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Messi ने लिया बड़ा फैसला: Argentina के लिए International Football से Retirement

फुटबॉल प्रेमियों के लिए 31 अगस्त 2026 का दिन हमेशा याद रहेगा। दुनिया के महानतम फुटबॉलरों में शामिल Lionel Messi ने Argentina की National Team से International Football को अलविदा कह दिया। 39 साल के मेसी ने Instagram पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। करीब 21 साल तक अर्जेंटीना की जर्सी पहनने के बाद उनका यह फैसला करोड़ों फैंस के लिए भावुक कर देने वाला है। Instagram Post में छलका Messi का दर्द मेसी ने अपने Instagram पोस्ट में बताया कि राष्ट्रीय टीम से विदा लेना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने माना कि यह फैसला उन्हें अंदर तक दुख पहुंचा रहा है, लेकिन अब उन्हें लगता है कि इस अध्याय को बंद करने का समय आ गया है। मेसी ने यह भी कहा कि उन्होंने अर्जेंटीना के लिए खेलते हुए हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। उनके लिए National Team की जर्सी सिर्फ एक जर्सी नहीं, बल्कि गर्व और भावनाओं से जुड़ी रही है। उन्होंने अपने परिवार, साथियों, कोचों और फैंस का भी शुक्रिया अदा किया। 2026 World Cup Final के बाद लिया फैसला मेसी के मुताबिक उन्होंने 2026 FIFA World Cup Final के बाद ही International Football से हटने के बारे में गंभीरता से सोचना शुरू कर दिया था। फाइनल में Argentina को Spain के खिलाफ 1-0 से हार मिली थी। इस हार के बाद मेसी ने अपने भविष्य पर विचार किया। बाद में उनके पिता जॉर्ज मेसी के निधन ने भी इस कठिन दौर को और भावुक बना दिया। आखिरकार उन्होंने राष्ट्रीय टीम से विदाई लेने का फैसला सार्वजनिक कर दिया। Argentina के लिए Messi का शानदार सफर मेसी ने 2005 में Argentina की Senior Team के लिए अपना International Debut किया था। शुरुआती दौर में उन्हें कई बड़ी निराशाओं का सामना करना पड़ा। विश्व कप और Copa América के फाइनल में मिली हार ने उनके करियर पर सवाल भी खड़े किए, लेकिन मेसी ने कभी हार नहीं मानी। समय के साथ कहानी बदली। 2021 में Argentina ने Copa América जीता, इसके बाद 2022 में Messi की कप्तानी में टीम ने Qatar World Cup की ट्रॉफी उठाई। 2024 में Argentina ने फिर Copa América अपने नाम किया। 2026 में टीम World Cup Final तक पहुंची, हालांकि इस बार Spain से हार गई। Argentina के लिए 207 Matches और 125 Goals International career खत्म करते समय मेसी अपने पीछे ऐसे आंकड़े छोड़ गए हैं, जिन्हें पार करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होगा। Argentina के लिए Messi के प्रमुख आंकड़े: इन उपलब्धियों के साथ मेसी अर्जेंटीना के फुटबॉल इतिहास में हमेशा एक खास जगह बनाए रखेंगे। एक दौर का हुआ अंत मेसी का सफर सिर्फ आंकड़ों या ट्रॉफियों की कहानी नहीं है। एक समय ऐसा भी था जब उन पर अर्जेंटीना को बड़ी ट्रॉफी नहीं दिला पाने का दबाव था। लेकिन उन्होंने आलोचनाओं के बीच वापसी की और आखिरकार वही हासिल किया, जिसका सपना उन्होंने बचपन से देखा था। 2022 World Cup जीत के बाद मेसी और Argentina के बीच वह रिश्ता पूरा हुआ, जिसका इंतजार लंबे समय से था। अब International Football से उनकी विदाई के साथ अर्जेंटीना की टीम में एक नए दौर की शुरुआत होगी। अब Messi को Argentina की जर्सी में नहीं देख पाएंगे फैंस मेसी ने अपने संदेश में संकेत दिया कि युवा खिलाड़ियों के लिए अब आगे आने का समय है। उन्होंने कहा कि वह Argentina को अब एक खिलाड़ी की तरह नहीं, बल्कि एक फैन की तरह सपोर्ट करेंगे। दुनियाभर से मेसी के लिए श्रद्धांजलि और शुभकामनाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। Argentina के राष्ट्रपति Javier Milei ने भी मेसी को धन्यवाद देते हुए उनकी तारीफ की। फुटबॉल की दुनिया में कई महान खिलाड़ी आए और गए, लेकिन Lionel Messi और Argentina की कहानी अलग रहेगी। एक ऐसा खिलाड़ी जिसने आलोचना भी झेली, हार भी देखी और आखिरकार अपने देश को World Cup जिताकर अपने सपने को पूरा किया। अब Argentina की जर्सी में मेसी का अध्याय भले खत्म हो गया हो, लेकिन उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों तक याद की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Suryakumar Yadav

