेगी। स्टार बल्लेबाज विराट कोहली चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं, जबकि हार्दिक पंड्या भी फिटनेस समस्या की वजह से टीम से बाहर हैं। ऐसे में टीम इंडिया की जिम्मेदारी कप्तान रोहित शर्मा और युवा खिलाड़ियों पर होगी। टीम मैनेजमेंट इस सीरीज को भविष्य की तैयारी के तौर पर देख रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स को ध्यान में रखते हुए कुछ नए खिलाड़ियों को मौका दिया जा सकता है। ईशान किशन, यशस्वी जायसवाल और नितीश कुमार रेड्डी जैसे युवा खिलाड़ियों पर सभी की नजरें रहेंगी। Afghanistan के पास भी हैं मैच विनर खिलाड़ी अफगानिस्तान की टीम अब सिर्फ कमजोर टीम नहीं मानी जाती। पिछले कुछ वर्षों में टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। राशिद खान, मोहम्मद नबी और रहमानुल्लाह गुरबाज जैसे खिलाड़ी किसी भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। भारतीय परिस्थितियों में खेलने का अनुभव भी अफगानिस्तान के खिलाड़ियों के पास है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए यह सीरीज आसान नहीं रहने वाली। Dharamshala Weather ने बढ़ाई टेंशन धर्मशाला में मौसम मैच का सबसे बड़ा विलेन बन सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मुकाबले के दौरान करीब 55 प्रतिशत बारिश की संभावना है। सुबह से ही इलाके में बादल छाए हुए हैं और हल्की बारिश भी देखने को मिली है। अगर बारिश लगातार होती रही तो मैच में ओवर कट सकते हैं या मुकाबला प्रभावित भी हो सकता है। हालांकि फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम साफ हो और उन्हें पूरा मैच देखने को मिले। तेज गेंदबाजों को मिल सकती है मदद धर्मशाला की पिच आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। बादलों और नमी की वजह से शुरुआती ओवरों में गेंद ज्यादा स्विंग कर सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। मैच की जरूरी जानकारी भारत जहां घरेलू मैदान का फायदा उठाकर सीरीज में जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगा, वहीं अफगानिस्तान की नजर इतिहास रचने पर होगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि बारिश के बीच कौन सी टीम मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Pranit More

Pranit More Controversy: महिलाओं पर विवादित Comments के बाद कॉमेडियन की माफी

स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे (Pranit More) एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। महिलाओं को लेकर किए गए विवादित कमेंट्स के बाद इंटरनेट पर उनके खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मामला बढ़ने के बाद अब कॉमेडियन ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते हुए लोगों से एक मौका देने की अपील की है। प्रणित मोरे का एक वीडियो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह महिलाओं को लेकर ऐसी टिप्पणियां करते दिखाई दिए, जिन्हें कई लोगों ने अपमानजनक और असंवेदनशील बताया। वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स ने जमकर आलोचना शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला सोशल मीडिया ट्रेंड बन गया। Viral Video के बाद बढ़ा विवाद वीडियो वायरल होने के बाद X, Instagram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने कहा कि कॉमेडी के नाम पर महिलाओं का मजाक उड़ाना गलत है। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर मनोरंजन की सीमा क्या होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर #PranitMoreControversy ट्रेंड करने लगा और कई महिला संगठनों ने भी इस बयान पर नाराजगी जताई। सोशल मीडिया पोस्ट में मांगी माफी लगातार बढ़ते विवाद के बीच प्रणित मोरे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबा नोट शेयर किया। उन्होंने माना कि उनके शब्दों से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रणित ने लिखा, “मैं समझता हूं कि लोग मुझसे नाराज हैं। शायद मैं इस नफरत का हकदार भी हूं, लेकिन मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि लोग मुझे खुद को सुधारने का एक मौका दें।” उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था, लेकिन अब उन्हें अपनी गलती का एहसास हो चुका है। लोगों की राय बंटी हुई नजर आई इस पूरे मामले में सोशल मीडिया यूजर्स दो हिस्सों में बंटे नजर आए। कुछ लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ कुछ यूजर्स का मानना है कि गलती मान लेने के बाद किसी को सुधारने का मौका मिलना चाहिए। हालांकि, विवाद अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है और सोशल मीडिया पर बहस जारी है। करियर पर पड़ सकता है असर मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि इस विवाद का असर प्रणित मोरे की इमेज और करियर पर पड़ सकता है। आज के डिजिटल दौर में किसी भी बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया देखने को मिलती है और सोशल मीडिया का दबाव कई बार कलाकारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। फिलहाल, सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि दर्शक और इंडस्ट्री उनके माफीनामे को किस तरह लेते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
S Jaishankar