T20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा Captain

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने T20 कप्तानी से हटाए जाने और टीम से बाहर किए जाने के बाद पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। सूर्यकुमार ने बताया कि चयनकर्ताओं के फैसले के बाद वह करीब डेढ़ महीने तक इस सवाल से जूझते रहे कि आखिर ऐसा कैसे हो गया। उन्हें उम्मीद थी कि वह भारतीय टीम की कप्तानी को कम से कम 2028 Olympics और अगले T20 World Cup तक संभालेंगे। सूर्यकुमार यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारतीय टी20 टीम में नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उनकी जगह Shreyas Iyer को टीम की कमान सौंपी गई है। Captaincy जाने के बाद क्या बोले Suryakumar Yadav? सूर्यकुमार ने बातचीत में बताया कि टीम से बाहर किए जाने की खबर उनके लिए आसान नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला कि उनका नाम टीम में नहीं है, तो उनके मन में सबसे पहला सवाल यही आया कि “ऐसा कैसे हो गया?” उन्होंने बताया कि वह करीब डेढ़ महीने तक इस फैसले के बारे में सोचते रहे। उनके लिए यह इसलिए भी हैरान करने वाला था क्योंकि भारतीय टीम ने उनकी कप्तानी में लगातार शानदार प्रदर्शन किया था। सूर्यकुमार को उम्मीद थी कि वह आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में भी टीम का नेतृत्व करेंगे। लगा था Olympics और T20 World Cup तक Captain रहूंगा सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उन्हें लगा था कि वह भारतीय टी20 टीम के साथ लंबे समय तक जुड़े रहेंगे। उनके सामने 2028 Los Angeles Olympics और अगला T20 World Cup जैसे बड़े टूर्नामेंट थे। उन्हें उम्मीद थी कि इन बड़े मुकाबलों तक वह टीम इंडिया के Captain बने रहेंगे। हालांकि, चयनकर्ताओं ने भविष्य की योजनाओं को देखते हुए नेतृत्व में बदलाव करने का फैसला किया। यह फैसला सूर्यकुमार के लिए इसलिए भी चौंकाने वाला था क्योंकि कप्तान के तौर पर उनका रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा था। ‘जब सब अच्छा चल रहा था तो बदलाव क्यों?’ सूर्यकुमार यादव की सबसे बड़ी चिंता कप्तानी जाने से ज्यादा इस बात को लेकर थी कि आखिर बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही थी और बड़े टूर्नामेंट में सफलता हासिल कर रही थी, तब अचानक कप्तानी में बदलाव क्यों किया गया। सूर्यकुमार ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि वह चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करते हैं। उनका मानना है कि चयनकर्ता टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर फैसले लेते हैं और उन्हें जो सही लगा, उन्होंने वही किया। Selection Committee ने पहले ही दे दी थी जानकारी सूर्यकुमार ने बताया कि टीम की घोषणा से करीब 2-3 दिन पहले चयनकर्ताओं की ओर से उन्हें फोन आया था। उन्हें जानकारी दी गई थी कि आगे की सीरीज के लिए टीम में उनका नाम नहीं होगा। यह बातचीत उनके लिए निश्चित तौर पर मुश्किल रही होगी, लेकिन उन्होंने फैसले को स्वीकार किया और विवाद खड़ा करने के बजाय अपने क्रिकेट पर ध्यान देने का फैसला किया। Shreyas Iyer की Captaincy से कोई दिक्कत नहीं नए कप्तान Shreyas Iyer को लेकर सूर्यकुमार यादव ने कोई नाराजगी नहीं जताई। उन्होंने श्रेयस को अच्छा खिलाड़ी और अच्छा इंसान बताया। सूर्यकुमार का मानना है कि श्रेयस के पास कप्तानी का अनुभव है और वह टीम को अच्छी तरह संभाल सकते हैं। इसलिए उन्हें श्रेयस के Captain बनाए जाने से कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं है। खराब Batting Form भी बनी वजह? सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर किए जाने के पीछे उनकी Batting Form को भी एक महत्वपूर्ण वजह माना जा रहा है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद उनका बल्ला उस स्तर पर नहीं चला, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। कप्तानी में शानदार प्रदर्शन के बावजूद व्यक्तिगत बल्लेबाजी में लगातार अच्छी लय हासिल नहीं कर पाने का असर उनकी टीम में जगह पर पड़ा। चयनकर्ताओं के सामने अब एक नई T20 टीम तैयार करने की चुनौती भी है। अब Team India में Comeback पर नजर टीम से बाहर होने के बाद सूर्यकुमार यादव के सामने अब सबसे बड़ा लक्ष्य Team India में Comeback करना है। वह जानते हैं कि भारतीय टी20 टीम में वापसी के लिए उन्हें बल्ले से लगातार शानदार प्रदर्शन करना होगा। कप्तानी का अध्याय फिलहाल पीछे छूट चुका है, लेकिन सूर्यकुमार के लिए भारतीय टीम में वापसी का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ है। उनका प्रदर्शन ही तय करेगा कि वह दोबारा टीम इंडिया की T20 योजनाओं में जगह बना पाते हैं या नहीं।
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IND vs SL

IND vs SL: भारत के खिलाफ श्रीलंका का शानदार Comeback, दूसरी पारी में 229/6 का स्कोर

IND vs SL 2nd Test: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेला जा रहा दूसरा टेस्ट अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद भारतीय टीम को उम्मीद थी कि मैच जल्द खत्म हो जाएगा, लेकिन फॉलोऑन खेलने उतरी श्रीलंकाई टीम ने आखिरी दम तक मुकाबला जिंदा रखा है। चौथे दिन बारिश के कारण खेल जल्दी रोकना पड़ा और उस समय श्रीलंका का स्कोर 229/6 था। श्रीलंका अब भारत से 16 रन आगे है। उसके चार विकेट बाकी हैं। ऐसे में पांचवें दिन भारत की नजरें जल्द से जल्द बाकी विकेट हासिल करने पर होंगी, जबकि मेजबान टीम अपनी बढ़त को जितना संभव हो उतना बड़ा करना चाहेगी। भारत ने पहली पारी में बनाया था 503 रन भारतीय टीम ने पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 503/9 रन बनाकर पारी घोषित की थी। देवदत्त पडिक्कल ने बेहतरीन शतक लगाते हुए 117 रन बनाए, जबकि ध्रुव जुरेल ने नाबाद 115 रन की पारी खेली। भारत के बड़े स्कोर के सामने श्रीलंका की पहली पारी ज्यादा देर नहीं टिक सकी और पूरी टीम 290 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत को पहली पारी में 213 रन की बड़ी बढ़त मिली। इसके बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने बिना ज्यादा समय गंवाए श्रीलंका को Follow-On देने का फैसला किया। Follow-On में श्रीलंका ने बदला अंदाज दूसरी पारी में श्रीलंका के बल्लेबाजों पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था, लेकिन टीम ने धीरे-धीरे मैच में वापसी शुरू कर दी। पसिंदु सूरियाबंडारा और कामिंदु मेंडिस ने भारतीय गेंदबाजों का सामना करते हुए तीसरे विकेट के लिए 115 रन की साझेदारी की। कामिंदु मेंडिस ने 55 रन बनाए, जबकि सूरियाबंडारा 92 रन की शानदार पारी खेलकर श्रीलंका को मजबूत स्थिति में ले गए। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास नजर आया और कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि मेजबान टीम भारत को मुश्किल में डाल सकती है। भारतीय गेंदबाजों ने फिर कराई वापसी श्रीलंका की अच्छी साझेदारी टूटने के बाद भारत ने फिर दबाव बनाना शुरू कर दिया। मनव सुथार ने सूरियाबंडारा को 92 रन पर आउट कर भारत को अहम सफलता दिलाई। इसके बाद कामिंदु मेंडिस भी 55 रन बनाकर आउट हो गए। सरांश जैन ने निरोशन डिकवेला का विकेट हासिल किया, जबकि मनव सुथार ने केशरा नुवान्था को भी पवेलियन भेज दिया। लगातार विकेट गिरने से श्रीलंका की उम्मीदों को झटका लगा। हालांकि टीम ने पूरी तरह हार नहीं मानी और दिन का खेल खत्म होने तक स्कोर को 229/6 तक पहुंचा दिया। बारिश ने फिर बिगाड़ा खेल चौथे दिन का सबसे बड़ा ट्विस्ट बारिश रही। मौसम खराब होने के कारण मुकाबला समय से पहले रोकना पड़ा। उस वक्त श्रीलंका 229/6 के स्कोर पर था और भारत के खिलाफ उसकी बढ़त 16 रन हो चुकी थी। सोनल दिनुषा और केशरा नुवान्था क्रीज पर मौजूद थे। अब श्रीलंका की कोशिश होगी कि पांचवें दिन शुरुआत में विकेट बचाकर ज्यादा से ज्यादा रन जोड़े। Team India की नजरें जल्द जीत पर मौजूदा स्थिति भारत के पक्ष में है। श्रीलंका के सिर्फ चार विकेट बाकी हैं और बढ़त भी अभी बहुत बड़ी नहीं है। भारतीय गेंदबाज अगर शुरुआत में ही विकेट निकाल लेते हैं तो श्रीलंका को कम स्कोर पर रोकना संभव होगा। भारत की कोशिश होगी कि श्रीलंका की दूसरी पारी खत्म करने के बाद मिले छोटे लक्ष्य को जल्द हासिल कर मैच अपने नाम किया जाए। वहीं श्रीलंका के लिए हर अतिरिक्त रन अब बेहद महत्वपूर्ण है। पांचवें दिन क्या होगा? पांचवें दिन मुकाबला पूरी तरह गेंदबाजों और श्रीलंकाई निचले क्रम के बीच दिखाई दे सकता है। अगर श्रीलंका 100-150 रन की बढ़त बनाने में सफल रहता है तो भारत के सामने लक्ष्य थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। लेकिन अगर भारतीय स्पिनर्स ने शुरुआत में ही विकेट निकाल लिए, तो मैच जल्दी खत्म होने की संभावना बढ़ जाएगी। IND vs SL 2nd Test में फिलहाल भारत का पलड़ा भारी है, लेकिन श्रीलंका के Fightback ने मैच में थोड़ा रोमांच जरूर पैदा कर दिया है। अब सभी की नजरें पांचवें दिन के खेल और बारिश पर टिकी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IND vs SL

IND vs SL Test: भारत के खिलाफ श्रीलंका की हालत खराब, 290 पर ऑलआउट; Follow-On में भी झटका

भारत और श्रीलंका (IND vs SL) के बीच चल रहे दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने मुकाबले पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। भारतीय बल्लेबाजों के बड़े स्कोर के बाद गेंदबाजों ने भी अपना काम बखूबी किया। श्रीलंका की पहली पारी महज 290 रन पर सिमट गई और इसके बाद उसे Follow-On खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा। भारत ने अपनी पहली पारी 503/9 रन पर घोषित की थी। इस लिहाज से श्रीलंका पहली पारी में भारत से 213 रन पीछे रह गया। अब मेजबान टीम के सामने दूसरी पारी में लंबा वक्त क्रीज पर बिताने और पारी की हार से बचने की चुनौती है। 290 रन पर खत्म हुई श्रीलंका की पहली पारी श्रीलंका की बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी। एक समय ऐसा लग रहा था कि मेजबान टीम किसी तरह फॉलोऑन टाल सकती है, लेकिन आखिरी विकेटों ने पूरा समीकरण बदल दिया। सोनल दिनुषा ने जरूर शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाया और 103 रन की पारी खेली। उनकी पारी में धैर्य भी दिखा और टीम को संकट से निकालने की कोशिश भी, लेकिन दूसरे छोर से पर्याप्त साथ नहीं मिलने के कारण श्रीलंका 290 रन तक ही पहुंच सका। भारत की तरफ से प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने प्रभावी गेंदबाजी करते हुए तीन-तीन विकेट अपने नाम किए। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालकर श्रीलंका को दबाव में रखा। भारत ने पहली पारी में खड़ा किया बड़ा Score इससे पहले भारतीय बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों को जमकर परेशान किया था। भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर 9 विकेट के स्कोर पर घोषित की। ध्रुव जुरेल ने शानदार शतक लगाते हुए नाबाद 115 रन बनाए। वहीं ऋषभ पंत ने आक्रामक अंदाज में 63 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की पारियों ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारत के बड़े स्कोर के सामने श्रीलंका की टीम शुरू से ही दबाव में दिखाई दी। विकेट गिरते रहे, हालांकि दिनुषा ने एक छोर संभालकर भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। Follow-On के बाद बढ़ी Sri Lanka की मुश्किल 290 रन पर ऑलआउट होने के बाद भारत ने श्रीलंका को तुरंत Follow-On दे दिया। इसका मतलब साफ है कि मेजबान टीम को लगातार दूसरी पारी में बल्लेबाजी करनी पड़ी। दूसरी पारी में भी श्रीलंका की शुरुआत आसान नहीं रही। शुरुआती विकेट गिरने से टीम पर दबाव और बढ़ गया है। अब श्रीलंका के बल्लेबाजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती विकेट बचाने की है। दूसरी तरफ भारत की नजरें जल्द से जल्द बाकी विकेट हासिल करने पर हैं। अगर भारतीय गेंदबाज श्रीलंका को दोबारा बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोकते हैं, तो टीम इंडिया के पास मैच को निर्णायक अंदाज में खत्म करने का शानदार मौका होगा। India के पास Series जीतने का मौका भारत पहले टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हरा चुका है और दो मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है। दूसरे टेस्ट में मौजूदा स्थिति भी भारत के पक्ष में है। एक तरफ भारत के बल्लेबाजों ने पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा किया, वहीं गेंदबाजों ने श्रीलंका को 290 रन पर समेट दिया। अब फॉलोऑन के बाद श्रीलंका की दूसरी पारी मैच की दिशा तय करेगी। फिलहाल भारतीय टीम जीत की तरफ कदम बढ़ाती नजर आ रही है, जबकि श्रीलंका के लिए मुकाबले में बने रहने की उम्मीदें उसके बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर टिकी हैं। IND vs SL 2nd Test में अब हर नजर श्रीलंका की दूसरी पारी पर है। क्या मेजबान टीम वापसी कर पाएगी या भारत टेस्ट सीरीज पर कब्जा कर लेगा? इसका जवाब मैच के अगले चरण में मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sri Lanka vs India