3 भारतीयों की मौत से भारत सख्त, US Secretary S Jaishankar की अहम बातचीत

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों की मौत को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्री S Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत कर कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता और विरोध दर्ज कराया। भारत ने साफ शब्दों में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चल रहे व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है और इससे वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। क्या है पूरा मामला? हाल ही में मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में एक कॉमर्शियल जहाज पर हमला हुआ था। इस हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। घटना के बाद भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पीड़ित परिवारों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान जाना बेहद दुखद है। भारत ने क्या कहा? विदेश मंत्री जयशंकर ने बातचीत में कहा कि समुद्री व्यापार दुनिया की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में कॉमर्शियल जहाजों पर हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे वैश्विक व्यापार और कई देशों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और इस तरह की घटनाओं को लेकर बेहद संवेदनशील है। Middle East Tension पर बढ़ी चिंता मध्य पूर्व में पिछले कुछ समय से तनाव लगातार बढ़ रहा है। कई देशों ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव और कूटनीतिक गतिविधियों को और तेज कर सकते हैं। भारत भी लगातार शांति और सुरक्षित समुद्री व्यापार की वकालत करता रहा है। भारत सरकार की नजर स्थिति पर सरकार ने कहा है कि प्रभावित भारतीयों के परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी। साथ ही क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस घटना के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
धर्मेंद्र प्रधान

“खेल और पढ़ाई साथ-साथ चलेंगे” — Bhopal में धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों को दिया बड़ा संदेश

भोपाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों के साथ संवाद करते हुए देश की नई शिक्षा और खेल नीति को लेकर बड़ा संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर धर्मेंद्र प्रधान मध्यप्रदेश पहुंचे, जहां उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के साथ शूटिंग एकेडमी का दौरा किया। खिलाड़ियों से सीधा संवाद, स्किल और स्पोर्ट्स पर जोर इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात की और कहा कि भारत अब शिक्षा के साथ-साथ स्किल और स्पोर्ट्स सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के जरिए पहली बार खेल और पढ़ाई को एक साथ जोड़ने पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। पढ़ाई और खेल साथ-साथ चलेंगे धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अब ऐसा सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे खिलाड़ी अपनी पढ़ाई और खेल दोनों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ा सकें। इसके लिए अलग से कोर्स वर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि छात्रों को खेल गतिविधियों का भी अकादमिक लाभ मिल सके। APAAR ID और Credit Score सिस्टम पर काम उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों की APAAR ID के माध्यम से उनकी पढ़ाई और खेल उपलब्धियों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाएगा। साथ ही इंटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी को क्रेडिट स्कोर सिस्टम से जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है। इससे खिलाड़ियों को भविष्य में शिक्षा और करियर दोनों में फायदा मिलेगा। IIT में Sports Quota से युवाओं को मिलेगा फायदा केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार IIT जैसे बड़े संस्थानों में स्पोर्ट्स कोटा लागू किया गया है। यह कदम उन युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जो खेल के साथ-साथ उच्च शिक्षा में भी आगे बढ़ना चाहते हैं। 2036 Olympics और Developed India Vision 2047 पर फोकस उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले 20 वर्षों में भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत का फोकस अब 2036 ओलंपिक की तैयारियों पर भी है और देश खेलों में विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में काम कर रहा है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत का सपना साकार होगा और देश दुनिया की महाशक्ति के रूप में उभरेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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