Sri Lanka vs India: 503 रन के पहाड़ के सामने श्रीलंका की जुझारू पारी, Pasindu और Kamindu का कमाल

India vs Sri Lanka 2nd Test: कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा कर श्रीलंका पर दबाव बना दिया है। भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर 9 विकेट के स्कोर पर घोषित की। इसके बाद श्रीलंका की शुरुआत लड़खड़ाई, लेकिन अब पसिंदु सूरियाबंदरारा और कामिंदु मेंडिस की साझेदारी ने मेजबान टीम को थोड़ी राहत दी है। भारत ने खड़ा किया 503 रन का पहाड़ भारत की पहली पारी की कहानी कई शानदार बल्लेबाजी पारियों से बनी। देवदत्त पडिक्कल ने 117 रन की बेहतरीन पारी खेलकर टीम को मजबूत आधार दिया। इसके बाद ध्रुव जुरेल ने नाबाद 115 रन बनाकर पारी को शानदार अंदाज में आगे बढ़ाया। जुरेल का यह टेस्ट क्रिकेट में दूसरा शतक और विदेश में पहला टेस्ट शतक है। वहीं ऋषभ पंत ने 63 रन की तेज पारी खेलकर भारतीय स्कोर को रफ्तार दी। कप्तान शुभमन गिल ने भी 50 रन बनाए। इन पारियों के दम पर भारत 500 रन के आंकड़े को पार करने में सफल रहा। जुरेल का शतक बना बड़ी कहानी ध्रुव जुरेल की बल्लेबाजी इस पारी की सबसे खास बात रही। वह मुश्किल परिस्थितियों में भी लगातार धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते रहे। बारिश और खराब रोशनी के कारण मुकाबला कई बार रुका, लेकिन जुरेल ने अपना फोकस नहीं खोया। जुरेल ने 115 रन की नाबाद पारी में नौ चौके और दो छक्के लगाए। उनकी इस पारी ने भारत को निचले क्रम में एक मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। श्रीलंका की शुरुआत रही खराब 503 रन के विशाल स्कोर का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम को शुरुआत में ही झटके लगे। प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने शुरुआती विकेट लेकर मेजबान टीम पर दबाव बना दिया। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका 8/2 पर था और भारत से 495 रन पीछे था। हालांकि तीसरे दिन श्रीलंका ने अपनी पारी को संभालने की कोशिश की। मौजूदा स्थिति में पसिंदु सूरियाबंदरारा और कामिंदु मेंडिस क्रीज पर टिके हुए हैं। दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी ने श्रीलंका को शुरुआती संकट से बाहर निकलने का मौका दिया है। भारत की नजर बड़े दबाव पर भारत के पास अभी भी बड़ी बढ़त है। 503 रन का स्कोर श्रीलंका के सामने बड़ी चुनौती है और भारतीय गेंदबाज लगातार दबाव बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। अगर टीम इंडिया जल्दी विकेट निकालने में सफल रहती है तो श्रीलंका पर फॉलोऑन का खतरा भी बढ़ सकता है। बारिश से प्रभावित इस टेस्ट में मौसम भी अहम भूमिका निभा रहा है। इसके बावजूद भारतीय टीम ने अब तक मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत रखी है। सीरीज में भारत पहले ही 1-0 से आगे है, इसलिए दूसरे टेस्ट में भी टीम की नजर जीत के साथ सीरीज अपने नाम करने पर होगी। IND vs SL 2nd Test की मौजूदा तस्वीर साफ है—भारत के पास 503 रन का मजबूत स्कोर है, जबकि श्रीलंका को अब पसिंदु और कामिंदु की साझेदारी से बड़ी पारी की उम्मीद है। मुकाबला जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, यह साझेदारी श्रीलंका के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India vs Sri Lanka

India vs Sri Lanka: चोट की चिंता के बीच Rishabh Pant ने की वापसी, Dhruv Jurel का मिला साथ

भारत और श्रीलंका (India vs Sri Lanka) के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में Rishabh Pant की वापसी ने भारतीय क्रिकेट फैंस को बड़ी राहत दी है। पहले दिन कलाई पर गेंद लगने के बाद पंत को रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा था। ऐसे में उनके दोबारा बैटिंग के लिए उतरने से टीम इंडिया को बड़ी राहत मिली। पंत ने मैदान पर लौटते ही Dhruv Jurel के साथ पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने परिस्थितियों को समझते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों का सामना किया और भारत के स्कोर को आगे बढ़ाया। चोट के बाद Pant की शानदार वापसी पंत के लिए मैच का पहला दिन बिल्कुल आसान नहीं रहा। श्रीलंका के तेज गेंदबाज लाहिरु कुमारा की गेंद पर शॉट खेलने के दौरान गेंद उनके हाथ पर लगी। दर्द के कारण पंत को अपनी पारी बीच में छोड़कर वापस जाना पड़ा। कुछ समय के लिए भारतीय फैंस की चिंता बढ़ गई थी कि कहीं चोट गंभीर तो नहीं है। हालांकि, बाद में टीम की तरफ से संकेत मिले कि पंत दोबारा बल्लेबाजी कर सकते हैं। दूसरे दिन जब पंत बल्ला लेकर मैदान पर पहुंचे तो भारतीय खेमे में राहत साफ नजर आई। Dhruv Jurel के साथ बढ़ाई भारत की उम्मीद पंत की वापसी के बाद ध्रुव जुरेल के साथ उनकी साझेदारी ने भारतीय पारी को मजबूती दी। जुरेल ने भी धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए दूसरे छोर को संभाले रखा। पंत और जुरेल की बल्लेबाजी में एक तरफ जहां सावधानी दिखी, वहीं मौका मिलने पर दोनों ने रन बनाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। इस साझेदारी ने भारत को एक मजबूत स्कोर की ओर बढ़ने का मौका दिया। Padikkal ने पहले ही रख दी थी मजबूत नींव भारत की पारी को मजबूत आधार देने का काम Devdutt Padikkal ने किया। पडिक्कल ने शानदार शतक लगाते हुए टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। उनकी 117 रन की पारी खास रही, क्योंकि यह टेस्ट क्रिकेट में उनकी लगातार दूसरी सेंचुरी थी। पडिक्कल की पारी ने भारत को श्रीलंका के खिलाफ बड़ा स्कोर बनाने की स्थिति में पहुंचा दिया। भारत की नजर Series जीतने पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया पहले ही 1-0 की बढ़त बना चुकी है। पहले टेस्ट में भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराया था। अब कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम की कोशिश सीरीज को 2-0 से अपने नाम करने की है। इसके लिए पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाना बेहद अहम होगा। पंत की चोट के बाद मैदान पर वापसी निश्चित तौर पर भारत के लिए अच्छी खबर है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि वह आगे कितनी देर तक बल्लेबाजी कर पाते हैं और भारत को श्रीलंका के खिलाफ कितनी मजबूत स्थिति में पहुंचाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भारत की बड़ी जीत, साउथ अफ्रीका को 6-1 से हराकर पूल-D में टॉप पर पहुंची टीम

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए साउथ अफ्रीका को 6-1 से हरा दिया। एम्सटेलवीन में खेले गए पूल-D के मुकाबले में भारत ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत पूल-D की पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर पहुंच गया है। भारत की ओर से सुनेलिता टोप्पो, नवनीत कौर, सुशीला चानू, दीपिका, लालरेमसियामी और साक्षी राणा ने एक-एक गोल किया। साउथ अफ्रीका के लिए एकमात्र गोल कायला डी वाल ने 55वें मिनट में किया। यह वर्ल्ड कप में भारत की अब तक की सबसे बड़ी जीत भी रही। नवनीत ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला भारत ने पहले क्वार्टर में ही सुनेलिता टोप्पो के गोल से बढ़त बना ली थी। इसके बाद दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में नवनीत कौर ने पेनल्टी कॉर्नर को शानदार तरीके से गोल में बदला। 17वें मिनट में नवनीत ने एंगल बदलते हुए लो और तेज शॉट लगाया, जिसे साउथ अफ्रीकी गोलकीपर रोक नहीं सकीं। भारत की बढ़त 2-0 हो गई। इसके बाद भारतीय टीम ने लगातार आक्रमण जारी रखा और सर्कल में कई मौके बनाए। सुशीला के गोल से भारत 3-0 आगे 25वें मिनट में भारत ने तीसरा गोल किया। दीपिका के ड्रैगफ्लिक पर साउथ अफ्रीकी डिफेंस से डिफ्लेक्शन हुआ और गेंद सुशीला चानू के पास पहुंची। सुशीला ने मौके का फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। भारत ने 3-0 की मजबूत बढ़त बना ली। इसके बाद भी भारतीय टीम ने दबाव कम नहीं किया और लगातार पेनल्टी कॉर्नर व सर्कल एंट्री हासिल करती रही। तीसरे क्वार्टर में तीन और गोल भारत ने तीसरे क्वार्टर में मुकाबले को पूरी तरह अपने नियंत्रण में कर लिया। दीपिका, लालरेमसियामी और साक्षी राणा ने गोल कर स्कोर 6-0 कर दिया। साउथ अफ्रीका ने आखिरी क्वार्टर में वापसी की कोशिश की और 55वें मिनट में कायला डी वाल ने गोल कर स्कोर 6-1 किया, लेकिन भारत ने बाकी समय में अपनी बढ़त कायम रखी और मुकाबला अपने नाम कर लिया। टॉप-8 की रेस में भारत की स्थिति मजबूत इस जीत के बाद भारत की अगले दौर में पहुंचने की स्थिति मजबूत हो गई है। टीम को अब अपने आखिरी पूल मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ कम से कम ड्रॉ की जरूरत होगी, जिससे वह टॉप-8 में जगह पक्की कर सके। भारत ने टूर्नामेंट के अपने पहले मुकाबले में ओलिंपिक सिल्वर मेडलिस्ट चीन के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला था। उस मैच में नवनीत कौर और दीपिका ने भारत के लिए गोल किए थे। भारत के लिए शानदार शुरुआत चीन के खिलाफ ड्रॉ के बाद साउथ अफ्रीका पर 6-1 की बड़ी जीत ने भारतीय टीम के अभियान को मजबूती दी है। अब टीम की नजर इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी पूल मुकाबले पर होगी, जहां एक अंक भी भारत को अगले दौर में पहुंचाने के लिए काफी हो सकता है।
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खेलों पर अगले 5 साल में ₹36,441 करोड़ खर्च करेगी सरकार, 2036 ओलिंपिक में टॉप-10 का लक्ष्य

भारत सरकार खेलों को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत करने के लिए अगले पांच वर्षों में ₹36,441 करोड़ खर्च करेगी। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के अनुसार, यह राशि 2026 से 2031 के बीच रिवैंप्ड खेलो इंडिया योजना के तहत खर्च की जाएगी। सरकार ने बजट के साथ भविष्य के ओलिंपिक के लिए मेडल लक्ष्य भी तय किए हैं। भारत का लक्ष्य 2036 ओलिंपिक की मेडल टैली में टॉप-10 और 2048 ओलिंपिक में टॉप-5 देशों में जगह बनाना है। भारत 2036 ओलिंपिक की मेजबानी की दावेदारी भी पेश करना चाहता है। वहीं, 2048 ओलिंपिक तक देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे हो चुके होंगे। ऐसे में सरकार लंबे समय की रणनीति के तहत भारतीय खिलाड़ियों को मजबूत करने पर जोर दे रही है। खिलाड़ियों की संख्या 10 गुना बढ़ाने की तैयारी SAI रीजनल सेंटर मुंबई के क्षेत्रीय निदेशक पांडुरंग चाटे के मुताबिक, रिवैंप्ड खेलो इंडिया योजना का उद्देश्य अलग-अलग योजनाओं के बजाय खिलाड़ियों के लिए पूरी खेल यात्रा तैयार करना है। योजना के बजट को करीब 8 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 2026 से 2031 के बीच योजना से लाभ पाने वाले खिलाड़ियों की संख्या को भी 10 गुना तक बढ़ाने की योजना है। 30 हजार खिलाड़ियों को मिलेगा फायदा रिवैंप्ड खेलो इंडिया योजना के तहत करीब 30 हजार खिलाड़ियों को सहायता देने की योजना है। योजना में केंद्र और राज्य के बीच खर्च का अनुपात 60:40 रखा गया है। SAI रीजनल सेंटर मुंबई ने कहा कि रिवैंप्ड खेलो इंडिया योजना महाराष्ट्र के मौजूदा स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को और मजबूत करने का अवसर देगी। गौरतलब है कि पेरिस ओलिंपिक 2024 में भारत ने कुल 6 पदक जीते थे और मेडल टैली में 71वें स्थान पर रहा था। अब सरकार का फोकस खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और लंबी अवधि की सहायता उपलब्ध कराकर ओलिंपिक में भारत के प्रदर्शन को नई ऊंचाई देने पर है।
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हॉकी वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने भारत को 4-2 से हराया, 32 साल से जीत का इंतजार जारी

एम्सटेलवीन: भारतीय पुरुष हॉकी टीम को मेंस हॉकी वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ 4-2 से हार का सामना करना पड़ा। सोमवार को वैगनर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने हाफ टाइम तक 2-1 की बढ़त बना रखी थी, लेकिन दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने लगातार तीन गोल कर मैच अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की जीत का इंतजार 32 साल का हो गया है। भारत ने आखिरी बार 1994 में इंग्लैंड को हराया था। अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला 19 अगस्त को पाकिस्तान के खिलाफ होगा। पहले क्वार्टर में इंग्लैंड ने बनाई बढ़त भारत ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। छठे मिनट में जरमनप्रीत सिंह के पास गोल करने का मौका था, लेकिन उनका शॉट पोस्ट के बाहर चला गया। 14वें मिनट में निकोलस बंडुराक ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी। हरमनप्रीत और दिलप्रीत ने पलटा मैच पहले क्वार्टर में पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने शानदार वापसी की। 17वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद 24वें मिनट में हार्दिक सिंह और अभिषेक के शानदार मूव के बाद दिलप्रीत सिंह ने फील्ड गोल दागकर भारत को 2-1 से आगे कर दिया। हाफ टाइम तक भारत इसी बढ़त पर रहा। तीसरे क्वार्टर में इंग्लैंड की वापसी दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने आक्रामक खेल दिखाया। 39वें मिनट में स्टुअर्ट रशमेयर ने शानदार फ्लिक के जरिए गोल कर स्कोर 2-2 कर दिया। इसके कुछ ही मिनट बाद 44वें मिनट में रशमेयर ने गेंद हेनरी क्रॉफ्ट तक पहुंचाई। क्रॉफ्ट ने जोरदार हिट लगाकर गेंद को गोल पोस्ट के निचले कोने में पहुंचाया और इंग्लैंड 3-2 से आगे हो गया। चौथे क्वार्टर में बंडुराक ने किया दूसरा गोल 51वें मिनट में अभिषेक के पास भारत को बराबरी का मौका था, लेकिन उनका शॉट पोस्ट के बेहद करीब से बाहर निकल गया। 54वें मिनट में इंग्लैंड को पेनल्टी कॉर्नर मिला। निकोलस बंडुराक ने इसे गोल में बदलकर अपना दूसरा गोल किया और इंग्लैंड की बढ़त 4-2 कर दी। इसके बाद भारत ने वापसी की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड के मजबूत डिफेंस को भेद नहीं सका। इंग्लैंड पूल-डी में टॉप पर इंग्लैंड ने टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत दर्ज की और पूल-डी में दो जीत के साथ शीर्ष पर पहुंच गया है। भारत के खाते में अब एक जीत और एक हार है। भारत का अगला मुकाबला पाकिस्तान से इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद भारतीय टीम अब 19 अगस्त को पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। भारत के लिए यह मुकाबला बेहद अहम होगा। दोनों टीमों के स्क्वॉड भारत: हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), जरमनप्रीत सिंह, अभिषेक, मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, दिलप्रीत सिंह, मंदीप सिंह, सुमित, नीलकंठ शर्मा, लालगे आदित्य अर्जुन, शशिकुमार मोहिथ होन्नेनहल्ली, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, विवेक सागर प्रसाद, सुखजीत सिंह, यशदीप सिवाच, संजय, सूरज करकेरा, राजिंदर सिंह, शिलानंद लाकड़ा। इंग्लैंड: जैचरी वॉलेस (कप्तान), निकोलस पार्क, जैक वॉलर, थॉमस सॉर्सबी, हेनरी क्रॉफ्ट, सैम वार्ड, जेम्स अल्बरी, फिल रोपर, जेम्स मजारेजो, स्टुअर्ट रशमेयर, टिमोथी नर्स, डेविड गुडफील्ड, ऑलिवर पेन, निकोलस बंडुराक, जेम्स गॉल, लियाम सैनफोर्ड, कॉनर विलियमसन, विल कैलनन, सैमुअल हूपर, बेन फॉक्स।
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IND vs SL

IND vs SL: Team India का दबदबा, श्रीलंका 62/4; भारत ने पहली पारी में बनाए 462 रन

भारत और श्रीलंका (IND vs SL) के बीच जारी टेस्ट मुकाबले में टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी में 462 रन बनाकर श्रीलंका के सामने मजबूत चुनौती रख दी है। भारतीय पारी के जवाब में मैदान पर उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम ने सिर्फ 62 रन के स्कोर पर चार विकेट गंवा दिए, जिससे भारतीय गेंदबाजों का दबाव साफ नजर आ रहा है। 462 रन बनाकर भारत ने बनाई मजबूत स्थिति भारतीय बल्लेबाजों ने पहली पारी में अच्छी बल्लेबाजी करते हुए स्कोर को 462 रन तक पहुंचाया। इस स्कोर के साथ टीम इंडिया ने श्रीलंका पर शुरुआत से ही दबाव बनाने का काम किया। भारत के लिए अब सबसे अहम काम श्रीलंका की पहली पारी को जल्द समेटना और ज्यादा से ज्यादा बढ़त हासिल करना है। अगर भारतीय गेंदबाज श्रीलंका को कम स्कोर पर रोकने में सफल रहते हैं, तो मैच में टीम इंडिया की स्थिति और मजबूत हो सकती है। 62 रन पर श्रीलंका के 4 विकेट भारत के 462 रन के जवाब में श्रीलंका की पारी की शुरुआत लड़खड़ा गई। 62 रन तक पहुंचते-पहुंचते श्रीलंका के चार बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए श्रीलंकाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। सुथार ने दो विकेट लेकर सबसे ज्यादा असर डाला, जबकि मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव ने एक-एक विकेट अपने नाम किया। सुथार ने दिखाया दम, सिराज-कुलदीप का भी मिला साथ श्रीलंका के खिलाफ इस पारी में सुथार भारतीय गेंदबाजी के प्रमुख हथियार बनकर उभरे हैं। उनके दो विकेट ने श्रीलंका की बल्लेबाजी को शुरुआती झटका दिया। दूसरी तरफ सिराज और कुलदीप यादव ने भी एक-एक विकेट लेकर टीम को जरूरी सफलता दिलाई। भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन से साफ है कि टीम श्रीलंका को ज्यादा रन बनाने का मौका नहीं देना चाहती। अब बड़ी बढ़त पर Team India की नजर मुकाबले की मौजूदा स्थिति में भारत मजबूत दिखाई दे रहा है। 462 रन का स्कोर और श्रीलंका के 62 रन पर चार विकेट टीम इंडिया के लिए अच्छी शुरुआत है। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में एक सेशन भी पूरा मैच बदल सकता है। श्रीलंका के बल्लेबाज अगर लंबी साझेदारी बनाने में सफल रहते हैं तो भारत की बढ़त कम हो सकती है। इसलिए भारतीय गेंदबाजों के लिए अगला लक्ष्य श्रीलंका के बाकी बल्लेबाजों को जल्द आउट करना होगा। फिलहाल क्रिकेट फैंस की नजर इस बात पर है कि क्या भारत श्रीलंका को सस्ते में समेटकर पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल कर पाएगा? मुकाबला जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, तस्वीर और साफ होती जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Tibet

Nepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौत

Nepal-Tibet Flood हिमालयी इलाके में पिछले एक हफ्ते से जारी तबाही के बीच गुरुवार को एक और झटका महसूस किया गया। चीन के तिब्बत (Tibet) क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप ऐसे वक्त आया है, जब नेपाल और तिब्बत में भीषण Flood और Landslide के बाद हजारों लोग लापता हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार चल रहा है। 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने देखते ही देखते कई इलाकों की तस्वीर बदल दी थी। घर, सड़कें, पुल और Hydropower Projects मलबे और पानी की चपेट में आ गए। अब तक इस आपदा में नेपाल और तिब्बत को मिलाकर 1,273 लोगों की मौत हो चुकी है। Tibet में 5.1 तीव्रता का Earthquake जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार गुरुवार को तिब्बत में 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर आया और इसका क्षेत्र नेपाल तथा भारत की सीमाओं के आसपास बताया गया है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में इस भूकंप से बड़े पैमाने पर नए नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहले से तबाह इलाके में इसके झटके ने लोगों और Rescue Teams की चिंता जरूर बढ़ा दी है। एक हफ्ते पहले आई बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही 26 अगस्त को Bhote Koshi River के आसपास अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अधिकारियों और विशेषज्ञों के मुताबिक इस आपदा के पीछे ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने से पैदा हुआ भारी मलबा और पानी प्रमुख वजह रहा। बाढ़ का तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, चट्टान और मलबा लेकर नीचे की ओर आया और रास्ते में आने वाले घरों, सड़कों और पुलों को तबाह करता चला गया। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को बेहद असाधारण बताते हुए इसे ‘Himalayan Tsunami’ तक कहा है। तिब्बत की ओर Gyirong Port भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने से शुरुआती दौर में राहत सामग्री और भारी मशीनरी को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया। Nepal-Tibet Disaster में 1,273 लोगों की मौत 3 सितंबर तक सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नेपाल में 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 4,216 लोग अब भी लापता हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र में 21 लोगों की मौत और 541 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इस तरह दोनों क्षेत्रों में मृतकों की संख्या 1,273 हो गई है। नेपाल में सबसे ज्यादा मौतें चितवन, नवलपरासी पूर्व, नवलपरासी पश्चिम और नुवाकोट जैसे जिलों में दर्ज हुई हैं। कई शवों की पहचान अभी बाकी है, जिससे परिवारों की बेचैनी और बढ़ गई है। हजारों लोग अब भी Missing, Tunnel में फंसे लोगों की तलाश सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। नेपाल में हजारों लोगों के लापता होने के अलावा कई Hydropower Projects में काम करने वाले कर्मचारियों के भी फंसे होने की आशंका है। करीब 900 Hydropower workers के अब भी लापता होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका के चलते Rescue Teams भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की Tunnel Rescue Teams नेपाली सेना के साथ मिलकर अभियान चला रही हैं। ड्रोन, भारी मशीनरी और अन्य राहत उपकरणों की मदद भी ली जा रही है। हजारों घर हुए तबाह, सामने बड़ी Rebuilding Challenge बाढ़ ने सिर्फ लोगों की जान नहीं ली, बल्कि हजारों परिवारों से उनका घर और रोजी-रोटी भी छीन ली। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में करीब 7,500 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और लगभग 20,000 घरों को दोबारा बनाने की जरूरत पड़ सकती है। सड़क और पुल टूटने के कारण कई इलाकों में राहत पहुंचाना अभी भी मुश्किल है। कुछ जगहों पर लोगों को नदी पार करने के लिए अस्थायी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। Rescue Operation के बीच नया भूकंप चिंता की वजह राहत और बचाव दल पहले ही बारिश, मलबे, तेज बहाव और अस्थिर पहाड़ी ढलानों से जूझ रहे हैं। ऐसे में तिब्बत में आया नया भूकंप हालात को और संवेदनशील बना सकता है। फिलहाल अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। नेपाल सरकार के मुताबिक Search and Rescue Operation अभी भी पूरी क्षमता के साथ जारी है। हिमालयी क्षेत्र की इस त्रासदी ने एक बार फिर दिखाया है कि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाएं कितनी तेजी से बड़े संकट में बदल सकती हैं। बाढ़ के बाद भूकंप के झटके ने प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, लेकिन Rescue Teams अब भी मलबे के बीच जिंदगी की तलाश में जुटी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

जन्माष्टमी और गोगा नवमी पर इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, राजबाड़ा जाने से पहले जान लें ये रूट

इंदौर। जन्माष्टमी और गोगा नवमी के दौरान राजबाड़ा और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए इंदौर यातायात पुलिस ने 4 और 5 सितंबर को विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। इस दौरान कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही और पार्किंग पर रोक रहेगी, जबकि कुछ रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहन लेकर जाने से बचें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें। 4 सितंबर को मंदिरों में उमड़ेगी भीड़ जन्माष्टमी के मौके पर 4 सितंबर को राजबाड़ा क्षेत्र के बांके बिहारी मंदिर, गोपाल मंदिर और यशोदा माता मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा नरसिंह बाजार स्थित द्वारकाधीश मंदिर, गोराकुंड चौराहे के जानकीनाथ मंदिर और छीपाबाकल क्षेत्र में मटकी फोड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों में प्रतियोगियों और दर्शकों की भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। 5 सितंबर को गोगा नवमी के चलते भी राजबाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ सकता है। राजबाड़ा क्षेत्र में इन रास्तों पर रहेगा प्रतिबंध सिटी बसों के रूट में भी बदलाव मृगनयनी और फ्रूट मार्केट की ओर से राजबाड़ा आने वाली सिटी बसें शाम 5 बजे के बाद राजबाड़ा नहीं जा सकेंगी। इनका संचालन संजय सेतु की ओर से किया जाएगा। वहीं कलेक्ट्रेट और हरसिद्धि की ओर से आने वाली सिटी बसें हरसिद्धि मंदिर चौराहे से आगे राजबाड़ा की ओर नहीं जा सकेंगी। बड़ा गणपति से एमजी रोड होते हुए राजबाड़ा जाने वाले वाहन चालकों को सुभाष मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। एयरपोर्ट जाने वालों के लिए ये रास्ते रहेंगे बेहतर त्योहार के दौरान राजबाड़ा क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव को देखते हुए एयरपोर्ट जाने वाले यात्री वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर सकते हैं। कलेक्ट्रेट- महूनाका-गंगवाल-एयरपोर्ट मार्ग के अलावा विजयनगर-सुपर कॉरिडोर-बिजासन मार्ग से भी एयरपोर्ट पहुंचा जा सकता है। इन रास्तों से भी कर सकते हैं आवाजाही नगर निगम की ओर से आने वाले वाहन चालक शिवालय-भागीरथपुरा टी-पोलो ग्राउंड होते हुए परिवर्तित मार्ग का उपयोग कर सकते हैं। नंदलालपुरा, गुरुद्वारा चौराहा और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। जरूरत के अनुसार ट्रैफिक को संजय सेतु-चंद्रभागा-हरसिद्धि-जेएनबी-महू नाका मार्ग से संचालित किया जा सकता है। व्यावसायिक वाहनों पर भी रहेगी रोक बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए दोपहर बाद से व्यावसायिक वाहन, सिटी बस और ऑटो रिक्शा राजबाड़ा से सुभाष चौक, सराफा और बर्तन बाजार की ओर नहीं जा सकेंगे। निर्धारित पार्किंग स्थल श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख पार्किंग स्थल इस प्रकार हैं: आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। जरूरत के अनुसार बदले जा सकते हैं रूट यातायात पुलिस के मुताबिक भीड़ और ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए समय-समय पर व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त डायवर्शन भी लागू किया जाएगा। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे धार्मिक आयोजनों के दौरान अनावश्यक रूप से वाहन लेकर भीड़ वाले क्षेत्रों में न जाएं, निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल करें और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

बिलासपुर हिंसा मामले में फरार राम सिंह का वीडियो आया सामने, कहा- जल्द करूंगा सरेंडर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुई हिंसा के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपियों की तलाश कर रही है और अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी बीच मामले में फरार आरोपी राम सिंह का सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आया है। वीडियो में राम सिंह ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि वह अपने धर्म के लिए लड़ने की वजह से आरोपी बनाया जा रहा है। उसने यह भी कहा कि वह जल्द ही पुलिस के सामने सरेंडर करेगा। साथ ही राम सिंह ने जेल में अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी जताई है। राम सिंह ने वीडियो में पुलिस पर उसे टारगेट करने का आरोप लगाया है। हालांकि, उसके इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दोनों पक्षों के 20 आरोपी गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक दोनों पक्षों के 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सोहेल खान गुट के 17 और ठाकुर राम सिंह गुट के 3 आरोपी शामिल हैं। कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। यह पूरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की भी जांच कर रही है, ताकि हिंसा, पथराव, मारपीट, तोड़फोड़ और भीड़ को उकसाने में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। CCTV में कट्टा लहराते नजर आया सोहेल पुलिस ने हिंसा के मामले में गिरफ्तार आरोपी सोहेल खान समेत 6 आरोपियों का पैदल जुलूस निकाला था। इसी बीच सोहेल का एक CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें वह हाथ में हथियार लहराते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस का कहना है कि फुटेज में सोहेल द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने की भी बात सामने आई है। इस वीडियो की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। सोहेल से एयर पिस्टल और देशी कट्टा बरामद गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सोहेल खान, अब्दुल रज्जाक मकवाना, अरबाज खान, नुमान अली, शेख सुल्तान और मोहम्मद मुस्तकीन से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, सोहेल की निशानदेही पर उसके घर से एयर पिस्टल और देशी कट्टा बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, सोहेल के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के निगरानी बदमाश सोहेल के खिलाफ 20 मामले दर्ज हैं। राम सिंह और उसके भाई के घर पुलिस की दबिश राम सिंह और उसके भाई की तलाश में पुलिस ने देर रात उनके घरों पर भी दबिश दी। हालांकि, पुलिस को दोनों जगहों से कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस को आशंका है कि राम सिंह और उसके साथी बिलासपुर, रायपुर या आसपास के ग्रामीण इलाकों में छिपे हो सकते हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर कार्रवाई कर रही हैं। अब राम सिंह के सोशल मीडिया वीडियो के बाद उसके सरेंडर करने की बात सामने आई है। पुलिस की नजर उसकी अगली गतिविधियों पर है और उसके ठिकाने की तलाश भी जारी है।

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